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फलों की खेती से कमाई का सुनहरा मौका, 5 वैरायटी के उद्यान...

होमताजा खबरकृषि फलों की खेती से कमाई का सुनहरा मौका, 5 वैरायटी के उद्यान पर मिलेगा सब्सिडी Last Updated:July 28, 2026, 23:13 IST किसान भाइयों के लिए मानसून के सीजन में फल उद्यान लगाने का अच्छा मौका रहता है और जो किसान भाई इसके इच्छुक हैं उनकी सरकार मदद कर रही है.इसमें आम अमरूद लीची अनार नींबू के सामान्य दूरी पर पौधे लगाने पर प्रति हेक्टेयर 125000 की लागत आती है. जिसमें 40% अनुदान दे रहे हैं  खेती से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और समृद्धशाली बनाने के लिए अलग अलग प्रयोग देखने को मिल रहे हैं, कृषि वैज्ञानिको और शासन के सामंजस्य से किसानों के लिए इस तरह के प्रयोग करने के लिए बढ़ावा भी दिया जा रहा है. ऐसे ही किसान भाई अगर अब फल उद्यान लगाते हैं तो इससे भी मोटी कमाई कर सकते हैं आजकल निश्चित दूरी पर खेत में फलों के पौधे लगते हैं. बीच में पारंपरिक फसलों को भी बुवाई कर ले सकते हैं जिसमें एक साथ दो फैसले होती हैं जबकि फलों के पौधों में ज्यादा लागत नहीं आती और उत्पादन हर साल मिलता रहता है. इसकी तरफ किसान भाई आकर्षित भी हो रहे हैं तो जो किसान फल उद्यान लगाना चाह रहे हैं. उनके लिए सरकार के द्वारा 40% अनुदान दिया जा रहा है.हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर पी एस बडोले बताते हैं कि किसान भाइयों के लिए मानसून के सीजन में फल उद्यान लगाने का अच्छा मौका रहता है और जो किसान भाई इसके इच्छुक हैं उनकी सरकार मदद कर रही है.इसमें आम अमरूद लीची अनार नींबू के सामान्य दूरी पर पौधे लगाने पर प्रति हेक्टेयर 125000 की लागत आती है. जिसमें 40% अनुदान के रूप में 50000 रुपया प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी दी जाएगी. 5 वैरायटी के उद्यान पर मिलेगा सरकारी अनुदानवहीं उच्च घनत्व से फल उद्यान लगाने पर आम अमरूद लीची अनार नींबू में लगभग दो लाख रुपए की लागत आती है. ऐसे में 40% अनुदान के रूप में 80000 प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी दी जा रही है. हल्की पथरीली जमीन पर चीकू सीताफल आंवला जैसी फसल लगा सकते हैं अगर गहरी काली मिट्टी है तो काम कटहल अमरुद जामुन जैसी पेड़ लगा सकते हैं. अन्य तरह की पेड़ों पर अनुदान मिल रहा है.हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट में सबसे पहले किस को MPFSTS पोर्टल पर अपना पंजीयन करवाना होगा पंजीयन के लिए एक पासपोर्ट साइज की फोटो बैंक पासबुक की छाया प्रति खसरा की नकल आधार कार्ड की फोटो कॉपी एससी एसटी वालों के लिए जाति प्रमाण पत्र और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी पंजीयन होने के बाद किसान भाई हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट से जुड़ी किसी भी योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो उसे योजना का चयन करने से आवेदन हो जाएगा, फिर उद्यान की विभाग की ब्लाक अधिकारियों के द्वारा डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन करने के बाद योजना का लाभ दिया जाएगा. सब्सिडी की राशि खाते में ट्रांसफर की जाएगी. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sagar,Madhya Pradesh Source link

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सिर्फ एक चूक और बकरियां पड़ सकती हैं बीमार! एक्सपर्ट से जानें...

