जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी वाले तो आराम से वापस अपनी दुनिया में चले गए, लेकिन प्रदर्शन में आए जेन जी फंस गए हैं. कॉकरोच पार्टी के प्रोटेस्ट में देश की सेना से लेकर सरकार को अपशब्द कहने वाले अब रो रहे हैं, माफी मांग रहे हैं. कॉकरोच पार्टी वाले भले ही कह रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों पर से केस वापस होंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कॉकरोच पार्टी सन्न है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने से मना करना और उसके खिलाफ खड़े होना दो अलग बातें हैं. और इसी वजह से हंगामा करने वाले प्रदर्शनकारियों की टेंशन बढ़ गई है.
प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर जिस तरह से हिंसा और गुंडई हुई उससे आम जनता भी गुस्से में है. प्रदर्शन में हंगामा करने वालों को अब पब्लिक भी अपने हिसाब से सबक सिखा रही है. माफी भी मंगवा रही है. जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट के बाद अब कॉकरोच पार्टी वाले अगले प्लान में जुट गए हैं. किसान नेता राकेश टिकैत के साथ नया गठबंधन कर रहे हैं. सरकार को चारों तरफ से घेरने की बात कर रहे हैं.
उधर कॉकरोच पार्टी वाले अपने खिलाफ कुछ सुनने को तैयार नहीं है. भाई आपके प्रदर्शन में क्या-क्या नहीं कहा गया, जिसे आपने कूल बताया था. लेकिन जब कंगना रानौत जैसी अभिनेत्री आपको कुछ कहती है तो आपको मिर्ची लग जाती है. जैसा किया है, वैसा ही आपके साथ हो रहा है, तो परेशान क्यों हो रहे हो?
अमित शाह की अजित डोभाल और IB चीफ से मुलाकात
ऐसे में अब आपको एक-एक डीटेल बताएंगे कि कैसे सरकार एक्शन में आ गई है और किस तरह से सोशल मीडिया से लेकर गुंडई करने वालों पर एक्शन हो रहा है. दरअसल प्रोटेस्ट को लेकर हो रहे एक्शन पर मचे बवाल के बीच आज गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन में बड़ी बैठक की. इस बैठक में शामिल होने के लिए NSA अजीत डोभाल भी संसद भवन पहुंचे. ऐसे में इस बैठक को मौजूदा हालात में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.
खबर है कि अमित शाह ने गृह सचिव और IB चीफ के साथ करीब 40 मिनट तक बैठक की. सूत्रों के मुताबिक,इस बैठक में इंटरनल सिक्योरिटी को लेकर चर्चा हुई. इस बैठक में सभी पैरा मिलिट्री फोर्सेज के DG भी मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में इंटरनल सिक्योरिटी के साथ सुरक्षा एजेंसीज के कोऑर्डिनेशन पर भी चर्चा हुई. इंटरनल सिक्योरिटी को और मजबूत करने की रणनीति तैयार करने पर भी बैठक में मंथन हुआ. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक के बाद अमित शाह ने NSA अजीत डोभाल के साथ भी मुलाकात की.
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट के दौरान हिंसा भड़की. पुलिस पर पथराव हुआ. और इस हिंसा को लेकर सोशल मीडिया के जरिए एक नैरेटिव फैलाने के लिए कई वीडियो वायरल किए गए, जिनमें देश के प्रधानमंत्री के लिए भद्दी-भद्दी गालियों का इस्तेमाल किया गया. पीएम मोदी की पोस्ट को डिलीट किया गया. इस सबको लेकर अब दिल्ली पुलिस ने ताबड़तोड़ एक्शन शुरू कर दिया है.
दिल्ली पुलिस ने दुनिया के चार सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजा है. इनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और यूट्यूब शामिल हैं. आरोप है दिल्ली में प्रोटेस्ट के दौरान जो हिंसा भड़की. उसको लेकर इन चार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर झूठा नैरेटिव फैलाया गया था. और देश का माहौल खराब करने वाला कॉन्टेंट अपलोड और शेयर किया गया. इसमें बहुत सारे सोशल मीडिया न्यूज पोर्टल्स के अकाउंट से अपलोड किए गए वीडियो पोस्ट भी शामिल हैं. दिल्ली पुलिस ने इन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से प्रोटेस्ट के दौरान हुई हिंसा को लेकर फैलाई गई गलत जानकारी वाले सभी वीडियो पोस्ट को हटाने के लिए कहा है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल IFSO यानी इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटजिक ऑपरेशन्स यूनिट की तरफ से ये नोटिस भेजे गए हैं.
दिल्ली हिंसा में हजारों की तादात में फेक वीडियो और देश का माहौल खराब करने वाले फर्जी पोस्ट, प्रदर्शन को लेकर गलत जानकारी इन तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अलग अलग हैंडल से पोस्ट और शेयर की गई थी. दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, X, और यूटयूब को नोटिस जारी कर ये तमाम हैंडल से की गई पोस्ट वीडियो गलत जानकारी को हटाने को कहा है.
