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नक्सल मुक्त हुआ झारखंड, 1 करोड़ का ईनामी नक्सली मिसिर बेसरा गिरफ्तार

Last Updated:July 29, 2026, 00:58 IST सुरक्षा एजेंसियों के लिए लंबे समय से चुनौती बने मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी को नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका है. वह वर्षों से झारखंड समेत पूर्वी भारत के कई राज्यों में माओवादी गतिविधियों का संचालन करने वाले शीर्ष नेताओं में शामिल रहा है. सूत्रों के अनुसार, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 ने खुफिया सूचना के आधार…. रांची: झारखंड से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत पूरे अर्ध सैनिक बलों के लिए एक बेहद खुशी है. अब झारखंड का सबसे मोस्ट वांटेड माओवादी मिसिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया गया है. पिछले काफी सालों से इस माओवादी की तलाश की जा रही थी. मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद झारखंड अब नक्सल मुक्त राज्य बन चुका है. माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नक्सलमुक्त देश बनाने के सपने पूरा हो गया है. दरअसल, झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक हाथ लगी है. सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 ने भाकपा (माओवादी) के एक करोड़ रुपये के इनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया है. उसके साथ दो अन्य कुख्यात माओवादी मोछू और गौरव हांसदा को भी दबोच लिया गया है. सुरक्षा एजेंसियों के लिए लंबे समय से चुनौती बने मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी को नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका है. वह वर्षों से झारखंड समेत पूर्वी भारत के कई राज्यों में माओवादी गतिविधियों का संचालन करने वाले शीर्ष नेताओं में शामिल रहा है. सूत्रों के अनुसार, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 ने खुफिया सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया. अभियान के दौरान तीनों नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया गया. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi Source link

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नाटक के जरिए मिला नशामुक्ति का संदेश

गुमला|संत इग्नासियुस लोयोला पर्व के अवसर पर संत इग्नासियुस उच्च विद्यालय व इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों द्वारा नशामुक्ति पर आधारित सामाजिक नाटक मधुशाला का मंचन किया गया। सैकड़ों बच्चों ने इस आयोजन का आनंद लिया। नाटक का अगला मंचन 28 जुलाई को स्कूल के पीपी वनफल हॉल में आयोजित किया जाएगा। विद्यालय के प्रधानाध्यापक फादर मनोहर खोया ने नाटक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय समाज में नाटक केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज का दर्पण है। एक सशक्त नाटक समसामयिक समस्याओं को उजागर कर दर्शकों को आत्मचिंतन की प्रेरणा देता है। मधुशाला नाटक प्रतिशोध, प्रेम, प्रायश्चित और पारिवारिक विघटन के साथ-साथ मद्यपान के घातक परिणामों को मार्मिक रूप से प्रस्तुत करता है। नाटक की कहानी मुख्य पात्र मनोहर के इर्द-गिर्द घूमती है। Source link

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एपीके फाइल भेजकर आपके ही हाथों से स्पार्टफोन हैक करवा रहा है...