होमताजा खबरकृषि एक चूक और बकरियां पड़ सकती हैं बीमार! एक्सपर्ट से जानें 5 रुपये वाला इलाज Last Updated:July 28, 2026, 23:37 IST बरसात में बकरियों को भीगने देना भारी पड़ सकता है. बालोद पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक डॉ. डी. के. सिहारे ने बताया कि इस मौसम में एंटरोटॉक्सिमिया का खतरा बढ़ जाता है. बचाव के लिए विभाग केवल ₹5 पंजीयन शुल्क पर निशुल्क टीकाकरण कर रहा है. समय पर कृमिनाशक दवा और शुरुआती लक्षण दिखते ही इलाज कराना जरूरी है. बरसात का मौसम बकरी पालन के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण समय माना जाता है. इस दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बकरियों की सेहत पर भारी पड़ सकती है और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग ने बकरी पालकों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए बताया है कि बारिश के मौसम में कुछ सामान्य गलतियों से बचकर बकरियों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है. बालोद पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के उपसंचालक डॉ. डी. के. सिहारे ने बताया कि बरसात के दिनों में बकरियों में एंटरोटॉक्सिमिया होने का खतरा काफी बढ़ जाता है. इस बीमारी के कारण बकरियों में पानी जैसे पतले दस्त, नाक बहना, सर्दी और खांसी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं. यदि समय पर इलाज और बचाव नहीं किया गया तो यह बीमारी पशुपालकों के लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकती है. बरसात में बकरियां पड़ सकती हैं बीमारविभाग की ओर से इस बीमारी की रोकथाम के लिए निशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है. इसके लिए पशुपालकों को केवल 5 रुपये का पंजीयन शुल्क देना होता है. बालोद जिले में जहां-जहां बकरी पालन किया जा रहा है, वहां विभाग की टीम पहुंचकर टीकाकरण अभियान चला रही है. ऐसे में सभी बकरी पालकों को अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए. डॉ. सिहारे के अनुसार, बरसात में सबसे बड़ी गलती बकरियों को बारिश में भीगने देना है. लगातार भीगने से बकरियों को सर्दी और खांसी होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए कोशिश करें कि तेज बारिश के दौरान बकरियों को चराने के लिए बाहर न ले जाएं और उन्हें सूखे एवं सुरक्षित स्थान पर रखें. 5 रुपये में ट्रीटमेंटबारिश के मौसम में नई घास के साथ कृमि (कीड़े) के अंडे भी बकरियों के शरीर में पहुंच जाते हैं. इससे बकरियां कमजोर होने लगती हैं और उनका विकास प्रभावित होता है. इस समस्या से बचने के लिए समय-समय पर कृमिनाशक दवा देना बेहद जरूरी है.उपसंचालक डॉ. सिहारे ने कहा कि यदि किसी बकरी में पानी जैसे पतले दस्त, नाक बहना और लगातार खांसी के लक्षण दिखाई दें तो इसे सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें. यह एंटरोटॉक्सिमिया का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें. यदि बीमारी की पुष्टि हो जाती है तो सामान्य एंटीबायोटिक और सर्दी-खांसी की दवाओं से इसका उपचार संभव है, लेकिन इलाज में देरी नुकसान बढ़ा सकती है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Raipur,Raipur,Chhattisgarh Source link

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Sushant Sinha | Desh ki Paathshala | कॉकरोच पार्टी का घिनौना सच...

