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Rajasthan Safai Karamchari Bharti 2026

Hindi News Career Rajasthan Safai Karamchari Bharti 2026 | Application Process Starts 10 मिनट पहले कॉपी लिंक राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने राज्य के 183 नगरीय निकायों में संविदा सफाई कर्मचारियों के 24,752 पदों पर सीधी भर्ती का विज्ञापन जारी किया है। चयनित उम्मीदवारों को कॉन्ट्रेक्ट पर नियुक्ति और बाद में नियमित किया जाएगा। इस भर्ती के अंतर्गत एक उम्मीदवार केवल एक ही नगरीय निकाय से आवेदन कर सकता है। अगर किसी ने एक से अधिक निकायों में आवेदन किया तो उसके सभी आवेदन रद्द कर दिए जाएंगे। आवेदक को राजस्थान का मूल निवासी होना जरूरी है। योग्यता : योग्यता की अनिवार्यता नहीं है। राज्य के किसी नगरीय निकाय, संवेदक या अधिकृत संस्था के माध्यम से सफाई कार्य का कम से कम एक वर्ष का अनुभव जरूरी है। अनुभव लगातार या अलग-अलग अवधि का हो सकता है, लेकिन कुल अवधि एक वर्ष होनी चाहिए। अनुभव प्रमाण पत्र संबंधित नगरीय निकाय या अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी होना चाहिए। फीस : सामान्य : 600 रुपए आरक्षित, दिव्यांगजन : 400 रुपए एज लिमिट : 21 – 40 साल आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। सैलरी : 7,410 रुपए प्रतिमाह सिलेक्शन प्रोसेस : लॉटरी प्रोसेस के माध्यम से ऐसे करें आवेदन : ऑनलाइन पोर्टल 1sg.urban.rajasthan.gov.in या एस.एस.ओ. पोर्टल sso. rajasthan.gov.in से Login करें। Citizen apps (G2C) में उपलब्ध Recruitment Portal Online Application Form का चयन करके मांगी गई डिटेल्स भरें। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों का OTR जरूरी होगा। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक ये खबर भी पढ़ें रेलवे समेत कई विभागों में 14 हजार नौकरियां:टीचर के 7299 पद खाली, रेलवे में 4098 वैकेंसी; देखें हफ्ते की टॉप जॉब्स इस हफ्ते निकली हैं रेलवे और बैंक सहित कई विभागों में 14,122 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 6 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 6 ग्राफिक्स के जरिए जानिए। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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Gujarat Cyber Zero FIR Launch & India-Indonesia BrahMos Missile Deal

Hindi News Career Gujarat Cyber Zero FIR Launch & India Indonesia BrahMos Missile Deal 23 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. भारत इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस मिसाइल डील हुई 26 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के बीच बड़े रक्षा सौदे की जानकारी दी। भारत इंडोनेशिया को अपनी स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलें निर्यात करेगा। ये डील लगभग 630 मिलियन अमेरिकी डॉलर की होगी। ब्रह्मोस मिसाइल को भूमि, समुद्र और वायु—तीनों प्लेटफॉर्म से दागा जा सकता है। इस समझौते में स्वदेशी एस्ट्रा मिसाइलों की आपूर्ति भी शामिल है। एस्ट्रा मिसाइल हवा से हवा में मार करने वाली भारत की अत्याधुनिक मिसाइल है। इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बना। इससे पहले फिलीपींस और वियतनाम इस कैटेगरी में शामिल हैं। यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा निर्यात लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में से एक मानी जाती है।यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की वार्ता के दौरान हुआ। मिसलीनियस (Miscellaneous) 2. साइबर वित्तीय धोखाधड़ी ई-जीरो FIR सेवा शुरू 27 जुलाई को गुजरात सरकार ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक नई सेवा शुरू की। इस सेवा का नाम ‘साइबर वित्तीय धोखाधड़ी ई-जीरो FIR’ (Cyber Financial Fraud e-Zero FIR) रखा गया है। इसके माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोग घर बैठे ही अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए पीड़ित को अब पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। शिकायत मिलते ही पुलिस तुरंत कार्रवाई शुरू कर देगी ताकि धोखाधड़ी की गई राशि को फ्रीज किया जा सकेगा। यह कदम बढ़ते साइबर अपराधों और डिजिटल भुगतान में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए उठाया गया है। राज्य पुलिस ने इसके लिए एक विशेष पोर्टल और हेल्पलाइन भी जारी किया है।गुजरात के डिप्‍टी सीएम हर्ष सिंघवी ने सर्विस लॉन्‍च की। 