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अब दुश्मनों की खैर नहीं! CISF की पहली महिला QRT तैयार, आतंकियों...

होमताजा खबरदेश CISF की पहली महिला QRT तैयार, हर खतरे से निपटने की मिली हाईटेक ट्रेनिंग Last Updated:July 29, 2026, 23:07 IST सीआईएसएफ के बेंगलुरु की 10वीं रिजर्व बटालियन से महिला क्विक रिएक्शन टीम से पहला बैच पासआउट हुआ है. इन महिला कमांडोज को क्लोज-क्वार्टर बैटल, टैक्टिकल ऑपरेशन, काउंटर-टेररिज्म, रैपिड रिस्पॉन्स और आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. पासिंग आउट परेड के साथ 10वीं रिजर्व बटालियन को महिला क्‍यूआरटी प्रशिक्षण केंद्र भी घोषित किया गया है. सीआईएसएफ को पहली महिला क्‍यूआरटी कमांडो टीम मिल गई है. CISF: देश की सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका अब सिर्फ सहयोग तक सीमित नहीं रही है, बल्कि वे सबसे आगे रहकर मोर्चा संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. बेंगलुरु स्थित सीआईएसएफ की 10वीं रिजर्व बटालियन से ‘महिला क्विक रिएक्शन टीम’ का पहला बैच पास आउट हो गया है. 28 जुलाई 2026 को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ इस पहले बैच ने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इसी मौके पर 10वीं रिजर्व बटालियन को आधिकारिक तौर पर सीआईएसएफ का ‘महिला क्‍यूआरटी प्रशिक्षण केंद्र’ भी घोषित किया गया है. सीआईएसएफ के अनुसार, पहले महिला क्‍यूआरटी बैच की कमांडोज को बेहद कठिन प्रशिक्षण दिया गया है. प्रशिक्षण का मकसद उन्हें सामान्य सुरक्षा ड्यूटी से आगे बढ़ाकर स्‍पेशल सिक्‍योरिटी ऑपरेशंस में शामिल करना है. महिला कमांडोज को टैक्टिकल ऑपरेशन्स और क्लोज-क्वार्टर बैटल के लिए भी प्रशिक्षित किया गया है, ताकि वे हर तरह की परिस्थितियों में किसी भी तरह के ऑपरेशंस को पूरा कर सकें. इन महिला कमांडोज को होस्‍टाइल जैसी परिस्थितियों से भी निपटने के लिए ट्रेंड किया गया है. इसके अलावा उन्हें एंटी टेरर ऑपरेश के लिए भी ट्रेंड किया गया है, जिससे किसी भी हथियारबंद खतरे का माकूल जवाब दिया जा सके. देश की सुरक्षा में महिलाएं अब सिर्फ साथ देने वाली नहीं, बल्कि आगे बढ़कर नेतृत्व भी कर रही हैं. यह सिर्फ एक ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा में महिलाओं की बढ़ती और मजबूत भूमिका की नई शुरुआत है. – बिनीता ठाकुर, एडीजी (एयरपोर्ट सेक्टर), सीआईएसएफ About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Sushant Sinha: एक्शन मोड में सरकार… अजित डोभाल, आईबी चीफ के साथ...

जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी वाले तो आराम से वापस अपनी दुनिया में चले गए, लेकिन प्रदर्शन में आए जेन जी फंस गए हैं. कॉकरोच पार्टी के प्रोटेस्ट में देश की सेना से लेकर सरकार को अपशब्द कहने वाले अब रो रहे हैं, माफी मांग रहे हैं. कॉकरोच पार्टी वाले भले ही कह रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों पर से केस वापस होंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कॉकरोच पार्टी सन्न है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने से मना करना और उसके खिलाफ खड़े होना दो अलग बातें हैं. और इसी वजह से हंगामा करने वाले प्रदर्शनकारियों की टेंशन बढ़ गई है. प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर जिस तरह से हिंसा और गुंडई हुई उससे आम जनता भी गुस्से में है. प्रदर्शन में हंगामा करने वालों को अब पब्लिक भी अपने हिसाब से सबक सिखा रही है. माफी भी मंगवा रही है. जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट के बाद अब कॉकरोच पार्टी वाले अगले प्लान में जुट गए हैं. किसान नेता राकेश टिकैत के साथ नया गठबंधन कर रहे हैं. सरकार को चारों तरफ से घेरने की बात कर रहे हैं. उधर कॉकरोच पार्टी वाले अपने खिलाफ कुछ सुनने को तैयार नहीं है. भाई आपके प्रदर्शन में क्या-क्या नहीं कहा गया, जिसे आपने कूल बताया था. लेकिन जब कंगना रानौत जैसी अभिनेत्री आपको कुछ कहती है तो आपको मिर्ची लग जाती है. जैसा किया है, वैसा ही आपके साथ हो रहा है, तो परेशान क्यों हो रहे हो? अमित शाह की अजित डोभाल और IB चीफ से मुलाकात ऐसे में अब आपको एक-एक डीटेल बताएंगे कि कैसे सरकार एक्शन में आ गई है और किस तरह से सोशल मीडिया से लेकर गुंडई करने वालों पर एक्शन हो रहा है. दरअसल प्रोटेस्ट को लेकर हो रहे एक्शन पर मचे बवाल के बीच आज गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन में बड़ी बैठक की. इस बैठक में शामिल होने के लिए NSA अजीत डोभाल भी संसद भवन पहुंचे. ऐसे में इस बैठक को मौजूदा हालात में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. खबर है कि अमित शाह ने गृह सचिव और IB चीफ के साथ करीब 40 मिनट तक बैठक की. सूत्रों के मुताबिक,इस बैठक में इंटरनल सिक्योरिटी को लेकर चर्चा हुई. इस बैठक में सभी पैरा मिलिट्री फोर्सेज के DG भी मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में इंटरनल सिक्योरिटी के साथ सुरक्षा एजेंसीज के कोऑर्डिनेशन पर भी चर्चा हुई. इंटरनल सिक्योरिटी को और मजबूत करने की रणनीति तैयार करने पर भी बैठक में मंथन हुआ. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक के बाद अमित शाह ने NSA अजीत डोभाल के साथ भी मुलाकात की. सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट के दौरान हिंसा भड़की. पुलिस पर पथराव हुआ. और इस हिंसा को लेकर सोशल मीडिया के जरिए एक नैरेटिव फैलाने के लिए कई वीडियो वायरल किए गए, जिनमें देश के प्रधानमंत्री के लिए भद्दी-भद्दी गालियों का इस्तेमाल किया गया. पीएम मोदी की पोस्ट को डिलीट किया गया. इस सबको लेकर अब दिल्ली पुलिस ने ताबड़तोड़ एक्शन शुरू कर दिया है. दिल्ली पुलिस ने दुनिया के चार सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजा है. इनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और यूट्यूब शामिल हैं. आरोप है दिल्ली में प्रोटेस्ट के दौरान जो हिंसा भड़की. उसको लेकर इन चार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर झूठा नैरेटिव फैलाया गया था. और देश का माहौल खराब करने वाला कॉन्टेंट अपलोड और शेयर किया गया. इसमें बहुत सारे सोशल मीडिया न्यूज पोर्टल्स के अकाउंट से अपलोड किए गए वीडियो पोस्ट भी शामिल हैं. दिल्ली पुलिस ने इन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से प्रोटेस्ट के दौरान हुई हिंसा को लेकर फैलाई गई गलत जानकारी वाले सभी वीडियो पोस्ट को हटाने के लिए कहा है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल IFSO यानी इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटजिक ऑपरेशन्स यूनिट की तरफ से ये नोटिस भेजे गए हैं. दिल्ली हिंसा में हजारों की तादात में फेक वीडियो और देश का माहौल खराब करने वाले फर्जी पोस्ट, प्रदर्शन को लेकर गलत जानकारी इन तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अलग अलग हैंडल से पोस्ट और शेयर की गई थी. दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, X, और यूटयूब को नोटिस जारी कर ये तमाम हैंडल से की गई पोस्ट वीडियो गलत जानकारी को हटाने को कहा है. प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर विवाद इधर ये सब हो रहा है, उधर जंतर मंतर के प्रोटेस्ट में हिंसा और गुंडई करने वालों की सांसें अटकी हुई है. क्योंकि कॉकरोच पार्टी वाले भले कहते रहे कि प्रदर्शनकारियों के ऊपर से केस हटेंगे. कॉकरोच पार्टी सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी मानने को तैयार नहीं है. क्या कॉकरोच पार्टी सुप्रीम कोर्ट से लड़ाई लड़ेगी. कॉकरोच पार्टी कह रही है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश मंजूर नहीं है. उनका आरोप है कि इस आदेश का सरकार फायदा उठा सकती है. प्रदर्शनकारी छात्रों को परेशान किया जा रहा है. सरकार ने सभी केस वापस लेने की बात कही थी. सुप्रीम कोर्ट का आदेश उसके खिलाफ है. केस वापस नहीं हुए तो फिर से सड़कों पर उतरेंगेय. कॉकरोच पार्टी वाले ये सब कह तो रहे हैं, लेकिन वो भी जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना सरकार नहीं कर सकती है. सरकार ने भी कॉकरोच पार्टी के नेताओं से मिल कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में बता दिया है. यानी कॉकरोच पार्टी समझ रही है कि सभी केस तो वापस नहीं होंगे. और इसी वजह से कहा जा रहा है कि CJP ने तो जेन जी को फंसा दिया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब ये क्लीयर है कि जिसने भी हिंसा की है, गुंडई की है, उन पर एक्शन होगा. और इसी वजह से जंतर मंतर प्रोटेस्ट में जाकर बेसिर पैर के वीडियो बनाकर गाली देने वालों की हालत खराब है. जंतर मंतर की भीड़ में खड़े होकर खुद को बाहुबली समझने वालों को अब समझ आ रहा है कि उन्होंने कैसी गलती कर दी है. अब माफी मांग रहे प्रदर्शनकारी प्रदर्शन तो खत्म हो गया, कॉकरोच पार्टी वाले भी अपनी लाइफ में बिजी हो गए हैं.