प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर विवाद
इधर ये सब हो रहा है, उधर जंतर मंतर के प्रोटेस्ट में हिंसा और गुंडई करने वालों की सांसें अटकी हुई है. क्योंकि कॉकरोच पार्टी वाले भले कहते रहे कि प्रदर्शनकारियों के ऊपर से केस हटेंगे. कॉकरोच पार्टी सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी मानने को तैयार नहीं है. क्या कॉकरोच पार्टी सुप्रीम कोर्ट से लड़ाई लड़ेगी. कॉकरोच पार्टी कह रही है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश मंजूर नहीं है. उनका आरोप है कि इस आदेश का सरकार फायदा उठा सकती है. प्रदर्शनकारी छात्रों को परेशान किया जा रहा है. सरकार ने सभी केस वापस लेने की बात कही थी. सुप्रीम कोर्ट का आदेश उसके खिलाफ है. केस वापस नहीं हुए तो फिर से सड़कों पर उतरेंगेय.
कॉकरोच पार्टी वाले ये सब कह तो रहे हैं, लेकिन वो भी जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना सरकार नहीं कर सकती है. सरकार ने भी कॉकरोच पार्टी के नेताओं से मिल कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में बता दिया है. यानी कॉकरोच पार्टी समझ रही है कि सभी केस तो वापस नहीं होंगे. और इसी वजह से कहा जा रहा है कि CJP ने तो जेन जी को फंसा दिया है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब ये क्लीयर है कि जिसने भी हिंसा की है, गुंडई की है, उन पर एक्शन होगा. और इसी वजह से जंतर मंतर प्रोटेस्ट में जाकर बेसिर पैर के वीडियो बनाकर गाली देने वालों की हालत खराब है. जंतर मंतर की भीड़ में खड़े होकर खुद को बाहुबली समझने वालों को अब समझ आ रहा है कि उन्होंने कैसी गलती कर दी है.
अब माफी मांग रहे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन तो खत्म हो गया, कॉकरोच पार्टी वाले भी अपनी लाइफ में बिजी हो गए हैं. लेकिन गाली देने वाले और हिंसा करने वाले परशान हो रहे हैं और माफी मांग रहे हैं. जेन जी की भाषा में कहें तो जंतर मंतर की वाइब में ये सब बहक गए थे और जोश-जोश में सरकार के साथ सेना तक को अपशब्द कह दिए.
देखिए सरकार से सवाल पूछिए, सरकार को घेरिए, ये सभी का अधिकार है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि सरकार से सवाल पूछते पूछते सेना और पुलिस के जवानों को गालियां देना शुरू कर दें. और जिन लोगों ने सेना और पुलिस को भला बुरा कहा, मजाक उड़ाया, क्या-क्या नहीं कहा. वो अब माफी मांग रहे हैं. बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि बोलने से पहले दो बार सोचना चाहिए, अगर जेन जी ने ये बात समझी होती तो आज माफी मांगने की जरूरत ना पड़ती.
कुल मिलाकर कॉकरोच पार्टी वालों के कहने में आकर ये प्रदर्शनकारी अब फंस गए हैं. एक तरफ लीगल एक्शन का डर, और दूसरी तरफ पब्लिक का गुस्सा. इन लोगों की जिंदगी अब पहले जैसी नहीं रह गई है. कई प्रदर्शनकारी शिकायत कर रहे हैं कि पुलिस पूछताछ के लिए बार बार बुला रही है.
संसद में भी गूंजा मुद्दा
सरकार ने आज संसद में भी दो टूक कह दिया है कि प्रदर्शन के दौरान जिन प्रदर्शनकारियों ने लॉ एंड ऑर्डर से खिलवाड़ किया. उस पर कानून के हिसाब से पुलिस कार्रवाई करेगी. सरकार की तरफ से ये बयान तब आया, जब विपक्ष ने राज्यसभा में जंतर मंतर के प्रोटेस्ट में शामिल हुईं लेफ्ट नेता आइशी घोष पर दिल्ली पुलिस के एक्शन को लेकर जमकर हंगामा किया. जबकि इसका जंतर मंतर पर हुए प्रोटेस्ट से कोई लेना देना ही नहीं था. दरअसल कोर्ट की तरफ से साल 2021 के एक मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद दिल्ली पुलिस आइशी घोष को गिरफ्तार करने CPM के दफ्तर पहुंची, लेकिन वहां CPM के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास प्दिल्ली पुलिस के स्टाफ से भिड़ गए.
आज जॉन ब्रिटास ने इस मुद्दे को राज्यसभा में भी उठाया और इसे जंतर मंतर के प्रोटेस्ट में शामिल लोगों को डराने की कोशिश बताया, जिसका कांग्रेस ने भी खुलकर समर्थन किया. राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा की ऐसी हरकतें बताती हैं कि लोकतंत्र खतरे में है. जिस पर जेपी नड्डा ने पलटवार किया और कहा कि जब पुलिस को कानून के तहत एक्शन लेना होता है. जेपी नड्डा ने ये भी याद दिलाया कि वो भी खुद स्टूडेंट एक्टिविस्ट रहे हैं और इमरजेंसी के दौरान कांग्रेस की सरकार में उन्हें क्लासरूम से गिरफ्तार किया गया.