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प्लेन के विंग पर मधुमक्खी करने लगीं कब्जा, तो पायलट ने किया...

मैक्सिको के कैनकन एयरपोर्ट पर डेल्टा एयरलाइंस की एक फ्लाइट के सामने अजीब सी परेशानी आ खड़ी हो गई. दरअसल, टेकऑफ के ठीक पहले बोइंग 737 प्लेन के विंग पर मधुमक्खियों का बड़ा झुंड आकर बैठ गया. ऐसा लगने लगा, मानो मधुमक्खियों ने विंग पर अपना छत्ता बना लिया हो. एयरपोर्ट कर्मियों ने मधुमक्खियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन वे भागने को तैयार ही नहीं थी. तभी पायलट ने एक फैसला लिया, जिसका अंजाम देखने के बाद पैसेंजर के मुंह से निकल पड़ा- ओह माय गॉड. आखिर ऐसा क्या हुआ, जानने के लिए देखें पूरा वीडियो. Source link

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aaj ka Vrishchik rashifal 13 June 2026 lucky for scorpio people progress...

Last Updated:June 13, 2026, 00:03 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 13 June 2026: 13 जून 2026 का दिन बेहद खास और सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला है. आज आपकी गहरी अंतर्दृष्टि, सूझबूझ और दृढ़ संकल्प की शक्ति आपको जीवन की कई बड़ी चुनौतियों से पार उतारने में मददगार साबित होगी. करियर और व्यापार में भाग्य साथ देगा, प्रेम और परिवार में सुख, स्वास्थ्य खासकर पेट और कमर को लेकर सतर्क रहें. ज्योतिषाचार्य से जानें आज का राशिफल और उपाय. ख़बरें फटाफट सीतामढ़ी: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज यानी 13 जून 2026 का दिन बेहद खास और सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला है. आज आपकी गहरी अंतर्दृष्टि, सूझबूझ और दृढ़ संकल्प की शक्ति आपको जीवन की कई बड़ी चुनौतियों से पार उतारने में मददगार साबित होगी. ग्रहों की स्थिति कुछ इस तरह बन रही है कि आज आपके सामने कुछ छिपी हुई बातें या रहस्य उजागर हो सकते हैं, जो भविष्य के लिए आपके महत्वपूर्ण फैसलों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेंगे. करियर और व्यापार में भाग्य का साथज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार आज करियर और व्यापार के क्षेत्र में वृश्चिक राशि वालों को भाग्य का पूरा साथ मिलने वाला है. कार्यक्षेत्र में आपकी कड़ी मेहनत और लगन की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खुलकर सराहना की जाएगी. नौकरीपेशा लोगों को कोई नया बेहतरीन अवसर मिल सकता है या दफ्तर में होने वाली कोई महत्वपूर्ण चर्चा आपके पक्ष में जा सकती है. व्यापारियों के लिए आज का दिन किसी नई योजना पर काम शुरू करने या पुराने संपर्कों को पुनर्जीवित कर बड़ा मुनाफा कमाने के लिए बेहद उत्तम है. घर में रोमांस का बना रहेगा माहौल आर्थिक और पारिवारिक दृष्टिकोण से देखें तो आज आपकी वित्तीय स्थिति पूरी तरह संतुलित रहने वाली है. हालांकि, आपको अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाने की जरूरत है ताकि बजट न बिगड़े. प्रेम संबंधों के लिहाज से आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा. जीवनसाथी के साथ आपका भावनात्मक जुड़ाव पहले से कहीं अधिक मजबूत होगा और घर में रोमांस का माहौल बना रहेगा. परिवार में सुख-शांति का वास होगा और घर के किसी वरिष्ठ सदस्य की सलाह आज आपके किसी बड़े काम आ सकती है. स्वास्थ्य के मामले में सतर्क रहने की आवश्यकतावृश्चिक राशि वालों को आज स्वास्थ्य के मामले में आज आपको थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है. विशेष रूप से अपने पेट और कमर के हिस्से का ख्याल रखें. आज हल्का और सात्विक भोजन ग्रहण करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें. आज के दिन को और भी शानदार बनाने के लिए आपका शुभ अंक 9 तथा शुभ रंग गहरा लाल और काला है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, आज शाम के समय एक लाल फूल लेकर 11 बार ॐ नरसिंहाय नमः मंत्र का जाप करें और उस फूल को अपने घर की उत्तर-पूर्व दिशा में रख दें, इससे सभी संकट दूर होंगे. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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DRDO missile test। ballistic missile defence interceptors। 2 दिन में 3 टेस्ट…...

