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धनबाद के युवक की मुंबई में मौत:काम के दौरान करंट की चपेट...

धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत जयनगर गांव निवासी 26 वर्षीय विकास कुमार महतो की महाराष्ट्र के मुंब में दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। वह वहां बिजली मिस्त्री के रूप में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार, विकास महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित सद्गुरु इलेक्ट्रिकल्स ट्रेडर्स में काम करते थे। शुक्रवार को वह बिजली लाइन पर मरम्मत का कार्य कर रहे थे, तभी अचानक तेज करंट की चपेट में आ गए। करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गए और जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद सहकर्मियों ने तुरंत उन्हें बचाने का प्रयास किया और इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने परिजनों को फोन कर हादसे की सूचना दी, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। शव गांव पहुंचते ही मची चीख-पुकार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देर रात एंबुलेंस से विकास का शव उनके पैतृक गांव जयनगर लाया गया। शव के गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में मातम का माहौल है। विकास अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन छोटी पुत्रियां हैं, जिनका भविष्य अब संकट में पड़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि विकास मेहनती और मिलनसार स्वभाव के थे तथा परिवार के बेहतर भविष्य के लिए बाहर रहकर काम कर रहे थे। सांसद पहुंचे गांव, मुआवजा दिलाने का दिया भरोसा घटना की जानकारी मिलने पर शनिवार को धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो जयनगर गांव पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। सांसद ने कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर कंपनी की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि परिवार को उचित मुआवजा मिल सके। साथ ही उन्होंने राज्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। Source link

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सस्ते में मिलेगा ‘शगुन’ वाला यूनिक गिफ्ट! रांची की इसी गली में...

Last Updated:June 13, 2026, 10:34 IST रांची के अपर बाजार स्थित महावीर चौक पर बजट-फ्रेंडली शादी के गिफ्ट्स की कई दुकानें मौजूद हैं. यहां मात्र ₹50 से ₹500 की रेंज में आकर्षक शो-पीस, फोटो फ्रेम, ब्राइडल किट और कस्टमाइज्ड शगुन गिफ्ट मिलते हैं. कम बजट में बेहतरीन और यूनिक उपहार खरीदने के लिए यह जगह बिल्कुल परफेक्ट है. शादी के इस सीजन में अगर आप बजट के अनुकूल गिफ्ट की तलाश में हैं, तो रांची के अपर बाजार स्थित महावीर चौक के समीप आ सकते हैं. यहां आपको बजट-फ्रेंडली शो-पीस, फोटो फ्रेम और अन्य उपहारों की 10 से 12 दुकानें एक ही कतार में मिल जाएंगी. कम खर्च में बेहतरीन गिफ्ट खरीदने के लिए यह जगह बिल्कुल परफेक्ट है. यहां मात्र ₹50 से ₹500 की रेंज में एक से बढ़कर एक उपहार उपलब्ध हैं. गैलरी गिफ्ट स्टोर के संचालक अमित ने बताया कि उनके पास ₹50 से शो-पीस की शुरुआत हो जाती है. इसके अलावा, राधा-कृष्ण का बड़ा फोटो फ्रेम सिर्फ ₹200 में मिल जाएगा. जिसे वे तुरंत पैक भी करके देते हैं. अगर आपका बजट ₹400 से ₹500 का है, तो यहां घर सजाने के लिए खूबसूरत पॉट और आर्टिफिशियल फ्लावर्स मिल जाएंगे. प्रदीप गैलरी स्टोर के संचालक प्रदीप ने बताया कि इस रेंज में राधा-कृष्ण, गणेश जी की प्रतिमा और कपल डांसिंग जैसे कई बड़े आकार के शो-पीस उपलब्ध हैं. ये दिखने में काफी आकर्षक और उपहार देने के लिए बेहतरीन हैं. Add News18 as Preferred Source on Google यदि आप दुल्हन को उपहार देना चाहते हैं, तो ₹500 के अंदर ब्राइडल चूड़ी सेट और उसका पूरा किट उपलब्ध है. वहीं, दूल्हे के लिए टाई, पर्स और पेन का एक शानदार कॉम्बो सेट मिल जाएगा. इन दुकानों पर शादी के गिफ्ट के लिए कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं. जिन्हें आप अपनी पसंद और बजट के अनुसार आसानी से चुन सकते हैं. यहां आप अपनी पसंद के अनुसार कोई भी पांच चीजें चुनकर गिफ्ट कस्टमाइज भी करवा सकते हैं. इन चीजों को एक खूबसूरत, डिजाइनर और रंग-बिरंगी चुनरी में बांधकर बिल्कुल ‘शगुन’ की तरह तैयार कर दिया जाता है. इस कस्टमाइज्ड गिफ्ट पैक की कीमत भी ₹500 के अंदर ही होती है. कम बजट में एक बेहद यूनिक, पारंपरिक और खूबसूरत उपहार देने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है. Source link

