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‘1997 में आपने दीदी को भगा दिया’, कल्याण बनर्जी की बात पर...

होमताजा खबरदेश ममता पर कल्याण बनर्जी और प्रियंका गांधी में ‘ठनी’, ‘डांट’ खा गए पप्पू यादव Last Updated:July 30, 2026, 13:41 IST संसद परिसर में कार्यवाही शुरू होने से पहले एक दिलचस्प घटना देखने को मिली. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी पार्टी के बागी सांसदों की तस्वीर का पोस्टर अपने शरीर में लपेटकर पहुंचे थे. तभी ममता बनर्जी के कांग्रेस छोड़ने को लेकर प्रियंका गांधी और उनके बीच हंसी ठिठोली के माहौल में अच्छी बातचीत हुई. इस बातचीत के दौरान पप्पू यादव को कल्याण बनर्जी ने डांट भी लगा दी. संसद भवन परिसर में कल्याण बनर्जी और प्रियंका गांधी के बीच दिलचस्प बातचीत दिखी. नई दिल्ली/कोलकाता: संसद परिसर में गुरुवार को एक बेहद दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली. तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी गुरुवार को अपने शरीर के आगे और पीछे दो बैनर लटकाकर पहुंचे थे. इसमें हाल ही में तृणमूल छोड़कर गए बागी सांसदों की तस्वीरें लगी थी. कल्याण बनर्जी जब इसी ड्रेस में खड़े होकर मैसेज देने की कोशिश कर रहे थे तभी वहां पास में ही कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, इमरान मसूद, निर्दलीय पप्पू यादव समेत अन्य सांसद खड़े थे. इसी दौरान प्रियंका गांधी ने कल्याण बनर्जी से कहा कि उसमें से कुछ लोग जो पहले हमारे यहां (कांग्रेस) से पहले आपके यहां (टीएमसी) में गए और अब वहां से भागकर वहां (बीजेपी) के साथ चले गए. इसपर कल्याण बनर्जी ने कहा- ‘ये लोग (बागी) हमारे टिकट पर जीता था, आपके यहां से 2014 में ही छोड़ कर चला गया था. पश्चिम बंगाल में आप लोगों को कुछ भी नहीं है. उन लोगों में कोई भी आपके टिकट पर कभी भी संसद में नहीं पहुंचे.’ Interesting conversation कल्याण बनर्जी – कांग्रेस तो हम भी थे, आप लोग दीदी को भगा दिया था प्रियंका गांधी – दीदी को राजीव जी बहुत… pic.twitter.com/DMBbbF9V0B Source link

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महराजगंज के वाइब्रेंट विलेज भेड़िहारी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, खराब सड़कें...

