भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

ताज़ा खबर

ताज़ा खबर

बिना लाल मिर्च-हल्दी से बनता है राजस्थान का ये सफेद चिकन, जानें...

X न लाल रंग, न तीखे मसाले…फिर भी स्वाद में लाजवाब है राजस्थान का सफेद चिकन   Rajasthani Safed Chicken Recipe: राजस्थान अपनी समृद्ध पाक परंपरा के लिए प्रसिद्ध है और सफेद चिकन (सफेद मांस) यहां के शाही व्यंजनों में खास स्थान रखता है. इस अनोखी डिश की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें लाल मिर्च और हल्दी का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे इसका रंग पूरी तरह सफेद बना रहता है. दही, काजू, बादाम और अन्य ड्राई फ्रूट्स से तैयार की जाने वाली इसकी क्रीमी ग्रेवी इसे बेहद स्वादिष्ट बनाती है. मेवाड़ और मारवाड़ की शाही रसोई से जुड़ा यह व्यंजन आज भी लोगों की पहली पसंद है, खासकर उन लोगों के लिए जो हल्के मसालों वाला भोजन पसंद करते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

ताज़ा खबर

Priyanka Gandhi Congress Meeting | Priyanka Gandhi News: हर बात पर प्रदर्शन…...

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी पिछले कुछ सालों से लगातार चुनावी हार, कमजोर संगठन और जमीन पर घटते प्रभाव से जूझ रही है. ऐसे समय में पार्टी की अंदरूनी बैठकों में अक्सर बड़े-बड़े आंदोलन, सरकार घेरने की रणनीति और जनहित के मुद्दों पर आक्रामक अभियान की बातें होती हैं. लेकिन गुरुवार को हुई अहम बैठक में प्रियंका गांधी ने जिस अंदाज में सवाल उठाए, उसने कांग्रेस नेतृत्व के भीतर चल रही असली चिंता को सामने ला दिया. प्रियंका ने साफ शब्दों में पूछा कि जब बूथ स्तर पर संगठन ही नहीं है तो सिर्फ घोषणाएं और आंदोलन की बातें करने से क्या हासिल होगा. उनका यह सवाल केवल संगठन पर टिप्पणी नहीं था, बल्कि कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का आईना भी माना जा रहा है. पार्टी के कई नेताओं के लिए यह संदेश था कि केवल बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन से राजनीति नहीं चलती, उसके लिए जमीन पर मजबूत नेटवर्क भी जरूरी होता है. प्रियंका गांधी ने बैठक में यह भी कहा कि हर मुद्दे पर आंदोलन और प्रदर्शन करने की आदत से बाहर निकलना होगा. उनका मानना था कि जनता से जुड़े चुनिंदा मुद्दों पर फोकस करके लंबे समय तक योजनाबद्ध तरीके से काम करना ज्यादा असरदार होगा. कांग्रेस की इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल समेत कई बड़े नेता मौजूद थे. बैठक में बेरोजगारी, महंगाई, MSME सेक्टर की हालत, पेपर लीक और आर्थिक संकट जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. राहुल गांधी ने भी नेताओं को ‘आंदोलनकारी ऊर्जा’ बनाए रखने की सलाह दी, लेकिन प्रियंका का जोर इस बात पर रहा कि आंदोलन तभी सफल होगा जब संगठन मजबूत और एक्टिव हो. कांग्रेस के भीतर इसे आत्ममंथन वाली बैठक माना जा रहा है. बूथ संगठन पर प्रियंका के सवाल से बढ़ी हलचल प्रियंका गांधी ने बैठक में बेहद सीधा सवाल पूछा कि जिन मुद्दों को बूथ स्तर तक ले जाने की बात की जा रही है, वहां कांग्रेस का संगठन आखिर है कहां. उन्होंने कहा कि जब बूथ स्तर पर कार्यकर्ता और संरचना ही मजबूत नहीं है तो सिर्फ नारे और घोषणाएं करने से जनता तक