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मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ वारंट जारी, कोर्ट में पेश होने का आदेश,...

होमताजा खबरदेश मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ वारंट जारी, कोर्ट में पेश होने का आदेश क्यों हुआ? Last Updated:July 29, 2026, 11:12 IST Mallikarjun Kharge News: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ पंजाब के संगरूर की अदालत ने 15,000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया है. अदालत ने उन्हें 19 सितंबर 2026 तक पेश होने का निर्देश दिया है. यह मामला 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बजरंग दल की तुलना PFI से करने वाली कथित टिप्पणी से जुड़ा है. अदालत ने कहा है कि तय तारीख पर पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जा सकता है. Kharge Mallikarjun Kharge News: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मुसीबत बढ़ गई है. मल्लिकार्जुन खरगे (मल्लिकार्जुन खड़गे) के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है. पंजाब में संगरूर की अदालत ने मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. उन्हें 19 सितंबर तक पेश होने को कहा गया है. यहां ध्यान देने वाली बात है कि मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ जारी यह वारंट जमानती है. हालांकि, उन्हें अदालत में पेश होकर जमानत लेनी होगी. बता दें कि कर्नाटक चुनाव के दौरान बजरंग दल की तुलना पीएफआई से करने पर मल्लिकार्जुन खरगे की मुसीबत बढ़ी है. दरअसल, यह मामला 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान की गई टिप्पणियों को लेकर बजरंग दल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है. शिकायत के अनुसार, मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में बजरंग दल की तुलना प्रतिबंधित संगठन PFI से की थी. तब कहा था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो वह बजरंग दल पर प्रतिबंध लगा देगी. इस मामले में अब अदालती कार्यवाही चल रही है. मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और अदालत इस मामले में अगला कदम उठा रही है. संगरूर की अदालत के फैसले के मुताबिक, अदालत ने मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ 15,000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया है. अगर 19 सितंबर 2026 को मल्लिकार्जुन खरगे अदालत में पेश नहीं होते हैं तो फिर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा. About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Parliament Monsoon Session Live: अमित शाह पेश करेंगे नया बिल, एंटी पेपर...

होमताजा खबरदेश LIVE: अमित शाह पेश करेंगे नया बिल, एंटी पेपर लीक पर लोकसभा में फिर तकरार? Last Updated:July 29, 2026, 09:58 IST Sansad Live: आज लोकसभा में कई अहम विधेयकों पर चर्चा और फैसले होने की संभावना है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेंगे. एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक को भी पारित कराने…और पढ़ें राज्यसभा में आज वंदे मातरम् से संबंधित विधेयक भी सूचीबद्ध है. संसद सत्र लाइव: NEET पेपर लीक पर चल रहे बहस के बीच आज लोकसभा की कार्यवाही कई मायनों में बेहद अहम रहने वाली है. संसद में एक साथ कई ऐसे विधेयक और प्रस्ताव सूचीबद्ध हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों से लेकर देश की न्याय व्यवस्था और चुनावी प्रणाली तक पड़ सकता है. सबसे ज्यादा नजरें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर रहेंगी, जो Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 पेश करेंगे. इसके अलावा एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर भी चर्चा जारी रहेगी और सरकार इसे पारित कराने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाले विधेयक, ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़ी जेपीसी रिपोर्ट की समय-सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव और कई मंत्रालयों के अहम बयानों के कारण आज का दिन संसद के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाला है. ऐसे में विपक्ष और सरकार दोनों की रणनीति पर पूरे देश की नजर रहेगी. आज की कार्यवाही केवल विधेयकों तक सीमित नहीं रहेगी. प्रश्नकाल से शुरुआत होने के बाद सदन में विधायी एजेंडे पर पूरा फोकस रहेगा. राज्यसभा में भी वंदे मातरम् संशोधन विधेयक सूचीबद्ध है. वहीं कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खातों और कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच कराने की मांग को लेकर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है. दूसरी ओर सरकार जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने, फर्जीवाड़े पर रोक लगाने और जन्म प्रमाणपत्र को प्रमुख पहचान