भास्कर न्यूज|गुमला अगर आपके व्हाट्सएप पर किसी अनजान या परिचित नंबर से शादी का डिजिटल निमंत्रण कार्ड, बिजली कटने की चेतावनी या बैंक केवाइसी अपडेट करने का कोई मैसेज आया है, तो सावधान हो जाइए। साइबर अपराधियों ने ठगी का तरीका बदल दिया है। अब वे आपको फोन करके ओटीपी नहीं मांगते, बल्कि आपकी भावनाओं और रोजमर्रा के डर का फायदा उठाकर आपके ही हाथों आपके स्मार्टफोन को हैक करवा रहे हैं। साइबर क्राइम की दुनिया में इस नए और बेहद खतरनाक हथियार का नाम है एपीके फाइल (एंड्रॉइड एप्लीकेशन पैकेज)। जालसाज अब लिंक भेजने के बजाय सीधे मैल-वेयर (वायरस युक्त) एप्स भेज रहे हैं, जो आपके फोन का पूरा कंट्रोल उनके हाथों में सौंप देते हैं। पहले साइबर ठग लॉटरी या इनाम का लालच देते थे, लेकिन अब वे डर और सामाजिक शिष्टाचार का इस्तेमाल कर रहे हैं। पार्सल डिलीवरी, बिजली बिल, शादी का निमंत्रण, केवाइसी अपडेट या कस्टमर केयर के नाम पर भी ऐसी ही फाइलें भेजी जा रही हैं। 2024 में साइबर ठगी के 12 मामले में लाखों रुपए की ठगी हुई थी। जिसमें तीन मामलों का निष्पादन भी विभाग के द्वारा कर लिया गया था। वहीं 2025 में 17 केस में भी लाखों की ठगी हुई थी। जिसमें भी विभाग ने 15 मामलों का निष्पादन बता रहे है। वर्ष 2026 में छह माह में कुल 8 मामलों में भी लाखों रुपए की ठगी हुई है। जिसमें 4 का निष्पादन हो चुका है। अन्य मामले अब भी लंबित है। ताजा मामला शहर के मेन रोड निवासी चंदन कुमार का है, जिनके बैंक खाते से साइबर अपराधियों ने 98 हजार 500 रुपए की अवैध निकासी कर ली। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने गुमला थाना में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। शहर के मेन रोड निवासी चंदन कुमार का है, जिनके बैंक खाते से साइबर अपराधियों ने 98 हजार 500 रुपए की अवैध निकासी कर ली। उक्त घटना 25 जुलाई को घटित हुई। पीड़ित ने गुमला थाना में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। केस- 2 अगर गलती से ऐसी कोई फाइल इंस्टॉल हो गई है या पैसे कटने का मैसेज आता है, तो घबराएं नहीं। सबसे पहले अपने फोन का इंटरनेट/वाईफाई बंद कर दें। तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत करें। साथ ही बैंक से खाते को फ्रीज करवाएं और नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दें। बचाव: विशेषज्ञों ने इस नए खतरे से बचने के लिए कुछ सख्त कदम उठाने की सलाह दी है। अगर कोई आपको निमंत्रण या बिल भेजता है, अगर फाइल के नाम के अंत में एपीके लिखा है, तो उसे भूलकर भी डाउनलोड न करें। विगत 27 जून की देर शाम एसएस हाई स्कूल रोड निवासी प्रतिष्ठित व्यवसायी मांगी लाल अग्रवाल का बेटा श्याम अग्रवाल को शादी की एपीके फाइल भेजकर अकाउंट से दो लाख 99 हजार रुपए उड़ा लिया था। इसी प्रकार जून माह में सामू लॉज के प्रिंट गैलरी का भी कुछ रुपए का साइबर ठगी हुई थी। वही झारखंड बंगाल ट्रांसपोर्ट के संचालक किटू सिंह को भी साइबर ठगो ने 25 से 30 हजार रुपए का चूना लगा दिया था। हलांकि उक्त कोई भी मामला सदर थाने में दर्ज नही किया गया है। इसी प्रकार कई ऐसे मान चिन्ह व्यवसायी है जिनके खातों से भी लाखों रुपए की साइबर ठगी हो चुकी है। Source link

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नगड़ी के नव प्राथमिक विद्यालय में चावल खत्म बच्चों को बिना एमडीएम...

भास्कर न्यूज|भरनो/गुमला भरनो प्रखंड मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर दूर नव प्राथमिक विद्यालय, नगड़ी में सोमवार को मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) व्यवस्था ठप हो गई। स्कूल में एमडीएम का चावल खत्म होने के कारण भोजन नहीं बन सका। सोमवार को अंडा वितरण का दिन होने के बावजूद बच्चों को अंडा भी नहीं मिला। छात्र-छात्राओं ने बताया कि उन्हें पहले ही सूचित कर दिया गया था कि चावल समाप्त हो गया है, इसलिए उस दिन मध्यान्ह भोजन नहीं मिलेगा। बच्चों से घर से टिफिन लाने को कहा गया। जिनके पास टिफिन नहीं था, उनमें से कई बच्चे दोपहर में खाना खाने घर लौट गए। कुछ बच्चे बिना भोजन के ही स्कूल में रहे। जानकारी के अनुसार प्रभारी प्रधानाध्यापिका रीता बाखला स्कूल खुलने के बाद एमडीएम के लिए चावल लाने भरनो गईं। उनके स्कूल से बाहर रहने के दौरान भोजन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। इससे बच्चों को खाली पेट पढ़ाई करनी पड़ी। ग्रामीणों ने इसे गंभीर लापरवाही बताया। उनका कहना है कि मध्यान्ह भोजन योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन देना और स्कूल में नियमित उपस्थिति बढ़ाना है। ऐसे में चावल खत्म होने पर भी भोजन न बनना और विकल्प न जुटाना योजना के उद्देश्य के खिलाफ है। मामले की सूचना दूरभाष के माध्यम से बीआरसी के बीपीओ को दी गई। Source link

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सदर अस्पताल की क्षमता 100 बेड की पर 300 मरीज भर्ती होकर...