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बाढ़ से जंग के लिए कितना तैयार है भारत? जानिए राहत, बचाव...

होमताजा खबरदेश बाढ़ से जंग के लिए कितना तैयार है भारत? जानिए राहत-बचाव-अर्ली वार्निंग का मॉडल Last Updated:July 30, 2026, 01:51 IST देश के कई राज्य इस समय बाढ़ की चपेट में हैं, लेकिन भारत का आपदा प्रबंधन तंत्र पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हो चुका है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, अर्ली वार्निंग सिस्टम और आधुनिक तकनीक की मदद से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेजी से किए जा रहे हैं. असम, बिहार, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में हर साल आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने मजबूत रणनीति तैयार की है. जानिए भारत का आपदा प्रबंधन मॉडल कैसे दुनिया के सामने मिसाल बन रहा है. जान लीजिए कैसा है भारत का फ्लड मैनेजमेंट सिस्‍टम. (एआई इमेज) India Flood Management System: देश के कई राज्य इस वक्त बाढ़ की चपेट में हैं. असम और जम्मू-कश्मीर में इसका प्रकोप ज्यादा दिखाई दे रहा है. जान-माल का नुकसान भी हुआ है. लोग अपने घरों से बाहर निकलकर राहत शिविरों में आश्रय लिए हुए हैं. लेकिन अच्छी बात यह रही कि बचाव और राहत कार्यों में बड़ी ही तत्परता से सेना, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ), फायर और इमरजेंसी सर्विस के जवान तैनात हो गए और बाढ़ प्रभावित इलाकों में नुकसान न्यूनतम हुआ. वैसे असम में बाढ़ की यह स्थिति हर साल बनती है. लाखों लोग प्रभावित होते हैं. बाढ़ यहां के जीवन का एक नियमित हिस्सा बन गई है. राष्ट्रीय बाढ़ आयोग के अनुसार राज्य का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा बाढ़-संभावित क्षेत्र में आता है, क्योंकि यह ब्रह्मपुत्र नदी की जद में है. हिमालय से निकलने वाली 50 से ज्यादा सहायक नदियां इसमें आकर मिलती हैं. हालांकि यह एक प्राकृतिक चक्र का हिस्सा है, लेकिन इससे बचने का या न्यूनतम नुकसान की एक मजबूत व्यवस्था देश में उपलब्ध है. आपदा प्रबंधन का मजबूत इकोसिस्टमआप इतना तो मानिए कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को श्रेय दिया जाना चाहिए. इन्‍होंने आपदा प्रबंधन का एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया है, जो वैश्विक मानदंडों पर न सिर्फ खड़ा उतरता है, बल्कि दुनिया के कई देशों को नेतृत्व भी प्रदान कर रहा है. आज भारत आपदा प्रबंधन की ग्लोबल रैंकिंग में विश्व के श्रेष्ठ 6 देशों में शामिल हो गया है. भारत में प्राकृतिक आपदा से नुकसान कुल जीडीपी का केवल 0.45 प्रतिशत होता है. पिछले दो दशकों के आंकड़े: सुधार की कहानी पिछले दो दशकों के आंकड़े देखें तो स्पष्ट होता है कि हर साल देश के आपदा प्रबंधन में उत्तरोत्तर सुधार हो रहा है. 2013-14 में जहां प्राकृतिक आपदा से 5,677 लोगों की मौतें हुई थीं, वहीं 2024-25 में 3,080 लोगों की मौतें हुईं. इसी तरह से मवेशियों का सबसे ज्यादा नुकसान 2006-07 में हुआ जब यह आंकड़ा 4.55 लाख तक पहुंच गया. 2023-24 में यह आंकड़ा 1.19 लाख रहा. 