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भरूच में ज्ञानवापी जैसा मामला! जामा मस्जिद में मिलीं देवी-देवताओं की मूर्तियां,...

होमताजा खबरदेश भरूच में ज्ञानवापी जैसा मामला! जामा मस्जिद में मिलीं देवी-देवताओं की मूर्तियां Last Updated:June 11, 2026, 23:25 IST गुजरात के भरूच में स्थित 700 साल पुरानी जामा मस्जिद एक नए विवाद में आ गई है. मस्जिद के बंद तहखाने से जैन तीर्थंकर और हिंदू देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां मिलने के दावे के बाद मामला गरमा गया है. पुरातत्व विभाग ने सुरक्षा के बीच जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है. हिंदू और जैन संगठन इसे ऐतिहासिक खोज बता रहे हैं, जबकि मस्जिद ट्रस्ट ने सभी दावों को खारिज किया है. भरूच की जामा मस्जिद के तहखाने से देवी देवताओं की मूर्ति मिलने का मामला सामने आया है. Bharuch Jama Masjid Vivad: भरूच की ऐतिहासिक जामा मस्जिद एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है. करीब 700 साल पुरानी इस मस्जिद के बंद पड़े तहखाने से जैन और हिंदू धर्म से जुड़ी प्राचीन मूर्तियां मिलने के दावे के बाद हड़कंप मच गया है. इस बीच मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने भी जिला प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखा है. जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक वीडियो सामने आया था जिसमें दावा किया गया कि मस्जिद के तहखाने में जैन धर्म के 19वें तीर्थंकर भगवान मल्लिनाथ की प्रतिमा और हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी कई प्राचीन मूर्तियां मौजूद हैं. इस वीडियो के वायरल होने के बाद विभिन्न हिंदू और जैन संगठनों ने मामले की जांच की मांग की थी. पुरातत्‍व विभाग ने किया मस्जिद का निरीक्षणशिकायतों के बाद पुरातत्व विभाग की टीम ने कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मस्जिद परिसर का निरीक्षण किया. जांच के दौरान तहखाने की वीडियोग्राफी भी की गई. दावा किया जा रहा है कि वहां संवत 1213 अंकित एक प्राचीन प्रतिमा और कई स्तंभों पर पारंपरिक नक्काशी के निशान मिले हैं. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुरातत्व विभाग ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. इस मामले में शंकराचार्य मठ के महंत मुक्तानंद स्वामी ने कहा है कि यह खोज उनके पुराने दावों को मजबूत करती है. उनका कहना है कि यह स्थान कभी जैन धर्म के ‘जैन समरी विहार’ के रूप में जाना जाता था. इसे श्री चक्रधर स्वामी का जन्मस्थल भी बताया जाता है. जामा मस्जिद ट्रस्‍ट ने कही यह बातवहीं दूसरी ओर जामा मस्जिद ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि मस्जिद का इतिहास सरकारी रिकॉर्ड 1907 के गजट और वक्फ बोर्ड के दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से दर्ज है. ट्रस्ट ने कहा है कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने और अनावश्यक विवाद पैदा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है. इसी बीच पुरातत्व विभाग ने मस्जिद परिसर में बिना अनुमति बनाए गए अतिरिक्त ‘वजू खाने’ को हटाने की कार्रवाई की है. साथ ही एक विवादित दरवाजे को भी सील कर दिया गया है. विभाग का कहना है कि यह कदम संरक्षित स्मारक से जुड़े नियमों के पालन के तहत उठाया गया है. सभी को पुरातत्‍व विभाग की रिपोर्ट का इंतजारमामले को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर अपना पक्ष रखा. उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की और अफवाहों से बचने की अपील की. फिलहाल पूरे मामले में सभी पक्षों की नजर पुरातत्व विभाग की अंतिम आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है. माना जा रहा है कि आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई इसी रिपोर्ट के आधार पर तय होगी. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bharuch,Gujarat Source link

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नोएडा में चौथी मंजिल के फ्लैट में लगी आग, पुलिस-फायर टीम ने...

होमवीडियोदेश नोएडा में चौथी मंजिल के फ्लैट में लगी आग, पुलिस-फायर टीम ने दरवाजा काटकर बुजुर्ग दंपती को बचाया X नोएडा में चौथी मंजिल के फ्लैट में लगी आग, पुलिस-फायर टीम ने दरवाजा काटकर बुजुर्ग दंपती को बचाया   नोएडा के सेक्टर-49 स्थित ओवरसीज अपार्टमेंट में गुरुवार को चौथी मंजिल पर बने एक फ्लैट में अचानक आग लग गई. आग के दौरान 86 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी 83 वर्षीय पत्नी फ्लैट के अंदर फंस गए. अधिक उम्र और धुएं के कारण दोनों बाहर नहीं निकल पा रहे थे. सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची. हाइड्रोलिक मशीन और अन्य उपकरणों की मदद से दरवाजा काटकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की हालत सामान्य बताई गई है. घटना के बाद लोगों ने पुलिस और फायर टीम की सराहना की. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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अष्‍टलक्ष्‍मी का आशीर्वाद ! धरती के नीचे छ‍िपा ‘खजाना’ न‍िकालने जा रही...

