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बेकार सुजनी से बनाया फैशनेबल कोट, Gen-Z के कपड़ों में लगाया मधुबनी...

Last Updated:June 13, 2026, 08:16 IST Ranchi Gauri’s Innovative Fashion: रांची की गौरी ने मॉडर्न कपड़ों को ऐसा ट्रेडिशनल टच दिया है कि उनके बनाए कपड़े पूरे देश के साथ-साथ, कनाडा तक डिलीवर हो रहे हैं. वे सुजनी जैसी बेकार पड़ी चीजों से कोट बनाती हैं, शर्ट्स, क्रॉप टॉप वगैरह पर मधुबनी पेंटिंग करती हैं. उनका कलेक्शन युवाओं को खासतौर पर पसंद आ रहा है. ख़बरें फटाफट रांची. क्रिएटीविटी कई तरह की होती है पर जब बेकार मान ली गई चीजों का बेहतरीन इस्तेमाल कर लिया जाए तो ऐसी रचनात्मकता की बात ही कुछ और होती है. जैसे रांची की गौरी को ही लें. वे बच्चों को सुलाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सुजनी से इतने सुंदर कोट बनाती हैं कि जेन जी भी उनके फैन बन गए हैं. गौरी बताती है, बिहारी घरों में खासतौर पर बच्चों को सुलाने के लिए सुजनी हाथ से बनायी जाती है, जो बाद में बेकार हो जाती है. हमने बस उसी सुजनी से फैशनेबल कोट बनाया है और कई सारे टॉप बनाए हैं. इसके अलावा आजकल के युवाओं को ध्यान में रखते हुए क्रॉप टॉप, ट्रेंच कोट इन सारी चीजों पर हमने मधुबनी पेंटिंग की है. जिससे आजकल के युवाओं के फैशन में ट्रेडिशनल पेंटिंग का भी तड़का लग गया है. गौरी बताती हैं, हमारे साथ 40 आर्टिस्ट जुड़े हुए हैं, जो हैंड प्रिंटिंग का काम करते हैं. हमारे पास आपको ऐसे यूनिक कलेक्शन मिलेंगे जो शायद ही आपने कभी कहीं देखा होगा. आलम यह है कि कनाडा से ऑर्डर आते हैं और पैन इंडिया डिलीवरी होती है. घर से ही शुरू किया सफरराजधानी रांची के कांके की रहने वाली गौरी बताती हैं, मैंने अपने घर से ही यह काम शुरू किया. अब हमारा ऑफिशियल वेबसाइट व इंस्टाग्राम पेज सब कुछ है. क्योंकि, मधुबनी पेंटिंग हमारे कल्चर का हिस्सा है. ऐसे में दादी-नानी सबको देखते आ रही हूं बनाते हुए और बाजार में कई सारे मधुबनी पेंटिंग की साड़ी और सलवार सूट आपको नजर आ जाएंगे. लेकिन युवाओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा कुछ टॉप और शर्ट मुझे नजर नहीं आ रहा था. तब मैंने सोचा क्यों ना आजकल के युवा को ध्यान में रखते हुए फैशनेबल कोट, ट्राउजर, कुर्ती, लॉन्ग कुर्ती, ट्रेंच कुर्ती ये सारी चीजें उतारूं और इन पर खूबसूरत पेंटिंग बनाई जाए. ऐसे में जितनी भी ऑफिसर वर्ग की महिलाएं या फिर जो सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएं व कॉर्पोरेट वर्ल्ड में काम करती हैं उनके बीच यह कुर्तियां काफी हिट हो रही हैं. युवाओं के लिए क्रॉप टॉप और फैशनेबल लूज शर्टइसके अलावा हम युवाओं के लिए क्रॉप टॉप, क्रॉप शर्ट, लूज फिटिंग शर्ट ये सारी चीजें बनाते हैं. इनमें खूबसूरत मधुबनी पेंटिंग आर्ट देखने को मिलेगी. राम और सीता की जोड़ी देखने को मिलेगी. मछली और शादी की हो रही पवित्र रस्म और सिंदूर दान जैसी चीज आपको अपने शर्ट पर देखने को मिलेगी, जो आपको भीड़ से एकदम अलग यूनिक लुक देगी. यही कारण है कि एक बार जो हमसे सामान ले जाता है वह दोबारा हमारे पास ही लौट कर आता है. ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों जगह से हर दिन 15-20 ऑर्डर आराम से आ जाते हैं. एक टॉप की कीमत 3 से ₹5000 की रेंज में होती है. क्योंकि, इसे बनाने में बहुत मेहनत लगती है. एक-एक शर्ट में पेंटिंग करने में एक से दो दिन का वक्त लगता है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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गुमला में बाइक ने एक व्यक्ति को मारी टक्कर:सड़क क्रॉस करते वक्त...