Last Updated:July 30, 2026, 12:40 IST Maharajganj news: निचलौल विकासखंड के भेड़िहारी गांव की बात करें तो यह एक मुसहर ग्रामसभा जहां थोड़ी सी भी बारिश होने के बाद सड़कों की स्थिति खराब हो जाती है. गांव में सिर्फ एक मुख्य सड़क देखने को मिलती है लेकिन इससे जुड़े जितने भी छोटे रास्ते हैं उनकी हालत खस्ता देखने को मिलती है. हालत इतनी खराब है आए दिन ग्रामीण सड़क की मरम्मत और नाली के निर्माण की मांग के लिए प्रदर्शन नहीं करते रहते हैं. कागजों में जिस गांव को वाइब्रेट विलेज का दर्जा मिला है उस गांव में थोड़ी सी बारिश होने पर बरसात का पानी जमा हो जाता है और लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. ख़बरें फटाफट महराजगंज: जिले के इन सीमावर्ती क्षेत्रों में बहुत से गांव ऐसे हैं जो आज के समय में भी बहुत पिछड़े नजर आते हैं. हालांकि इन सीमावर्ती क्षेत्र में बहुत से पर्यटन स्थल देखने को मिलते हैं इसके बावजूद भी यहां के लोगों के रोजमर्रा के जीवन में कुछ ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिलता है. निचलौल तहसील के बॉर्डर एरिया में एक ऐसा ही गांव है भेड़िहारी जो आज के समय में भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में दिख रहा है. वैसे तो इस गांव को वाइब्रेंट विलेज भी घोषित किया गया है लेकिन यहां आने पर आपको जमीनी हकीकत कुछ और देखने को मिलती है. इस गांव को पर्यटन से जोड़कर लोगों के सामाजिक और आर्थिक जीवन में बदलाव करना है लेकिन यहां की सड़क है और यहां की मूलभूत सुविधाएं ऐसी हैं कि पर्यटक तो क्या पड़ोसी भी आना पसंद ना करें. वाइब्रेंट विलेज की सड़क खराब, आवागमन में हो रही समस्या निचलौल विकासखंड के भेड़िहारी गांव की बात करें तो यह एक मुसहर ग्रामसभा जहां थोड़ी सी भी बारिश होने के बाद सड़कों की स्थिति खराब हो जाती है. गांव में सिर्फ एक मुख्य सड़क देखने को मिलती है लेकिन इससे जुड़े जितने भी छोटे रास्ते हैं उनकी हालत खस्ता देखने को मिलती है. हालत इतनी खराब है आए दिन ग्रामीण सड़क की मरम्मत और नाली के निर्माण की मांग के लिए प्रदर्शन नहीं करते रहते हैं. कागजों में जिस गांव को वाइब्रेट विलेज का दर्जा मिला है उस गांव में थोड़ी सी बारिश होने पर बरसात का पानी जमा हो जाता है और लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. ऐसे वाइब्रेट विलेज का क्या गांव के लोगों को क्या फायदा जहां बच्चों को स्कूल जाने और लोगों के आवागमन के लिए बुनियादी सुविधाएं ही ना हो. गांव में सड़क के आसपास पानी जमा होने और स्थिति खराब होने की वजह से संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बना रहता है. आप खुद सोचिए कि जहां पर्यटकों को लुभाने के लिए इस गांव को वाइब्रेंट विलेज का दर्जा मिला है वहां बुनियादी सुविधाएं ही देखने को नहीं मिलती हैं. कागजों में दिखता है विकास जमीन पर गायब ग्रामीणों ने कई बार इन समस्याओं की शिकायत की है लेकिन इसका कोई स्थाई समाधान देखने को नहीं मिल रहा है. साल दर साल सड़कों की स्थिति और भी ज्यादा खराब हो रही है लेकिन ना तो सड़कों का निर्माण हो रहा है और ना ही जल निकासी की समस्या से छुटकारा मिल रहा है. भेड़िहारी गांव से सटे हुए ही दर्जनिया मगरमच्छ संरक्षण केंद्र देखने को मिलता है जो जिले के एक बड़े पर्यटन केंद्र में से एक है. वहीं गांव से थोड़ी ही दूरी पर जिले का आखिरी छोर टेल फाल भी देखने को मिलता है जहां प्रतिदिन पर्यटकों का आना जाना होता है. अच्छे लोकेशन पर होने के बावजूद भी गांव की स्थिति अच्छी नजर नहीं आती ऐसे में कहीं ना कहीं प्रशासन की उदासीनता दिखती है. विकास सिर्फ कागजों में दिख रहा है लेकिन जमीनी हकीकत उसके विपरीत देखने को मिलते हैं. About the Author Rajneesh Kumar Yadav Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Mahrajganj,Uttar Pradesh Source link

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3 दिन में पिता को खोया, मां ने मजदूरी कर पाला… अब...

X संघर्ष की जीत: मजदूर मां के बेटे ने NEET में 564 अंक लाकर रचा इतिहास   जन्म के महज तीन दिन बाद पिता को खोने वाले बालोतरा जिले के खट्टू गांव निवासी मगाराम ने कठिन परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. आर्थिक तंगी के बावजूद उनकी मां ने मजदूरी कर चार बच्चों का पालन-पोषण किया और बेटे की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी. मां के संघर्ष और अपनी मेहनत के दम पर मगाराम ने नीट-यूजी 2026 में 564 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 27,269 और कैटेगरी रैंक 13,124 प्राप्त की. अब उनका सपना न्यूरोलॉजिस्ट बनकर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों की सेवा करना है. मगाराम की यह प्रेरणादायक सफलता लाखों युवाओं के लिए मिसाल बन गई है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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Pellet Gun Row: ‘बिना डरे काम करें, जिम्मेदारी मैं लूंगा’, पैलेट गन...

