भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Farming Tips: अगस्त में लगाएं ये फसल, कम खर्च में होगी तगड़ी...


होमताजा खबरकृषि

अगस्त में लगाएं ये फसल,कम खर्च में होगी तगड़ी कमाई,वैज्ञानिक ने बताया फॉर्मूला

Last Updated:

August Farming Tips: कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजन ओझा ने किसानों को अगस्त महीने में कम लागत और अधिक मुनाफा देने वाली फसलों की खेती करने की सलाह दी है. उन्होंने बताया कि कुल्थी दाल, धनिया, पालक, मेथी, मूली, लोबिया और अन्य बरसाती सब्जियां इस मौसम के लिए बेहतर विकल्प हैं. इन फसलों में पानी की खपत कम होती है और 30 से 60 दिनों में उत्पादन मिलने लगता है.

देवघर: अगस्त का महीना किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आता है. इस समय खेतों में पर्याप्त नमी रहती है. मौसम भी कई तरह की फसलों की खेती के लिए अनुकूल माना जाता है. ऐसे में यदि किसान सही समय पर सही फसल का चुनाव करें तो कम लागत में अच्छी आमदनी हासिल कर सकते हैं. कई किसान इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि अगस्त में कौन-सी फसल लगाई जाए, जिसमें लागत कम हो, जोखिम कम हो और मुनाफा अधिक मिले. ऐसे किसानों के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसी फसलों की जानकारी दी है, जिनकी खेती इस मौसम में काफी लाभदायक साबित हो सकती है. खास बात यह है कि इन फसलों को तैयार होने में ज्यादा समय नहीं लगता. स्थानीय बाजारों के साथ-साथ बड़ी मंडियों में भी इनकी मांग लगातार बनी रहती है.

क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक
देवघर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजन ओझा ने बताया कि अगस्त महीने में दलहनी फसलों की खेती किसानों के लिए काफी लाभदायक होती है. उन्होंने कहा कि यदि किसान इस महीने कुल्थी दाल की खेती करें तो कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. बाजार में कुल्थी दाल की मांग लगातार बनी रहती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पानी की खपत भी बहुत कम होती है. इसके अलावा धनिया, पालक, मेथी, मूली, लोबिया और अन्य बरसाती सब्जियों की खेती भी किसानों के लिए बेहतर विकल्प है. इन फसलों में शुरुआती लागत अपेक्षाकृत कम आती है. यदि किसान अच्छी गुणवत्ता वाले बीज का चयन करें, समय पर बुवाई करें और खेत की सही देखभाल करें तो कम समय में अच्छी पैदावार प्राप्त की जा सकती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इन फसलों से 30 से 60 दिनों के भीतर उत्पादन मिलने लगता है. इससे किसानों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता. जल्दी आमदनी शुरू हो जाती है. यही कारण है कि ये फसलें छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी काफी फायदेमंद मानी जाती हैं.

बरसात में खेतों में पानी जमा न होने दें
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि केवल सही फसल का चुनाव करना ही पर्याप्त नहीं है. खेती का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है. बरसात के मौसम में खेतों में पानी जमा होना सबसे बड़ी समस्या बन जाता है. यदि खेत में लंबे समय तक पानी भरा रहे तो पौधों की जड़ें सड़ सकती हैं. इससे पूरी फसल खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए किसान सबसे पहले खेत में पानी निकासी की उचित व्यवस्था करें. इसके साथ ही मिट्टी की जांच कराकर आवश्यकता के अनुसार खाद और उर्वरकों का प्रयोग करें. बिना सलाह के अधिक मात्रा में रासायनिक खाद का उपयोग करने से फसल को नुकसान हो सकता है. इसलिए कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग की सलाह के अनुसार ही खेती करना अधिक लाभदायक रहेगा.

समय-समय पर करें कीटनाशकों का छिड़काव
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को यह भी सलाह दी है कि फसल लगाने के बाद खेत की नियमित निगरानी करते रहें. बारिश के मौसम में कई प्रकार के कीट और रोग तेजी से फैलते हैं. ये कुछ ही दिनों में पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं. यदि समय रहते इनकी पहचान कर ली जाए और उचित दवा का छिड़काव किया जाए तो नुकसान से बचा जा सकता है. इसके साथ ही खेत से खरपतवार की समय-समय पर सफाई करना भी जरूरी है. खरपतवार फसल के पोषक तत्वों को सोख लेते हैं. इससे उत्पादन प्रभावित होता है. कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि खेती में छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर किसान अपनी लागत को नियंत्रित रख सकते हैं. साथ ही बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा भी प्राप्त कर सकते हैं.

About the Author

Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…

और पढ़ें



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top