नई दिल्ली. भारतीय रक्षा गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने वैश्विक महाशक्तियों के बीच हलचल पैदा कर दी है. भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन (DRDO) ने 10 और 11 जून को महज 24 घंटे के भीतर एक के बाद एक लगातार तीन मिसाइलों के सफल परीक्षण कर इतिहास रच दिया है. इस ऐतिहासिक कामयाबी के साथ ही भारत दुनिया के उन गिने-चुने एलीट सुपरपावर देशों की कतार में मजबूती से खड़ा हो गया है, जिनके पास आसमान से लेकर अंतरिक्ष तक और समंदर की गहराइयों से लेकर लंबी दूरी की मिसाइलों को पलक झपकते ही खाक करने का अचूक ब्रह्मास्त्र मौजूद है. हिंदुस्तान टाइम्स ने रक्षा मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी. भारत ने अब एक ऐसा अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार कर लिया है जिसे भेद पाना नामुमकिन है. भारत ने निकाला ICBM हमले का तोड़भारत ने 10 और 11 जून को लगातार तीन मिसाइलों के सफल फ्लाइट टेस्‍ट कर बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) और एंटी-शिप वॉरफेयर क्षमताओं का लोहा मनवाया है. इस ऐतिहासिक और रणनीतिक कामयाबी के साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा और एलीट देशों के क्लब में शामिल हो गया है जिनके पास इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBMs) तक को हवा में ही नेस्तनाबूद करने की अचूक तकनीक मौजूद है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने इस बड़ी सफलता के लिए वैज्ञानिकों, उद्योग जगत के सहयोगियों और सशस्त्र बलों को बधाई दी है. टेस्‍ट से जुड़ी 5 मुख्य बातें • 24 घंटे में तीन बड़े धमाके: डीआरडीओ ने बेहद जटिल मिशन को अंजाम देते हुए महज 24 घंटे के भीतर लगातार तीन बड़े मिसाइल टेस्‍ट किए जो भारत की अत्याधुनिक और मल्टी-लेयर्ड हवाई सुरक्षा आर्किटेक्‍ट को प्रदर्शित करते हैं. • लंबी दूरी की मिसाइलों का काल: सूत्रों के मुताबिक, भारत ने दो ऐसे इंटरसेप्टर मिसाइलों का परीक्षण किया है जो 2,000 से 5,000 किलोमीटर रेंज वाली इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों (IRBMs) को हवा में मार गिराने में पूरी तरह सक्षम हैं. • अंतरिक्ष और वायुमंडल दोनों में मार: ये इंटरसेप्टर मिसाइलें एक्सो-एटमॉस्फेरिक (अंतरिक्ष में) और एंडो-एटमॉस्फेरिक (वायुमंडल के भीतर) दोनों ही स्तरों पर आकर दुश्मन की मिसाइलों को ट्रैक कर उन्हें पूरी तरह तबाह कर सकती हैं. • पाकिस्तान के मिसाइल खतरे का तोड़: यह परीक्षण भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि पड़ोसी देश पाकिस्तान लगातार फतेह-1, फतेह-2 और चीन की तकनीक पर आधारित P282 जैसी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित कर रहा है. • पहली बार नेवल एंटी-शिप मिसाइल (NASM-MR) का ट्रायल: इस रक्षा कवच के साथ ही डीआरडीओ ने पहली बार मध्यम दूरी की नौसैनिक एंटी-शिप मिसाइल का भी सफल पहला फ्लाइट टेस्‍ट किया, जिससे समुद्री सीमाओं पर भारतीय नौसेना की प्रहार क्षमता कई गुना बढ़ गई है. जल्‍द होगा यूजर ट्रायलइन परीक्षणों की सफलता केवल एक तकनीकी मील का पत्थर नहीं है बल्कि यह दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन को पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ने वाली घटना है. चीन और पाकिस्तान के बढ़ते मिसाइल गठजोड़ को देखते हुए भारत को एक ऐसे अभेद्य सुरक्षा चक्र की सख्त जरूरत थी. इन इंटरसेप्टर मिसाइलों के परीक्षण पूरे होने के बाद अब इन्हें जल्द ही यूजर ट्रायल्स यानी सीधे सेना के अंतिम परीक्षणों के लिए भेजा जाएगा जिसके बाद इन्हें सीमाओं पर तैनात कर दिया जाएगा. सवाल-जवाबभारत ने हाल ही में किस खास तकनीक का सफल परीक्षण कर दुनिया के एलीट क्लब में जगह बनाई है?भारत ने बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) प्रणाली के तहत इंटरसेप्टर मिसाइलों और मध्यम दूरी की नेवल एंटी-शिप मिसाइल (NASM-MR) का सफल परीक्षण किया है.डीआरडीओ द्वारा टेस्ट की गई इंटरसेप्टर मिसाइलों की मारक क्षमता और खासियत क्या है?ये इंटरसेप्टर मिसाइलें 2,000 से 5,000 किमी रेंज वाली दुश्मन की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम हैं और ये वायुमंडल के अंदर (Endo) व अंतरिक्ष (Exo) दोनों जगहों पर हमला कर सकती हैं.भारत के लिए बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम को मजबूत करना क्यों सबसे बड़ी प्राथमिकता है?क्षेत्रीय सुरक्षा को देखते हुए यह बेहद जरूरी है, क्योंकि पाकिस्तान तेजी से फतेह-I, फतेह-II और चीनी मूल की घातक P282 लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें तैयार कर रहा है.समुद्री सुरक्षा और नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए किस नई मिसाइल का पहला परीक्षण किया गया?डीआरडीओ ने पहली बार ‘नेवल एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज’ (NASM-MR) का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया है, जो समुद्र में दुश्मन के युद्धपोतों को मध्यम दूरी पर ही नष्ट कर सकती है.इस पूरे मिशन की सफलता पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्या बयान दिया है?रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि से भारत की रक्षा तैयारियां काफी मजबूत होंगी और देश की हवाई व समुद्री खतरों से निपटने की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा. Source link

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चार साल से देश को था जिसका इंतजार, आ ही गया वो...