3. जेन टेक्नोलॉजिस ने भारत का पहला उच्च ऊंचाई वाला एंटी-ड्रोन सिस्टम पेश किया 26 जुलाईको जेन टेक्नोलॉजिस ने भारत का पहला स्वदेशी हाई एल्टिट्यूड एंटी-ड्रोन सिस्टम पेश किया। यह मैन-पोर्टेबल है, यानी इसे सैनिक आसानी से उठाकर पहाड़ों पर ले जा सकते हैं। इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी डिटेक्शन, डेटा फ्यूजन और सर्वदिशात्मक (omni-directional) जैमिंग तकनीक शामिल है। इसमें 5 किमी तक ड्रोन का पता लगाने की क्षमता है। इसे विशेष रूप से हिमालय जैसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनाती के लिए बनाया गया है। यह प्रणाली दुश्मन के छोटे ड्रोनों को जाम करने और उन्हें मार गिराने में सक्षम है। इसे जेन टेक्नोलॉजिस ने DRDO के सहयोग से बनाया है। भविष्य में इसे निर्यात करने की योजना भी बनाई जा रही है। यह ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। एंटी-ड्रोन सिस्टम यह एक ऐसी तकनीक है जो अनधिकृत, संदिग्ध या दुश्मन के ड्रोन (UAV) का पता लगाने, उनकी पहचान करने, उन्हें निष्क्रिय करने या नष्ट करने के लिए बनाई जाती है। इसका उद्देश्य दुश्मन के ड्रोन से सुरक्षा, आतंकवादी गतिविधियों और तस्करी पर रोक, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और हवाई सुरक्षा में सुधार है। यह डिटेक्शन, पहचान, ट्रैकिंग और निष्क्रिय करने जैसे चार चरणों में काम करता है। 4. तेलंगाना में भारत के पहले ‘इंटीग्रेटेड ऑयल पाम कॉम्प्लेक्स’ का उद्घाटन 27 जुलाई 2026 को गोदरेज एग्रोवेट ने तेलंगाना में भारत के पहले इंटीग्रेटेड ऑयल पाम कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। यह कॉम्प्लेक्स तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थापित किया गया है। इसका कुल निवेश 300 करोड़ है। इसमें पाम तेल निकालने की इकाई, रिफाइनरी और एक आधुनिक नर्सरी शामिल है। मिल की शुरुआती क्षमता 30 टन प्रति घंटा है जिसे आगे 60 टन प्रति घंटा तक बढ़ाया जा सकेगा। इसका उद्देश्य भारत की खाद्य तेल आयात पर निर्भरता को कम करना है। इस संयंत्र से स्थानीय किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम और तकनीक मिलेगी। पाम ऑयल की खेती पारंपरिक फसलों की तुलना में किसानों के लिए अधिक लाभदायक साबित हो सकती है। यह परियोजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक कदम है। इस परिसर का निर्माण घरेलू पाम तेल उत्पादन को तेजी से बढ़ाने और विदेशी मुद्रा बचाने के उद्देश्य से किया गया है। ऑयल पाम से किसानों को बीज, तकनीकी सलाह, प्रसंस्करण और विपणन जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. नई दिल्ली में 22वीं ‘कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप’ का शुभारंभ 27 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 22वीं कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 का शुभारंभ हुआ। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। यह इस चैंपियनशिप का 22वां संस्करण है। यह प्रतियोगिता 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक त्यागराज स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है। इसमें लगभग 25 कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता में टीम इंडिया पुरुष और महिला दोनों वर्गों में मजबूत दावेदारी पेश करेगा। पुरुष टीम में अनुभवी खिलाड़ी जी. साथियान, हरमीत देसाई, मानव ठक्कर, मनुष शाह और पयास जैन हैं। महिला वर्ग की अगुवाई श्रीजा अकुला टीम करेंगी। उनके साथ यशस्विनी घोरपड़े, स्वास्तिका घोष, सुतीर्था मुखर्जी और सिंड्रेला दास को जगह मिली है। इससे पहले भारत में यह प्रतियोगिता मुंबई, हैदराबाद, नई दिल्ली, जयपुर, सूरत और कटक में आयोजित हो चुकी है। प्रतियोगिता में शामिल प्रमुख स्पर्धाएं पुरुष टीम, महिला टीम, पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल हैं। कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप यह राष्ट्रमंडल देशों के खिलाड़ियों के बीच आयोजित होने वाली प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता है। इसका आयोजन कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस फेडरेशन (CTTF) द्वारा किया जाता है। इसके आयोजक दिल्ली सरकार और टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया हैं।भारत इस चैंपियनशिप की मेजबानी छठी बार कर रहा है। 6. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने जीता स्वर्ण पदक 26 जुलाई को भारतीय भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने ग्लासगो में को स्वर्ण पदक जीता। यह कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में उनका लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है। उन्होंने कुल 190 किलोग्राम भार उठाकर यह ऐतिहासिक जीत हासिल की। चानू ने स्नैच राउंड में 85 किलोग्राम का नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया। यह 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।

