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बिना रीडिंग देखे ही लोगों को भेजा जा रहा है जल कर...

भास्कर न्यूज | लातेहार नगर पंचायत क्षेत्र में जल-कर वसूली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। नगर पंचायत उपाध्यक्ष सह वार्ड संख्या 11 के पार्षद संतोष रंजन ने कार्यकारी एजेंसी स्पैरो पर बिना मीटर रीडिंग किए मनमाना जल-कर वसूलने का आरोप लगाया है। उन्होंने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की जांच एवं गलत तरीके से वसूली गई राशि वापस कराने की मांग की है। आवेदन में संतोष रंजन ने बताया कि उनके नाम से वर्ष 2024 में जलापूर्ति कनेक्शन संख्या LT-11030325293934 जारी किया गया था। उनके अनुसार 22 मई तक मीटर की रीडिंग मात्र 11 यूनिट है, जिसकी जांच स्पैरो कंपनी के कर्मचारी प्रवीण पासवान द्वारा की गई थी। नियमानुसार पांच यूनिट प्रति माह निशुल्क मानने के बाद भी उनका कुल देय शुल्क लगभग 55 रुपए बनता है, जबकि एजेंसी उनसे 27 जनवरी तक 952 रुपए वसूल चुकी है। इसके बाद अप्रैल माह में 670 रुपए बकाया का बिल भी भेज दिया। इस प्रकार 1,622 रुपए का बिल 11 यूनिट खपत पर लगाया गया है। इस संबंध में एजेंसी के सर्किल मैनेजर नवनीत कुमार सिंह, टीम मैनेजर आदित्य कुमार सिंह तथा जेई अमित कुमार से भी शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। संतोष ने आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा घर-घर जाकर मीटर रीडिंग लेने के बजाय उपभोक्ताओं को तयशुदा राशि के बिल भेजे जा रहे हैं। मामले पर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र के किसी भी उपभोक्ता को जल-कर संबंधी शिकायत होने पर वह नगर पंचायत कार्यालय में आवेदन दे सकता है। सभी शिकायतों की जांच कर उचित समाधान किया जाएगा। Source link

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आलू-चॉप के साथ रोटी खायी है कभी? सोनारी का यह होटल 47...