होमताजा खबरदेश देश को था जिसका इंतजार, आ ही गया वो पल… NDA से पास होकर निकलेंगी 14 महिला अफसर Last Updated:June 12, 2026, 22:26 IST भारतीय सैन्य इतिहास में शनिवार को नया अध्याय जुड़ेगा, जब एनडीए (NDA) के पहले महिला बैच की 14 कैडेट्स पास आउट होकर सैन्य अधिकारी बनेंगी. इनमें से 9 थलसेना और 5 वायुसेना में शामिल होंगी. जून 2022 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महिलाओं की एनडीए में एंट्री हुई थी. आईएमए (IMA) परेड की समीक्षा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी जबकि वायुसेना परेड में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे. शनिवार का दिन ऐतिहासिक होने वाला है. (Representational Picture) नई दिल्ली. भारतीय सैन्य इतिहास और देश की नारी शक्ति के लिए शनिवार का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है. यह भारत के रक्षा इतिहास में पहला ऐसा मौका होगा जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के सबसे पहले महिला बैच की जांबाज कैडेट्स अपनी ट्रेनिंग पूरी कर पास आउट होंगी और देश की रक्षा के लिए बतौर सैन्य अधिकारी कमान संभालेंगी. इस ऐतिहासिक पल के गवाह देश के दो बड़े सैन्य प्रशिक्षण संस्थान बनेंगे. देहरादून स्थित इंडियन मिलिटरी एकेडमी (IMA) की पासिंग आउट परेड में NDA के इस पहले बैच की 9 महिला कैडेट्स पास आउट होकर भारतीय थलसेना का गौरव बढ़ाएंगी. वहीं, हैदराबाद के डुंडीगल स्थित एयर फोर्स एकेडमी से इसी बैच की 5 महिला कैडेट्स भारतीय वायुसेना में बतौर अधिकारी कमीशन होकर आसमान की बुलंदियों को छूने के लिए तैयार हैं. सैनिकों की खान कहे जाने वाले राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के दरवाजे पहले महिलाओं के लिए पूरी तरह बंद थे. लेकिन जून 2022 में देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) के एक ऐतिहासिक और दूरगामी आदेश के बाद बेटियों के लिए एनडीए के द्वार खोले गए थे. इस पहले बैच की सफलता देश के लिए कितनी मायने रखती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आईएमए (IMA) देहरादून की पासिंग आउट परेड की समीक्षा खुद महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी जबकि डुंडीगल एयर फोर्स एकेडमी की कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड की सलामी लेने के लिए देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खुद कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे. उत्तराखंड के देहरादून स्थित आईएमए से इस बार कुल 515 जांबाज कैडेट पास आउट होकर सेना का हिस्सा बनने जा रहे हैं, जिनमें मित्र देशों की सेनाओं के 16 अलग-अलग मुल्कों से आए 34 विदेशी कैडेट भी शामिल हैं. इसी तरह, हैदराबाद में भारतीय वायुसेना के 217वें कोर्स की फ्लाइंग और ग्राउंड ड्यूटी ब्रांच से कुल 231 फ्लाइट कैडेट अपनी कठिन प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं. इस पूरे वायुसेना बैच में 194 पुरुष कैडेट और 37 महिला कैडेट्स शामिल हैं, जिनमें से 5 जांबाज बेटियां एनडीए के पहले महिला बैच का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. ऐतिहासिक सैन्य परेड से जुड़ी 5 मुख्य बातें • इतिहास में पहली बार: जून 2022 में सुप्रीम कोर्ट के बड़े फैसले के बाद एनडीए में शामिल हुई देश की बेटियों के पहले बैच की 14 महिला कैडेट्स कल पास आउट होकर भारतीय सेना में अधिकारी बनने का गौरव हासिल करेंगी. • सेना के दो अंगों में तैनाती: इस पहले महिला बैच की 9 बहादुर बेटियां देहरादून के आईएमए से पास आउट होकर थलसेना में शामिल होंगी, जबकि 5 बेटियां हैदराबाद के डुंडीगल से पास आउट होकर वायुसेना में विंग्स पाएंगी. • राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री की मौजूदगी: थलसेना की ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड की समीक्षा देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी, जबकि वायुसेना की कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे. • विदेशी कैडेट्स भी होंगे पास आउट: देहरादून आईएमए से इस बार कुल 515 कैडेट्स देश सेवा की कसम खाएंगे, जिनमें भारत के पड़ोसी व अन्य मित्र देशों के कुल 16 देशों के 34 विदेशी जांबाज भी शामिल हैं. • खुद विमान उड़ाएंगे वायुसेना प्रमुख: इस ऐतिहासिक जश्न को और खास बनाने के लिए कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड में खुद वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ‘सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम’ के 9 विमानों में से एक विमान को खुद उड़ाकर कैडेट्स का हौसला बढ़ाएंगे. सवाल-जवाबभारतीय सैन्य इतिहास में शनिवार का दिन किस ऐतिहासिक उपलब्धि की वजह से याद किया जाएगा?शनिवार का दिन इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि यह देश में पहला मौका है जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के सबसे पहले महिला बैच की 14 कैडेट्स अपनी कठिन ट्रेनिंग पूरी कर थलसेना और वायुसेना में बतौर अधिकारी कमीशन होंगी.एनडीए के पहले महिला बैच की यह 14 कैडेट्स भारतीय सेना के किन अंगों में और कितनी संख्या में शामिल हो रही हैं?इन 14 महिला कैडेट्स में से 9 कैडेट्स देहरादून के आईएमए से पास आउट होकर भारतीय थलसेना (Indian Army) में और 5 महिला कैडेट्स हैदराबाद के डुंडीगल से पास आउट होकर भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) में शामिल हो रही हैं.सशस्त्र बलों के सर्वोच्च अकादमी एनडीए (NDA) के दरवाजे देश की महिलाओं के लिए कब और किसके आदेश पर खोले गए थे?इससे पहले महिलाओं के लिए एनडीए की एंट्री बंद थी, लेकिन जून 2022 में देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) के एक ऐतिहासिक और कड़े आदेश के बाद महिलाओं को एनडीए में प्रवेश की अनुमति दी गई थी.दोनों सेनाओं के इन बड़े पासिंग आउट परेड समारोहों में मुख्य अतिथि के रूप में कौन सी बड़ी हस्तियां शामिल हो रही हैं?देहरादून में आईएमए (IMA) की पासिंग आउट परेड की समीक्षा स्वयं देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी, जबकि हैदराबाद के डुंडीगल एयर फोर्स अकादमी में होने वाले मुख्य समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे.वायुसेना की पासिंग आउट परेड के हवाई प्रदर्शन (एयर शो) के दौरान कौन सी बेहद खास और दुर्लभ घटना देखने को मिलेगी?परेड के दौरान आसमान में सुखोई और सारंग टीम जलवा बिखेरेंगी, लेकिन सबसे खास बात यह होगी कि खुद देश के वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह आसमान में सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के 9 विमानों में से एक एयरक्राफ्ट को खुद पायलट के तौर पर उड़ाएंगे. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल

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best tourist places in muzaffarpur low budget tourist places for summer vacation

Last Updated:June 12, 2026, 21:31 IST Summer Tourist Places In Muzaffarpur: गर्मी की छुट्टी में बच्चों को बाहर घुमाने के लिए बजट नहीं है? तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. अभिभावक अपने बच्चों के साथ पूरे परिवार के लिए विकेंड प्लान कर सकते हैं. आपको मुजफ्फरपुर में कम बजट घूमने वालों के लिए लेक फ्रंट, सिटी पार्क, जुब्बा सहनी पार्क, मणिका मन, इंदिरा पार्क और गरीबस्थान मंदिर जैसे लोकप्रिय स्थल आकर्षण बने हैं. यहां पर आप सुकून के पल परिवार के साथ बिता सकते हैं. बच्चो को प्रकृति के बीच खाने-पीने का खूब मजा दिला सकते हैं. गर्मी की छुट्टियों में घूमने का मन हो लेकिन बजट ज्यादा न हो, तो मुजफ्फरपुर शहर में ही कई ऐसे खूबसूरत स्थान हैं जहां परिवार, दोस्तों या बच्चों के साथ बेहतरीन समय बिताया जा सकता है. यहां प्राकृतिक सौंदर्य, मनोरंजन देखने को मिलता है.  मुजफ्फरपुर का लेक फ्रंट इन दिनों लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. झील के किनारे बना यह स्थान सुबह और शाम की सैर के लिए काफी प्रसिद्ध है. यहां बैठकर ठंडी हवा का आनंद लिया जा सकता है. सूर्यास्त का नजारा भी लोगों को खूब आकर्षित करता है. इसके अलावा यहां नाश्ते का भी दुकान लगा रहता हैं. जहां परिवार के साथ अपने छुट्टी के पल को और खूबसूरत बना सकते हैं.  हरियाली और शांत वातावरण के लिए सिटी पार्क जाना एक अच्छा विकल्प है. बच्चों के खेलने के लिए झूले, बैठने की व्यवस्था और सुंदर बगीचे इसे परिवारों के लिए खास बनाते हैं. छुट्टियों में यहां काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं.  Add News18 as Preferred Source on Google स्वतंत्रता सेनानी जुब्बा सहनी की स्मृति में बना यह पार्क शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है. यह पार्क शहर में मिठनपुरा में स्थित हैं. यहां हरियाली के बीच टहलने और समय बिताने का अलग ही अनुभव मिलता है. बच्चों और युवाओं के लिए यह पसंदीदा जगह मानी जाती है.  शहर की भागदौड़ से दूर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने वालों के लिए मणिका मन बेहतरीन स्थान है. यहां का शांत माहौल और प्राकृतिक दृश्य लोगों को सुकून का एहसास कराते हैं. पिकनिक और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए यह जगह काफी उपयुक्त है.  इंदिरा पार्क भी मुजफ्फरपुर के पुराने और लोकप्रिय पार्कों में गिना जाता है। यहां सुबह योग और व्यायाम करने वाले लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है। बच्चों के लिए भी यह मनोरंजन का अच्छा केंद्र है। धार्मिक दृष्टिकोण से मुजफ्फरपुर का प्रसिद्ध गरीबस्थान मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. सावन महीने में यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए घूमने का यह प्रमुख स्थल है. इसके अलावा साहू पोखर, राज राजेश्वरी देवी मंदिर और बंगलामुखी मंदिर भी काफी प्रसिद्ध हैं.  न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। बिहार की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें| Source link

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AI-171 प्‍लेन क्रैश की जांच पर आया अपडेट, हादसे को एक साल...