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Sarnath UNESCO World Heritage Site

Hindi News Career Sarnath UNESCO World Heritage Site | Anahat Singh Squash Champion 2026 25 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. आज लोकसभा में पेपर लीक संशोधन बिल पेश होगा 27 जुलाई को केंद्र सरकार लोकसभा में पेपर लीक संशोधन बिल पेश करेगी। ये बिल पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रेवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) विधेयक 2026 का संशोधन है। इसे केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह पेश करेंगे। नए संशोधन के मुताबिक, पेपर लीक मामलों की जांच अधिकतम 2 महीने में पूरी करना अनिवार्य होगा। नए संशोधन के मुताबिक फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामलों की सुनवाई होगी, ताकि चार्जशीट दाखिल होने के लगभग 3 महीने के भीतर फैसला हो सके। पेपर लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी में शामिल दोषियों के लिए 10 साल तक की कठोर कैद का प्रावधान होगा। नए संशोधन के मुताबिक, दोषियों पर भारी आर्थिक दंड (जुर्माना) लगाने का भी प्रस्ताव रखा जाएगा। पेपर लीक में शामिल परीक्षा केंद्रों, सर्विस प्रोवाइडर और संस्थानों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान होगा। केंद्र सरकार जरूरत होने पर विशेष टास्क फोर्स का गठन भी कर सकेगी। इस कानून का उद्देश्य परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों का विश्वास बहाल करना है। हाल ही में NEET-UG 2026 से जुड़े कथित पेपर लीक मामलों के बाद परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। इन्हीं घटनाओं के मद्देनजर सरकार कानून को और अधिक प्रभावी तथा कठोर बनाने के लिए यह संशोधन ला रही है। अपॉइंटमेंट (APPOINTMENT) 2. प्रह्लाद जोशी नए शिक्षा मंत्री बने 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाया गया था। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को ये पद सौंपा गया है। 2004 में पहली बार प्रह्लाद कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए। 3 बार सांसद रहे प्रह्लाद 2019 में चौथी बार सांसद बने और केंद्र सरकार में संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री और खान मंत्री नियुक्त हुए। 2024 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री बने। प्रह्लाद ने 1995 में भाजपा, धारवाड़ जिला अध्यक्ष के तौर पर अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। इस्तीफा (RESIGNATION) 3. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी और उनके साथ देशभर के अलग-अलग हिस्सों से आए स्टूडेंट्स पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे दे रहे थे। इसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चिट्ठी लिखकर अपना इस्तीफा दिया था। 2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। प्रधान ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1983 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की साल 2000 में ओडिशा विधानसभा के पल्लाहारा निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार विधायक बने। 2004 में ओडिशा के देवगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव भी रहे। 2015 में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बने और कई राज्यों के संगठन प्रभारी रहे। 26 मई 2014 में केंद्र सरकार में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने। 2019 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री तथा इस्पात मंत्री नियुक्त हुए। जुलाई 2021 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री बने। साथ ही कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय का भी कार्यभार संभाला। 2024 में ओडिशा के संबलपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए थे। 2018 में धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद बने। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. अनाहत सिंह जूनियर चैंपियनशिप 2026 जीतने वाली पहली भारतीय बनीं 26 जुलाई को स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीता। अनाहत ने भारत को इस टूर्नामेंट का पहला गोल्ड दिलाया। इसके साथ ही वे जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। अनाहत ने सिंगल्स फाइनल में मिस्र की सेकेंड टॉपर रुक्या सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराया। अनाहत ने भारत की जोशना चिनप्पा का रिकॉर्ड तोड़ा है, वे 2005 में फाइनल में पहुंची थीं। अनाहत ने इस जीत के साथ ही मिस्र 15 साल रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। 2011 से लगातार मिस्र की खिलाड़ी वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप खिताब जीत रही थीं। अनाहत ने 5 वर्ष की उम्र में स्क्वैश खेलना शुरू किया। 2019 में एशियाई जूनियर लेवल पर कई आयु-वर्ग प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर पहचान बनाई। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 (बर्मिंघम) में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी बनी। 2023 में एशियाई खेल (हांगझोउ) में भारत के लिए 2 कांस्य पदक जीते (महिला टीम और मिश्रित युगल)। विश्व कप 2025 में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम का हिस्सा बनी। अनाहत ने 2025 में पिछले साल जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 2022 ब्रिटिश जूनियर ओपन (U-15) का खिताब जीता। 5. पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने ब्रॉन्ज जीता 26 जुलाई को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में ऋषिकांत सिंह ने मेंस वेटलिफ्टिंग की 60 KG कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। ऋषिकांत के कुल 264 KG वजन उठाकर दूसरा नंबर हासिल किया। ऋषिकांत ने स्नैच में 121 KG और क्लीन एंड जर्क में 143 KG) वजन उठाया। भारत अब 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज के साथ मेडल टेबल में 10वें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया 12 गोल्ड सहित 23 मेडल के साथ पहले नंबर पर है। शुक्रवार को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने भारत के लिए पहला मेडल जीता। बिहार के पैरा पावरलिफ्टर ने पुरुष हेवीवेट वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 190 किलोग्राम की बेस्ट लिफ्ट के साथ 130.9 अंक हासिल किए। बॉक्सिंग में जादुमणि सिंह ने जीत के साथ राउंड ऑफ-16 में जगह बनाई। लॉन बॉल्स में पुतुल सोनोवाल ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की। नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने गोल्ड और इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने सिल्वर जीता। झंडू कुमार बचपन से पोलियो से ग्रसित हैं। उन्होंने कोविड-19 के दौरान सड़क किनारे पिता के साथ आलू-प्याज बेचे और ई-रिक्शा भी चलाया। 2023 में नेशनल चैंपियनशिप की तैयारी

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Weekly Top Jobs 2026 | Railway UPSC Teacher Vacancy List & Recruitment

Hindi News Career Weekly Top Jobs 2026 | Railway UPSC Teacher Vacancy List & Recruitment 29 मिनट पहले कॉपी लिंक इस हफ्ते निकली हैं रेलवे और बैंक सहित कई विभागों में 14,122 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 6 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 6 ग्राफिक्स के जरिए जानिए: रेग्यूलर भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक बैकलॉग भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक . दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… आवेदन फार्म में संशोधन की आज लास्ट डेट: जानिए-किस-किस भर्ती में RPSC ने दिया मौका, विड्रो भी कर सकेंगे फार्म 0:24Play video Play video अजमेर कॉपी लिंक शेयर IIT गोल्ड मेडलिस्ट ने किया सुसाइड: सरकारी नौकरी पाने के लिए 50 बार कोशिश की, नोट में लिखा – पापा मुझे माफ कर देना जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर APAAR ID की अनिवार्यता खत्म: पेरेंट्स को मिलेगा हां या ना का विकल्प, देशभर में ओडिशा हाईकोर्ट का फैसला लागू जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर Source link

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DU Advisory Controversy | Professors Demand Removal Of Post On X

