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4 युवकों को रातभर बांधकर पीटा:बकरी चोरी करने आए थे, एक की...

गुमला से कार से आए थे मुरहू मुरहू थाना क्षेत्र की रूमुतकेल पंचायत के बिंदादीरी गांव में रविवार देर रात बकरी चोरी करने आए चार युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। आरोप है कि ग्रामीणों ने चारों की हॉकी स्टिक और लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद उन्हें गांव के पास जंगल में ले जाकर पेड़ों से बांध दिया और पूरी रात वहीं रखा। सोमवार सुबह पुलिस ने तीन लोगों को मुक्त कराया। गंभीर रूप से घायल दिलदार अंसारी की इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई, जबकि फिरोज अंसारी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। चौथा युवक गुड्डू अंसारी रात में ही किसी तरह वहां से भाग निकला था। जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 12 बजे चारों युवक ऑल्टो कार से बिंदादीरी गांव पहुंचे थे। वे बकरियां कार में लाद रहे थे। इसी दौरान बकरियों की आवाज सुनकर ग्रामीणों की नींद खुल गई। देखते ही देखते करीब 35 से 40 ग्रामीण मौके पर जुट गए और चारों को घेर लिया। ग्रामीणों ने उनकी जमकर पिटाई की और बाद में रस्सी से बांधकर गांव के समीप जंगल में ले गए। वहां सभी को अलग-अलग पेड़ों से बांध दिया गया। रात के दौरान गुड्डू अंसारी किसी तरह बंधन से छूटकर वहां से निकलने में सफल रहा और ऑल्टो कार लेकर फरार हो गया। सोमवार सुबह घटना की सूचना मिलने पर एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव पहुंची। पुलिस ने जंगल से दिलदार अंसारी, फिरोज अंसारी और निजाम अंसारी को मुक्त कराया। गंभीर रूप से घायल दिलदार अंसारी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। फिरोज अंसारी की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि निजाम अंसारी को अपेक्षाकृत कम चोटें आई हैं। एफआईआर दर्ज, सभी आरोपी गुमला के सिसई के रहने वाले अस्पताल में भर्ती फिरोज अंसारी ने बताया कि चारों गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र के बगनी गांव के रहने वाले हैं। उसका कहना है कि ग्रामीणों ने पकड़ने के बाद पूरी रात उन्हें जंगल में पेड़ों से बांधकर रखा। एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चारों के बकरी चोरी करने की नीयत से गांव आने की बात सामने आई है। घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है। घायल निजाम अंसारी के बयान पर केस दर्ज कर लिया गया है। घटना में शामिल ग्रामीणों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Source link

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There were 56.61 lakh beneficiaries in January 2025, now it has become...