कॉकरोच पार्टी के आंदोलन में हुई भारी हिंसा की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. इस आंदोलन में जिस तरह की अभद्रता हुई उसका पूरा हिसाब होना बाकी है. कल से सोशल मीडिया पर लगातार एक फर्जी माहौल बनाया जा रहा था. यह कहा जा रहा था कि छात्र आंदोलन के नाम पर दंगा करने वालों पर कोई एक्शन नहीं होगा. जिन लोगों ने जगह जगह पर बवाल किया वे बच जाएंगे. यह माहौल बनाया गया कि सरकार उपद्रवियों के सामने झुक गई है. बिहार, असम, बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों का उदाहरण दिया गया. कहा गया कि इन राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर से केस वापस ले लिए गए हैं. इंडी गठबंधन और कॉकरोच वाले इसे अपनी बहुत बड़ी जीत बताने में लगे हुए थे. लेकिन आज इन सभी लोगों को बहुत तेज आग लग गई है. ये लोग जो भी झूठा माहौल बना रहे थे उसकी पूरी तरह हवा निकल गई है. यह अब एकदम क्लियर हो गया है कि गुंडई करने वालों पर एक्शन बिल्कुल नहीं रुकेगा. छात्र आंदोलन की आड़ में दंगा करने वाले एक एक इंसान का पक्का इलाज होगा. जिन लोगों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसवालों के सिर फोड़े थे वे जेल जाएंगे. जिन उपद्रवियों ने सरकारी और पुलिस की गाड़ियां तोड़ी थीं उनसे वसूली होगी. जिन लोगों ने देश के पीएम को भद्दी गालियां दी थीं उन सबका हिसाब होगा. यह बात आज देश की सबसे बड़ी अदालत से भी पूरी तरह क्लियर हो गई है. सुप्रीम कोर्ट में आज प्रोटेस्ट में हिंसा करने वालों पर एक्शन को लेकर बड़ी बात कही गई है. कॉकरोच पार्टी वाले इस बात से कैसे तिलमिला गए हैं यह देखना बहुत दिलचस्प है. ये लोग अब नई नई धमकी दे रहे हैं जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने हिंसा करने वाले उपद्रवियों के लिए क्या सख्त आदेश दिया है? पिछले 24 घंटे में इन दंगाइयों को लग रहा था कि ये जो चाहे वो आसानी से करवा लेंगे. बिहार, असम और महाराष्ट्र में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस वापस हुए तो इनका घमंड बढ़ गया. तो ये लोग तुरंत माहौल बनाने लगे कि सरकार इनका अब कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी. लेकिन आज इन लोगों के सीने में आग लगी हुई है. इसका कारण यह है कि आज सुप्रीम कोर्ट का एक बहुत बड़ा फैसला आ गया है. आज सुप्रीम कोर्ट में हिंसा के तमाम मामलों को लेकर एक अहम सुनवाई हुई. इस महत्वपूर्ण सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा वह उपद्रवियों के लिए बड़ा झटका है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि 18 साल से कम उम्र के प्रदर्शनकारियों को छोड़ दिया जाए. लेकिन इसमें भी एक बहुत बड़ी और अहम शर्त जोड़ी गई है. अदालत ने कहा है कि फौरन रिहा सिर्फ उनको किया जाए जिनका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है. जिन लोगों पर पहले से कोई भी क्रिमिनल केस दर्ज नहीं है उन पर राहत मिलेगी. उन पर फिलहाल पुलिस की तरफ से कोई बहुत सख्त एक्शन नहीं लिया जाएगा. लेकिन अदालत ने सबूतों को लेकर बहुत ही कड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि प्रदर्शन से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखे जाएं. इसके साथ ही ड्रोन फुटेज और सारे डिजिटल सबूत भी सुरक्षित रखने को कहा गया है. पुलिस एक्शन की भी एक पूरी तरह निष्पक्ष जांच की जाएगी. अगर किसी ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया है तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी. अदालत ने बहुत साफ शब्दों में कहा है कि जिसने भी ज्यादती की है उस पर एक्शन होगा. जिसने भी कानून अपने हाथ में लिया है उनके खिलाफ सख्त एक्शन होना ही चाहिए. अगर किसी भी प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है तो कानून को अपना काम जरूर करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट का तगड़ा हंटर, छात्र आंदोलन में पुलिस पीटने वालों का अब पक्का इलाज होगा. (File Photo : PTI) कॉकरोच पार्टी वालों ने कैसे जेन जी युवाओं को फंसाकर बहुत बड़ा धोखा दिया? सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मतलब बहुत सीधा और साफ है. सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ और सिर्फ नाबालिगों को फौरन छोड़ने को कहा है. साथ ही यह भी कहा है कि फिलहाल कोई बहुत सख्त कार्रवाई नहीं होगी. इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले समय में आगे कार्रवाई जरूर हो सकती है. लेकिन कॉकरोच पार्टी वाले तो अब देश के सुप्रीम कोर्ट को भी नहीं मान रहे हैं. कॉकरोच पार्टी लगातार कह रही है कि जिन उपद्रवियों पर एफआईआर है उनको भी तुरंत छोड़ा जाए. सौरभ दास ने एफआईआर पर यही बात कही है जो सुप्रीम कोर्ट की अवमानना जैसी है. सोचिए ये लोग अब सुप्रीम कोर्ट की बात भी मानने को तैयार नहीं हैं. कॉकरोच वाले सरेआम कह रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश इन्हें बिल्कुल मंजूर नहीं है. कॉकरोच वाले आज पूरे दिन बोल रहे हैं कि जिन पर एफआईआर है उनको भी छोड़ा जाए. जबकि कल तक यही लोग एक अलग ही सुर में बोल रहे थे. कल तक ये बोल रहे थे कि जिन्होंने हुड़दंग और गुंडई की है उन पर कड़ा एक्शन होना चाहिए. अब ये लोग रातों रात दूसरी बात करने लगे हैं और अपने बयान से पलट गए हैं. ये लोग ना सुप्रीम कोर्ट को मान रहे हैं और ना ही सरकार को मान रहे हैं. जिन उपद्रवियों को बचाने के लिए कॉकरोच वाले ये सब ड्रामा कर रहे हैं उनकी असलियत जान लीजिए. उन लोगों को पहले तो कॉकरोच वाले कहते थे कि ये बीजेपी और संघ के लोग हैं. कॉकरोच पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके भी हिंसा पर यही बात कह रहे थे. आप खुद देखिए कि कॉकरोच पार्टी कभी कहती है कि गुंडई करने वाले बीजेपी के लोग थे. और कभी यही पार्टी कहती है कि जिन पर पहले से केस दर्ज हैं उनको भी छोड़ दिया जाए. दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर हिंसा के खूंखार आरोपियों पर क्या खुलासा किया है? कॉकरोच पार्टी की इस दोहरी राजनीति के बीच दिल्ली पुलिस पहले ही एक बड़ा खुलासा कर चुकी है. पुलिस ने बताया है कि इस तथाकथित छात्र प्रोटेस्ट में सैकड़ों अपराधी घुसे हुए थे. ये अपराधी कोई आम छात्र नहीं थे बल्कि पेशेवर

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NEET UG paper leak CBI chargesheet। CBI files NEET chargesheet। पीएम मोदी...