भारत पर अष्‍टलक्ष्‍मी की कृपा बरसने जा रही है. अब न तेल का संकट होगा, न गैस का. क्‍योंक‍ि सरकार धरती के नीचे छ‍िपा ‘खजाना’ न‍िकालने जा रही है. गुरुवार को गृहमंत्री अमित शाह ने खुद इसका ऐलान क‍िया. असम और नगालैंड के मुख्‍यमंत्र‍ियों को बिठाकर शाह ने एक डील पर मुहर लगवाई, जिससे असम-नागालैंड सीमा क्षेत्र में मौजूद तेल, गैस और दुर्लभ खनिजों को न‍िकालने और उसके इस्‍तेमाल करने का रास्‍ता साफ हो गया है. शाह ने कहा क‍ि दशकों से इन राज्‍यों के बीच सीमा व‍िवाद था, जिससे हम राष्‍ट्रीय संपदा का इस्‍तेमाल नहीं कर पा रहे थे, अब यह संकट दूर कर ल‍िया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वोत्‍तर के राज्‍यों को अष्‍टलक्ष्‍मी कहते रहे हैं. वे बार-बार कहते रहे हैं क‍ि ये भारत की तरक्‍की का प्रवेश द्वार हैं. अब यहीं पर भारत को वो खजाना म‍िला है. दरअसल, असम और नागालैंड की सीमा से लगे कुछ तेल क्षेत्रों को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था. इसी वजह से इन इलाकों में बड़े पैमाने पर तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन नहीं हो पा रहा था. नई व्यवस्था के तहत दोनों राज्य संसाधनों से होने वाले लाभ को 50-50 के आधार पर साझा करेंगे. सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ पुराने विवाद कम होंगे बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में निवेश भी बढ़ेगा. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब 1,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में तेल और गैस की खोज और उत्पादन का रास्ता खुल गया है. होर्मुज संकट के बीच क्यों अहम है यह फैसला? भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है. लेकिन अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. इसमें बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है. लेकिन ईरान ने स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर रखा है, जिससे तेल और गैस का संकट हो रहा है. एनर्जी एक्‍सपर्ट लंबे समय से कहते रहे हैं कि भारत को घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना चाहिए ताकि विदेशी निर्भरता कम हो सके. असम-नागालैंड समझौता इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. धरती के नीचे कितना बड़ा खजाना? गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में तेल, प्राकृतिक गैस और कई प्रकार के खनिजों का विशाल भंडार मौजूद है. लेकिन कानून-व्यवस्था की समस्याओं, सीमा विवादों और प्रशासनिक अड़चनों के कारण इनका पूरा उपयोग नहीं हो पाया. शाह ने दावा किया कि अभी जिन क्षेत्रों से प्रतिदिन लगभग 1,000 से 1,500 बैरल उत्पादन हो रहा है, वहां क्षमता को 10 गुना से भी अधिक बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि केवल एक तेल क्षेत्र से ही 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य का उत्पादन संभव है. यदि नागालैंड और आसपास के इलाकों में मौजूद तेल-गैस भंडार का पूरी तरह दोहन किया जाता है तो भारत की आयात निर्भरता कम करने में बड़ी मदद मिल सकती है. पूर्वोत्तर के लिए क्या बदलेगा? इस समझौते का असर केवल तेल और गैस तक सीमित नहीं है. केंद्र सरकार का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में खनन क्षेत्र के लिए भी रास्ता खोल सकता है. पूर्वोत्तर भारत में कोयला, चूना पत्थर, निकल, क्रोमाइट और कई अन्य खनिजों की संभावनाएं बताई जाती हैं. यदि राज्यों के बीच सहयोग बढ़ता है तो निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा और नई परियोजनाओं को गति मिलेगी. इसका सीधा असर रोजगार, उद्योग और बुनियादी ढांचे के विकास पर पड़ेगा. लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से दूर रहे कई इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं. अमित शाह ने क्या कहा? समझौते के दौरान अमित शाह ने कहा कि यह किसी की हार या जीत का मामला नहीं है. इसमें भारत, असम और नागालैंड तीनों की जीत हुई है. उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों ने तत्काल राजनीतिक लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दी है. शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो की भी तारीफ की. उनके मुताबिक दोनों नेताओं ने विवादों को पीछे छोड़कर विकास का रास्ता चुना. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित और समृद्ध पूर्वोत्तर का सपना तभी पूरा होगा जब क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा का सही उपयोग किया जाए. क्या भारत की ऊर्जा तस्वीर बदल सकती है? विशेषज्ञों का मानना है कि केवल असम-नागालैंड का यह समझौता भारत को तेल आयात से पूरी तरह मुक्त नहीं कर सकता. लेकिन यह देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम जरूर है.आज दुनिया में ऊर्जा को लेकर भू-राजनीतिक संघर्ष बढ़ रहे हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध हो या पश्चिम एशिया का तनाव, हर संकट का असर तेल बाजार पर पड़ता है. ऐसे में घरेलू उत्पादन बढ़ाना किसी भी देश के लिए रणनीतिक मजबूरी बन गया है. भारत भी अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है. असम और नागालैंड की धरती के नीचे छिपे तेल और गैस के भंडार को निकालने की तैयारी सिर्फ एक आर्थिक फैसला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता से जुड़ा बड़ा दांव है. Source link

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aaj ka Vrishchik rashifal 12 June 2026 Scorpio horoscope in hindi career...