रांची16 घंटे पहलेलेखक: विनय चतुर्वेदी कॉपी लिंक 6.38 लाख नाम कटे, रांची में सबसे ज्यादा 64,927 और धनबाद में 53,746 महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों का सत्यापन पूरा हो गया। डेढ़ साल में 6.38 लाख अपात्र और फर्जी लाभुक सूची से बाहर हो गए। जनवरी 2025 में इस योजना के लाभुकों की संख्या 56.61 लाख थी, जो जुलाई 2025 में घटकर 50.23 लाख पर पहुंच गई। सत्यापन के बाद अधिकतर जिलों में जून-जुलाई की राशि लाभुकों के खाते में भेज दी गई है। ​कुछ जिलों में जुलाई की राशि ट्रांसफर करने का काम चल रहा है। जनवरी 2025 की तुलना में रांची में सबसे ज्यादा 64,927 और धनबाद में 53,746 अपात्र लाभुकों के नाम काटे गए हैं। यह योजना 18 अगस्त 2024 को शुरू हुई थी। शुरुआत में 18 से 50 साल की महिलाओं को 1000 रुपए प्रति माह सहायता राशि दी जाती थी। फिर दिसंबर 2024 में कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह राशि बढ़ाकर 2500 रुपए कर दी गई। छह जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में एक भव्य कार्यक्रम में बढ़ी हुई राशि की पहली किस्त 56.61 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की थी। इसके बाद इसमें फर्जीवाड़ा शुरू हो गया। इसे देखते हुए सरकार ने सत्यापन कराने का फैसला किया। अक्टूबर में हुई पहली छंटनी के बाद लाभुकों की संख्या घटकर 51.04 लाख हो गई है। इस साल अप्रैल से एक बार फिर सत्यापन शुरू हुआ तो लाभुकों की संख्या घटकर 50.23 लाख पर पहुंच गई। जिला जनवरी 2025 जून 2026 घटे बोकारो 3,60,938 3,20,000 40,938 चतरा 1,98,238 1,75,816 22,422 देवघर 2,85,377 2,40,392 44,985 धनबाद 4,00,030 3,46,284 53,746 दुमका 2,22,310 2,03,310 19,000 पू. सिंहभूम 3,07,333 2,85,704 21,629 गढ़वा 2,42,502 2,23,412 19,090 गिरिडीह 4,72,405 4,55,518 16,887 गोड्डा 2,24,736 1,94,681 30,055 गुमला 1,75,650 1,54,235 21,415 हजारीबाग 2,92,780 2,47,367 45,423 जामताड़ा 1,61,690 1,47,453 14,237 खूंटी 93,701 86,955 6,746 कोडरमा 1,39,370 1,33,043 6,327 लातेहार 1,44,637 1,29,110 15,527 लोहरदगा 1,01,814 86,955 14,859 पाकुड़ 1,99,202 1,53,228 45,974 पलामू 3,72,937 3,44,849 28,088 रामगढ़ 1,39,502 1,27,287 12,215 रांची 4,51,083 3,86,156 64,927 साहिबगंज 1,90,198 1,71,168 19,030 सरायकेला 1,68,492 1,54,815 13,677 सिमडेगा 99,156 82,785 16,371 प. सिंहभूम 2,17,710 1,72,557 45,153 इस आधार पर हुआ सत्यापन… जिन महिलाओं की उम्र 50 साल से ज्यादा हो गई, उनके नाम हटा दिए गए। जिन खातों में बायोमेट्रिक ई-केवाईसी या आधार सीडिंग पेंडिंग थी या फर्जी खाते मिले, उनके नाम काटे गए। खाद्य आपूर्ति विभाग के राशन कार्ड डेटाबेस से मिलान किया गया। परिवार में दोहराव पाए जाने पर छंटनी हुई। जिन महिलाओं को केंद्र या राज्य की अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रही थी, उन्हें अपात्र घोषित किया गया। आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों की महिलाओं की छंटनी की गई। वैसे नाम भी काटे गए, जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी या पेंशनधारक मिले। लेकिन नए नाम नहीं जुड़े: इस योजना के लिए 18 से 50 वर्ष की महिलाएं पात्र होती हैं। योजना में शामिल जिन महिलाओं की उम्र 50 साल से ज्यादा हो गई, उनके नाम काट दिए गए। लेकिन 18 साल की किसी भी नई महिला का नाम योजना में शामिल नहीं किया गया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

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जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन को समन:आज सीआईडी के तीखे सवालों से होगा...

