भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

झारखंड

झारखंड

Recipe: घर पर ऐसे बनाएं बंधागोभी के पकोड़े, एकदम कुरकुरा और चटपटा,...

Last Updated:October 26, 2026, 10:55 IST महंगी प्याज के कारण पकौड़े खाने का मन मार देते हैं? रांची की गृहिणी उषा ने इसका शानदार उपाय बताया है. आप घर पर ही बंधागोभी से एकदम कुरकुरे और चटपटे पकौड़े बना सकते हैं. चावल के आटे और मसालों के इस अनोखे मिश्रण से बने पकौड़े स्वाद में प्याज वाले पकौड़ों से कम नहीं लगते हैं. ख़बरें फटाफट रांचीः शाम के नाश्ते के लिए अक्सर चाय के साथ कुछ पकौड़ी हो जाए तो बात ही कुछ और है. लेकिन कई बार प्याज इतनी महंगी हो जाती है की पकौड़ी का आईडिया को छोड़ना पड़ता है. लेकिन आप बंधा गोभी का जबरदस्त पकोड़े तैयार कर सकते हैं और खाने में प्याज वाले से कम स्वादिष्ट नहीं लगता. बस दो-तीन बातों का आपको ध्यान रखना होगा. रांची की गृहिणी उषा बताती है, पकौड़ी बनाने के लिए सबसे पहले आपको चावल का आटा लेना पड़ेगा. अगर चावल का आटा नहीं है तो आप 4 घंटे के लिए चावल को पानी में फुला लीजिए और उसके बाद उसे पीस लीजिये और फिर इसमें आपको दो चम्मच आटा, दो चम्मच बेसन और आधा चम्मच सूजी डालना है. बस तीन स्टेप में करें तैयार इन सभी चीजों को आप अच्छे से मिला लीजिए और इसमें पीसा हुआ मसाला डाल दीजिए. पीसे हुए मसाले में हल्दी पाउडर, गोटा धनिया, गोलमिर्च, मिर्च, अदरक और लहसुन इन सब चीजों को रखना है. इसके बाद इस थोड़े से मसाले के पेस्ट को बैटर में डालकर बढ़िया से मिक्स कर लीजिए और स्वाद अनुसार नमक भी डाल दीजिए. अब आपने बंधागोभी को काट के रखा है छोटे-छोटे पीस में. उसको इसमें डालकर अच्छे से मिला लीजिए. कढ़ाई में जब तेल गर्म हो जाए तो थोड़े-थोड़े तेल में डालिए और गोल्डन ब्राउन होने तक इसको डीप फ्राई कीजिए और इसके बाद आपको बाहर निकाल लेना है. लीजिए बनकर तैयार है आपका क्रिस्पी पकोड़ा. यकीन मानिए, चावल के आटे से यह काफी क्रिस्पी होता है और तेल भी अधिक नहीं सोखेगा. About the Author Prashun Singh प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई. इसके बाद ETV Bharat (बिहार)… और पढ़ें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : October 26, 2026, 10:55 IST Source link

झारखंड

जमशेदपुर के टेल्को में बड़ी चोरी:रिटायर्ड टाटा मोटर्स कर्मचारी के क्वार्टर से...