Hindi News Career DU Advisory Controversy | Professors Demand Removal Of Post On X 1 मिनट पहले कॉपी लिंक डीयू अकादमिक परिषद की बैठक में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर जारी एडवाइजरी पर सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की बैठक में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर यूनिवर्सिटी की ओर से जारी एडवाइजरी का मुद्दा उठा। जीरो आवर के दौरान कई प्रोफेसरों ने इस एडवाइजरी का विरोध किया। शिक्षकों ने बताया हद से आगे बढ़ने वाला बयान शिक्षकों ने कहा कि डीयू की ओर से जारी बयान हद से आगे बढ़ने वाला है और इसे तुरंत एक्स से हटाया जाना चाहिए। शिक्षकों के मुताबिक एडवाइजरी में यह मान लिया गया है कि छात्र आसानी से बहकाए जा सकते हैं। शिक्षकों ने कहा कि छात्रों की दुनिया को सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं किया जा सकता। कुछ शिक्षकों ने यह भी सवाल उठाया कि यूनिवर्सिटी को छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को निहित स्वार्थों का नतीजा बताकर किसी एक पक्ष की भूमिका में नहीं आना चाहिए। शिक्षकों के अनुसार, इस तरह की एडवाइजरी से यूनिवर्सिटी की छवि खराब होती है। वहीं, यूनिवर्सिटी ने अपने फैसले का बचाव किया। यूनिवर्सिटी का कहना है कि छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी ने कहा एडवाइजरी में नहीं होगा बदलाव यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी की गई एडवाइजरी में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। Dear students and faculty, your safety matters to us. Please note that any unlawful assemblies or demonstrations at Jantar Mantar, New Delhi, which are strictly regulated as per the directives of the Hon’ble Supreme Court of India, may invite legal action. Such activities can…— University of Delhi (@UnivofDelhi) July 23, 2026 विरोध प्रदर्शन पर डीयू ने जारी की एडवाइजरी राजधानी दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने छात्रों और टीचर्स के लिए एडवाइजरी जारी की थी। विश्वविद्यालय ने जंतर-मंतर पर होने वाले धरना-प्रदर्शनों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा है कि ऐसे आयोजनों में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। डीयू का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि उनके एजुकेशनल रिकॉर्ड और भविष्य के करियर पर भी असर डाल सकती हैं। साथ ही छात्रों को सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और फर्जी खबरों से भी सतर्क रहने की सलाह दी। इस आंदोलन में सक्रिय छात्र संगठनों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न DU कॉलेजों के स्वतंत्र छात्र समूह शामिल हैं। AdvisoryAll stakeholders of JNU’s epistemic community are advised to act responsibly and prioritize their personal safety. In accordance with the Hon’ble Supreme Court of India’s directions on public demonstrations, you are requested to refrain from participating in or visiting…— Jawaharlal Nehru University (JNU) (@JNU_official_50) July 24, 2026 JNU की एडवाइजरी : व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें जेएनयू की ओर से ट्विटर पर कहा गया कि सभी सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम लें और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सार्वजनिक प्रदर्शनों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आपसे अनुरोध है कि आप नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर या उसके आस-पास होने वाली सभाओं में शामिल होने या वहा जाने से बचें। साथ ही सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें और शैक्षणिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखें। राहुल गांधी ने की एडवाइजरी की आलोचना लोकसभा में राहुल गांधी ने उस एडवाइजरी की कड़ी आलोचना की जिसमें छात्रों से जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों से दूर रहने को कहा गया। कांग्रेस नेता ने यूनिवर्सिटी पर आरोप लगाया कि वह छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमका रही है। How dare you threaten students for exercising their democratic rights?Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes. https://t.co/Mx6D19SP5h— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 24, 2026 DU की एडवाइजरी पर प्रतिक्रिया देते हुए गांधी ने ट्विटर पर लिखा, छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमकाने की हिम्मत कैसे हुई? ध्यान रहे, जब समय आएगा तो आप ही जवाबदेह होंगे। This is utterly appalling. Even in the days of the JP Movement leading up to the Emergency, there was no bar by the @UnivofDelhi on students joining any of his protests, and a couple of members of my Union Cabinet at St Stephen’s, including the late Chandan Mitra, openly did so.… https://t.co/tIz94j0KPx— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) July 24, 2026 शशि थरूर ने जताई नाराजगी कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एडवाइजरी जारी करने पर डीयू की आलोचना की है। डीयू की तरफ से जारी इस एडवाइजरी पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि यह बहुत ही चौंकाने वाली बात है। इमरजेंसी से पहले जेपी आंदोलन के दिनों में भी दिल्ली यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स को किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से नहीं रोका था। उस दौरान सेंट स्टीफंस में उनकी यूनियन कैबिनेट के कुछ सदस्यों ने, जिनमें स्वर्गीय चंदन मित्रा भी शामिल थे, खुलेआम प्रदर्शन में शामिल हुए थे। थरूर ने कहा है कि अगर भारत की प्रमुख सरकारी यूनिवर्सिटी से एक को अपने स्टूडेंट्स और फैकल्टी को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर गंभीर नतीजों की धमकी देने की इजाजत दी जाती है, तो इसका लोकतांत्रिक बातचीत और अभिव्यक्ति की आजादी पर बुरा असर पड़ता है। थरूर ने कहा है कि DU के अधिकांश छात्र इतने साधन-संपन्न नहीं होते कि वे ऐसी सख्त चेतावनी को इग्नोर कर सकें। उन्हें डर रहता है कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से उनके एकेडमिक या प्रोफेशनल भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है। थरूर ने कहा है कि यूनिवर्सिटी का मकसद मुद्दों पर आलोचनात्मक सोच और स्वतंत्र मूल्यांकन सिखाना होता है, न कि इन गुणों को दबाना। ये खबर भी पढ़ें JPSC की 9 परीक्षाएं रद्द:ब्लैक लिस्टेड एजेंसी से परीक्षा कराने का आरोप, CID जांच के बाद आयोग के अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में चल रहे विवाद के बीच आयोग

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DRDO Long Range Missile Test