होमताजा खबरदेश AI-171 प्‍लेन क्रैश की जांच पर आया अपडेट, AAIB ने लोगों से कहा- अटकलों से बचें Last Updated:June 12, 2026, 20:26 IST एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के क्रैश को आज पूरा एक साल हो गया है. इस हादसे की जांच को लेकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपडेट जारी किया है. ब्यूरो ने बताया कि प्‍लेन के फ्लाइट रिकॉर्डर डेटा, इंजन, तकनीकी सिस्टम, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सबूतों की गहन जांच की जा चुकी है. अंतिम निष्‍कर्षों का व्यापक विश्लेषण फिलहाल जारी है. एएआईबी ने साफ कहा है कि उसकी जांच का मकसद किसी को दोषी बताना नहीं, बल्कि एविएशन सिक्‍योरिटी को बेहतर बनाना है. एएआईबी ने अहमदाबाद प्‍लेन क्रैश को लेकर अहम अपडेट जारी की हैं. Air India AI-171 Plane Crash: 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ सेकेंडों बाद एयर इंडिया का प्‍लेन क्रैश हो गया था. आज इस हादसे को ठीक एक साल पूरा हो गया है. बीते एक साल के दौरान हर किसी की जिज्ञासा यही जानने को लेकर रही कि इस क्रैश की असल वजह क्‍या थी. आधिकारिक तौर पर एएआईबी ने 12 जुलाई 2025 को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की. इस रिपोर्ट में इशारा किया गया कि हादसे की वजह प्‍लेन के फ्यूल स्विच की तकनीकी खराबी हो सकती है. साथ ही, इस प्रारंभिक रिपोर्ट में एक बात भी थी, जिसने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया था. दरअसल, इस रिपोर्ट में दोनों पायलटों की बीच हुई बातचीत के एक अंश का जिक्र किया गया था. इसी जिक्र को विदेशी कंपनियों ने लपक लिया. इसी बात के आधार पर इस क्रैश में जान गंवाने वाले कैप्‍टन सुमित सभरवाल पर पूरा दोष मढ़ा जाने लगा. हालात यहां तक पहुंच गए कि कैप्‍टन सुमित के वयोवृद्ध माता-पिता को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा. हादसे को लेकर दो अलग अलग बातों ने सबकी निगाह एक बार फिर एएआईबी की तरफ मोड़ दी. सभी को इंतजार था कि अब एएआईबी की अंतिम रिपोर्ट के जरिए हादसे का असली सच सामने आएगा. आशा की जा रही थी कि आज यानी 12 जून को यह रिपोर्ट आ जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पहली बरसी पर एएआईबी कहा- जांच किसी को दोषी ठहराने के लिए नहीं! बीते एक साल में चले इस पूरे घटनाक्रम को देखने के बाद एएआईबी ने AI-171 की पहली बरसी पर बेहद अहम बात कही है. प्‍लेन क्रैश में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए एएआईबी ने कहा है कि उसका मकसद किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन को दोषी ठहराना नहीं है. क्रैश इंवेस्टिगेशन का असल मकसद सबक लतेते हुए ऐसे सुरक्षा उपाय तलाशना है, जिनसे भविष्य में इस तरह की र्दुघटनाओ को रोका जा सके. साथ ही, एविएशन सिक्‍योरिटी को बेहतर और पुख्‍ता किया जा सके. एएआईबी ने अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी तरह की अटकलें न लगाई जाएं. एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने कहा है कि हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार तैयार की जाएगी. जांच पूरी के बाद सभी जरूरी अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाएं को पूरा किया जाएगा. इसके बाद, रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी जाएगी. ब्यूरो ने कहा है कि वह सभी पीड़ित परिवारों और प्रभावित लोगों के दुख में सहभागी है और उनकी पीड़ा को समझता है. जांच का काम पूरी गंभीरता और पेशेवर तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है. जांच को लेकर एएआईबी ने क्‍या कहा… ब्यूरो के अनुसार, जांच अंतरराष्ट्रीय विमानन मानकों और भारत के विमान दुर्घटना जांच नियमों के तहत की जा रही है. हादसे के एक महीने बाद 12 जुलाई 2025 को प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की गई थी. प्रारंभिक रिपोर्ट में शुरुआती तथ्य साझा किए गए थे. इसके बाद पिछले एक साल की जांच में इंवेस्टिगेशन टीम ने प्‍लेन क्रैश से जुड़े हर पहलू की गहराई से पड़ताल की है. एएआईबी ने बताया कि जांच के दौरान विमान के तकनीकी सिस्टम, फ्लाइट रिकॉर्डर से मिले डेटा, इंजन के हिस्सों, मेंटेनेंस रिकॉर्ड, ऑपरेशन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य अहम सबूतों की विस्तार से जांच की गई है. इस काम में विमान निर्माता कंपनियों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य संबंधित एजेंसियों का भी सहयोग लिया गया है. ब्यूरो का कहना है कि कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं और जांच में उल्लेखनीय प्रगति भी हुई है. एएआईबी ने कहा कि हादसे से जुड़े सभी सबूतों और जानकारियों की अभी विस्तार से जांच की जा रही है. कई तकनीकी पहलुओं को दोबारा परखा जा रहा है और विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है. अंतिम रिपोर्ट को मजबूत तथ्यों और वैज्ञानिक जांच के आधार पर तैयार किया जा रहा है. हालांकि एएआईबी की तरफ से अभी भी यह स्‍पष्‍ट नहीं किया गया है कि यह अंतिम जांच रिपोर्ट कब तक आएगी. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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अमरनाथ यात्रा: तैयार हुआ मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा ग्रिड, ड्रोन-CCTV से होगी निगरानी, हर...