Last Updated:June 12, 2026, 00:04 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 12 June 2026: आज 12 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए नई उम्मीदें और राहत लेकर आया है. काफी समय से चली आ रही पुरानी समस्याओं से आपको आज मुक्ति मिलेगी. जिससे मानसिक शांति महसूस होगी. करियर के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे और कार्यस्थल पर आपकी मेहनत को सराहा जाएगा. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं. पारिवारिक रिश्तों में मधुरता आएगी और आपसी संबंध मजबूत होंगे. जानें राशिफल और उपाय. सीतामढ़ी: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए 12 जून 2026 का दिन बेहद खास और सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला है. आज आपकी जन्मजात तीव्रता, मानसिक दृढ़ता और गहरी समझ आपको हर क्षेत्र में सामान्य से बिल्कुल अलग और बेहतर परिणाम दिलाने में मददगार साबित होगी. सितारों की स्थिति संकेत दे रही है कि लंबे समय से चली आ रही कोई पुरानी और जटिल समस्या आज अचानक जड़ से हल हो सकती है. जिससे आपको मानसिक शांति और बड़ी राहत महसूस होगी. करियर में चमकेगी किस्मत, ज्योतिषाचार्य की सलाहप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार कार्यस्थल पर आज आपकी कोई खास योजना या अनूठा सुझाव वरिष्ठ अधिकारियों और सहयोगियों का ध्यान अपनी ओर खींचेगा. आपके काम में लीडरशिप की स्पष्ट झलक दिखाई देगी. जिससे कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा. व्यापार के मोर्चे पर भी आज कोई छिपा हुआ बड़ा अवसर अचानक आपके सामने आ सकता है. पुरानी फाइलों को खंगालने या पुराने बिजनेस कनेक्शन को दोबारा सक्रिय करने से आपको बड़ा आर्थिक फायदा होने की प्रबल संभावना है. आर्थिक मजबूती और पारिवारिक रिश्तों में मिठासआर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन काफी अच्छा रहने वाला है. धन लाभ के योग बने हुए हैं. जिससे कोई अप्रत्याशित छोटा लाभ या काफी समय से रुका हुआ पैसा आपको वापस मिल सकता है (रिकवरी संभव है). इसके साथ ही आपके प्रेम संबंधों में और गहराई आएगी तथा आपका पार्टनर आपकी भावनाओं और बातों को पहले से बेहतर समझेगा. घरेलू माहौल में भी आज सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे और परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य का पूरा समर्थन आपको मानसिक मजबूती देगा. स्वास्थ्य का रखें ध्यान और करें यह विशेष उपायबेहतर दिन के बीच वृश्चिक राशि वाले आपको अपने स्वास्थ्य, विशेषकर पाचन क्रिया और ऊर्जा के स्तर पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है. दिनभर चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए आहार में फल और हरी सब्जियां अधिक शामिल करें और एक ही जगह ज्यादा देर तक बैठे रहने से बचें. आज आपका शुभ अंक 6 और शुभ रंग गहरा लाल है. आज के दिन को और अधिक भाग्यशाली बनाने के लिए रात को सोने से पहले अपने तकिए के नीचे एक लाल रंग का तिलक लगाया हुआ कागज रखें और श्रद्धापूर्वक 11 बार ॐ नरसिंहाय नमः मंत्र का जप करें. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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aaj ka Dhanu rashifal 12 june 2026 wealth respect and new opportunities...

Last Updated:June 12, 2026, 00:05 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 12 june 2026: धनु राशि वालों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा? आर्थिक और सामाजिक प्रगति के साथ-साथ करियर और प्रेम संबंधों में रहें सावधान. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है और पढ़ाई में सफलता मिलने के संकेत हैं. विदेश से जुड़े कार्यों, नौकरी या व्यापार में भी प्रगति के योग बन रहे हैं. हालांकि कुछ लोगों को अपने विचारों के कारण विरोध का सामना करना पड़ सकता है.जानें आज का संपूर्ण राशिफल जमुई: आज यानी 12 जून 2026 का दिन धनु राशि के जातकों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होने वाला है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज के दिन देवी लक्ष्मी की कृपा विशेष रूप से प्राप्त हो सकती है. उन्होंने बताया कि आज अधिक मास की अंतिम द्वादशी तिथि पर शुक्र और गुरु की युति से गजलक्ष्मी योग का निर्माण हो रहा है. इसके साथ ही मेष राशि में चंद्रमा और मंगल की युति तथा मिथुन राशि में बुध के प्रभाव से भद्र राजयोग भी सक्रिय रहेगा. उन्होंने बताया कि इन ग्रह स्थितियों का सकारात्मक प्रभाव धनु राशि के लोगों के आर्थिक, पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर दिखाई देगा. लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और ऐसे स्रोतों से लाभ मिलने की संभावना है, जिनकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी. व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, जबकि नौकरीपेशा जातकों को अपने कार्यक्षेत्र में सम्मान और सहयोग प्राप्त होगा. विरोधी और प्रतिस्पर्धी आपके सामने कमजोर पड़ सकते हैं तथा आपकी योजनाएं सफल होती नजर आएंगी. आज अनुकूल रहने वाला है आपका दिनज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि पारिवारिक जीवन की बात करें तो दिन का दूसरा भाग विशेष रूप से अनुकूल रहने वाला है. परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और घर के किसी महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है. वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और आपसी सामंजस्य बढ़ेगा. हालांकि परिवार की जरूरतों और सुख-सुविधाओं पर कुछ अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है, लेकिन यह खर्च भविष्य में संतोष देने वाला साबित होगा. धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी आपकी रुचि बढ़ेगी. किसी मंदिर, धार्मिक आयोजन या तीर्थ यात्रा की योजना बन सकती है. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है और पढ़ाई में सफलता मिलने के संकेत हैं. विदेश से जुड़े कार्यों, नौकरी या व्यापार में भी प्रगति के योग बन रहे हैं. हालांकि कुछ लोगों को अपने विचारों के कारण विरोध का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए संयम और धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आर्थिक दृष्टि से दिन लाभदायक रहने के बावजूद व्यवसाय में कुछ अस्थायी रुकावटें आ सकती हैं, इसलिए किसी भी बड़े निवेश या निर्णय में जल्दबाजी न करें. स्वास्थ्य सामान्य रूप से अच्छा रहेगा, लेकिन वाहन चलाते समय और दैनिक कार्यों में सावधानी बरतें क्योंकि चोट या शारीरिक कष्ट की आशंका बनी हुई है. आज प्रेम संबंध में हो सकता है मतभेदज्योतिषाचार्य ने बताया कि धनु राशिवालों के प्रेम संबंधों में जीवनसाथी या प्रियजन के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है, इसलिए वाणी पर नियंत्रण रखें. परिवार और संतान पक्ष से जुड़े मामलों में भी धैर्य की आवश्यकता होगी तथा ससुराल पक्ष के बारे में अनावश्यक टिप्पणी करने से बचना चाहिए. मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. धनु राशि के लिए आज का दिन का शुभ अंक 4 और शुभ रंग पीला रहेगा. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Mercury Venus Jupiter alignment। planet parade। तुरंत छत पर आ जाएं… सजने...