Hindi News Career DRDO Long Range Missile Test | Viswanathan Anand FIDE President Update 30 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी 24 जुलाई को पेपर लीक संशोधन बिल को पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी। पेपर लीक संशोधन बिल को 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है। पीएम मोदी ने एक दिन पहले ही कहा था कि पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की भी बात कही थी। पीएम मोदी ने गुरुवार आधी रात छात्रों के लिए वीडियो मैसेज भी जारी किया था। इस बिल को मंजूरी 3 मई को हुए NEET UG पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के चलते दी गई है। नए बिल में पेपर लीक के मामलों में 10 साल की सजा और 10 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान होगा। क्या है कानून में नियम देश में पहले ही से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू है। इस कानून 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू है। देश में पेपर लीक से जुड़ा जो अधिनियम लागू है, उसमें पेपर लीक करने पर 3 से 5 साल जेल और 10 लाख तक जुर्माने की सजा है। एजेंसी दोषी होने पर 1 करोड़ जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत वसूली और अगले 4 साल परीक्षा कराने पर बैन रहेगा। इस कानून के तहत अपराध गैर जमानती है और समझौता नहीं हो सकता। जांच DSP रैंक या उससे सीनियर अफसर करेंगे। अपॉइंटमेंट (APPOINTMENT) 2. विश्वनाथन आनंद FIDE के अंतरिम प्रेसिडेंट बने 24 जुलाई को पांच बार के वर्ल्ड चेस चैंपियन विश्वनाथन आनंद अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ, FIDE का अंतरिम प्रेसिडेंट अपॉइंट हुए। विश्वनाथन आनंद की अपॉइंटमेंट FIDE के मौजूदा प्रेसिडेंट आर्कादी ड्वोर्कोविच पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंध लगाने के बाद हुई है। FIDE के नियम के अनुसार जब प्रेसिडेंट के पास कोई अधिकार न हो तब डिप्टी प्रेसिडेंट को अंतरिम प्रेसिडेंट का कार्यभार दिया जाता है। ड्वोरकोविच 2012 से 2018 तक रूस के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर रहे और 2018 से FIDE के प्रेसिडेंट हैं। ड्वोरकोविच ने EU और स्विस कानूनों और नियमों के तहत प्रतिबंध के दायरे में होने की वजह से उन्होंने अपने फैसलों पर रोक लगाई है। ड्वोरकोविच का नाम EU के 21वें प्रतिबंध पैकेज में शामिल किया गया है। FIDE चार्टर के अनुच्छेद 19.2 के तहत, आनंद अब अंतरिम अध्यक्ष का पद संभालेंगे। विश्वनाथ आनंद 1988 में भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने। विश्वनाथ आनंद 2000, 2007, 2008, 2010, 2012 में 5 बार के वर्ल्ड चेस चैंपियन बने। विश्वनाथ आनंद साल 2022 से FIDE के डिप्टी प्रेसिडेंट हैं। इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (FIDE) FIDE की स्थापना 1924 में हुई थी। FIDE का हेडक्वाटर्र लॉजेन, स्विट्जरलैंड में है। FIDE इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन करवाती है, चेस से जुड़े नियम बनाती है और रैंकिंग तय करती है। विश्वनाथ आनंद साल 2022 से FIDE के डिप्टी प्रेसिडेंट हैं। 3. अशिष कुमार इंफोसिस के अगले CEO होंगे 24 जुलाई को इंफोसिस ने आशीष कुमार दाश को अपना अगला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर CEO घोषित किया। आशीष 1 अप्रैल 2027 से कंपनी के CEO और MD का पद संभालेंगे। आशीष वर्तमान CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। उनका कार्यकाल 31 मार्च 2027 को खत्म होगा। आशीष वर्तमान में इंफोसिस के ग्लोबल हेड, सर्विस यूटिलिटी हेड हैं और उनके पास इंफोसिस में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। इंफोसिस (INFOSYS) इंफोसिस की स्थापना 2 जुलाई 1981 में एनआर नारायण मूर्ती ने अपने छह संस्थापकों के साथ मिलकर की। इंफोसिस का मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में है। इंफोसिस इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), कंसल्टिंग(Consulting), डिजिटल सर्विस और बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट का काम करता है। इंफोसिस सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सर्विस, साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे काम करती है। अशिष ने IIT खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। 4. नरेश पाल नए शिक्षा सचिव बने 23 जुलाई को केंद्र सरकार ने नरेश पाल गंगवार को नया शिक्षा सचिव अपॉइंट किया। नरेश 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS हैं, वे पशुपालन एवं डेयरी डिपार्टमेंट में सचिव थे। नरेश की ये नियुक्ति पेपर लीक विवाद और छात्र प्रदर्शनों के बाद की गई है। वे विनीत जोशी की जगह लेंगे। नरेश 2001 से 2008 तक राजस्थान के अलग-अलग जिलों में कलेक्टर रहे। 2014 में नरेश राजस्थान सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव बने और शिक्षा प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिसंबर 2020 में नरेश भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी बनाए गए। सितंबर 2025 में पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में सचिव नियुक्त हुए। नरेश पहली बार 2001 में टोंक (राजस्थान) के जिला कलेक्टर नियुक्त हुए थे। 5. DRDO ने LR-SAM ‘कुश मिसाइल की सफल टेस्टिंग की 23 जुलाई को DRDO ने ओडिशा के APJ अब्दुल कलाम द्वीप से लॉन्ग रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (LR-SAM) ‘कुश’ की पहली सफल टेस्टिंग की। कुश सतह से हवा में मार करने वाला एक स्वदेशी मिसाइल सिस्टम है। जो लंबी दूरी तक वार कर सकता है। कुश का पहला टेस्ट एक इलेक्ट्रॉनिक टारगेट के खिलाफ किया गया था, जो तेज रफ्तार और ज्यादा ऊंचाई वाले हवाई खतरे जैसा था। कुश मिसाइल सिस्टम कई तरह के हवाई खतरों को बेअसर करने में सक्षम है, जिनमें फाइटर जेट, मिसाइलें, बिना पायलट वाले हवाई वाहन (UAV) और दुश्मन के बड़े विमान शामिल हैं। कुश के मिसाइल, रडार, कमांड और कंट्रोल सेंटर समेत हथियार सिस्टम के सभी हिस्से DRDO की अलग-अलग लैब और इंडस्ट्री पार्टनर्स ने विकसित किए हैं। प्रोजेक्ट कुश को रूस के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बराबर माना जा रहा है और S-400 का उद्देश्य लंबी दूरी से आने वाले हवाई खतरों को रोकना है। कुश को सबसे लंबी दूरी वाली इंटरसेप्टर मिसाइल 350 से 400 किलोमीटर तक लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम होगी। कुश मिसाइल सिस्टम कई हवाई खतरों पर एक साथ नजर रखकर वार कर सकता है। मिसलीनियस (Miscellaneous) 6. भारत का पहला ‘क्वांटम फाइनेंस हब’ आंध्र प्रदेश

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Delhi University Advisory | Students Teachers Avoid Jantar Mantar Protest