दस्तावेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. ऐसे में आज संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर राजनीतिक और विधायी दोनों स्तरों पर बहस देखने को मिल सकती है. आज लोकसभा के एजेंडे में कौन-कौन से बड़े बिल? लोकसभा के संशोधित कार्यसूची के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 पेश करेंगे. इसके अलावा एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी रहेगी और सरकार इसे पारित कराने की कोशिश करेगी. केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाले संशोधन विधेयक को विचार और पारित कराने के लिए सदन में पेश करेंगे. जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक का उद्देश्य पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाना है. प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण एक से दो वर्ष की देरी से कराया जाता है तो जिला मजिस्ट्रेट, उप-मंडल मजिस्ट्रेट या कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुमति आवश्यक होगी. दो वर्ष से अधिक की देरी होने पर प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही पंजीकरण संभव होगा. सरकार का कहना है कि इससे फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों पर रोक लगेगी. साथ ही देशभर के रिकॉर्ड को एक केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस से जोड़ा जाएगा, जिसे आधार, मतदाता सूची, राशन कार्ड और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों से भी लिंक किया जाएगा. एंटी पेपर लीक बिल पर सरकार का फोकस सरकार आज एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक को भी आगे बढ़ाने की तैयारी में है. इस विधेयक का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है. सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े प्रावधान लाए जा रहे हैं. वन नेशन, वन इलेक्शन और अन्य प्रस्ताव आज सदन में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से संबंधित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट पेश करने की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा. इसके अलावा फेक न्यूज़, विज्ञान, पृथ्वी विज्ञान, कोयला तथा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालयों से जुड़े मामलों पर संबंधित मंत्री अपने बयान देंगे. राज्यसभा में भी रहेगा अहम दिन राज्यसभा में आज वंदे मातरम् से संबंधित विधेयक भी सूचीबद्ध है. वहीं कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खातों और कार्यप्रणाली की स्वतंत्र ऑडिट की मांग को लेकर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है. ऐसे में संसद के दोनों सदनों में राजनीतिक बहस तेज रहने की संभावना है. Parliament Monsoon Session Live: राज्यसभा में वंदे मातरम् बिल, कांग्रेस का स्थगन प्रस्ताव भी संसद सत्र लाइव: राज्यसभा में आज वंदे मातरम् से संबंधित विधेयक भी सूचीबद्ध है. वहीं कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खातों और कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है. ऐसे में संसद के दोनों सदनों में विधायी कार्यों के साथ-साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी तीखी बहस देखने को मिल सकती है. संसद सत्र लाइव: वन नेशन, वन इलेक्शन और कई मंत्रालयों के बयान Parliament Monsoon Session Live: आज लोकसभा में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से संबंधित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट पेश करने की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा. इसके अलावा फेक न्यूज़, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, कोयला और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालयों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संबंधित मंत्री सदन में बयान देंगे. प्रश्नकाल के बाद पूरे दिन विधायी कार्यों पर फोकस रहने की संभावना है. Parliament Monsoon Session Live: सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल भी एजेंडे में संसद सत्र लाइव: संसद के आज के विधायी एजेंडे में Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 भी शामिल है. केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इस विधेयक को विचार और पारित कराने के लिए सदन में पेश करेंगे. सरकार का तर्क है कि बढ़ते लंबित मामलों को देखते हुए शीर्ष अदालत में जजों की संख्या बढ़ाना आवश्यक है ताकि न्यायिक प्रक्रिया को गति मिल सके. संसद सत्र लाइव: एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर आज भी होगी चर्चा Parliament Monsoon Session Live: लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा आज भी जारी रहेगी. सरकार इस विधेयक को पारित कराने की तैयारी में है. प्रस्तावित कानून का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक

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Alwar News: किसानों ने बदल दिया प्याज की खेती का खेल, अब...

होमताजा खबरकृषि अलवर के किसानों ने बदल दिया प्याज की खेती का खेल, अब खुद तैयार कर रहे बीज Last Updated:July 29, 2026, 09:10 IST Pyaj Ki Kheti In Alwar : अलवर और खैरथल-तिजारा जिलों में 15 अगस्त के बाद प्याज की बुवाई की तैयारी तेज है. किसान खुद बीज तैयार कर रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिल रहे हैं और दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम हुई है. एक ओर किसानों को अपने बीज के लिए दूसरे राज्यों पर डिपेंड नहीं रहना पड़ता और एक्सट्रा खर्च भी बचता है. ख़बरें फटाफट अलवर. अलवर और खैरथल-तिजारा जिले में 15 अगस्त के बाद प्याज की बुवाई शुरू होने की तैयारियां तेज हो गई हैं. किसान खेतों की जुताई, समतलीकरण और अन्य जरूरी कार्यों में जुटे हैं. जिन किसानों ने पहले से प्याज की कण (पौध) तैयार नहीं की है, वे अब मंडियों और अन्य किसानों से प्याज की कण खरीद रहे हैं. वहीं, जिन किसानों ने खुद पौध तैयार की है, वे उसकी बिक्री भी कर रहे हैं और अपने उपयोग के लिए भी बचाकर रख रहे हैं. किसानों का लक्ष्य समय पर प्याज की रोपाई कर अच्छी फसल लेना है, ताकि उत्पादन बेहतर हो और भविष्य में अच्छे दाम मिल सकें. अलवर जिले में बड़ी संख्या में किसान प्याज की खेती करते हैं. अलवर जिले के किसान अब प्याज का बीज खुद तैयार कर न केवल अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं, बल्कि दूसरे राज्यों से आने वाले बीज पर निर्भरता भी कम हो गई है. पहले जिले में प्याज का बीज मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा समेत कई राज्यों से आता था, लेकिन अब किसान खुद बीज तैयार कर खेती कर रहे हैं. इससे उन्हें दोहरा फायदा मिल रहा है. अब जेब पर नहीं पड़ेगा बीज का बोझएक ओर किसानों को अपने बीज के लिए दूसरे राज्यों पर डिपेंड नहीं रहना पड़ता और एक्सट्रा खर्च भी बचता है. वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा समेत कई राज्यों में अलवर का तैयार बीज भेजा जा रहा है. राजस्थान के कई जिलों में भी अलवर का बीज पहुंच रहा है, जिससे किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं और बढ़िया आमदनी हो रही है. अलवर का बीज, जल्दी बुवाई और बेहतर मुनाफाअलवर जिले के छठीमील गांव निवासी किसान कासम ने बताया कि अब जिले के अधिकांश किसान प्याज का बीज खुद तैयार कर रहे हैं. उनका कहना है कि बाहर से आने वाले बीज और स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए बीज में काफी अंतर होता है. स्थानीय बीज अलवर की जलवायु और मिट्टी के अनुकूल होने के कारण बेहतर परिणाम देता है. कासम बताते हैं कि राजस्थान के बाहर से आने वाला प्याज का बीज अलवर तक पहुंचने में समय लग जाता है. ऐसे में उसकी बुवाई सितंबर में होती है, जिससे फसल भी देर से तैयार होती है. वहीं, यदि किसान अपने खेत में ही बीज तैयार करते हैं तो 15 अगस्त के बाद ही प्याज की बुवाई शुरू हो जाती है. इससे फसल जल्दी तैयार होकर बाजार में पहुंचती है और किसानों को बेहतर दाम मिलते हैं. बाहर के बीच इसलिए भी नहीं हैं ठीकउन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले बीज की एक बड़ी समस्या यह भी है कि वह अलवर के मौसम के अनुरूप पूरी तरह अनुकूल नहीं होता. तेज बारिश और बदलते मौसम में उसमें रोग लगने की आशंका अधिक रहती है. इसके विपरीत, स्थानीय स्तर पर तैयार बीज मौसम को बेहतर ढंग से सहन करता है, जिससे फसल स्वस्थ रहती है और उत्पादन भी अच्छा मिलता है. पहले बाजार में पहुंचती है फसलकिसानों का कहना है कि देश में सबसे अधिक प्याज का उत्पादन महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र में होता है, जहां फसल अपेक्षाकृत देर से तैयार होती है. ऐसे में अलवर के किसान यदि स्थानीय बीज का उपयोग कर समय से पहले बुवाई करते हैं तो उनकी फसल पहले बाजार में पहुंच जाती है. इससे मांग अधिक रहने पर उन्हें बेहतर भाव मिलता है और उनकी आय में भी बढ़ोतरी होती है. About the Author आनंद पाण्डेयContent Producer आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Alwar,Alwar,Rajasthan Source link

