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Earthquake in India: अब जम्‍मू-कश्‍मीर में डोली धरती, दिल्‍ली तक लगे भूकंप...

होमताजा खबरदेश Earthquake in India: अब जम्‍मू-कश्‍मीर में डोली धरती, दिल्‍ली तक लगे भूकंप के झटके, अफगानिस्‍तान में था केंद्र Last Updated:October 26, 2026, 05:05 IST Earthquake in India: भारत में एक बार फिर से धरती डोली है. अफगानिस्‍तान में 5 से ज्‍यादा की तीव्रता वाला भूकंप आया था, जिसके झटके जम्‍मू-कश्‍मीर से लेकर दिल्‍ली तक महसूस किए गए. पाकिस्‍तान और ताजिकिस्‍तान में भी धरती डोली है. First Published : October 26, 2026, 05:05 IST Source link

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‘कन्नड़ भाषियों को नौकरी में नजरअंदाज किया तो खैर नहीं…’ सीएम डीके...

होमताजा खबरदेश ‘कन्नड़ भाषियों को नौकरी नहीं दी तो खैर नहीं…’ डीके शिवकुमार की चेतावनी Last Updated:October 25, 2026, 22:13 IST कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि अगर प्राइवेट कंपनियों में कन्नड़ भाषी लोगों की जानबूझकर अनदेखी किए जाने की पुष्टि होती है, तो राज्य सरकार उचित कार्रवाई करेगी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि बेंगलुरु की आईटी कंपनियों में स्थानीय लोगों को नौकरी के अवसर नहीं मिलने की चिंताओं को गंभीरता से लिया गया है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आईटी कंपनियों को सख्त चेतावनी दी. (फाइल फोटो) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को कहा कि अगर निजी कंपनियों में नौकरियों के अवसर देने के मामले में कन्नड़ भाषी लोगों की जानबूझकर अनदेखी किए जाने का पता चलता है, तो राज्य सरकार उचित कार्रवाई करेगी. शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार ने कन्नड़ लोगों की अनदेखी किए जाने को लेकर जताई गई चिंताओं को गंभीरता से लिया है और भरोसा दिलाया कि उनके अधिकारों, सम्मान तथा अवसरों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘यह सुनकर निराशा होती है कि बेंगलुरु की आईटी कंपनियों में कन्नड़ भाषी लोगों को नौकरी के अवसर नहीं दिए जा रहे हैं. सरकार ने मूल कन्नड़ भाषी लोगों को दरकिनार किए जाने के मुद्दे को गंभीरता से लिया है.’ शिवकुमार ने कहा, ‘कर्नाटक में कन्नड़भाषी ही सर्वोपरि हैं. सरकार किसी भी कारण से कन्नड़ बोलने वाले लोगों के अधिकारों, सम्मान और अवसरों की अनदेखी नहीं होने देगी.’ यह जिक्र करते हुए कि बेंगलुरु को वैश्विक स्तर पर भारत की प्रौद्योगिकी राजधानी के रूप में मान्यता प्राप्त है, उन्होंने कहा कि राज्य को कन्नड़ भाषी लोगों की प्रतिभा, कौशल और क्षमताओं पर बहुत गर्व है. उन्होंने कहा, ‘अगर यह पाया जाता है कि किसी निजी संस्थान ने जानबूझकर कन्नड़ भाषी लोगों की की अनदेखी की है, तो सरकार उचित कार्रवाई करेगी.’ शिवकुमार ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार कन्नड़भाषी लोगों के हितों से जुड़ी चिंताओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है. About the Author साद बिन उमर साद बिन उमर मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं, जहां वे होम पेज डेस्क पर काम करते हैं. कहां से … और पढ़ें Location : Bengaluru,Bengaluru,Karnataka First Published : October 25, 2026, 22:13 IST शिवकुमार ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार कन्नड़भाषी लोगों के हितों से जुड़ी चिंताओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है. खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें login Source link

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aaj ka panchang 26 October 2026 | ashwin purnima snan daan 2026...