गुमला जिले के भरनो थाना क्षेत्र अंतर्गत भरनो स्कूल चौक स्थित सर्विस रोड पर शनिवार को एक तेज रफ्तार बाइक ने सड़क पार कर रहे व्यक्ति को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक चालक सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में एक व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर किया गया है। घायलों की पहचान भरनो स्कूल चौक निवासी ठेला संचालक मोहन साहू (45), बाइक चालक खटको गांव निवासी रोपना उरांव (19) और बाइक सवार इसी गांव के महावीर उरांव (18) के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद मोहन साहू की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रिम्स रांची भेजा गया, जबकि रोपना उरांव और महावीर उरांव को सदर अस्पताल गुमला रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोहन साहू दुकान से प्याज खरीदकर अपने घर की ओर सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान सिसई की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मोहन साहू सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक चालक रोपना उरांव और पीछे बैठे महावीर उरांव भी बाइक समेत सड़क पर गिरकर घायल हो गए। दुर्घटनाग्रस्त बाइक कुछ दूर तक घिसटते हुए गई और एक कार से भी टकरा गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल घायलों की मदद की और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर भरनो पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। ग्रामीणों और पुलिस के सहयोग से तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरनो पहुंचाया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने स्कूल चौक और आसपास के क्षेत्रों में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाने तथा सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। Source link

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रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ पहुंचे देवघर:बाबा बैद्यनाथ मंदिर में की पूजा,...

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ शनिवार को देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। उनके आगमन को लेकर मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें बाबा मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कराया गया। मंत्री संजय सेठ ने श्रद्धापूर्वक जलार्पण एवं पूजा कर देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए संजय सेठ ने कहा कि वे बाबा बैद्यनाथ के दरबार में आशीर्वाद लेने आए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने बाबा भोलेनाथ से विशेष आशीर्वाद मांगा। उनकी प्रार्थना रही कि देश मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर बने। देश ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की रक्षा राज्य मंत्री ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में देश ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। संजय सेठ ने बताया कि दुनिया के कई हिस्सों, विशेषकर मध्य-पूर्व के देशों में प्रतिकूल परिस्थितियां होने के बावजूद भारत आर्थिक, सामाजिक और सामरिक क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गरीबों, महिलाओं और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। करोड़ों परिवारों को शौचालय, आवास, गैस कनेक्शन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिला है। महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर भी सरकार लगातार कार्य कर रही है। मंदिर में पूजा के बाद संजय सेठ भाजपा कार्यालय भी पहुंचे। वहां उन्होंने फलदार पौधों का रोपण किया और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। Source link

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जिस महुआ से बनता है एल्कोहल, उसी से शुगर-फ्री कुकीज-चॉकलेट बना रहीं...

