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कोडरमा में चोरी का खुलासा, दो गिरफ्तार:जेवरात और नकदी बरामद, आरोपियों को...

कोडरमा पुलिस ने सदर थाना क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने चोरी किए गए जेवरात और नकदी भी बरामद की है। एसडीपीओ प्रमोद केशरी ने बताया कि कुछ दिन पहले कोडरमा थानांतर्गत ग्राम वृंदा स्थित गुरु प्रसाद साव के घर में अज्ञात चोरों ने सेंध लगाई थी। पीड़ित की लिखित शिकायत के आधार पर कोडरमा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी एसपी कुमार शिवाशीष के निर्देश पर कोडरमा थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया था, जिसमें तकनीकी शाखा के कर्मी भी शामिल थे। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मानवीय सूचना के आधार पर झुमरीतिलैया के असनाबाद से तौफिक अंसारी और मो. आतिफ अंसारी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर चोरी की गई शत-प्रतिशत संपत्ति और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है। तौफिक अंसारी के घर से एक सोने का मंगलसूत्र, एक जोड़ी सोने की कान की बाली, तीन सोने के नाक के नकचन, पांच हजार रुपए नकद और चोरी में इस्तेमाल किए गए विभिन्न औजार बरामद हुए। वहीं, आतिफ अंसारी के घर से एक जोड़ी चांदी की पायल, दो चांदी के सिक्के, पांच हजार रुपये नकद और अन्य आर्टिफिशियल गहने बरामद किए गए। एसडीपीओ प्रमोद केशरी ने दोहराया कि कोडरमा पुलिस आमजन की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ कठोर और प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। Source link

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पटमदा में पत्थर खनन के खिलाफ प्रदर्शन:पारंपरिक हथियारों के साथ सैकड़ों ग्रामीण...

पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड में मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने पत्थर खनन के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। ये ग्रामीण पारंपरिक हथियारों के साथ जुलूस की शक्ल में डीसी कार्यालय पहुंचे और खनन बंद करने की मांग की। इस आंदोलन का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की पुत्री दुखनी सोरेन ने किया। प्रदर्शन के दौरान ‘खनन बंद करो’, ‘क्रशर भगाओ, फेफड़े और खेत बचाओ’, ‘हमारा गांव, हमारा राज’ और ‘ना लोकसभा, ना विधानसभा, सबसे बड़ा ग्रामसभा’ जैसे नारे लगाए गए। 20 वर्षों से बड़े पैमाने पर पत्थर खनन जारी: प्रदर्शनकारी प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पटमदा के ओड़िया मौजा के लायाडीह, चिरूडीह और ओड़िया टोला में पिछले लगभग 20 वर्षों से बड़े पैमाने पर पत्थर खनन जारी है। उनका दावा है कि खाता संख्या 624 के प्लॉट संख्या 4546 की 10 एकड़ और प्लॉट संख्या 988 की 8 एकड़ भूमि के लिए स्वीकृति होने के बावजूद, निर्धारित सीमा से कहीं अधिक क्षेत्र में खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि खदान के आसपास स्कूल, आवासीय मकान और धार्मिक स्थल स्थित हैं। इसके अतिरिक्त, गांव के बीच से 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन भी गुजरती है। ऐसे में खनन के दौरान होने वाले विस्फोटों से किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। पहले भी जिला प्रशासन को शिकायतें सौंपी गई थीं ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खनन कार्य शुरू करने से पहले ग्रामसभा की सहमति नहीं ली गई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी जिला प्रशासन को शिकायतें सौंपी गई थीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण अपने साथ एक लंगड़ी भेड़ भी लेकर पहुंचे। उनका दावा था कि पत्थर क्रशर से उड़ने वाली धूल और प्रदूषण का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशुओं पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दिव्यांग मवेशी जन्म ले रहे हैं और बच्चों व बुजुर्गों में श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अविलंब पत्थर खनन और क्रशर संचालन बंद नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। Source link

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Success Story: रांची की नैना बनीं महिलाओं की पहली पसंद, ₹10000 के...