2007-08 में प्राकृतिक आपदा से 35 लाख से ज्यादा घर प्रभावित हुए, जबकि 2023-24 में 1.4 लाख घरों को इन्हीं आपदाओं से नुकसान हुआ. ये आंकड़े साफ बताते हैं कि तैयारी, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता में लगातार बढ़ोतरी हुई है. देश में आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की है और वह लगातार कह रहे हैं कि भारत प्राकृतिक आपदाओं से शून्य मृत्यु की तरफ बढ़ रहा है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह केवल भौतिक उपायों की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे प्राकृतिक आपदाओं के लिए जिम्मेदार जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के उपायों पर ज्यादा जोर दे रहे हैं. वैश्विक नेतृत्व और संस्थागत ढांचा भारत को इस समय आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पिछले 12 वर्षों में भारत सरकार ने आपदा प्रबंधन में क्षमता निर्माण, गति, दक्षता और सटीकता के कई मानदंड स्थापित किये हैं. इस समय राज्यों के हर जिले में आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है. हर प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है. इसी का परिणाम है कि भारत कई आपदाओं में शून्य मानवीय जान के नुकसान की उपलब्धि हासिल कर पाया है. चक्रवातों से न्यूनतम नुकसान से निपटने का रिकॉर्ड यह दर्शाता है कि किस तरह केंद्र, राज्य और स्थानीय इकाइयां मिलकर बड़ी सफलताएं हासिल कर सकते हैं. मोदी सरकार ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए), नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) के बेहतरीन ढांचे खड़े कर दिए हैं. नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) की तत्परता और कार्यकुशलता का प्रमाण हमने कई बार देख लिया है. इस बल ने अब तक खतरे में फंसे 1,68,000 से ज्यादा लोगों की जान बचाई. फंसे हुए 8,50,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया और 2024 में रिकॉर्ड 1,038 ऑपरेशन किए. मानसून आने से पहले ही गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों को किसी भी संभावित आपदा से निपटने की व्यवस्था मजबूत करने का दिशा निर्देश दे दिया था. केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर बाढ़ की भविष्यवाणी करने वाली एक एकीकृत प्रणाली भी एक्टिव कर दी गई थी. अर्ली वार्निंग सिस्टम से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम को विशेष कर जोड़ा गया. उत्तर प्रदेश और बिहार भी उच्च जोखिम वाले राज्य हैं. उत्तर प्रदेश में लगभग 7.34 मिलियन हेक्टेयर जमीन बाढ़ की चपेट में आती है तो बिहार के कुल 73 प्रतिशत हिस्से पर बाढ़ का खतरा बना रहता है. यहां भी एनडीआरएफ की टीमें भेज दी गई हैं. आगे क्या करना चाहिएभारत को इस दिशा में अब नदी तल की नियमित सफाई व ड्रेजिंग, जलग्रहण क्षेत्रों में व्यापक वृक्षारोपण, जलवायु-प्रतिरोधी आवास निर्माण और बाढ़-रोधी अवसंरचना पर और अधिक जोर देना चाहिए. गांव स्तर पर सामुदायिक प्रशिक्षण तथा जागरूकता बढ़ाकर स्थानीय क्षमता को और मजबूत करना होगा. कृत्रिम बुद्धिमत्ता व उपग्रह आधारित पूर्वानुमान प्रणाली को और सटीक बनाते हुए शहरी बाढ़ प्रबंधन को विशेष प्राथमिकता देनी चाहिए. इन ठोस कदमों से शून्य मृत्यु का लक्ष्य और करीब आएगा.प्राकृतिक आपदाओं को रोकने का कोई उपक्रम संभव नहीं है पर उनसे बचने और नुकसान को टालना हमारी जिम्मेदारी है. About the Author विवेक शुक्लापत्रकार और इतिहासकार विवेक शुक्ला पत्रकार और इतिहासकार हैं. वे Gandhi