पूछताछ में पांच आरोपियों से मिले इनपुट के बाद भेजा समन झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी मामले में सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते को समन जारी किया है। उन्हें मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। जांच एजेंसी इस मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता और परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, माकेर्टिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, दो तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान व एबाद से पिछले तीन दिन से पूछताछ कर रही है। तीसरे दिन सोमवार को पूछताछ के दौरान सीआईडी को कुछ इनपुट मिले। इसी के आधार पर ख्यांगते को समन जारी किया गया। अब सीआईडी ख्यांगते से टीडीपीएल को टेंडर आवंटन और परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी सौंपनी की पूरी प्रक्रिया पर जवाब-तलब करेगी। उनसे पूछा जाएगा कि जब​ टीडीपीएल को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया था तो उसे जेपीएससी जैसी सर्वोच्च चयन संस्था की परीक्षा संचालित करने का टेंडर कै​से दिया गया। परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए उन्होंने क्या कदम उठज्ञए। निगरानी तंत्र क्या था। ओएमआर शीट में हेराफेरी के बीच वे चुप क्यों रहे। क्या इन गड़बड़ियों को बढ़ावा देने या अनदेखी करने में उनकी कोई भूमिका थी।सीआईडी की टीम इन सभी बिंदुओं पर पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ करेगी। इधर, पूछताछ से पहले एल ख्यांगते ने चुप्पी तोड़ी, कहा… मैं चुनौतियों से भागने वाला नहीं… 40 लाख रु. में सीट बिकने के आरोपों की गहराई से जांच हो सीआईडी की पूछताछ से ठीक पहले सोमवार को ख्यांगते ने चुप्पी तोड़ी। मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने जो भी फैसले लिए, वे रूल्स ऑफ प्रोसीजर के तहत लिए थे। जेपीएससी की जिम्मेदारी उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन वे किसी भी चुनौती से भागने वाले इंसान नहीं हैं। उनके पद संभालने से पहले कई पुरानी परीक्षाओं के परिणाम अटके थे। व्यवस्था में सुधार की सख्त जरूरत थी। उन्होंने लंबित रिजल्ट का प्रशासन शुरू कराया, परीक्षा आयोजित कराईं। प्रशासनिक सुधार करते हुए शिक्षकों की प्रोन्नति प्रक्रिया को पूरा किया। 40 लाख रुपए में सीट बिकने के आरोपों पर कहा कि ये बातें उनके संज्ञान में भी आई है। अगर इसमें रत्तीभर भी सच्चाई है तो जांच एजेंसी को इसकी तह में जाकर गहराई से जांच करनी चाहिए, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाइ हो सके। पीटी या मेन्स रिजल्ट में आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं… रिजल्ट पर आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर न होने के विवाद पर उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए सफाई दी। उन्होंने कहा कि रूल ऑफ प्रोसीजर-2002 के तहत पीटी या मेन्स के रिजल्ट में आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं होते। सिर्फ फाइनल रिजल्ट की प्रोसेसिंग के दौरान तीन सदस्यीय कमेटी स्क्रूटनी करती है। अंत में इसे चेयरमैन अप्रूव करता है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील प्रक्रिया में अकेले फैसला लेना सही नहीं होता। आयोग में सदस्यों के साथ हुई गोपनीय बातचीत के आधार पर ही हस्ताक्षर न कराने का सर्वसम्मति से फैसला लिया गया था। एजेंसी के ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी नहीं थी ब्लैकलिस्टेड एजेंसी के चयन के सवाल पर पूर्व चेयरमैन ने कहा कि आयोग खुद साफ-सुथरी एजेंसी को ही काम देना चाहता है। ब्लैकलिस्टेड एजेंसी से बचता है। जिस समय एजेंसी का चयन हुआ था, उसके ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी आयोग को नहीं थी। यह कोई प्रशासनिक चूक थी या एजेंसी बाद में ब्लैकलिस्ट हुई, यह सीआईडी की जांच का विषय है। छह माह पहले मिली शिकायतों पर ध्यान न देने के आरोप पर उन्होंने कहा कि ईमेल पर रोजाना दर्जनों शिकायतें आती हैं। वे प्लीज लुक इनटू दिस लिखकर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारी को भेज देते थे। वहीं, सीआईडी जांच के तरीके पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों और सीबीआई जांच की मांग पर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे सीआईडी की जांच का पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि रिमांड पर लिए गए आरोपियों और फाइलों की छानबीन से जांच एजेंसी जल्द ही सारा सच सामने ले आएगी। Source link

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जमीन विवाद में फायरिंग के बाद से था फरार:जमीन कारोबारी महताब उर्फ...