Hindi News Career Delhi University Advisory | Students Teachers Avoid Jantar Mantar Protest 32 मिनट पहले कॉपी लिंक राजधानी दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने छात्रों और टीचर्स के लिए एडवाइजरी जारी की है। विश्वविद्यालय ने जंतर-मंतर पर होने वाले धरना-प्रदर्शनों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा है कि ऐसे आयोजनों में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। Dear students and faculty, your safety matters to us. Please note that any unlawful assemblies or demonstrations at Jantar Mantar, New Delhi, which are strictly regulated as per the directives of the Hon’ble Supreme Court of India, may invite legal action. Such activities can…— University of Delhi (@UnivofDelhi) July 23, 2026 डीयू का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि उनके एजुकेशनल रिकॉर्ड और भविष्य के करियर पर भी असर डाल सकती हैं। साथ ही छात्रों को सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और फर्जी खबरों से भी सतर्क रहने की सलाह दी। इस आंदोलन में सक्रिय छात्र संगठनों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न DU कॉलेजों के स्वतंत्र छात्र समूह शामिल हैं। AdvisoryAll stakeholders of JNU’s epistemic community are advised to act responsibly and prioritize their personal safety. In accordance with the Hon’ble Supreme Court of India’s directions on public demonstrations, you are requested to refrain from participating in or visiting…— Jawaharlal Nehru University (JNU) (@JNU_official_50) July 24, 2026 JNU की एडवाइजरी : व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें जेएनयू की ओर से ट्विटर पर कहा गया कि सभी सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम लें और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सार्वजनिक प्रदर्शनों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आपसे अनुरोध है कि आप नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर या उसके आस-पास होने वाली सभाओं में शामिल होने या वहा जाने से बचें। साथ ही सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें और शैक्षणिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखें। IIT मद्रास की एडवाइजरी The ROOT OF TRUST of any exam is the teachers who set the question paper. We trust them for their integrity and honesty. As per reports in media regarding NEET paper leak, it is pointing to the question paper setters who are involved in the scam. Again it is disturbing to note… https://t.co/7ZaBLt2aBr— IIT Madras (@iitmadras) July 23, 2026 आईआईटी मद्रास ने कहा किसी भी परीक्षा में भरोसे की असली नींव वे शिक्षक होते हैं जो प्रश्न-पत्र तैयार करते हैं। हम उनकी ईमानदारी और सच्चाई पर भरोसा करते हैं। NEET पेपर लीक के बारे में मीडिया की खबरों से पता चलता है कि इस घोटाले में प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले लोग ही शामिल हैं। मीडिया से यह जानकर भी हैरानी होती है कि जब CBSE ने री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू किया तो साइबर अपराधियों ने कम समय में 3.8 मिलियन पैकेट भेजकर उसे ठप करने की कोशिश की थी। राहुल गांधी ने की एडवाइजरी की आलोचना लोकसभा में राहुल गांधी ने आज यानी 24 जुलाई को दिल्ली यूनिवर्सिटी DU की उस एडवाइजरी की कड़ी आलोचना की जिसमें छात्रों से जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों से दूर रहने को कहा गया। कांग्रेस नेता ने यूनिवर्सिटी पर आरोप लगाया कि वह छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमका रही है। How dare you threaten students for exercising their democratic rights?Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes. https://t.co/Mx6D19SP5h— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 24, 2026 DU की एडवाइजरी पर प्रतिक्रिया देते हुए गांधी ने ट्विटर पर लिखा, छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमकाने की हिम्मत कैसे हुई? ध्यान रहे, जब समय आएगा तो आप ही जवाबदेह होंगे। ये खबर भी पढ़ें NEET छात्रा का दावा झूठा, बनाई फर्जी मार्कशीट:विरोध करने जंतर-मंतर तक पहुंची, NTA ने फोरेंसिक जांच से पकड़े डिजिटली बदलाव 21 जून को Re Neet एग्जाम देने वाली कानपुर की आर्या सिंह ने एनटीए पर गंभीर आरोप लगाए। अपनी ओएमआर शीट लेकर वे पिता के साथ NTA के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर भी पहुंच गईं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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India Panama Maritime Security Cooperation