होमताजा खबरदेश अमरनाथ यात्रा: मल्टी लेयर्ड सुरक्षा ग्रिड तैयार, ड्रोन-CCTV से होगी निगरानी Last Updated:June 12, 2026, 19:20 IST श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की है. बैठक में यात्रा मार्ग पर मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा ग्रिड बनाने, ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने तथा सीएपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है. श्रद्धालुओं के पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं. स्थानीय लोगों और पशुओं के लिए QR कोड आधारित पहचान पत्र जारी किए जाएंगे. मौसम की स्थिति के अनुसार ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ाया जाएगा. अमरनाथ यात्रा 2026 की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह. Amarnath Yatra Security Arrangements: अमरनाथ यात्रा हमेशा से पाकिस्‍तान की आंखों में खटकती रही है. शायद ही कोई साल गया हो, जब पाकिस्‍तान ने अमरनाथ यात्रा को बाधित करने के लिए कोई न कोई नापाक चाल न चली हो. पाकिस्‍तान की हर चाल को नाकाम करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली हैं. अमरनाथ यात्रा के दौरान किसी तरह का खलल ना पड़े, इसके लिए मल्‍टी लेयर्ड‍ सिक्‍योरिटी ग्रिड तैयार किया गया है. साथ लगभग पूरे यात्रा मार्ग को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में लाया गया है. जहां पर सीसीटीवी करवेज संभव नहीं है, उन जगहों पर ड्रोन के जरिए निगरानी का बंदोबस्‍त किया गया है. इसके अलावा यात्रा मार्ग पर कोई श्रद्धालुओं के अलावा कोई दूसरा घुसपैठ न कर पाए, इसके लिए भी सुरक्षा एजेंसियों ने खास इंतजाम किए हैं. इस बार भी श्रद्धालुओं को क्‍यूआर कोड बेस्‍ड आईकार्ड जारी करने की व्‍यवस्‍था की गई है. वहीं, अमरनाथ यात्रा को लेकर हो रही तैयारियों पर केंद्र सरकार की सीधी नजर बनी हुई है. इस बाबत शुक्रवार को गृहमंत्री अमित शाह ने और जम्‍मू और कश्‍मीर पुलिस सहित सेंट्रल आर्म्‍ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के आला अधिकारियों के साथ उच्‍चस्‍तरीय समीक्षा बैठक की है. बैठक में बैठक में यात्रा मार्ग, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई है. आज गृह मंत्रालय में अमरनाथ यात्रा को लेकर गृहमंत्री ने संबंधित एजेंसियों के साथ उच्‍चस्‍तरीय बैठक की है. गृहमंत्री अम‍ित शाह के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सर्वोच्च सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं. यात्रा मार्ग पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा ग्रिड तैयार किया है. इस ग्रिड को मजबूत बनाने के लिए कुछ अन्‍य एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है. साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया गया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों सहित अन्‍य सर्विलांस सिस्टम के इस्‍तेमाल की तैयारी है. इसके अलावा, सुरक्षा के लिए अन्य तकनीकी संसाधनों के व्यापक इस्तेमाल की बात कही गई है. बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि यात्रा के दौरान विभिन्न सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शिविर स्थलों तथा यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी बनाए रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति का तुरंत समाधान किया जा सके. श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए गृहमंत्री ने पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं. अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को चाकचौबंध बनाने के लिए खुद गृहमंत्री अमित शाह ने आज आला अधिकारियों के साथ बैठक की है. पशुओं का भी रजिस्‍ट्रेशन कराने के लिए दिए गए निर्देशइसके अलावा, यात्रा मार्ग से जुड़े स्थानीय लोगों और पशुओं का भी पंजीकरण कराने के लिए कहा गया है. साथ ही, सभी को क्‍यूआर कोड से लैस पहचान पत्र जारी करने को कहा गया है. वहीं, मौसम को देखते हुए सुरक्षा और यात्रा संचालन की विशेष योजना तैयार की गई है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मौसम की स्थिति और पूर्वानुमान के आधार पर ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ाया जाए, ताकि किसी भी तरह के जोखिम से बचा जा सके. इसके अलावा, गृहमंत्री ने अमरनाथ यात्रा मार्ग के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे श्रद्धालु धार्मिक यात्रा के साथ सुरक्षित रूप से पर्यटन गतिविधियों का भी आनंद ले सकें. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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बुरहानपुर का यह कलाकार कर चुका है जॉनी लीवर-शक्ति कपूर संग काम,...