नई दिल्‍ली. अगर आप इस तपती गर्मी में सुकून की तलाश में हैं तो आज शाम सूर्यास्त के ठीक बाद अपने घर की छत पर आ जाइए क्योंकि कुदरत आसमान के कैनवास पर एक ऐसा नायाब और जादुई नजारा पेश करने जा रही है जिसे देखकर आप दंग रह जाएंगे. जून का यह महीना सिर्फ भीषण गर्मी का ही नहीं बल्कि अंतरिक्ष में होने वाली इतिहास की सबसे खूबसूरत खगोलीय और ज्योतिषीय हलचलों का गवाह बनने जा रहा है. 11 से 15 जून के बीच आसमान के पश्चिमी छोर पर तीन सबसे बड़े और चमकीले ग्रह बुध, शुक्र और बृहस्पति एक सीधी कतार में मार्च पास्ट करते हुए नजर आने वाले हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में प्लैनेट परेड कहा जाता है. अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) के मुताबिक यह आलौकिक नजारा सिर्फ इन चार दिनों तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरा जून का महीना अंतरिक्ष प्रेमियों, फोटोग्राफर्स और ज्योतिष में भरोसा रखने वालों के लिए किसी महापर्व से कम नहीं होने वाला है. आइए जानते हैं कि आखिर आसमान में यह सीधी लकीर कैसे बनती है, क्या है एक्लिप्टिक का रहस्य और इसका आपकी राशि पर क्या असर होने जा रहा है. जून के महा-आकाशीय शो से जुड़ी 5 सबसे मुख्य बातें • तीन शुभ ग्रहों की त्रिवेणी: इस अनोखी प्लैनेट परेड में हमारे सौरमंडल के तीन सबसे महत्वपूर्ण ग्रह—बुध (Mercury), शुक्र (Venus) और बृहस्पति (Jupiter) एक साथ जुड़कर एक छोटी लेकिन बेहद आकर्षक और चमकदार कतार बना रहे हैं. • क्या है एक्लिप्टिक का जादू: सौरमंडल के सभी ग्रह सूर्य के चारों ओर लगभग एक ही काल्पनिक चपटे रास्ते पर परिक्रमा करते हैं, जिसे खगोल विज्ञान में ‘एक्लिप्टिक’ (Ecliptic) कहा जाता है. इसी रास्ते के कारण पृथ्वी से देखने पर ऐसा भ्रम होता है जैसे सभी ग्रह एक ही लाइन में खड़े हैं. • शुक्र और गुरु की महाजुगलबंदी: इस पूरी परेड में शुक्र (वीनस) सबसे चमकीला और खूबसूरत नजर आएगा. वह सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति के बेहद पास दिखाई देगा, जिससे इन दोनों की चमक आसमान को और भी रोशन करेगी. • 17 जून को चंद्रमा रचेगा दुर्लभ खेल: 17 जून को अंतरिक्ष में ‘लूनर ऑकल्टेशन’ (Lunar Occultation) नाम की एक अत्यंत दुर्लभ घटना होगी, जब चंद्रमा ठीक शुक्र ग्रह के सामने से गुजरेगा और कुछ समय के लिए ऐसा लगेगा जैसे शुक्र चंद्रमा के पीछे छिप गया हो. • 21 जून का सबसे बड़ा दिन: इसी महीने 21 जून को ‘समर सोल्स्टिस’ होगा, जो उत्तरी गोलार्ध (भारत समेत) में साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात लेकर आएगा. इसी दिन से आधिकारिक तौर पर खगोलीय गर्मियों की शुरुआत होती है. सवाल-जवाबक्या इस प्लैनेट परेड को देखने के लिए किसी महंगे टेलीस्कोप की जरूरत पड़ेगी और बुध ग्रह को कैसे देखें?इस अद्भुत नजारे में शामिल शुक्र और बृहस्पति ग्रह इतने चमकीले हैं कि इन्हें आप सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आसमान में अपनी नग्न आंखों से (बिना किसी चश्मे या दूरबीन के) आसानी से देख सकते हैं. हालांकि, बुध ग्रह सूर्य के बेहद करीब और क्षितिज के काफी नीचे रहेगा, इसलिए उसे स्पष्ट रूप से देखने के लिए आपको एक साफ पश्चिमी क्षितिज (जहां पेड़ या इमारतें न हों) और एक अच्छी दूरबीन (बायनोकुलर) की जरूरत पड़ सकती है.ज्योतिष के अनुसार यह खगोलीय घटना किन क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकती है?चूंकि संवाद के देवता बुध, ऐश्वर्य के देवता शुक्र और ज्ञान के देवता गुरु एक साथ आ रहे हैं, इसलिए यह समय वैश्विक और व्यक्तिगत स्तर पर करियर, व्यापारिक सौदों, उच्च शिक्षा और बैंकिंग या आर्थिक नीतियों में बड़े और सकारात्मक बदलाव ला सकता है. हालांकि इसका सटीक फल हर व्यक्ति की अपनी निजी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है. Source link

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तकनीक, शिक्षा और महिला शक्ति से दिल्ली बनेगी नंबर वन, सीएम रेखा...