लंबे समय से फरार जमीन कारोबारी महताब आलम उर्फ हड्डी को रांची पुलिस ने पं बंगाल के मंदारमनी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जमीन विवाद में हुई सरेआम फायरिंग की घटना के बाद से फरार था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि महताब अपनी पहचान छिपाकर कोलकाता के पास मंदारमनी इलाके में रह रहा है। सूचना मिलते रांची पुलिस ने विशेष टीम बनाई। टीम बंगाल पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को जमीन विवाद को लेकर हुई फायरिंग की घटना के बाद महताब आलम फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही थी, लेकिन वह ठिकाना बदलकर बचता रहा। गिरफ्तार महताब आलम मूल रूप से रांची के सुकुरहुटू का रहने वाला है। वह लंबे समय से जमीन के कारोबार से जुड़ा हुआ था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से जमीन से जुड़े कई विवादों और अन्य आपराधिक मामलों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उसके पूरे आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि फरारी के दौरान उसे किन-किन लोगों ने शरण दी और किसने उसकी मदद की। पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। Source link

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रांची में स्थायी कैट बेंच गठन मामला:हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा,...

राजधानी रांची में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) का स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के आदेश पर कार्मिक विभाग और विधि एवं न्याय मंत्रालय से 14 अगस्त तक जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि पिछली सुनवाई में दिए गए रुख के अनुरूप अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एक पत्र का हवाला देते हुए कहा गया कि रांची में स्थायी कैट बेंच स्थापित करने का प्रस्ताव नहीं है, क्योंकि यहां ऐसे मामलों की संख्या कम है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि पिछली सुनवाई में बताया गया था कि रांची में स्थायी बेंच की स्थापना की फाइल विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन है और जल्द सकारात्मक परिणाम आएंगे। याचिकाकर्ता प्रदीप कुमार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पटना में कैट की स्थायी बेंच है, रांची में सर्किट बेंच संचालित है। राज्य सरकार स्थायी बेंच के लिए 2 एकड़ जमीन भी दे चुकी है। केंद्रीय कर्मियों के सेवा विवाद से जुड़े 800 से अधिक मामले लंबित हैं। स्थायी बेंच बनने से त्वरित निपटारा होगा। Source link

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श्रावणी मेले से पहले देवघर नगरी सजकर तैयार:प्रमुख चौक, मंदिर और सरकारी...

विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 के शुभारंभ से पहले बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर को पूरी तरह सजाया गया है। शहर की भव्य साज-सज्जा और रंग-बिरंगी रोशनी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही है। शाम ढलते ही पूरे शहर में भक्ति और उत्सव का माहौल बन जाता है। श्रद्धालुओं की सुविधा और मेले की भव्यता को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख चौक, मंदिर परिसर, सरकारी भवनों और मुख्य मार्गों को आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर, शिवराम झा चौक, टावर चौक, बीआईडीपी (वीआईपी) चौक, देवघर रेलवे स्टेशन, उपायुक्त कार्यालय (डीसी ऑफिस) और अंबेडकर चौक सहित कई प्रमुख स्थान रंग-बिरंगी एलईडी लाइटों से जगमगा रहे हैं। रात्रि के समय ये स्थान विशेष रूप से आकर्षक दिखते हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इन दृश्यों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर रहे हैं। पूरी नगरी में आध्यात्मिक वातावरण के साथ उत्सव का माहौल बना हुआ है। जिला प्रशासन ने श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। शहर की यह आकर्षक सजावट न केवल श्रद्धालुओं के स्वागत का प्रतीक है, बल्कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की भव्यता और देवघर की धार्मिक गरिमा को भी उजागर करती है। Source link

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आदित्यपुर में ड्रग्स अभियान:छापेमारी में भारी नकदी मिली, एक युवक हिरासत में;...