भास्कर न्यूज|गुमला जिले में लगातार हो रही बारिश से मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। इसका सबसे अधिक असर सदर अस्पताल गुमला में देखने को मिल रहा है, जहां सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मरीजों की बढ़ती भीड़ के कारण अस्पताल की ओपीडी और वार्ड दोनों पर दबाव बढ़ गया है। सदर अस्पताल 100 बेड की क्षमता वाला अस्पताल है, लेकिन वर्तमान में यहां 300 से अधिक मरीज भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। सभी वार्ड पूरी तरह भर चुके हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल प्रबंधन को अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करनी पड़ी है और कई मरीजों का इलाज अस्पताल के बरामदे में लगाए गए बेड पर किया जा रहा है। वहीं ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 600 से 800 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्यभार काफी बढ़ गया है। गुमला आदिवासी बहुल जिला है। बारिश के मौसम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बदलते मौसम, भीगने, दूषित पानी और संक्रमण के कारण वायरल बुखार, सर्दी-खांसी तथा अन्य बीमारियों के मरीज अधिक संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर ने बताया कि लोग मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए गर्म एवं ताजा भोजन का सेवन करें। पीने के पानी को उबालकर या गर्म करके ही इस्तेमाल करें। सर्दी, खांसी या बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेकर उनके निर्देशानुसार दवा का सेवन करें। उन्होंने बारिश में अनावश्यक भीगने से बचने, साफ-सफाई बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचकर जांच कराने की अपील की। उनका कहना है कि समय पर इलाज और सावधानी बरतने से अधिकांश मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है। 20 जुलाई 819, 21 जुलाई 630, 22 जुलाई 644, 23 जुलाई 733, 24 जुलाई 630, 25 जुलाई 671, 26 जुलाई 582, 27 जुलाई 752। इस संबंध में शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉक्टर राहुल देव उरांव ने कहा कि बच्चों को भी बारिश के मौसम में मौसमी बीमारियों से बचने के लिए बड़ों की तरह की पानी से भींगने से बचना, गर्म खाना व पानी का सेवन करना जरूरी होता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि उनके बच्चे अगर किसी प्रकार से बीमार होते है, तो उन्हें स्वयं से दवा नहीं देनी चाहिए। किसी भी चिकित्सक से परामर्श लेकर ही दवा देने की अपील की है। Source link

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4 युवकों को रातभर बांधकर पीटा:बकरी चोरी करने आए थे, एक की...

गुमला से कार से आए थे मुरहू मुरहू थाना क्षेत्र की रूमुतकेल पंचायत के बिंदादीरी गांव में रविवार देर रात बकरी चोरी करने आए चार युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। आरोप है कि ग्रामीणों ने चारों की हॉकी स्टिक और लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद उन्हें गांव के पास जंगल में ले जाकर पेड़ों से बांध दिया और पूरी रात वहीं रखा। सोमवार सुबह पुलिस ने तीन लोगों को मुक्त कराया। गंभीर रूप से घायल दिलदार अंसारी की इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई, जबकि फिरोज अंसारी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। चौथा युवक गुड्डू अंसारी रात में ही किसी तरह वहां से भाग निकला था। जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 12 बजे चारों युवक ऑल्टो कार से बिंदादीरी गांव पहुंचे थे। वे बकरियां कार में लाद रहे थे। इसी दौरान बकरियों की आवाज सुनकर ग्रामीणों की नींद खुल गई। देखते ही देखते करीब 35 से 40 ग्रामीण मौके पर जुट गए और चारों को घेर लिया। ग्रामीणों ने उनकी जमकर पिटाई की और बाद में रस्सी से बांधकर गांव के समीप जंगल में ले गए। वहां सभी को अलग-अलग पेड़ों से बांध दिया गया। रात के दौरान गुड्डू अंसारी किसी तरह बंधन से छूटकर वहां से निकलने में सफल रहा और ऑल्टो कार लेकर फरार हो गया। सोमवार सुबह घटना की सूचना मिलने पर एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव पहुंची। पुलिस ने जंगल से दिलदार अंसारी, फिरोज अंसारी और निजाम अंसारी को मुक्त कराया। गंभीर रूप से घायल दिलदार अंसारी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। फिरोज अंसारी की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि निजाम अंसारी को अपेक्षाकृत कम चोटें आई हैं। एफआईआर दर्ज, सभी आरोपी गुमला के सिसई के रहने वाले अस्पताल में भर्ती फिरोज अंसारी ने बताया कि चारों गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र के बगनी गांव के रहने वाले हैं। उसका कहना है कि ग्रामीणों ने पकड़ने के बाद पूरी रात उन्हें जंगल में पेड़ों से बांधकर रखा। एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चारों के बकरी चोरी करने की नीयत से गांव आने की बात सामने आई है। घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है। घायल निजाम अंसारी के बयान पर केस दर्ज कर लिया गया है। घटना में शामिल ग्रामीणों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Source link

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There were 56.61 lakh beneficiaries in January 2025, now it has become...

रांची16 घंटे पहलेलेखक: विनय चतुर्वेदी कॉपी लिंक 6.38 लाख नाम कटे, रांची में सबसे ज्यादा 64,927 और धनबाद में 53,746 महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों का सत्यापन पूरा हो गया। डेढ़ साल में 6.38 लाख अपात्र और फर्जी लाभुक सूची से बाहर हो गए। जनवरी 2025 में इस योजना के लाभुकों की संख्या 56.61 लाख थी, जो जुलाई 2025 में घटकर 50.23 लाख पर पहुंच गई। सत्यापन के बाद अधिकतर जिलों में जून-जुलाई की राशि लाभुकों के खाते में भेज दी गई है। ​कुछ जिलों में जुलाई की राशि ट्रांसफर करने का काम चल रहा है। जनवरी 2025 की तुलना में रांची में सबसे ज्यादा 64,927 और धनबाद में 53,746 अपात्र लाभुकों के नाम काटे गए हैं। यह योजना 18 अगस्त 2024 को शुरू हुई थी। शुरुआत में 18 से 50 साल की महिलाओं को 1000 रुपए प्रति माह सहायता राशि दी जाती थी। फिर दिसंबर 2024 में कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह राशि बढ़ाकर 2500 रुपए कर दी गई। छह जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में एक भव्य कार्यक्रम में बढ़ी हुई राशि की पहली किस्त 56.61 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की थी। इसके बाद इसमें फर्जीवाड़ा शुरू हो गया। इसे देखते हुए सरकार ने सत्यापन कराने का फैसला किया। अक्टूबर में हुई पहली छंटनी के बाद लाभुकों की संख्या घटकर 51.04 लाख हो गई है। इस साल अप्रैल से एक बार फिर सत्यापन शुरू हुआ तो लाभुकों की संख्या घटकर 50.23 लाख पर पहुंच गई। जिला जनवरी 2025 जून 2026 घटे बोकारो 3,60,938 3,20,000 40,938 चतरा 1,98,238 1,75,816 22,422 देवघर 2,85,377 2,40,392 44,985 धनबाद 4,00,030 3,46,284 53,746 दुमका 2,22,310 2,03,310 19,000 पू. सिंहभूम 3,07,333 2,85,704 21,629 गढ़वा 2,42,502 2,23,412 19,090 गिरिडीह 4,72,405 4,55,518 16,887 गोड्डा 2,24,736 1,94,681 30,055 गुमला 1,75,650 1,54,235 21,415 हजारीबाग 2,92,780 2,47,367 45,423 जामताड़ा 1,61,690 1,47,453 14,237 खूंटी 93,701 86,955 6,746 कोडरमा 1,39,370 1,33,043 6,327 लातेहार 1,44,637 1,29,110 15,527 लोहरदगा 1,01,814 86,955 14,859 पाकुड़ 1,99,202 1,53,228 45,974 पलामू 3,72,937 3,44,849 28,088 रामगढ़ 1,39,502 1,27,287 12,215 रांची 4,51,083 3,86,156 64,927 साहिबगंज 1,90,198 1,71,168 19,030 सरायकेला 1,68,492 1,54,815 13,677 सिमडेगा 99,156 82,785 16,371 प. सिंहभूम 2,17,710 1,72,557 45,153 इस आधार पर हुआ सत्यापन… जिन महिलाओं की उम्र 50 साल से ज्यादा हो गई, उनके नाम हटा दिए गए। जिन खातों में बायोमेट्रिक ई-केवाईसी या आधार सीडिंग पेंडिंग थी या फर्जी खाते मिले, उनके नाम काटे गए। खाद्य आपूर्ति विभाग के राशन कार्ड डेटाबेस से मिलान किया गया। परिवार में दोहराव पाए जाने पर छंटनी हुई। जिन महिलाओं को केंद्र या राज्य की अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रही थी, उन्हें अपात्र घोषित किया गया। आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों की महिलाओं की छंटनी की गई। वैसे नाम भी काटे गए, जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी या पेंशनधारक मिले। लेकिन नए नाम नहीं जुड़े: इस योजना के लिए 18 से 50 वर्ष की महिलाएं पात्र होती हैं। योजना में शामिल जिन महिलाओं की उम्र 50 साल से ज्यादा हो गई, उनके नाम काट दिए गए। लेकिन 18 साल की किसी भी नई महिला का नाम योजना में शामिल नहीं किया गया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

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जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन को समन:आज सीआईडी के तीखे सवालों से होगा...

पूछताछ में पांच आरोपियों से मिले इनपुट के बाद भेजा समन झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी मामले में सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते को समन जारी किया है। उन्हें मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। जांच एजेंसी इस मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता और परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, माकेर्टिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, दो तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान व एबाद से पिछले तीन दिन से पूछताछ कर रही है। तीसरे दिन सोमवार को पूछताछ के दौरान सीआईडी को कुछ इनपुट मिले। इसी के आधार पर ख्यांगते को समन जारी किया गया। अब सीआईडी ख्यांगते से टीडीपीएल को टेंडर आवंटन और परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी सौंपनी की पूरी प्रक्रिया पर जवाब-तलब करेगी। उनसे पूछा जाएगा कि जब​ टीडीपीएल को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया था तो उसे जेपीएससी जैसी सर्वोच्च चयन संस्था की परीक्षा संचालित करने का टेंडर कै​से दिया गया। परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए उन्होंने क्या कदम उठज्ञए। निगरानी तंत्र क्या था। ओएमआर शीट में हेराफेरी के बीच वे चुप क्यों रहे। क्या इन गड़बड़ियों को बढ़ावा देने या अनदेखी करने में उनकी कोई भूमिका थी।सीआईडी की टीम इन सभी बिंदुओं पर पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ करेगी। इधर, पूछताछ से पहले एल ख्यांगते ने चुप्पी तोड़ी, कहा… मैं चुनौतियों से भागने वाला नहीं… 40 लाख रु. में सीट बिकने के आरोपों की गहराई से जांच हो सीआईडी की पूछताछ से ठीक पहले सोमवार को ख्यांगते ने चुप्पी तोड़ी। मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने जो भी फैसले लिए, वे रूल्स ऑफ प्रोसीजर के तहत लिए थे। जेपीएससी की जिम्मेदारी उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन वे किसी भी चुनौती से भागने वाले इंसान नहीं हैं। उनके पद संभालने से पहले कई पुरानी परीक्षाओं के परिणाम अटके थे। व्यवस्था में सुधार की सख्त जरूरत थी। उन्होंने लंबित रिजल्ट का प्रशासन शुरू कराया, परीक्षा आयोजित कराईं। प्रशासनिक सुधार करते हुए शिक्षकों की प्रोन्नति प्रक्रिया को पूरा किया। 40 लाख रुपए में सीट बिकने के आरोपों पर कहा कि ये बातें उनके संज्ञान में भी आई है। अगर इसमें रत्तीभर भी सच्चाई है तो जांच एजेंसी को इसकी तह में जाकर गहराई से जांच करनी चाहिए, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाइ हो सके। पीटी या मेन्स रिजल्ट में आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं… रिजल्ट पर आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर न होने के विवाद पर उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए सफाई दी। उन्होंने कहा कि रूल ऑफ प्रोसीजर-2002 के तहत पीटी या मेन्स के रिजल्ट में आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं होते। सिर्फ फाइनल रिजल्ट की प्रोसेसिंग के दौरान तीन सदस्यीय कमेटी स्क्रूटनी करती है। अंत में इसे चेयरमैन अप्रूव करता है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील प्रक्रिया में अकेले फैसला लेना सही नहीं होता। आयोग में सदस्यों के साथ हुई गोपनीय बातचीत के आधार पर ही हस्ताक्षर न कराने का सर्वसम्मति से फैसला लिया गया था। एजेंसी के ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी नहीं थी ब्लैकलिस्टेड एजेंसी के चयन के सवाल पर पूर्व चेयरमैन ने कहा कि आयोग खुद साफ-सुथरी एजेंसी को ही काम देना चाहता है। ब्लैकलिस्टेड एजेंसी से बचता है। जिस समय एजेंसी का चयन हुआ था, उसके ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी आयोग को नहीं थी। यह कोई प्रशासनिक चूक थी या एजेंसी बाद में ब्लैकलिस्ट हुई, यह सीआईडी की जांच का विषय है। छह माह पहले मिली शिकायतों पर ध्यान न देने के आरोप पर उन्होंने कहा कि ईमेल पर रोजाना दर्जनों शिकायतें आती हैं। वे प्लीज लुक इनटू दिस लिखकर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारी को भेज देते थे। वहीं, सीआईडी जांच के तरीके पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों और सीबीआई जांच की मांग पर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे सीआईडी की जांच का पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि रिमांड पर लिए गए आरोपियों और फाइलों की छानबीन से जांच एजेंसी जल्द ही सारा सच सामने ले आएगी। Source link

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जमीन विवाद में फायरिंग के बाद से था फरार:जमीन कारोबारी महताब उर्फ...

लंबे समय से फरार जमीन कारोबारी महताब आलम उर्फ हड्डी को रांची पुलिस ने पं बंगाल के मंदारमनी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जमीन विवाद में हुई सरेआम फायरिंग की घटना के बाद से फरार था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि महताब अपनी पहचान छिपाकर कोलकाता के पास मंदारमनी इलाके में रह रहा है। सूचना मिलते रांची पुलिस ने विशेष टीम बनाई। टीम बंगाल पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को जमीन विवाद को लेकर हुई फायरिंग की घटना के बाद महताब आलम फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही थी, लेकिन वह ठिकाना बदलकर बचता रहा। गिरफ्तार महताब आलम मूल रूप से रांची के सुकुरहुटू का रहने वाला है। वह लंबे समय से जमीन के कारोबार से जुड़ा हुआ था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से जमीन से जुड़े कई विवादों और अन्य आपराधिक मामलों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उसके पूरे आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि फरारी के दौरान उसे किन-किन लोगों ने शरण दी और किसने उसकी मदद की। पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। Source link

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रांची में स्थायी कैट बेंच गठन मामला:हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा,...

राजधानी रांची में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) का स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के आदेश पर कार्मिक विभाग और विधि एवं न्याय मंत्रालय से 14 अगस्त तक जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि पिछली सुनवाई में दिए गए रुख के अनुरूप अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एक पत्र का हवाला देते हुए कहा गया कि रांची में स्थायी कैट बेंच स्थापित करने का प्रस्ताव नहीं है, क्योंकि यहां ऐसे मामलों की संख्या कम है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि पिछली सुनवाई में बताया गया था कि रांची में स्थायी बेंच की स्थापना की फाइल विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन है और जल्द सकारात्मक परिणाम आएंगे। याचिकाकर्ता प्रदीप कुमार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पटना में कैट की स्थायी बेंच है, रांची में सर्किट बेंच संचालित है। राज्य सरकार स्थायी बेंच के लिए 2 एकड़ जमीन भी दे चुकी है। केंद्रीय कर्मियों के सेवा विवाद से जुड़े 800 से अधिक मामले लंबित हैं। स्थायी बेंच बनने से त्वरित निपटारा होगा। Source link

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