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बोकारो से चलने वाली बसों का बढ़ा किराया:रांची का नॉन-एसी किराया 250...

बोकारो में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर सार्वजनिक परिवहन पर पड़ा है। ईंधन के दाम बढ़ने से बसों का किराया बढ़ा दिया गया है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और छोटे व्यवसायियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बोकारो से रांची मार्ग पर किराए में अंतर देखा जा रहा है। यात्री ईबु उल्लाह ने बताया कि सरकारी वातानुकूलित 2×2 बसों में 300 रुपए किराया लिया जा रहा है, जबकि निजी बसें इसी रूट पर 350 रुपए वसूल रही हैं। उन्होंने एक ही मार्ग पर किराए में इस असमानता पर सवाल उठाया। बढ़ती लागत के बीच पुराने किराए पर बसें चलाना संभव नहीं निजी बस कंडक्टर मोहम्मद अशरफ ने किराए में वृद्धि का कारण डीजल की बढ़ती कीमतें बताईं। उन्होंने कहा कि परिचालन लागत बढ़ने के कारण बोकारो-रांची मार्ग पर प्रति यात्री 50 रुपए किराया बढ़ाना पड़ा है। अशरफ के अनुसार, बढ़ती लागत के बीच पुराने किराए पर बसें चलाना संभव नहीं था। टाटा रूट के टिकट काउंटर संचालक मोफीज उद्दीन ने जानकारी दी कि टाटा, गोड्डा, साहिबगंज और ललमटिया जैसे कई अन्य मार्गों पर भी किराए में 50 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन और बस संचालकों को मिलकर एक समान किराया दर निर्धारित करना चाहिए, ताकि यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। धनबाद और रामगढ़ रूटों पर भी किराए में वृद्धि दर्ज की गई है। टिकट कंडक्टर मोहम्मद हुसैन के मुताबिक, रामगढ़ का नॉन-एसी किराया 150 रुपए से बढ़कर 180 रुपए हो गया है। इसी तरह, रांची का नॉन-एसी किराया 250 रुपए से बढ़ाकर 280 रुपए कर दिया गया है। बोकारो के निवासियों ने सरकार से पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन किराए की समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम जनता के जीवन और घरेलू बजट पर गंभीर असर पड़ेगा। Source link

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बिल्ली पालने की सोच रहे हैं? पशु चिकित्सक ने बताए 7 जरूरी...