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 26 October 2026: आज सोमवार व्रत के साथ आश्विन पूर्णिमा का स्नान-दान किया जाएगा. पंचांग के अनुसार, आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा उपरांत प्रतिपदा तिथि, अश्विनी नक्षत्र, बव करण, वज्र योग, पूर्व का दिशाशूल है. इस दिन चंद्रमा मेष राशि में संचार करेंगे तो सूर्य तुला राशि में विराजमान रहेंगे. आज सोमवार व्रत के साथ आश्विन पूर्णिमा का स्नान-दान किया जाएगा. हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है. वहीं आश्विन पूर्णिमा का भी धार्मिक दृष्टि से खास महत्व है. जब सोमवार व्रत और आश्विन पूर्णिमा का संयोग बनता है, तो भक्त भगवान शिव और चंद्र देव की आराधना करके सुख-समृद्धि और मानसिक शांति की कामना करते हैं. आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रविवार को सुबह 11:56 बजे से शुरू होकर सोमवार सुबह 9:41 बजे तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी, जो 27 अक्टूबर की सुबह 7:01 बजे तक रहेगी. सोमवार को सुबह 6:32 बजे सूर्योदय और शाम 5:48 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, शाम 5:49 बजे चंद्रोदय और सुबह 7:30 बजे चंद्रास्त होगा. आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा. सोमवार को सुबह 10:59 से दोपहर 12:28 बजे तक अमृतकाल रहेगा. सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्रदेव को समर्पित माना जाता है. आज सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें. इसके बाद शिवलिंग पर जल अर्पित करें. श्रद्धानुसार दूध, बेलपत्र, सफेद फूल और अक्षत चढ़ाएं. भगवान शिव के मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें. अंत में भगवान शिव की आरती करके परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें. अश्विन पूर्णिमा पर चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है. रात में चंद्रोदय के बाद स्वच्छ जल से अर्घ्य दें और मन की शांति के लिए प्रार्थना करें. ऐसा करने से चंद्र दोष दूर होता है और कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है. पंचांग से जानें आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त व योग. आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang), 26 अक्टूबर 2026आज की तिथि- पूर्णिमा – 09:41 ए एम तक, फिर प्रतिपदा तिथिआज का नक्षत्र- अश्विनी – 05:41 पी एम तक, फिर भरणी नक्षत्रआज का करण- बव – 09:41 ए एम तक, बालव – 08:23 पी एम तकआज का योग- वज्र – 02:17 पी एम तक, फिर सिद्धि योगआज का पक्ष- शुक्ल पक्षआज का दिन- सोमवारचंद्र राशि- मेष राशि सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समयसूर्योदय- 06:29 ए एमसूर्यास्त- 05:42 पी एमचन्द्रोदय- 05:40 पी एमचन्द्रास्त- चन्द्रास्त नहीं आज के शुभ योग और मुहूर्त 26 अक्टूबर 2026ब्रह्म मुहूर्त: 04:47 ए एम से 05:38 ए एमअभिजीत मुहूर्त: 11:43 ए एम से 12:28 पी एमविजय मुहूर्त: 01:58 पी एम से 02:43 पी एमगोधूलि मुहूर्त: 05:42 पी एम से 06:08 पी एमअमृत काल: 10:59 ए एम से 12:28 पी एमनिशिता मुहूर्त: 11:40 पी एम से 12:32 ए एम, 27 अक्टूबर शिववास: श्मशान में – 09:41 ए एम तक, गौरी के साथ आज के अशुभ मुहूर्त 26 अक्टूबर 2026राहुकाल: 07:53 ए एम से 09:17 ए एमयमगण्ड: 10:42 ए एम से 12:06 पी एमगुलिक काल: 01:30 पी एम से 02:54 पी एमआडल योग: 05:41 पी एम से 06:30 ए एम, 27 अक्टूबरदुर्मुहूर्त: 12:28 पी एम से 01:13 पी एमवर्ज्य: 01:58 पी एम से 03:27 पी एमगण्ड मूल: 06:29 ए एम से 05:41 पी एमदिशाशूल: पूर्व Source link

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सऊदी अरब में फंसे 600 से 800 उमराह यात्री, रहने-खाने का भी...