Last Updated:June 13, 2026, 08:43 IST Jamshedpur Hotel Serving Aloo Chaap-Roti: आपने शायद ही यह कॉम्बिनेशन कभी सुना हो पर सोनारी के भरत होटल में आलू चाप और रोटी का कॉम्बो परोसा जाता है. न कोई चटनी, न कोई ग्रेवी बस ये दो आइटम. लोगों को यह स्वाद इतना पसंद आता है कि सुबह से लाइन लग जाती है और 47 साल से लोग यहां इसका मजा लेने आ रहे हैं. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. जमशेदपुर को खान-पान के शौकीनों का शहर कहा जाए तो गलत नहीं होगा. यहां तरह-तरह के व्यंजन और अनोखे स्वाद लोगों को आकर्षित करते हैं. लेकिन शहर के सोनारी इलाके में एक ऐसा नाश्ता मिलता है, जिसका नाम सुनकर ही लोग हैरान हो जाते हैं. यह कॉम्बिनेशन है आलू चाप और रोटी का. पिछले 47 वर्षों से भरत होटल में यह अनोखा नाश्ता लोगों को परोसा जा रहा है और आज भी इसकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है. लोग बड़े चाव से ये कॉम्बिनेशन खाते हैं. 47 साल पहले शुरू हुआ था होटलसोनारी स्थित भरत होटल की शुरुआत करीब 47 साल पहले हुई थी. उस समय संचालक भरत ने बेहद साधारण तरीके से लोगों को आलू चाप और रोटी खिलाना शुरू किया था. धीरे-धीरे इसका स्वाद लोगों की जुबान पर चढ़ गया और यह नाश्ता इलाके की पहचान बन गया. आज भी सुबह होते ही यहां ग्राहकों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है. कई लोग तो वर्षों से इस होटल के नियमित ग्राहक बने हुए हैं. दूर-दूर से खाने आते हैं लोगहैरानी की बात यह है कि यहां आलू चाप के साथ न तो कोई चटनी दी जाती है और न ही मटर या दूसरी कोई सब्जी. सिर्फ गर्मागर्म रोटी और मसालेदार आलू चाप का स्वाद ही लोगों को अपनी ओर खींचता है. साधारण दिखने वाला यह कॉम्बिनेशन स्वाद के मामले में इतना खास है कि शहर के अलग-अलग इलाकों से लोग इसे खाने के लिए पहुंचते हैं. कभी 25 पैसे था दामहोटल संचालक भरत बताते हैं कि शुरुआती दिनों में मात्र 25 पैसे में दो पीस आलू चाप और दो रोटी मिलती थी. समय के साथ महंगाई बढ़ी और कीमतों में बदलाव आया. आज एक आलू चाप की कीमत 10 रुपये और एक रोटी की कीमत 5 रुपये है. हालांकि दाम बढ़ने के बावजूद ग्राहकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है. लोग आज भी उसी उत्साह के साथ यहां नाश्ता करने आते हैं. सालों से नहीं बदला स्वादनाश्ता करने पहुंचे ग्राहक रोहित बताते हैं कि उन्होंने कई जगहों पर अलग-अलग तरह के व्यंजन खाए हैं, लेकिन आलू चाप और रोटी जैसा कॉम्बिनेशन कहीं देखने को नहीं मिला. उनका कहना है कि इस होटल का स्वाद वर्षों से एक जैसा बना हुआ है और यही वजह है कि लोग बार-बार यहां लौटकर आते हैं. कई ग्राहक अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को भी यहां का स्वाद चखाने लेकर आते हैं. खास पहचान बना चुका है यह होटलजमशेदपुर की पहचान केवल उद्योग और स्टील सिटी के रूप में ही नहीं है, बल्कि यहां के अनोखे खान-पान के लिए भी है. सोनारी का भरत होटल इसका बेहतरीन उदाहरण है, जहां 47 वर्षों से एक साधारण-सा दिखने वाला आलू चाप और रोटी का कॉम्बिनेशन लोगों के दिलों पर राज कर रहा है. बदलते दौर में भी यह स्वाद और परंपरा आज तक बरकरार है, जो इसे शहर की खास पहचान बनाती है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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दो माह से वेतन नहीं मिलने पर शिक्षकों का फूटा गुस्सा, समाहरणालय...

सिटी रिपोर्टर | बोकारो अप्रैल और मई माह का वेतन नहीं मिलने से परेशान बोकारो जिले के पीजीटी एवं टीजीटी शिक्षकों ने शुक्रवार को संयुक्त समन्वय समिति के बैनर तले समाहरणालय पहुंचकर अपनी व्यथा प्रशासन के समक्ष रखी। शिक्षकों ने कहा कि वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण उनके समक्ष आर्थिक संकट गहरा गया है और परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। शिक्षकों ने बताया कि पिछले माह लंबे इंतजार और लगातार प्रयास के बाद मार्च महीने का वेतन मिला था। उस समय उम्मीद जगी थी कि अब वेतन भुगतान नियमित हो जाएगा, लेकिन अप्रैल और मई माह का वेतन अब तक नहीं मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। ग्रीष्मावकाश के दौरान जनगणना में लगे रहने के बावजूद उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने शीघ्र बकाया वेतन भुगतान की मांग की। चेतावनी दी कि यदि जल्द वेतन भुगतान नहीं हुआ तो वे अपनी मांगों को लेकर विभागीय सचिव और उच्च स्तर के अधिकारियों के समक्ष मामला उठाने को बाध्य होंगे। मौके पर झारखंड प्लस 2 शिक्षक संघ बोकारो अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह, सचिव डॉ. अवनीश कुमार झा, झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष बासुदेव सिंह चौधरी, सचिव मुफीद आलम, डॉ. अजय कुमार पाठक, बिनोद कुमार महतो, डॉ. शशिकांत पांडेय, डॉ. अशरफ हुसैन, भरत कुमार महतो आ​दि उपस्थित थे। Source link