सरायकेला-खरसावां एसपी मनोज स्वर्गियारी के निर्देश पर आदित्यपुर थाना क्षेत्र में ड्रग्स कारोबारियों और फरार अभियुक्तों के खिलाफ विशेष अभियान सोमवार से जारी है। यह अभियान मंगलवार को भी जारी रहा, जिसमें पुलिस ने कई संवेदनशील इलाकों में सघन छापेमारी की। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे आदित्यपुर पुलिस ने राम मड़ैया बस्ती, मुस्लिम बस्ती और इमली चौक सहित विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में दल-बल के साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान ड्रग्स कारोबार से जुड़े संदिग्ध ठिकानों की गहन जांच की गई। पार्कों, चौक-चौराहों और शराब दुकानों के आसपास बाइक पेट्रोलिंग कर असामाजिक तत्वों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुस्लिम बस्ती से भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई है। हालांकि, बरामद रकम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, क्योंकि नोटों की गिनती जारी है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ड्रग्स कारोबार से जुड़े संदिग्ध लालटू की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। इस अभियान में एक युवक को भी हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ जारी है। एसपी मनोज स्वर्गियारी ने बताया कि बरामद नकदी और पूरे मामले का विस्तृत खुलासा नोटों की गिनती पूरी होने के बाद प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में ड्रग्स तस्करी, फरार अपराधियों और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस पूरे नेटवर्क तक पहुंचने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। Source link

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Jharkhand CM Hemant Soren Launches IDTR Jamshedpur

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में परिवहन विभाग एवं टाटा मोटर्स लिमिटेड के मध्य इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR), जमशेदपुर की स्थापना के लिए आयोजित एमओयू हस्ताक्षर समारोह में सम्मिलित हुए। . इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षित, कुशल एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था के विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण ड्राइविंग प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। IDTR की स्थापना से युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी तथा राज्य में सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। टाटा मोटर्स लिमिटेड के सहयोग से स्थापित होने वाला यह संस्थान प्रशिक्षित एवं दक्ष चालकों के निर्माण के साथ परिवहन क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे ड्राइविंग प्रशिक्षण की गुणवत्ता को नई दिशा मिलेगी और आधुनिक सुविधाओं और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सीएम ने विशेष रूप से हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस एवं लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने पर बल दिया। ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने पर मुख्यमंत्री ने दिया जोर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों के लाभुकों से सीधा संवाद कर ड्राइविंग लाइसेंस एवं लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने आवेदन की समयावधि, वाहन श्रेणी तथा लाइसेंस प्राप्ति में आने वाली संभावित कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी आवेदक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विशेष रूप से हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस एवं लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने पर बल दिया। साथ ही, सभी डीसी को लंबित आवेदनों की समीक्षा कर उनका त्वरित एवं पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस दौरान पलामू, सरायकेला-खरसावां, धनबाद सहित विभिन्न जिलों के लाभुकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिला एवं पुरुष दोनों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए दृढ़तापूर्वक प्रतिबद्ध है। परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए महिलाओं के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण, लर्निंग लाइसेंस एवं ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को अधिक सरल, सुलभ एवं पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि वे कौशल विकास से जुड़कर रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं संस्थागत सहयोग सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन परिवहन विभाग एवं टाटा मोटर्स लिमिटेड के मध्य इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR), जमशेदपुर की स्थापना के लिए आयोजित एमओयू हस्ताक्षर समारोह में सम्मिलित हुए। लंबित ड्राइविंग लाइसेंस आवेदनों के शीघ्र निष्पादन के दिए निर्देश अंत में मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को पूरी प्रतिबद्धता एवं दक्षता के साथ कार्य करते हुए ड्राइविंग लाइसेंस एवं लर्निंग लाइसेंस से संबंधित सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र आवेदक को पारदर्शी एवं सुगम प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित समय पर लाइसेंस उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग के सतत प्रयासों से आम नागरिकों को बेहतर, त्वरित एवं जनोन्मुखी सेवाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मंत्री दीपक बिरुआ, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, सचिव राजीव रंजन, परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा, टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग छारिया, टाटा मोटर्स के जनरल मैनेजर गोलम मंडल सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे। Source link

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धनबाद में घरेलू विवाद में युवक की हत्या:पत्नी और नाबालिग बेटे पर...