संदेश नहीं पहुंचेगा. पार्टी नेताओं के मुताबिक प्रियंका ने संगठन की मॉनिटरिंग और समन्वय पर भी जोर दिया. बैठक में यह बात भी सामने आई कि कांग्रेस अब आने वाले महीनों में बड़े जनआंदोलन की तैयारी कर रही है. पार्टी महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक संकट और किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है. हालांकि प्रियंका गांधी का कहना था कि आंदोलन तभी असर दिखाएंगे जब पार्टी का स्थानीय ढांचा मजबूत होगा और हर स्तर पर जिम्मेदारी तय होगी. राहुल गांधी ने बैठक में मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि देश की ओर ‘आर्थिक सुनामी’ बढ़ रही है. उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी और MSME सेक्टर की खराब हालत आने वाले समय में बड़ा संकट पैदा कर सकती है. राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की व्यापार और विदेश नीति किसानों और युवाओं के हित में नहीं है. कांग्रेस की नई रणनीति पर फोकस बैठक में मौजूद नेताओं के अनुसार कांग्रेस अब हर मुद्दे पर सड़क पर उतरने की बजाय चुनिंदा मुद्दों पर केंद्रित अभियान चलाने की तैयारी में है. प्रियंका गांधी ने कहा कि जनता से जुड़े दो बड़े मुद्दों को पकड़कर लगातार काम किया जाए ताकि पार्टी की विश्वसनीयता मजबूत हो सके. उन्होंने संगठन के हर स्तर पर जवाबदेही तय करने की भी बात कही. बेरोजगारी और महंगाई को बनाएगी बड़ा मुद्दा कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बैठक के बाद कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है और युवा भविष्य को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने दावा किया कि MSME सेक्टर तबाह हो चुका है और महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है. पार्टी आने वाले महीनों में इन मुद्दों को लेकर देशव्यापी अभियान चलाने की तैयारी कर रही है. क्या कांग्रेस में शुरू हुआ आत्ममंथन? प्रियंका गांधी के सवालों को कांग्रेस के अंदर बड़े आत्ममंथन की शुरुआत माना जा रहा है. लंबे समय से पार्टी के भीतर संगठन कमजोर होने की चर्चा होती रही है, लेकिन इस बार शीर्ष नेतृत्व ने सार्वजनिक तौर पर इस कमजोरी को स्वीकार करने जैसे संकेत दिए हैं. अब देखना होगा कि कांग्रेस केवल बैठकों तक सीमित रहती है या जमीन पर संगठन को मजबूत करने के लिए ठोस कदम भी उठाती है. प्रियंका गांधी ने बैठक में सबसे बड़ा सवाल क्या उठाया? प्रियंका गांधी ने पूछा कि जब बूथ स्तर पर कांग्रेस का संगठन ही मौजूद नहीं है तो सिर्फ आंदोलन और घोषणाएं करने से क्या फायदा होगा. उन्होंने संगठन की कमजोरी को कांग्रेस की सबसे बड़ी चुनौती बताया. राहुल गांधी ने बैठक में क्या कहा? राहुल गांधी ने कहा कि देश की ओर एक ‘आर्थिक सुनामी’ बढ़ रही है. उन्होंने बेरोजगारी, MSME सेक्टर की हालत और सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर चिंता जताई और नेताओं से आंदोलनकारी ऊर्जा बनाए रखने को कहा. कांग्रेस अब आगे क्या रणनीति बना रही है? कांग्रेस अब हर मुद्दे पर प्रदर्शन करने की बजाय चुनिंदा जनहित मुद्दों पर फोकस करना चाहती है. पार्टी महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और आर्थिक संकट को लेकर लंबा अभियान चलाने की तैयारी कर रही है. Source link