होमताजा खबरदेश पीएम मोदी ने जो कहा वो किया, नीट पेपर लीक केस में सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट Last Updated:July 28, 2026, 22:54 IST NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट में NTA के 3 सब्‍जेक्‍ट एक्‍सपर्ट, कोचिंग संचालकों और बिचौलियों के नाम शामिल हैं. जांच एजेंसी ने 360 गवाहों और 422 दस्तावेजों के साथ पुख्ता सबूत पेश किए हैं. BNS और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की गंभीर धाराओं में फंसे सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं. सीबीआई मामले की जांच कर रही है. नई दिल्ली. देश के लाखों मेडिकल स्‍टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब न्याय का शिकंजा पूरी तरह कस चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप तेजी से कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है. सीबीआई की इस कड़े एक्शन ने साफ कर दिया है कि युवाओं के सपनों से सौदा करने वाला कोई भी गुनहगार अब कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा. पीएम ने इंस्‍टाग्राम के जरिए जारी वीडियो संदेश में पेपर लीक केस की जांच के लिए जल्‍द से जल्‍द फार्स्‍ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया था. 360 गवाह और मजबूत सबूत तैयारजांच एजेंसी ने कोर्ट में पेश की गई अपनी चार्जशीट में 360 गवाहों के बयान, 422 अहम दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्यों (मटीरियल ऑब्जेक्ट्स) को शामिल किया है. सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ कि पूरी साजिश को आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, सबूत नष्ट करने और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अंजाम दिया गया था. इसके साथ ही नए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल मामले के सभी 13 मुख्य आरोपी जेल में बंद हैं. एक्सपर्ट्स-कोचिंग संचालक पर सीबीआई का डंडा3 मई 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा में धांधली की शिकायत मिलने के तुरंत बाद सीबीआई ने 12 मई को एफआईआर दर्ज की थी. जांच के लिए 72 अधिकारियों और 8 साइबर फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की विशेष टीमें बनाई गईं. एजेंसी ने महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. सीबीआई ने पेपर लीक के मुख्य सोर्स से लेकर लाभार्थियों तक की पूरी कड़ी का पर्दाफाश कर दिया. हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार 13 आरोपियों में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के केमिस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स के 3 सब्‍जेक्‍ट एक्‍स्‍पर्ट भी शामिल हैं. इसके अलावा फर्जीवाड़े के जरिए प्रश्नपत्र हासिल करने वाले कोचिंग सेंटर्स के 2 संचालकों और बिचौलियों को भी दबोचा गया है. एनटीए मामले से जुड़े आरोपियों के नाम और प्रोफाइल क्रमांक नाम प्रोफाइल / भूमिका 1 मनीषा मंधारे एनटीए की जीवविज्ञान (बायोलॉजी) विशेषज्ञ 2 प्रल्हाद विठ्ठलराव कुलकर्णी एनटीए के रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) विशेषज्ञ 3 मनीषा संजय हवलदार एनटीए की भौतिकी (फिजिक्स) विशेषज्ञ 4 मनीषा संजय वाघमारे बिचौलिया 5 धनंजय निवृत्ति लोखंडे बिचौलिया 6 शुभम मधुकर खैरनार बिचौलिया 7 यश यादव बिचौलिया 8 मांगीलाल बिवाल बिचौलिया 9 विकास बिवाल बिचौलिया 10 दिनेश बिवाल बिचौलिया 11 डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे बिचौलिया 12 शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट, लातूर के संचालक 13 तेजस हर्षदकुमार शाह एपीएमए कोचिंग इंस्टीट्यूट, पुणे में भौतिकी संकाय एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) अकाउंट्स फ्रीज, आर्थिक तंत्र पर चोटसीबीआई ने न केवल आरोपियों को जेल पहुंचाया बल्कि उनके मनी ट्रेल की भी परतों को उधेड़ दिया है. जांच के तहत आरोपियों के कई बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट खाता तुरंत प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है. फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के रास्ते अब साफ हो चुके हैं, जिससे साफ संदेश गया है कि धांधली करने वालों की अब खैर नहीं. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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Amit Shah Met Home Secretary and IB Chief: दिल्ली में अचानक गृहमंत्री...

होमताजा खबरदेश शाह से मिले होम सेक्रेटरी और आईबी चीफ, 40 मिनट चली बैठक, अब क्या होने वाला है? Last Updated:July 28, 2026, 21:58 IST मंगलवार शाम गृहमंत्री अमित शाह के साथ गृह सचिव और आईबी चीफ की एक अहम मीटिंग हुई है. यह मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली. मौजूदा हालात को देखते हुए यह बैठक बहुत अहम है. हाल ही में प्रदर्शन खत्म हुए हैं और हालात सामान्य हो रहे हैं. इसी बीच विपक्ष ने पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाया है. इन सभी विवादों और नेताओं के बयानों के बीच यह मीटिंग काफी अहम है. नई दिल्ली: गृहमंत्री अमित शाह से गृह सचिव गोविंद मोहन और आईबी चीफ महेश दीक्षित ने मुलाकात की है. यह मीटिंग करीब 40 मिनट तक चली. मौजूदा हालात में इस बैठक को बहुत अहम माना जा रहा है. देश में प्रदर्शन खत्म होने के बाद हालात सामान्य हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी नेताओं के बयान भी सामने आए हैं. वहीं विपक्ष पैलेट गन के इस्तेमाल पर लगातार आरोप लगा रहा है. इन गंभीर आरोपों और सियासी बयानों के बीच यह 40 मिनट की मीटिंग काफी अहम मानी जा रही है. About the Author दीपक वर्माDeputy News Editor दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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‘हर कोई जानता है कौन सा देश SAARC की एक्टिविटी रोक रहा’,...