होमताजा खबरदेश सऊदी अरब में फंसे 800 उमराह यात्री, रहने-खाने का भी संकट, SC जाने की तैयारी Last Updated:October 25, 2026, 22:23 IST सऊदी अरब के मक्का और मदीना में कर्नाटक के 600 से 800 उमराह यात्री फ्लाइट्स रद्द होने के कारण फंस गए हैं. पैसे खत्म होने से उनके सामने खाने-पीने और ठहरने का गंभीर संकट पैदा हो गया है और होटल खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा है. हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से दखल की मांग की है, जबकि कर्नाटक हज कमेटी ने एयरलाइंस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी दी है. सऊदी अरब के मक्का और मदीना में कर्नाटक के 600 से 800 के बीच उमराह यात्री फंसे हुए हैं. (Image: AI) कर्नाटक के सैकड़ों उमराह पैसेंजर्स की सऊदी अरब में फंसे हुए हैं. फ्लाइट्स की आवाजाही बाधित होने के चलते ये सभी उमराह पैसेंजर्स मक्का और मदीना में फंसे हुए हैं. इन पैसेंजर्स की संख्‍या करीब 600 से 800 के बीच बताई जा रही है. फिलहाल हालात कुछ ऐसे है कि इन पैसेंजर्स के सामने खाने और रहने तक का संकट खड़ा हो गया है. इन हालात को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने केंद्र से तत्काल मदद मांगी है. वहीं राज्य हज कमेटी ने एयरलाइंस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी दी है. कर्नाटक के अल्पसंख्यक कल्याण, हज और वक्फ मंत्री यूटी खादर ने कहा है कि अगर अगले दो दिनों में पैसेंजर्स को वापस लाने के लिए फ्लाइट्स शुरू नहीं हुईं, तो कर्नाटक स्टेट हज कमेटी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. कमेटी की मांग होगी कि पैसेंजर्स की वापसी सुनिश्चित करने के साथ उन्हें हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई भी कराई जाए. इंडिगो, अकासा और एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट्स का इंतजार मंत्री यूटी खादर के अनुसार, कर्नाटक के करीब 600 से 800 उमराह पैसेंजर इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस से सऊदी अरब गए थे. पैसेंजर्स ने इन्हीं एयरलाइंस से वापसी के टिकट भी बुक कराए थे. यूटी खादर ने बताया कि वहां से दूसरे देशों की एयरलाइंस की फ्लाइट्स ऑपरेट हो रही हैं, लेकिन भारतीय एयरलाइंस ने अभी तक इन सेक्‍टर्स से अपनी फ्लाइट सर्विस बहाल नहीं की हैं. उनके अनुसार, एयरलाइंस ने पहले 24 अक्टूबर से फ्लाइट्स शुरू करने की बात कही थी, लेकिन बाद में तारीख बढ़ाकर 27 अक्टूबर कर दी गई. इस देरी ने पैसेंजर्स की परेशानी बढ़ा दी है. एयरलाइंस अभी तक स्‍पष्‍ट नहीं कर पा रही है कि उनकी फ्लाइट्स कब और किस तरह बहाल होंगी. होटल खाली करने का लगातार पड़ रहा है दबाव कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी इस मामले में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने शुक्रवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर मक्का और मदीना में फंसे पैसेंजर्स की स्थिति से अवगत कराया है. मुख्यमंत्री ने पत्र में बताया कि कर्नाटक स्टेट हज कमेटी के चेयरमैन और उनकी टीम ने पैसेंजर्स की मुश्किलों की जानकारी दी है. कई पैसेंजर्स के पास मौजूद पैसे खत्म हो चुके हैं. ऐसे में उनके लिए भोजन और रहने का इंतजाम करना भी मुश्किल होता जा रहा है. मुख्‍यमंत्री डीके शिवकुमार के अनुसार, कुछ होटलों की ओर से पैसेंजर्स को कमरे खाली करने के लिए कहा जा रहा है. इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की मुश्किलें खासतौर पर बढ़ गई हैं. भारतीय और कर्नाटक के स्वयंसेवी संगठनों की ओर से अस्थायी मदद दी जा रही है, लेकिन पैसेंजर्स की जरूरतों के मुकाबले यह मदद नाकाफी साबित हो रही है. केंद्र से मदद की मांग, एयरलाइंस से मुआवजे की तैयारी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने केंद्र सरकार से पैसेंजर्स की सुरक्षित और जल्द वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है. वहीं, मंत्री यूटी खादर के अनुसार, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को भी पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है. खादर ने कहा कि इस पत्र पर उन्हें अब तक कोई जवाब नहीं मिला है. राज्य सरकार और हज कमेटी अब पैसेंजर्स की वापसी के साथ उनके आर्थिक नुकसान के मुद्दे को भी उठाना शुरू कर दिया है. हज कमेटी अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है, जिससे पैसेंजर्स को फ्लाइट्स ऑपरेशन बंद होने के वजह से हुए नुकसान का मुआवजा मिल सके. About the Author First Published : October 25, 2026, 22:15 IST Source link