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तीज शॉपिंग का है प्लान, तो अमरोहा में इन 5 दुकानों पर...

Last Updated:July 29, 2026, 08:08 IST Amroha Hariyali Teej Shopping 2026 News: तीज के मौके पर अगर आप अमरोहा में खूबसूरत और ट्रेंडी चूड़ियां खरीदना चाहती हैं, तो साहिल बैंगल वेडिंग कलेक्शन, चाहत बैंगल्स स्टोर, चिराग बैंगल्स, फाजिल कॉस्मेटिक और दुल्हन बैंगल स्टोर बेहतरीन विकल्प हैं. यहां 50 रुपए से लेकर प्रीमियम वेडिंग कलेक्शन तक हर बजट में शानदार वैरायटी उपलब्ध है. यदि आप अमरोहा में तीज के मौके पर चूड़ी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह पांच जगह आपके लिए बेस्ट हो सकती है. यहां पर सस्ते से सस्ती महंगे से महंगी सभी प्रकार की चूड़ियां मिल जाती हैं.साहिल बेंगल वेडिंग कलेक्शन,चाहत बैंगल्स स्टोर,फाजिल कॉस्मेटिक शामिल है. यह सभी जगह चूड़ी खरीदने के लिए बेस्ट मानी जाती है. यहां पर सभी प्रकार की चूड़ियां आसानी से और रीजनेबल रेट में मिल जाती हैं. अमरोहा में तीज की शॉपिंग और खूबसूरत चूड़ियां खरीदने की बात हो तो साहिल बेंगल वेडिंग कलेक्शन महिलाओं की पसंदीदा दुकानों में गिनी जाती है. यहां कांच, लाख, धातु, कुंदन, स्टोन व डिजाइनर चूड़ियों का शानदार संग्रह मिलता है.जो तीज, करवा चौथ, शादी और अन्य मांगलिक अवसरों के लिए उपयुक्त रहता है. इसके साथ ही दुल्हन के चूड़ा सेट, कड़े, चूड़ी सेट और सुहाग श्रृंगार का अन्य सामान भी उपलब्ध रहता है. कीमतों की बात करें तो साधारण चूड़ियां लगभग 50 रुपए से 150 रुपए तक, डिजाइनर सेट 200 रुपए से 800 रुपए तक और विशेष वेडिंग कलेक्शन 1000 रुपए या उससे अधिक कीमत में मिल सकते हैं. तीज के मौसम में यहां नए-नए डिजाइनों की भरपूर वैरायटी देखने को मिलती है. जिससे हर बजट के अनुसार खरीदारी की जा सकती है. यही वजह है कि त्योहारों के दौरान यहां महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google अमरोहा में तीज के त्योहार पर अगर आप खूबसूरत और ट्रेंडी चूड़ियों की खरीदारी करना चाहती हैं.तो चाहत बैंगल्स स्टोर आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह दुकान अपने आकर्षक डिजाइनों और किफायती कीमतों की वजह से महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय है. यहां कांच, लाख, धातु, स्टोन, कुंदन, ऑक्सीडाइज्ड और डिजाइनर चूड़ियों की शानदार वैरायटी उपलब्ध रहती है. इसके अलावा तीज, करवा चौथ, शादी-विवाह और अन्य मांगलिक अवसरों के लिए विशेष चूड़ी सेट, कड़े, चूड़ा सेट और सुहाग श्रृंगार का सामान भी आसानी से मिल जाता है. कीमतों की बात करें तो साधारण चूड़ियां लगभग 50 रुपये से शुरू हो जाती हैं. जबकि डिजाइनर सेट 200 रुपये से 800 रुपये तक मिल जाते हैं.वहीं प्रीमियम और वेडिंग कलेक्शन की कीमत 1000 रुपये या उससे अधिक भी हो सकती है. तीज के सीजन में यहां नए-नए रंगों और डिजाइनों का विशेष संग्रह देखने को मिलता है. जिससे हर उम्र की महिलाओं को अपनी पसंद के अनुसार चूड़ियां मिल जाती हैं. उचित दाम, अच्छी गुणवत्ता और भरपूर वैरायटी के कारण तीज की खरीदारी के लिए यह स्टोर अमरोहा के लोकप्रिय ठिकानों में शामिल माना जाता है. अमरोहा में तीज के त्योहार पर अगर आप खूबसूरत और आकर्षक चूड़ियों की खरीदारी करना चाहती हैं. तो चिराग बैंगल्स स्टोर एक अच्छा विकल्प माना जाता है. यह दुकान बरा बाजार स्थित कृष्णा प्लाज़ा मार्केट के पास है और तीज, करवा चौथ, शादी-विवाह तथा अन्य मांगलिक अवसरों के लिए चूड़ियों का अच्छा संग्रह उपलब्ध कराती है. यहां कांच की रंग-बिरंगी चूड़ियां, लाख की चूड़ियां, स्टोन वर्क, कुंदन, धातु की चूड़ियां, डिजाइनर सेट, कड़े और दुल्हन के विशेष चूड़ा सेट जैसी कई वैरायटी मिल जाती हैं. अमरोहा में तीज की खरीदारी के लिए अगर आप चूड़ियों और श्रृंगार के सामान की तलाश में हैं. तो फाजिल कॉस्मेटिक एक अच्छी खरीदारी की जगह मानी जाती है.यहां तीज, करवा चौथ, शादी-विवाह और अन्य त्योहारों के लिए महिलाओं की जरूरत का लगभग हर तरह का श्रृंगार का सामान उपलब्ध रहता है.दुकान पर कांच की रंग-बिरंगी चूड़ियां, लाख की चूड़ियां, धातु की चूड़ियां, स्टोन वर्क, कुंदन, डिजाइनर चूड़ी सेट, कड़े और दुल्हन के विशेष चूड़ा सेट जैसी कई आकर्षक वैरायटी मिल जाती हैं.इसके अलावा बिंदी, सिंदूर, मेहंदी, हेयर एक्सेसरीज़, कृत्रिम आभूषण और अन्य श्रृंगार का सामान भी उपलब्ध रहता है.कीमतों की बात करें तो साधारण चूड़ियां लगभग 50 रुपए से शुरू होकर 150 रुपए तक मिल जाती हैं. अमरोहा में तीज की खरीदारी के लिए अगर आप खूबसूरत और आकर्षक चूड़ियों की तलाश में हैं. तो दुल्हन बैंगल स्टोर एक अच्छी खरीदारी की जगह मानी जाती है. यहां तीज, करवा चौथ, शादी-विवाह और अन्य मांगलिक अवसरों के लिए चूड़ियों का आकर्षक संग्रह देखने को मिलता है. दुकान पर कांच की रंग-बिरंगी चूड़ियां, लाख की चूड़ियां, कुंदन वर्क, स्टोन वर्क, धातु की चूड़ियां, डिजाइनर चूड़ी सेट, कड़े और दुल्हन के विशेष चूड़ा सेट जैसी कई वैरायटी उपलब्ध रहती हैं. इसके साथ ही महिलाओं के श्रृंगार से जुड़ा अन्य सामान भी आसानी से मिल जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें| Source link

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अमेरिका में पास हुआ रूस वाला बिल, भारत पर मंडराया 100 फीसदी...