धनबाद के मुनीडीह ओपी क्षेत्र में घरेलू विवाद के चलते एक व्यक्ति की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी और नाबालिग बेटे पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में पत्नी और नाबालिग पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। यह घटना मुनीडीह ओपी क्षेत्र के गोपीनाथडीह बस्ती स्थित वाशरी रोड पर हुई। यहां 31 वर्षीय बिसु बाउरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि देर रात बिसु का अपनी पत्नी के साथ घरेलू विवाद हुआ था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। ईंट-पत्थर और बेलन से हमला कर हत्या का आरोप मृतक के भाई, बहन और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया है कि बिसु बाउरी की पत्नी पूनम देवी और उसके नाबालिग बेटे ने ईंट, पत्थर, बेलन और अन्य वस्तुओं से हमला कर उसकी हत्या की है। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मुनीडीह ओपी प्रभारी मानिता कुमारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मौके से रॉड, डंडा, बेलन और ईंट जैसे सामान बरामद किए गए हैं। ओपी प्रभारी के अनुसार, मृतक के परिजनों के आरोपों के आधार पर पत्नी और नाबालिग पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Source link

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कोडरमा में बच्चे की तालाब में डूबने से मौत:दादी और चाचा के...

कोडरमा जिले के तिलैया डैम ओपी थाना क्षेत्र के चंद्रघट्टी गांव में एक दुखद घटना सामने आई है। यहां अपने चाचा के साथ खेत में काम करने गए 5 वर्षीय आरव कुमार की तालाब में डूबने से मौत हो गई। आरव मुकेश यादव का बेटा था। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की मां कुंती देवी बाँझेडीह के केटीपीएस में दाई का काम करती हैं, जबकि उसके पिता मुकेश यादव राजस्थान में मजदूरी करते हैं। मंगलवार को आरव की मां कुंती देवी अपने काम पर निकल गई थीं। इसके बाद आरव के चाचा गणेश यादव और उसकी दादी आरव और उसकी बहन को धान रोपने के लिए खेतों में अपने साथ ले गए। खेलते हुए आरव खेत के बगल में तालाब की ओर चला गया खेत में गणेश यादव और उसकी मां धान रोपने में व्यस्त हो गए। इसी दौरान खेलते हुए आरव खेत के बगल में स्थित एक तालाब की ओर चला गया। कुछ देर बाद जब गणेश ने आरव को अपने आसपास नहीं देखा, तो उसने उसे ढूंढना शुरू किया। जब वह तालाब की ओर गया, तो उसने आरव को तालाब की ऊपरी सतह पर अचेत अवस्था में उपलाता देखा। गणेश तुरंत आरव को तालाब से निकालकर सदर अस्पताल कोडरमा ले गया। वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने आरव को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही आरव की मां कुंती देवी घर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि उनकी गैर-मौजूदगी में उनके देवर और सास को आरव को खेत में नहीं ले जाना चाहिए था। कुंती देवी का कहना है कि आरव अगर खेत में नहीं गया होता तो आज यह दुर्घटना नहीं होती और उनका पुत्र जीवित रहता। बताते चले कि आरव अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। इस प्रकार से उसकी मौत से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है। इधर घटना की सूचना मिलते ही तिलैया डैम ओपी पुलिस चंद्रघट्टी पहुंची है और मामले की जांच कर रही है। Source link

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