Hindi News Career India Panama Maritime Security Cooperation | IASV Triveni Return Update 1 घंटे पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. अनुराग जैन नीति आयोग के नए CEO होंगे 23 जुलाई को अनुराग जैन नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त हुए। अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट (ACC) ने अनुराग के नाम को मंजूरी दी। अनुराग पदभार ग्रहण करने की तारीख से अगले दो सालों तक इस पद पर बने रहेंगे। अनुराग अंतरिम CEO IAS निधि छिब्बर की जगह लेंगे। निधि 24 फरवरी को इस पद पर अपॉइंट की गई थीं। अनुराग 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IAS ऑफिसर हैं। अनुराग अक्टूबर 2024 से अब तक मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर थे, उनका कार्यकाल 31 अगस्त को खत्म हो रहा है। अनुराग के पास स्वास्थ्य, वन, पर्यावरण, कृषि, प्रशासन से जुड़े कई विभागों समेत कई विभागों का लंबा अनुभव है। इसके साथ ही इस आदेश के बाद मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने सीनियर IAS अधिकारी अशोक बर्णवाल को अनुराग की जगह अस्थायी सचिव अपॉइंट किया है। अशोक अगस्त 2016 में शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें अपना प्रमुख सचिव बनाया तो 2018 में जब कमल नाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी तब भी वे प्रमुख सचिव थे। नीति आयोग (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) भारत सरकार का एक प्रमुख नीति थिंक टैंक है जिसने 2015 में योजना आयोग की जगह ली है। नीति आयोग का चेयरपर्सन पीएम होता है। इसके वाइस चेयरमेन पीएम अपॉइंट करते हैं और CEO केंद्र सरकार नियुक्त करती है। 2. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ को फ्लैग-इन किया 22 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान को वर्चुअल फ्लैग-इन किया। ये पहला त्रि-सेवा यानी, थल सेना , वायु सेना और नौसेना का महिला क्रू नौकायन अभियान है। इस अभियान में भारतीय सेना की नौकायन पोत इंडियन आर्मी सेलिंग वेसल (IASV) त्रिवेणी से 9 महिला अधिकारियों ने 314 दिन यात्रा की। इस यात्रा के दौरान लगभग 25,500 समुद्री मील की दूरी तय की गई। फ्लैग-इन के मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ, नेवी चीफ एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह भी मौजूद रहे। IASV त्रिवेणी 11 सितंबर 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से रवाना किया गया था। इस यात्रा के दौरान IASV त्रिवेणी ने तीन बड़े केप्स – केप लीविन (ऑस्ट्रेलिया), केप हॉर्न (दक्षिण अमेरिका) और केप ऑफ गुड होप (अफ्रीका) का चक्कर लगाया है। IASV त्रिवेणी ने दक्षिणी महासागर बेल्ट सहित सभी देशांतरों (longitudes) और प्रमुख अक्षांशों (latitudes) से गुजरकर अपनी समुद्री परिक्रमा पूरी की है। IASV त्रिवेणी क्रू ने पनामा या स्वेज नहर जैसी किसी भी नहर का इस्तेमाल किए बिना खुले समुद्र का रास्ता अपनाया और यात्रा उसी जगह खत्म की जहां से शुरू हुई थी। IASV त्रिवेणी अभियान क्रू में मेजर करमजीत कौर, मेजर ओमिता दलवी, कैप्टन प्राजक्ता निकम, लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं, विंग कमांडर विभा सिंह, स्क्वाड्रन लीडर अरुवी जयदेव और स्क्वाड्रन लीडर वैशाली भंडारी भी शामिल थीं। इस यात्रा के दौरान IASV त्रिवेणी क्रू ने चार महासागरों का सफलतापूर्वक चक्कर लगाया। 3. भारत और पनामा ने समुद्री सुरक्षा सहयोग पर सहमति जताई 22 जुलाई को भारत और पनामा ने समुद्री सुरक्षा के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। पनामा में पनामा नहर ग्लोबल समुद्री व्यापार का प्रमुख केंद्र है और लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र का प्रवेश द्वार माना जाता है। इस सहमति के बाद भारत के महानिदेशालय नौवहन और पनामा मैरीटाइम अथॉरिटी मिलकर काम करेंगे। इस सहमति के बाद दोनों देश मिलकर पोर्ट डेवलपमेंट, लॉजिस्टिक्स, शिपिंग और समुद्री परिवहन में साझेदारी मजबूत करने पर काम करेंगे। यह साझेदारी मुख्य रूप से लॉजिस्टिक्स, डिजिटल इनोवेशन और ग्लोबल कनेक्टिविटी पर केंद्रित है। इसके तहत मैरीटाइम एजुकेशन एंड स्किल और नाविकों के ट्रेनिंग में सहयोग बढ़ाया जाएगा। पनामा नहर वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, और इस साझेदारी से भारतीय निर्यातकों को लाभ होगा। डिजिटल मैरीटाइम ट्रांसफॉर्मेशन के तहत AI, स्मार्ट पोर्ट लॉजिस्टिक्स और मेरीटाइम सिंगल विंडो जैसी टेक्नोलॉजी पर मिलकर काम किया जाएगा। इस सहमति के साथ ही ग्रीन शिप रीसाइक्लिंग, आधुनिक वेयरहाउसिंग और समुद्री स्ट्रक्चर के विकास पर भी सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, ये पहल भारत की सागरमाला, मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 और वैश्विक समुद्री संपर्क को सुदृढ़ करने की रणनीति को भी समर्थन देती है। 4. DRDO एयरबस A321 विमानों के लिए अनुबंध किया 23 जुलाई को DRDO और अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने मिलकर नेक्स्ट-जेनरेशन के एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C-MKII) प्रोग्राम के लिए बड़ा MoU किया। इस MoU का उद्देश्य भारतीय वायुसेना के एयर सर्विलांस, अर्ली वॉरनिंग और कमांड कंट्रोल क्षमताओं मजबूत बनाना है। इस कार्यक्रम में DRDO टेक्निकल डिजाइन, रिसर्च और डेवलपमेंट को लीड करेगा। जबकि अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस AEW&C-MKII का प्रोडक्शन और इंटीग्रेशन का काम करेगा। AEW&C Mk-II प्लेटफॉर्म आधुनिक AESA रडार, लंबी दूरी की निगरानी क्षमता तथा नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध प्रणाली से लैस होगा। DRDO ने ये डील AI इंजीनियरिंब सर्विस लिमिटेड (AIESL) के साथ भी की है। जिसके तहत 6 एयरबस A321 विमानों को सैन्य उपयोग के लिए ‘ग्रीन कॉन्फिगरेशन’ में बदला जाएगा। इन विमानों को नेत्रा (Netra) Mk II एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम में बदला जाएगा। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस, रिपेयर, ओवरहॉल (MRO) और करीब 30 साल तक तकनीकी सहायता की भी जिम्मेदारी इसी कार्यक्रम का हिस्सा होगी। इसका उद्देश्य दुश्मन के लंबी दूसरी के विमानों, मिसाइलों और ड्रोन का पता लगाना है और हवाई हमलों के दौरान कमांड और कंट्रोल में मदद करना है। अब तक अमेरिका, फ्रांस, इजरायल, चीन और स्वीडन जैसे सिर्फ पांच देशों ने स्वदेशी AEW&C क्षमता विकसित की है। AEW&C-MKII कार्यक्रम के बाद भारत भी इसमें शामिल हो जाएगा। ये विमान दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को लंबी दूरी से पहचान सकेंगे और विमानों में स्वदेशी रडार और सेंसर लगाए जाएंगे। मिसलीनियस (Miscellaneous) 4.भारत ने केन्या को इबोला से निपटने के लिए सहायता भेजी 23 जुलाई को भारत ने केन्या को इबोला से निपटने के लिए 4.5

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JPSC Controversy | Jharkhand Exam Scandal Chairman L Khiangte Resigns