जमशेदपुर टेल्को थाना क्षेत्र में चोरों ने बंद क्वार्टर को निशाना बनाया। चोरों ने रिटायर्ड टाटा मोटर्स कर्मचारी के घर से करीब 20 लाख रुपए के गहने और 15 हजार रुपए नकद चोरी कर लिए। घटना रोड नंबर-1 स्थित क्वार्टर नंबर के-2/6 की है। वारदात के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। क्वार्टर में टाटा मोटर्स के सेवानिवृत्त कर्मचारी शमशेर खान अपनी पत्नी, बेटी और नतनी के साथ रहते हैं। उनकी बेटी गुलमोहर स्कूल में शिक्षिका हैं। जानकारी के अनुसार, शनिवार को शमशेर खान का बेटा हैदराबाद से घर आया था। क्वार्टर में जगह कम होने के कारण परिवार के सभी सदस्य घर में ताला लगाकर मानगो स्थित अपने श्रीनाथ होम फ्लैट में रहने चले गए थे। रविवार रात परिवार के लोग वापस क्वार्टर पहुंचे। शमशेर खान ने मुख्य दरवाजे का ताला खोला और अंदर गए। वहां कमरे का सामान बिखरा पड़ा था। दूसरे कमरे में रखी अलमारी खुली हुई थी। उसमें रखा गहनों का बैग गायब था। इसके बाद परिवार के लोगों ने सामान की जांच की। जांच में पता चला कि चोर करीब 20 लाख रुपये के गहने और 15 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए हैं। घटना के बाद परिवार के लोग सकते में आ गए। पीछे की दीवार फांदकर परिसर में घुसे चोर शमशेर खान के अनुसार, चोर क्वार्टर के पीछे की दीवार फांदकर परिसर में दाखिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने पीछे के दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर प्रवेश किया। चोरों ने कमरे में रखी अलमारी को खंगाला। वहां रखा गहनों का बैग और नकदी लेकर फरार हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद चोर पीछे के रास्ते से ही बाहर निकल गए। घटनास्थल पर दीवार पर हाथ और पैर के निशान मिलने की बात भी सामने आई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि चोर पीछे की दीवार के सहारे क्वार्टर में दाखिल हुए थे। परिवार के सदस्य शनिवार को घर बंद कर गए थे। इसी दौरान चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, चोरी किस समय हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच चोरी की सूचना मिलने के बाद टेल्को थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्वार्टर का निरीक्षण किया और घटनास्थल से जरूरी जानकारी जुटाई। अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे। साथ ही चोरों के आने और फरार होने के रास्ते की भी जांच की जा रही है। घटनास्थल पर मिले निशानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। फिलहाल चोरी गए गहनों की कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा 15 हजार रुपए नकद भी गायब हैं। बंद क्वार्टर को निशाना बनाकर की गई इस चोरी से क्षेत्र के लोगों में दहशत है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। Source link

झारखंड

धनबाद में भतीजे का गला काटकर मर्डर:चाचा समेत 5 पर आरोप; जमीन...

धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर 32 वर्षीय दौलत राम महतो की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई। वारदात सोमवार सुबह निचितपुर जाने वाली सड़क पर हुई। मृतक घसकोडीह का रहने वाला था। हत्या की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों में मातम पसर गया। मृतक के भाई साहेब राम महतो ने अपने ही परिवार के पांच लोगों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। इनमें मृतक के चाचा त्रिवेनी प्रसाद महतो का नाम भी शामिल है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुबह बाजार जा रहे थे दौलत राम, रास्ते में हमला जानकारी के अनुसार, दौलत राम महतो सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे मोटरसाइकिल से फल खरीदने बाजार जा रहे थे। वह निचितपुर जाने वाली सड़क से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। आरोप है कि हमलावरों ने उनका गला काट दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। परिजनों को जब हत्या की सूचना मिली तो घर में कोहराम मच गया। हालांकि, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कहां गए, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। चाचा समेत परिवार के पांच लोगों पर हत्या का आरोप मृतक के भाई साहेब राम महतो ने त्रिवेनी प्रसाद महतो, सूर्यकांत महतो, सचिन महतो, सरयू महतो और भगिया देवी पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। साहेब राम के अनुसार, परिवार के बीच जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। इस विवाद को लेकर कई बार तनाव की स्थिति बनी थी। आरोप है कि पहले भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। परिजनों को आशंका है कि इसी पुरानी रंजिश के कारण दौलत राम की हत्या की गई। मुख्य आरोपी बताए जा रहे त्रिवेनी प्रसाद महतो के राजगंज कॉलेज में प्रोफेसर होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, हत्या में आरोपियों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है। मौके पर पहुंची पुलिस, आरोपियों की तलाश में जुटी घटना की सूचना मिलने के बाद बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, शुरुआती तौर पर मामला आपसी रंजिश और पुराने जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत से संबंधित अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Source link

झारखंड

बाबा बैद्यनाथ की नगरी में इंसानियत की मिसाल, भूखों का पेट भर...