Last Updated:July 28, 2026, 08:53 IST Ranchi Success Story: रांची की नैना मेकॉन कॉलोनी में घर से ही डिजाइनर कपड़े व साड़ियां बनाती हैं.10 साल से यह काम कर रही नैना महीने के ₹50,000 तक कमाती हैं. वह सीधे मैन्युफैक्चरर से खरीदती हैं, जिससे ग्राहक को सस्ते में देती हैं.आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली नैना मेकॉन कॉलोनी में रहती हैं. जो कभी महेंद्र सिंह धोनी की कॉलोनी हुआ करती थी और आज भी इन्हीं के नाम से जाना जाता है. नैना यहां काफी लोकप्रिय हैं. वह इसलिए क्योंकि, उनका अपने घर में एक स्टूडियो है. जहां पर वह एक्सक्लूसिव डिजाइनर कपड़े और साड़ियों का कलेक्शन तैयार करती हैं. आइये जानते हैं उनकी सफलाता के बारे में. मेकॉन कॉलोनी में आलम यह है कि हर घर में महिलाएं उनकी डिजाइन का कपड़ा जरूर पहनती हैं. पिछले 10 साल से नैना यह काम कर रही हैं. जहां महीने का 50,000 रुपए तक की इनकम आराम से कर लेती हैं. नैना बताती हैं कि उन्होंने अपने घर में ही एक स्टूडियो अपने रूम में बना लिया है. वह दुकान का संचालन नहीं करती हैं. क्योंकि दुकान में कई खर्च होते हैं तो उन्होंने सोचा बेकार का खर्च करने से अच्छा है. क्यों ना अपने कस्टमर को और सस्ते में ही कपड़े दूं. मैन्युफैक्चर से सीधा खरीद कर लाती हैं सामान नैना बताती हैं कि वह वह मैन्युफैक्चर से सीधा खरीद कर लाती हैं. जहां जो चीज बनती है. जैसे अगर भागलपुर का सिल्क है तो वह सीधा वहीं पर जाती हैं, जयपुरी की कुर्ती है तो वह सीधा वहीं पर जाकर लाती हैं. जो बनाते हैं, उनसे सीधा कांटेक्ट करके डिजाइन देखकर. ऐसे में बीच में कोई नहीं होता और न ही दुकान का खर्चा होता है. यही कारण है कि वह 10,000 के कपड़े 5000 रुपए में ही देती हैं. उनके सारे कपड़े काफी हाई क्वालिटी के होते हैं. इसमें आप उन्हें चैलेंज कर सकते हैं. जैसे कि हमारे पास कुर्ती मलबेरी सिल्क के होते हैं, एकदम प्योर मूलबेरी सिल्क. यहां पर आपको 3 से ₹4000 के बीच उनके पास मिल जाएगी. आप बाहर जाकर दाम पता करेंगे तो 10,000 से नीचे नहीं मिलेगा. यही कारण है कि महिलाएं उनके पास शॉपिंग करने के लिए बेताब रहती हैं. चार कपड़े से शुरू किया था सफर नैना बताती हैं कि उन्होंने चार कपड़े से सफर शुरू किया था, लेकिन हमेशा अपने कपड़े और अपने दाम के प्रति काफी ईमानदार रही. यही कारण है कि आज यह चार कपड़ों का सफर कई हजार कपड़ों में तब्दील हो चुका है. आज वह अपने पैरों पर खड़ी हैं. और आत्मनिर्भर हैं. दूसरी महिलाओं को भी यही सलाह देती हैं. आपका जो भी मन हो, जो भी फैशन हो, आप अपने घर से छोटे स्तर से ही शुरू करो, लेकिन शुरू जरूर करो. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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धनबाद में बेटे ने की पिता की हत्या:शराब पीने के बाद विवाद...

धनबाद जिले के टुंडी थाना क्षेत्र के बादलपुर गांव में शराब के नशे में हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। यहां 40 वर्षीय बेटे कालीपद सोरेन ने अपने 65 वर्षीय पिता चांद सोरेन की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, पिता-पुत्र अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे और दोनों के बीच आए दिन विवाद होता रहता था। मंगलवार को भी शराब पीने के दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। गुस्से में बेटे ने घर में रखी कुल्हाड़ी से पिता पर कई वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही टुंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कालीपद सोरेन को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। टुंडी थाना प्रभारी उमा शंकर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शराब के नशे में हुए विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। Source link

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दो दिन भारी बारिश की चेतावनी:आज 4 जिले में ऑरेंज व 10...