ताज़ा खबर

UPSC Prelims Result 2026: यूपीएससी प्रीलिम्स रिजल्ट से पहले एडमिट कार्ड गायब...

Last Updated:June 12, 2026, 08:07 IST UPSC Prelims Result 2026: यूपीएससी प्रीलिम्स रिजल्ट की टेंशन के बीच अगर एडमिट कार्ड खो गया है तो पैनिक करने की जरूरत नहीं है. जानिए बिना रोल नंबर के सरकारी रिजल्ट कैसे चेक कर सकते हैं और संघ लोक सेवा आयोग की ओरिजिनल वेबसाइट्स कौन सी हैं. UPSC Prelims Result 2026: यूपीएससी प्रीलिम्स रिजल्ट जल्द जारी होने की संभावना है नई दिल्ली (UPSC Prelims Result 2026). यूपीएससी प्रीलिम्स रिजल्ट 2026 की घड़ी जैसे-जैसे करीब आ रही है, लाखों एस्पिरेंट्स के दिलों की धड़कनें तेज हो गईं हैं. इस भारी टेंशन के बीच 2 बड़ी मुसीबतें भी उम्मीदवारों के सामने हैं. पहली- यूपीएससी परीक्षा का एडमिट कार्ड गुम हो जाना… ऐन वक्त पर रोल नंबर न मिलना किसी डरावने सपने जैसा होता है. दूसरी- डिजिटल दुनिया का मायाजाल, जहां सोशल मीडिया पर ‘UPSC Result OUT’ के दावों के साथ धड़ाधड़ फर्जी PDF और लिंक्स शेयर होने लगते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है तो सबसे पहले लंबी सांस लीजिए और बिल्कुल भी पैनिक मत होइए. बिना रोल नंबर के भी अपनी रजिस्ट्रेशन आईडी (RID) या ईमेल के जरिए रिजल्ट चेक कर सकते हैं. वहीं दूसरी तरफ, स्कैमर्स के झांसे में आने से बचने का इकलौता इलाज है कि आप सिर्फ और सिर्फ आयोग के ऑफिशियल सोर्स पर ही भरोसा करें. जानिए बिना एडमिट कार्ड के सरकारी रिजल्ट चेक करने का तरीका और वो 2 ऑफिशियल वेबसाइट्स का पता भी, जहां 100% सही रिजल्ट मिलेगा. यूपीएससी एडमिट कार्ड गायब? टेंशन मत लीजिए, ये रहा ‘प्लान बी’ यूपीएससी प्रीलिम्स रिजल्ट 2026 आते ही सबसे पहला काम होता है पीडीएफ डाउनलोड करके उसमें रोल नंबर सर्च करना. लेकिन अगर एडमिट कार्ड खो गया है और रोल नंबर याद नहीं है तो भी घबराने की जरूरत नहीं है. इसके लिए सबसे पहले अपने जीमेल या उस ईमेल आईडी के इनबॉक्स में जाएं, जिससे यूपीएससी का फॉर्म भरा था. वहां सर्च बार में ‘UPSC’ या ‘Registration’ लिखकर सर्च करें. फॉर्म भरते वक्त आयोग जो कन्फर्मेशन मेल भेजता है, उसमें रजिस्ट्रेशन आईडी (RID) सुरक्षित रहती है. ‘Forgot RID’ का ऑप्शन और ईमेल इनबॉक्स की ट्रिक अगर ईमेल से भी बात न बने तो सीधे यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं. वहां ‘Forgot RID’ या ‘Instructions’ का विकल्प मिलेगा. इस पर क्लिक करके अपना नाम, माता-पिता का नाम और बर्थ डेट एंटर करके अपनी रजिस्ट्रेशन आईडी दोबारा हासिल कर सकते हैं. एक बार जब रजिस्ट्रेशन आईडी मिल जाएगी तो उसकी मदद से अपना रोल नंबर आसानी से दोबारा डाउनलोड कर पाएंगे. इसलिए अपना हौसला बनाए रखें, यूपीएससी मेंस का रास्ता रोल नंबर खोने से बंद नहीं होगा. रिजल्ट से पहले एक्टिव हुए ऑनलाइन ठग, एक गलत क्लिक और खेल खत्म! यूपीएससी प्रीलिम्स रिजल्ट 2026 के दिन जितना प्रेशर उम्मीदवारों पर होता है, साइबर ठग और स्कैमर्स उतने ही ज्यादा एक्टिव होते हैं. वॉट्सऐप ग्रुप्स और टेलीग्राम चैनल्स पर ‘UPSC Result Link Active’ या ‘Direct Link to Check Result’ जैसे लुभावने मेसेज फॉरवर्ड होने लगते हैं. इन मेसेज में दिए गए लिंक्स अक्सर फिशिंग साइट्स होते हैं. इन पर क्लिक करते ही फोन का पर्सनल डेटा चोरी होने का खतरा रहता है या फिर ये आपको ढेरों अश्लील विज्ञापनों वाले पेज पर रीडायरेक्ट कर देते हैं. सिर्फ इन 2 ऑफिशियल वेबसाइट्स पर आएगा यूपीएससी रिजल्ट किसी भी तरह के फ्रॉड या फेक न्यूज से बचने का सिर्फ एक ही तरीका है- थर्ड पार्टी सोर्स पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, यूपीएससी कभी भी किसी प्राइवेट साइट पर सरकारी रिजल्ट जारी नहीं करता. केवल इन दो ऑफिशियल वेबसाइट्स पर ही नजर रखें: upsc.gov.in upsconline.nic.in जैसे ही नतीजे घोषित होंगे, सबसे पहले ‘What’s New’ सेक्शन में क्वॉलिफाई हुए कैंडिडेट्स के रोल नंबर वाला पीडीएफ अपलोड किया जाएगा. अगर भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट कुछ देर के लिए क्रैश या स्लो हो जाए तो थोड़ा इंतजार कर लें. लेकिन किसी भी अनजान या अनवेरिफाइड लिंक पर क्लिक करने की भूल बिल्कुल न करें. सुरक्षित रहें और सही सोर्स से ही यूपीएससी प्रीलिम्स रिजल्ट 2026 चेक करें. About the Author Deepali PorwalSenior Sub Editor Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

ताज़ा खबर

Petrol-Diesel Price : बिहार में डीजल 100 रुपये के पार, पेट्रोल भी...