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शाही बोले- घुसपैठ से बदली डेमोग्राफी, सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप

दुमका| झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही शुक्रवार को दुमका पहुंचे। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। शाही ने संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ को सबसे संवेदनशील मुद्दा बताया। कहा, यह आदिवासी समाज की आत्मा पर चोट है। इससे क्षेत्र की जनसंख्या संरचना प्रभावित हो रही है। उन्होंने जनगणना के आंकड़ों का हवाला दिया। कहा, 1960 के दशक में संथाल परगना में आदिवासियों की आबादी 46 प्रतिशत थी। 2011 की जनगणना तक यह 26 प्रतिशत रह गई। यही रफ्तार रही तो आने वाले 60 वर्षों में यह संख्या शून्य हो सकती है। उन्होंने घुसपैठियों को संरक्षण देने वालों को गद्दार बताया। राज्य में कर्मचारियों से लेकर वरीय अधिकारियों तक की तबादला-पोस्टिंग पैसे लेकर हो रही है। Source link

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रिम्स जमीन घोटाला : आंख मूंदकर होल्डिंग व नक्शा पास करने वाले...

क्राइम रिपोर्टर|रांची बरियातू स्थित रिम्स की करोड़ों रु. की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के हवाले करने के महाखेल में रांची नगर निगम के भ्रष्ट चेहरे अब बेनकाब होंगे। रिम्स की जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त और उस पर हुए निर्माण की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के राडार पर नगर निगम के तत्कालीन अफसर और कर्मचारी आ गए हैं, जिन्होंने पैसों के लालच में सरकारी जमीन का होल्डिंग नंबर जारी कर दिया। साइट विजिट करने के दौरान उक्त जमीन को निजी जमीन की रिपोर्ट देकर नक्शा पास करा दिया। एसीबी ने निगम के तत्कालीन अफसरों की कुंडली खंगालना शुरू कर दी है। पिछले दिनों एसीबी ने निगम के जिम्मेदारों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाना शुरू किया है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका होल्डिंग नंबर जारी करने वाले पदाधिकारियों व कर्मियों और नक्शा पास करने वाले जूनियर इंजीनियर से लेकर टाउन प्लानर, अपर प्रशासक की मानी जा रही है। एसीबी जल्द इस शाखा के अन्य कर्मियों और तत्कालीन वरीय पदाधिकारियों को समन जारी कर मुख्यालय तलब करने जा रही है। फर्जी वंशावली का खेल : भू-माफियाओं और बिल्डरों ने मिलकर रिम्स की बेशकीमती सरकारी जमीन को हथियाने के लिए जाली वंशावली और फर्जी दस्तावेज तैयार किए। मरे हुए लोगों को जिंदा दिखाकर और फर्जी वारिस खड़े कर जमीनों की रजिस्ट्री करा ली गई। बिल्डर ने फूंक दिए 14 करोड़: जालसाजी के इस खेल में एक नामी बिल्डर ने रिम्स की जमीन पर कब्जा जमाकर एक आलीशान अपार्टमेंट तान दिया। एसीबी की जांच में खुलासा हुआ है कि बिल्डर ने इस अवैध निर्माण में करीब 14 करोड़ रुपए लगाया था। 9.65 एकड़ जमीन पर था कब्जा : इस पूरे सिंडिकेट ने मोरहाबादी मौजा की 8 एकड़ और कोकर मौजा की 1.65 एकड़ (कुल 9.65 एकड़) रिम्स की जमीन पर कब्जा कर रखा था, जिसकी बाजार में कीमत 100 करोड़ से अधिक आंकी जा रही है। जांच जैसे आगे बढ़ी, इस खेल में रिम्स की जमीन का पावर ऑफ अटॉर्नी लेनेवाला एक और मास्टरमाइंड प्रमोद महतो भूमिगत हो गया है। एसीबी ने उसके खिलाफ कोर्ट से वारंट हासिल कर लिया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रमोद ने एसीबी कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई है। कोर्ट ने एसीबी से प्रमोद के खिलाफ पुख्ता सुबूत मांगे हैं। इस हाई-प्रोफाइल बेल पिटीशन पर 18 जून को कोर्ट में सुनवाई होगी। मामले का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने इस पूरी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराया था और अवैध निर्माण को ध्वस्त किया था । अब बड़ा सवाल है कि जब जमीन रिम्स की थी, तो नगर निगम के अफसरों ने बिना सरकारी एनओसी और डीड की जांच किए होल्डिंग नंबर कैसे अलॉट कर दिया और नक्शा कैसे पास हो गया। प्रमोद की बेल पर 18 जून को सुनवाई घोटाले का इनसाइड : तीन पॉइंट्स में समझें करोड़ों का खेल Source link