राजनगर में ठनका गिरने से एक महिला की मौत बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन का असर झारखंड में भी है। इसके प्रभाव से मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट के बीच प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले दो दिन तक भारी बारिश की संभावना है। कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ तेज हवा, वज्रपात और गर्जन की भी आशंका जताई गई है। इसी बीच राजनगर थाना क्षेत्र के जुमाल गांव में ठनका गिरने से सोमवार को गाउरा मुर्मू (45) की मौत हो गई। वह खेत में धान रोपाई कर रही थी, तभी ठनका गिर गया। रांची समेत दक्षिणी, मध्य और पूर्वी झारखंड में बारिश का असर अधिक रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम राज्य में अब तक हुई बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकता है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसके साथ निचले इलाकों में जलजमाव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और वज्रपात जैसी स्थितियां भी पैदा हो सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। इधर, सोमवार को रांची में भी डीप डिप्रेशन का असर दिखा। सुबह से शाम तक रुक-रुक कर झमाझम बारिश होती रही। राजधानी में 8.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, दिनभर में सबसे अधिक 20.5 मिमी बारिश कोडरमा में दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान चाईबासा के झिंकपानी में राज्य में सबसे अधिक 61.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। जानिए… अगले दो दिन कहां कैसा रहेगा मौसम 28 जुलाई ऑरेंज अलर्ट… सिमडेगा, चाईबासा, सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर। यलो अलर्ट…कोडरमा, गिरिडीह, हजारीबाग, धनबाद, बोकारो, रांची, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा और गुमला। 29 जुलाई यलो अलर्ट: गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, चाईबासा, सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर। Source link

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धान की रोपाई नहीं हो पाई, खेत अब भी खाली? कृषि वैज्ञानिक...

होमताजा खबरकृषि धान की रोपाई नहीं हो पाई, खेत अब भी खाली? कृषि वैज्ञानिक ने कहा- बो दें यह फसल Last Updated:July 28, 2026, 14:29 IST Palamu Low Rainfall Solution: पलामू में कम बारिश होने के कारण धान की रोपनी काफी प्रभावित हुई है और बहुत से किसानों के खेत खाली पड़े हैं. ऐसे में कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने अरहर की खेती की सलाह दी है. सरकार अरहर बीज उत्पादन पर ₹4,500 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दे रही है ख़बरें फटाफट पलामू. इस बार बरसात का मौसम किसानों के लिए परेशानी लेकर आया है. क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, चियांकी के अनुसार, पलामू में जुलाई महीने में अब तक करीब 217 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि जून में सामान्य से करीब 60 प्रतिशत कम बारिश हुई. कम बारिश की वजह से जिले के कई किसानों की धान की रोपनी अब तक नहीं हो सकी है. खासकर टांड़ वाली जमीनें अभी भी खाली पड़ी हैं. ऐसे में किसानों के सामने यह सवाल है कि आखिर अब कौन सी फसल लगाई जाए. इसकी खेती है विकल्पऐसी परिस्थिति में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, चियांकी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार किसानों को अरहर की खेती करने की सलाह दे रहे हैं. कंटीजेंसी प्लान के तहत अगस्त से सितंबर तक भी अरहर की बुआई की जा सकती है. यह कम पानी में अच्छी तरह तैयार होने वाली फसल है और लगभग आठ महीने में तैयार होती है. इसलिए जिन किसानों की धान की खेती नहीं हो पाई है, उनके लिए यह बेहतर विकल्प साबित हो सकती है. सरकार दे रही प्रोत्साहन राशिउन्होंने बताया कि पलामू जिले में अरहर की खेती का विशेष महत्व है. इसे लेकर झारखंड सरकार और भारत सरकार किसानों को अरहर के बीज उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं. अगर किसान फाउंडेशन बीज लगाकर उसका सर्टिफाइड बीज तैयार करते हैं, तो सरकार उन्हें प्रति क्विंटल 4,500 रुपये की प्रोत्साहन राशि देती है. अगर कोई किसान 10 क्विंटल तक बीज उत्पादन करता है, तो उसे 45 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि लागत खर्च के रूप में मिल सकती है. इसके अलावा तैयार बीज की बिक्री से अलग आय भी होगी, जिससे किसानों का मुनाफा और बढ़ जाएगा. एक एकड़ में इतने बीजों की जरूरतएक एकड़ में लगभग 6 से 8 किलोग्राम फाउंडेशन बीज की आवश्यकता होती है और अच्छी खेती होने पर 4 से 5 क्विंटल तक उत्पादन मिल सकता है. फिलहाल कई किसानों को इस योजना के तहत फाउंडेशन बीज उपलब्ध कराकर खेती कराई जा रही है, ताकि वे बेहतर उत्पादन के साथ सरकारी लाभ भी प्राप्त कर सकें. उन्होंने बताया कि हालांकि, इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को समय पर पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा. रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है. ऐसे में अगर आपके खेत अभी भी खाली हैं और धान की रोपनी नहीं हो पाई है, तो अरहर की खेती आपके लिए कम लागत, कम पानी और सरकारी प्रोत्साहन के साथ बेहतर कमाई का अवसर बन सकती है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की … और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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एडवोकेट एसोसिएशन की रिट याचिका पर सुनवाई:हाईकोर्ट परिसर में फुटबॉल ग्राउंड निर्माण...