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Telangana CM Revanth Reddy | Emergency Landing | Indigo Airlines | 6E-717...

होमताजा खबरदेश आंधी-बारिश में फंसा CM रेवंत रेड्डी का प्‍लेन, पायलट की सूझबूझ से टला हादसा Last Updated:July 30, 2026, 01:27 IST Telangana CM Revanth Reddy Flight: दिल्‍ली से हैदराबाद जा रहे तेलंगाना के मुख्‍यमंत्री रेवंत रेड्डी का प्‍लेन बड़े हादसे से बच गया. दरअसल, यह प्‍लेन हैदराबाद में लैंडिंग के दौरान तेज आंधी और बारिश के बीच फंस गया. लैंडिंग की पहली कोशिश नाकाम रही. गो-अराउंड के बाद प्‍लेन को दोबारा लैंड कराने की कोशिश की गई. दूसरी कोशिश सफल रही. प्‍लेन में मौजूद सीएम रेड्डी सहित सभी पैसेंजर सेफ बताए गए हैं. हैदराबाद एयरपोर्ट पर खराब मौसम के बीच इंडिगो की फ्लाइट 6E-717 ने गो-अराउंड के बाद सुरक्षित लैंडिंग की है. Airport News: दिल्ली से हैदराबाद जा रहे तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी बड़े हादसे से बाल-बाल बच गए. उन्हें लेकर उड़ी इंडिगो की फ्लाइट हैदराबाद एयरपोर्ट पर खराब मौसम में फंस गई. तेज आंधी और भारी बारिश के बीच प्‍लेन की पहली लैंडिंग की कोशिश सफल नहीं हो सकी. ऐसे में पायलट ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्‍लेन को दोबारा हवा में उड़ा ले गया. कुछ देर बाद दूसरी कोशिश में प्‍लेन की सेफ लैंडिंग करा ली गई. जानकारी के मुताबिक, 29 जुलाई को इंडिगो की फ्लाइट 6E-717 दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हैदराबाद के लिए रवाना हुई थी. फ्लाइट ने शाम करीब 6:15 बजे उड़ान भरी, जो तय समय से लगभग 20 मिनट की देरी से रवाना हुई थी. इस फ्लाइट में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी मौजूद थे. जब फ्लाइट हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंची तो वहां का मौसम अचानक बेहद खराब हो गया. तेज हवा और मूसलाधार बारिश के कारण प्‍लेन को सुरक्षित रनवे पर उतारना मुश्किल हो गया. प्‍लेन रनवे के करीब पहुंच चुका था, लेकिन हालात विपरीत होने के चलते लैंडिंग अबॉर्ट करने का फैसला लिया गया. एयरलाइन सूत्रों के अनुसार, खराब मौसम की वजह से प्‍लेन की अप्रोच अनस्टेबल थी. ऐसी स्थिति में पायलट ने गो-अराउंड पर जाने का फैसला किया. गो-अराउंड का मतलब होता है कि लैंडिंग की कोशिश बीच में छोड़कर प्‍लेन को फिर से ऊंचाई पर ले जाया जाए, ताकि दोबारा सुरक्षित तरीके से लैंडिंग की जा सके. प्‍लेन कुछ देर तक आसमान में चक्कर लगाता रहा. मौसम थोड़ा बेहतर होने के बाद पायलट ने दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश की. इस बात लैंडिंग सफल रही. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Hyderabad,Telangana Source link

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aaj ka Vrishchik rashifal 30 july 2026 scorpio horoscope in hindi patience...

Last Updated:July 30, 2026, 00:03 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 30 july 2026: ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे ने वृश्चिक राशि के लिए 30 जुलाई 2026 का राशिफल बताया. धैर्य, सही निर्णय और नए अवसरों से सफलता मिलेगी. व्यापार-नौकरी में टीम वर्क से लाभ होगा. आर्थिक लाभ के संकेत हैं. गणेश जी की पूजा और दूर्वा अर्पित करने से शुभ फल मिलेंगे. जानें राशिफल. ख़बरें फटाफट सीतामढ़ी: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे ने 30 जुलाई 2026 का विशेष राशिफल साझा किया है. उन्होंने बताया कि आज का दिन इस राशि के लोगों के लिए धैर्य, सही निर्णय और जीवन को एक नई दिशा देने का संकेत लेकर आया है. आज आपके सामने एक ऐसा अनोखा अवसर आ सकता है, जिसे साधारण लोग अनदेखा करके छोड़ देंगे. लेकिन आपकी विशेष दूरदर्शिता, तीक्ष्ण बुद्धि और समझदारी उस साधारण से दिखने वाले अवसर को जीवन की एक बहुत बड़ी सफलता में बदल सकती है. आज का दिन नए प्रयोगों और सहयोग का समयव्यापार और नौकरी के क्षेत्र में आज का दिन नए प्रयोगों और सहयोग का समय है. आज अकेले प्रयास करने के बजाय अपनी टीम के साथ मिलकर कार्य करना अधिक फलदायी रहेगा. दूसरों का सहयोग स्वीकार करना ही आज आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा और आपके कार्यों को गति प्रदान करेगा. आर्थिक दृष्टिकोण से भी आज का दिन बहुत शुभ माना जा रहा है. अचानक किसी अप्रत्याशित स्रोत से धन लाभ के संकेत मिल रहे हैं, साथ ही भविष्य के लिए एक मजबूत बचत योजना बनाना भी आपके लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा. मन का बोझ होगा हल्कापारिवारिक जीवन और सामाजिक संबंधों के लिहाज से आज का दिन पुरानी कड़वाहट को भुलाकर आगे बढ़ने का संदेश देता है. आज किसी पुराने मित्र या रिश्तेदार से हुई बातचीत आपके मन के भारी बोझ को पूरी तरह हल्का कर सकती है. संबंधों में क्षमाशीलता और अपनापन दिखाने से रिश्तों में एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होगा. ज्योतिषाचार्य का कहना है कि जो व्यक्ति धैर्य रखकर सही समय की प्रतीक्षा करता है, वही अंततः जीवन की सबसे बड़ी सफलताओं का सच्चा अधिकारी बनता है. करें ये उपाय होगा लाभआज के दिन को और अधिक मंगलकारी बनाने तथा सभी बाधाओं को समाप्त करने के लिए ज्योतिषाचार्य ने एक विशेष नवीन उपाय भी सुझाया है. आज प्रातःकाल स्नान आदि के पश्चात भगवान श्रीगणेश को दूर्वा की 21 पत्तियाँ श्रद्धापूर्वक अर्पित करें. इसके बाद ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का 21बार जप करें और किसी छोटे बच्चे को गुड़ का टुकड़ा प्रसाद स्वरूप दें. यह उपाय आपकी बुद्धि में वृद्धि करेगा, विघ्नों को शांत करेगा और कार्यसिद्धि के साथ-साथ आपके जीवन में नए शुभ अवसरों के द्वार खोलेगा. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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₹10 में सुंदर क्रॉकरी और होम डेकोर! दिल्ली की इस हिडन मार्केट...