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Shushant Sinha Desh Ki Pathshala: पीएम मोदी के एक्शन से विरोधियों की...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जो लोग रिजीम चेंज का एजेंडा चला रहे थे, आज की डेट में ये सारे सन्नाटे में चले गए हैं, लेकिन रिजीम चेंज के इनके एजेंडे के सबूत सामने निकल कर आ रहे हैं. राहुल गांधी से लेकर कॉकरोच पार्टी वाले तक लगातार प्रोटेस्ट की भाषा में बात कर रहे हैं. चुनाव आयोग के जरिए पीएम मोदी पर निशाना साधा जा रहा है. रिजीम चेंज की बातें खुलेआम की जा रही हैं. बांग्लादेश मॉडल की बातें कर रहे हैं. इसी पर एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिससे पता चला है कि फ्रांस से लेकर भारत तक आग लगाने वाले कौन लोग है. इनका नेटवर्क कितना बड़ा है. इन्हें पैसा कहां से आ रहा है. इसके बड़े राज खुल गए हैं. नरेंद्र मोदी ने इन सबका इलाज कैसे शुरू कर दिया है. आप देखिए कि जो लोग मोदी के खिलाफ रिजीम चेंज की बातें कर रहे थे उनकी भाषा बदल गई है. कॉकरोच वालों का हाल तो ये है कि तिहाड़ से निकलने के बाद से इनके हाल चाल सब बदल गए हैं. देखिए इस रिपोर्ट में… प्रधानमंत्री मोदी ने आज वाराणसी के नमो घाट पर एयर शो देखा. भारतीय वायुसेना के 100 विमानों ने इसमें हिस्सा लिया. राफेल और सुखोई जैसे 52 लड़ाकू विमान इसमें शामिल हुए. पीएम मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने भी एयर शो देखा. एयर शो में आसमान पर भारतीय वायुसेना का दम दिखाने से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी में विकास और रोजगार से जुड़ी एक नई पहल का उद्घाटन किया. वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र के खोचवां में अरविंद लिमिटेड की नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू हुई. इस दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. पीएम मोदी ने फैक्ट्री का जायजा लिया और वहां काम करने वाली महिला कर्मचारियों से बातचीत की. इस यूनिट में आधुनिक तकनीक से कपड़े तैयार किए जाएंगे. खास जोर महिलाओं के रोजगार पर है. कंपनी के वैश्विक ग्राहक हैं, इसलिए यहां बनने वाले कपड़ों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर जोर रहेगा. पीएम मोदी ने देखा ‘विंग्स ओवर गंगा’ काशी में पीएम मोदी ने फूलों से सजी गाड़ी में रोड शो किया. सनरूफ से अभिवादन करते प्रधानमंत्री दिखे और हर-हर महादेव के नारे लगे. इसके बाद नमो घाट पर भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो का कार्यक्रम हुआ. पीएम मोदी के काशी के आज के कार्यक्रम से तीन तस्वीरें सामने आई. पीएम मोदी का रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर… काशी में जनता से सीधा संपर्क और नमो घाट पर भारतीय वासुसेना की ताकत… इन तीनों कार्यक्रमों का संदेश अलग-अलग है. फैक्ट्री के जरिये रोजगार और औद्योगिक विकास पर जोर, रोडशो के जरिए जनता से जुड़ाव और एयर शो के जरिए भारतीय वायुसेना की क्षमता का प्रदर्शन. काशी में पीएम मोदी ने जहां 100 करोड़ रुपए की लागत से बनी कपड़ा फैक्ट्री यूनिट का उद्घाटन किया तो भुवनेश्वर में आरबीआई के 169 करोड़ रुपये के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया. इस दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा, ओडिशा के राज्यपाल और मुख्यमंत्री मौजूद रहे. आरबीआई का ये डेटा सेंटर करीब 19 एकड़ में बना है. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी प्राथमिता विकास है. पीएम मोदी ने कहा, ‘विकास का मतलब है भारत का संतुलित विकास, गांवों को भी अवसर, छोटे शहरों को भी अवसर. हमारा लक्ष्य है दूर दराज़ के क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी देना.’ खरगे ने पीएम मोदी के पिता को कहा अपशब्द इधर पीएम मोदी देश के विकास की बात कर रहे थे…राजोगार और आर्थिक मोर्चे की नींव रख रहे थे… उधर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पटना में मोदी सरकार और उनकी नीतियों के खिलाफ बोल रहे थे… इस दौरान खरगे ने रिजीम चेंज का माहौल बनाते हुए प्रधानमंत्री मोदी के पिता तक के लिए अपशब्द बोल दिए… दरअसल जब पटना में जब खरगे सभा में पीएम मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना कर रहे थे तभी हंगामा हो गया…एक शख्स उठकर बोला कि मोदी जी नहीं जाने वाले हैं. जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, मोदी सरकार नहीं हटेगी. शख्स की बात पर खरगे को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने पीएम मोदी के पिता के लिए अपशब्द बोल दिए. उन्होंने कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा.’ खरगे पर बीजेपी हमलावर इसके बाद वहां मौजूद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उस शख्स की पिटाई कर दी और इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि अब बीजेपी हमलावर है. बीजेपी ने ट्वीट कर लिखा, कभी जिस भाषा को गुंडे-मवालियों से जोड़ा जाता था, आज कांग्रेस अध्यक्ष उसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं. इनके युवराज इसी खीझ में कभी सड़क पर महिला पुलिसकर्मियों से गलत बर्ताव करते हैं, तो कभी अपने ही नेताओं से धक्का-मुक्की करते हैं. इनकी पूरी कार्यशैली माफिया प्रवृत्ति की हो गई है. ये राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक माफिया गैंग अधिक प्रतीत होती है. बीजेपी ने इसके साथ ही लिखा, ‘वैसे खरगे जी के बयान वाले ख़्वाब को पूरा करने के लिए तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्षा ने दस साल तक हर पैंतरा चला, लेकिन कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई. आज उनका बेटा इसी ख़्वाब को पूरा करने के लिए कभी वियतनाम, तो कभी कोलंबिया के बीच दर-दर भटक रहा है. देश की जनता आपका यह ख़्वाब कभी पूरा नहीं होने देगी!’ बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, ‘आज पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति जिस प्रकार की अमर्यादित और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया है, वो कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन को दर्शाता है. राजनीतिक विरोध की भी एक गरिमा होती है, लेकिन सार्वजनिक मंच से स्वर्गीय परिजनों को भाषणों में घसीटना ही अब राहुल गांधी और समूचे विपक्ष का असली ‘संस्कार’ बन चुका है. ये खरगे जी का व्यक्तिगत बयान नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस की शिष्टाचार-विहीन सोच का प्रकटीकरण है. जब विपक्ष के पास देश के विकास, नीति और जनकल्याणकारी योजनाओं पर बहस करने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचता, तो वे इसी प्रकार की हताशा और व्यक्तिगत आक्षेपों का सहारा