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यूपी में पलामू के चार लोग मरे; एक घायल:किछौछा शरीफ से लौटते...

उत्तर प्रदेश के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत देवगांव इलाके में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में झारखंड के पलामू जिले के चार लोगों की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की कुछ तस्वीरें देखें… मृतकों में शहर के जाने-माने कारोबारी शामिल इस हादसे में मेदिनीनगर के तीन कारोबारियों की जान चली गई। मृतकों में मेदिनीनगर स्थित किताब घर के संचालक हाफिज रज्जाक, जनता मेडिकल से जुड़े कैश अंसारी, सब्जी मंडी के व्यवसायी शोहराब राईन और कार चालक शामिल हैं। कार चालक की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। उसकी शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। वहीं, चूड़ी कारोबारी अजमल इस दुर्घटना में घायल हुए हैं। उनका इलाज चल रहा है। शादी के बाद गए थे किछौछा शरीफ प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी लोग शुक्रवार को बिहार के डेहरी में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। शादी समारोह के बाद वे उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल किछौछा शरीफ की यात्रा पर निकले थे। वहां से वापस लौटते समय रात करीब 12:30 बजे उनकी कार हादसे का शिकार हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रक की गति काफी तेज थी, जिससे टक्कर के बाद गंभीर हादसा हो गया। मेदिनीनगर में मचा कोहराम शनिवार सुबह करीब 8 बजे जैसे ही इस हादसे की सूचना मेदिनीनगर पहुंची, पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और रिश्तेदार घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। उधर, स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद सभी शवों को मेदिनीनगर लाया जाएगा। Source link

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अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचना शीर्ष प्राथमिकता : बसंत

दुमका | सदर प्रखंड में शुक्रवार को कल्याण विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में दुमका के विधायक बसंत सोरेन ने लाभुकों के बीच विभिन्न योजनाओं से संबंधित परिसंपत्तियों का वितरण किया। कार्यक्रम में कला केंद्र के लिए वाद्य यंत्र, जाहेर थान के लिए पूजा सामग्री, सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन स्वीकृति पत्र, पशुपालन विभाग की ओर से बत्तख, दिव्यांगजनों के लिए ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया। विधायक बसंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार की प्राथमिकता गांव-गांव तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। सामाजिक सुरक्षा, स्वरोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कला केंद्र के वाद्य यंत्रों से हमारी संस्कृति और परंपरा मजबूत होगी। पेंशन और ट्राईसाइकिल से जरूरतमंद लोगों को सीधी राहत मिलेगी। Source link

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कांपटीटिव एग्जाम हो या सिलेबस की किताब, बाजार से 50% तक कम...