देवघर: महंगाई के इस दौर में जहां 10 रुपये में एक पैकेट बिस्कुट खरीदना भी मुश्किल है. वहीं, बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में महज 10 रुपये में लोगों को भरपेट भोजन कराया जा रहा है, लेकिन इस पहल की सबसे खास बात सिर्फ सस्ता खाना नहीं, बल्कि इसके पीछे छिपी एक ऐसी सोच है, जो जरूरतमंदों की भूख मिटाने के साथ उनके आत्मसम्मान का भी ख्याल रखती है. आखिर कौन कर रहा है यह अनूठी पहल? कैसे महज 10 रुपये में लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है? और कैसे लोग अपने जन्मदिन, शादी और दूसरे मांगलिक अवसरों की खुशियां जरूरतमंदों के साथ बांट रहे हैं? देवघर के वीआईपी चौक के समीप चल रही यह पहल समाज को सेवा और इंसानियत का एक नया संदेश दे रही है. आइये जानते हैं इसके बारे में जानें क्या कहते हैं आयोजक देवघर के वीआईपी चौक के समीप चल रही इस पहल का उद्देश्य उन लोगों तक भोजन पहुंचाना है, जिनके लिए कई बार दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो जाता है. इस व्यवस्था के मुख्य आयोजक चंदन बरनवाल हैं, जो बिहार के जमुई के रहने वाले हैं. चंदन बरनवाल बताते हैं कि पिछले एक साल से यह कार्य कर रहे है. इस व्यवस्था में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लोगों को 10 रुपये के टोकन पर भोजन दिया जाता है. उन्होंने बताया कि दिल्ली की एक संस्था के साथ मिलकर इस पहल को संचालित किया जा रहा है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां लोगों को मुफ्त भोजन देने के बजाय महज 10 रुपये का टोकन दिया जाता है, ताकि भोजन करने वाले किसी भी व्यक्ति को यह महसूस न हो कि वह किसी के सामने हाथ फैलाकर खाना मांग रहा है. छोटी-सी रकम लेकर भोजन करने की यह व्यवस्था जरूरतमंदों को सहायता देने के साथ उनके आत्मसम्मान को भी बनाए रखने की कोशिश है. जानें क्या कहते है राहगीर आज के समय में महंगाई के बीच कम आमदनी वाले लोगों के लिए खाने-पीने का खर्च उठाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है. कोई मजदूरी करने शहर पहुंचता है, तो किसी को काम की तलाश में दिनभर बाहर रहना पड़ता है. वहीं, कई बार अचानक आई परेशानी के कारण भी लोगों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो जाता है. ऐसी परिस्थितियों में देवघर की यह पहल लोगों के लिए राहत का सहारा बन रही है. यहां आने वाले राहगीर छोटू श्याम कहते हैं कि आज के समय में 10 रुपये में एक पैकेट बिस्कुट तक मिलना मुश्किल है, लेकिन यहां गरीबों को महज 10 रुपये में भरपेट भोजन मिल रहा है. उनके मुताबिक, जरूरतमंदों के लिए इससे बड़ी राहत की बात क्या हो सकती है. भूखे व्यक्ति को भोजन मिल जाए, तो उसके लिए यह किसी अमृत से कम नहीं है. कई लोग भी करते है मदद इस पहल की एक और खास बात यह है कि इसमें लोगों को दूसरों की खुशियों में शामिल होने का अवसर भी दिया जा रहा है. आयोजक चंदन बरनवाल बताते हैं कि कई लोग अपने परिवार में बच्चे के जन्म, अन्नप्राशन, जन्मदिन, शादी या शादी की वर्षगांठ जैसे खास अवसरों पर भोजन का अनुदान करते हैं. लोग अपनी इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार एक, दो या तीन दिनों के भोजन की व्यवस्था में योगदान देते हैं. इसके अलावा इच्छुक लोग भोजन सामग्री उपलब्ध कराकर भी इस सेवा का हिस्सा बन सकते हैं. यानी परिवार में खुशियों का अवसर हो, तो उन खुशियों को जरूरतमंदों के साथ बांटने का रास्ता भी यहां मिलता है. इससे किसी का खास दिन जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाने का माध्यम बन जाता है. Source link

झारखंड

कोडरमा में दुकान की छत काटकर चोरी:सीडी कॉलोनी में वारदात, गल्ले से...

कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र की सीडी कॉलोनी में चोरों ने एक दुकान को निशाना बनाया। चोर दुकान की छत काटकर अंदर घुसे। इसके बाद गल्ले से नकदी और सिगरेट लेकर फरार हो गए। चोरी की घटना बीती रात की बताई जा रही है। सोमवार सुबह दुकान संचालक मनोज कुमार दुकान खोलने पहुंचे। अंदर का नजारा देखकर उन्हें चोरी का पता चला। उन्होंने देखा कि पैसों का गल्ला अपनी जगह से हटाकर दूसरी जगह रखा गया था। गल्ले की जांच करने पर उसमें रखी नकदी गायब मिली। इसके बाद उन्होंने दुकान की जांच की। इस दौरान दुकान के पीछे की ओर लगा टीन का अल्बेस्टर कटा हुआ मिला। इससे आशंका जताई गई कि चोर छत काटकर दुकान में दाखिल हुए थे। चोरों ने दुकान से करीब 5 हजार रुपए नकद और लगभग 5 हजार रुपए की सिगरेट चोरी कर ली। चोरी गए सामान और नकदी की कुल कीमत करीब 10 हजार रुपए बताई गई है। घटना के बाद दुकानदार ने तिलैया थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। नकदी और सिगरेट ही ले गए चोर दुकान संचालक मनोज कुमार के अनुसार, दुकान में अन्य कीमती सामान भी रखे हुए थे। हालांकि, चोरों ने उन सामानों को हाथ तक नहीं लगाया। वे केवल गल्ले से नकदी और सिगरेट लेकर फरार हो गए। इस बात से दुकानदार को संदेह है कि वारदात में किसी नशेड़ी युवक का हाथ हो सकता है। हालांकि, चोरी किसने की और इसमें कितने लोग शामिल थे, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। दुकान की छत काटकर अंदर प्रवेश करने के बाद चोरों ने गल्ले को निशाना बनाया। इसके बाद सिगरेट लेकर निकल गए। सोमवार सुबह चोरी की जानकारी मिलने के बाद इलाके में चर्चा शुरू हो गई। दुकानदार ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों की पहचान करने की मांग की है। स्थानीय स्तर पर भी घटना को लेकर लोगों में चिंता है। दुकान में पहले भी चोरी की वारदात हो चुकी है। ऐसे में इस घटना ने दुकानदार की परेशानी बढ़ा दी है। फिलहाल चोरी की घटना को लेकर पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे चोरी की सूचना मिलने के बाद तिलैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुकान का निरीक्षण किया और घटनास्थल से जानकारी जुटाई। अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात के समय दुकान के आसपास कौन-कौन मौजूद था। साथ ही चोरों के आने और भागने के रास्ते की जानकारी भी जुटाई जा रही है। दुकानदार के अनुसार, करीब एक साल पहले भी इसी दुकान में चोरी हुई थी। उस समय पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब दोबारा चोरी होने से दुकानदार की चिंता बढ़ गई है। पुलिस पुरानी घटना और वर्तमान वारदात के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर सकती है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चोरों की पहचान करने में जुटी है। Source link

झारखंड

पाकुड़ जिला में लक्खी पूजा मनाई गई:शरद पूर्णिमा पर बंगाली पुरोहितों ने...