Hindi News Career JPSC Controversy | Jharkhand Exam Scandal Chairman L Khiangte Resigns 1 मिनट पहले कॉपी लिंक झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में चल रहे विवाद के बीच आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते का इस्तीफा राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है। वहीं, आयोग ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मेंस परीक्षा सहित कुल 9 खास भर्ती परीक्षाओं को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के रिजल्ट पर सवाल 2 जुलाई 2026 को जारी 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के रिजल्ट के बाद कई उम्मीदवारों ने अनियमितता के आरोप लगाए। उम्मीदवारों का कहना है कि कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए गए, OMR शीट और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही। इसके अलावा उम्मीदवारों को मार्क्स भी नहीं बताए गए। ज्यादा मार्क्स होने का दावा करने वाले कुछ उम्मीदवारों का सिलेक्शन नहीं हुआ, जबकि कम मार्क्स वाले उम्मीदवारों का सिलेक्शन हो गया। परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी पर आरोप JPSC पर यह आरोप भी है कि आयोग ने ऐसी एजेंसी से कई परीक्षाएं कराईं जिसे उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। आयोग के एक सदस्य ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चिंता जताई। CID जांच शुरू विवाद बढ़ने के बाद झारखंड सरकार ने पूरे मामले की जांच CID को सौंप दी। CID ने JPSC कार्यालय सहित कई स्थानों पर छापेमारी की। CID ने जांच के दौरान डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन सहित परीक्षा से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि परीक्षा संचालन और डेटा प्रोसेसिंग में गंभीर गड़बड़ी हुई। फिलहाल इन बिंदुओं पर जांच कर रही CID डिजिटल टैंपरिंग और ओएमआर में फेरबदल : क्या परीक्षा के बाद सर्वर या ओएमआर शीट में बैकडेट में बदलाव किए गए ? मनी लॉन्ड्रिंग का कोणः उम्मीदवारों से वसूली गई मोटी रकम किन-किन खातों में भेजी अधिकारियों की भूमिका : ब्लैकलिस्टेड कंपनी को JPSC ने किस आधार पर परीक्षा संचालन की अनुमति दी। JPSC ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मेंस परीक्षा-2025 समेत कुल 9 भर्ती परीक्षाओं को फिलहाल टाल दिया है। आयोग ने कहा है कि परीक्षाओं की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। उम्मीदवारों से केवल आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। ये खबर भी पढ़ें APAAR ID की अनिवार्यता खत्म:पेरेंट्स को मिलेगा हां या ना का विकल्प, देशभर में ओडिशा हाईकोर्ट का फैसला लागू सुप्रीम कोर्ट ने APAAR ID को लेकर सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कोई भी स्कूल खुद बच्चों की अपार आईडी नहीं बना सकता। इसके लिए माता-पिता की मर्जी जरूरी है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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Patna IPS Sanket Kumar Viral Video

Hindi News Career Patna IPS Sanket Kumar Viral Video | NEET Protest Controversy Statement 36 मिनट पहले कॉपी लिंक पटना में 22 जुलाई 2026 को NEET से जुड़े मुद्दे पर छात्रों का प्रदर्शन हो रहा था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। इसी दौरान पटना वेस्ट के एसपी IPS संकेत कुमार का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे पुलिसकर्मियों से कहते दिखाई दिए कि पीछे हटे तो नौकरी के लायक नहीं छोड़ूंगा। इससे पहले इसरो में साइंटिस्ट थे संकेत इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके चलते उनकी कार्यशैली और बयान पर चर्चा शुरू हो गई। संकेत कुमार IPS बनने से पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में वैज्ञानिक थे। पीछे हटे तो कल नौकरी के लायक नहीं बचोगे!पटना में प्रदर्शनकारियों के सामने जब पुलिस पीछे हटने लगी, तब 2022 बैच के IPS संकेत कुमार के इस एक डायलॉग ने पूरा गेम पलट दिया।#Patna #IPSSaketKumar #NEET pic.twitter.com/1ti6xfGZh6— SANTOSH PANDEY (@Santosh53172026) July 23, 2026 डाकबंगला चौरोह पर उम्र हुआ मामला दिनभर चले इस प्रदर्शन के दौरान पटना की सड़कें संग्राम का मैदान बनी रहीं। छात्रों का यह जुलूस गांधी मैदान से शुरू होकर लोक भवन की ओर बढ़ रहा था। प्रदर्शनकारी छात्र जब पटना के प्रमुख डाकबंगला चौराहे पर पहुंचे, तो मामला बेहद उग्र हो गया। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन आक्रोशित छात्र पुलिस के घेरे को तोड़ते हुए आगे बढ़ गए। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई। देखते ही देखते प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और भीड़ की ओर से पथराव शुरू हो गया। वेस्ट एसपी संकेत खुद मोर्चे पर पहुंचे डाकबंगला चौराहे पर स्थिति बिगड़ती देख पटना के वेस्ट एसपी (IPS) संकेत कुमार खुद मोर्चे पर उतरे। जब कुछ पुलिसकर्मी उग्र भीड़ और पथराव के बीच पीछे हटने लगे, तो एसपी संकेत कुमार ने कड़े और चेतावनी भरे लहजे में अपने साथियों को पीछे न हटने की चेतावनी दी। इसके बाद पुलिस बल हरकत में आया और पुलिसकर्मियों ने उग्र छात्रों को खदेड़ने के लिए दोबारा आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। आईपीएस अनु बेनिवाल का वायरल वीडियो इससे पहले मध्य प्रदेश कैडर की IPS अनु बेनीवाल का एक वीडियो वायरल हुआ था। ग्वालियर में उन्होंने एक ब्लैक फिल्म चढ़ी कार को रोका। जब कार चालक ने अपने रिश्तेदारों का हवाला दिया तो बेनीवाल ने कहा कि तुम्हारे फूफा चाहे प्रेसिडेंट हों तो भी चालान तो होगा। उन्होंने 172 वाहनों पर चालानी कार्रवाई करके 86 हजार से अधिक की राशि वसूल की थी। अनु को लेडी सिंघम के नाम पहचान मिली अनु बेनीवाल 2022 बैच की पुलिस अधिकारी हैं। सख्त कार्यशैली की वजह से लोग उन्हें ‘लेडी सिंघम’ भी कहते हैं। दिल्ली के पीतमपुरा में जन्मी अनु बेनीवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज से फिजिक्स ऑनर्स में बीएससी और एमएससी किया। इसके साथ ही उन्होंने नैनो साइंस पर रिसर्च भी किया है। अनु बेनीवाल का विवाह आयुष जाखड़ से हुआ है जो 2022 बैच के IPS अधिकारी हैं। विवाह के बाद केंद्र सरकार ने उनका बिहार कैडर से मध्य प्रदेश कैडर में इंटर कैडर ट्रांसफर स्वीकार किया। ये खबर भी पढ़ें APAAR ID की अनिवार्यता खत्म:पेरेंट्स को मिलेगा हां या ना का विकल्प, देशभर में ओडिशा हाईकोर्ट का फैसला लागू सुप्रीम कोर्ट ने APAAR ID को लेकर सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कोई भी स्कूल खुद बच्चों की अपार आईडी नहीं बना सकता। इसके लिए माता-पिता की मर्जी जरूरी है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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