Last Updated:June 13, 2026, 09:03 IST Mahua Chocolate & Cookies: रांची की सलोनी और उनकी टीम महुआ से कुकीज, चॉकलेट और सिरप जैसे बहुत से हेल्दी आइटम बना रही हैं. इन कुकीज और चॉकलेट की खासियत यह है कि ये बेहद कम कैलोरी में तैयार होती हैं और शुगर न के बराबर होती है. इससे डायबिटीज पेशेंट्स, कैलोरी कांशस लोग बिना गिल्ट इनका सेवन कर सकते हैं. ख़बरें फटाफट रांची. खूंटी के जंगलों में खासतौर पर महुआ का पेड़ बहुत पाया जाता है. महुआ झारखंड में विशेष पर शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होता है. लेकिन गांव की महिलाएं इससे चॉकलेट और बिस्किट बना रही हैं, जो खाने में काफी स्वादिष्ट हैं. इनमें कैलोरी की मात्रा न के बराबर होती है और शुगर भी नहीं होती. इसीलिए ये डायबिटीज के पेशेंट के लिए भी अच्छे माने जाते हैं. साथ ही इनमें प्रोटीन और दूसरे जरूरी विटामिन का भंडार भी होता है. सारे प्रोडक्ट को दिखाते हुए सलोनी बताती हैं, खूंटी के जंगलों से खासतौर पर हम महिलाओं द्वारा यह चुनकर मंगवाते हैं. पहले ये महिलाएं इसी की शराब बनाती थी और बेचती थी. लेकिन इससे ना उनको अधिक मुनाफा होता था और यह समाज के लिए भी सही नहीं था. ऐसे में हमने महुआ में एक्सपेरिमेंट किया और आज चॉकलेट से लेकर कुकीज तक इससे बनवा रहे हैं. खाने में भी लगते हैं बहुत टेस्टीसलोनी बताती हैं, आप एक बार खाकर देखिए, आप नहीं बोल पाएंगे कि महुआ का है, खाने में तो बड़े ब्रांड के चॉकलेट को टक्कर देता है, डायबिटीज पेशेंट चाहे जितना खा लें. क्योंकि, इसमें कैलोरी 5 से 10 है, इससे अधिक नहीं. हमने इस पर रिसर्च भी की है. हमारे पास इसकी कैंडी, अचार व सिरप तक मिलेगा. मतलब आपको केक में कोई अलग फ्लेवर खाना है, तो आप इसके सिरप का इस्तेमाल कर सकते हैं. शुद्धता और सफाई का खास ध्यान रखते हैंशराब बनाने वाली चीज से महिलाओं द्वारा इतनी सारी चीज बनवाने का काम कर रहे हैं. इससे लगभग 300 महिलाओं को भी रोजगार और इनकम दोनों मिल रहा है. हमारा अपना क्लस्टर है, जहां से हम ये सारी चीजें लेकर आते हैं, महिलाएं अपने हाथों से ये सारी चीजें तैयार करती हैं. जिसमें शुद्धता और सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है. क्या होती है कीमतअगर आपको इनकी कुकीज लेनी है, तो इसकी कीमत ₹50-100 की रेंज में होती है. वहीं, चॉकलेट भी इसकी रेंज में है. यानी 50 से 100 के अंदर आपको कैंडी से लेकर चॉकलेट हर एक चीज देखने को मिल जाएगी. अगर सिरप लेनी है, तो 200-250 रुपये कीमत होती है. आप अपने बजट और जरूरत के मुताबिक खरीदारी कर सकते हैं. महुआ से ऐसे आइटम बनाना इनोवेटिव तो है ही साथ ही कैलोरी कांशस और शुगर पेशेंट्स के लिए किसी वरदान जैसा है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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रामगढ़ में गैस रिसाव से चार युवकों की मौत:बंद खदान में उत्खनन...

रामगढ़ जिले के गिद्दी-रामगढ़ सीमावर्ती वन क्षेत्र में एक बंद खदान में गैस रिसाव से चार लोगों की मौत हो गई। यह घटना तब हुई, जब ये लोग खदान के भीतर उत्खनन कार्य कर रहे थे। मृतकों की पहचान आशीष रजवार (25), किशोर रवानी (35), देवा कुमार बेदिया (25) और डब्लू बेदिया (30) के रूप में हुई है। घटना के वक्त सबसे पहले एक युवक गैस रिसाव की चपेट में आया और वहीं बेहोश होकर गिर गया। एक बचाने में तीन भी आए चपेट में उसके बाकी तीन साथी उसे बचाने के लिए खदान में उतरे तो वो भी जहरीली गैस की चपेट में आकर वहीं गिर। उनके एक अन्य साथी ने गांव वालों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। चारों युवकों को तत्काल पुलिस की मदद से अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने इनमें से दो को अस्पताल पहुंचने पर मृत बताया। वहीं अन्य दो ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी किए गए तैनात घटना के बाद, पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। मृतकों के परिजन भी वहां पहुंच गए हैं। चारों शवों का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक व्यक्ति को बचाने के प्रयास में बाकी तीन लोग भी गैस रिसाव की चपेट में आ गए। उनका कहना है कि इस क्षेत्र की बंद खदानों में गैस रिसाव की समस्या गंभीर है। Source link

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बोकारो से चलने वाली बसों का बढ़ा किराया:रांची का नॉन-एसी किराया 250...