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Kochi Judge Son Mercedes Son Crash। Kochi Mercedes Crash। जज के बेटे...

होमताजा खबरदेश जज के बेटे ने मर्सिडीज से ली जान, मिलॉर्ड पर थाने में हेकड़ी दिखाने का आरोप Last Updated:October 25, 2026, 23:57 IST कोच्चि के चेरानेल्लूर में एक खौफनाक सड़क हादसा सामने आया है. यहां देर रात अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के 17 वर्षीय नाबालिग बेटे ने तेज रफ्तार मर्सिडीज-बेंज कार से 54 वर्षीय स्कूटर सवार जयबालकृष्णन को जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई. आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन जूवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत उसे जमानत मिल गई. गृह मंत्री ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. (PTI) नई दिल्‍ली. 54 साल के जयबालकृष्णन अपनी छोटी सी दुकान बंद करके, दिनभर की थकान समेटे स्कूटर से घर लौट रहे थे. उन्हें क्या पता था कि पीछे से आ रही एक चमचमाती मर्सिडीज उनकी आखिरी मंजिल बन जाएगी. गाड़ी की स्पीड इतनी अनकंट्रोल्ड थी कि टक्कर होते ही स्कूटर के परखच्चे उड़ गए. और इस जानलेवा राइड के व्हील पर कौन था? कोई मैच्योर ड्राइवर नहीं बल्कि एक जज साहब का 17 साल का बेटा. बिना लाइसेंस, बिना सेंस आधी रात का यह थ्रिल एक झटके में किसी की जिंदगी का फुल स्टॉप बन गया. कानून का चक्कर और वीआईपी ट्रीटमेंट का गुस्सा चौंकाने वाली बात यह है कि इस मर्सिडीज को कोई बड़ा या तजुर्बेकार ड्राइवर नहीं बल्कि एक जज साहब का 17 साल का नाबालिग बेटा चला रहा था. हादसे के बाद स्कूटर के परखच्चे उड़ गए और सामान सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गया, जिससे साफ पता चलता है कि कार की स्पीड कितनी खतरनाक रही होगी. हादसे के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 (लापरवाही से मौत) के तहत केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन नाबालिग होने की वजह से जूवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत उसे तुरंत जमानत भी मिल गई. पीड़ित परिवार का आरोप है कि थाने में जब उन्होंने जज साहब से पूछा कि नाबालिग को गाड़ी क्यों दी, तो उल्टे उन्हें ही बुरा बर्ताव सहना पड़ा. परिवार अब इंसाफ की जंग लड़ने के मूड में है. नो पावर, नो प्रिविलेज: गृह मंत्री का कड़ा संदेशमामला गरमाते ही केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने साफ कर दिया कि कानून के आगे सब बराबर हैं. उन्होंने कहा कि सड़क पर गाड़ी से कुचलकर मारना किसी मर्डर से कम नहीं है. चाहे कोई कितना भी पावरफुल क्यों न हो, किसी को बख्शा नहीं जाएगा. अब देखना यह है कि क्या कार के असली मालिक यानी जज साहब पर भी गाज गिरेगी या मामला फाइलों में दब जाएगा. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त… और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : October 25, 2026, 23:57 IST Source link

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एयरलाइन स्‍टाफ बोला- सस्ता है इसलिए आए हो… सुनते ही भड़क गए...