Last Updated:June 13, 2026, 14:26 IST पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, बिल्ली खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि घर में उसके रहने के लिए पर्याप्त जगह हो. साथ ही परिवार के किसी सदस्य को बिल्ली के बालों से एलर्जी तो नहीं है, इसकी भी जांच कर लेनी चाहिए. उन्होंने बताया कि बिल्लियों को घूमने-फिरने और खेलने के लिए खुली जगह की जरूरत होती है, इसलिए उनके लिए आरामदायक और पर्याप्त जगह की व्यवस्था करना जरूरी है. इससे बिल्ली स्वस्थ और सक्रिय रहती है. बोकारो: आजकल लोगों में पालतू बिल्लियां पालने का शौक तेजी से बढ़ रहा है. खासकर देसी और विदेशी नस्ल की बिल्लियों की मांग लगातार बढ़ रही है. हालांकि, कई लोग बिना पूरी जानकारी और जांच-पड़ताल के बिल्ली खरीद लेते हैं, जिसके कारण बाद में उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में बोकारो के चास स्थित एक पेट क्लीनिक के पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार ने बिल्ली खरीदने और उसकी देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं. डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बिल्ली खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि घर में उसके रहने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है या नहीं. इसके साथ ही यह भी जान लेना जरूरी है कि परिवार के किसी सदस्य को बिल्ली के बालों से एलर्जी तो नहीं है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि बिल्लियों को घूमने-फिरने और खेलने के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत होती है. इसलिए उनके लिए खुले और आरामदायक स्थान की व्यवस्था करनी चाहिए. साथ ही उनकी साफ-सफाई और शौच की उचित व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है. डॉ. अनिल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पर्शियन या अन्य विदेशी नस्ल की बिल्ली खरीदने की योजना बना रहा है, तो उसके लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है. विदेशी नस्ल की बिल्लियां अधिक तापमान को आसानी से सहन नहीं कर पातीं, जिससे उनमें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. इसलिए उनके लिए ठंडा और आरामदायक माहौल उपलब्ध कराना बेहतर होता है. जरूरत पड़ने पर एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था भी की जा सकती है. डॉ. अनिल ने सलाह दी कि बिल्ली खरीदने से पहले उसकी शारीरिक जांच अवश्य कर लेनी चाहिए. बिल्ली के दांत, कान और आंखों की अच्छी तरह जांच करें. शरीर पर किसी प्रकार के घाव, कटने या चोट के निशान नहीं होने चाहिए, क्योंकि ये आगे चलकर स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का कारण बन सकते हैं. नई बिल्ली को घर लाने के बाद शुरुआती दिनों में वह डरी-सहमी रह सकती है. कई बार वह सोफे, बिस्तर या घर के किसी कोने में छिप जाती है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है. उसे नए माहौल में खुद को ढालने के लिए समय देना चाहिए. इसके लिए डॉ. अनिल कुमार ने ‘3-3-3 नियम’ अपनाने की सलाह दी है. इसके तहत पहले 3 दिनों तक बिल्ली को नए माहौल को समझने का समय दें. अगले 3 सप्ताह में उसे घर और परिवार के सदस्यों के साथ घुलने-मिलने का अवसर दें. वहीं पहले 3 महीनों तक उसके साथ भरोसेमंद रिश्ता बनाने पर ध्यान केंद्रित करें. उन्होंने कहा कि बिल्ली को स्वस्थ रखने के लिए समय-समय पर वैक्सीनेशन और डी-वॉर्मिंग कराना बेहद जरूरी है. साथ ही उसके खेलने के लिए खिलौनों की व्यवस्था भी करनी चाहिए, क्योंकि बिल्लियों को खेलना और नई चीजों को खरोंचना पसंद होता है. डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, देसी और विदेशी दोनों नस्ल की बिल्लियों को अच्छी तरह पाला जा सकता है. हालांकि, देसी बिल्लियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत अधिक होती है, जबकि विदेशी नस्ल की बिल्लियों को अधिक देखभाल और विशेष वातावरण की आवश्यकता पड़ती है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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आजमगढ़ में हाईवे पर ट्रेलर से टकराई अर्टिगा कार:4 लोगों की मौत,...

आजमगढ़-वाराणसी नेशनल हाईवे पर अर्टिगा कार सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद कार में सवार 5 लोग अंदर फंस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने 4 लोगों को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि सभी यात्री झारखंड के पलामू जिले के रहने वाले थे। अंबेडकरनगर स्थित किछौछा दरगाह से कर लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। हादसा शनिवार सुबह देवगांव कोतवाली क्षेत्र के बरडीहा मोड़ के पास हुआ। अब जानिए पूरा मामला… झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर (डालटनगंज) क्षेत्र के मोहनिया गांव के रहने वाले 5 लोग अर्टिगा कार से अंबेडकरनगर स्थित किछौछा दरगाह गए थे। सभी यहां से कार में सवार होकर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में पीछे से जा घुसी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद वाहन में सवार सभी लोग अंदर फंस गए। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू कर घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से सभी को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने हाजी अब्दुल रज्जाक (59), अरबाज खान (22), सोहराब (55) और मोहम्मद कैफ (57) को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल अजमल आलम की हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजते हुए परिजनों को सूचना दे दी है। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। Source link

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घर में अकेली रह रही वृद्धा को मार; लूटे गहने:हजारीबाग के पकरी...

हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत पंकरी बरवाडीह गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 85 वर्षीय वृद्ध महिला मगनी मोसोमात की अपराधियों ने घर में घुसकर हत्या कर दी। मृतका स्वर्गीय चौधरी साव की पत्नी थीं। घर में अकेली रहती थीं। बताया जा रहा है कि देर रात अज्ञात अपराधी उनके घर में दाखिल हुए और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां वृद्धा का शव घर के भीतर पड़ा मिला। घटना के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है। हाथ के गहने गायब, लूट के बाद हत्या की आशंका घटना को लेकर परिजनों ने बताया कि मगनी मोसोमात के हाथों में चांदी के कुछ गहने थे, जो घटना के बाद से गायब हैं। इस आधार पर आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने लूटपाट की मंशा से घर में घुसे और विरोध करने पर वृद्धा की हत्या कर दी। मृतका के दो पुत्र हैं, जो अलग-अलग जगहों पर रहते हैं। वृद्धा घर में अकेली रहती थीं। इस कारण अपराधियों ने उन्हें आसान निशाना बनाया। मृतका के बड़े पुत्र पचू साव ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस जघन्य अपराध में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि परिवार को फिलहाल किसी पर सीधा संदेह नहीं है। टेक्निकल टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से हुई जांच घटना की सूचना मिलते ही बड़कागांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी दीपक सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए टेक्निकल टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया है, ताकि साक्ष्य जुटाकर जल्द अपराधियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस हत्या के कारणों और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए हर संभव पहलू पर जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। Source link