होमताजा खबरदेश अमेरिका में पास हुआ रूस वाला बिल, भारत पर मंडराया 100 फीसदी टैरिफ का खतरा Last Updated:July 29, 2026, 07:10 IST अमेरिका में पास हुआ रूस वाला बिल, भारत पर मंडराया 100 फीसदी टैरिफ का खतरा अमेरिका का टैरिफ वाला खेल अभी खत्म नहीं हुआ है. रूस के चक्कर में अब भारत पर भी टैरिफ की एक और बड़ी मार पड़ने वाली है. दरअसल, अमेरिका में आज यानी बुधवार (भारतीय समयानुसार) को रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने वाला बिल पास हो गया. इससे भारत पर 100 फीसदी टैरिफ का खतरा मंडराने लगा है. अगर अमेरिकी सीनेट से पास होने वाला रूस सैंक्शन बिल कानून बन जाता है तो भारत पर अमेरिका के भारी टैरिफ का एक और दौर आ सकता है. इससे भारत और अमेरिका के बीच और तनातनी बढ़ सकती है. दरअसल, अमेरिका की सीनेट ने रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने वाला एक अहम बिल पास कर दिया है. इस बिल के कारण भारत समेत पांच देशों पर 100% तक टैरिफ लगाए जाने का खतरा पैदा हो गया है. यह रूसी सैंक्शन वाला बिल दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया था. इसे मंगलवार (अमेरिकी समयानुसार) को उस समय पास किया गया, जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की अमेरिकी संसद  पहुंचे थे. अमेरिका में रूस वाला यह बिल ऐसे वक्त में पास हुआ है, जब भारत और अमेरिका बड़े ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत कर रहे हैं. टैरिफ के कारण भारत और अमेरिका के बीच काफी समय से तनातनी थी. मगर इस बिल के कानून बनने से नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच संबंध और खराब हो सकते हैं. दरअसल, अमेरिकी सीनेट ने 86-12 के भारी अंतर से उस कानून को आगे बढ़ाने के लिए वोट किया, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देगा, जो रूस से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदना जारी रखते हैं. इसमें भारत, चीन और कई अन्य बड़े इंपोर्टर संभावित रूप से निशाने पर होंगे. यह ख़बर बिल्कुल अभी आई है और इसे सबसे पहले आप News18Hindi पर पढ़ रहे हैं. जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, हम इसे अपडेट कर रहे हैं. ज्यादा बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए आप इस खबर को रीफ्रेश करते रहें, ताकि सभी अपडेट आपको तुरंत मिल सकें. आप हमारे साथ बने रहिए और पाइए हर सही ख़बर, सबसे पहले सिर्फ Hindi.News18.com पर… News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Turmeric Farming Tips: हल्दी की खेती से होगी बंपर कमाई, जानिए सही...

होमफोटोकृषि हल्दी की खेती से बढ़ानी है आय, तो जानिए बुवाई से कटाई तक की पूरी जानकारी Last Updated:July 29, 2026, 06:03 IST हल्दी की खेती किसानों के लिए लाभदायक नकदी फसल साबित हो सकती है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार सही मिट्टी, स्वस्थ बीज, संतुलित उर्वरक, समय पर सिंचाई और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा कमा सकते हैं. साथ ही प्रसंस्करण और पैकेजिंग पर ध्यान देकर हल्दी का बेहतर बाजार मूल्य भी प्राप्त किया जा सकता है. हल्दी सिर्फ भारतीय रसोई का अहम मसाला ही नहीं बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर एक ऐसी नकदी फसल भी है, जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है. मसाले, आयुर्वेद, कॉस्मेटिक और खाद्य उद्योग में बढ़ते इस्तेमाल के कारण इसकी खेती किसानों के लिए मुनाफे का अच्छा विकल्प बन रही है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसान सही किस्म का चयन संतुलित पोषण और समय पर देखभाल करें तो हल्दी की खेती से बेहतर उत्पादन के साथ अच्छी आमदनी भी हासिल की जा सकती है. दरअसल रायबरेली जिले के राजकीय कृषि केंद्र शिवगढ़ के प्रभारी अधिकारी शिव शंकर वर्मा (बीएससी एग्रीकल्चर डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद)लोकल 18 से बात करते हुए बताते हैं कि हल्दी की खेती के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु सबसे उपयुक्त मानी जाती है. इसकी अच्छी पैदावार के लिए 20 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान अनुकूल रहता है. दोमट या बलुई दोमट मिट्टी, जिसमें पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था हो हल्दी की खेती के लिए सबसे बेहतर रहती है. खेत की मिट्टी का पीएच मान 5.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए. बुवाई से पहले खेत की 2 से 3 बार गहरी जुताई करनी चाहिए. इसके बाद खेत में 20 से 25 टन प्रति हेक्टेयर अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधों का विकास बेहतर होता है. खेत को समतल कर मेड़ और नालियां बना लेने से जल निकासी आसान रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google हल्दी की बुवाई के लिए स्वस्थ और रोगमुक्त गांठों का चयन करना बेहद जरूरी है। सामान्यतः 25 से 30 ग्राम वजन वाली गांठें बीज के रूप में सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं. बुवाई से पहले बीजों का फफूंदनाशक या जैविक उपचार करने से रोगों का खतरा काफी कम हो जाता है. उत्तर भारत में इसकी बुवाई मई से जून के बीच, जबकि मानसून शुरू होने के समय करना सबसे अच्छा माना जाता है. शिव शंकर वर्मा के मुताबिक पौधों के बीच लगभग 30 सेंटीमीटर और कतारों के बीच 45 सेंटीमीटर की दूरी रखने से पौधों को पर्याप्त पोषण और धूप मिलती है. बुवाई के बाद खेत में नमी बनाए रखना जरूरी है. बारिश कम होने पर समय-समय पर सिंचाई करनी चाहिए, लेकिन खेत में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि इससे गांठें सड़ सकती है. हल्दी की अच्छी पैदावार के लिए खरपतवार नियंत्रण भी जरूरी है. समय-समय पर निराई-गुड़ाई करने से पौधों का विकास तेजी से होता है. साथ ही कृषि विशेषज्ञ मिट्टी चढ़ाने की सलाह भी देते है. जिससे गांठों का आकार अच्छा बनता है. संतुलित मात्रा में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश का प्रयोग करने से उत्पादन में बढ़ोतरी होती है. हल्दी की फसल सामान्यतः 7 से 9 महीने में तैयार हो जाती है. जब पौधों की पत्तियां पीली होकर सूखने लगें, तब खुदाई का समय आ जाता है. खुदाई के बाद गांठों को अच्छी तरह साफ कर उबालने और सुखाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है. इसके बाद तैयार हल्दी को बाजार में बेचा जा सकता है या पाउडर बनाकर अधिक मूल्य प्राप्त किया जा सकता है. शिव शंकर वर्मा बताते हैं कि वैज्ञानिक तरीके से हल्दी की खेती करने पर किसान बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन हासिल कर सकते है. यदि खेती के साथ प्रसंस्करण और पैकेजिंग पर भी ध्यान दिया जाए तो हल्दी किसानों की आय बढ़ाने वाली एक लाभदायक फसल साबित हो सकती है. Source link

