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पेटरवार के ट्रैक्टर गैरेज में शॉर्ट सर्किट से लगी आग:लाखों का सामान...

बोकारो जिले के पेटरवार के तेनुघाट-पेटरवार मुख्य मार्ग स्थित एक ट्रैक्टर गैरेज में देर रात शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और गैरेज में रखे ट्रैक्टर के कई पार्ट्स समेत अन्य सामान जलकर राख हो गए। आग की तेजी के कारण गैरेज में रखे सामान को भारी नुकसान पहुंचा। इस घटना में गैरेज मालिक प्रेमलेश शर्मा को करीब 25 से 30 लाख रुपए या इससे अधिक की आर्थिक क्षति होने का अनुमान है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि आग की इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची दमकल टीम गैरेज में आग लगने की खबर मिलते ही तेनुघाट दमकल विभाग की टीम प्रधान अग्निशालक दीनानाथ शुक्ला के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग बुझाने के दौरान टीम ने तेजी से फैल रही लपटों को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिससे स्थिति को संभालने में मदद मिली। आसपास की दुकानें और रिहायशी इलाके सुरक्षित समय रहते दमकल कर्मियों के पहुंचने और आग पर काबू पा लेने से आसपास की दुकानों और रिहायशी इलाके को इसकी चपेट में आने से बचा लिया गया। यदि आग आसपास फैलती, तो नुकसान और बढ़ सकता था। दमकल विभाग की तत्परता से आग को गैरेज तक सीमित रखने में मदद मिली। घटना के बाद गैरेज में रखे सामान के जलने से मालिक को भारी नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। शॉर्ट सर्किट को आग की शुरुआती वजह माना गया शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। आग की चपेट में आने से ट्रैक्टर के कई पार्ट्स और गैरेज में रखा अन्य सामान नष्ट हो गया। नुकसान का अनुमान 25 से 30 लाख रुपए या उससे अधिक लगाया गया है। घटना में किसी के हताहत नहीं होने से राहत है, जबकि समय पर दमकल की कार्रवाई से आसपास के दुकानदारों और रिहायशी इलाके को बड़े नुकसान से बचाया जा सका। Source link

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बढ़ता शहर… सतनपुर पहाड़ी के नीचे बस रहा नया बोकारो, बदलने लगा...

| बोकारो शहर का विस्तार अब गांवों की पहचान और जीवनशैली को भी बदलने लगा है। चास प्रखंड के सतनपुर गांव की पहाड़ी के नीचे का यह नजारा शहर और गांव के बदलते रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर पेश करता है। एक ओर बारी को-ऑपरेटिव की ओर से शहरी बसावट का दायरा गांव की तरफ बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर खेत, पेड़-पौधे, कच्चे रास्ते और छोटे जलाशय अब भी ग्रामीण परिवेश की पहचान बनाए हुए हैं। तस्वीर में एक तरफ पक्के मकानों की कतारें नजर आती हैं, वहीं दूसरी ओर हरियाली के बीच फैली जमीन और बिखरी बसावट गांव के पुराने स्वरूप की झलक देती है। तेजी से बदलता यह परिदृश्य विकास और प्रकृति के साथ-साथ आगे बढ़ने की चुनौती भी सामने रखता है। सतनपुर की यह तस्वीर बताती है कि शहरीकरण केवल इमारतों का विस्तार नहीं, बल्कि गांव की पहचान में आ रहा बदलाव भी है।* Source link

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सरसों की खेतीः फसल में डालना न भूलें यह एक चीज, वरना...

