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समाज सेवी अनिल राठौड़ से कहा कि मेरे सामने एक जब घटना हुई तो मैंने उससे ही यह प्रण लिया कि मैं अपने क्षेत्र में जहां पर भी गड्ढे होंगे उन गढ़ों की मरम्मत करूंगा. तो वही धार्मिक स्थल और जो भी शमशान घाट स्थल होंगे वहां तक पहुंच मार्ग तैयार करूंगा. मैने अभी एक शमशान घाट का पहुंच मार्ग और दो घाटों पर जाने के रास्ते तैयार किए है. अभी हाल फिलहाल में जैनाबाद मार्ग पर भी गड्ढे हो गए थे लोग गिरने से घायल हो रहे थे वहां पर भी मेरे द्वारा मुरूम डाल दिया गया है.
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में आज भी कहीं ऐसे समाज सेवी देखने के लिए मिलते हैं कि जो अपने स्वयं की राशि से गड्ढे भरने का काम करते हैं. तो कहीं रोड बनाने का काम करते हैं. आज हम आपको जैनाबाद क्षेत्र के समाज सेवी अनिल राठौड़ की कहानी बता रहे हैं. उनके सामने जब एक व्यक्ति गड्ढे में गिरने से घायल हो गया था तो उन्होंने इस घटना को देखते हुए यह प्रण लिया कि मैं अपने क्षेत्र और आसपास के क्षेत्र में जहां पर भी रोड पर गड्ढे हुए हैं.
वहां पर मुरूम और चूरी डालकर गड्ढे भरने का काम करूंगा तो वहीं कहीं पर पहुंच मार्ग भी बनाऊंगा. उन्होंने अभी तक करीब 1 करोड रुपए की राशि से अधिक खर्च कर दी है. उनके द्वारा सेवा भाव के काम किए जाते हैं. उनका सपना है कि क्षेत्र सुरक्षा एवं सुंदर दिखे इसके लिए वह काम करते हैं.
समाजसेवी ने दी जानकारी
टीम ने जब समाज सेवी अनिल राठौड़ से कहा कि मेरे सामने एक जब घटना हुई तो मैंने उससे ही यह प्रण लिया कि मैं अपने क्षेत्र में जहां पर भी गड्ढे होंगे उन गढ़ों की मरम्मत करूंगा. तो वही धार्मिक स्थल और जो भी शमशान घाट स्थल होंगे वहां तक पहुंच मार्ग तैयार करूंगा. मैने अभी एक शमशान घाट का पहुंच मार्ग और दो घाटों पर जाने के रास्ते तैयार किए है. अभी हाल फिलहाल में जैनाबाद मार्ग पर भी गड्ढे हो गए थे लोग गिरने से घायल हो रहे थे वहां पर भी मेरे द्वारा मुरूम डाल दिया गया है. जिससे आम लोगों को आना जाना आसान हो गया है. आने वाले समय में और भी मेरे द्वारा काम किया जाएंगे.
कंस्ट्रक्शन का करते हैं काम
अनिल राठौड़ का मुख्त व्यवसाय कंस्ट्रक्शन का है कंस्ट्रक्शन का काम करते-करते उनको ऐसी प्रेरणा मिली और उन्होंने अपने स्वयं के पर्सनल काम करने के साथ-साथ जन सेवा भी शुरू कर दी. इस जन सेवा के कार्य के लिए उनको जिले में जन सेवक और दानवीर के नाम से भी जाना जाता है.