Last Updated:June 12, 2026, 06:38 IST Petrol-Diesel Price : ग्‍लोबल मार्केट में कई महीने बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें गिरकर 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे पहुंची हैं. इसका शुक्रवार सुबह देश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर भी दिखा. आज कई शहरों में तेल के दाम बदल गए हैं. कुछ जगहों पर इसकी कीमतों में उछाल दिख रहा है तो कुछ जगहों पर गिरावट दिखी है. ग्‍लोबल मार्केट में कच्‍चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दिख रही है. नई दिल्‍ली. ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम की गुंजाइशों ने कच्‍चे तेल की कीमतों पर भी दबाव डाला है. यही वजह रही कि शुक्रवार सुबह ग्‍लोबल मार्केट में कई महीनों बाद कच्‍चे तेल दाम 90 डॉलर से नीचे आए हैं. इसका असर सरकारी तेल कंपनियों की ओर से जारी पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर भी दिख रहा है. आज देश के कई शहरों में तेल के दाम बदल गए हैं. कुछ जगहों पर इसकी कीमतों में गिरावट दिख रही है तो कुछ शहरों में भाव बढ़ता दिख रहा है. हालांकि, दिल्‍ली-मुंबई जैसे देश के चारों महानगरों में तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है. सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार, गाजियाबाद में पेट्रोल 30 पैसे महंगा होकर 102.10 रुपये लीटर हो गया है तो डीजल 29 पैसे बढ़त के साथ 95.58 रुपये लीटर पहुंच गया है. हरियाणा की राजधानी गुरुग्राम में पेट्रोल 4 पैसे महंगा होकर 102.80 रुपये लीटर बिक रहा है तो डीजल भी 4 पैसे बढ़त के साथ 95.47 रुपये लीटर के भाव पहुंच गया है. बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल 69 पैसे महंगा होकर 114.24 रुपये लीटर हो गया तो डीजल 66 पैसे महंगा होकर 100.20 रुपये लीटर बिक रहा है. कच्‍चे तेल की बात करें तो बीते 24 घंटे में इसकी कीमतों में गिरावट दिख रही है. ग्‍लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 1.50 डॉलर टूटकर 89.03 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है. डब्‍ल्‍यूटीआई का रेट भी गिरा है और ग्‍लोबल मार्केट में अब 86.33 डॉलर प्रति बैरल के भाव चल रहा है. चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम– दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर– मुंबई में पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर– चेन्नई में पेट्रोल 108.01 रुपये और डीजल 99.78 रुपये प्रति लीटर– कोलकाता में पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर इन शहरों में बदल गए रेट– गाजियाबाद में पेट्रोल 102.10 रुपये और डीजल 95.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है.– गुरुग्राम में पेट्रोल 102.47 रुपये और डीजल 95.47 रुपये प्रति लीटर हो गया है.– पटना में पेट्रोल 114.24 रुपये और डीजल 100.20 रुपये प्रति लीटर हो गया है. हर सुबह 6 बजे जारी होते हैं नए रेटहर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है. सुबह 6 बजे से ही नए रेट लागू हो जाते हैं. पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, वैट और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम मूल भाव से लगभग दोगुना हो जाता है. यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल के दाम इतने अधिक दिखाई देते हैं. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

ताज़ा खबर

Stone pelted at shatabdi express | कानपुर से दिल्ली आ रही शताब्दी...

होमताजा खबरदेश दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव, ट्रेन में थे मोहन भागवत, बाल-बाल बचे Last Updated:June 12, 2026, 05:33 IST Shatabdi Express Stone Pelting: यूपी से दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव हुआ है. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के पास शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी से कोच E1 की खिड़की टूट गई. जिस शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव हुआ है, उसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत सवार थे. राहत की बात है कि इस पथराव में मोहन भागवत बाल-बाल बच गए हैं. वह सुरक्षित हैं. इसक पत्थरबाजी के चलते ट्रेन देर से दिल्ली पहुंची. यूपी से दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव हुआ है. Mohan Bhagwat Shatabdi Express Train Attacked: उत्तर प्रदेश से दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक उस पर पत्थर फेंके गए. जी हां, यूपी के फिरोजाबाद में शताब्दी एक्सप्रेस (12003) पर पथराव हुआ. शताब्दी एक्सप्रेस की खिड़की का शीशा उस समय टूट गया, जब फिरोजाबाद के पास ट्रेन पर पत्थर फेंका गया. जिस ट्रेन पर पथराव हुआ, उस ट्रेन में उस वक्त आरएसएस चीफ मोहन भागवत मौजूद थे. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कानपुर से दिल्ली एक कार्यक्रम के सिलसिले में जा रहे थे. दरअसल, यह घटना फिरोजाबाद आउटर इलाके में गुरुवार रात करीब 8 बजे हुई. यहां पत्थर शताब्दी ट्रेन के कोच E1 पर लगा, जिसमें बताया जा रहा है कि मोहन भागवत यात्रा कर रहे थे. ऐसा लगता है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ट्रेन को जानबूझकर निशाना बनाया गया है. संघ प्रमुख कानपुर में एक समारोह में शामिल होने के बाद 12003-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे. इसी दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत वाली कोच पर फिरोजरबाद के पास एक पत्थर लगा. पथराव में मोहन भागवत सेफ टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, इस घटना से कोच की खिड़की टूट गई और यात्रियों में चिंता फैल गई. हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की है कि किसी को चोट नहीं आई है. मोहन भागवत और सभी अन्य यात्री सुरक्षित रहे. घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने प्रभावित कोच की जांच की और स्थिति का जायजा लिया. उसके बाद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई. सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और अन्य रेलवे विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. आखिर किसने पत्थर फेंके? फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि पत्थर ट्रेन पर कैसे आया या इसके लिए कौन जिम्मेदार है. अधिकारी घटना से जुड़े हालात की जांच कर रहे हैं और सबूत जुटा रहे हैं. जरूरी जांच के बाद शताब्दी एक्सप्रेस ने अपनी यात्रा दिल्ली की ओर फिर से शुरू की और रात 10.13 बजे राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गई. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की जानकारी सामने आएगी. जीआरपी के इंस्पेक्टर ने क्या अपडेट दिया सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के इंस्पेक्टर शेर सिंह ने बताया कि भागवत को कोई चोट नहीं आई और उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के टुंडला जंक्शन पर रुकने के बाद ट्रेन ने अपनी यात्रा फिर से शुरू की. यह घटना गुरुवार शाम करीब 7.20 बजे हुई, जब कानपुर से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस फिरोजाबाद जिले से गुजर रही थी और मक्खनपुर स्टेशन को बिना रुके पार कर चुकी थी, तभी तेज रफ्तार ट्रेन के E-1 कोच की खिड़की के शीशे पर एक पत्थर लगा और शीशा टूट गया. About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