होमताजा खबरदेश रोड़ा कौन अटका रहा, सबको पता है… मुइज्जू की अपील पर MEA ने खोल दिए धागे Last Updated:July 28, 2026, 20:53 IST India on Muizzu SAARC Statement: मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू द्वारा सार्क को फिर से सक्रिय करने की वकालत के बाद भारत ने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर तंज कसा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत मजबूत क्षेत्रीय सहयोग का पक्षधर है लेकिन सब जानते हैं कि सार्क को बाधित करने के लिए कौन जिम्मेदार है. 2016 उरी हमले के बाद से सार्क सम्मेलन ठप पड़ा हुआ है. भारत ने पाकिस्‍तान की क्‍लास लगाई. नई दिल्ली. मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने हाल ही में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन यानी SAARC को एक बार फिर से सक्रिय करने की बात कही थी। आज विदेश मंत्रालय (MEA) ने मालदीव के राष्ट्रपति के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बिना नाम लिए पाकिस्तान पर करारा निशाना साधा है और साफ कर दिया कि क्षेत्रीय सहयोग में रोड़ा कौन अटका रहा है, यह बात पूरे दक्षिण एशिया को पता है. विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में मुइज्जू के बयान से जुड़े एक सवाल का सीधा जवाब दिया. जायसवाल ने कहा, “भारत हमेशा से एक मजबूत और प्रभावी क्षेत्रीय सहयोग का समर्थक रहा है और इसके लिए दशकों से काम करता आ रहा है. लेकिन दक्षिण एशिया में हर कोई इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि कौन-सा देश और किस तरह की गतिविधियां SAARC के काम में बाधा डालने के लिए जिम्मेदार हैं.” उन्होंने सख्त लहजे में जोड़ा कि किसी भी क्षेत्रीय सहयोग के लिए नीयत और सद्भावना का होना सबसे प्राथमिक शर्त है. दरअसल, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने अपने एक हालिया संबोधन में सार्क के पुनरुद्धार की वकालत की थी और सदस्य देशों के बीच मतभेदों को संवाद के जरिए सुलझाने की अपील की थी. हालांकि भारत के रुख से यह साफ है कि जब तक पड़ोसी देश अपनी आतंकवाद समर्थक नीतियों और नकारात्मक गतिविधियों को बंद नहीं करता, तब तक सार्क जैसा मंच प्रभावी नहीं हो सकता. 2016 से ठप पड़ा है सार्क सम्मेलनगौरतलब है कि SAARC भारत, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान का एक क्षेत्रीय समूह है. इसका आखिरी शिखर सम्मेलन साल 2014 में काठमांडू में आयोजित हुआ था. वर्ष 2016 में यह सम्मेलन इस्लामाबाद में होना तय हुआ था लेकिन उसी वर्ष 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सैन्य शिविर पर हुए कायराना आतंकवादी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के माहौल में सम्मेलन में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया था. भारत के समर्थन में बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी इस्लामाबाद बैठक का बहिष्कार कर दिया था, जिसके बाद से सार्क व्यावहारिक रूप से निष्क्रिय बना हुआ है. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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बारिश में सब्जी उगा रहे हैं? बस ये 3 काम कर लें,...