होमताजा खबरदेश ‘बिना डरे काम करें’, पैलेट गन बवाल के बीच CRPF हेड का जवानों को मैसेज Last Updated:July 30, 2026, 10:36 IST Pellet Gun Row: जंतर-मंतर पर ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्लास्टिक पैलेट के इस्तेमाल को लेकर जारी विवाद के बीच सीआरपीएफ प्रमुख ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने जवानों को बड़ा मैसेज दिया है. उन्होंने कहा कि यदि जवान अपनी ड्यूटी ईमानदारी और सद्भावना से निभाते हैं तो किसी तरह का डर न रखें, उनकी कार्रवाई की जिम्मेदारी वह स्वयं लेंगे. यह बयान ऐसे समय आया है जब आंदोलन के दौरान बल प्रयोग को लेकर राजनीतिक विवाद तेज है. CRPF का कहना है कि रैपिड एक्शन फोर्स ने मानक संचालन प्रक्रिया के तहत चरणबद्ध तरीके से गैर-घातक हथियारों का उपयोग किया. जंतर-मंतर पैलेट गन विवाद के बीच सीआरपीएफ प्रमुख ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने जवानों से कहा कि बिना डर के ड्यूटी करें, कार्रवाई की जिम्मेदारी वह स्वयं लेंगे. (फाइल फोटो) नई दिल्ली: NEET पेपर लीक को लेकर CJP और छात्रों का दिल्ली के जंतर मंतर में प्रदर्शन हुआ. इस दौरान पुलिस और CRPF के जवानों पर प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आरोप लगा. इसकी बात लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी उठाया. अब इस पर बवाल के बीच CRPF प्रमुख का एक बयान अचानक राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई हिंसा और उसके बाद प्लास्टिक पैलेट के इस्तेमाल को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. इसी बीच CRPF महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने अपने जवानों के सामने ऐसा संदेश दिया, जिसने साफ कर दिया कि सुरक्षा बलों का शीर्ष नेतृत्व अपने कर्मियों के साथ मजबूती से खड़ा है. उन्होंने जवानों से कहा कि ड्यूटी निभाते समय किसी तरह का डर मन में न रखें. यदि उन्होंने ईमानदारी और नियमों के तहत कार्रवाई की है तो उसकी जिम्मेदारी वह स्वयं लेंगे. ऐसे समय में आया यह मैसेज इसलिए भी अहम है क्योंकि पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं और सुरक्षा बलों की भूमिका भी चर्चा में है. सीआरपीएफ प्रमुख का यह बयान केवल जवानों का मनोबल बढ़ाने वाला नहीं, बल्कि यह भी बताता है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान लिए गए फैसलों पर नेतृत्व की जवाबदेही कितनी महत्वपूर्ण होती है. About the Author Sumit KumarSenior Sub Editor सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Sangli News: नींद में प्रवासी मजदूर को बेरहमी से हत्या, उत्तर प्रदेश...

Last Updated:July 30, 2026, 09:38 IST सांगली से सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक प्रवासी मजदूर की सोते वक्त बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. कंस्ट्रक्शन साइट पर साथ काम करने वाले साथी के साथ हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया. आरोपी ने सोते हुए मजदूर के सिर पर लकड़ी के डंडे से ताबड़तोड़ वार कर उसकी जान ले ली. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मुंबई. महाराष्ट्र के सांगली में एक प्रवासी मजदूर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. जिले के विटा शहर के मयक्कनगर में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर दो मजदूरों के बीच झगड़े के बाद यह घटना सामने आई है. बताया जा रहा है कि प्रवासी मजदूर जब सो रहा था, उसी वक्त उसकी हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के राजमन कुमार के तौर पर हुई है, जो तीन अन्य मजदूरों के साथ एक घर बनाने की जगह पर काम कर रहा था. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sangli,Maharashtra Source link

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बारिश में गमले के पौधे हो रहे हैं खराब, तो अपनाएं ये...