ताज़ा खबर

Darulshifa Hyderabad Controversy: क्या मिट जाएगी 16वीं सदी की वो इमारत जिसने...

Last Updated:June 12, 2026, 05:13 IST Darulshifa Hyderabad Controversy: हैदराबाद में 1595 में निर्मित ऐतिहासिक दारुश्शिफा परिसर को ढहाने के प्रस्ताव पर विवाद गहरा गया है. कुतुब शाही दौर का यह ढांचा भारत का पहला मुफ्त आवासीय यूनानी अस्पताल और कॉलेज था. वर्तमान में जर्जर हो चुकी इस इमारत को हटाकर प्रशासन नया बहुमंजिला अस्पताल बनाना चाहता है, जबकि इतिहासकार और हेरिटेज एक्टिविस्ट्स इसे ढहाने के बजाय रेस्टोरेशन के जरिए संरक्षित करने की मांग कर रहे हैं. ख़बरें फटाफट Hyderabad: हैदराबाद की ऐतिहासिक पहचान और कुतुब शाही दौर की बेजोड़ वास्तुकला के प्रतीक दारुश्शिफा परिसर को लेकर इन दिनों एक नया विवाद खड़ा हो गया है. सन् 1595 में सुल्तान मोहम्मद कुली कुतुब शाह द्वारा बनवाई गई यह दोमंजिला ऐतिहासिक इमारत आज संरक्षणवादियों और प्रशासनिक योजनाओं के बीच खींचतान का मुख्य केंद्र बन चुकी है. चारमीनार के समकालीन माने जाने वाले इस भव्य ढांचे का एक गौरवशाली अतीत रहा है. यह कभी न केवल भारतीय उपमहाद्वीप बल्कि पूरे क्षेत्र का पहला मुफ्त आवासीय यूनानी अस्पताल और चिकित्सा महाविद्यालय था. यहाँ सदियों पहले देश-विदेश के विख्यात हकीमों द्वारा मरीजों का मुफ्त इलाज किया जाता था और छात्रों को यूनानी चिकित्सा पद्धति की शिक्षा दी जाती थी. वर्तमान स्थिति की बात करें तो प्रशासनिक उपेक्षा और उचित रखरखाव के अभाव में इस ऐतिहासिक धरोहर का एक बड़ा हिस्सा बेहद जर्जर हो चुका है. परिसर के भीतर वर्षों से संचालित सरकारी यूनानी अस्पताल की छतें और दीवारें गिरने के कारण, सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल को अस्थायी रूप से दूसरी सरकारी इमारत में स्थानांतरित कर दिया गया है. इसके बाद, तेलंगाना राज्य वक्फ बोर्ड और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस जर्जर ढांचे को पूरी तरह ढहाने का प्रस्ताव रखा है. सरकार की योजना इस खाली जमीन पर पुरानी बस्ती के निवासियों के लिए एक आधुनिक, बहुमंजिला यूनानी अस्पताल परिसर का निर्माण करने की है. इतिहासकारों और हेरिटेज एक्टिविस्ट्स ने खोला मोर्चाप्रशासन के इस कदम का शहर के इतिहासकारों, हेरिटेज एक्टिविस्ट्स और जागरूक नागरिकों ने पुरजोर विरोध किया है. संरक्षणवादियों का तर्क है कि इस अमूल्य धरोहर को गिराने के बजाय कंजर्वेशन आर्किटेक्ट्स की तकनीकी मदद से पुनर्जीवित किया जाना चाहिए. उन्होंने मोअज्जम जाही मार्केट और बंसीलालपेट बावड़ी के सफल रेस्टोरेशन का उदाहरण देते हुए मांग की है कि दारुश्शिफा के मूल ढांचे को हर हाल में संरक्षित किया जाए. आधुनिक विकास बनाम ऐतिहासिक विरासत की जंगआंदोलनकारियों का कहना है कि नए आधुनिक अस्पताल का निर्माण परिसर के ही किसी दूसरे खुले पड़े हिस्से में किया जाना चाहिए ताकि इतिहास भी जिंदा रहे और विकास भी हो. वर्तमान में, हैदराबाद का यह ऐतिहासिक कोना आधुनिक चिकित्सा ढांचे की जरूरत और चार सदी पुरानी विरासत को बचाने की लड़ाई के बीच खड़ा है. अब देखना यह होगा कि सरकार इस विरासत को मलबे में तब्दील करती है या इसे नया जीवन देती है. About the Author vicky Rathore Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Hyderabad,Hyderabad,Telangana Source link