Last Updated:June 13, 2026, 09:23 IST Jamshedpur’s Famous Book Street: जमशेदपुर के स्टूडेंट्स को सिलेबस से लेकर कांपटीटिव एग्जाम तक, किसी भी तरह की, कोई भी किताब चाहिए हो वे पुस्तक गली का रुख करते हैं. यहां किताबों की कम से कम 35 दुकानें हैं जहां हर तरह की बुक, बाजार से काफी कम कीमत पर मिल जाती है. यह मार्केट साकची गोलचक्कर के करीब, पुराने बस स्टैंड के पास है. यहां दूसरे शहरों से भी स्टूडेंट्स बुक्स लेने आते हैं. जमशेदपुर को स्टील सिटी के नाम से जाना जाता है, लेकिन यह शहर शिक्षा और पुस्तकों के प्रति अपने प्रेम के लिए भी खास पहचान रखता है. शहर में एक ऐसी प्रसिद्ध ‘पुस्तक वाली गली’ है, जहां हर दिन सैकड़ों विद्यार्थी, अभिभावक और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा पहुंचते हैं. इस गली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां कक्षा 1 से लेकर रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, यूपीएससी, जेपीएससी, बीपीएससी, नीट, जेईई और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं. कई किताबें बाजार कीमत से 50 प्रतिशत तक कम दर पर मिल जाती हैं, जिससे विद्यार्थियों को काफी राहत मिलती है. करीब 35 से अधिक पुस्तक दुकानों से सजी यह गली किताबों का खजाना कही जाती है. यहां पहुंचते ही चारों तरफ पुस्तकों की लंबी कतारें दिखाई देती हैं. स्कूल की पाठ्यपुस्तकों से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की गाइड, प्रश्न बैंक, मॉडल पेपर, सामान्य ज्ञान, साहित्य, उपन्यास और बच्चों की कहानी की किताबें तक उपलब्ध हैं. यही कारण है कि यह जगह विद्यार्थियों और पुस्तक प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं मानी जाती. इस गली की एक और खास बात इसकी व्यवस्थित व्यवस्था है. दुकानों में किताबों को विषय, कक्षा और परीक्षा के अनुसार इस तरह सजाया गया है कि ग्राहक को अपनी जरूरत की पुस्तक ढूंढने में परेशानी नहीं होती. अगर कोई विद्यार्थी किसी विशेष किताब का नाम बताता है, तो दुकानदार लाखों पुस्तकों के बीच से कुछ ही मिनटों में वह पुस्तक निकालकर दे देते हैं. वर्षों के अनुभव और पुस्तकों की गहरी जानकारी के कारण यहां के दुकानदार विद्यार्थियों को सही पुस्तक चुनने में भी मदद करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google यहां देश के प्रमुख प्रकाशकों की किताबें उपलब्ध रहती हैं. एनसीईआरटी, अरिहंत, किरण पब्लिकेशन, लूसेंट, मैकग्रा हिल, एस. चंद, ऑक्सफोर्ड, पेंगुइन, राजकमल प्रकाशन, भारती भवन और प्रभात प्रकाशन जैसी नामी प्रकाशन संस्थाओं की पुस्तकें यहां आसानी से मिल जाती हैं. कई दुकानदार सीधे प्रकाशकों और वितरकों से किताबें मंगाते हैं, जिससे कीमतें अपेक्षाकृत कम रहती हैं और विद्यार्थियों को अधिक विकल्प मिलते हैं. इस पुस्तक बाजार की पहचान केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है. यहां झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार से भी लोग किताबें खरीदने पहुंचते हैं. दुकानदारों के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों से नई-नई पुस्तकें लगातार यहां आती रहती हैं, जिससे विद्यार्थियों को लेटेस्ट एडिशन और अपडेटेड स्टडी मैटीरियल उपलब्ध हो पाता है. आज के डिजिटल दौर में भी यह पुस्तक वाली गली विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का एक मजबूत केंद्र बनी हुई है. कम कीमत, पुस्तकों की विशाल वैरायटी और अनुभवी दुकानदारों की मदद इसे खास बनाती है. बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सपना देखने वाले हजारों युवाओं के लिए यह गली सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि उनके सपनों को उड़ान देने वाली एक महत्वपूर्ण जगह है. Source link

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डहरटोला की दो अवैध कोयला खदानें फिर डोजर से किया बंद