झारखंड हाईकोर्ट परिसर में फुटबॉल ग्राउंड निर्माण के लिए जारी टेंडर पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से 10 अगस्त तक जवाब दाखिल करने को कहा है। वहीं, एडवोकेट एसोसिएशन को सरकार और रजिस्ट्रार जनरल के जवाब पर 18 अगस्त तक प्रति उत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी। दरअसल, हाईकोर्ट परिसर में सुविधाओं के विस्तार को लेकर तत्कालीन चीफ जस्टिस ने वर्ष 2024 में 5 जज आवास, 5 रजिस्ट्री अधिकारी आवास, ऑडिटोरियम और फुटबॉल ग्राउंड बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। इसी के आधार पर फुटबॉल ग्राउंड निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किया गया। टेंडर के विरोध में एडवोकेट एसोसिएशन रिट याचिका दाखिल की है। एसोसिएशन का कहना है कि वकीलों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में अधिक चैंबर बनाने की जरूरत है। Source link

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राजधानी समेत पांच ट्रेनें डायवर्ट:28 जुलाई से 9 अगस्त तक टाटानगर नहीं...

बालासोर में रेलवे की ओर से एनई (नन इंटरलॉकिंग) वर्क को लेकर 28 जुलाई से 9 अगस्त तक राजधानी समेत पांच ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। कई ट्रेनों को रीशेड्यूल भी किया गया है। जारी अधिसूचना के अनुसार, 12876 आनंद विहार-पुरी नीलांचल एक्सप्रेस 28 जुलाई, 2 अगस्त, 4 अगस्त और 7 अगस्त को टाटानगर होकर नहीं चलेगी। 22824 नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस भी 28 जुलाई, 4 अगस्त और 5 अगस्त को टाटानगर-हिजली होते हुए नहीं चलेगी। ये दोनों ट्रेनें चांडिल से कांड्रा-सीनी-राजखरसावां और नयागढ़ होते हुए गंतव्य को जाएंगी। इसके अलावा 22811 भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी 29 जुलाई, 2 अगस्त, 5 अगस्त और 9 अगस्त को नयागढ़, राजखरसावां-पुरुलिया-भोजूडीह-गोमो होते हुए चलेगी। Source link

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रांची में सुबह-शाम की सैर के लिए बेस्ट हैं ये 3 इलाके,...