ताज़ा खबर

भरूच में ज्ञानवापी जैसा मामला! जामा मस्जिद में मिलीं देवी-देवताओं की मूर्तियां,...

होमताजा खबरदेश भरूच में ज्ञानवापी जैसा मामला! जामा मस्जिद में मिलीं देवी-देवताओं की मूर्तियां Last Updated:June 11, 2026, 23:25 IST गुजरात के भरूच में स्थित 700 साल पुरानी जामा मस्जिद एक नए विवाद में आ गई है. मस्जिद के बंद तहखाने से जैन तीर्थंकर और हिंदू देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां मिलने के दावे के बाद मामला गरमा गया है. पुरातत्व विभाग ने सुरक्षा के बीच जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है. हिंदू और जैन संगठन इसे ऐतिहासिक खोज बता रहे हैं, जबकि मस्जिद ट्रस्ट ने सभी दावों को खारिज किया है. भरूच की जामा मस्जिद के तहखाने से देवी देवताओं की मूर्ति मिलने का मामला सामने आया है. Bharuch Jama Masjid Vivad: भरूच की ऐतिहासिक जामा मस्जिद एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है. करीब 700 साल पुरानी इस मस्जिद के बंद पड़े तहखाने से जैन और हिंदू धर्म से जुड़ी प्राचीन मूर्तियां मिलने के दावे के बाद हड़कंप मच गया है. इस बीच मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने भी जिला प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखा है. जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक वीडियो सामने आया था जिसमें दावा किया गया कि मस्जिद के तहखाने में जैन धर्म के 19वें तीर्थंकर भगवान मल्लिनाथ की प्रतिमा और हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी कई प्राचीन मूर्तियां मौजूद हैं. इस वीडियो के वायरल होने के बाद विभिन्न हिंदू और जैन संगठनों ने मामले की जांच की मांग की थी. पुरातत्‍व विभाग ने किया मस्जिद का निरीक्षणशिकायतों के बाद पुरातत्व विभाग की टीम ने कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मस्जिद परिसर का निरीक्षण किया. जांच के दौरान तहखाने की वीडियोग्राफी भी की गई. दावा किया जा रहा है कि वहां संवत 1213 अंकित एक प्राचीन प्रतिमा और कई स्तंभों पर पारंपरिक नक्काशी के निशान मिले हैं. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुरातत्व विभाग ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. इस मामले में शंकराचार्य मठ के महंत मुक्तानंद स्वामी ने कहा है कि यह खोज उनके पुराने दावों को मजबूत करती है. उनका कहना है कि यह स्थान कभी जैन धर्म के ‘जैन समरी विहार’ के रूप में जाना जाता था. इसे श्री चक्रधर स्वामी का जन्मस्थल भी बताया जाता है. जामा मस्जिद ट्रस्‍ट ने कही यह बातवहीं दूसरी ओर जामा मस्जिद ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि मस्जिद का इतिहास सरकारी रिकॉर्ड 1907 के गजट और वक्फ बोर्ड के दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से दर्ज है. ट्रस्ट ने कहा है कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने और अनावश्यक विवाद पैदा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है. इसी बीच पुरातत्व विभाग ने मस्जिद परिसर में बिना अनुमति बनाए गए अतिरिक्त ‘वजू खाने’ को हटाने की कार्रवाई की है. साथ ही एक विवादित दरवाजे को भी सील कर दिया गया है. विभाग का कहना है कि यह कदम संरक्षित स्मारक से जुड़े नियमों के पालन के तहत उठाया गया है. सभी को पुरातत्‍व विभाग की रिपोर्ट का इंतजारमामले को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर अपना पक्ष रखा. उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की और अफवाहों से बचने की अपील की. फिलहाल पूरे मामले में सभी पक्षों की नजर पुरातत्व विभाग की अंतिम आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है. माना जा रहा है कि आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई इसी रिपोर्ट के आधार पर तय होगी. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bharuch,Gujarat Source link

ताज़ा खबर

नोएडा में चौथी मंजिल के फ्लैट में लगी आग, पुलिस-फायर टीम ने...