Delhi News: नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भविष्‍य की दिल्‍ली की तस्‍वीर पेश की है. ‘विकसित भारत@2047’ मिशन के तहत उन्‍होंने राजधानी का विस्तृत विजन देश के सामने रखा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, बुनियादी ढांचे, डिजिटल गवर्नेंस, खेल और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का ब्यौरा दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली केवल देश की राजधानी ही नहीं, बल्कि भारत के विकास को गति देने वाला एक महत्वपूर्ण इंजन बनकर उभर रही है. मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग और सामूहिक प्रयासों से दिल्ली विकसित भारत के सपने को साकार करने में बड़ी भूमिका निभाएगी. बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और दिल्ली को भी लगातार केंद्र सरकार का सहयोग मिला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां चाहे जैसी रही हों, लेकिन केंद्र सरकार ने हमेशा दिल्ली के विकास को प्राथमिकता दी है. उन्होंने बताया कि केंद्र की मदद से राजधानी में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाले बड़े रोड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में दिल्ली की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. यमुना की सफाई दिल्‍ली सरकार की पहली प्राथमिकतामुख्यमंत्री ने यमुना नदी की सफाई और पुनर्जीवन को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के बीच एक विशेष समन्वय टीम बनाई गई है. यह टीम राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर यमुना के प्रदूषण को कम करने और नदी को उसके पुराने स्वरूप में वापस लाने के लिए काम कर रही है. उन्होंने उम्मीद जताई कि संयुक्त प्रयासों के जरिए यमुना की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होगा और दिल्लीवासियों को एक स्वच्छ नदी देखने को मिलेगी. सुशासन और प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार पूरी तरह डिजिटल प्रशासन की दिशा में आगे बढ़ चुकी है. उन्होंने बताया कि सरकार के विभिन्न विभागों में ई-फाइल प्रणाली लागू कर दी गई है, जिससे कामकाज में पारदर्शिता और तेजी आई है. इसके अलावा आधुनिक कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित किए गए हैं. मिशन कर्मयोगी के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री के अनुसार इन कदमों से सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आया है और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं. सीएम ने गिनाई शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियांशिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई छोड़ने की समस्या को कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में कक्षा नौवीं में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को मुफ्त साइकिल दी जा रही है ताकि उन्हें स्कूल आने-जाने में सुविधा मिले और उनकी पढ़ाई जारी रह सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों की बेटियों के लिए मददगार साबित होगी, जहां परिवहन की कमी शिक्षा में बाधा बनती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 75 सीएम श्री स्कूल शुरू किए गए हैं. इसके अलावा सरकारी स्कूलों में 8,777 से अधिक स्मार्ट क्लासरूम बनाए जा चुके हैं. पिछले एक वर्ष के दौरान 125 डिजिटल लाइब्रेरी, 175 कंप्यूटर लैब और 125 भाषा प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं. उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली तेजी से आगे बढ़ रही है और छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है. दिल्‍ली में एआई आधारित शिक्षा को दिया गया बढ़ावाबैठक में मुख्यमंत्री ने एआई आधारित शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया. उन्होंने बताया कि इस वर्ष से स्कूलों में मूल्यांकन प्रणाली को बेहतर बनाने और छात्रों की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार पढ़ाई करने के लिए एआई को शामिल किया जा रहा है. उनका कहना था कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में तकनीकी कौशल की अहम भूमिका होगी, इसलिए छात्रों को अभी से नई तकनीकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है. उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए एनईईवी कार्यक्रम का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि कक्षा 8 से 12 तक के छात्रों में नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पिछले वर्ष प्रत्येक इनोवेशन टीम को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई. इस योजना का लाभ 4,800 से अधिक छात्रों को मिला और कई विद्यार्थियों ने नए आइडिया विकसित किए. महिला सशक्तीकरण पर क्‍या बोली सीएम रेखा गुप्‍तामहिला सशक्तीकरण को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में बताते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार बच्चों और माताओं के विकास को केंद्र में रखकर योजनाएं बना रही है. उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाने के लिए ‘समर्थ’ नाम की नई पहल शुरू की गई है. यह पहल पोषण, शिक्षा, परिवार, क्रेच सुविधा और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण जैसे छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे परिवार को सशक्त बनाना है.महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार जल्द ही महिला हाट आउटलेट शुरू करने जा रही है. इन आउटलेट्स के जरिए स्वयं सहायता समूहों और महिला आश्रय गृहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे महिलाओं की आय बढ़ेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी. लखपति बिटिया योजना के जरिए मिल रही विशेष सहायताबैठक में मुख्यमंत्री ने ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 से शुरू होने वाली इस योजना के तहत पात्र बेटियों को 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. उनका कहना था कि यह योजना बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने और परिवारों को बेटियों की शिक्षा

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muzaffarpur shahi litchi price 12 times costlier than cashew