होमताजा खबरकृषि सरसों की खेतीः फसल में डालना न भूलें यह एक चीज, वरना घट सकती है तेल की मात्रा Last Updated:October 25, 2026, 10:36 IST रबी सीजन में किसान बड़े पैमाने पर सरसों की खेती करते हैं. बेहतर पैदावार और तेल की मात्रा बढ़ाने के लिए सल्फर का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है. किसान अक्सर सल्फर डालना भूल जाते हैं. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, बुवाई के 20 से 25 दिन बाद पहली सिंचाई करनी चाहिए. ख़बरें फटाफट पलामूः रबी के मौसम में किसान बड़े पैमाने पर सरसों की खेती करते हैं. सरसों एक प्रमुख तिलहनी फसल है, जिससे किसानों को अच्छी आमदनी हो सकती है. हालांकि, बेहतर उत्पादन के लिए समय पर सिंचाई और संतुलित उर्वरकों का इस्तेमाल करना जरूरी है. ज्यादातर किसान सरसों की खेती में यूरिया, डीएपी और पोटाश का इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन सल्फर डालना भूल जाते हैं. इससे फसल की बढ़वार और बीज में तेल की मात्रा प्रभावित हो सकती है. ऐसे में किसानों को सरसों की खेती के दौरान सल्फर सहित सभी जरूरी पोषक तत्वों का संतुलित इस्तेमाल करना चाहिए. एक एकड़ में कितनी मात्रा में डालें खादक्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र चियांकी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि सरसों की खेती में खाद एवं उर्वरकों का इस्तेमाल मिट्टी की जांच और फसल की जरूरत के अनुसार करना चाहिए. सामान्य तौर पर प्रति एकड़ 80:40:40:20 किलोग्राम नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश और सल्फर की मात्रा का लक्ष्य रखा जा सकता है. हालांकि, यह मात्रा अलग-अलग मिट्टी और स्थानीय कृषि अनुशंसाओं के अनुसार बदल सकती है. किसान नाइट्रोजन की पूर्ति के लिए यूरिया, फॉस्फोरस के लिए डीएपी और पोटाश के लिए पोटाश उर्वरक का इस्तेमाल कर सकते हैं. ध्यान रखें कि डीएपी से मिलने वाले नाइट्रोजन को भी कुल नाइट्रोजन की जरूरत में शामिल करना चाहिए. सल्फर से बढ़ सकती है तेल की मात्राआगे कहा कि सरसों की खेती में सल्फर का विशेष महत्व है. यह तिलहनी फसलों में तेल निर्माण और पौधों की सामान्य वृद्धि के लिए जरूरी पोषक तत्व है. किसान अक्सर अन्य उर्वरकों पर ध्यान देते हैं, लेकिन सल्फर का इस्तेमाल नहीं करते. इससे मिट्टी में सल्फर की कमी होने पर फसल की पैदावार और तेल की मात्रा प्रभावित हो सकती है. सामान्य परिस्थितियों में प्रति एकड़ लगभग 10 से 11 किलो सल्फर की जरूरत हो सकती है, लेकिन वास्तविक मात्रा सल्फर युक्त उत्पाद की संरचना और मिट्टी की जांच के आधार पर तय करनी चाहिए. पहली सिंचाई 20 से 25 दिन में करेंआगे कहा कि सरसों की फसल में सिंचाई का सही समय उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है. सामान्य परिस्थितियों में पहली सिंचाई बुवाई के लगभग 20 से 25 दिन बाद जरूरत के अनुसार की जा सकती है. हालांकि, मिट्टी में नमी और मौसम के अनुसार समय में बदलाव हो सकता है. फूल आने से पहले पर्याप्त नमी बनाए रखना फसल के लिए लाभकारी होता है. खेत में जरूरत से ज्यादा पानी जमा नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि इससे पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. सही समय पर यूरिया का छिड़काव करेंसरसों की फसल में यूरिया का इस्तेमाल फसल की नाइट्रोजन जरूरत के अनुसार करना चाहिए. यदि बुवाई के समय पूरी नाइट्रोजन नहीं दी गई है, तो बची हुई मात्रा को कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार उचित समय पर दिया जा सकता है. सिंचाई के बाद खेत में नमी रहने पर यूरिया का इस्तेमाल अधिक प्रभावी हो सकता है. बिना जरूरत बार-बार यूरिया डालने से बचना चाहिए. About the Author Prashun Singh प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई. इसके बाद ETV Bharat (बिहार)… और पढ़ें Location : Palamu,Jharkhand First Published : October 25, 2026, 10:36 IST Source link

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पेंशनर्स कर्मचारियों ने किया अनशन

बोकारो । विभिन्न मांगों को लेकर वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स के कर्मचारियों ने शनिवार को जिलाध्यक्ष बालकृष्ण के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय के समक्ष अनशन शुरू किया। कहा कि उनकी अनशन लगातार हो रही है, पर प्रशासनिक स्तर पर वार्ता और समाधान में काफी देर हो रही है। इस वजह से सामाजिक संगठनों में भी अब रोष बढ़ता जा रहा है। कहा कि जिला प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है। मौके पर जितेंद्र प्रसाद सिंह, नंदकिशोर प्रसाद सिंह, कौशल किशोर सिंह आदि उपस्थित थे। Source link

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गिरिडीह के पचंबा में बाइक-ट्रैक्टर की टक्कर, युवक मरा:दुर्गा पूजा मनाने घर...