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नॉर्मल बीड़ी दो, दवा वाली नहीं… नशेड़ी बेटे ने पकड़ ली पिता...

होमताजा खबरदेश नॉर्मल बीड़ी दो दवा वाली नहीं… बेटे ने पकड़ी पिता की चाल, फिर पाइप से कत्‍ल Last Updated:July 28, 2026, 21:18 IST भुवनेश्वर के मंचेश्वर में नशे की लत के आदी 25 वर्षीय देबराज ने अपने पिता एस. दुर्योधन से बीड़ी मांगी. पिता ने नशा छुड़ाने की दवा मिली बीड़ी देने की जिद की तो विवाद बढ़ गया. गुस्‍साए बेटे ने लोहे के पाइप और पत्थर से हमला कर पिता की हत्या कर दी. पुलिस मामले की जांच कर रही है. ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के मंचेश्वर थाना क्षेत्र में 24 घंटे के अंदर हत्या की दूसरी सनसनीखेज वारदात सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया है. पहले मंचेश्वर के चकेइसियानी इलाके में पति ने पत्नी की हत्या कर दी थी.अब एक दिन बाद मंगलवार को इसी थाना क्षेत्र में नशे के आदी एक 25 वर्षीय युवक ने अपने 50 वर्षीय पिता की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी. पिता का कसूर इतना था कि वो अपने नशेड़ी बेटे को असली बीड़ी की जगह दवा मिली बीड़ी देना चाहता था. मृतक की पहचान 50 वर्षीय एस. दुर्योधन के रूप में हुई है जो पेशे से लेबर कॉन्ट्रैक्टर का काम करते थे. वहीं आरोपी उनका इकलौता बेटा एस. देबराज (25) है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम साइंटिफिक विशेषज्ञों के साथ मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू की. नशा मुक्ति की दवा को लेकर हुआ था विवादअसिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (जोन 5) विश्वरंजन सेनापति ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच से स्पष्ट हुआ है कि देबराज ब्राउन शुगर के गंभीर नशे का आदी था. पिता ने उसे नशा मुक्ति केंद्र में भी भर्ती कराया था. डॉक्टर की सलाह पर दुर्योधन अपने बेटे को नशा छुड़ाने की दवा बीड़ी में मिलाकर दिया करते थे. जब भी बेटा साधारण बीड़ी मांगता तो पिता उसे दवा वाली बीड़ी ही थमा देते थे. देबराज को पिता का यह तरीका पसंद नहीं था और इसे लेकर घर में आए दिन विवाद होता रहता था.मां को छोड़कर भागना पड़ा घर एसीपी सेनापति के अनुसार, सोमवार रात भी इसी मुद्दे पर पिता और बेटे के बीच तीखी बहस हुई थी. विवाद इतना बढ़ गया था कि डर के मारे आरोपी की मां और परिवार के अन्य सदस्य रात में ही घर छोड़कर चले गए. मंगलवार सुबह घर पर सिर्फ दुर्योधन और देबराज ही मौजूद थे. जब पिता ने फिर से बेटे को दवा वाली बीड़ी दी तो देबराज ने आम बीड़ी मांगने की जिद की. दुर्योधन द्वारा अपनी बात पर अड़े रहने से आरोपी बुरी तरह गुस्सा हो गया. उसने तैश में आकर पहले लोहे के पाइप से पिता पर ताबड़तोड़ हमला किया और फिर पत्थर से कुचलकर उनकी हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक परिजनों ने यह भी जानकारी दी है कि आरोपी देबराज ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित है, जिसके कारण उसे अक्सर अचानक तेज गुस्सा आ जाता है. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसे अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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Guru Purnima 2026 Today why we celebrate guru purnima history puja vidhi...