Last Updated:June 11, 2026, 21:02 IST Muzaffarpur Shahi Litchi Price: अपनी मिठास के लिए मशहूर मुजफ्फरपुर की शाही लीची इस बार रिकॉर्ड तोड़ कीमतों पर बिक रही है. प्रतिकूल मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पादन में 75% तक की भारी गिरावट आई है. जिसके चलते बाजार में इसकी कीमत 1200 रुपये प्रति सैकड़ा तक पहुंच गई है. यह कीमत अब सूखे मेवों (काजू) से भी अधिक हो गई है. फसल की भारी कमी के बावजूद, इसकी वैश्विक मांग में कोई कमी नहीं आई है. देश-विदेश के ग्राहक इसकी बेजोड़ गुणवत्ता और सीमित उपलब्धता के चलते ऊंची कीमत चुकाकर भी इसे खरीदने के लिए तैयार हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार प्रतिकूल मौसम ने न केवल पैदावार को प्रभावित किया, बल्कि लीची के बागान मालिकों के लिए भी आर्थिक चुनौतियां बढ़ा दी हैं. मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर कि सुप्रसिद्ध शाही लीची जो अपने मिठास के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी जानी जाती हैं. ऐसे में इस बार शाही लीची एक नया रिकॉर्ड बना रही है. सीजन के अंतिम दौर में शाही लीची की कीमत बाजार में ₹1200 प्रति सैकड़ा तक पहुंच गई है. शाही लीची अभी एक किलोग्राम काजू की कीमत से भी महंगी बिकने लगी हैं. इसके बावजूद बाजार में शाही लीची की मांग लगातार बनी हुई है. ग्राहक इसे खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं. उत्पादन 75 प्रतिशत कम जानकारी के अनुसार इस वर्ष मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण शाही लीची के उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई. स्थानीय किसानों के मुताबिक पिछले वर्ष की तुलना में इस बार शाही लीची का उत्पादन करीब 75 प्रतिशत तक कम हुआ है. उत्पादन में आई कमी का सीधा असर बाजार पर देखने को मिला और पूरे सीजन के दौरान लीची की कीमतें सामान्य वर्षों की तुलना में काफी अधिक रहीं. पिछले साल से 12 गुना अधिक महंगीसीजन की शुरुआत में शाही लीची बाजार में ₹300 से ₹400 प्रति सैकड़ा के भाव से बिक रही थी. लेकिन जैसे-जैसे सीजन आगे बढ़ा और बाजार में शाही लीची कम होती गई. जिसके कारण लीची की कीमत लगातार बढ़ती चली गई. अब स्थिति यह है कि सीजन समाप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी शाही लीची ₹1200 प्रति सैकड़ा तक बिक रही है. पिछले साल यही शाही लीची 100 से 120 रुपए प्रति सैकड़ा बिकी थी. इसके अनुसार इस बार यह कह सकते है कि इस बार शाही लीची 12 गुना अधिक महंगी बिक रही हैं. दुकानदार से साथ ग्राहक भी हैरान फल विक्रेता खुशबू कुमारी बताती हैं कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार शाही लीची को इतनी ऊंची कीमत पर बिकते देखा है. उन्होंने कहा कि न तो हमने पहले कभी इतनी महंगी शाही लीची खरीदी थी और न ही बेची थी. इस बार बाजार में ₹1200 प्रति सैकड़ा तक शाही लीची बिक रही है. इसके बावजूद ग्राहक लगातार खरीदारी कर रहे हैं और मांग बनी हुई है. उन्होंने बताया कि बाजार में लीची की उपलब्धता काफी कम हो गई है, जबकि ग्राहकों की मांग अभी भी बनी हुई है. ऐसे में कई बार ग्राहकों की पूरी मांग को पूरा करना संभव नहीं हो पा रहा है. सीजन खत्म होने से पहले लोग शाही लीची का स्वाद लेने के लिए खरीदारी कर रहे हैं. व्यापारियों का कहना है कि इस सप्ताह के अंत तक शाही लीची का सीजन लगभग समाप्त हो जाएगा और बाजार से इसकी विदाई हो जाएगी. ऐसे में अंतिम दिनों में इसकी कीमत और मांग दोनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Muzaffarpur,Bihar Source link

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Exclusive Settebello Indian Crew Member aditya sharma Last Message : दहाड़ पड़ा...