Last Updated:July 30, 2026, 08:32 IST बारिश का मौसम पौधों की तेजी से बढ़वार के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन लगातार बारिश से गमलों में जलभराव, जड़ों की सड़न, फंगस और कीड़ों की समस्या बढ़ सकती है. कुछ आसान घरेलू उपाय जैसे सही जल निकासी, हल्की गुड़ाई, हल्दी और नीमखली का उपयोग तथा बेल वाले पौधों को सहारा देकर आप अपने पौधों को पूरे मानसून में स्वस्थ और हरा-भरा रख सकते हैं. बारिश का मौसम पौधों की अच्छी बढ़वार के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है, लेकिन लगातार होने वाली बारिश कई बार पौधों के लिए परेशानी भी बन जाती है. गमलों में पानी भरने से जड़ों में सड़न शुरू हो जाती है और फंगस व कीड़ों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में कुछ आसान और पूरी तरह देसी उपाय अपनाकर आप अपने गमलों के पौधों को स्वस्थ और हरा-भरा बनाए रख सकते हैं. सबसे पहले गमलों को कभी भी सीधे जमीन पर न रखें. गमलों के नीचे ईंट, टूटी हुई टाइल, पत्थर या लकड़ी के छोटे टुकड़े रखें, ताकि जल निकासी का छेद बंद न हो और अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके. इससे गमले में पानी जमा नहीं होगा और जड़ों तक पर्याप्त हवा भी पहुंचती रहेगी. यदि लगातार बारिश हो रही हो, तो गमलों को ऐसी जगह रखें जहां बारिश का सीधा पानी कम पड़े, लेकिन हवा और हल्की धूप मिलती रहे. साथ ही जरूरत से ज्यादा पानी देने से भी बचें. यह छोटा-सा उपाय पौधों को जड़ों की सड़न, फंगस और अन्य बीमारियों से बचाने में काफी प्रभावी साबित होता है. Add News18 as Preferred Source on Google गमले के पौधों को स्वस्थ, हरा-भरा और तेजी से बढ़ाने के लिए मिट्टी की समय-समय पर गुड़ाई करना बेहद जरूरी होता है. खासकर बारिश के मौसम में लगातार पानी गिरने से मिट्टी की ऊपरी परत सख्त हो जाती है. इससे जड़ों तक हवा और ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाती है. जिसका असर पौधों की बढ़वार पर पड़ता है. ऐसे में जैसे ही बारिश रुके और मिट्टी हल्की सूख जाए. गमले की ऊपरी परत की हल्की गुड़ाई जरूर करें. हल्की गुड़ाई करने से मिट्टी भुरभुरी हो जाती है, अतिरिक्त नमी बाहर निकलती है और जड़ों तक पर्याप्त हवा पहुंचती है. इससे जड़ों के सड़ने और फंगस लगने का खतरा कम हो जाता है. साथ ही पौधे पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाते हैं, जिससे नई पत्तियां, शाखाएं और फूल तेजी से विकसित होते हैं. बारिश के मौसम में गमलों की मिट्टी में सफेद फफूंद और छोटे-छोटे कीड़े दिखाई देना आम बात है. ऐसे में रासायनिक दवाओं की बजाय घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं. जब मिट्टी की ऊपरी सतह हल्की सूख जाए, तब उस पर थोड़ी मात्रा में हल्दी पाउडर या नीमखली समान रूप से बिखेर दें. हल्दी में प्राकृतिक रोगरोधी और जीवाणुरोधी गुण पाए जाते हैं, जबकि नीमखली मिट्टी में मौजूद हानिकारक कीड़ों और फफूंद की वृद्धि को रोकने में मदद करती है. इसके साथ ही यह मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर बनाती है और पौधों की जड़ों को सुरक्षित रखती है. बारिश के मौसम में तेज हवाएं और लगातार होने वाली बारिश बेल वाले पौधों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. यदि आपके घर में मनी प्लांट, अपराजिता, लौकी, तुरई, करेला या अन्य बेल वाले पौधे हैं, तो उन्हें समय रहते मजबूत सहारा देना जरूरी है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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Aaj Ka Mausam Live | IMD Rain Alert | Assam Flood |...