Delhi Hauz Rani Market: ₹10 में सुंदर क्रॉकरी और होम डेकोर! दिल्ली की इस हिडन मार्केट में मिलेंगे रेस्टोरेंट-स्टाइल बर्तनदिल्ली की हौज़ रानी मार्केट क्रॉकरी, किचन और होम डेकोर के लिए एक बजट-फ्रेंडली जगह है. मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन के पास यह मार्केट ₹10 से शुरू होने वाली चीज़ें और रेस्टोरेंट-स्टाइल क्रॉकरी प्रदान करती है. Source link

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Last Updated:July 29, 2026, 22:16 IST Vijay Yadav Success Story: पूर्वी चंपारण के अमवा गांव निवासी विजय यादव ने आर्थिक तंगी के कारण 1996 में पंजाब जाकर महज 800 रुपये की नौकरी से शुरुआत की थी. पंजाब के खेतों से प्रेरणा लेकर वे गांव लौटे और आधुनिक खेती की राह चुनी. आज विजय यादव बैंगन, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, शिमला मिर्च और बागवानी के साथ-साथ पशुपालन से हर साल 20 लाख रुपये तक की शानदार कमाई कर रहे हैं. जानें इनकी कहानी. ख़बरें फटाफट आदित्य गौरव/पूर्वी चंपारण: बिहार में कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि मेहनत और लगन के दम पर आर्थिक समृद्धि की नई इबारत लिखने का जरिया भी बन रही है. राज्य में ऐसे कई किसान हैं, जिनका संघर्ष और सफलता दूसरों के लिए मिसाल है. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है पूर्वी चंपारण जिले के तुरकौलिया प्रखंड स्थित अमवा गांव के रहने वाले किसान विजय यादव की. जो आज पूरे जिले में अपनी लीक से हटकर की जाने वाली खेती के लिए पहचाने जाते हैं. कभी 800 रुपये की नौकरी से शुरुआत करने वाले विजय आज सालाना 20 लाख का टर्नओवर है. आर्थिक संकट ने भेजा पंजाब, 800 रुपये से शुरू किया सफरविजय यादव बताते हैं कि मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करते ही उन पर पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ आ पड़ा. परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और पिता जी संन्यास लेकर संत बन गए थे. पूरे घर की जिम्मेदारी विजय के कांधों पर आ गई. जिसके चलते उन्हें वर्ष 1996 में पंजाब का रुख करना पड़ा. कड़े संघर्ष और काफी भटकने के बाद पंजाब में उन्हें महज 800 रुपये महीने की नौकरी मिली. अपनी ईमानदारी और बेहतर काम के बदौलत धीरे-धीरे उनकी पगार बढ़कर 5000 रुपये प्रतिमाह तक पहुंच गई. पंजाब के खेतों ने बदला नजरिया, गांव लौटने का लिया फैसलापंजाब में काम के दौरान रविवार को छुट्टी के दिन विजय अक्सर वहां के लहलहाते खेतों को देखा करते थे. वहां आधुनिक और विविधतापूर्ण खेती देखकर उनके मन में भी अपने गांव जाकर कृषि क्षेत्र में कुछ बड़ा करने का विचार आया. आखिरकार उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर गृहग्राम लौटने का निर्णय लिया. बैंगन से शुरुआत, स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट का उत्पादनगांव लौटने के बाद विजय यादव ने सबसे पहले बैंगन की खेती से अपनी शुरुआत की. मेहनत रंग लाई और वे धीरे-धीरे कृषि के नए प्रयोगों को अपनाते चले गए. उन्होंने पारंपरिक व हरी सब्जियां जैसे बैंगन, भिंडी और विभिन्न प्रकार की गोभी की बड़े पैमाने पर खेती की. इसके बाद हॉर्टिकल्चर व आधुनिक फसलें जैसे ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और रंग-बिरंगी शिमला मिर्च की विशेष खेती शुरू की. इसके बाद उन्होंने बागवानी में नींबू और पपीते के बड़े-बड़े बागान लगाए. सालाना 20 लाख का टर्नओवरखेती के साथ-साथ विजय यादव ने पशुपालन को भी अपनी आय का मजबूत जरिया बनाया है. उनके घर पर उन्नत नस्ल के मवेशी मौजूद हैं. जिससे दूध उत्पादन से बेहतर मुनाफा होता है. कभी 800 रुपये की मामूली नौकरी से अपना सफर शुरू करने वाले विजय यादव आज आधुनिक खेती और पशुपालन के दम पर हर साल लगभग 20 लाख रुपये की शानदार कमाई कर रहे हैं. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Motihari,Purba Champaran,Bihar Source link

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Cockroach News | Bombay High Court on Cockroach | ‘यहां भी मक्खी...