Last Updated:July 28, 2026, 19:36 IST भागलपुर में बरसात के मौसम में सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए कीट सबसे बड़ी चुनौती बन जाते हैं. कृषि विशेषज्ञ सुजीत पाल के अनुसार, नमी और खरपतवार बढ़ने से व्हाइट फ्लाई, रेड कीट और अन्य कीट तेजी से फसलों पर हमला करते हैं. इससे बचाव के लिए खेत की नियमित सफाई करें, घास-फूस हटाते रहें और सप्ताह में एक बार नीम के तेल का छिड़काव करें. जरूरत पड़ने पर कीटनाशकों और स्टिकी ट्रैप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते ये उपाय अपनाने से फसल सुरक्षित रहती है और बरसात में किसानों को बेहतर उत्पादन व अधिक मुनाफा मिलता है. ख़बरें फटाफट भागलपुर. लोग पुरानी खेती को छोड़कर नई खेती की तरफ रुख कर रहे हैं और ऐसे में खासकर सब्जी की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं. अगर हम भागलपुर क्षेत्र की बात करें तो यहां पर बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती की जाती है, खासकर हरी सब्जियां यहां पर बड़े पैमाने पर उगाई जाती है और इसका सप्लाई नेपाल तक होता है. आपको बता दें कि लोग अपने मुनाफे को अधिक करने के लिए अब सब्जी में भी नए-नए तरह की सब्जी की खेती करती है. जिसका दाम अधिक मिल पाए. ऐसे में बरसात के दिनों में जो सब्जी को लगाया जाता है उसमें किट की संभावना अधिक हो जाती है. बरसात के दिनों में लगने वाले कीट आपके फसल को पूरी तरह से नुकसान पहुंचा देता है. क्योंकि इन दोनों लगने वाले कीट जल्द खत्म नहीं होते हैं. ऐसे में पौधा को पूरी तरीके से नष्ट कर देता है. इसका बचाव सबसे अधिक जरूरी होता है.  कैसे कर सकते हैं बरसाती किट से अपने फसलों का बचावजब लोकल 18 ने पौध संरक्षण विभाग के अधिकारी सह कृषि विशेषज्ञ सुजीत पाल से बात की तो उन्होंने बताया कि देखिए बरसात के दिनों में हरी सब्जियों पर किट का अटैक अत्यधिक होता है. चाहे वह बेलदार पौधा हो या अन्य किसी भी तरह की सब्जियां हो. इसका मुख्य वजह होता है कि उसमें नमी होती है और घास हो जाता है. और ऐसे में वहां पर किट का प्रकोप सबसे अधिक हो जाता है. बरसात के दिनों में सब्जी में थोड़ी अगर मेहनत कर ली जाए तो दाम तो अच्छा मिलेगा ही इसके साथ-साथ आपका पौधा भी बच जाएगा. क्योंकि बरसात के दिनों में हरी सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं. ऐसे में उन्होंने बताया कि जैसे ही आप हरी सब्जी लगाते हैं उससे हर हमेशा घास को निकालते रहे, ताकि किट का लाड़वा उस पर ना जा सके. दूसरी बात आप उसमें प्रत्येक सप्ताह नीम के तेल का छिड़काव करें, क्योंकि आप तेल का छिड़काव करते हैं और जैसे ही बारिश पड़ती है वह खत्म हो जाता है. ऐसे में सप्ताह में एक बार नीम के तेल का छिड़काव कर दे. दूसरा उपाय आप इसमें कीटनाशक डाल सकते हैं. तीसरा आप स्टिकी स्टिक लगा सकते हैं. जिससे पौधे का बचाव आसानी से हो जाएगा. अगर आप इन सब चीजों को लगा देते हैं तो इसमें कीट लगने की संभावना कम हो जाती है.  वाइट फ्लाई से कैसे करें बचावइन दिनों सबसे अधिक वाइट फ्लाई का आतंक रहता है. जिससे आपकी सब्जियां टेढ़ी मेढ़ी हो जाती है और उसके साथ-साथ पौधे में छिद्र नुमा चीज बन जाता है. रेड किट और व्हाइट किट यह दोनों आपके पौधे को नुकसान पहुंचता है. इसलिए आप इसमें यह उपाय कर लेंगे तो आसानी से किट से बचाव हो जाएगा. आपका पौधा भी सही रहने वाला है. About the Author Amit Singh 8 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. क्राइम, खेल, … और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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50 दिन में तैयार, बाहर तक हो रही सप्लाई! रांची के किसान...

होमवीडियोकृषि 50 दिन में तैयार, बाहर तक सप्लाई! रांची के किसान की ऑर्गेनिक टमाटर खेती मिसाल X 50 दिन में तैयार, बाहर तक सप्लाई! रांची के किसान की ऑर्गेनिक टमाटर खेती मिसाल   रांची के इटकी गांव के किसान रोहित 50 डिसमिल जमीन में हाइब्रिड ऑर्गेनिक टमाटर की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं. वह एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से उच्च गुणवत्ता वाले बीज लाते हैं और गोबर खाद, सीमित मात्रा में यूरिया तथा गोमूत्र, नीम और जामुन के सिरके से तैयार जैविक घोल का इस्तेमाल करते हैं. टमाटर की फसल करीब 50 दिनों में तैयार हो जाती है. खरपतवार और कीटों से बचाव के लिए मल्चिंग पेपर का उपयोग किया जाता है. तैयार टमाटर की सप्लाई सुपरमार्केट और बाहरी बाजारों में होती है, जिससे किसान को दो महीने में करीब ₹50 से ₹60 हजार तक की आमदनी हो जाती है. Source link

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पेपर लीक: प्रियंका गांधी ने लोकसभा में क्‍या कहा? बुरी तरह बिफरे...