पाकुड़ जिलेभर में रविवार रात शरद पूर्णिमा के अवसर पर लक्खी पूजा श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस दौरान विभिन्न पूजा पंडालों और मंदिरों में मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। बंगाली पुरोहितों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा संपन्न कराई। आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच खीर का महाप्रसाद वितरित किया गया। मां लक्ष्मी का आशीर्वाद लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा स्थलों पर पहुंचे। कई महिलाओं ने व्रत रखा और घरों में विशेष पकवान बनाए। जिला मुख्यालय के सिंह वाहिनी मंदिर, सरस्वती पुस्तकालय दुर्गा पूजा पंडाल, तांतीपाड़ा, राजापाड़ा, कालिकापुर और रेलवे कॉलोनी में भी धूमधाम से लक्खी पूजा का आयोजन किया गया। लोगों ने अपने-अपने घरों में भी मां लक्ष्मी की पूजा की। जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी पूजा को लेकर उत्साह देखने को मिला। शाम से ही पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। पूजा-अर्चना और आरती के दौरान माहौल भक्तिमय बना रहा। चंद्रमा की रोशनी में रखी गई खीर, सुबह किया गया सेवन पंडित भुवनेश्वर ओझा ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर लक्खी पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी उल्लू पर सवार होकर पृथ्वी पर आती हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। इस पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा, कमला पूर्णिमा, रास पूर्णिमा और कौमुदी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। लक्खी पूजा बंगाली समुदाय की पुरानी परंपरा है। अब अन्य हिंदू समुदायों के लोग भी इसे श्रद्धा के साथ मनाते हैं। शरद पूर्णिमा की रात घरों में खीर बनाई गई। इसे चंद्रमा की रोशनी में खुले आसमान के नीचे रखा गया। सोमवार सुबह लोगों ने खीर का सेवन किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस रात चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है। चांदनी में रखी खीर अमृत के समान हो जाती है। सुबह इसके सेवन से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। इसी मान्यता के चलते लोगों ने परंपरा के अनुसार खीर तैयार की और पूजा के बाद उसका सेवन किया। कई परिवारों में रातभर खीर को चांदनी में रखा गया। हिरणपुर और अमड़ापाड़ा में आज लगेगा मेला लक्खी पूजा के अवसर पर जिले में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इस दौरान आरएसएस की ओर से शरद पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। इसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया। उत्सव के दौरान शरद पूर्णिमा के धार्मिक महत्व और परंपराओं को लेकर उत्साह देखने को मिला। वहीं, सोमवार को हिरणपुर प्रखंड के लोटस टेंपल और अमड़ापाड़ा में लक्खी पूजा के अवसर पर मेले का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ विदेशी भक्तों के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है। मेले को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। पूजा और मेले के माध्यम से क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। जिले में शरद पूर्णिमा के अवसर पर मंदिरों, पूजा पंडालों और घरों में हुई पूजा-अर्चना से भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां लक्ष्मी से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। Source link

झारखंड

किसान ऐसे करें सरसों की खेती, 120 से 150 दिनों में लहलहा...