तेहरान: ईरान पर अटैक करने के चक्कर में अमेरिका बेकाबू हो चुका है. हाल ही में अमेरिकी नेवी ने ओमान कोस्ट के पास एक कार्गो शिप MT Settebello पर अटैक किया था, जिसमें भारतीय क्रू मौजूद था. इस अटैक में 3 भारतीयों की मौत हो गई है. जिसके बाद भारत सरकार ने अमेरिका को हड़काया है. इसी अटैक में भारतीय क्रू मेंबर आदित्य शर्मा की भी जान गई है, जिनके पिता ने जहाज के मालिकों और सुरक्षा व्यवस्था पर बेहद तीखे और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने बताया कि अटैक से पहले सोमवार की रात आया आदित्य का आखिरी मैसेज आया, पिता ने इस मैसेज को भी पढ़कर सुनाया. अमेरिकी हमले में बेटा खोने वाले पिता ने पूछा सवाल राजेश शर्मा ने रुंधे गले से बताया कि उनका बेटा आदित्य पिछले साल नवंबर के महीने से इस कार्गो शिप पर तैनात था. शुरुआत में सब कुछ बिल्कुल ठीक चल रहा था. जहाज के रूट सुरक्षित थे और वो चीन, सिंगापुर और श्रीलंका जैसे देशों के शांत समुद्री रास्तों पर काम कर रहा था. परिवार भी निश्चिंत था कि बेटा सुरक्षित है और अपनी ड्यूटी कर रहा है लेकिन, कहानी में ट्विस्ट तब आया जब जहाज को अचानक ओमान भेजा गया. पिता के मुताबिक, ओमान पहुंचने के बाद बिना किसी ठोस वजह या सुरक्षा गारंटी के, जहाज को अचानक ईरान के उस रूट पर बढ़ने के आदेश दे दिए गए, जहां पहले से ही युद्ध जैसे हालात बने हुए थे और चारों तरफ से घेराबंदी थी. राजेश शर्मा का सवाल है कि जब वो इलाका एक नो-गो जोन था, तो जहाज के ऑपरेटरों ने इतनी बड़ी लापरवाही कैसे की? MT Settebello का कैप्टन बन गया था बेटा पिता ने बताया कि रविवार को आदित्य ने घर पर फोन भी किया था. उस आखिरी फोन कॉल में उसकी आवाज में थोड़ी घबराहट थी. उसने अपने पिता को बताया था कि उनके जहाज के बिल्कुल पास मौजूद एक दूसरे शिप पर भयानक हमला हुआ है. हालांकि, राहत की बात ये थी कि उस जहाज पर मौजूद भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया था. आदित्य ने कहा था कि ‘पापा, पास वाले जहाज पर हमला हुआ है, डर का माहौल है लेकिन भारतीय सुरक्षित निकाल लिए गए हैं’. इस खबर को सुनने के बाद से ही भारत में बैठे आदित्य के पूरे परिवार की सांसें अटक गई थीं. उनकी चिंता इतनी बढ़ गई थी कि वे हर पल टीवी पर नजरें गड़ाए बैठे थे और भगवान से बेटे की सलामती की दुआएं मांग रहे थे. कैप्टन बेटे का आखिरी मैसेज सोमवार की रात को आदित्य का एक आखिरी टेक्स्ट मैसेज आया. उसने बताया था कि जहाज पर एक नए कैप्टन ने कार्यभार संभाल लिया है और अब वो आगे के सफर के लिए तैयार हैं. परिवार को क्या पता था कि नए कैप्टन के आते ही ये सफर आदित्य का आखिरी सफर बन जाएगा. इस मैसेज के कुछ ही समय बाद, इंटरनेशनल वॉटर में MT Settebello पर एक जोरदार मिसाइल आकर गिरी. धमाका इतना जबरदस्त था कि जहाज का एक हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया और इसी हमले में भारत के इस होनहार लाल, आदित्य शर्मा की जान चली गई. पिता राजेश शर्मा ने बेहद भावुक होकर सवाल उठाया, ‘जब क्षेत्र में लगातार खतरा मंडरा रहा था, रोज हमलों की चेतावनी आ रही थी, तो जहाज को आगे बढ़ाने का आत्मघाती फैसला आखिर क्यों और किसके इशारे पर लिया गया’? अमेरिकी सेना ने बिना वॉर्निंग किया अटैक इस पूरे मामले में एक बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय मोड़ तब आ गया जब MT Settebello के प्रबंधक, IOS Marine-F.Z.E ने एक आधिकारिक बयान जारी किया. कंपनी ने इस हमले के लिए किसी आतंकी संगठन को नहीं, बल्कि सीधे तौर पर अमेरिकी नौसेना को जिम्मेदार ठहराया है! कंपनी ने साफ-साफ कहा है कि इस हमले में तीन बेगुनाह नाविकों की जान गई है और इसके लिए अमेरिकी सेना सीधे तौर पर जवाबदेह है. प्रबंधक ने अमेरिकी पक्ष के उस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि जहाज को चेतावनी दी गई थी लेकिन उसने निर्देशों की अनदेखी की. कंपनी का कहना है कि हमले से पहले जहाज के साथ किसी भी तरह का रेडियो संपर्क या चेतावनी स्थापित नहीं की गई थी और अगर अमेरिका के पास इसका कोई सबूत है, तो वह उसे पूरी दुनिया के सामने सार्वजनिक करे. न ईरान से वास्ता न उसके तेल से! जहाज के प्रबंधकों ने इस बात को पूरी तरह साफ किया है कि MT Settebello का ईरान या ईरान के तेल व्यापार से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था. ये अंतरराष्ट्रीय वॉटर्स में पूरी तरह से कानूनी और व्यावसायिक गतिविधि में लगा एक आम नागरिक व्यापारिक जहाज था. बयान के मुताबिक, जहाज पिछले लगभग 10 दिनों से समुद्र में एक ही जगह पर शांति से खड़ा था और उसकी तरफ से कोई भी ऐसी आक्रामक या संदेहास्पद गतिविधि नहीं की जा रही थी जिससे अमेरिकी नौसेना को कोई खतरा महसूस हो. प्रबंधकों ने अब इस पूरे नरसंहार की एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है ताकि मृतकों के परिवारों को न्याय मिल सके. Source link

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Telangana voter list pre SIR impact: बंगाल के बाद कांग्रेस के गढ़...