Last Updated:June 12, 2026, 18:25 IST फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले प्रेमचंद मावले ने लोकल 18 से कहा कि मैं 2012 में जब एक शख्स के संपर्क में आया तो उन्होंने बुरहानपुर के स्थानीय ऐतिहासिक स्थलों पर चल रही दद्दा मलखान सिंह की फिल्म की शूटिंग हो रही थी. मुझे उन कलाकारों से मिलाया. वहां पर मेरा सिलेक्शन हो गया मुझे डाकू का रोल दिया गया. मैं डाकू का रोल बहुत अच्छे से निभाया. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में आज भी कहीं ऐसे कलाकार देखने के लिए मिलते हैं की जो कई फिल्मों में काम कर चुके हैं. आज हम आपको एक ऐसे कलाकार की कहानी बता रहे हैं. बुरहानपुर के इतवारा क्षेत्र में रहने वाले प्रेमचंद मावले की 2012 में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े. उन्होंने कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया. कादर खान शक्ति कपूर दद्दा मलखान सिंह और कई फिल्म डायरेक्टर के साथ उन्हें काम करने का मौका मिला. उन्होंने पार्ट टाइम काम कर करीब 5 से 10 लाख रुपए की कमाई की है. जिसे उन्होंने अपना घर बनाया और बच्चे की शादी की है. उनका कहना है कि मैं केवल कक्षा छठवीं तक पढ़ा लिखा हूं. मेरी हाइट छोटी होने के कारण मुझे फिल्मों में काम मिलता है. कलाकार ने दी जानकारीटीम को फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले प्रेमचंद मावले ने लोकल 18 से कहा कि मैं 2012 में जब एक शख्स के संपर्क में आया तो उन्होंने बुरहानपुर के स्थानीय ऐतिहासिक स्थलों पर चल रही दद्दा मलखान सिंह की फिल्म की शूटिंग हो रही थी. मुझे उन कलाकारों से मिलाया. वहां पर मेरा सिलेक्शन हो गया मुझे डाकू का रोल दिया गया. मैं डाकू का रोल बहुत अच्छे से निभाया. वहां से मुझे फिल्मी दुनिया में काम मिलना शुरू हो गया. मैं कलाकार शक्ति कपूर और कई बड़े कलाकारों के साथ काम कर चुका हूं. मेरी हाइट कम होने के कारण मुझे फिल्मी दुनिया में कम मिलते रहता है. 8 महीने फिल्मी दुनिया में करता हूं कामकलाकार प्रेमचंद मावले का कहना है कि मैने दद्दा मलखान सिंह काला और कई शॉर्ट फिल्मों में काम किया है अभी चंबल का डाकू फिल्म की शूटिंग चल रही है. उसमें भी मैं डाकू का रोल अदा कर रहा हूं मैने इस फिल्म इंडस्ट्री से 5 से 10 लाख रुपए की कमाई की है. जिस से घर बनाकर अपने बच्चों की शादी की है बाकी समय में हम्माली का काम रेणुका कृषि उपज मंडी में करते रहता हूं. जहां से मुझे अच्छा रोजगार मिलता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Burhanpur,Madhya Pradesh Source link

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Congress On Amit Shah | स्वयंभू चाणक्य, 17 अप्रैल… कांग्रेस के जयराम...