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चारा घोटाले से जुड़े 38 लाख के जेवर नहीं लौटेंगे, झारखंड हाई...

Last Updated:June 13, 2026, 11:23 IST Fodder Scam Ranchi HC News: चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें आरोपी एसबी सिन्हा के घर से जब्त 38 लाख रुपये के जेवरात को लौटाने का निर्देश दिया गया था. चारा घोटाला मामले में सीबीआई को बड़ी राहत रांची. झारखंड उच्च न्यायालय ने चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण आदेश देते हुए एसबी सिन्हा के घर से जब्त किए गए करीब 38 लाख रुपये के जेवरात लौटाने के निचली अदालत के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है. सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने एसबी सिन्हा के पुत्र रवि सिन्हा समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. बता दें कि यह पूरा मामला चारा घोटाले की जांच के दौरान सीबीआई की छापेमारी से जुड़ा है . जांच के दौरान तत्कालीन पशुपालन विभाग के अधिकारी एस.बी. सिन्हा के ठिकानों से लाखों रुपये मूल्य के कीमती आभूषण जब्त किए गए थे. बता दें कि हाल ही में सीबीआई की विशेष अदालत ने इन आभूषणों को उनके परिजनों को वापस सौंपने का आदेश जारी किया था. निचली अदालत के इसी फैसले के खिलाफ सीबीआई ने झारखंड उच्च न्यायालय का रुख किया था और यह दलील दी कि यह संपत्ति घोटाले की अवैध कमाई से अर्जित की गई हो सकती है, इसलिए इसे वापस नहीं किया जाना चाहिए . मिली जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि 13 और 14 मई 1999 को एसबी सिन्हा के घर से जेवरात जब्त किए गए थे. जांच एजेंसी का कहना है कि एसबी सिन्हा का निधन 1999 में और उनकी पत्नी रमा सिन्हा का निधन 2011 में हो गया था. सीबीआई के अनुसार रमा सिन्हा ने अपने जीवनकाल में इन जेवरों पर स्त्रीधन के रूप में कोई दावा पेश नहीं किया. यहां यह भी बता दें कि रवि सिन्हा ने वर्ष 2024 में विशेष सीबीआई अदालत में जेवर वापस करने की मांग करते हुए आवेदन दिया था, लेकिन उनके दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया. इसी मामले में सीबीआई ने निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. उसी याचिका पर सुनवाई करते हुए HC ने निचली अदालत के आदेश पर स्टे लगा दिया है. हाई कोर्ट ने रोक लगाते हुए मांगा जवाब सीबीआई की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले की पूरी सुनवाई मुकम्मल नहीं हो जाती, तब तक ये आभूषण मालखाने या सरकारी अभिरक्षा में ही रहेंगे. इसके साथ ही अदालत ने दिवंगत सिन्हा के बेटे रवि सिन्हा और अन्य को नोटिस तामील करते हुए पूछा है कि क्यों न निचली अदालत के इस आदेश को स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाए. चारा घोटाले का अहम हिस्सा थे एसबी सिन्हा मालूम हो कि बिहार और झारखंड के इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में शुमार चारा घोटाले में पशुपालन विभाग के तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एस.बी. सिन्हा को किंगपिन यानी मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक माना जाता था. हालांकि, मामले की कानूनी प्रक्रिया के दौरान ही उनका निधन हो गया था. बहरहाल, हाई कोर्ट के इस नए आदेश के बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Ranchi,Jharkhand Source link

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ऋषिभिट्टा पहाड़ी के चेकडैम में हाथियों की जलक्रीड़ा:गिरिडीह से धनबाद आया 25...