दुर्गा पूजा मनाने घर आए 28 वर्षीय सुनील कुमार ठाकुर की सड़क हादसे में मौत हो गई। पचंबा थाना क्षेत्र के बिशनपुर स्थित पेट्रोल पंप के पास रविवार सुबह बाइक और ट्रैक्टर के बीच हुई जोरदार टक्कर में उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार उसका साथी 26 वर्षीय गोलू शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल गोलू को बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर किया गया है। मृतक भरकट्टा थाना क्षेत्र के तुलाडीह का रहने वाला था। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सदर अस्पताल में सुनील का शव देखकर परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। परिवार के लिए यह हादसा बड़ा सदमा बनकर आया है। शनिवार शाम रिश्तेदार के घर आया था सुनील जानकारी के अनुसार, सुनील शनिवार देर शाम अपने दोस्त गोलू शर्मा के साथ बाइक से गिरिडीह में एक रिश्तेदार के घर आया था। रविवार सुबह दोनों बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बिशनपुर स्थित पेट्रोल पंप के समीप उनकी बाइक की ट्रैक्टर से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सुनील की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि गोलू गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद घायल को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, सदर अस्पताल से सुनील के परिजनों को उसकी मौत की सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। वहां शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। तीन साल पहले हुई थी शादी, पीछे छूटी छोटी बेटी सुनील की शादी करीब तीन वर्ष पहले हुई थी। उसकी एक छोटी बेटी भी है। वह दूसरे राज्य में रहकर मजदूरी करता था और दुर्गा पूजा मनाने के लिए अपने घर आया हुआ था। त्योहार के दौरान घर लौटे सुनील की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसकी मौत से पत्नी और बेटी के सामने भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। कम उम्र में परिवार के सदस्य को खोने से परिजन गहरे सदमे में हैं। घटना के बाद तुलाडीह गांव में भी शोक का माहौल है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने की सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने दुर्घटना के लिए जिम्मेदार वाहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि इस हादसे में उन्होंने अपने परिवार के सदस्य को खो दिया है, इसलिए जिम्मेदार वाहन के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। सदर अस्पताल में सुनील का शव पहुंचने के बाद परिजन शोक में डूब गए। हादसे में गोलू शर्मा गंभीर रूप से घायल है और उसे बेहतर इलाज के लिए धनबाद भेजा गया है। Source link

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छठ-दीपावली में रांची से आना-जाना मुश्किल:हवाई किराया तीन गुना तक बढ़ा, भुवनेश्वर...