होमताजा खबरDelhi सस्ता है इसलिए आए हो… सुन भड़के पैसेंजर्स, लगे ‘शेम ऑन स्‍पाइसजेट’ के नारे Last Updated:October 25, 2026, 22:53 IST दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट के स्‍टाफ और पैसेंजर्स के बीच तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एयरलाइन का एक स्‍टाफ यह कहता हुआ सुनाई दे रहा है कि ‘सस्ता है इसलिए आए हो.’ यह सुनते ही पहले से ही परेशान भड़क उठे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सीआईएसएफ के जवानों को बीच-बचाव करना पड़ा. दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर स्‍पाइसजेट के एक स्‍टाफ की विवादित टिप्‍पणी के बाद भड़के पैसेंजर्स और एयरलाइन कर्मियों के बीच तीखी बहस हो गई. Delhi IGI Airport: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्‍पाइसजेट के स्‍टाफ और पैसेंजर्स के बीच तीखी बहस का मामला सामने आया है. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एयरलाइन के दो स्टाफ और पैसेंजर्स के बीच बहस होती दिख रही है. इस दौरान वहां मौजूद कुछ लोग ‘Shame on SpiceJet ‘ के नारे लगाते भी नजर आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह विवाद बोर्डिंग गेट पर तैनात एक एयरलाइन स्‍टाफ की टिप्‍पणी के बाद शुरू हुआ. इस टिप्‍पणी को सुनते ही पैसेंजर्स भड़क उठे. वहीं, मौके पर मौजूद दूसरे एयरलाइन स्‍टाफ ने परिस्थिति को संभालने की जगह और भड़का दिया. दरअसर, उसने पैसेंजर्स से यह कर दिया कि उनका स्‍टाफ जो कह रहा है, सही कर रहा है, इसके बाद पैसेंजर्स का गुस्‍सा फट पड़ा. हालात यहां तक बिगड़ गए कि मौके पर मौजूद सीआईएसएफ की क्विक रिएक्‍शन टीम को बीच बचाव के लिए आगे आना पड़ा. वहीं, इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो कुछ पैसेंजर्स ने अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड कर सोशल म‍ीडिया पर पोस्‍ट कर दिया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल होना शुरू हो गया. एयरलाइन स्‍टाफ की टिप्‍पणी के बाद बढ़ा बवालवायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि किसी बात से झुंझलाए पैसेंजर्स बोर्डिंग गेट के पास खड़े हुए हैं. पैसेंजर्स लगातार एयरलाइन स्‍टाफ से जानकारी मांग रहे हैं, लेकिन उन्‍हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है. इसी बीच, बोर्डिंग गेट के काउंटर पर खड़े एक एयरलाइन स्‍टाफ ने पैसेंजर्स से कर दिया कि ‘स्‍पाइसजेट सस्ता है, इसलिए आए हो आप.’ किसी भी पैसेंजर ने एयरलाइन स्‍टाफ से ऐसे जवाब की उम्‍मीद नहीं की थी. लिहाजा, यह सुनते ही बोर्डिंग गेट में मौजूद सभी पैसेंजर्स का गुस्‍सा फट पड़ा. इसी बीच, मौके पर मौजूद दूसरा एयरलाइन स्‍टाफ ने आकर यह कह दिया कि जो कहा गया, वह सही है. जिसके बाद हंगामा बढ़ता चला गया. इसके बाद, गुस्‍साए पैसेंजर्स ने ‘शेम ऑन स्‍पाइसजेट’ के नारे लगाना शुरू कर दिया. सीआईएसएफ के जवानों को करना पड़ा बीच-बचावमामला बढ़ने के बाद मौके पर मौजूद सीआईएसएफ के जवानों को भी बीच-बचाव के लिए आना पड़ा. जवानों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, ताकि एयरपोर्ट पर हंगामा और न बढ़े. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विवाद की असल वजह क्‍या है और पैसेंजर्स इतने झुंझलाए हुए क्‍यों थे. वहीं, इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद एयरलाइन के व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया में एयरलाइंस के रुख को लेकर सवाल उठना शुरू हो गए हैं. About the Author First Published : October 25, 2026, 22:53 IST Source link

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Punjab Politics। Punjab News। Rahul Gandhi Sangrur Rally। संगरूर से कांग्रेस की...