धनबाद के टुंडी प्रखंड की ऋषिभिट्टा पहाड़ी पर इन दिनों जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड डेरा डाले हुए है। गिरिडीह क्षेत्र से आए लगभग 25 हाथियों का यह दल पिछले एक महीने से यहां मौजूद है। इस झुंड में पांच छोटे हाथी भी शामिल हैं। हाथियों की उपस्थिति के कारण आसपास के ग्रामीण सतर्क हैं, जबकि वन विभाग उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। शुक्रवार को ऋषिभिट्टा पहाड़ी पर बने चेकडैम में हाथियों की जलक्रीड़ा देखी गई। छोटे हाथियों ने भी पानी में उछल-कूद कर आनंद लिया दो बच्चों सहित सात हाथी पानी में उतरकर खेलते हुए नजर आए। हाथियों ने अपनी सूंड में पानी भरकर एक-दूसरे पर उड़ेला और काफी देर तक चेकडैम में मस्ती करते रहे। छोटे हाथियों ने भी पानी में उछल-कूद कर आनंद लिया। पहाड़ी के आसपास घने बांस के जंगल हैं वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ऋषिभिट्टा पहाड़ी हाथियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन गई है। यहां पर्याप्त मात्रा में भोजन और पानी उपलब्ध है। पहाड़ी के आसपास घने बांस के जंगल हैं, जो हाथियों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं। यही कारण है कि हाथियों का झुंड यहां कुछ समय तक रुकना पसंद करता है। डीएफओ विकास पालीवाल ने बताया कि गिरिडीह, जामताड़ा और हजारीबाग क्षेत्रों से हाथियों का आवागमन सामान्य है। इसे देखते हुए वन विभाग ने पहाड़ी पर चेकडैम का निर्माण कराया है। वनकर्मियों और मशालियों की एक टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना और मानव-हाथी संघर्ष को रोका जा सके। Source link

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लातेहार के चंदवा में कोयला लोड हाइवा दुकान में घुसा:हादसे में चार...

लातेहार जिले के चंदवा स्थित इंदिरा गांधी चौक पर शनिवार तड़के करीब 4 बजे एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। बालूमाथ की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कोयला लोड हाइवा अनियंत्रित होकर मैक्लुस्कीगंज से आ रहे एक ट्रक से टकरा गई और चौक पर स्थित एसके सुपर मार्ट दुकान में जा घुसी। इस हादसे में हाइवा चालक सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों की पहचान हाइवा चालक कार्तिक कुमार, रिंकू यादव, जोभा भुईयां और श्री राम दुबे के रूप में हुई है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि हाइवा और ट्रक दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि दुकान को भी काफी नुकसान पहुंचा। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा दुर्घटना के बाद एनएच-75 (रांची–मेदिनीनगर मार्ग), एनएच-99 (रांची–चतरा मार्ग) और चंदवा–मैक्लुस्कीगंज सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क पर हाइवा फंसे होने के कारण चारों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त हाइवा को हटाया जा सका। इसके बाद सुबह लगभग 9 बजे यातायात व्यवस्था बहाल हुई। इस दौरान चंदवा शहर में भारी वाहनों का भीषण जाम लगा रहा। सूचना मिलते ही पुनि सह थाना प्रभारी अशोक कुमार के नेतृत्व में चंदवा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारु करने में सहयोग किया और वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करते हुए स्थिति को सामान्य कराया। पुलिस ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त हाईवा में लदा कोयला वैध था या अवैध, इसकी जांच की जा रही है। मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है। Source link

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एनडीए के 24… महज 4 MLA की कमी, राज्यसभा चुनाव में कौन...