होमवीडियोदेश नोएडा में चौथी मंजिल के फ्लैट में लगी आग, पुलिस-फायर टीम ने दरवाजा काटकर बुजुर्ग दंपती को बचाया X नोएडा में चौथी मंजिल के फ्लैट में लगी आग, पुलिस-फायर टीम ने दरवाजा काटकर बुजुर्ग दंपती को बचाया   नोएडा के सेक्टर-49 स्थित ओवरसीज अपार्टमेंट में गुरुवार को चौथी मंजिल पर बने एक फ्लैट में अचानक आग लग गई. आग के दौरान 86 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी 83 वर्षीय पत्नी फ्लैट के अंदर फंस गए. अधिक उम्र और धुएं के कारण दोनों बाहर नहीं निकल पा रहे थे. सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची. हाइड्रोलिक मशीन और अन्य उपकरणों की मदद से दरवाजा काटकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की हालत सामान्य बताई गई है. घटना के बाद लोगों ने पुलिस और फायर टीम की सराहना की. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

ताज़ा खबर

अष्‍टलक्ष्‍मी का आशीर्वाद ! धरती के नीचे छ‍िपा ‘खजाना’ न‍िकालने जा रही...

भारत पर अष्‍टलक्ष्‍मी की कृपा बरसने जा रही है. अब न तेल का संकट होगा, न गैस का. क्‍योंक‍ि सरकार धरती के नीचे छ‍िपा ‘खजाना’ न‍िकालने जा रही है. गुरुवार को गृहमंत्री अमित शाह ने खुद इसका ऐलान क‍िया. असम और नगालैंड के मुख्‍यमंत्र‍ियों को बिठाकर शाह ने एक डील पर मुहर लगवाई, जिससे असम-नागालैंड सीमा क्षेत्र में मौजूद तेल, गैस और दुर्लभ खनिजों को न‍िकालने और उसके इस्‍तेमाल करने का रास्‍ता साफ हो गया है. शाह ने कहा क‍ि दशकों से इन राज्‍यों के बीच सीमा व‍िवाद था, जिससे हम राष्‍ट्रीय संपदा का इस्‍तेमाल नहीं कर पा रहे थे, अब यह संकट दूर कर ल‍िया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वोत्‍तर के राज्‍यों को अष्‍टलक्ष्‍मी कहते रहे हैं. वे बार-बार कहते रहे हैं क‍ि ये भारत की तरक्‍की का प्रवेश द्वार हैं. अब यहीं पर भारत को वो खजाना म‍िला है. दरअसल, असम और नागालैंड की सीमा से लगे कुछ तेल क्षेत्रों को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था. इसी वजह से इन इलाकों में बड़े पैमाने पर तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन नहीं हो पा रहा था. नई व्यवस्था के तहत दोनों राज्य संसाधनों से होने वाले लाभ को 50-50 के आधार पर साझा करेंगे. सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ पुराने विवाद कम होंगे बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में निवेश भी बढ़ेगा. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब 1,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में तेल और गैस की खोज और उत्पादन का रास्ता खुल गया है. होर्मुज संकट के बीच क्यों अहम है यह फैसला? भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है. लेकिन अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. इसमें बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है. लेकिन ईरान ने स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर रखा है, जिससे तेल और गैस का संकट हो रहा है. एनर्जी एक्‍सपर्ट लंबे समय से कहते रहे हैं कि भारत को घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना चाहिए ताकि विदेशी निर्भरता कम हो सके. असम-नागालैंड समझौता इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. धरती के नीचे कितना बड़ा खजाना? गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में तेल, प्राकृतिक गैस और कई प्रकार के खनिजों का विशाल भंडार मौजूद है. लेकिन कानून-व्यवस्था की समस्याओं, सीमा विवादों और प्रशासनिक अड़चनों के कारण इनका पूरा उपयोग नहीं हो पाया. शाह ने दावा किया कि अभी जिन क्षेत्रों से प्रतिदिन लगभग 1,000 से 1,500 बैरल उत्पादन हो रहा है, वहां क्षमता को 10 गुना से भी अधिक बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि केवल एक तेल क्षेत्र से ही 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य का उत्पादन संभव है. यदि नागालैंड और आसपास के इलाकों में मौजूद तेल-गैस भंडार का पूरी तरह दोहन किया जाता है तो भारत की आयात निर्भरता कम करने में बड़ी मदद मिल सकती है. पूर्वोत्तर के लिए क्या बदलेगा? इस समझौते का असर केवल तेल और गैस तक सीमित नहीं है. केंद्र सरकार का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में खनन क्षेत्र के लिए भी रास्ता खोल सकता है. पूर्वोत्तर भारत में कोयला, चूना पत्थर, निकल, क्रोमाइट और कई अन्य खनिजों की संभावनाएं बताई जाती हैं. यदि राज्यों के बीच सहयोग बढ़ता है तो निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा और नई परियोजनाओं को गति मिलेगी. इसका सीधा असर रोजगार, उद्योग और बुनियादी ढांचे के विकास पर पड़ेगा. लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से दूर रहे कई इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं. अमित शाह ने क्या कहा? समझौते के दौरान अमित शाह ने कहा कि यह किसी की हार या जीत का मामला नहीं है. इसमें भारत, असम और नागालैंड तीनों की जीत हुई है. उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों ने तत्काल राजनीतिक लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दी है. शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो की भी तारीफ की. उनके मुताबिक दोनों नेताओं ने विवादों को पीछे छोड़कर विकास का रास्ता चुना. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित और समृद्ध पूर्वोत्तर का सपना तभी पूरा होगा जब क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा का सही उपयोग किया जाए. क्या भारत की ऊर्जा तस्वीर बदल सकती है? विशेषज्ञों का मानना है कि केवल असम-नागालैंड का यह समझौता भारत को तेल आयात से पूरी तरह मुक्त नहीं कर सकता. लेकिन यह देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम जरूर है.आज दुनिया में ऊर्जा को लेकर भू-राजनीतिक संघर्ष बढ़ रहे हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध हो या पश्चिम एशिया का तनाव, हर संकट का असर तेल बाजार पर पड़ता है. ऐसे में घरेलू उत्पादन बढ़ाना किसी भी देश के लिए रणनीतिक मजबूरी बन गया है. भारत भी अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है. असम और नागालैंड की धरती के नीचे छिपे तेल और गैस के भंडार को निकालने की तैयारी सिर्फ एक आर्थिक फैसला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता से जुड़ा बड़ा दांव है. Source link