Last Updated:October 25, 2026, 21:49 IST Punjab Politics: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सरदार परगट सिंह ने ऐलान किया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 4 नवंबर को संगरूर का दौरा करेंगे. इस दौरे के साथ ही कांग्रेस मालवा की धरती से पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 का बिगुल फूकेंगी. पार्टी का उद्देश्य जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ना, कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाना और मिशन 2027 के लिए संगठन को पूरी तरह मजबूत करना है. संगरूर से कांग्रेस पंजाब चुनाव प्रचार की तैयारी कर रही है. पंजाब की राजनीति में 2027 की जंग का बिगुल बजने ही वाला है, और इस बार कांग्रेस ढील देने के मूड में नहीं है. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सरदार परगट सिंह ने एक बड़ा ऐलान करते हुए माहौल गरमा दिया है. आगामी 4 नवंबर को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मालवा की ऐतिहासिक धरती संगरूर कदम रखने जा रहे हैं. संगरूर से ही कांग्रेस अपने मिशन 2027 की नीव रखेगी और पूरे प्रदेश में चुनावी अभियान को नई धार और सुपर-फ़ास्ट रफ़्तार देगी. मालवा हमेशा से पंजाब के पावर कॉरिडोर की चाबी रहा है, और यही वजह है कि राहुल गांधी सीधे कार्यकर्ताओं का जोश हाई करने और जमीनी स्तर पर संगठन में नई जान फूंकने आ रहे हैं. अब देखना यह होगा कि संगरूर से उठी यह सियासी आंधी विरोधियों का कितना खेल बिगाड़ती है. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सरदार परगट सिंह ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी 4 नवंबर को पंजाब के संगरूर जिले का दौरा करेंगे. यह दौरा पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा. उन्होंने कहा कि मालवा की धरती से चुनावी अभियान को नई दिशा और गति देने के साथ पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को मिशन 2027 के लिए पूरी तरह तैयार रहने का संदेश दिया जाएगा. सरदार परगट सिंह ने कहा कि मालवा पंजाब की राजनीति में अहम स्थान रखता है और इस क्षेत्र की विधानसभा सीटें चुनाव परिणामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. संगरूर से चुनावी अभियान को आगे बढ़ाना पंजाब कांग्रेस की रणनीति का अहम हिस्सा होगा. उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य जमीनी स्तर पर जनता के साथ संपर्क मजबूत करना और पंजाब के लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना है. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 2027 के चुनावों के लिए संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और जनता की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाना पार्टी की प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी. उनके अनुसार, राहुल गांधी का दौरा पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनावी तैयारियों में जुटने के लिए प्रेरित करेगा. सरदार परगट सिंह ने कहा कि पंजाब कांग्रेस मिशन 2027 को ध्यान में रखते हुए अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करेगी. उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के मुद्दों को केंद्र में रखकर अपना अभियान आगे बढ़ाएगी और पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल मजबूत किया जाएगा. 4 नवंबर को संगरूर में होने वाला कार्यक्रम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त… और पढ़ें Location : Sangrur,Sangrur,Punjab First Published : October 25, 2026, 21:46 IST Source link

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जामिया प्रोटेस्‍ट: इकोनॉमिक्स कॉरिडोर पर छात्रों का कब्‍जा, विभागाध्‍यक्ष ने पुलिस से...

होमताजा खबरDelhi जामिया: कॉमर्स कॉरिडोर पर छात्रों कब्‍जा, पुलिस ने 3 सांसदों पर दर्ज की FIR Last Updated:October 25, 2026, 21:01 IST दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रों के प्रदर्शन और कॉरिडोर पर कब्जे को लेकर विवाद गहरा गया है. इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष ने छात्रों पर बिल्डिंग खाली न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है. आरोप है कि छात्रों के इस कब्‍जे की वजह से विभाग का कामकाज और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है. इस बीच, कैंपस में पहुंचे तीन सांसदों के खिलाफ भी दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में प्रदर्शनकारी छात्रों पर इकोनॉमिक्‍स डिपार्टमेंट पर कब्‍जा करने का आरोप लगा है. (Image: PTI) Jamia Protest News: दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में प्रदर्शनकारी छात्रों पर इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट के कॉरिडोर पर कब्‍जा करने का आरोप लगा है. आरोप है कि कई बार चेतावनी देने के बावजूद छात्र बिल्डिंग खाली नहीं करने के लिए तैयार नहीं हैं. वहीं, इस मसले पर अब इकोनॉमिक्‍स डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष ने पुलिस को शिकायत दी है. विभागाध्‍यक्ष का कहना है कि छात्रों के इस रुख की वजह से नकेवल डिपार्टमेंट का काम बाधित हो रहा है, बल्कि छात्राओं और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो गया है. वहीं, जामिया कैंपस में चल रहे विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे 3 सांसदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है. सूत्रों के अनुसार, इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मिर्जा अल्लिम बेग ने जामिया नगर थाना एसएचओ को शिकायत दी है. शिकायत में बताया गया है कि कुछ प्रदर्शनकारी छात्र बीते दिन से उस बिल्डिंग में मौजूद हैं, जहां पहली मंजिल पर इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट चलता है. प्रोफेसर बेग का आरोप है कि छात्रों से डिपार्टमेंट और बिल्डिंग खाली करने की अपील की गई थी, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया. इसके बाद विभागाध्यक्ष ने पुलिस से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि कॉरिडोर में प्रदर्शनकारी छात्रों की मौजूदी से विभाग का सामान्य कामकाज प्रभावित हो रहा है. विभागाध्यक्ष ने छात्राओं और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है. इसके अलावा, उन्‍होंने विभाग में रखी फाइलों, कंप्यूटर, लैपटॉप और दूसरे सामान की सुरक्षा को लेकर भी आशंका जाहिर की गई है. शिकायत में पुलिस से तत्काल जरूरी कदम उठाने और विभाग का कामकाज सामान्य कराने की मांग की गई है. कैंपस पहुंचे 3 सांसदों के खिलाफ भी FIRइस पूरे मामले के बीच जामिया कैंपस में पहुंचे तीन सांसदों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज किए जाने की बात सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, कैंपस की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई की है. जिन तीन सांसदों पर एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी के अलावा सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का नाम भी शामिल है. तीनों के खिलाफ ट्रेस पासिंग के तहत मामला दर्ज किया गया है. About the Author First Published : October 25, 2026, 20:49 IST Source link

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Animal Care Tips: पशु के गर्भ का 9वां महीना बेहद नाजुक, ये...