क्या किचन में एक-दो कीड़े मिलने भर से किसी बड़े होटल का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है? महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित एक 5 स्टार होटल के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट में इसी सवाल पर सुनवाई हुई. लेकिन इस दौरान कोर्ट में एक जज की टिप्पणी ने सबका ध्यान खींच लिया. इस मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस गौतम अखंड की बेंच ने महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से पूछा कि आखिर किसी होटल का लाइसेंस रद्द करने के लिए क्या मानक तय हैं? सुनवाई के दौरान जब चर्चा किचन में मिले कॉकरोच और साफ-सफाई को लेकर हुई तो जजों में से एक ने मजाक में कहा, ‘पिछले हफ्ते मेरी डेस्क पर ठीक मेरे सामने एक बड़ा कीड़ा बैठा था. अब हम क्या कर सकते हैं? हम भारत में हैं. मैं आपको एक मक्खी के बारे में बता रहा, है ना? यहां अभी भी एक मक्खी उड़ रही है. हम भारत में हैं; हमें प्रैक्टिकल और असलियत को ध्यान में रखकर काम करना होगा.’ जज की इस टिप्पणी का इशारा साफ था कि खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन कार्रवाई भी परिस्थितियों और वास्तविकता को ध्यान में रखकर होनी चाहिए. 5 स्टार होटल ने दी FDA की कार्रवाई को चुनौती मामला नवी मुंबई के पार्क इन बाय रेडिसन नवी मुंबई का है. होटल ने अपने फूड लाइसेंस रद्द किए जाने के फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है. होटल की ओर से दलील दी गई कि मामला सिर्फ एक चेकलिस्ट या कुछ कमियों का नहीं हो सकता. किसी भी होटल का लाइसेंस रद्द करना एक गंभीर कदम है और इसके लिए ठोस कारण और उचित प्रक्रिया जरूरी है. होटल के वकील ने कहा कि ‘यह मामला एक या दस कॉकरोच मिलने का नहीं है, लेकिन केवल एक निरीक्षण रिपोर्ट या चेकलिस्ट के आधार पर इतना बड़ा फैसला नहीं लिया जा सकता.’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि FDA ने लाइसेंस रद्द करने से पहले पर्याप्त और स्पष्ट लिखित कारण नहीं बताए. ‘किचन में मिली थीं गंभीर खामियां’ वहीं FDA ने कोर्ट को बताया कि होटल की जांच के दौरान किचन में गंभीर स्वच्छता संबंधी उल्लंघन पाए गए थे. विभाग के मुताबिक, जांच में कॉकरोच मिलने समेत कई कमियां सामने आई थीं. FDA ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती और इसी आधार पर कार्रवाई की गई. इस मामले की अगली सुनवाई अगले शुक्रवार को होगी. कई बड़े क्लबों पर भी FDA का शिकंजा इस बीच महाराष्ट्र एफडीए ने होटल, रेस्टोरेंट और क्लबों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. इसी अभियान के तहत क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया , एमआईजी क्रिकेट क्लब समेत कई क्लबों के फूड लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं. एफडीए के मुताबिक, जांच में कुछ जगहों पर वेज और नॉन-वेज खाना बनाने के लिए अलग व्यवस्था नहीं मिली. इसके अलावा किचन में कॉकरोच और मक्खियां, गंदे कटिंग बोर्ड, जाम नालियां, खराब सब्जियां, एक्सपायर खाद्य सामग्री और स्टोरेज में लापरवाही जैसी कमियां सामने आईं. विभाग ने यह भी दावा किया कि कई जगहों पर खाद्य पदार्थों की सही लेबलिंग और FIFO/FEFO नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था. यानी एक तरफ FDA का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता, वहीं होटल का तर्क है कि छोटी-मोटी कमियों के आधार पर लाइसेंस रद्द करना उचित नहीं है. अब कोर्ट के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं. Source link

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bettiah mega job fair on 31 july west champaran employment camp details