याद कीजिए पश्चिम बंगाल में जब एसआईआर हुआ तो करीब 70 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हो गए. यानी ऐसे वोटर जिनका हकीकत में कोई वजूद ही नहीं था या जो फर्जी थे. नतीजा क्या हुआ? ममता बनर्जी की अजेय मानी जाने वाली सरकार भरभरा कर ढह गई. अब ठीक वैसा ही ज‍िन्‍न कांग्रेस के गढ़ तेलंगाना में बाहर आया है. बंगाल में तो फिर भी एसआईआर में लाखों नाम कटे थे, तेलंगाना में तो प्री-एसआईआर यानी शुरुआती जांच में ही 89 लाख फर्जी या गड़बड़ वोटर पाए गए हैं. अगर छंटनी हुई तो तेलंगाना की स‍ियासत में भूचाल आना तय है. क्या है ये 89 लाख का गड़बड़झाला? तेलंगाना में पिछले कई महीनों से चुनाव आयोग के अधिकारी एक खास मिशन पर लगे हुए थे. इसे तकनीकी भाषा में प्री-एसआईआर मैपिंग कहा गया. अध‍िकार‍ियों ने साल 2002 की वोटर लिस्ट उठाई और उसे आज की वोटर ल‍िस्‍ट से म‍िलान करवाया. मकसद था ये देखना कि वोटर लिस्ट में जो नाम दर्ज हैं, वो असली हैं या सिर्फ कागजों पर वोट डाल रहे हैं. गुरुवार को तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी ने इसकी ड‍िटेल्‍स सामने रखी. तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया क‍ि वोटर ल‍िस्‍ट में 11 तरह की गड़बड़‍ियां पाई गई हैं. अब तक कुल मिलाकर लगभग 89 लाख गड़बड़‍ियां सामने आ चुकी हैं. मतलब साफ है क‍ि 89 लाख वोटरों के डेटा में कुछ न कुछ ऐसा झोल है, जो सामान्य नहीं है. अब चुनाव आयोग इन सभी संदिग्ध वोटरों को नोटिस थमाएगा और उनसे पूछेगा कि तुम्हारा वजूद क्या है? जरा सबूत तो दिखाओ! 11 गड़बड़‍ियां क‍िस-क‍िस तरह की? बाप-बेटे की उम्र में 15 साल से कम का अंतर: वोटर लिस्ट बता रही है कि कई मामलों में माता-पिता और उनके बच्चों की उम्र के बीच 15 साल से भी कम का अंतर है. यानी, कागज के हिसाब से कोई 13 या 14 साल की उम्र में ही माता-पिता बन गया. दो भाई-बहनों के बीच 9 महीने से कम का अंतर: दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम 9 महीने का फासला होता है (जुड़वा बच्चों को छोड़कर). लेकिन तेलंगाना की वोटर लिस्ट में ऐसे हजारों भाई-बहन हैं, जिनके जन्म के बीच 9 महीने से भी कम का गैप है. बाप-बेटे की उम्र में 50 साल से ज्यादा का अंतर: एक तरफ 15 साल से कम का अंतर है, तो दूसरी तरफ ऐसे वोटर भी हैं जहां माता-पिता और संतान की उम्र में 50 साल से ज्यादा का फासला दर्ज है. दादा और पोते की उम्र में 40 साल से कम का अंतर: दादा और पोते के बीच कम से कम दो पीढ़ियों का फासला होता है. लेकिन यहां वोटर लिस्ट में दादा और पोते की उम्र के बीच 40 साल से भी कम का अंतर है. रिश्तों का बदल जाना : सबसे मजेदार झोल ये है कि मौजूदा वोटर लिस्ट और पुरानी लिस्ट का जब मिलान किया गया, तो पता चला कि वोटर का नाम तो वही है, लेकिन उसके रिश्तेदारों के नाम या रिश्ते का प्रकार ही बदल गया है. जो पिछली लिस्ट में पिता था, वो नई लिस्ट में पति बन गया! अब होगा दूध का दूध-पानी का पानी सवाल ये कि इन 89 लाख संदिग्धों का क्या होगा? इसके लिए चुनाव आयोग SIR करने जा रहा है. तेलंगाना इससे पहले साल 2002 में एसआईआर हुआ था. यानी 22 साल बाद फिर से वोटर लिस्ट का पूरा पोस्टमार्टम होने जा रहा है. 25 जून से 24 जुलाई के बीच ‘बूथ लेवल ऑफिसर’ तेलंगाना के हर घर का दरवाजा खटखटाएंगे. वो एक फॉर्म देंगे, उसे भरवाएंगे, चेक करेंगे कि जो वोटर लिस्ट में लिखा है, वो आदमी हकीकत में उस घर में रहता भी है या नहीं. अगर दादा और पोते की उम्र में 30 साल का अंतर है, तो BLO पूछेगा कि ये कौन सा चमत्कार है! अगर जवाब नहीं मिला या वोटर गायब मिला, तो उसका नाम लिस्ट से काट दिया जाएगा. तेलंगाना का गणित समझ‍िए तेलंगाना की कुल आबादी लगभग 3.5 से 4 करोड़ के बीच है. यहां कुल वोटरों की संख्या करीब 3 करोड़ 20 लाख के आसपास बैठती है. अब अगर 3.2 करोड़ वोटरों में से 89 लाख वोटर यानी करीब 27-28% वोटर संदिग्ध हैं, तो ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं है. अगर इस 89 लाख में से छंटनी के बाद 40 या 50 लाख वोटर भी फर्जी पाए गए और उनके नाम काटे गए, तो पूरा का पूरा चुनावी समीकरण बदल जाएगा. जीत-हार का मार्जिन तेलंगाना विधानसभा चुनावों में कई बार हार-जीत का अंतर 2,000 से 5,000 वोटों का होता है. अगर हर विधानसभा क्षेत्र से 30,000 से 40,000 फर्जी वोट कट जाएं, तो उन सीटों पर नतीजे पूरी तरह से पलट सकते हैं. Source link

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