होमताजा खबरकृषि पशु के गर्भ का 9वां महीना बेहद नाजुक, ये सावधानियां बचा सकती हैं नवजात की जान Last Updated:October 25, 2026, 19:54 IST Pregnant Animal Care Tips: पशुओं में गर्भावस्था का 9वां महीना बेहद महत्वपूर्ण होता है. इस दौरान खान-पान और प्रबंधन में लापरवाही से बच्चा फंसने, गर्भपात और नवजात की मौत जैसी समस्या हो सकती है. कृषि विज्ञान केंद्र के पशु चिकित्सा विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. विपिन से लोकल 18 पर सीखिए तरीका. बेगूसराय: पशुपालक किसानों की प्रगति का आधार पशुपालन भी माना जाता है. ऐसे में बेहद जरूरी है उन बातों का ख्याल रखना, उन जानकारी को याद रखना जो आपके पशुपालन व्यवसाय के लिए लाभकारी होगा. इसी सोच के साथ लोकल 18 पर आज हम आपको पशुओं में गर्भावस्था का आखिरी महीना पर चर्चा कर लेते हैं. यह चर्चा इसलिए भी बेहद जरूरी है. चुकी नवजात शिशुओं का मृत्यु दर पशुओं में बढ़ता जा रहा है. कृषि विज्ञान केंद्र के पशु चिकित्सा विज्ञान विशेषज्ञ डॉ.विपिन कुमार बताएंगे. पशुपालक के लिए पशुओं का 9वां माह में क्या कुछ करना चाहिए? किन बातों का विशेष ध्यान रखना महत्वपूर्ण होगा? जानिए. आखिरी महीने में आहार में करें बदलावLOCAL18 पर डॉ.विपिन ने बताया गर्भावस्था के अंतिम महीने में पशु के खान-पान में थोड़ा बदलाव जरूरी है. इस दौरान भूसे की मात्रा कुछ कम करके दाने की मात्रा करीब 1 से 1.5 किलो तक बढ़ाई जा सकती है. दाना उच्च गुणवत्ता वाला होना चाहिए और उसमें कम से कम 20 प्रतिशत प्रोटीन होना चाहिए. इसके साथ पशु को पर्याप्त मात्रा में साफ पानी उपलब्ध कराना भी जरूरी है. पानी की कमी पशु के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है. ऊबड़-खाबड़ जगह पर न बांधेंआगे बताया गया प्रसव के आखिरी समय में पशु को रखने की जगह का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए. पशु को ऊबड़-खाबड़ या ऊंची-नीची जमीन पर नहीं बांधना चाहिए. विशेषज्ञ के अनुसार, ऐसी जगह पर रहने से प्रसव के दौरान डिस्टोकिया यानी बच्चा फंसने की समस्या का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए गर्भवती पशु के लिए साफ, समतल और सुरक्षित जगह का इंतजाम करना चाहिए. अतिरिक्त कैल्शियम देने से बचेंग्रामीण झोलाछाप पशु चिकित्सा बनकर किसानों को इस समय कैल्सियम देने की सलाह बहुत ज्यादा दिया जाता है जो कि पशुओं के स्वास्थ्य के लिए जरूरी ही नहीं है . डॉ. विपिन कुमार आगे बताते हैं कि गर्भावस्था के आखिरी महीने में पशु को बाहर से अतिरिक्त कैल्शियम सप्लीमेंट देने से बचना चाहिए. जरूरत से ज्यादा कैल्शियम देने पर मिल्क फीवर जैसी समस्या की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए किसी भी सप्लीमेंट का इस्तेमाल पशु चिकित्सक की सलाह से ही करना बेहतर है. पशु के बच्चा देने में लगभग 10 दिन बाकी रहने पर करीब 30 से 40 ग्राम नवसादर को भूनकर अच्छी तरह दाने में मिलाकर दिया जा सकता है. हालांकि, पशु की स्थिति के अनुसार मात्रा और इस्तेमाल को लेकर पशु चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है. दूसरे पशुओं से रखें अलगगर्भावस्था के अंतिम समय में गर्भवती पशु को दूसरे पशुओं से अलग रखना भी फायदेमंद हो सकता है. कई बार पशु आपस में लड़ जाते हैं या धक्का-मुक्की कर देते हैं. इससे गर्भवती पशु को चोट लगने के साथ गर्भपात का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए प्रसव के अंतिम दिनों में पशु को शांत, साफ और सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए. खान-पान, पानी, आवास और नियमित निगरानी पर ध्यान देकर प्रसव के दौरान होने वाली कई परेशानियों से बचाव किया जा सकता है. About the Author Amit Ranjan अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों … और पढ़ें Location : Begusarai,Bihar First Published : October 25, 2026, 19:54 IST Source link

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