कोडरमा: झारखंड के कोडरमा में सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए बेहतर उत्पादन प्राप्त करने का अच्छा अवसर है. कोडरमा की जलवायु और मिट्टी के अनुकूल उन्नत किस्मों का चयन, खेत की सही तैयारी, उचित दूरी पर बुवाई और संतुलित उर्वरकों का इस्तेमाल करके किसान सरसों की पैदावार बढ़ा सकते हैं. इसके लिए खेती के दौरान फसल की नियमित देखभाल और कीटों से बचाव पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है. कृषि विज्ञान केंद्र कोडरमा के वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार राय ने विशेष बातचीत में जिले के किसानों को सरसों की वैज्ञानिक खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं. उन्होंने बताया कि किसान पारंपरिक तरीके से खेती करने के बजाय उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक प्रबंधन को अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. सरसों की खेती में बीज की मात्रा, पौधों के बीच की दूरी और पोषक तत्वों का संतुलित इस्तेमाल उत्पादन को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं. पीली और काली सरसों की खेती पर दें ध्यान डॉ. अजय कुमार राय ने बताया कि सरसों की खेती में मुख्य रूप से पीली और काली सरसों की किस्में प्रचलित हैं. वर्तमान समय में किसान पीली सरसों की बुवाई कर रहे हैं, लेकिन काली सरसों की खेती में भी बेहतर उत्पादन की संभावना है. इसके लिए किसानों को उपयुक्त किस्म का चयन करने के साथ खेत की अच्छी तैयारी और फसल का उचित प्रबंधन करना चाहिए. उन्होंने काली सरसों की खेती के लिए बिरसा भाभा मस्टर्ड-1 किस्म का उपयोग करने की सलाह दी. उनके अनुसार कोडरमा की जलवायु के अनुरूप इस किस्म की खेती करते समय यदि किसान सही तकनीक अपनाते हैं, तो उन्हें अच्छा उत्पादन मिल सकता है. खेत की तैयारी और बुवाई में रखें सावधानी कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि सरसों की अच्छी पैदावार के लिए बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह तैयारी करना जरूरी है. खेत की मिट्टी भुरभुरी होनी चाहिए और जल निकासी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए. बुवाई के दौरान किसानों को बीज की मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. कई इलाकों में किसान खेत में जरूरत से ज्यादा बीज डाल देते हैं. इससे पौधे बहुत घने हो जाते हैं और उन्हें पर्याप्त जगह, पोषक तत्व तथा प्रकाश नहीं मिल पाता. ऐसे में फसल की बढ़वार प्रभावित हो सकती है और उत्पादन में कमी आने की आशंका रहती है. उन्होंने सलाह दी कि सरसों की बुवाई कतारों में करनी चाहिए. पौधे से पौधे के बीच लगभग 15 से 20 सेंटीमीटर की दूरी रखनी चाहिए. वहीं कतार से कतार के बीच लगभग 30 से 45 सेंटीमीटर की दूरी उपयुक्त है. इससे पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और फसल की देखभाल करने में भी आसानी होती है. संतुलित उर्वरक से बढ़ेगा उत्पादन डॉ. राय ने बताया कि सरसों की फसल को बेहतर पोषण देने के लिए नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का संतुलित इस्तेमाल जरूरी है. इसके साथ सल्फर का उपयोग भी सरसों की फसल के लिए लाभकारी है. सरसों की फसल में कीटों और रोगों का प्रकोप होने पर पौधों की बढ़वार और उत्पादन प्रभावित हो सकता है. इसलिए किसानों को समय-समय पर खेत का निरीक्षण करना चाहिए. फसल में कीट या रोग के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर उनकी सही पहचान कर कृषि विशेषज्ञों की सलाह से उचित उपचार करना चाहिए. 120 से 150 दिनों में तैयार होती है फसल सरसों की फसल सामान्यतः लगभग 120 से 150 दिनों में तैयार हो जाती है. बुवाई के समय और किस्म के अनुसार कटाई का समय बदल सकता है. नवंबर में बुवाई करने वाले किसानों की फसल सामान्य परिस्थितियों में फरवरी से मार्च के बीच कटाई के लिए तैयार हो जाती है. Source link

झारखंड

लातेहार के पातम-डाटम जलप्रपात में डूबे दो युवक:दोस्तों के साथ नहा रहे...