भास्कर न्यूज | दुमका गोपीकांदर अंचल क्षेत्र के ओड़मो गांव के डहरटोला में संचालित दो अवैध कोयला खदानों की डोजरिंग शुक्रवार को खनन निरीक्षक गौरव कुमार, मंजीत दुबे, रेंजर एलआर रवि, सीओ विजय प्रकाश मरांडी और थाना प्रभारी सुमित कुमार भगत की संयुक्त टीम ने कराई है। अवैध खदानों की डोजरिंग करने के बाद टीम सिलंगी गांव पहुंची और यहां पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा अंचल क्षेत्र के आमझारी बालू घाट को अवरुद्ध करने की कार्रवाई की। जानकारी के मुताबिक सबसे पहले टीम डहरटोला में अवैध तरीके से संचालित दो अवैध कोयला खदानों को डोजरिंग कर बंद कराने की कार्रवाई की। इससे पूर्व कोयला खदानों में बनाए गए सुरंग में आवाज देकर मौजूद लोगों की जानकारी ली गई। सुरंग में किसी के मौजूद नहीं होने के बाद आश्वस्त होकर जेसीबी से मिट्टी भर दोनों खदानों को बंद कराया गया। प्रशासन की ओर से इससे पूर्व भी करीब छह बार इन दोनों खदानों को डोजरिंग कर बंद कराने की कार्रवाई की जा चुकी है लेकिन डोजरिंग के कुछ ही दिन बाद अवैधा धंधेबाज फिर से अवैध खदानों को चालू कर लेते हैं। डोजरिंग की कार्रवाई के दौरान एसआई धर्मल मांझी, सीआई विक्रम विक्रांत, कर्मचारी पीटर सोरेन, वन विभाग से साकेत कश्यप सहित पुलिस बल मौजूद थे।अवैध खनन पर नकेल कसने निकली टीम सिलंगी गांव पहुंच कर बांसलोई नदी से बालू तस्करी को रोकने के लिए पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा अंचल के आमझारी गांव के दो बालू घाटों का रास्ता काट कर निकासी अवरुद्ध करने की कार्रवाई की। दोनों बालू घाटों से बालू तस्करी किया जाता था। हालांकि दोनों ही बालू घाट पर जब जेसीबी रास्ता काटने की कार्रवाई की जा रही थी तो कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंच कर कार्य को बंद करवा दिया। ग्रामीणों का साफ कहना था कि वे लोग बालू बेचकर ही जीवन यापन करते हैं। बाद में पदाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों बालू घाट का रास्ता अवरुद्ध किया गया ताकि बालू का उठाव रोका जा सके। इससे पूर्व भी दुमका की खनन टास्क फोर्स की टीम ने दोनों बालू घाटों का रास्ता बंद कराने की कार्रवाई की थी लेकिन इसके अगले ही दिन मिट्टी भरकर बालू का उठाव फिर से चालू कर दिया गया था। Source link

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बिना रीडिंग देखे ही लोगों को भेजा जा रहा है जल कर...

भास्कर न्यूज | लातेहार नगर पंचायत क्षेत्र में जल-कर वसूली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। नगर पंचायत उपाध्यक्ष सह वार्ड संख्या 11 के पार्षद संतोष रंजन ने कार्यकारी एजेंसी स्पैरो पर बिना मीटर रीडिंग किए मनमाना जल-कर वसूलने का आरोप लगाया है। उन्होंने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की जांच एवं गलत तरीके से वसूली गई राशि वापस कराने की मांग की है। आवेदन में संतोष रंजन ने बताया कि उनके नाम से वर्ष 2024 में जलापूर्ति कनेक्शन संख्या LT-11030325293934 जारी किया गया था। उनके अनुसार 22 मई तक मीटर की रीडिंग मात्र 11 यूनिट है, जिसकी जांच स्पैरो कंपनी के कर्मचारी प्रवीण पासवान द्वारा की गई थी। नियमानुसार पांच यूनिट प्रति माह निशुल्क मानने के बाद भी उनका कुल देय शुल्क लगभग 55 रुपए बनता है, जबकि एजेंसी उनसे 27 जनवरी तक 952 रुपए वसूल चुकी है। इसके बाद अप्रैल माह में 670 रुपए बकाया का बिल भी भेज दिया। इस प्रकार 1,622 रुपए का बिल 11 यूनिट खपत पर लगाया गया है। इस संबंध में एजेंसी के सर्किल मैनेजर नवनीत कुमार सिंह, टीम मैनेजर आदित्य कुमार सिंह तथा जेई अमित कुमार से भी शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। संतोष ने आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा घर-घर जाकर मीटर रीडिंग लेने के बजाय उपभोक्ताओं को तयशुदा राशि के बिल भेजे जा रहे हैं। मामले पर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र के किसी भी उपभोक्ता को जल-कर संबंधी शिकायत होने पर वह नगर पंचायत कार्यालय में आवेदन दे सकता है। सभी शिकायतों की जांच कर उचित समाधान किया जाएगा। Source link