Last Updated:June 13, 2026, 12:29 IST Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में दो सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर 18 जून को मत डाले जाएंगे. खास बात यह कि इन दो सीटों के लिए तीन कैंडिडेट मैदान में हैं. ऐसे में जीत की जुगाड़ में पार्टी संभावित क्रॉस वोटिंग और सहयोगी दलों के समर्थन पर नजर बनाए हुए है. झारखंड राज्यसभा चुनाव: बैद्यनाथ राम और प्रणव झा के मुकाबले परिमल नाथवानी, सरयू राय का बड़ा बयान. रांची. झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है. ऐसा इसलिए है कि सीटें दो हैं और उम्मीदवार तीन. इंडिया ब्लॉक से दो कैंडिडेट झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने दिए हैं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने अपना कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा है. हालांकि, एनडीए ने परिमल नाथवानी को समर्थन देने की घोषणा की है, लेकिन पेच सीटों की संख्या को लेकर फंस गया है. लेकिन, भाजपा समर्थित प्रत्याशी को जीत के लिए चार अतिरिक्त वोटों की जरूरत है, जिसके चलते पार्टी संभावित क्रॉस वोटिंग और सहयोगी दलों के समर्थन पर नजर बनाए हुए है. इस बीच वरिष्ठ विधायक सरयू राय ने इशारा किया है कि संख्या बल की कमी के बावजूद, सत्ता पक्ष के कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं, जिससे एनडीए की जीत के समीकरण बदल सकते हैं. दरअसल, दो सीटों पर होने वाले इस मुकाबले में तीन दिग्गज उम्मीदवारों की एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प हो गया है. इंडिया गठबंधन की ओर से झामुमो के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा मैदान में हैं, जबकि एनडीए ने निर्दलीय उम्मीदवार और जाने-माने उद्योगपति परिमल नाथवानी को अपना खुला समर्थन दिया है. हालांकि संख्या बल के आधार पर झामुमो की एक सीट सुरक्षित मानी जा रही है, लेकिन दूसरी सीट के लिए एनडीए और कांग्रेस के बीच शह-मात का खेल जारी है. वर्तमान में एनडीए के पास 24 विधायक हैं और अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए उन्हें केवल 4 अतिरिक्त वोटों की जुगाड़ है, जिसके लिए विपक्षी गठबंधन के विधायकों में ‘अंतरात्मा की आवाज’ पर क्रॉस वोटिंग कराने की रणनीति पर काम चल रहा है, जिससे एनडीए की जीत के समीकरण बदल सकते हैं. एनडीए के 24 विधायक, 4 की कमी इसी को लेकर झारखंड के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सरयू राय ने कहा कि वर्तमान में एनडीए के पास 24 विधायक हैं और बहुमत के लिए केवल 4 विधायकों की कमी है. उन्होंने संभावना जताई कि विपक्षी खेमे के 6 से 7 विधायक जहां है, वहां अपनी शर्तों पर अंतरात्मा की आवाज सुनकर एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं. ऐसे में राज्यसभा की दोनों सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटे हैं. एनडीए खेमे की नजर अब उन विधायकों पर है जो नाराज चल रहे हैं या अपनी शर्तें मनवाना चाहते हैं. परिमल नाथवानी ने बदला समीकरण बता दें कि निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन को वैध घोषित किए जाने के बाद से ही चुनावी मैदान पूरी तरह सज चुका है. नाथवानी को भाजपा, आजसू और एनडीए के अन्य घटक दलों का पूरा समर्थन प्राप्त है. राजनीति के जानकारों का मानना है कि परिमल नाथवानी की मजबूत पकड़ और एनडीए की रणनीति के चलते दूसरी सीट पर कांग्रेस के प्रणव झा के लिए राह आसान नहीं रहने वाली है. बीजेपी को महज 3 से 4 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है, जिसे हासिल करने के लिए पर्दे के पीछे से भारी गोटियां बिछाई जा रही हैं. सरयू राय के संकेत को समझिए वहीं, सरयू राय ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि विपक्षी खेमे यानी इंडिया गठबंधन के विधायक एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं. सरयू राय के इस दावे के बाद कांग्रेस और झामुमो के भीतर क्रॉस वोटिंग का डर इतना गहरा गया है कि गठबंधन अपने विधायकों को टूटने से बचाने के लिए जुगत लगा रहा है. इसके लिए ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ तक का सहारा लेने की बात कही जा रही है और विधायकों को राज्य से बाहर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी की चर्चा है. क्रॉस वोटिंग रोकना सबसे अहम खास बात यह है कि राज्यसभा का चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से होता है और दलीय व्हिप घोषित तौर पर लागू नहीं होता है, ऐसे में क्रॉस वोटिंग की संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं, इसलिए इस बार पोलिंग एजेंटों की भूमिका निर्णायक होने वाली है. नियमों के अनुसार, विधायकों को अपना मतपत्र पेटी में डालने से पहले अपनी पार्टी के अधिकृत पोलिंग एजेंट को दिखाना अनिवार्य होता है. ऐसे में अगर कोई विधायक बगावत कर पार्टी लाइन से अलग वोट करता है, तो उसकी सदस्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Ranchi,Jharkhand Source link

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लातेहार में हुआ सड़क हादसा; 2 युवक मरे:तीखे मोड़ पर आपस में...