होमताजा खबरधर्म क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा, कैसे करें गुरु पूजन? क्या है धार्मिक महत्व Last Updated:July 29, 2026, 04:03 IST Guru Purnima 2026 Today: गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है. इस दिन गुरुओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है और इसका धार्मिक महत्व क्या है? इस विशेष दिन पर गुरु पूजन कैसे किया जाता है? आइए जानते हैं गुरु पूर्णिमा से जुड़े इन सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में, ताकि आप इस पावन पर्व को सही विधि और भावना के साथ मना सकें. Guru Purnima 2026 Today: आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा सनातन परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है. आज यह पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है. यह दिन गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि पर महर्षि वेदव्यास का अवतरण हुआ था. उन्होंने चारों वेदों का विभाजन, महाभारत की रचना तथा 18 पुराणों का संकलन कर मानव समाज को ज्ञान का अमूल्य भंडार प्रदान किया. इसलिए उन्हें आदिगुरु माना जाता है और इस दिन व्यास पूजा भी की जाती है. आइए जानते हैं गुरु पूर्णिमा का महत्व और क्यों मनाया जाता है यह पर्व…. गुरु पूर्णिमा का धार्मिक महत्वगुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपकी गोविंद दियो बताए… भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी उच्च स्थान दिया है. गुरु ही वह दिव्य शक्ति हैं जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं. उपनिषदों और गुरु परंपरा में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान पूजनीय बताया गया है. प्रसिद्ध गुरु मंत्र गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः गुरु के सर्वोच्च स्थान को दर्शाता है. माना जाता है कि गुरु के मार्गदर्शन के बिना आध्यात्मिक ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति कठिन है. आध्यात्मिक दृष्टि से गुरु पूर्णिमा आत्ममंथन, आत्मशुद्धि और ज्ञान प्राप्ति का पर्व है. यह दिन केवल शिक्षकों का सम्मान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी व्यक्तियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है जिन्होंने जीवन में सही दिशा दिखाई. क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा?पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ पूर्णिमा के दिन ही महाभारत, श्रीमद् भागवत कथा, 18 पुराणों के रचयिता महाज्ञानी महर्षि कृष्णद्वैपायन व्यास का जन्म हुआ था, जिनको वेदव्यासजी के नाम से भी जाना जाता है. महर्षि वेदव्यासजी को आदिगुरु भी माना जाता है क्योंकि उन्होंने मनुष्य को कई वदों और पुराणों से परिचित कराया था. इसलिए आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. भगवान शिव भी बने आदिगुरुगुरु पूर्णिमा का संबंध देवों के देव महादेव से भी जुड़ा हुआ है. भगवान शिव को सबसे पहले गुरु यानी आदिगुरु माना जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर भगवन शिव ने तपस्या में लीन सप्त ऋृषियों को योग, तंत्र समेत संपूर्ण ब्रह्मांड के ज्ञान का उपदेश दिया था. इस प्रकार शिवजी ने गुरु बनकर शिष्यों को ज्ञान दिया और अज्ञानता से मुक्त करवाकर, उनको समाज कल्याण के लिए प्रेरित करवाया. गुरु पूजन की विधिगुरु पूर्णिमा के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. पूजा स्थान पर अपने गुरु या महर्षि वेदव्यास के चित्र अथवा चरण पादुका स्थापित करें. इसके बाद दीपक जलाकर चंदन, अक्षत, पुष्प, फल और नैवेद्य अर्पित करें. गुरु मंत्र या गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः… का जाप करें और अगर गुरु साक्षात उपस्थित हों तो उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें. अपनी श्रद्धा के अनुसार वस्त्र, पुस्तक, अन्न या दक्षिणा का दान भी किया जा सकता है. गुरु पूर्णिमा पर गुरु सेवागुरु पूर्णिमा पर गुरु सेवा, सत्संग, जप, ध्यान और दान-पुण्य करने से ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है. यही कारण है कि यह पर्व भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी उत्सव माना जाता है. योग, वेदांत और विभिन्न आध्यात्मिक परंपराओं में गुरु पूर्णिमा को साधना प्रारंभ करने और गुरु का आशीर्वाद लेने के लिए अत्यंत शुभ माना गया है. About the Author Parag SharmaChief Sub Editor पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Delhi Police Notice Social Media। Delhi Police IFSO CJP Protest Action। 4...