बोकारो में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर सार्वजनिक परिवहन पर पड़ा है। ईंधन के दाम बढ़ने से बसों का किराया बढ़ा दिया गया है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और छोटे व्यवसायियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बोकारो से रांची मार्ग पर किराए में अंतर देखा जा रहा है। यात्री ईबु उल्लाह ने बताया कि सरकारी वातानुकूलित 2×2 बसों में 300 रुपए किराया लिया जा रहा है, जबकि निजी बसें इसी रूट पर 350 रुपए वसूल रही हैं। उन्होंने एक ही मार्ग पर किराए में इस असमानता पर सवाल उठाया। बढ़ती लागत के बीच पुराने किराए पर बसें चलाना संभव नहीं निजी बस कंडक्टर मोहम्मद अशरफ ने किराए में वृद्धि का कारण डीजल की बढ़ती कीमतें बताईं। उन्होंने कहा कि परिचालन लागत बढ़ने के कारण बोकारो-रांची मार्ग पर प्रति यात्री 50 रुपए किराया बढ़ाना पड़ा है। अशरफ के अनुसार, बढ़ती लागत के बीच पुराने किराए पर बसें चलाना संभव नहीं था। टाटा रूट के टिकट काउंटर संचालक मोफीज उद्दीन ने जानकारी दी कि टाटा, गोड्डा, साहिबगंज और ललमटिया जैसे कई अन्य मार्गों पर भी किराए में 50 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन और बस संचालकों को मिलकर एक समान किराया दर निर्धारित करना चाहिए, ताकि यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। धनबाद और रामगढ़ रूटों पर भी किराए में वृद्धि दर्ज की गई है। टिकट कंडक्टर मोहम्मद हुसैन के मुताबिक, रामगढ़ का नॉन-एसी किराया 150 रुपए से बढ़कर 180 रुपए हो गया है। इसी तरह, रांची का नॉन-एसी किराया 250 रुपए से बढ़ाकर 280 रुपए कर दिया गया है। बोकारो के निवासियों ने सरकार से पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन किराए की समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम जनता के जीवन और घरेलू बजट पर गंभीर असर पड़ेगा। Source link

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बिल्ली पालने की सोच रहे हैं? पशु चिकित्सक ने बताए 7 जरूरी...