छठ और दीपावली पर घर लौटना और त्योहार के बाद वापस जाना, दोनों ही यात्रियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। एक ओर रांची आने वाली उड़ानों का किराया सामान्य दिनों की तुलना में ढाई से तीन गुना तक बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग और रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है। भुवनेश्वर-रांची का हवाई टिकट छह नवंबर को 25,665 रुपए तक पहुंच गया है, जबकि सामान्य दिनों में इसी रूट का किराया 4,533 रुपए रहता है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद से रांची आने वाली उड़ानों के किराये में भी भारी उछाल आया है। रेल यात्रियों को भी दिल्ली, पटना, गोरखपुर, बेंगलुरु और जयनगर जाने वाली नियमित ट्रेनों में कन्फर्म सीट मिलने में परेशानी हो रही है। हालांकि, रेलवे की ओर से चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनों में कई रूटों पर सीटें उपलब्ध हैं। भुवनेश्वर जाना मुंबई-अहमदाबाद से भी महंगा त्योहारी सीजन में हवाई किराये में सबसे अधिक उछाल भुवनेश्वर-रांची रूट पर दिख रहा है। सामान्य दिनों में 4,533 रुपए का टिकट छह नवंबर को 25,665 रुपए और सात नवंबर को 15,296 रुपए में मिल रहा है। मुंबई से रांची का सामान्य किराया 8,484 रुपए है, जो छह नवंबर को 22,730 रुपए और सात नवंबर को 19,597 रुपए हो गया है। अहमदाबाद से रांची का किराया सामान्य दिनों के 7,822 रुपए से बढ़कर छह और सात नवंबर को 21,734 रुपए पहुंच गया है। हैदराबाद से आने का टिकट भी 6,619 रुपए के मुकाबले छह नवंबर को 18,052 रुपए और सात नवंबर को 19,342 रुपए का है। दिल्ली से रांची का किराया 7,314 रुपए से बढ़कर 15,349 और 16,219 रुपए हो गया है। बेंगलुरु और चेन्नई से आने के लिए भी यात्रियों को 15 से 18 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं। विमानन क्षेत्र में मांग और उपलब्ध सीटों के आधार पर किराया बढ़ने की व्यवस्था इसका प्रमुख कारण है। नियमित ट्रेनों में वेटिंग, कई तारीखों पर रिग्रेट रेलवे की नियमित ट्रेनों में भी त्योहार के दौरान सीटों की उपलब्धता सीमित है। रांची-नई दिल्ली गरीब रथ एक्सप्रेस में छह नवंबर को वेटिंग 137 और नौ नवंबर को 86 है। हटिया-पूर्णियाकोर्ट एक्सप्रेस में छह नवंबर को स्लीपर में 58 वेटिंग है, जबकि सात और नौ नवंबर को स्लीपर में रिग्रेट की स्थिति है। हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस में छह नवंबर को स्लीपर में 94 और 10 नवंबर को 108 वेटिंग है। रांची-गोरखपुर एक्सप्रेस में छह नवंबर को स्लीपर में 74 और थ्रीए में 62 वेटिंग है। हटिया-पटना पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में नौ नवंबर को स्लीपर में 58 वेटिंग है। राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस में 11 नवंबर को रिग्रेट और 12 नवंबर को वेटिंग 155 है। हटिया-बेंगलुरु की नियमित ट्रेनों में भी अलग-अलग तारीखों पर वेटिंग बनी हुई है। स्पेशल ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नियमित ट्रेनों में कन्फर्म सीटों की कमी के बीच स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों के लिए विकल्प मौजूद हैं। रांची-शालीमार स्पेशल में चार नवंबर को स्लीपर की 270, थ्रीए की 62 और टूए की 21 सीटें खाली हैं। छह नवंबर को स्लीपर में 257 और 11 नवंबर को 283 सीटें उपलब्ध हैं। रांची-अजमेर स्पेशल में आठ नवंबर को थ्रीए की 157 और टूए की 25 सीटें खाली हैं। रांची-अलीपुरद्वार स्पेशल में दो नवंबर को स्लीपर की 598 और नौ नवंबर को 507 सीटें उपलब्ध हैं। हटिया-बेंगलुरु स्पेशल में चार नवंबर को थ्रीइ की 283 और थ्रीए की 132 सीटें खाली हैं। रांची-आनंद विहार स्पेशल में सात नवंबर को थ्रीए की 32 सीटें उपलब्ध हैं। ऐसे में नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग के बीच स्पेशल ट्रेनें यात्रियों के लिए राहत का विकल्प बनी हुई हैं। Source link

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कोडरमा में लापता महिला का शव कुएं से मिला:दो दिन से थी...