होमताजा खबरदेश 4 सोशल प्लेटफार्म को पहुंचा नोटिस; PM पर अभद्र टिप्पणी करने वालों की खैर नहीं Last Updated:July 28, 2026, 22:07 IST CJP Protest: दिल्ली हिंसा के दौरान भ्रामक जानकारियां, फर्जी वीडियो और देश का माहौल खराब करने वाली पोस्ट्स पर दिल्ली पुलिस सख्त हो गई है. पुलिस की IFSO यूनिट ने BNS के तहत दुनिया के चार बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स X, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब को नोटिस भेजा है. इसमें पीएम और सुरक्षा बलों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले हैंडल्स की जानकारी मांगी गई है और भ्रामक कंटेंट को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है. जंतर मंतर पर सीजेपी प्रोटेस्‍ट के दौरान हिंसा के मामले में सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने और देश का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. भ्रामक खबरें, फर्जी वीडियो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सुरक्षा बलों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स पर दिल्ली पुलिस की विशेष IFSO (Intelligence Fusion and Strategic Operations) यूनिट ने कड़ा रुख अपनाया है. पुलिस ने दुनिया के चार सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—X (ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत नोटिस थमाया है. भ्रामक जानकारी और नफरती पोस्ट हटाने का निर्देशदिल्ली पुलिस की ओर से जारी इस नोटिस में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सीजेपी प्रोटेस्‍ट से जुड़ी तमाम ऐसी पोस्ट, वीडियो और फर्जी नैरेटिव को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए जो देश का सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से शेयर किए गए थे. जांच में सामने आया है कि हिंसा के दौरान हजारों की तादाद में फर्जी वीडियो और गलत जानकारियां शेयर की गईं, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई. PM और सेना पर अभद्र टिप्पणी करने वालों पर कसेगा शिकंजानोटिस में दिल्ली पुलिस ने उन सोशल मीडिया हैंडल्स की पूरी जानकारी और डेटा भी मांगा है जिनका इस्तेमाल देश के शीर्ष नेतृत्व और सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ अभद्र शब्दावली का प्रयोग करने के लिए किया गया. इनमें कई तथाकथित डिजिटल न्यूज पोर्टल्स और नामी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के हैंडल्स भी शामिल हैं, जिन पर प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट किया गया था. पुलिस अब इन हैंडल्स को चलाने वाले चेहरों को बेनकाब करने की तैयारी में है. IFSO यूनिट की पैनी नजरसाइबर अपराधों से निपटने वाली दिल्ली पुलिस की स्पेशल IFSO यूनिट अब उन तमाम संदिग्ध अकाउंट्स को शॉर्टलिस्ट कर रही है जिनसे नफरत फैलाने वाली सामग्री को प्रमोट किया गया. पुलिस का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग कर एक सोची-समझी साजिश के तहत फर्जी नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की गई थी. प्लेटफॉर्म्स से जवाब और यूजर डेटा मिलते ही अभद्र भाषा और भ्रामक जानकारी फैलाने वाले आरोपियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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फलों की खेती से कमाई का सुनहरा मौका, 5 वैरायटी के उद्यान...

होमताजा खबरकृषि फलों की खेती से कमाई का सुनहरा मौका, 5 वैरायटी के उद्यान पर मिलेगा सब्सिडी Last Updated:July 28, 2026, 23:13 IST किसान भाइयों के लिए मानसून के सीजन में फल उद्यान लगाने का अच्छा मौका रहता है और जो किसान भाई इसके इच्छुक हैं उनकी सरकार मदद कर रही है.इसमें आम अमरूद लीची अनार नींबू के सामान्य दूरी पर पौधे लगाने पर प्रति हेक्टेयर 125000 की लागत आती है. जिसमें 40% अनुदान दे रहे हैं  खेती से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और समृद्धशाली बनाने के लिए अलग अलग प्रयोग देखने को मिल रहे हैं, कृषि वैज्ञानिको और शासन के सामंजस्य से किसानों के लिए इस तरह के प्रयोग करने के लिए बढ़ावा भी दिया जा रहा है. ऐसे ही किसान भाई अगर अब फल उद्यान लगाते हैं तो इससे भी मोटी कमाई कर सकते हैं आजकल निश्चित दूरी पर खेत में फलों के पौधे लगते हैं. बीच में पारंपरिक फसलों को भी बुवाई कर ले सकते हैं जिसमें एक साथ दो फैसले होती हैं जबकि फलों के पौधों में ज्यादा लागत नहीं आती और उत्पादन हर साल मिलता रहता है. इसकी तरफ किसान भाई आकर्षित भी हो रहे हैं तो जो किसान फल उद्यान लगाना चाह रहे हैं. उनके लिए सरकार के द्वारा 40% अनुदान दिया जा रहा है.हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर पी एस बडोले बताते हैं कि किसान भाइयों के लिए मानसून के सीजन में फल उद्यान लगाने का अच्छा मौका रहता है और जो किसान भाई इसके इच्छुक हैं उनकी सरकार मदद कर रही है.इसमें आम अमरूद लीची अनार नींबू के सामान्य दूरी पर पौधे लगाने पर प्रति हेक्टेयर 125000 की लागत आती है. जिसमें 40% अनुदान के रूप में 50000 रुपया प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी दी जाएगी. 5 वैरायटी के उद्यान पर मिलेगा सरकारी अनुदानवहीं उच्च घनत्व से फल उद्यान लगाने पर आम अमरूद लीची अनार नींबू में लगभग दो लाख रुपए की लागत आती है. ऐसे में 40% अनुदान के रूप में 80000 प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी दी जा रही है. हल्की पथरीली जमीन पर चीकू सीताफल आंवला जैसी फसल लगा सकते हैं अगर गहरी काली मिट्टी है तो काम कटहल अमरुद जामुन जैसी पेड़ लगा सकते हैं. अन्य तरह की पेड़ों पर अनुदान मिल रहा है.हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट में सबसे पहले किस को MPFSTS पोर्टल पर अपना पंजीयन करवाना होगा पंजीयन के लिए एक पासपोर्ट साइज की फोटो बैंक पासबुक की छाया प्रति खसरा की नकल आधार कार्ड की फोटो कॉपी एससी एसटी वालों के लिए जाति प्रमाण पत्र और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी पंजीयन होने के बाद किसान भाई हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट से जुड़ी किसी भी योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो उसे योजना का चयन करने से आवेदन हो जाएगा, फिर उद्यान की विभाग की ब्लाक अधिकारियों के द्वारा डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन करने के बाद योजना का लाभ दिया जाएगा. सब्सिडी की राशि खाते में ट्रांसफर की जाएगी. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sagar,Madhya Pradesh Source link

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