ताज़ा खबर

aaj ka Vrishchik rashifal 12 June 2026 Scorpio horoscope in hindi career...

Last Updated:June 12, 2026, 00:04 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 12 June 2026: आज 12 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए नई उम्मीदें और राहत लेकर आया है. काफी समय से चली आ रही पुरानी समस्याओं से आपको आज मुक्ति मिलेगी. जिससे मानसिक शांति महसूस होगी. करियर के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे और कार्यस्थल पर आपकी मेहनत को सराहा जाएगा. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं. पारिवारिक रिश्तों में मधुरता आएगी और आपसी संबंध मजबूत होंगे. जानें राशिफल और उपाय. सीतामढ़ी: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए 12 जून 2026 का दिन बेहद खास और सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला है. आज आपकी जन्मजात तीव्रता, मानसिक दृढ़ता और गहरी समझ आपको हर क्षेत्र में सामान्य से बिल्कुल अलग और बेहतर परिणाम दिलाने में मददगार साबित होगी. सितारों की स्थिति संकेत दे रही है कि लंबे समय से चली आ रही कोई पुरानी और जटिल समस्या आज अचानक जड़ से हल हो सकती है. जिससे आपको मानसिक शांति और बड़ी राहत महसूस होगी. करियर में चमकेगी किस्मत, ज्योतिषाचार्य की सलाहप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार कार्यस्थल पर आज आपकी कोई खास योजना या अनूठा सुझाव वरिष्ठ अधिकारियों और सहयोगियों का ध्यान अपनी ओर खींचेगा. आपके काम में लीडरशिप की स्पष्ट झलक दिखाई देगी. जिससे कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा. व्यापार के मोर्चे पर भी आज कोई छिपा हुआ बड़ा अवसर अचानक आपके सामने आ सकता है. पुरानी फाइलों को खंगालने या पुराने बिजनेस कनेक्शन को दोबारा सक्रिय करने से आपको बड़ा आर्थिक फायदा होने की प्रबल संभावना है. आर्थिक मजबूती और पारिवारिक रिश्तों में मिठासआर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन काफी अच्छा रहने वाला है. धन लाभ के योग बने हुए हैं. जिससे कोई अप्रत्याशित छोटा लाभ या काफी समय से रुका हुआ पैसा आपको वापस मिल सकता है (रिकवरी संभव है). इसके साथ ही आपके प्रेम संबंधों में और गहराई आएगी तथा आपका पार्टनर आपकी भावनाओं और बातों को पहले से बेहतर समझेगा. घरेलू माहौल में भी आज सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे और परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य का पूरा समर्थन आपको मानसिक मजबूती देगा. स्वास्थ्य का रखें ध्यान और करें यह विशेष उपायबेहतर दिन के बीच वृश्चिक राशि वाले आपको अपने स्वास्थ्य, विशेषकर पाचन क्रिया और ऊर्जा के स्तर पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है. दिनभर चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए आहार में फल और हरी सब्जियां अधिक शामिल करें और एक ही जगह ज्यादा देर तक बैठे रहने से बचें. आज आपका शुभ अंक 6 और शुभ रंग गहरा लाल है. आज के दिन को और अधिक भाग्यशाली बनाने के लिए रात को सोने से पहले अपने तकिए के नीचे एक लाल रंग का तिलक लगाया हुआ कागज रखें और श्रद्धापूर्वक 11 बार ॐ नरसिंहाय नमः मंत्र का जप करें. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

Scroll to Top