होमताजा खबरदेश असम से गुजरात तक बारिश बनी आफत, केदारनाथ हाईवे पर लैंडस्‍लाइड, IMD अलर्ट Last Updated:July 30, 2026, 07:28 IST Aaj Ka Mausam: मानसून देश के कई हिस्‍सों में मजबूत बना हुआ है. इस वजह से दमन से लेकर गुजरात, महाराष्‍ट्र, मध्‍य प्रदेश, छत्‍तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, असम, ओडिशा जैसे राज्‍यों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. असम में अत्‍यधिक बारिश की वजह से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. अभी तक 78 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि 3 लाख से ज्‍यादा लोग प्रभावित हुए हैं. देश के कई हिस्‍सों में लगातार मूसलाधार बारिश की वजह से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. असम में अब तक बाढ़ की चपेट में आने से 78 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 लाख से ज्‍यादा लोग प्रभावित हुए हैं. उधर, अहमदाबाद में भी भारी बारिश से बाढ़ के हालात बने हुए हैं. (फोटो/Reuters) Aaj Ka Mausam: मौसम विज्ञानियों ने मानसून को नकारात्‍मक रूप से प्रभावित करने वाले अल नीनो के प्रभावी होने की भविष्‍यवाणी की है. कुछ मौसम विशेषज्ञ तो इस बार सुपर अल नीनो के एक्टिव होने की बात की है. हालांकि, भारत के विभिन्‍न हिस्‍सों में फिलहाल मानसून की जो स्थिति है, वो कुछ और ही कहानी बयान कर रही है. गुजरात से लेकर असम तक में लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है. असम में तो बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई है. प्रदेश के कम से कम 7 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. असम में बाढ़ की चपेट में आने से अभी तक 78 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 लाख से ज्‍यादा लोग प्रभावित हुए हैं. वहीं, गुजरात में नदी-नाले उफान पर हैं. पश्चिम बंगाल में डीप डिप्रेशन की स्थिति को देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्‍यों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है. बिहार, उत्‍तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड समेत कई प्रदेशों में कुछ जगहों पर तेज से बहुत तेज बारिश का अनुमान है. वहीं, दिल्‍ली-NCR के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. पहले बात करते हैं धरती के स्‍वर्ग जम्मू-कश्मीर की. केंद्र प्रशासित प्रदेश के डोडा और किश्तवाड़ जिले के अधिकांश हिस्सों में लगातार खराब मौसम और भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया था. दरअसल, चिनाब घाटी के डोडा, किश्तवाड़ और रामबन क्षेत्रों में तड़के करीब पांच बजे से मध्यम से भारी बारिश शुरू हुई, जो कई इलाकों में लगातार जारी रही. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई है, जिसके बाद प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है. बारिश के कारण पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है और कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में पत्थर गिरने का खतरा भी बना हुआ है. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है. रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात जारी है. लगातार बारिश के बावजूद यह मार्ग खुला रहा और वाहनों की आवाजाही सामान्य रही. यह राजमार्ग कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र सड़क संपर्क है, इसलिए प्रशासन इसकी स्थिति पर विशेष निगरानी रखे हुए है. असम में हालात गंभीर पूर्वोत्‍तर राज्‍य असम में लगातार बारिश हो रही है. इससे बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है. शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, बिश्वनाथ और कामरूप (मेट्रो) सहित 7 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ के कारण 21 राजस्व सर्किलों के 551 गांव जलमग्न हैं और करीब 3,00,031 लोग प्रभावित हुए हैं. वहीं 21,523.08 हेक्टेयर कृषि भूमि भी बाढ़ की चपेट में आ गई है. मौजूदा बाढ़ के दौरान तीन लोगों की मौत हुई है, जिनमें दो शिवसागर और एक गोलाघाट जिले का निवासी है. कामरूप (मेट्रो) जिला शहरी बाढ़ से प्रभावित है, जहां कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. इस बीच राज्य सरकार ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं. मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में प्रभावित परिवारों को 15,000 रुपये की सहायता सहित राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है और यह अभियान लगातार जारी रहेगा. The Deep Depression over central parts of Chhattisgarh moved westwards with a speed of 15 kmph during past 6 hours, and lay centred at 2330 hrs IST of yesterday, the 29th July 2026, over Western parts of central Chhattisgarh and adjoining east Madhya Pradesh near latitude 21.9°N… pic.twitter.com/k2hYzlQpvO — India Meteorological Department (@Indiametdept) July 29, 2026 Source link

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भगवान शिव का प्रिय धतूरा इन 5 बीमारियों में है फायदेमंद, जानिए...