होमताजा खबरदेश स्वयंभू चाणक्य… जयराम रमेश ने शाह के ल‍िए क्‍यों क‍िया ऐसी भाषा का इस्‍तेमाल? Last Updated:June 12, 2026, 17:23 IST कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गृह मंत्री अमित शाह को स्वयंभू चाणक्य कहते हुए 17 अप्रैल की हार याद दिलाई. इस बीच तृणमूल कांग्रेस के 19 सांसदों के दस्तखत वाला पत्र सामने आने से हड़कंप मच गया है. कयास लग रहे हैं कि विपक्षी पार्टियों में टूट या विलय की कोशिशें चल रही हैं. हालांकि कांग्रेस ने टीएमसी के विलय की खबरों को सिर्फ अफवाह बताया है. जयराम रमेश ने अमित शाह को बताया ‘स्वयंभू चाणक्य’. (पीटीआई फोटो) नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र से पहले राजनीति उबाल मार रही है. एक तरफ, तृणमूल कांग्रेस में चुनावी हार के बाद सिर-फुटव्वल जारी है. तो दूसरी ओर, कांग्रेस मौके का फायदा उठाकर अतीत में छिटके साथियों को वापस लाना चाहती है. इस बीच, कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ‘स्वयंभू चाणक्य’ कहकर संबोधित किया है. इसके साथ ही उन्होंने 17 अप्रैल 2026 की उस घटना का जिक्र किया जब एनडीए सरकार संसद में दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाई थी. जयराम रमेश का दावा है कि सरकार परिसीमन से जुड़े बिल पर बुरी तरह हार गई थी. रमेश का दावा है कि उसी हार के बाद विपक्ष को तोड़ने की कोशिशें तेज हो गई हैं. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 19 सांसदों का एक रहस्यमय पत्र सामने आया है. इस पत्र के बाद से ही कयासों का बाजार गर्म है. क्या वाकई विपक्ष में बड़ी टूट होने वाली है या फिर यह किसी नए सियासी गठबंधन की शुरुआत है. जयराम रमेश ने अमित शाह पर स्वयंभू चाणक्य वाला तंज क्यों कसा? जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है. इसमें उन्होंने गृह मंत्री की रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि मानसून सत्र से पहले लोकसभा में बहुमत जुटाने का दबाव साफ दिख रहा है. उनके मुताबिक 17 अप्रैल को सरकार को बड़ी शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी. उस दिन परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक गिर गया था. एनडीए सरकार जरूरी दो-तिहाई आंकड़ा पार नहीं कर सकी थी. रमेश का आरोप है कि इसी हार से परेशान होकर अब विपक्ष को कमजोर करने का खेल खेला जा रहा है. वे लोकतंत्र का मजाक उड़ाने की कोशिश कर रहे हैं. इससे पहले कभी किसी ने लोकसभा में अपनी पार्टी के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाने की ऐसी कोशिश नहीं की, जैसी केंद्रीय गृह मंत्री इन दिनों संसद के मानसून सत्र से पहले बेचैनी से कर रहे हैं। स्वयंभू चाणक्य को 17 अप्रैल, 2026 को अपमानित होना पड़ा था, जब NDA आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा… Source link

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गिरिजा देवी, उस्ताद विस्मिल्लाह खान, वाराणसी के भारत रत्न व पद्मविभूषण के...

Last Updated:June 12, 2026, 16:20 IST वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि काशी में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, पद्मविभूषण गिरिजा देवी, सुप्रसिद्ध गायक पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र सहित कई हस्तियां रही है. इन हस्तियों से जुड़ी कई अनमोल चींजे है जो उनके घर में पड़े है. इन सारी चींजों को संरक्षित करके उनके घर के ही एक कमरें में उन्हें सजाया जाएगा. वाराणसीः देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में कई भारत रत्न और पद्मविभूषण हस्तियां है. इन हस्तियों के संगीत और नृत्य के साथ अलग अलग विधाओं में अपना नाम देश ही नहीं बल्कि दुनिया में रोशन किया है. इन्ही नामचीन हस्तियों के नाम पर अब काशी में म्यूजियम तैयार किया जाएगा. वाराणसी नगर निगम ने इसका पूरा खाका तैयार किया है. वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि काशी में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, पद्मविभूषण गिरिजा देवी, सुप्रसिद्ध गायक पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र सहित कई हस्तियां रही है. इन हस्तियों से जुड़ी कई अनमोल चींजे है जो उनके घर में पड़े है. इन सारी चींजों को संरक्षित करके उनके घर के ही एक कमरें में उन्हें सजाया जाएगा. 30 करोड़ होगा खर्च उनके घर का वो कमरा उनके नाम म्यूजियम के तौर पर विकसित होगा. इस काम पर 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे. अशोक तिवारी ने बताया कि इन हस्तियों के घर जाने वाले मार्ग का भी नगर निगम सुंदरीकरण कराएगा. ताकि संगीत प्रेमी उनके घर तक आसानी से पहुंच सकें. इन रास्तों को नगर निगम कुछ इस कदर सजायेगा की लोग उनके बारे में बेहतर तरीके से जान और समझ सकें. यह गलियां विश्वस्तरीय होगी, यहां खूबसूरत वॉल पेंटिंग्स और लाइट्स भी लगाएं जाएंगे. परिवार से बातचीत जारी अशोक तिवारी ने बताया की उन सभी महान हस्तियों के परिवार वालों से अफसर लगातार बातचीत भी कर रहें है और उनसे उनके घर के एक कमरें को म्यूजियम के तौर पर विकसित करने पर लगातार चर्चा जारी है. जैसे-जैसे उनके परिवार वालों से इसपर सहमति मिलेगी वैसे-वैसे इस काम को आगे बढ़ाया जाएगा. बताते चलें कि वाराणसी में भारत रत्न,पद्मविभूषण पद्मभूषण सम्मान पाने वाले सबसे ज्यादा विभूतियां है. वाराणसी के कबीरचौरा क्षेत्र में बकायदा इसके लिए पद्म गली भी बनाई गई है. जहां बनारस संगीत घराने के कई नामचीन हस्तियां रहती थी. आज भी उन गलियों के कई घरों में संगीत का विश्वविद्यालय चलता है. अलग अलग घरों में अलग अलग विधाएं सिखाई जाती है. गुरु शिष्य परम्परा का अनूठा संगम इन गलियों में देखने को मिलता है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Varanasi,Uttar Pradesh Source link

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