कोडरमा जिले के नवलशाही थाना क्षेत्र में दो दिन से लापता 30 वर्षीय गुड़िया देवी का शव रविवार सुबह कुएं से बरामद किया गया। वह 23 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे अपने घर धुमाडीह से शौच के लिए निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। इसके बाद परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की और नवलशाही थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। रविवार सुबह घर से करीब एक किलोमीटर दूर मसमोहना के खेलडुआ आहार, बांडीयहरि के पास स्थित एक कुएं में महिला का शव मिला। खेत में काम कर रहे ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने शोर मचाया। इसकी जानकारी मिलने पर मसमोहना गांव के मिथलेश साहू ने गुड़िया देवी के जेठ त्रिलोकी दास को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान की। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। जेठ ने जताई हत्या की आशंका गुड़िया देवी के जेठ त्रिलोकी दास ने महिला की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। उनका शक है कि इलाके में अवैध शराब की बिक्री और सेवन करने वाले लोगों ने गुड़िया देवी की हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया होगा। हालांकि, यह परिजनों की ओर से जताई गई आशंका है। मामले में अभी तक हत्या की पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी की संलिप्तता सामने आई है। गुड़िया देवी के लापता होने के बाद से ही परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इस बीच कुएं में शव मिलने से परिवार के लोगों को गहरा सदमा लगा है। मृतका के दो छोटे-छोटे पुत्र हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव निकलवाया, आसपास के लोगों से पूछताछ घटना की सूचना मिलने के बाद नवलशाही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकलवाया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले की छानबीन में जुटी है। महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। परिजनों की ओर से जताई गई हत्या की आशंका को भी मामले की जांच के दौरान ध्यान में रखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह नवलशाही थाना प्रभारी सुमन कुमार ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गुड़िया देवी की हत्या हुई है या उनकी मौत किसी अन्य परिस्थिति में हुई। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। महिला के शव के कुएं में मिलने और परिजनों की ओर से हत्या की आशंका जताए जाने के बाद मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा। Source link

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चाईबासा में महिला का शव घर में दफन मिला:चार दिन से लापता...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के तुंगी गांव में चार दिन से लापता 40 वर्षीय महिला गुरुवारी हांसदा का शव उसके ही घर के अंदर जमीन में दफन मिला। मामले में महिला के पति राम हांसदा पर हत्या कर शव को घर में गाड़ने का आरोप लगा है। घटना का खुलासा तब हुआ, जब महिला की बेटियों को घर की दीवारों पर खून के निशान दिखाई दिए। इन निशानों को देखकर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। बेटियों ने पिता राम हांसदा से इस संबंध में पूछताछ की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों को मामले की जानकारी दी। घटना की सूचना पुलिस तक पहुंचने के बाद गांव में जांच शुरू हुई। चार दिनों से लापता महिला का शव घर के अंदर मिलने से मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। दीवारों पर खून के निशान मिलने के बाद गहराया शक जानकारी के अनुसार, गुरुवारी हांसदा पिछले चार दिनों से लापता थीं। इस दौरान परिवार की बेटियों को घर की दीवारों पर खून के निशान दिखाई दिए। इन निशानों को देखकर उन्हें संदेह हुआ कि घर में कोई घटना हुई है। बेटियों ने जब अपने पिता राम हांसदा से इस बारे में पूछा, तो उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुईं। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी और पुलिस को सूचना देने की पहल की। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। बेटियों को मिले खून के निशानों के आधार पर घर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एक कमरे में जमीन के भीतर शव दबाए जाने का पता चला। कमरे में खुदाई के दौरान बरामद हुआ सड़ा-गला शव सूचना मिलने पर पंडरासाली थाना पुलिस तुंगी गांव पहुंची। पुलिस ने घर की तलाशी ली और एक कमरे में जमीन की खुदाई कराई। खुदाई के दौरान गुरुवारी हांसदा का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया। शव को घर के अंदर जमीन में दबाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। फिलहाल, महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और हत्या के पीछे क्या कारण रहे, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम के बाद मौत से जुड़े तथ्यों की जांच में मदद मिलने की उम्मीद है। पति हिरासत में, हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी पुलिस पुलिस ने महिला के पति राम हांसदा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उस पर गुरुवारी हांसदा की हत्या कर शव को घर में दफनाने का आरोप है। हालांकि, हत्या के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। महिला के चार दिनों तक लापता रहने, घर की दीवारों पर खून के निशान मिलने और कमरे में जमीन के नीचे शव बरामद होने से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल, पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही महिला की मौत से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं का खुलासा हो सकेगा। Source link

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प्रदेश भाजपा कार्यसमिति के उद्घाटन सत्र में बोले राष्ट्रीय अध्यक्ष:नितिन नवीन बोले-...

