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जीके वासन ने कहा कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना था कि गठबंधन में रहने के कारण संगठनात्मक गतिविधियां और जमीनी स्तर पर काम करने की जिम्मेदारियां सीमित हो जाती हैं. स्वतंत्र रूप से काम करने से पार्टी को कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और पूरे तमिलनाडु में संगठन का विस्तार करने का बेहतर अवसर मिलेगा.
जीके वासन ने कहा कि उनका फोकस अपनी पार्टी के संगठन को मजबूत करने पर है.
चेन्नई. राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद तमिल मनीला कांग्रेस ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से अलग होने का ऐलान किया है. पार्टी प्रमुख जीके वासन ने कहा कि तमिल मनीला कांग्रेस एनडीए से अलग हो गई है और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पार्टी को मजबूत करने पर काम करेगी. तमिल मनीला कांग्रेस के अध्यक्ष जीके वासन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद आज हमने तमिल मनिला कांग्रेस की कार्यकारी समिति की बैठक की. बैठक के दौरान हमने चुनाव, अपने गठबंधन सहयोगियों, और चुनाव के बाद की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की. विभिन्न पदों पर आसीन लगभग 40 से 45 पार्टी प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव विस्तार से साझा किए.
बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने तमिल मनीला कांग्रेस (मूपनार) को 5 सीटें आवंटित की थी. समझौते के तहत तमिल मनीला कांग्रेस का ओट्टनचथिरम, ईरोड वेस्ट, रानीपेट, किलियूर और कुंभकोणम सीटों पर चुनाव लड़ना तय हुआ था. खास बात यह रही कि पार्टी ने अपने पारंपरिक ‘साइकिल’ चुनाव चिन्ह के बजाय भाजपा के ‘कमल’ चिन्ह पर चुनाव लड़ा. हालांकि, पार्टी अध्यक्ष केजी वासान ने बताया कि चुनाव आयोग के नियमों के तहत अपने चिन्ह को मंजूरी मिलने में दिक्कतों के कारण यह फैसला लिया गया.
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा, एआईएडीएमके या एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के साथ किसी भी तरह का वैचारिक मतभेद या राजनीतिक विवाद नहीं है. वासन ने कहा, “हमारा भाजपा, एआईएडीएमके या गठबंधन के अन्य दलों से कोई मतभेद नहीं है. यह फैसला केवल तमिल मानिला कांग्रेस को एक स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के रूप में मजबूत करने के लिए लिया गया है.”
पूर्व केंद्रीय मंत्री वासन ने यह भी माना कि हाल के वर्षों में जिस गठबंधन का उनकी पार्टी हिस्सा थी, उसे चुनावी सफलता नहीं मिली. हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला एनडीए तीसरे स्थान पर रहा, जिसके बाद सहयोगी दलों के बीच आत्ममंथन शुरू हुआ. वासन ने कहा कि तमिल मानिला कांग्रेस एनडीए छोड़ रही है, लेकिन गठबंधन के सभी सहयोगियों के साथ उसके मैत्रीपूर्ण संबंध बने रहेंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि यह कदम पार्टी को दोबारा राजनीतिक मजबूती दिलाने में मदद करेगा.
तमिलनाडु में एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए में भाजपा, पट्टाली मक्कल काची (पीएमके), और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) सहित कई क्षेत्रीय दल शामिल थे. तमिल मनीला कांग्रेस (मूपनार) सभी सीटें हार गईं. विद्याल एस. सेकर (ओड्डनचथिरम), एमकेआर. अशोक कुमार (कुंभकोणम), एम. युवराज (इरोड पश्चिम), वीएम कार्तिकेयन (रानीपेट), और जे. निविन साइमन (किल्लियूर) प्रतियोगिता हार गए. तमिलगा मक्कल मुनेत्र कड़गम नेता बी. जॉन पांडियन की पत्नी प्रिसिला पांडियन, जिन्होंने राजपलायम में भाजपा के प्रतीक पर चुनाव लड़ा था, भी हार गईं. वहीं, अभिनेता और फिल्म निर्माता राघव लॉरेंस ने राजनीति में कदम रखने की आधिकारिक घोषणा कर दी है. उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से जनता और अपने प्रशंसकों से इस महत्वपूर्ण फैसले पर अपना समर्थन और आशीर्वाद मांगा है.
गौरतलब है कि वर्ष 1996 में वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी.के. मूपनार ने कांग्रेस से अलग होकर तमिल मानिला कांग्रेस की स्थापना की थी. बाद में उनके निधन के बाद पार्टी में कई राजनीतिक बदलाव हुए और उनके पुत्र जी.के. वासन के नेतृत्व में इसका पुनर्गठन किया गया. हालिया विधानसभा चुनावों के बाद एनडीए छोड़ने वाली यह एआईएडीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन की पहली सहयोगी पार्टी बन गई है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें