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लातेहार के चंदवा में कोयला लोड हाइवा दुकान में घुसा:हादसे में चार...

लातेहार जिले के चंदवा स्थित इंदिरा गांधी चौक पर शनिवार तड़के करीब 4 बजे एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। बालूमाथ की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कोयला लोड हाइवा अनियंत्रित होकर मैक्लुस्कीगंज से आ रहे एक ट्रक से टकरा गई और चौक पर स्थित एसके सुपर मार्ट दुकान में जा घुसी। इस हादसे में हाइवा चालक सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों की पहचान हाइवा चालक कार्तिक कुमार, रिंकू यादव, जोभा भुईयां और श्री राम दुबे के रूप में हुई है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि हाइवा और ट्रक दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि दुकान को भी काफी नुकसान पहुंचा। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा दुर्घटना के बाद एनएच-75 (रांची–मेदिनीनगर मार्ग), एनएच-99 (रांची–चतरा मार्ग) और चंदवा–मैक्लुस्कीगंज सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क पर हाइवा फंसे होने के कारण चारों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त हाइवा को हटाया जा सका। इसके बाद सुबह लगभग 9 बजे यातायात व्यवस्था बहाल हुई। इस दौरान चंदवा शहर में भारी वाहनों का भीषण जाम लगा रहा। सूचना मिलते ही पुनि सह थाना प्रभारी अशोक कुमार के नेतृत्व में चंदवा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारु करने में सहयोग किया और वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करते हुए स्थिति को सामान्य कराया। पुलिस ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त हाईवा में लदा कोयला वैध था या अवैध, इसकी जांच की जा रही है। मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है। Source link

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एनडीए के 24… महज 4 MLA की कमी, राज्यसभा चुनाव में कौन...

Last Updated:June 13, 2026, 12:29 IST Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में दो सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर 18 जून को मत डाले जाएंगे. खास बात यह कि इन दो सीटों के लिए तीन कैंडिडेट मैदान में हैं. ऐसे में जीत की जुगाड़ में पार्टी संभावित क्रॉस वोटिंग और सहयोगी दलों के समर्थन पर नजर बनाए हुए है. झारखंड राज्यसभा चुनाव: बैद्यनाथ राम और प्रणव झा के मुकाबले परिमल नाथवानी, सरयू राय का बड़ा बयान. रांची. झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है. ऐसा इसलिए है कि सीटें दो हैं और उम्मीदवार तीन. इंडिया ब्लॉक से दो कैंडिडेट झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने दिए हैं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने अपना कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा है. हालांकि, एनडीए ने परिमल नाथवानी को समर्थन देने की घोषणा की है, लेकिन पेच सीटों की संख्या को लेकर फंस गया है. लेकिन, भाजपा समर्थित प्रत्याशी को जीत के लिए चार अतिरिक्त वोटों की जरूरत है, जिसके चलते पार्टी संभावित क्रॉस वोटिंग और सहयोगी दलों के समर्थन पर नजर बनाए हुए है. इस बीच वरिष्ठ विधायक सरयू राय ने इशारा किया है कि संख्या बल की कमी के बावजूद, सत्ता पक्ष के कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं, जिससे एनडीए की जीत के समीकरण बदल सकते हैं. दरअसल, दो सीटों पर होने वाले इस मुकाबले में तीन दिग्गज उम्मीदवारों की एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प हो गया है. इंडिया गठबंधन की ओर से झामुमो के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा मैदान में हैं, जबकि एनडीए ने निर्दलीय उम्मीदवार और जाने-माने उद्योगपति परिमल नाथवानी को अपना खुला समर्थन दिया है. हालांकि संख्या बल के आधार पर झामुमो की एक सीट सुरक्षित मानी जा रही है, लेकिन दूसरी सीट के लिए एनडीए और कांग्रेस के बीच शह-मात का खेल जारी है. वर्तमान में एनडीए के पास 24 विधायक हैं और अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए उन्हें केवल 4 अतिरिक्त वोटों की जुगाड़ है, जिसके लिए विपक्षी गठबंधन के विधायकों में ‘अंतरात्मा की आवाज’ पर क्रॉस वोटिंग कराने की रणनीति पर काम चल रहा है, जिससे एनडीए की जीत के समीकरण बदल सकते हैं. एनडीए के 24 विधायक, 4 की कमी इसी को लेकर झारखंड के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सरयू राय ने कहा कि वर्तमान में एनडीए के पास 24 विधायक हैं और बहुमत के लिए केवल 4 विधायकों की कमी है. उन्होंने संभावना जताई कि विपक्षी खेमे के 6 से 7 विधायक जहां है, वहां अपनी शर्तों पर अंतरात्मा की आवाज सुनकर एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं. ऐसे में राज्यसभा की दोनों सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटे हैं. एनडीए खेमे की नजर अब उन विधायकों पर है जो नाराज चल रहे हैं या अपनी शर्तें मनवाना चाहते हैं. परिमल नाथवानी ने बदला समीकरण बता दें कि निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन को वैध घोषित किए जाने के बाद से ही चुनावी मैदान पूरी तरह सज चुका है. नाथवानी को भाजपा, आजसू और एनडीए के अन्य घटक दलों का पूरा समर्थन प्राप्त है. राजनीति के जानकारों का मानना है कि परिमल नाथवानी की मजबूत पकड़ और एनडीए की रणनीति के चलते दूसरी सीट पर कांग्रेस के प्रणव झा के लिए राह आसान नहीं रहने वाली है. बीजेपी को महज 3 से 4 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है, जिसे हासिल करने के लिए पर्दे के पीछे से भारी गोटियां बिछाई जा रही हैं. सरयू राय के संकेत को समझिए वहीं, सरयू राय ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि विपक्षी खेमे यानी इंडिया गठबंधन के विधायक एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं. सरयू राय के इस दावे के बाद कांग्रेस और झामुमो के भीतर क्रॉस वोटिंग का डर इतना गहरा गया है कि गठबंधन अपने विधायकों को टूटने से बचाने के लिए जुगत लगा रहा है. इसके लिए ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ तक का सहारा लेने की बात कही जा रही है और विधायकों को राज्य से बाहर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी की चर्चा है. क्रॉस वोटिंग रोकना सबसे अहम खास बात यह है कि राज्यसभा का चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से होता है और दलीय व्हिप घोषित तौर पर लागू नहीं होता है, ऐसे में क्रॉस वोटिंग की संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं, इसलिए इस बार पोलिंग एजेंटों की भूमिका निर्णायक होने वाली है. नियमों के अनुसार, विधायकों को अपना मतपत्र पेटी में डालने से पहले अपनी पार्टी के अधिकृत पोलिंग एजेंट को दिखाना अनिवार्य होता है. ऐसे में अगर कोई विधायक बगावत कर पार्टी लाइन से अलग वोट करता है, तो उसकी सदस्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Ranchi,Jharkhand Source link

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लातेहार में हुआ सड़क हादसा; 2 युवक मरे:तीखे मोड़ पर आपस में...

लातेहार सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोने पिकेट के आगे खुटगड़ी गांव के पास तीखे पर कार और बाइक की सीधी टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की जान चली गई। वहीं बाइक को चपेट में लेने के बाद कार पास ही पेड़ से जा टकराई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार संख्या JH03 AW 6472 सरयू की ओर से लातेहार आ रही थी, जबकि बाइक पर सवार दो युवक लातेहार से सरयू की ओर जा रहे थे। इसी दौरान खुटगड़ी गांव के पास आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। अब तक मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। हादसे के बाद पेड़ से टकराई कार मिली जानकारी के अनुसार टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। इससे कार और बाइक दोनों के परखच्चे उड़ गए। हादसे के तुरंत बाद कार में सवार दोनों व्यक्ति मौके से फरार हो गए। दुर्घटना की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों ने देखा कि दोनों युवक गंभीर हालत में सड़क पर पड़े हुए हैं। जब उनकी जांच की गई तो दोनों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी। इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शवों की पहचान कराने का प्रयास जारी घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी के निर्देश पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। थाना प्रभारी प्रमोद सिन्हा ने बताया कि फरार कार सवारों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। दुर्घटनाग्रस्त कार के आधार पर वाहन मालिक और चालक की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, मृतकों की पहचान के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों को भी सूचना भेजी गई है। घटना की जानकारी मिलने पर प्रखंड उपप्रमुख राजकुमार प्रसाद और पूर्व मुखिया जुलेश्वर लोहरा भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। Source link

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गिरिडीह में छत के रास्ते घुस उड़ा लिए पैसे-जेवर:घर से 200 मीटर...

गिरिडीह के जमुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत नवडीहा ओपी के चोरगत्ता गांव में शुक्रवार देर रात एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने घर में घुसकर लाखों रुपए के जेवरात, नकदी और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज चुरा लिए। यह घटना मदन चौधरी के घर में उस समय हुई, जब परिवार के सभी सदस्य गर्मी के कारण छत पर सो रहे थे। परिजनों ने बताया कि चोर घर के पीछे की ओर से छज्जे के सहारे छत पर चढ़े और फिर अंदर उतरकर मुख्य दरवाजा खोल लिया। इसके बाद उन्होंने घर में रखे लगभग 25 लाख रुपए के जेवरात और 50 हजार रुपए नकद पर हाथ साफ कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद चोर आराम से फरार हो गए। सुबह जब परिवार के लोग नीचे उतरे तो घर का सामान बिखरा देख उनके होश उड़ गए। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखें… चोरी के पीछे पुराने विवाद का कनेक्शन घटना के बाद पीड़ित परिवार ने जमीन से जुड़े दस्तावेज चोरी होने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि जेवर और नकदी की चोरी तो सामान्य बात हो सकती है, लेकिन जमीन के कागजात चुराए जाना किसी साजिश की ओर इशारा करता है। मदन चौधरी के पुत्र संतोष कुमार चौधरी ने बताया कि वर्ष 2007 से गांव के कुछ लोगों के साथ उनका जमीन संबंधी विवाद चल रहा है। उन्होंने अभिमन्यु चौधरी, राजदेव चौधरी, अभिनाश चौधरी, महेश चौधरी, प्रदीप चौधरी, फुलेंद्र चौधरी और मनोज चौधरी पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि जमीन के कागजात चोरी होने के पीछे इन्हीं लोगों की भूमिका हो सकती है। घटना के बाद घर से करीब 200 मीटर दूर एक बक्सा और जेवर रखने का खाली डिब्बा भी बरामद किया गया है। आवेदन मिलने के बाद होगी कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही नवडीहा ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। ओपी प्रभारी सबिता कुमारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जेवरात, नकदी और जमीन से जुड़े कागजात चोरी होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, पीड़ित परिवार ने बताया कि उनका जीवनयापन ट्रक चलाकर और खेती-बाड़ी पर निर्भर है। Source link

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जब ‘बाघ देश’ पलामू में मचता था पक्षियों का कत्लेआम, पेरिस की...

Last Updated:June 13, 2026, 11:40 IST आज देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने वाला पलामू टाइगर रिजर्व कभी ‘बाघ देश’ के नाम से मशहूर था. उस दौर में यहां बाघों और अन्य वन्यजीवों की भरमार थी. अपनी समृद्ध जैव-विविधता और घने जंगलों के कारण पलामू की पहचान देश ही नहीं, दुनिया भर में थी. यहां के जंगल वन्यजीवों और दुर्लभ पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय माने जाते थे.  पलामू: झारखंड का पलामू टाइगर रिजर्व आज देश-विदेश के पर्यटकों के बीच खास पहचान बना चुका है. प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों के कारण यह लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है. हालांकि, पलामू का इतिहास आज से कहीं अधिक समृद्ध और रोचक रहा है. एक समय ऐसा भी था जब यह क्षेत्र ‘बाघ देश’ के नाम से जाना जाता था. उस दौर में पलामू न केवल बाघों और अन्य वन्यजीवों की बड़ी आबादी के लिए प्रसिद्ध था, बल्कि अपनी अनूठी जैव-विविधता के कारण भी दुनिया भर में चर्चित था. अनेक प्रकार के पक्षियों की भरमारपलामू जिले के विशेषज्ञ डॉ. डी. एस. श्रीवास्तव ने लोकल18 को बताया कि यह कहानी सैकड़ों वर्ष पुरानी है. उस समय पलामू के घने जंगल, तालाब, आहर और प्राकृतिक जलस्रोत वन्यजीवों और पक्षियों के लिए आदर्श आवास माने जाते थे. यहां बाघ, हिरण और अनेक प्रकार के पक्षियों की भरमार थी. इन्हीं पक्षियों में किंगफिशर भी शामिल था, जो अपने आकर्षक और रंग-बिरंगे पंखों के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध था. उस समय यह पक्षी क्षेत्र के लगभग हर जलस्रोत के आसपास आसानी से देखा जा सकता था. चमकीले पंखों की विदेशों में मांगउन्होंने बताया कि ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में पलामू के जंगलों में किंगफिशर पक्षियों की बड़ी संख्या मौजूद थी. लेकिन इनके सुंदर और चमकीले पंखों की विदेशों में काफी मांग थी. इसी कारण पटना के मीरशिकार टोली से शिकारी दल पलामू पहुंचते थे और बड़ी संख्या में इन पक्षियों का शिकार करते थे. पक्षियों को पकड़कर उनके रंगीन पंख निकाले जाते थे, जिन्हें व्यापारिक माध्यमों से फ्रांस की राजधानी पेरिस भेजा जाता था. पेरिस की महिलाओं के फैशनेबल हैटबताया जाता है कि उस दौर में पेरिस की महिलाओं के फैशनेबल हैट और परिधानों को सजाने के लिए इन रंग-बिरंगे पंखों का इस्तेमाल किया जाता था. केवल किंगफिशर ही नहीं, बल्कि अन्य पक्षियों और वन्यजीवों के अंगों का भी व्यापार होता था. स्थानीय स्तर पर चैनपुर और शाहपुर क्षेत्र के बहेलिया समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में पक्षियों का शिकार करते थे. शिकार किए गए पक्षियों की खाल और पंखों को सुखाकर व्यापारियों को बेच दिया जाता था. वैश्विक फैशन उद्योग की मांगडॉ. श्रीवास्तव के अनुसार, इन तथ्यों का उल्लेख वर्ष 1895 के सर्वे एवं सेटलमेंट रिकॉर्ड में मिलता है. तत्कालीन अधिकारी डी.एच.आई. सैंडर्स द्वारा तैयार पलामू संबंधी पहली रिपोर्ट में भी ऐसी गतिविधियों का जिक्र किया गया है. पलामू का यह इतिहास न केवल इसकी समृद्ध जैव-विविधता की कहानी बताता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह वन्यजीवों और पक्षियों का शिकार कभी वैश्विक फैशन उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए किया जाता था. आज जब वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है, तब पलामू का यह इतिहास प्रकृति और जैव-विविधता के संरक्षण के महत्व की महत्वपूर्ण याद दिलाता है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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एंबुलेंस नहीं मिली, ट्रैक्टर से अस्पताल ले जाते हुई मौत:जामताड़ा सिविल सर्जन...

जामताड़ा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एंबुलेंस सेवा की विफलता के कारण एक मरीज की जान चली गई। जामताड़ा प्रखंड के शहरबेरा गांव निवासी 43 वर्षीय मोनू टुडू की शुक्रवार रात करीब 8 बजे तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल किया, लेकिन काफी देर तक कोई सहायता नहीं मिली। आरोप है कि कॉल तक रिसीव नहीं किया गया। मरीज की हालत लगातार गंभीर होती देख परिजनों और ग्रामीणों ने मजबूरी में उन्हें खटिया पर लादकर ट्रैक्टर के माध्यम से सदर अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। समय पर मदद मिलती तो बच सकती थी जान मृतक की पत्नी और ग्रामीणों ने कहा कि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध हो जाती तो मोनू टुडू की जान बचाई जा सकती थी। सहिया मीणा मुर्मू ने बताया कि रात करीब 8:40 बजे 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल किया गया था, लेकिन फोन की घंटी बजती रही। किसी ने कॉल नहीं उठाया। गांव की सड़क खराब होने और रात का समय होने के कारण मरीज को ट्रैक्टर से अस्पताल ले जाना पड़ा। मृतक की पोती रूपलता हांसदा ने भी अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के जिले में ही लोगों को बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल रही है। उन्होंने सीधे तौर पर एंबुलेंस नहीं मिलने को ही अपने दादाजी की मौत का कारण बताया। जिले में 13 एंबुलेंस, 5 ही कर रहा काम सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद ने स्वीकार किया कि जिले में एंबुलेंस की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि जामताड़ा में कुल 13 एंबुलेंस हैं, जिनमें से केवल 5 ही चालू हालत में हैं, जबकि 8 एंबुलेंस खराब पड़ी हैं। कई एंबुलेंस छोटी-छोटी तकनीकी खराबियों के कारण बंद हैं। संबंधित एजेंसी समय पर मरम्मत नहीं करा रही है। इस संबंध में विभाग और एजेंसी को पत्र भी लिखा गया है। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो इस तरह की घटनाएं आगे भी दोहराई जाती रहेंगी। Source link

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धनबाद के युवक की मुंबई में मौत:काम के दौरान करंट की चपेट...

धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत जयनगर गांव निवासी 26 वर्षीय विकास कुमार महतो की महाराष्ट्र के मुंब में दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। वह वहां बिजली मिस्त्री के रूप में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार, विकास महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित सद्गुरु इलेक्ट्रिकल्स ट्रेडर्स में काम करते थे। शुक्रवार को वह बिजली लाइन पर मरम्मत का कार्य कर रहे थे, तभी अचानक तेज करंट की चपेट में आ गए। करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गए और जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद सहकर्मियों ने तुरंत उन्हें बचाने का प्रयास किया और इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने परिजनों को फोन कर हादसे की सूचना दी, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। शव गांव पहुंचते ही मची चीख-पुकार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देर रात एंबुलेंस से विकास का शव उनके पैतृक गांव जयनगर लाया गया। शव के गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में मातम का माहौल है। विकास अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन छोटी पुत्रियां हैं, जिनका भविष्य अब संकट में पड़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि विकास मेहनती और मिलनसार स्वभाव के थे तथा परिवार के बेहतर भविष्य के लिए बाहर रहकर काम कर रहे थे। सांसद पहुंचे गांव, मुआवजा दिलाने का दिया भरोसा घटना की जानकारी मिलने पर शनिवार को धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो जयनगर गांव पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। सांसद ने कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर कंपनी की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि परिवार को उचित मुआवजा मिल सके। साथ ही उन्होंने राज्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। Source link

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सस्ते में मिलेगा ‘शगुन’ वाला यूनिक गिफ्ट! रांची की इसी गली में...

Last Updated:June 13, 2026, 10:34 IST रांची के अपर बाजार स्थित महावीर चौक पर बजट-फ्रेंडली शादी के गिफ्ट्स की कई दुकानें मौजूद हैं. यहां मात्र ₹50 से ₹500 की रेंज में आकर्षक शो-पीस, फोटो फ्रेम, ब्राइडल किट और कस्टमाइज्ड शगुन गिफ्ट मिलते हैं. कम बजट में बेहतरीन और यूनिक उपहार खरीदने के लिए यह जगह बिल्कुल परफेक्ट है. शादी के इस सीजन में अगर आप बजट के अनुकूल गिफ्ट की तलाश में हैं, तो रांची के अपर बाजार स्थित महावीर चौक के समीप आ सकते हैं. यहां आपको बजट-फ्रेंडली शो-पीस, फोटो फ्रेम और अन्य उपहारों की 10 से 12 दुकानें एक ही कतार में मिल जाएंगी. कम खर्च में बेहतरीन गिफ्ट खरीदने के लिए यह जगह बिल्कुल परफेक्ट है. यहां मात्र ₹50 से ₹500 की रेंज में एक से बढ़कर एक उपहार उपलब्ध हैं. गैलरी गिफ्ट स्टोर के संचालक अमित ने बताया कि उनके पास ₹50 से शो-पीस की शुरुआत हो जाती है. इसके अलावा, राधा-कृष्ण का बड़ा फोटो फ्रेम सिर्फ ₹200 में मिल जाएगा. जिसे वे तुरंत पैक भी करके देते हैं. अगर आपका बजट ₹400 से ₹500 का है, तो यहां घर सजाने के लिए खूबसूरत पॉट और आर्टिफिशियल फ्लावर्स मिल जाएंगे. प्रदीप गैलरी स्टोर के संचालक प्रदीप ने बताया कि इस रेंज में राधा-कृष्ण, गणेश जी की प्रतिमा और कपल डांसिंग जैसे कई बड़े आकार के शो-पीस उपलब्ध हैं. ये दिखने में काफी आकर्षक और उपहार देने के लिए बेहतरीन हैं. Add News18 as Preferred Source on Google यदि आप दुल्हन को उपहार देना चाहते हैं, तो ₹500 के अंदर ब्राइडल चूड़ी सेट और उसका पूरा किट उपलब्ध है. वहीं, दूल्हे के लिए टाई, पर्स और पेन का एक शानदार कॉम्बो सेट मिल जाएगा. इन दुकानों पर शादी के गिफ्ट के लिए कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं. जिन्हें आप अपनी पसंद और बजट के अनुसार आसानी से चुन सकते हैं. यहां आप अपनी पसंद के अनुसार कोई भी पांच चीजें चुनकर गिफ्ट कस्टमाइज भी करवा सकते हैं. इन चीजों को एक खूबसूरत, डिजाइनर और रंग-बिरंगी चुनरी में बांधकर बिल्कुल ‘शगुन’ की तरह तैयार कर दिया जाता है. इस कस्टमाइज्ड गिफ्ट पैक की कीमत भी ₹500 के अंदर ही होती है. कम बजट में एक बेहद यूनिक, पारंपरिक और खूबसूरत उपहार देने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है. Source link

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यूपी में पलामू के चार लोग मरे; एक घायल:किछौछा शरीफ से लौटते...

उत्तर प्रदेश के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत देवगांव इलाके में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में झारखंड के पलामू जिले के चार लोगों की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की कुछ तस्वीरें देखें… मृतकों में शहर के जाने-माने कारोबारी शामिल इस हादसे में मेदिनीनगर के तीन कारोबारियों की जान चली गई। मृतकों में मेदिनीनगर स्थित किताब घर के संचालक हाफिज रज्जाक, जनता मेडिकल से जुड़े कैश अंसारी, सब्जी मंडी के व्यवसायी शोहराब राईन और कार चालक शामिल हैं। कार चालक की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। उसकी शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। वहीं, चूड़ी कारोबारी अजमल इस दुर्घटना में घायल हुए हैं। उनका इलाज चल रहा है। शादी के बाद गए थे किछौछा शरीफ प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी लोग शुक्रवार को बिहार के डेहरी में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। शादी समारोह के बाद वे उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल किछौछा शरीफ की यात्रा पर निकले थे। वहां से वापस लौटते समय रात करीब 12:30 बजे उनकी कार हादसे का शिकार हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रक की गति काफी तेज थी, जिससे टक्कर के बाद गंभीर हादसा हो गया। मेदिनीनगर में मचा कोहराम शनिवार सुबह करीब 8 बजे जैसे ही इस हादसे की सूचना मेदिनीनगर पहुंची, पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और रिश्तेदार घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। उधर, स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद सभी शवों को मेदिनीनगर लाया जाएगा। Source link

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अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचना शीर्ष प्राथमिकता : बसंत

दुमका | सदर प्रखंड में शुक्रवार को कल्याण विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में दुमका के विधायक बसंत सोरेन ने लाभुकों के बीच विभिन्न योजनाओं से संबंधित परिसंपत्तियों का वितरण किया। कार्यक्रम में कला केंद्र के लिए वाद्य यंत्र, जाहेर थान के लिए पूजा सामग्री, सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन स्वीकृति पत्र, पशुपालन विभाग की ओर से बत्तख, दिव्यांगजनों के लिए ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया। विधायक बसंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार की प्राथमिकता गांव-गांव तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। सामाजिक सुरक्षा, स्वरोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कला केंद्र के वाद्य यंत्रों से हमारी संस्कृति और परंपरा मजबूत होगी। पेंशन और ट्राईसाइकिल से जरूरतमंद लोगों को सीधी राहत मिलेगी। Source link

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