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India on Muizzu SAARC Statement: मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू द्वारा सार्क को फिर से सक्रिय करने की वकालत के बाद भारत ने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर तंज कसा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत मजबूत क्षेत्रीय सहयोग का पक्षधर है लेकिन सब जानते हैं कि सार्क को बाधित करने के लिए कौन जिम्मेदार है. 2016 उरी हमले के बाद से सार्क सम्मेलन ठप पड़ा हुआ है.
भारत ने पाकिस्तान की क्लास लगाई.
नई दिल्ली. मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने हाल ही में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन यानी SAARC को एक बार फिर से सक्रिय करने की बात कही थी। आज विदेश मंत्रालय (MEA) ने मालदीव के राष्ट्रपति के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बिना नाम लिए पाकिस्तान पर करारा निशाना साधा है और साफ कर दिया कि क्षेत्रीय सहयोग में रोड़ा कौन अटका रहा है, यह बात पूरे दक्षिण एशिया को पता है. विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में मुइज्जू के बयान से जुड़े एक सवाल का सीधा जवाब दिया.
जायसवाल ने कहा, “भारत हमेशा से एक मजबूत और प्रभावी क्षेत्रीय सहयोग का समर्थक रहा है और इसके लिए दशकों से काम करता आ रहा है. लेकिन दक्षिण एशिया में हर कोई इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि कौन-सा देश और किस तरह की गतिविधियां SAARC के काम में बाधा डालने के लिए जिम्मेदार हैं.” उन्होंने सख्त लहजे में जोड़ा कि किसी भी क्षेत्रीय सहयोग के लिए नीयत और सद्भावना का होना सबसे प्राथमिक शर्त है.
दरअसल, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने अपने एक हालिया संबोधन में सार्क के पुनरुद्धार की वकालत की थी और सदस्य देशों के बीच मतभेदों को संवाद के जरिए सुलझाने की अपील की थी. हालांकि भारत के रुख से यह साफ है कि जब तक पड़ोसी देश अपनी आतंकवाद समर्थक नीतियों और नकारात्मक गतिविधियों को बंद नहीं करता, तब तक सार्क जैसा मंच प्रभावी नहीं हो सकता.
2016 से ठप पड़ा है सार्क सम्मेलन
गौरतलब है कि SAARC भारत, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान का एक क्षेत्रीय समूह है. इसका आखिरी शिखर सम्मेलन साल 2014 में काठमांडू में आयोजित हुआ था. वर्ष 2016 में यह सम्मेलन इस्लामाबाद में होना तय हुआ था लेकिन उसी वर्ष 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सैन्य शिविर पर हुए कायराना आतंकवादी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के माहौल में सम्मेलन में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया था. भारत के समर्थन में बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी इस्लामाबाद बैठक का बहिष्कार कर दिया था, जिसके बाद से सार्क व्यावहारिक रूप से निष्क्रिय बना हुआ है.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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