होमताजा खबरदेश पेपर लीक: प्रियंका गांधी के किस बयान पर LS में बवाल? बुरी तरह बिफर गए रिजिजू Last Updated:July 28, 2026, 17:42 IST लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान उस वक्त भारी हंगामा हो गया जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि अपने ऐसा शिक्षा मंत्री बनाया जिसने रेप के पीड़ित के आरोपियों की रिहाई पर स्वागत किया. प्रियंका के बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया जिससे लाइव प्रसारण में उनका माइक बंद करना पड़ा. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस टिप्पणी को असंसदीय बताते हुए प्रियंका से माफी की मांग की. प्रियंका गांधी ने तीखा हमला बोला. नई दिल्ली. संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में उस समय ज़बरदस्त हंगामा खड़ा हो गया जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी का नाम लिए बिना उनपर निशाना साधा. उन्‍होंने कहा कि अपने ऐसा शिक्षा मंत्री बनाया जिसने रेप के पीड़ित के आरोपियों की रिहाई पर स्वागत किया. मामला नीट पेपर लीक के बाद लाए जा रहे नए कठोर कानून पर संसद में चर्चा का था. प्रियंका गांधी के इस बयान के तुरंत बाद सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके चलते लाइव टेलीकास्ट के दौरान प्रियंका का माइक भी बीच-बीच में कई बार बंद कर दिया गया. मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बयान को असंसदीय करार दिया और प्रियंका गांधी से सदन से माफी मांगने की मांग की. सरकार ने इस टिप्पणी को संसद की आधिकारिक कार्यवाही से हटाने की भी मांग की है. प्रियंका का पेपर लीक, लाठीचार्ज और शिक्षा बजट पर हमला • आरएमएल अस्पताल का वाकया: प्रियंका गांधी ने कहा कि जब वे प्रदर्शन में घायल छात्रा से मिलने गईं, तो पीड़ित छात्रा की मां ने सवाल किया कि बेटी का यह हाल करने वाले भी मिलने आए हैं? प्रियंका ने कहा कि इस बात से वे बेहद शर्मिंदा हुईं.• बर्बरता और पलेट गन पर सवाल: उन्होंने पीएम और गृह मंत्री से पूछा कि गांधीवादी रास्ते पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?• शिक्षा बजट और माफिया: उन्होंने कहा कि माता-पिता जमीन और गहने बेचकर बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन योग्यता के बजाय पैसा हावी है. छात्र केवल पेपर लीक रोकने और माफिया पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में शिक्षा की हिस्सेदारी लगातार घट रही है. प्रहलाद जोशी पर बयान और सदन में जोरदार हंगामा • विवादित बयान: प्रियंका गांधी ने पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और स्वागत का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि ऐसे नेता को मंत्री बनाया गया, जिसने बलात्कार के आरोपियों (बिल्किस बानो मामले) की रिहाई का स्वागत किया था.• किरेन रिजिजू और प्रहलाद जोशी की आपत्ति: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और प्रहलाद जोशी ने इस टिप्पणी पर कड़ा विरोध जताया. उन्होंने इसे चरित्र हनन करार देते हुए प्रियंका गांधी से बिना शर्त माफी मांगने और शब्दों को संसद के रिकॉर्ड से हटाने (एक्सपंज करने) की मांग की.• स्पीकर की हिदायत और प्रियंका का जवाब: स्पीकर ने कहा कि बिना तथ्यों के एक-एक शब्द न बोला जाए. इस पर प्रियंका गांधी ने एक अखबार की रिपोर्ट दिखाते हुए उसे ऑथेंटिकेट करने की बात कही और पूछा कि क्या जोशी जी अपने दिए बयान से इनकार कर रहे हैं? शिक्षा व्यवस्था, कमेटी और आरएसएस पर तीखे प्रहार • कमेटी पर सवाल: प्रियंका ने कहा कि बिल में पेपर लीक रोकने के कोई ठोस उपाय नहीं हैं. राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशें लागू नहीं हुईं और नई कमिटियों में ऐसे लोग शामिल हैं जिन्हें शिक्षा का सही ज्ञान नहीं है.• आरएसएस और नियुक्तियां: उन्होंने मांग की कि शिक्षण संस्थानों और सिस्टम को आरएसएस के लोगों से भरने के बजाय योग्य युवाओं को मौका दिया जाए. देश का नौजवान न्याय मांग रहा है, भीख नहीं.• ‘सपनों की चोरी’: प्रियंका ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव में वोट और मंदिर में चंदे से भी बड़ी चोरी देश के नौजवानों के सपनों की चोरी है. उन्होंने पीएम से इसकी जिम्मेदारी लेने और ‘जेन-जी’ (Gen-Z) युवाओं का भरोसा वापस जीतने का आग्रह किया. सदन के हल्के-फुल्के पल • भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने स्पीकर से मुस्कुराने का आग्रह करते हुए कहा, “हम कांग्रेस के लोग जान दे देंगे लेकिन भारत की हार नहीं होने देंगे, सर अब तो मुस्कुरा लीजिए.”• इस पर किरेन रिजिजू ने चुटकी लेते हुए कहा कि इन्होंने राहुल गांधी के भाषण की लाइनें चोरी कर ली हैं. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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Lok Sabha LIVE Today | Parliament Paper Leak Bill | Sansad TV...