लातेहार जिले के हेरहंज स्थित प्रसिद्ध पातम-डाटम जलप्रपात में रविवार को नहाने के दौरान दो युवक डूब गए। हादसे के करीब 18 घंटे बाद भी दोनों का पता नहीं चल सका है। सोमवार को भी उनकी तलाश जारी है। स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब एनडीआरएफ की टीम से तलाश कराने की तैयारी है। प्रशासन के अनुसार, एनडीआरएफ की टीम आज लातेहार पहुंचेगी। इसके बाद तलाशी अभियान चलाया जाएगा। हादसा रविवार दोपहर करीब 1:20 बजे हुआ। डूबने वाले युवकों की पहचान पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र निवासी मो. आसिफ (18) और बालूमाथ के रहमत नगर निवासी मो. आकिब (18) के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों अपने दो अन्य साथियों के साथ जलप्रपात घूमने आए थे। सभी बारी-बारी से नहाने के लिए पानी में उतर रहे थे। इसी दौरान आसिफ और आकिब अलग-अलग दिशाओं में गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते दोनों पानी में डूबने लगे। उनके साथ आए युवक घबरा गए। उन्होंने दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद घटना की जानकारी परिजनों और स्थानीय लोगों को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, स्थानीय गोताखोरों ने की तलाश घटना की सूचना मिलते ही हेरहंज पुलिस मौके पर पहुंची। एएसआई सरोज कुमार और सुबोध सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद दोनों युवकों की तलाश शुरू की गई। स्थानीय गोताखोरों को भी खोजबीन में लगाया गया। हालांकि, देर शाम तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार को भी तलाशी अभियान जारी रहा। हादसे की जानकारी मिलने के बाद दोनों युवकों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। वहां परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन दोनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। घटना के बाद जलप्रपात पर लोगों की भीड़ जुट गई। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की मदद मांगी है। अधिकारियों के अनुसार, टीम के पहुंचने के बाद गहरे पानी में तलाशी अभियान चलाया जाएगा। काम के सिलसिले में आए थे दोनों युवक हेरहंज के अंचलाधिकारी दिवाकर दुबे ने बताया कि घटना से लातेहार के उपायुक्त को अवगत करा दिया गया है। एनडीआरएफ की टीम बुलाने के लिए पत्राचार किया गया है। टीम के आने के बाद खोजबीन तेज की जाएगी। परिजनों के अनुसार, मो. आकिब जुनैद हेरहंज में फॉल्स सीलिंग का काम करने आया था। उसके जलप्रपात घूमने जाने की जानकारी परिवार को हादसे के बाद मिली। वहीं, मो. आसिफ वॉल पुट्टी का काम करता था। वह काम के सिलसिले में नवादा आया हुआ था। दोनों युवक दोस्तों के साथ घूमने के लिए पातम-डाटम जलप्रपात पहुंचे थे। वहां नहाने के दौरान यह हादसा हो गया। फिलहाल, दोनों युवक लापता हैं। पुलिस और प्रशासन की निगरानी में उनकी तलाश जारी है। Source link

झारखंड

गिरिडीह में ट्रेलर में पीछे से घुसी वैगनआर:6 किमी तक घसीटता रहा...

गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र में रविवार रात भीषण सड़क हादसा हुआ। निमाटांड़ गांव के पास एक वैगनआर कार आगे चल रहे ट्रेलर में पीछे से घुस गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार ट्रेलर में बुरी तरह फंस गई। इसके बाद भी ट्रेलर चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। वह कार को करीब छह किलोमीटर तक घसीटते हुए बिरनी थाना क्षेत्र के मंझिलाडीह गांव के पास ले आया। यहां पहुंचने के बाद ट्रेलर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे में कार चालक महेश यादव (45) की मौत हो गई। वहीं, कार में सवार भुवनेश्वर यादव और बंशी यादव घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, तीनों सरिया थाना क्षेत्र के केशवारी से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान निमाटांड़ के पास उनकी कार ट्रेलर से टकरा गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। कार ट्रेलर में फंसी हुई थी। उसमें सवार तीनों लोग बाहर नहीं निकल पा रहे थे। हादसे की तस्वीरें देखें… हथौड़े से दरवाजा तोड़ कर निकाले गए घायल हादसे की सूचना मिलने पर बिरनी थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज और सरिया थाना प्रभारी पिंकू कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। वहां पहुंचने पर देखा कि वैगनआर कार ट्रेलर में बुरी तरह फंसी हुई थी। कार के अंदर लोग फंसे थे। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। कार का दरवाजा बंद होने के कारण लोगों को बाहर निकालने में परेशानी हो रही थी। ऐसे में हथौड़े की मदद से कार का दरवाजा तोड़ा गया। इसके बाद अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक कार चालक महेश यादव की मौत हो चुकी थी। दोनों घायलों को बाहर निकालकर इलाज के लिए भेजा गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर घायलों को निकालने में मदद की। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कार की हालत देखकर हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता था। जेसीबी की मदद से ट्रेलर से अलग की गई कार हादसे के बाद वैगनआर कार ट्रेलर में इस कदर फंस गई थी कि उसे अलग करना आसान नहीं था। काफी मशक्कत के बाद जेसीबी मशीन मंगाई गई। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कार को ट्रेलर से अलग किया गया। इस दौरान घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। पुलिस ने दुर्घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई और मामले की जांच शुरू की। ट्रेलर चालक के मौके से फरार होने के बाद उसकी तलाश में कार्रवाई शुरू कर दी गई। बिरनी थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज ने बताया कि हादसे में मृतक और दोनों घायलों की पहचान कर ली गई है। वैगनआर ट्रेलर में फंस गई थी। इसके बाद ट्रेलर चालक कार को करीब छह किलोमीटर तक घसीटते हुए मंझिलाडीह गांव तक ले आया। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। हादसे में कार चालक की मौत हो गई, जबकि दोनों घायलों को निकालकर इलाज के लिए भेजा गया। पुलिस फरार ट्रेलर चालक के बारे में जानकारी जुटा रही है। Source link

झारखंड

करवा चौथ पर मेहंदी डिजाइन के लिए न हों कन्फ्यूज्ड? बस लगवाएं...