Last Updated:July 30, 2026, 06:28 IST आयुर्वेद में धतूरा को औषधीय गुणों से भरपूर पौधा माना गया है. आयुष विशेषज्ञ के अनुसार इसका सीमित और विशेषज्ञ की देखरेख में उपयोग बाल झड़ना, जोड़ों के दर्द, दमा और अन्य समस्याओं में लाभकारी हो सकता है. हालांकि, धतूरा एक विषैला पौधा है, इसलिए इसका सेवन या उपयोग बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं करना चाहिए. रायबरेली: आयुर्वेद में हजारों वर्षों से प्राकृतिक पौधों के औषधीय गुणों का उल्लेख किया गया है. इन्हीं में से एक है धतूरा, जिसे आमतौर पर भगवान शिव को अर्पित किया जाने वाला पवित्र फल माना जाता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह पौधा जितना धार्मिक महत्व रखता है, उतना ही आयुर्वेद में औषधीय रूप से भी उपयोगी है. रायबरेली जिले के राजकीय आयुष चिकित्सालय शिवगढ़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्मिता श्रीवास्तव (बी.ए.एम.एस. लखनऊ विश्वविद्यालय) ने लोकल 18 से बात करते हुए धतूरे के औषधीय गुणों और उसके सावधानीपूर्वक उपयोग के बारे में विस्तार से बताया. धतूरा, भगवान शिव का प्रिय, पर औषधीय दृष्टि से भी अनमोल  डॉ. स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि आयुर्वेद में धतूरा को अनेक नामों से जाना जाता है- मदन, उन्मत्त, शिवप्रिय, महामोही, कृष्ण धतूरा, खरदूषण, शिव शेखर, सविष, धतूरा, धोत्रा ततूर और दतुरम. भारत में इसकी कई प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन केवल कुछ ही प्रजातियां औषधीय उपयोग के लिए उपयुक्त हैं, क्योंकि बाकी प्रजातियां अत्यधिक विषैली होती हैं. धतूरे के सूखे पत्ते और बीज को दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है। हालांकि यह जहरीला पौधा है, फिर भी सही मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह पर इसका उपयोग कई बीमारियों में लाभदायक सिद्ध होता है. इन बीमारियों में कारगर है धतूरा डॉ. स्मिता के अनुसार, धतूरा में ऐसे एंटीऑक्सीडेंट तत्व होते हैं जो शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाते हैं. यह विशेष रूप से निम्न बीमारियों में उपयोगी है, बाल झड़ना और डैंड्रफ: धतूरे का तेल सिर में लगाने से बालों की जड़ों को पोषण मिलता है और रूसी की समस्या दूर होती है. बवासीर: दर्द और सूजन में राहत देने वाला यह पौधा बवासीर के लक्षणों को कम करता है. दमा और सांस संबंधी रोग: धतूरे का धुआं या चूर्ण सूंघने से श्वसन मार्ग खुलता है और सांस लेने में आसानी होती है. फेफड़ों में जमा कफ और हृदय रोग: यह पौधा शरीर से अतिरिक्त कफ निकालने में मदद करता है तथा हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है. नपुंसकता: नियंत्रित मात्रा में इसका सेवन यौन शक्ति बढ़ाने में भी उपयोगी होता है. ऐसे करें धतूरे का प्रयोग  धतूरे का प्रयोग करने के तरीके भी सावधानीपूर्वक बताए गए हैं. जोड़ों के दर्द या सूजन में: धतूरे की पत्तियों को पीसकर लेप बना लें और दर्द वाले हिस्से पर लगाएं. गर्म तासीर की वजह से यह प्राकृतिक सिकाई का काम करता है, जिससे मांसपेशियों की जकड़न और दर्द में तुरंत राहत मिलती है. दमा के मरीजों के लिए: धतूरा को अपामार्ग और जवासा नामक जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर चूर्ण तैयार करें. इस चूर्ण की सुगंध रोजाना सूंघने से सांस से जुड़ी तकलीफें कम हो जाती हैं. सावधानी जरूरी: हालांकि, धतूरा औषधीय गुणों से भरपूर है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. इसलिए इसका उपयोग हमेशा आयुर्वेद विशेषज्ञ की देखरेख में ही करना चाहिए. गलत तरीके से सेवन करने पर यह विष का काम कर सकता है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Rae Bareli,Rae Bareli,Uttar Pradesh Source link

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चीन से 40 J-35 खरीद रहा पाकिस्तान, उधर 5th जेन फाइटर जेट...

