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भास्कर न्यूज|गुमला गुमला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) समिति की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में हिंडालको के सीएसआर मद से जिले में चल रही और प्रस्तावित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। लंबित कार्यों को तेजी से शुरू कराने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि सीएसआर निधि का उपयोग जिले की जरूरतों के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कौशल विकास, कृषि और आधारभूत संरचना पर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। विभागों से आए प्रस्तावों की समीक्षा के बाद संबंधित अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। सदर अस्पताल, गुमला में प्रस्तावित बर्न यूनिट के निर्माण पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि स्वीकृति के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने निर्देश दिया कि बर्न यूनिट का निर्माण एक सप्ताह के भीतर शुरू किया जाए। सदर अस्पताल के सौंदर्यीकरण से जुड़ा लंबित काम भी जल्द शुरू करने को कहा गया। टीबी मरीजों के लिए पोषण किट वितरण की समीक्षा में बताया गया कि पहले से चिन्हित करीब 200 मरीजों को किट दी जा रही है। नए मरीजों के बीच वितरण शुरू नहीं हो सका है। उपायुक्त ने सभी पात्र टीबी मरीजों को नियमित रूप से पोषण किट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। फिशरी कॉलेज में प्रस्तावित ओपन जिम, विशुनपुर और घाघरा प्रखंड में पांच विज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण, और 15 स्थानों पर सोलर आधारित लिफ्ट सिंचाई योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। हिंडालको प्रतिनिधियों ने बताया कि लिफ्ट सिंचाई के सभी स्थलों का सर्वे पूरा हो चुका है और बारिश के बाद निर्माण शुरू होगा। उपायुक्त ने सर्वे सूची उपलब्ध कराने और काम तेज करने को कहा। उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने जिले के 26 आवासीय विद्यालयों में पुस्तकालय और बुनियादी सुविधाओं के विकास का मुद्दा रखा। उपायुक्त ने सूचीबद्ध विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर पुस्तकालय निर्माण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पीएम पोषण योजना के लिए सहयोग, आंगनबाड़ी केंद्रों में बर्तनों की उपलब्धता, और प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में बेंच-डेस्क की कमी दूर करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी और जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार भी मौजूद रहे।
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