Last Updated:July 29, 2026, 20:13 IST West Champaran Job Camp: युवाओं के लिए नौकरी का बड़ा अवसर है. पश्चिम चंपारण के बेतिया में 31 जुलाई को रोज़गार मेले का आयोजन हो रहा है. इसमें दर्जनों कंपनियाँ बेहतर सैलरी पर 18+ युवक-युवतियों को नौकरी देंगी. 10वीं से पोस्ट ग्रेजुएट तक के युवा भाग ले सकते हैं. NCS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है. पश्चिम चम्पारण: एक लंबे समय के बाद ज़िले में एक बार फिर रोज़गार मेले का आयोजन हो रहा है.बड़ी बात यह है कि इस मेले में दो या चार नहीं, बल्कि दर्जनों बड़ी कंपनियां शिरकत कर रही हैं.बेहतर मानदेय पर रोज़गार के लिए 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी योग्य युवक एवं युवती अपनी भागीदारी दर्ज कर सकते हैं. ज़िला नियोजनालय से मिली जानकारी के अनुसार, जॉब कैंप में हिस्सा लेने के लिए अभ्यर्थियों का NCS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है.31 जुलाई को रोजगार मेले का आयोजन जिला नियोजन पदाधिकारी शोभा कुमारी बताती हैं कि जिले के अधिक से अधिक रोजगार इच्छुक युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें व्यवसायिक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए 31 जुलाई को नियोजन मेले का आयोजन किया जा रहा है.मेले में निजी क्षेत्र के दर्जनों नियोजकों को आमंत्रित किया जा रहा है, ताकि रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुसार रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें. सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बताते चलें कि इस जॉब कैंप का आयोजन युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, जिला नियोजनालय, पश्चिम चम्पारण द्वारा किया जा रहा है.इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित तारीख पर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बेतिया के सरकारी आईटीआई छात्रावास के बगल वाले खुले मैदान में पहुंचना है. दर्जनों कम्पनियांयहां निजी नियोजकों जैसे हरिनगर चीनी मिल, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन, फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी एकेडमी, स्वतंत्र माइक्रो फाइनेंस, LIC ऑफ इंडिया, शिवशक्ति एजीटेक लिमिटेड, उमोजा मार्केटप्लेस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, RSG सेल्स एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड इत्यादि कम्पनियों द्वारा अभ्यर्थियों की योग्यता के अनुसार रोज़गार मुहैया कराई जाएगी. ये कागज़ात हैं अनिवार्य राहत की बात यह है कि इसमें दसवीं से लेकर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट तक के युवा भाग ले सकते हैं.ध्यान रहे कि अभ्यर्थियों को अपने साथ आधार और पैन कार्ड की कॉपी, क्वालिफिकेशनल सर्टिफिकेट्स, पासपोर्ट साइज़ फोटो, एक्सपीरियंस लेटर इत्यादि अनिवार्य रूप से लाना है.जिला नियोजन पदाधिकारी ने जिले के सभी रोजगार इच्छुक युवक-युवतियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में नियोजन मेले में शामिल होकर उपलब्ध रोजगार के अवसरों का लाभ उठाएं. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bettiah,Pashchim Champaran,Bihar Source link

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CJP Protest Bihar | CJP Protest | रूस में बैठा था किशनगंज...

होमताजा खबरदेश रूस में बैठा था बिहार का सदाकत, फिर भी NEET प्रदर्शन में दर्ज हो गई FIR! Last Updated:July 29, 2026, 19:06 IST NEET पेपर लीक आंदोलन से जुड़ी एफआईआर को लेकर बिहार में नया विवाद सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में किशनगंज का रहने वाला एक युवक दावा कर रहा है कि वह पिछले चार महीने से रूस में है, फिर भी उसका नाम 24 जुलाई के प्रदर्शन से जुड़े केस में दर्ज कर दिया गया. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. सदाकत का दावा कि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहा है, लेकिन इसके बावजूद उसका नाम किशनगंज जिले में दर्ज एक एफआईआर में शामिल कर दिया गया. NEET पेपर लीक को लेकर कॉकरोज जनता पार्टी के आह्वान पर हुए जगह-जगह हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को लेकर बिहार में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक दावा कर रहा है कि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहा है, लेकिन इसके बावजूद उसका नाम किशनगंज जिले में दर्ज एक एफआईआर में शामिल कर दिया गया. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं और पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है. हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. वहीं पुलिस ने भी अब तक युवक के दावे की पुष्टि या खंडन नहीं किया है. ‘चार महीने से रूस में हूं, फिर आरोपी कैसे बन गया?’ युवक ने इस वायरल वीडियो में अपना नाम मोहम्मद सदाकत बताया है. सदाकत का कहना है कि वह किशनगंज जिले के बहादुरगंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर-12 का रहने वाला है. उसके मुताबिक, 24 जुलाई को LRP चौक पर NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के मामले में प्रशासन ने उसका नाम एफआईआर में जोड़ दिया है. If Mohammad Sadaqat has been living in Russia for the past four months, then the circumstances under which a case was registered against him deserve a fair and transparent investigation. Source link

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