Last Updated:October 26, 2026, 07:51 IST Karwa Chauth Top Mehndi Design: रांची में करवा चौथ पर इस बार महिलाओं के साथ पुरुषों के लिए भी मेहंदी के खास डिजाइन आई है. मार्केट में गठबंधन, सर्कल, दुल्हन और पीकॉक डिजाइन काफी हिट हैं. मेहंदी लगवाने का खर्च 500 से 11000 रुपए तक है. बता दें कि इसे महिलाएं लगवा भी रही हैं. आइये जानते हैं इसके बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: अब करवा चौथ आने में बस 3 दिन का समय बचा है. ऐसे में अगर आप मेहंदी को लेकर कन्फ्यूज्ड हैं कि कौन सी डिजाइन की लगाना है तो यह खबर आपके कन्फ्यूजन को काफी हद तक खत्म कर सकती है. इस बार मार्केट में सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि पुरुषों के लिए भी मेहंदी के काफी खूबसूरत डिजाइन देखने को मिल रहे हैं. इस पर सर्कल से लेकर गठबंधन डिजाइन काफी हिट हैं. आइये जानते हैं इसके बारे में. रांची के हरमू बाजार के फेमस मेहंदी आर्टिस्ट रवि बताते हैं कि उन्हें कई सालों का मेहंदी लगाने का अनुभव है. इस बार खासतौर पर पुरुषों के लिए भी मेहंदी के खूबसूरत डिजाइन मार्केट में आए हुए हैं. जैसे उनके हाथों में एक छोटा सा गठबंधन और उन एक सर्कल है, जिसमें इन दोनों का नाम होगा. यह हैवी भी नहीं है. यह काफी छोटा है और आप अपनी पत्नी को सरप्राइज भी कर सकते हैं. मार्केट में यह डिजाइन है हिट इसके अलावा आपको और भी कई सारे डिजाइन जैसे कि दुल्हन डिजाइन, महारानी डिजाइन देखने को मिलेगी. इस डिजाइन की सबसे खास बात यह होती है कि आपके पति और आप दोनों का चेहरा या फोटो बनाया जाएगा, जो दिखने में काफी अच्छा लगता है. इसके ऊपर डोली, जो फूलों से सजी है. इस तरह की डिजाइन बनाई जाती है. पीकॉक डिजाइन तो शुरू से हिट रहा है, अभी भी हिट है, जिसमें पीकॉक के साथ पीकॉक के पंख जैसे डिजाइन बनाए जाते हैं और पंख के ऊपर फ्लोरल डिजाइन बनाए जाते हैं. इसके अलावा आप मेहंदी से ओम नमः शिवाय और कोई मंत्र भी लिखा सकते हैं. अभी यह भी हिट हो रहा है. शादी का मंत्र या भगवान का मंत्र भी बनवा सकते हैं. 500 से 11000 रुपए है चार्ज रवि बताते हैं कि सिंपल हथेलियां में मेहंदी लगाना है. जैसे इंडो वेस्टर्न या बेली डिजाइन तो यह ₹500 से शुरू हो जाती है और जो पूरा भर हाथ दुल्हन डिजाइन होती है, जिनमें दूल्हा -दुल्हन का फोटो होता है, मंत्र होते हैं या कोई खास कस्टमाइज होता है तो उसके चार्ज तो ₹11000 तक भी चले जाते हैं और सबसे खास बात यह है कि महिलाएं इसे लगवाती भी हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<… और पढ़ें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : October 26, 2026, 07:51 IST Source link

Scroll to Top