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पीएम मोदी मीटिंग: मिडिल ईस्ट में जंग, लेकिन इंडिया में नो-टेंशन! अगले...


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PM मोदी मीटिंग: ईरान में जंग, पर इंडिया बेफिक्र! अगले साल तक खाद का हुआ इंतजाम

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पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने संभावित प्रभावों से निपटने की तैयारियां पूरी कर ली हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समीक्षा बैठक में स्‍पष्‍ट किया गया कि रबी और खरीफ सीजन के लिए देश में पर्याप्त फर्टिलाइजर उपलब्ध है. तेल और एलपीजी के वैकल्पिक मार्ग तैयार हैं. इसके अलावा संकट में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सरकार की पहली प्राथमिकता है.

PM मोदी मीटिंग: ईरान में जंग, पर इंडिया बेफिक्र! अगले साल तक खाद का हुआ इंतजामZoom

पीएम मोदी ने बैठक की अध्‍यक्षता की.

नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में लगातार गहराते संकट के बीच केंद्र सरकार ने भारत पर पड़ने वाले इसके संभावित प्रभावों से निपटने के लिए अपनी कमर कस ली है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें वेस्ट एशिया क्राइसिस के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई. इस बैठक में अलग-अलग मंत्रालयों की तरफ से देश की वर्तमान तैयारियों और भविष्य के हालातों को देखते हुए बनाई गई रणनीतियों का ब्योरा प्रधानमंत्री के सामने पेश किया गया.

देश में फर्टिलाइजर की कोई कमी नहीं
सूत्रों के मुताबिक मंत्रालयों ने प्रधानमंत्री को आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया संकट का असर भारत की कृषि व्यवस्था पर नहीं पड़ने दिया जाएगा. आगामी रबी और खरीफ फसलों के सीजन के लिए भारत के पास पर्याप्त मात्रा में फर्टिलाइजर (खाद) उपलब्ध है. यहां तक कि अगले साल के शुरुआती महीनों के लिए भी देश में खाद का समुचित स्टॉक मौजूद है जिससे किसानों को सप्लाई की किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा.

तेल और एलपीजी के वैकल्पिक मार्ग तैयार
ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैठक में कच्चे तेल और एलपीजी के वैकल्पिक स्रोतों और सप्लाई रूटों की जानकारी भी साझा की गई. कुछ महीनों पहले वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण एलपीजी आपूर्ति को लेकर जो आशंकाएं बनी थीं उनसे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है. इस दौरान यह भी बताया गया कि पिछले कुछ महीनों में देश के शहरी इलाकों में पीएनजी (PNG) कनेक्शंस की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है, जिससे एलपीजी पर निर्भरता का दबाव कम हुआ है.

फंसे हुए भारतीय नाविकों की वापसी
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों या पश्चिम एशिया के प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय सी-सरफर्स नाविकों की सुरक्षा सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि संकट के बीच फंसे हर एक भारतीय नाविक को सुरक्षित निकालकर स्वदेश वापस लाया जाए. भारत सरकार इस दिशा में संबंधित देशों और एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है.

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Sandeep GuptaChief Sub Editor

पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…

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