दक्षिण एशिया में पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों (5th Gen Fighter Jets) की होड़ अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. खबर है कि पाकिस्तान अपने सदाबहार दोस्त चीन से 40 J-35 स्टेल्थ फाइटर जेट खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है. अगर पाकिस्तान चीन के साथ इन 5th जेन फाइटर जेट्स की खरीदारी कर लेता है, तो यह सिर्फ भारत-पाकिस्तान की सैन्य प्रतिस्पर्धा का मामला नहीं रहेगा, बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की रणनीतिक तस्वीर बदल सकता है. इसी वजह से अमेरिका के कई बड़े रक्षा विशेषज्ञ और थिंक टैंक अब भारत को F-35 स्टेल्थ फाइटर देने की संभावना पर पहले से कहीं ज्यादा गंभीरता से चर्चा कर रहे हैं. वैसे तो अमेरिका लंबे समय से भारत को अपना F-35 फाइटर जेट्स बेचने के लिए ऑफर पर ऑफर दिए जा रहा है. हालांकि भारत सरकार अमेरिकी F-35 और रूसी Su-57 के बीच फैसला नहीं कर पा रही है. ऐसे में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि अगर पाकिस्तान के पास चीन के ये पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ विमान आ जाते हैं, तो क्या भारत को तकनीकी बढ़त बनाए रखने के लिए तुरंत कोई कदम उठाना पड़ सकता है. पाकिस्तान बन सकता है J-35 का पहला विदेशी ग्राहक दरअसल ओपन सोर्स रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान चीन से करीब 40 J-35 स्टेल्थ फाइटर खरीदने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. अगर यह सौदा पूरा होता है तो पाकिस्तान, चीन के इस पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान का पहला विदेशी ऑपरेटर बन जाएगा. J-35 ने पहली बार 2024 के झुहाई एयर शो में सार्वजनिक प्रदर्शन किया था. डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह विमान पाकिस्तानी वायुसेना की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ दक्षिण एशिया में चीन की सैन्य मौजूदगी को भी मजबूत करेगा. अमेरिका के थिंक टैंक क्यों हुए सक्रिय? उधर स्टिम्सन सेंटर, कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस और सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) जैसे अमेरिकी संस्थानों का मानना है कि पाकिस्तान के पास J-35 आने का मतलब केवल एक नया लड़ाकू विमान नहीं होगा. यह चीन और पाकिस्तान के रक्षा संबंधों को और गहरा करेगा. अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित F-35 को दुनिया का सबसे उन्नत पांचवीं पीढ़ी का मल्टीरोल स्टील्थ लड़ाकू विमान माना जाता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर पाकिस्तान के बेड़े में बड़ी संख्या में स्टेल्थ फाइटर शामिल हो जाते हैं, तो अमेरिका पर भारत की वायु शक्ति को मजबूत करने का रणनीतिक दबाव बढ़ सकता है. अमेरिका पहले ही चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है. भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है? भारत का स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) अभी विकास के चरण में है और इसके पूरी तरह सेवा में आने में कई वर्ष लग सकते हैं. यही वह अंतर है, जिसे रक्षा विश्लेषक भारत के लिए चिंता का विषय मान रहे हैं. अगर पाकिस्तान जल्द ही J-35 हासिल कर लेता है और भारत का AMCA अभी तैयार नहीं होता, तो कुछ समय के लिए क्षेत्रीय वायु शक्ति का संतुलन प्रभावित हो सकता है. हालांकि भारत के पास राफेल, Su-30MKI और अन्य आधुनिक लड़ाकू विमान हैं, लेकिन पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ प्लेटफॉर्म की श्रेणी अलग मानी जाती है. क्या F-35 बन सकता है अंतरिम समाधान? अमेरिका में कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि F-35 भारत के लिए एक अंतरिम समाधान हो सकता है. इससे भारतीय वायुसेना को AMCA के तैयार होने तक तत्काल स्टेल्थ क्षमता मिल सकती है. लेकिन यह रास्ता आसान नहीं है. सबसे बड़ी बाधा है रूस के हथियार इंडियन डिफेंस फोर्सेज अभी भी बड़ी संख्या में रूसी सैन्य प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करती है. इनमें Su-30MKI लड़ाकू विमान और S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम प्रमुख हैं. अमेरिका लंबे समय से यह चिंता जताता रहा है कि F-35 जैसे अत्याधुनिक स्टेल्थ विमान को रूसी सिस्टम के साथ संचालित करने से उसकी संवेदनशील तकनीक के लीक होने का खतरा बढ़ सकता है. ODIN सिस्टम भी बनेगा चुनौती F-35 केवल एक लड़ाकू विमान नहीं, बल्कि अत्यधिक नेटवर्क-केंद्रित प्लेटफॉर्म है. इसका रखरखाव और मिशन प्रबंधन अमेरिका के सुरक्षित Operational Data Integrated Network (ODIN) पर आधारित है. इस नेटवर्क का हिस्सा बनने के लिए अमेरिकी सुरक्षा मानकों और सॉफ्टवेयर प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होता है. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ की नीति के साथ यह व्यवस्था पूरी तरह मेल नहीं खा सकती. AMCA, Su-57 या F-35, भारत के सामने कठिन फैसला भारत के फिफ्थ जेन फाइटर जेट्स को लेकर विश्लेषकों की राय भी बंटी हुई है. एक पक्ष का कहना है कि अगर भारत अमेरिकी F-35 या रूसी Su-57 फाइटर जेट खरीदता है तो उसे तत्काल स्टेल्थ क्षमता मिल जाएगी और पाकिस्तान-चीन की संभावित बढ़त का जवाब दिया जा सकेगा. हालांकि दूसरे पक्ष का मानना है कि महंगा विदेशी विमान खरीदने से भारत के महत्वाकांक्षी AMCA कार्यक्रम पर असर पड़ सकता है. इससे वित्तीय संसाधन, तकनीकी विशेषज्ञता और घरेलू रक्षा उद्योग का फोकस कमजोर होने की आशंका है. भारत के लिए आगे की राह पाकिस्तान का संभावित J-35 सौदा अभी अंतिम रूप से पूरा नहीं हुआ है और भारत को F-35 देने को लेकर भी अमेरिका की ओर से कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है. फिर भी यह पूरा घटनाक्रम एक संकेत जरूर देता है कि दक्षिण एशिया में पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है. ऐसे में भारत को अपनी दीर्घकालिक आत्मनिर्भर रक्षा नीति और तत्काल सैन्य जरूरतों के बीच संतुलन बनाते हुए समय पर रणनीतिक निर्णय लेने होंगे. आने वाले वर्षों में यही फैसला क्षेत्रीय वायु शक्ति के संतुलन को प्रभावित कर सकता है. Source link