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आलू-चॉप के साथ रोटी खायी है कभी? सोनारी का यह होटल 47...

Last Updated:June 13, 2026, 08:43 IST Jamshedpur Hotel Serving Aloo Chaap-Roti: आपने शायद ही यह कॉम्बिनेशन कभी सुना हो पर सोनारी के भरत होटल में आलू चाप और रोटी का कॉम्बो परोसा जाता है. न कोई चटनी, न कोई ग्रेवी बस ये दो आइटम. लोगों को यह स्वाद इतना पसंद आता है कि सुबह से लाइन लग जाती है और 47 साल से लोग यहां इसका मजा लेने आ रहे हैं. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. जमशेदपुर को खान-पान के शौकीनों का शहर कहा जाए तो गलत नहीं होगा. यहां तरह-तरह के व्यंजन और अनोखे स्वाद लोगों को आकर्षित करते हैं. लेकिन शहर के सोनारी इलाके में एक ऐसा नाश्ता मिलता है, जिसका नाम सुनकर ही लोग हैरान हो जाते हैं. यह कॉम्बिनेशन है आलू चाप और रोटी का. पिछले 47 वर्षों से भरत होटल में यह अनोखा नाश्ता लोगों को परोसा जा रहा है और आज भी इसकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है. लोग बड़े चाव से ये कॉम्बिनेशन खाते हैं. 47 साल पहले शुरू हुआ था होटलसोनारी स्थित भरत होटल की शुरुआत करीब 47 साल पहले हुई थी. उस समय संचालक भरत ने बेहद साधारण तरीके से लोगों को आलू चाप और रोटी खिलाना शुरू किया था. धीरे-धीरे इसका स्वाद लोगों की जुबान पर चढ़ गया और यह नाश्ता इलाके की पहचान बन गया. आज भी सुबह होते ही यहां ग्राहकों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है. कई लोग तो वर्षों से इस होटल के नियमित ग्राहक बने हुए हैं. दूर-दूर से खाने आते हैं लोगहैरानी की बात यह है कि यहां आलू चाप के साथ न तो कोई चटनी दी जाती है और न ही मटर या दूसरी कोई सब्जी. सिर्फ गर्मागर्म रोटी और मसालेदार आलू चाप का स्वाद ही लोगों को अपनी ओर खींचता है. साधारण दिखने वाला यह कॉम्बिनेशन स्वाद के मामले में इतना खास है कि शहर के अलग-अलग इलाकों से लोग इसे खाने के लिए पहुंचते हैं. कभी 25 पैसे था दामहोटल संचालक भरत बताते हैं कि शुरुआती दिनों में मात्र 25 पैसे में दो पीस आलू चाप और दो रोटी मिलती थी. समय के साथ महंगाई बढ़ी और कीमतों में बदलाव आया. आज एक आलू चाप की कीमत 10 रुपये और एक रोटी की कीमत 5 रुपये है. हालांकि दाम बढ़ने के बावजूद ग्राहकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है. लोग आज भी उसी उत्साह के साथ यहां नाश्ता करने आते हैं. सालों से नहीं बदला स्वादनाश्ता करने पहुंचे ग्राहक रोहित बताते हैं कि उन्होंने कई जगहों पर अलग-अलग तरह के व्यंजन खाए हैं, लेकिन आलू चाप और रोटी जैसा कॉम्बिनेशन कहीं देखने को नहीं मिला. उनका कहना है कि इस होटल का स्वाद वर्षों से एक जैसा बना हुआ है और यही वजह है कि लोग बार-बार यहां लौटकर आते हैं. कई ग्राहक अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को भी यहां का स्वाद चखाने लेकर आते हैं. खास पहचान बना चुका है यह होटलजमशेदपुर की पहचान केवल उद्योग और स्टील सिटी के रूप में ही नहीं है, बल्कि यहां के अनोखे खान-पान के लिए भी है. सोनारी का भरत होटल इसका बेहतरीन उदाहरण है, जहां 47 वर्षों से एक साधारण-सा दिखने वाला आलू चाप और रोटी का कॉम्बिनेशन लोगों के दिलों पर राज कर रहा है. बदलते दौर में भी यह स्वाद और परंपरा आज तक बरकरार है, जो इसे शहर की खास पहचान बनाती है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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दो माह से वेतन नहीं मिलने पर शिक्षकों का फूटा गुस्सा, समाहरणालय...