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झारखंड में मानूसन का हुआ प्रवेश:5 साल में पहली बार 12 जून...

झारखंड में शुक्रवार को मानसून की एंट्री हो गई। यह संथाल और कोल्हान के रास्ते झारखंड पहुंचा। इसके साथ ही सात जिलों दुमका, साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा, जामताड़ा, पूर्वी सिंहभूम और गिरिडीह के कुछ क्षेत्रों में मामूली बारिश हुई। पिछले पांच साल में पहली बार मानसून तय समय पर झारखंड आया है, लेकिन इसकी रफ्तार धीमी है। झारखंड में मानसून के प्रवेश का सामान्य समय 10 से 12 जून है। लेकिन पिछले पांच वर्षों के दौरान 5 से 9 दिन की देरी से मानसून आया था। इससे पहले 2021 में 12 जून को मानसून झारखंड पहुंचा था। 3-4 दिन में प्रदेश को करेगा कवर सामान्यतः पूरे झारखंड को कवर करने में 3 से 7 दिन का समय लगता है, लेकिन इस बार अगले तीन से चार दिनों के दौरान पूरे झारखंड को कवर करने की संभावना है। इस दौरान अगले दो से तीन दिन अच्छी बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश में कमी आएगी। अगले दो दिन तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होगी। इसके बाद फिर तापमान बढ़ेगा। इस बार अल नीनो का जबर्दस्त असर दिख सकता है। इस वजह से जून में सामान्य 189.5 एमएम से कम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बनने की पूरी संभावना है। ऐसे में जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश हो सकती है। आज आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। राज्य के उत्तर-पूर्वी एवं निकटवर्ती मध्य क्षेत्र में धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, में कहीं-कहीं गरज के साथ 50 से 60 किमी की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 14 जून से 18 जून तक रांची सहित राज्य के अधिकतर जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। इस दौरान गर्जन के साथ वज्रपात होने की भी संभावना है। वहीं मानसून के प्रवेश करने के साथ ही झारखंड में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 5 डिग्री तक गिर गया। इससे गर्मी से हल्की राहत मिली है। सबसे अधिक सिमडेगा का अधिकतम तापमान 5 डिग्री गिरकर 31.9 डिग्री पर पहुंच गया। रांची का अधिकतम तापमान 4.1 डिग्री गिरकर 31.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से 4 डिग्री कम है। जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 3.7 डिग्री गिरकर 34.5 डिग्री पर आ गया। डालटनगंज 39.8 डिग्री के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा। झारखंड में मानसून का गणित झारखंड में मानसून के दौरान सामान्यतः 1022 एमएम बारिश होती है। झारखंड में पिछले साल सामान्य से 17 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी। जबकि, 2024 में मात्र 1% कम हुई थी, जो सामान्य की श्रेणी में आती है। वहीं, वर्ष 2023 में सामान्य से करीब 27% कम बारिश हुई थी। मानसून प्रवेश की बात करें तो वर्ष साल 2022 में मानसून 18 जून को आया था। इस साल 817.6 मिमी बारिश हुई थी। साल 2023 में 19 जून को मानसून आया था। तब 751.3 मिमी बारिश हुई। साल 2024 में 21 जून को मानसून आया। बारिश 1008.9 मिमी हुई। इसी तरह साल 2025 में 19 जून को मानसून का प्रवेश हुआ। बीते वर्ष 1118.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। Source link