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अब दुश्मनों की खैर नहीं! CISF की पहली महिला QRT तैयार, आतंकियों...

होमताजा खबरदेश CISF की पहली महिला QRT तैयार, हर खतरे से निपटने की मिली हाईटेक ट्रेनिंग Last Updated:July 29, 2026, 23:07 IST सीआईएसएफ के बेंगलुरु की 10वीं रिजर्व बटालियन से महिला क्विक रिएक्शन टीम से पहला बैच पासआउट हुआ है. इन महिला कमांडोज को क्लोज-क्वार्टर बैटल, टैक्टिकल ऑपरेशन, काउंटर-टेररिज्म, रैपिड रिस्पॉन्स और आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. पासिंग आउट परेड के साथ 10वीं रिजर्व बटालियन को महिला क्‍यूआरटी प्रशिक्षण केंद्र भी घोषित किया गया है. सीआईएसएफ को पहली महिला क्‍यूआरटी कमांडो टीम मिल गई है. CISF: देश की सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका अब सिर्फ सहयोग तक सीमित नहीं रही है, बल्कि वे सबसे आगे रहकर मोर्चा संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. बेंगलुरु स्थित सीआईएसएफ की 10वीं रिजर्व बटालियन से ‘महिला क्विक रिएक्शन टीम’ का पहला बैच पास आउट हो गया है. 28 जुलाई 2026 को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ इस पहले बैच ने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इसी मौके पर 10वीं रिजर्व बटालियन को आधिकारिक तौर पर सीआईएसएफ का ‘महिला क्‍यूआरटी प्रशिक्षण केंद्र’ भी घोषित किया गया है. सीआईएसएफ के अनुसार, पहले महिला क्‍यूआरटी बैच की कमांडोज को बेहद कठिन प्रशिक्षण दिया गया है. प्रशिक्षण का मकसद उन्हें सामान्य सुरक्षा ड्यूटी से आगे बढ़ाकर स्‍पेशल सिक्‍योरिटी ऑपरेशंस में शामिल करना है. महिला कमांडोज को टैक्टिकल ऑपरेशन्स और क्लोज-क्वार्टर बैटल के लिए भी प्रशिक्षित किया गया है, ताकि वे हर तरह की परिस्थितियों में किसी भी तरह के ऑपरेशंस को पूरा कर सकें. इन महिला कमांडोज को होस्‍टाइल जैसी परिस्थितियों से भी निपटने के लिए ट्रेंड किया गया है. इसके अलावा उन्हें एंटी टेरर ऑपरेश के लिए भी ट्रेंड किया गया है, जिससे किसी भी हथियारबंद खतरे का माकूल जवाब दिया जा सके. देश की सुरक्षा में महिलाएं अब सिर्फ साथ देने वाली नहीं, बल्कि आगे बढ़कर नेतृत्व भी कर रही हैं. यह सिर्फ एक ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा में महिलाओं की बढ़ती और मजबूत भूमिका की नई शुरुआत है. – बिनीता ठाकुर, एडीजी (एयरपोर्ट सेक्टर), सीआईएसएफ About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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