लातेहार सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोने पिकेट के आगे खुटगड़ी गांव के पास तीखे पर कार और बाइक की सीधी टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की जान चली गई। वहीं बाइक को चपेट में लेने के बाद कार पास ही पेड़ से जा टकराई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार संख्या JH03 AW 6472 सरयू की ओर से लातेहार आ रही थी, जबकि बाइक पर सवार दो युवक लातेहार से सरयू की ओर जा रहे थे। इसी दौरान खुटगड़ी गांव के पास आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। अब तक मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। हादसे के बाद पेड़ से टकराई कार मिली जानकारी के अनुसार टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। इससे कार और बाइक दोनों के परखच्चे उड़ गए। हादसे के तुरंत बाद कार में सवार दोनों व्यक्ति मौके से फरार हो गए। दुर्घटना की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों ने देखा कि दोनों युवक गंभीर हालत में सड़क पर पड़े हुए हैं। जब उनकी जांच की गई तो दोनों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी। इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शवों की पहचान कराने का प्रयास जारी घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी के निर्देश पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। थाना प्रभारी प्रमोद सिन्हा ने बताया कि फरार कार सवारों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। दुर्घटनाग्रस्त कार के आधार पर वाहन मालिक और चालक की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, मृतकों की पहचान के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों को भी सूचना भेजी गई है। घटना की जानकारी मिलने पर प्रखंड उपप्रमुख राजकुमार प्रसाद और पूर्व मुखिया जुलेश्वर लोहरा भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। Source link

झारखंड

गिरिडीह में छत के रास्ते घुस उड़ा लिए पैसे-जेवर:घर से 200 मीटर...

गिरिडीह के जमुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत नवडीहा ओपी के चोरगत्ता गांव में शुक्रवार देर रात एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने घर में घुसकर लाखों रुपए के जेवरात, नकदी और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज चुरा लिए। यह घटना मदन चौधरी के घर में उस समय हुई, जब परिवार के सभी सदस्य गर्मी के कारण छत पर सो रहे थे। परिजनों ने बताया कि चोर घर के पीछे की ओर से छज्जे के सहारे छत पर चढ़े और फिर अंदर उतरकर मुख्य दरवाजा खोल लिया। इसके बाद उन्होंने घर में रखे लगभग 25 लाख रुपए के जेवरात और 50 हजार रुपए नकद पर हाथ साफ कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद चोर आराम से फरार हो गए। सुबह जब परिवार के लोग नीचे उतरे तो घर का सामान बिखरा देख उनके होश उड़ गए। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखें… चोरी के पीछे पुराने विवाद का कनेक्शन घटना के बाद पीड़ित परिवार ने जमीन से जुड़े दस्तावेज चोरी होने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि जेवर और नकदी की चोरी तो सामान्य बात हो सकती है, लेकिन जमीन के कागजात चुराए जाना किसी साजिश की ओर इशारा करता है। मदन चौधरी के पुत्र संतोष कुमार चौधरी ने बताया कि वर्ष 2007 से गांव के कुछ लोगों के साथ उनका जमीन संबंधी विवाद चल रहा है। उन्होंने अभिमन्यु चौधरी, राजदेव चौधरी, अभिनाश चौधरी, महेश चौधरी, प्रदीप चौधरी, फुलेंद्र चौधरी और मनोज चौधरी पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि जमीन के कागजात चोरी होने के पीछे इन्हीं लोगों की भूमिका हो सकती है। घटना के बाद घर से करीब 200 मीटर दूर एक बक्सा और जेवर रखने का खाली डिब्बा भी बरामद किया गया है। आवेदन मिलने के बाद होगी कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही नवडीहा ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। ओपी प्रभारी सबिता कुमारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जेवरात, नकदी और जमीन से जुड़े कागजात चोरी होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, पीड़ित परिवार ने बताया कि उनका जीवनयापन ट्रक चलाकर और खेती-बाड़ी पर निर्भर है। Source link

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