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को निशाने पर लिया। प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक के उद्घाटन सत्र में उन्होंने कहा-राहुल गांधी विदेशी शक्तियों के टूलकिट हैं। वे उनका औजार बन चुके हैं। देश में अस्थिरता और अराजकता फैलाना उनका एकमात्र उद्देश्य बन चुका है। विदेशी शक्तियां भारत के विरोध में उनका इस्तेमाल कर रही हैं। देश में भारत विरोधी माहौल बनाने में वे लगे हुए हैं। झूठ पर झूठ बोल कर वे अफवाह फैला रहे हैं। नितिन ने कहा कि वर्तमान दौर में भारत का विकास न तो विदेशी शक्तियों को पच रहा है और न ही कांग्रेस को। वैश्विक अस्थिरता के दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के विकास को गति दी है। भारत के अंदर और बाहर की शक्तियां विकास की इस गति को रोकना चाहती हैं। इसलिए कांग्रेस इसमें उनका सहयोगी बनी हुई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाने में लगे हैं। ये लोग बांग्लादेश और नेपाल की तर्ज पर देश में रिजीम चेंज करने का सपना देख रहे हैं, जो असंभव है। कांग्रेस ने पारिवारिक नियमों के आधार पर देश चलाया नितिन नवीन ने कहा कि राहुल गांधी संविधान की दुहाई देते फिरते हैं, पर उन्हें यह याद रखना चाहिए कि कांग्रेस ने पारिवारिक नियमों के आधार पर देश चलाया है। कांग्रेस ने अपने समय में संविधान को तार-तार किया है। कांग्रेस ने आपातकाल घोषित कर देश के नागरिकों का मौलिक अधिकार समाप्त किया था। जब उनके जी में आता है, राज्य की सरकारों को गिरा देते। वहां पर धारा 356 लगा देते हैं। ये राजनीतिक प्रस्ताव पास हुए Source link

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झारखंड में 27 अक्टूबर से बदलेगा मौसम:बंगाल की खाड़ी में बना निम्न...

झारखंड में 27 अक्टूबर से फिर मौसम बदलेगा। इसके बाद चार दिन तक राज्य के 17 जिलों में बारिश होगी। मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर को इन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 से 60 किमी की रफ्तार से हवा चलेगी। इस दौरान वज्रपात होने की भी संभावना है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। 25 अक्टूबर को इसके गहरे दबाव में बदलने की संभावना है। 26 अक्टूबर को यह चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। यह सिस्टम उत्तरी आंध्रप्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से झारखंड में नमी बढ़ेगी। इसी के असर से झारखंड में बारिश के आसार बने हैं। जानिए…किस दिन कैसा रहेगा मौसम 25 अक्टूबर: सुबह में धुंध या कुहासा होगा, दिन में आसमान साफ रहेगा। इस दौरान न्यूनतम तापमान 15 डिग्री के आसपास रहेगा। 26 अक्टूबर: सुबह कुहासा, दिन में बादल छाएंगे। {27 अक्टूबर: मौसम बदलने लगेगा। कुछ जिलों में आंधी के साथ मध्यम दर्जे की बारिश होगी। 28 अक्टूबर: रांची, सिमडेगा, गोड्‌डा, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, लोहरदगा, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम और गुमला में भारी बारिश के साथ 50 से 60 किमी की रफ्तार से हवा चलेगी। 29 अक्टूबर: राज्यभर में गरज के साथ मध्यम दर्जे की बारिश होगी। वज्रपात का भी अलर्ट जारी। 30 अक्टूबर: रांची, बोकारो, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद, पूर्वी-प. सिंहभूम, सिमडेगा, पलामू, खूंटी, गढ़वा, चतरा में बारिश का यलो अलर्ट। बारिश से धान की फसल को नुकसान हो सकता है बारिश और ओलावृष्टि होती है तो खड़ी फसल को नुकसान पहुंचेगा। अभी धान की बाली भर रही है, इसे काटा नहीं जा सकता है। ऐसे में अगर ज्यादा बारिश होती है तो नुकसान हो सकता है, लेकिन हल्की बारिश होगी तो इससे कम नुकसान होगा। तेज हवा चलने से धान की खड़ी फसल गिर सकती हैं। ऐसे में बालियां खेतों में जमे बारिश के पानी में खराब हो जाएगी। मक्का, उड़द, अरहर के खेतों में बारिश का पानी न जमा होने दें। खेत में निकासी की व्यवस्था करें।- डॉ. रमेश कुमार, कृषि वैज्ञानिक, बीएयू Source link

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