Last Updated:June 13, 2026, 14:26 IST पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, बिल्ली खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि घर में उसके रहने के लिए पर्याप्त जगह हो. साथ ही परिवार के किसी सदस्य को बिल्ली के बालों से एलर्जी तो नहीं है, इसकी भी जांच कर लेनी चाहिए. उन्होंने बताया कि बिल्लियों को घूमने-फिरने और खेलने के लिए खुली जगह की जरूरत होती है, इसलिए उनके लिए आरामदायक और पर्याप्त जगह की व्यवस्था करना जरूरी है. इससे बिल्ली स्वस्थ और सक्रिय रहती है. बोकारो: आजकल लोगों में पालतू बिल्लियां पालने का शौक तेजी से बढ़ रहा है. खासकर देसी और विदेशी नस्ल की बिल्लियों की मांग लगातार बढ़ रही है. हालांकि, कई लोग बिना पूरी जानकारी और जांच-पड़ताल के बिल्ली खरीद लेते हैं, जिसके कारण बाद में उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में बोकारो के चास स्थित एक पेट क्लीनिक के पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार ने बिल्ली खरीदने और उसकी देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं. डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बिल्ली खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि घर में उसके रहने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है या नहीं. इसके साथ ही यह भी जान लेना जरूरी है कि परिवार के किसी सदस्य को बिल्ली के बालों से एलर्जी तो नहीं है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि बिल्लियों को घूमने-फिरने और खेलने के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत होती है. इसलिए उनके लिए खुले और आरामदायक स्थान की व्यवस्था करनी चाहिए. साथ ही उनकी साफ-सफाई और शौच की उचित व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है. डॉ. अनिल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पर्शियन या अन्य विदेशी नस्ल की बिल्ली खरीदने की योजना बना रहा है, तो उसके लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है. विदेशी नस्ल की बिल्लियां अधिक तापमान को आसानी से सहन नहीं कर पातीं, जिससे उनमें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. इसलिए उनके लिए ठंडा और आरामदायक माहौल उपलब्ध कराना बेहतर होता है. जरूरत पड़ने पर एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था भी की जा सकती है. डॉ. अनिल ने सलाह दी कि बिल्ली खरीदने से पहले उसकी शारीरिक जांच अवश्य कर लेनी चाहिए. बिल्ली के दांत, कान और आंखों की अच्छी तरह जांच करें. शरीर पर किसी प्रकार के घाव, कटने या चोट के निशान नहीं होने चाहिए, क्योंकि ये आगे चलकर स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का कारण बन सकते हैं. नई बिल्ली को घर लाने के बाद शुरुआती दिनों में वह डरी-सहमी रह सकती है. कई बार वह सोफे, बिस्तर या घर के किसी कोने में छिप जाती है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है. उसे नए माहौल में खुद को ढालने के लिए समय देना चाहिए. इसके लिए डॉ. अनिल कुमार ने ‘3-3-3 नियम’ अपनाने की सलाह दी है. इसके तहत पहले 3 दिनों तक बिल्ली को नए माहौल को समझने का समय दें. अगले 3 सप्ताह में उसे घर और परिवार के सदस्यों के साथ घुलने-मिलने का अवसर दें. वहीं पहले 3 महीनों तक उसके साथ भरोसेमंद रिश्ता बनाने पर ध्यान केंद्रित करें. उन्होंने कहा कि बिल्ली को स्वस्थ रखने के लिए समय-समय पर वैक्सीनेशन और डी-वॉर्मिंग कराना बेहद जरूरी है. साथ ही उसके खेलने के लिए खिलौनों की व्यवस्था भी करनी चाहिए, क्योंकि बिल्लियों को खेलना और नई चीजों को खरोंचना पसंद होता है. डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, देसी और विदेशी दोनों नस्ल की बिल्लियों को अच्छी तरह पाला जा सकता है. हालांकि, देसी बिल्लियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत अधिक होती है, जबकि विदेशी नस्ल की बिल्लियों को अधिक देखभाल और विशेष वातावरण की आवश्यकता पड़ती है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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आजमगढ़ में हाईवे पर ट्रेलर से टकराई अर्टिगा कार:4 लोगों की मौत,...

आजमगढ़-वाराणसी नेशनल हाईवे पर अर्टिगा कार सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद कार में सवार 5 लोग अंदर फंस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने 4 लोगों को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि सभी यात्री झारखंड के पलामू जिले के रहने वाले थे। अंबेडकरनगर स्थित किछौछा दरगाह से कर लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। हादसा शनिवार सुबह देवगांव कोतवाली क्षेत्र के बरडीहा मोड़ के पास हुआ। अब जानिए पूरा मामला… झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर (डालटनगंज) क्षेत्र के मोहनिया गांव के रहने वाले 5 लोग अर्टिगा कार से अंबेडकरनगर स्थित किछौछा दरगाह गए थे। सभी यहां से कार में सवार होकर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में पीछे से जा घुसी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद वाहन में सवार सभी लोग अंदर फंस गए। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू कर घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से सभी को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने हाजी अब्दुल रज्जाक (59), अरबाज खान (22), सोहराब (55) और मोहम्मद कैफ (57) को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल अजमल आलम की हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजते हुए परिजनों को सूचना दे दी है। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। Source link

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घर में अकेली रह रही वृद्धा को मार; लूटे गहने:हजारीबाग के पकरी...

हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत पंकरी बरवाडीह गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 85 वर्षीय वृद्ध महिला मगनी मोसोमात की अपराधियों ने घर में घुसकर हत्या कर दी। मृतका स्वर्गीय चौधरी साव की पत्नी थीं। घर में अकेली रहती थीं। बताया जा रहा है कि देर रात अज्ञात अपराधी उनके घर में दाखिल हुए और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां वृद्धा का शव घर के भीतर पड़ा मिला। घटना के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है। हाथ के गहने गायब, लूट के बाद हत्या की आशंका घटना को लेकर परिजनों ने बताया कि मगनी मोसोमात के हाथों में चांदी के कुछ गहने थे, जो घटना के बाद से गायब हैं। इस आधार पर आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने लूटपाट की मंशा से घर में घुसे और विरोध करने पर वृद्धा की हत्या कर दी। मृतका के दो पुत्र हैं, जो अलग-अलग जगहों पर रहते हैं। वृद्धा घर में अकेली रहती थीं। इस कारण अपराधियों ने उन्हें आसान निशाना बनाया। मृतका के बड़े पुत्र पचू साव ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस जघन्य अपराध में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि परिवार को फिलहाल किसी पर सीधा संदेह नहीं है। टेक्निकल टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से हुई जांच घटना की सूचना मिलते ही बड़कागांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी दीपक सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए टेक्निकल टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया है, ताकि साक्ष्य जुटाकर जल्द अपराधियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस हत्या के कारणों और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए हर संभव पहलू पर जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। Source link

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चारा घोटाले से जुड़े 38 लाख के जेवर नहीं लौटेंगे, झारखंड हाई...

Last Updated:June 13, 2026, 11:23 IST Fodder Scam Ranchi HC News: चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें आरोपी एसबी सिन्हा के घर से जब्त 38 लाख रुपये के जेवरात को लौटाने का निर्देश दिया गया था. चारा घोटाला मामले में सीबीआई को बड़ी राहत रांची. झारखंड उच्च न्यायालय ने चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण आदेश देते हुए एसबी सिन्हा के घर से जब्त किए गए करीब 38 लाख रुपये के जेवरात लौटाने के निचली अदालत के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है. सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने एसबी सिन्हा के पुत्र रवि सिन्हा समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. बता दें कि यह पूरा मामला चारा घोटाले की जांच के दौरान सीबीआई की छापेमारी से जुड़ा है . जांच के दौरान तत्कालीन पशुपालन विभाग के अधिकारी एस.बी. सिन्हा के ठिकानों से लाखों रुपये मूल्य के कीमती आभूषण जब्त किए गए थे. बता दें कि हाल ही में सीबीआई की विशेष अदालत ने इन आभूषणों को उनके परिजनों को वापस सौंपने का आदेश जारी किया था. निचली अदालत के इसी फैसले के खिलाफ सीबीआई ने झारखंड उच्च न्यायालय का रुख किया था और यह दलील दी कि यह संपत्ति घोटाले की अवैध कमाई से अर्जित की गई हो सकती है, इसलिए इसे वापस नहीं किया जाना चाहिए . मिली जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि 13 और 14 मई 1999 को एसबी सिन्हा के घर से जेवरात जब्त किए गए थे. जांच एजेंसी का कहना है कि एसबी सिन्हा का निधन 1999 में और उनकी पत्नी रमा सिन्हा का निधन 2011 में हो गया था. सीबीआई के अनुसार रमा सिन्हा ने अपने जीवनकाल में इन जेवरों पर स्त्रीधन के रूप में कोई दावा पेश नहीं किया. यहां यह भी बता दें कि रवि सिन्हा ने वर्ष 2024 में विशेष सीबीआई अदालत में जेवर वापस करने की मांग करते हुए आवेदन दिया था, लेकिन उनके दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया. इसी मामले में सीबीआई ने निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. उसी याचिका पर सुनवाई करते हुए HC ने निचली अदालत के आदेश पर स्टे लगा दिया है. हाई कोर्ट ने रोक लगाते हुए मांगा जवाब सीबीआई की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले की पूरी सुनवाई मुकम्मल नहीं हो जाती, तब तक ये आभूषण मालखाने या सरकारी अभिरक्षा में ही रहेंगे. इसके साथ ही अदालत ने दिवंगत सिन्हा के बेटे रवि सिन्हा और अन्य को नोटिस तामील करते हुए पूछा है कि क्यों न निचली अदालत के इस आदेश को स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाए. चारा घोटाले का अहम हिस्सा थे एसबी सिन्हा मालूम हो कि बिहार और झारखंड के इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में शुमार चारा घोटाले में पशुपालन विभाग के तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एस.बी. सिन्हा को किंगपिन यानी मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक माना जाता था. हालांकि, मामले की कानूनी प्रक्रिया के दौरान ही उनका निधन हो गया था. बहरहाल, हाई कोर्ट के इस नए आदेश के बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Ranchi,Jharkhand Source link

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