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जुड़वां झरने और प्राकृतिक नजारे… धनबाद-बोकारो बॉर्डर पर है यह खूबसूरती वॉटरफॉल,...

Last Updated:June 13, 2026, 06:16 IST धनबाद-बोकारो सीमा पर नागदा में सत्खटिया वॉटरफॉल स्थित है. यहां एक ही जगह पर दो शानदार झरने दिखाई देते हैं .मानसून के मौसम में इस जलप्रपात की खूबसूरती दोगुनी हो जाती है. यह मनोरम स्थल पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है. घने जंगलों और चट्टानों के बीच यहां अद्भुत नजारा दिखता है. ख़बरें फटाफट बोकारोः अगर आप मानसून में किसी खूबसूरत और शांत प्राकृतिक स्थल की तलाश में हैं, तो बोकारो और धनबाद के दामोदर सीमा नागदा में स्थित सत्खटिया वॉटरफॉल आपके लिए बेहतरीन जगह हो सकती है. यहां घने जंगलों और विशाल चट्टानों के बीच एक साथ दो झरनों का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है. मानसून के दौरान दूर दराज इलाकों से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं. बरसात में खूबसूरती दोगुनीबरसात के दौरान सत्खटिया वॉटरफॉल कि खूबसूरती दोगुनी हो जाती है क्योंकि बारिश के मौसम में दोनों झरनों का जलप्रवाह तेज हो जाता है. पूरा इलाका किसी कलाकार की खूबसूरत पेंटिंग जैसी दिखती है. वॉटरफॉल के सामने फैले विशाल चट्टानें पर्यटकों के लिए पसंदीदा फोटो प्वाइंट बन जाता है. इन चट्टानों के ऊपर युवा दोनों हाथ फैलाकर ‘शाहरुख खान पोज’ में तस्वीरें और सेल्फी खिंचवाते हैं और दिन‌ को यादगार बनाते हैं. कैसे नाम पड़े सत्खटिया वॉटरफॉल?सत्खटिया वॉटरफॉल खूबसूरती के अलावा रोचक लोककथा के लिए भी प्रचलित है. नागदा गांव के अर्जुन महतो के अनुसार इस जलप्रपात के पास दामोदर नदी किनारे एक अत्यंत गहरा गड्ढा मौजूद है. मान्यता है कि किसी दौर में उसकी गहराई मापने के लिए सात खटियाओं की रस्सियों को जोड़ना पड़ा था .इसी वजह से इस स्थान का नाम ‘सत्खटिया वॉटरफॉल’ पड़ गया. हालांकि यह सिर्फ लोकमान्यता है. कैसे पहुंचें सत्खटिया वॉटरफॉल?बता दें कि सत्खटिया वॉटरफॉल बोकारो के तेलमच्चो ब्रिज से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. जहां सड़क मार्ग के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है. वहीं, मानसून के दौरान यहां आने वाले पर्यटकों को फिसलन वाली चट्टानों और तेज जलधारा के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा यहां पहुंचने के लिए गूगल मैप की भी मदद ले सकते हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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आश्वासन के बाद आश्रित संघ का हड़ताल स्थगित