Last Updated:July 28, 2026, 12:50 IST Ranchi Best Places For Morning Walk: रांची में मॉर्निंग या ईवनिंग वॉक करने के लिए कुछ खास जगहें हैं जो बेहद पसंद की जाती हैं. यहां बच्चे साइकिल चलाते हैं, लोग मेडिटेशन, योग करते हैं और गाड़ियों की आवाजाही नहीं होती. शांत वातावरण, साफ-सफाई और प्रकृति से नजदीकी इन जगहों को खास बनाती है. बूढ़े-बुजुर्ग खासतौर पर कोई ऐसी जगह ढूंढते हैं, जहां पर वह इवनिंग, मॉर्निंग वॉक और योगा आराम से कर पाएं. ऐसे में रांची में कुछ जगहें हैं जो बेस्ट मानी जाती हैं. इसी क्रम में पहला नाम आता है मोराबादी ग्राउंड का. इसके अलावा आपको स्मार्ट सिटी, धुर्वा डैम जैसी लोकेशन पर भी जाना चाहिए, जहां पर आपको बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिलेगा. यहां पर गाड़ी बिल्कुल भी नहीं चलती. सुबह 8:00 बजे तक लोग वॉकिंग, योगा और मेडिटेशन जैसी गतिविधियां करते हैं. खूबसूरत लोकेशन के बीच यहां ज्यादा भीड़ भी नहीं होती. उम्रदराज लोगों का यह पसंदीदा स्पॉट होता है. सबसे पहले बात करें मोराबादी मैदान की तो यहां गजब का उत्साह देखने को मिलता है. हर वर्ग के लोग पूरे उत्साह के साथ सुबह 5:00 बजे ही आ जाते हैं और 10:00 बजे तक यहां लोगों का मेला लगा रहता है. इसके बाद आप रांची के धुर्वा डैम पर आ जाइए. यहां भी फोर व्हीलर नहीं चलती है. सुबह और शाम डैम के किनारे खूबसूरत नजारों के बीच लोग मॉर्निंग वॉक, इवनिंग वॉक और मेडिटेशन करना पसंद करते हैं. शाम का पूरा गुलाबी आसमान देखने के लिए लोग दूर-दूर से आ जाते हैं. ऐसे नजारों के बीच एक्सरसाइज करना लोगों को खूब भाता है. Add News18 as Preferred Source on Google इतना ही नहीं, यहां सुबह आपको गन्ने के जूस से लेकर कई तरह के जूस देखने को मिलेंगे. डायबिटीज के लिए शुगर फ्री ड्रिंक भी उपलब्ध होती है. इसके अलावा स्प्राउट्स की कम से कम 10 से 15 वैरायटी मिल जाती हैं. यानी अगर आप मॉर्निंग वॉक करने के बाद हेल्दी डाइट फॉलो करना चाहते हैं, तो यहां हेल्दी डाइट के गजब ऑप्शन मिलते हैं, वह भी ₹50 के अंदर. इसके बाद आपको रांची की ध्रुव स्मार्ट सिटी में आ जाना चाहिए. स्मार्ट सिटी खूबसूरत जंगलों के बीच बसी हुई है. यहां एकदम पक्की और चिकनी सड़क बनी हुई है. कोई गाड़ी नहीं चलती, क्योंकि यहां अभी तक कोई घर बना ही नहीं है. लाइट और कैमरा जैसी सुविधाएं भी लगाई गई हैं. ऐसे में लोगों को शांत माहौल में एक्सरसाइज और वॉकिंग करना काफी पसंद आता है. शहर से थोड़ा बाहर होने के कारण यहां शोर-शराबा बिल्कुल नहीं रहता. खासतौर पर यहां से सनराइज और सनसेट का बहुत ही मनोरम नजारा दिखता है. यही कारण है कि लोग यहां आना पसंद करते हैं. यहां आप चाहें तो टू व्हीलर लेकर ड्राइविंग भी कर सकते हैं. हालांकि, यहां एक स्पीड लिमिट होती है, जिसका आपको ध्यान रखना होगा. Source link

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पुल से 25 फीट नीचे गिरी बाइक, दो की मौत:एक गंभीर रूप...

गुमला सदर प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घाघरा-गुमला सीमांत सड़क पर बाकी नदी पुल के पास यह हादसा हुआ, जिसमें दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। स्थानीय खरका निवासी प्रकाश तिवारी ने बताया कि बाइक पर तीन लोग सवार थे। तेज रफ्तार के कारण बाइक अनियंत्रित होकर पुल के नीचे करीब 25 फीट नीचे जा गिरी। सूचना मिलने पर एंबुलेंस से तीनों को गुमला सदर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया। एक घायल का इलाज जारी है। मृतकों की पहचान बड़काडीह निवासी 25 वर्षीय मंगरा उरांव और 30 वर्षीय चरकु उरांव के रूप में हुई है। घायल युवक 25 वर्षीय सूरज उरांव भी बड़काडीह का रहने वाला है। घटना की जानकारी मिलते ही टोटो थाना के एसआई गफ्फार अंसारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वेतन मिलने पर पार्टी का था प्लान उन्होंने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और दुर्घटनाग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया है। घायल सूरज उरांव ने पुलिस को बताया कि चरकु गाजीपुर के एक ईंट भट्ठे में काम करता था और उसे हाल ही में वेतन मिला था। तीनों ने मिलकर शराब का सेवन किया था और खरका डेली मार्केट से मछली खरीदने जा रहे थे। सूरज के अनुसार, मंगरा बाइक चला रहा था और उसने अचानक अगला पहिया उठा दिया, जिससे बाइक अनियंत्रित हो गई। किसी ने हेलमेट नहीं पहना था सूरज ने कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन बाइक पुल से नीचे जा गिरी। चरकु ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि मंगरा को सदर अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। तीनों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। उनके पहुंचने पर शवों का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा। बताया गया है कि दोनों युवक अविवाहित थे। Source link

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