सिटी रिपोर्टर | बोकारो अप्रैल और मई माह का वेतन नहीं मिलने से परेशान बोकारो जिले के पीजीटी एवं टीजीटी शिक्षकों ने शुक्रवार को संयुक्त समन्वय समिति के बैनर तले समाहरणालय पहुंचकर अपनी व्यथा प्रशासन के समक्ष रखी। शिक्षकों ने कहा कि वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण उनके समक्ष आर्थिक संकट गहरा गया है और परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। शिक्षकों ने बताया कि पिछले माह लंबे इंतजार और लगातार प्रयास के बाद मार्च महीने का वेतन मिला था। उस समय उम्मीद जगी थी कि अब वेतन भुगतान नियमित हो जाएगा, लेकिन अप्रैल और मई माह का वेतन अब तक नहीं मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। ग्रीष्मावकाश के दौरान जनगणना में लगे रहने के बावजूद उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने शीघ्र बकाया वेतन भुगतान की मांग की। चेतावनी दी कि यदि जल्द वेतन भुगतान नहीं हुआ तो वे अपनी मांगों को लेकर विभागीय सचिव और उच्च स्तर के अधिकारियों के समक्ष मामला उठाने को बाध्य होंगे। मौके पर झारखंड प्लस 2 शिक्षक संघ बोकारो अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह, सचिव डॉ. अवनीश कुमार झा, झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष बासुदेव सिंह चौधरी, सचिव मुफीद आलम, डॉ. अजय कुमार पाठक, बिनोद कुमार महतो, डॉ. शशिकांत पांडेय, डॉ. अशरफ हुसैन, भरत कुमार महतो आ​दि उपस्थित थे। Source link

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शाही बोले- घुसपैठ से बदली डेमोग्राफी, सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप

दुमका| झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही शुक्रवार को दुमका पहुंचे। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। शाही ने संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ को सबसे संवेदनशील मुद्दा बताया। कहा, यह आदिवासी समाज की आत्मा पर चोट है। इससे क्षेत्र की जनसंख्या संरचना प्रभावित हो रही है। उन्होंने जनगणना के आंकड़ों का हवाला दिया। कहा, 1960 के दशक में संथाल परगना में आदिवासियों की आबादी 46 प्रतिशत थी। 2011 की जनगणना तक यह 26 प्रतिशत रह गई। यही रफ्तार रही तो आने वाले 60 वर्षों में यह संख्या शून्य हो सकती है। उन्होंने घुसपैठियों को संरक्षण देने वालों को गद्दार बताया। राज्य में कर्मचारियों से लेकर वरीय अधिकारियों तक की तबादला-पोस्टिंग पैसे लेकर हो रही है। Source link

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