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- Half The Seats In RTE Are Still Vacant, Kanke Has The Highest Number Of 217 Children, Namkum And Nagdi Have 89 89 Children Waiting.
रांची22 घंटे पहले
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शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों की 25% आरक्षित सीटों पर पहले चरण का नामांकन पूरा होने के बावजूद जिले में 50% से अधिक सीटें अब भी खाली हैं। सबसे अधिक रिक्तियां कांके, नामकुम और नगड़ी प्रखंड में हैं। जिले के 116 निजी स्कूलों में उपलब्ध 1147 सीटों में से पहले चरण में केवल 555 बच्चों का नामांकन हो सका, जबकि 592 सीटें अब भी खाली हैं।
अब इन सीटों को भरने के लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सबसे अधिक 217 सीटें कांके प्रखंड के 56 स्कूलों में खाली हैं। इसके बाद नामकुम और नगड़ी में 89-89, रातू में 59, खलारी में 54 और मांडर में 31 सीटें रिक्त हैं। वहीं, चान्हो प्रखंड के दो स्कूलों में एक भी नामांकन नहीं हुआ। जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने बताया कि शहर के कुछ प्रतिष्ठित स्कूलों को छोड़ अधिकांश निजी स्कूलों में पर्याप्त आवेदन नहीं आते, जिससे सीटें खाली रह जाती हैं।
1499 आवेदनों में 1036 हुए पात्र, ऑनलाइन लॉटरी 5 को
सत्र 2026-27 के लिए 1499 आवेदन प्राप्त हुए थे। दस्तावेजों की जांच के बाद 1036 आवेदन ऑनलाइन लॉटरी के लिए पात्र पाए गए। दूसरे चरण के लिए आवेदन 2 अगस्त तक www.rteranchi.in पर किए जा सकते हैं। दूसरे चरण में केवल वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने पहले चरण में आवेदन किया था और पात्र पाए गए हैं। नए आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। ऑनलाइन लॉटरी 5 अगस्त को रांची समाहरणालय में होगी।
प्रखंडवार स्कूलों में रिक्त सीटें, यहां दूसरे चरण की प्रक्रिया जारी
| प्रखंड | स्कूलों की संख्या | कुल आरटीई सीटें | रिक्त सीटें |
| कांके | 56 | 594 | 217 |
| नामकुम | 17 | 151 | 89 |
| नगड़ी | 10 | 89 | 89 |
| रातू | 09 | 89 | 59 |
| ओरमांझी | 02 | 20 | 11 |
| सिल्ली | 02 | 15 | 13 |
| बेड़ो | 02 | 17 | 13 |
| बुंडू | 03 | 25 | 14 |
| मांडर | 04 | 38 | 31 |
| चान्हो | 03 | 22 | 19 |
| खलारी | 07 | 67 | 54 |
| राहे | 01 | 20 | 18 |
| कुल | 116 | 1147 | 557 |
पिछले साल भी आधी सीटें नहीं भरीं: सत्र 2025-26 में जिले के 120 निजी स्कूलों की 1217 आरटीई सीटों के लिए 1744 आवेदन आए। इसमें 1057 वैध आवेदनों की लॉटरी हुई, लेकिन 672 बच्चों का ही नामांकन हो सका। 9 स्कूलों की 93 सीटों के लिए एक भी आवेदन नहीं आया था, जबकि 11 स्कूलों में 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे।