सिटी रिपोर्टर | बोकारो पूर्व घोषित भूख हड़ताल कार्यक्रम बोकारो मृत कर्मचारी आश्रित संघ ने फिलहाल स्थगित कर दिया है। यह निर्णय प्रबंधन के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के बाद लिया गया। संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि 11 जून को प्रबंधन के पहल पर मृत कर्मचारी आश्रित संघ के प्रतिनिधियों के साथ नियोजन एवं अन्य लंबित मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श किया गया। वार्ता के दौरान प्रबंधन ने विभिन्न मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए समाधान का आश्वासन दिया। यदि प्रबंधन स्थायी नियोजन संबंधी प्रक्रिया को आगामी 10 दिनों के भीतर शुरू नहीं करता है, तो स्थगित आंदोलन को पुनः शुरू किया जाएगा तथा आंदोलन की नई रूपरेखा और तिथि की घोषणा की जाएगी। मौके पर अध्यक्ष सनी देओल, सलाम एहसान, शंभु कुमार, शमसुल अंसारी, बंसीधर प्रसाद, सतीश, धनी आदि थे। Source link

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गौ सम्मान आह्वान पर हस्ताक्षर अभियान शुरू

पत्थलगडा | विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार चतरा के निर्देश में कानूनी सहायता केंद्र पत्थलगडा द्वारा नावाडीह पंचायत के अंबाडीह में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। पीएलवी मुनीलाल दांगी, रविन्द्र कुमार एवं उमेश प्रसाद ने ग्रामीणों को बाल श्रम से संबंधित कानूनी प्रावधानों, बाल अधिकारों तथा शिक्षा के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल श्रम कानूनन अपराध है और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा व सुरक्षित भविष्य का अधिकार है। ग्रामीणों से बच्चों को विद्यालय भेजने तथा बाल श्रम या बाल शोषण की सूचना संबंधित विभाग या कानूनी सहायता केंद्र को देने की अपील की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इटखोरी| मां भद्रकाली मंदिर परिसर से शुक्रवार को गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया। इसे लेकर पूरे जिले में 5 लाख लोगों का हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान गौ भक्तों के सौजन्य से गौ सम्मान के लिए शुरूआत किया गया है। अभियान का नेतृत्व कर रहे आचार्य गंगाधर शास्त्री ने कहा कि मां भद्रकाली मंदिर प्रांगण से गौ भक्तों ने गौ सम्मान के लिए दूसरे फैज में इस अभियान का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे भारतवर्ष के 37 प्रांतों में यह हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी 27 जुलाई को राम नाम का हरि कीर्तन करते हुए गौ माता एवं नंदी महाराज की अध्यक्षता में गौ माता को राष्ट्रीय माता की दर्जा देने के लिए भारत एवं राज्य सरकार के नाम से जिले के उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में कहा गया है कि जब तक गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा नहीं मिलता है, तब तक यह अभियान चलता रहेगा। इटखोरी में गौ सेवक निर्भय पांडेय के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। मौके पर गौ सम्मान आह्वान अभियान एवं गौ रक्षा दल के सदस्य तथा भाजपा जिला महामंत्री मृत्युंजय सिंह, भाजपा इटखोरी मंडल महामंत्री शक्ति सिंह, भाजपा नेता सतीश सिंह और बैजनाथ यादव व हन्नी गुप्ता समेत बड़ी संख्या में गौ सेवक मौजूद थे। Source link

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झारखंड को सिर्फ खनिज राज्य ही नहीं, नॉलेज हब बनाना है: हेमंत