होमताजा खबरदेश संसद में अभिषेक बनर्जी के बयान पर हंगामा, स्पीकर पर तमतमा गईं महुआ मोइत्रा Last Updated:July 28, 2026, 16:42 IST Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा हो रही है. लोकसभा में इस बिल पर 10 घंटे तक बहस होगी. विपक्ष सदन में सरकार पर हालिया आंदोलन को आधार बनाते हुए तीखे हमले कर रहा है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार के ईगो पर तंज कसा है. वहीं कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने एनटीए के स्टाफ और नीट आरोपियों की बेल पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सत्ताधारी बीजेपी ने इसे परिवर्तनकारी बिल बताया है. देखें, लोकसभा में बहस के लाइव अपडेट्स. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा. (फोटो : संसद TV) नई दिल्ली: मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर जोरदार हंगामा हो रहा है. मंगलवार को दोपहर दो बजे के बाद कार्यवाही फिर से शुरू हुई. सदन में पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल 2026 पर चर्चा चल रही है. विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. इस बिल पर चर्चा के लिए पहले छह घंटे का टाइम तय था. लेकिन विपक्ष की डिमांड पर इसे बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया गया है. स्पीकर ओम बिरला ने भी सभी सदस्यों को अपने विचार रखने की अनुमति दी है. Lok Sabha | Parliament Monsoon Session | संसद | लोकसभा की कार्यवाही एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि इस विधेयक की तारीफ करने लायक सिर्फ एक बात है कि यह अंग्रेजी में लिखा गया है. मारन ने कहा कि “वन इंडिया, वन एग्जाम” जैसी व्यवस्था देश के लिए सही नहीं है, क्योंकि भारत विविधताओं वाला देश है. उन्होंने वित्त मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पेपर लीक को छात्रों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलने का बहाना बताना बेहद निंदनीय है. उन्होंने सरकार की परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा नीति पर गंभीर सवाल उठाए. अभिषेक बनर्जी बोले – पेपर लीक पर फेल है सरकार, छात्रों को मिला आंसू गैस का जवाब लोकसभा में पेपर लीक विरोधी बिल में संशोधन पर बहस के दौरान अभिषेक बनर्जी के बोलने के लिए खड़े होने पर हंगामा हुआ. TMC सांसद ने कहा कि पार्टी बिल का समर्थन करती है, लेकिन NEET मुद्दे पर सरकार को ज़िम्मेदार ठहराने से पीछे नहीं हटेगी. उस समय हलचल बढ़ गई जब स्पीकर ने महुआ मोइत्रा से अपनी सीट पर बैठने को कहा, लेकिन उन्होंने बैठने से इनकार कर दिया. इस दौरान तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि छात्रों की बात सुनने के बजाय उन पर पेलेट गन चलाई गई और आंसू गैस के गोले छोड़े गए. उन्होंने सवाल किया कि आखिर देश के युवाओं को कानून व्यवस्था की समस्या की तरह क्यों देखा जा रहा है. अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में पेपर लीक के मामलों में एक भी दोषी को सजा नहीं मिली. उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक होना सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है. अखिलेश यादव का तंज- जो चढ़ावा चोर को नहीं रोक पाए, वो पेपर लीक कैसे रोकेंगे लोकसभा में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि “जो चढ़ावा चोर को नहीं रोक पाए, वो पेपर लीक कैसे रोकेंगे?” अखिलेश ने दावा किया कि भविष्य में भी NEET का पेपर लीक होगा, क्योंकि सरकार इसे रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है. उन्होंने कहा कि 10वीं और 12वीं के पेपर भी लीक हुए, लेकिन सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने प्राथमिक स्कूलों को निशाना बनाकर बंद किया, जिससे गरीब और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई. उन्होंने यह भी कहा कि RSS ने देश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों को बर्बाद कर दिया है. इसके साथ ही उन्होंने देश में नफरत की राजनीति होने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार किसी को न्याय दिलाने में सफल नहीं हुई है. सपा चीफ अखिलेश यादव ने लोकसभा में सरकार पर तीखा हमला बोला. अखिलेश यादव ने कहा, ‘सरकार के खिलाफ नारा लगा. सरकार को ईगो था कि सरकार झुकती नहीं. लेकिन नौजवानों ने नारा दिया कि झुकाने वाला चाहिये.’ उन्होंने यह बात स्टूडेंट्स के गुस्से और पेपर लीक के मुद्दे पर कही. अखिलेश ने कहा कि मंत्री जी लौटे तो सदन के बाहर उनका स्वागत हुआ. यह दिखाता है कि यूथ में कितना गुस्सा है. Delhi: Samajwadi Party chief and MP Akhilesh Yadav says, “I hope that all the demands that the youth and youngsters made, the government will accept all those demands. The government must have also accepted that any party, if it starts as a joke, can become a big party. Whatever… pic.twitter.com/DdOLsiCUtZ Source link

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