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के विकास का व्यापक विजन-दस्तावेज प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में सीएम ने दोटूक कहा कि देश को समृद्ध बनाने में झारखंड ने दशकों से अपनी खनिज संपदा की आहुति दी है, लेकिन बदले में विस्थापन, पर्यावरण की क्षति और उग्रवाद जैसी चुनौतियां झेली हैं। अब वक्त आ गया है कि देश झारखंड को सिर्फ रिसोर्स सप्लायर (संसाधन आपूर्तिकर्ता) न समझे, बल्कि विकास का बराबर का साझेदार बनाए। सीएम ने स्पष्ट किया कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना तब तक पूरा नहीं होगा, जब तक झारखंड को उसका हक और केंद्रीय उपक्रमों पर बकाया भारी-भरकम राशि नहीं मिल जाती। बैठक में हेमंत ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी, जब उसका सीधा लाभ यहां के मूलवासियों और आदिवासियों को मिले। हमारा लक्ष्य अब खनिज संपदा को मानव संपदा से, उद्योगों को सीधे रोजगार से और चौतरफा विकास को सामाजिक न्याय से जोड़ना है। इसके लिए माइनिंग सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित खनिज अन्वेषण और सस्टेनेबल माइनिंग (सतत खनन) पर काम शुरू कर दिया गया है। सीएम ने बताया कि सालाना 1400 करोड़ रुपए सिर्फ कौशल विकास पर खर्च हो रहे हैं। एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से 1200 करोड़ रु. का मेगा स्किलिंग इकोसिस्टम तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री सारथी योजना से 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। आईटीआई को रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल और एआई जैसे पाठ्यक्रमों के अनुरूप अपग्रेड किया जा रहा है। सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के सुखद परिणाम आने लगे हैं। यहां के बच्चे आईआईटी व मेडिकल संस्थानों में जा रहे हैं। हेमंत ने रखा झारखंड का विजन… मानव पूंजी ही असली समृद्धि: खनिज संपदा से धरती को ही नहीं खोदना है, बल्कि उससे मिलने वाले राजस्व को इंसानों पर खर्च कर विकास का नया मॉडल बनाना है। संसाधन से साझीदार की ओर: झारखंड अब सिर्फ कोयला-लोहा देने वाला राज्य बनकर नहीं रहेगा, इसे मैन्युफैक्चरिंग, नॉलेज व ग्रीन इकोनॉमी का हब बनना है। खेल और खिलाड़ियों की सुरक्षा: खेल महासंघों के ढर्रे में बड़ा सुधार किया जाएगा। खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए एक फूल-प्रूफ नई व्यवस्था लागू होगी। कुपोषण पर कड़ा प्रहार: सामर कार्यक्रम और पोषण अभियान से कुपोषण को खत्म किया जा रहा है। खेल और स्वास्थ्य में नया हब बनेगा राज्य सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: फुटबॉल-हॉकी के लिए राष्ट्रीय स्तर का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी है। मेडिकल सीटें: मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने व पीपीपी मोड पर नए मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव है। विदेशी स्कॉलरशिप: देश के शीर्ष संस्थानों के साथ-साथ विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए प्रतिभावान विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप दी जा रही है। केंद्र से बड़ी मांगें; कहा- हमारा हक तुरंत मिले नीति आयोग की बैठक में सीएम हेमंत सोरेन। इन्फ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ का मजबूत नेटवर्क… सीएम ने कहा- झारखंड अब पारंपरिक उद्योगों से हटकर टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और एग्रो-फूड प्रोसेसिंग में निवेश आकर्षित कर रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने पंचायत स्तर तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई हैं, जिसके तहत 1276 पंचायत स्तरीय दवा दुकानें खोली जा चुकी हैं। ₹1.36 लाख करोड़ का बकाया: केंद्र सरकार की कोल कंपनियों और अन्य केंद्रीय उपक्रमों पर बकाया इस राशि का भुगतान तुरंत किया जाए, ताकि यह पैसा राज्य के बुनियादी ढांचे में लग सके। 6000 करोड़ का जल जीवन फंड: जल जीवन मिशन के तहत लंबित 6000 करोड़ रुपए की राशि शीघ्र जारी की जाए। 15 हजार आंगनबाड़ी भवन: राज्य के 38 हजार केंद्रों में से 15 हजार के पास अपने भवन नहीं हैं। राज्य अपने दम पर 5000 भवन बना रहा है, शेष के लिए केंद्र वित्तीय मदद दे। एजुकेशन और स्पोर्ट्स इंफ्रा: राज्य में पीएम श्री व केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही, रांची में एनसीईआरटी का क्षेत्रीय केंद्र और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना हो। नीतिगत सरलीकरण: जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के नियमों की समीक्षा हो और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। Source link

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