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झारखंड में मानूसन का हुआ प्रवेश:5 साल में पहली बार 12 जून...

झारखंड में शुक्रवार को मानसून की एंट्री हो गई। यह संथाल और कोल्हान के रास्ते झारखंड पहुंचा। इसके साथ ही सात जिलों दुमका, साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा, जामताड़ा, पूर्वी सिंहभूम और गिरिडीह के कुछ क्षेत्रों में मामूली बारिश हुई। पिछले पांच साल में पहली बार मानसून तय समय पर झारखंड आया है, लेकिन इसकी रफ्तार धीमी है। झारखंड में मानसून के प्रवेश का सामान्य समय 10 से 12 जून है। लेकिन पिछले पांच वर्षों के दौरान 5 से 9 दिन की देरी से मानसून आया था। इससे पहले 2021 में 12 जून को मानसून झारखंड पहुंचा था। 3-4 दिन में प्रदेश को करेगा कवर सामान्यतः पूरे झारखंड को कवर करने में 3 से 7 दिन का समय लगता है, लेकिन इस बार अगले तीन से चार दिनों के दौरान पूरे झारखंड को कवर करने की संभावना है। इस दौरान अगले दो से तीन दिन अच्छी बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश में कमी आएगी। अगले दो दिन तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होगी। इसके बाद फिर तापमान बढ़ेगा। इस बार अल नीनो का जबर्दस्त असर दिख सकता है। इस वजह से जून में सामान्य 189.5 एमएम से कम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बनने की पूरी संभावना है। ऐसे में जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश हो सकती है। आज आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। राज्य के उत्तर-पूर्वी एवं निकटवर्ती मध्य क्षेत्र में धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, में कहीं-कहीं गरज के साथ 50 से 60 किमी की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 14 जून से 18 जून तक रांची सहित राज्य के अधिकतर जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। इस दौरान गर्जन के साथ वज्रपात होने की भी संभावना है। वहीं मानसून के प्रवेश करने के साथ ही झारखंड में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 5 डिग्री तक गिर गया। इससे गर्मी से हल्की राहत मिली है। सबसे अधिक सिमडेगा का अधिकतम तापमान 5 डिग्री गिरकर 31.9 डिग्री पर पहुंच गया। रांची का अधिकतम तापमान 4.1 डिग्री गिरकर 31.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से 4 डिग्री कम है। जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 3.7 डिग्री गिरकर 34.5 डिग्री पर आ गया। डालटनगंज 39.8 डिग्री के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा। झारखंड में मानसून का गणित झारखंड में मानसून के दौरान सामान्यतः 1022 एमएम बारिश होती है। झारखंड में पिछले साल सामान्य से 17 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी। जबकि, 2024 में मात्र 1% कम हुई थी, जो सामान्य की श्रेणी में आती है। वहीं, वर्ष 2023 में सामान्य से करीब 27% कम बारिश हुई थी। मानसून प्रवेश की बात करें तो वर्ष साल 2022 में मानसून 18 जून को आया था। इस साल 817.6 मिमी बारिश हुई थी। साल 2023 में 19 जून को मानसून आया था। तब 751.3 मिमी बारिश हुई। साल 2024 में 21 जून को मानसून आया। बारिश 1008.9 मिमी हुई। इसी तरह साल 2025 में 19 जून को मानसून का प्रवेश हुआ। बीते वर्ष 1118.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। Source link

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जुड़वां झरने और प्राकृतिक नजारे… धनबाद-बोकारो बॉर्डर पर है यह खूबसूरती वॉटरफॉल,...

Last Updated:June 13, 2026, 06:16 IST धनबाद-बोकारो सीमा पर नागदा में सत्खटिया वॉटरफॉल स्थित है. यहां एक ही जगह पर दो शानदार झरने दिखाई देते हैं .मानसून के मौसम में इस जलप्रपात की खूबसूरती दोगुनी हो जाती है. यह मनोरम स्थल पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है. घने जंगलों और चट्टानों के बीच यहां अद्भुत नजारा दिखता है. ख़बरें फटाफट बोकारोः अगर आप मानसून में किसी खूबसूरत और शांत प्राकृतिक स्थल की तलाश में हैं, तो बोकारो और धनबाद के दामोदर सीमा नागदा में स्थित सत्खटिया वॉटरफॉल आपके लिए बेहतरीन जगह हो सकती है. यहां घने जंगलों और विशाल चट्टानों के बीच एक साथ दो झरनों का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है. मानसून के दौरान दूर दराज इलाकों से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं. बरसात में खूबसूरती दोगुनीबरसात के दौरान सत्खटिया वॉटरफॉल कि खूबसूरती दोगुनी हो जाती है क्योंकि बारिश के मौसम में दोनों झरनों का जलप्रवाह तेज हो जाता है. पूरा इलाका किसी कलाकार की खूबसूरत पेंटिंग जैसी दिखती है. वॉटरफॉल के सामने फैले विशाल चट्टानें पर्यटकों के लिए पसंदीदा फोटो प्वाइंट बन जाता है. इन चट्टानों के ऊपर युवा दोनों हाथ फैलाकर ‘शाहरुख खान पोज’ में तस्वीरें और सेल्फी खिंचवाते हैं और दिन‌ को यादगार बनाते हैं. कैसे नाम पड़े सत्खटिया वॉटरफॉल?सत्खटिया वॉटरफॉल खूबसूरती के अलावा रोचक लोककथा के लिए भी प्रचलित है. नागदा गांव के अर्जुन महतो के अनुसार इस जलप्रपात के पास दामोदर नदी किनारे एक अत्यंत गहरा गड्ढा मौजूद है. मान्यता है कि किसी दौर में उसकी गहराई मापने के लिए सात खटियाओं की रस्सियों को जोड़ना पड़ा था .इसी वजह से इस स्थान का नाम ‘सत्खटिया वॉटरफॉल’ पड़ गया. हालांकि यह सिर्फ लोकमान्यता है. कैसे पहुंचें सत्खटिया वॉटरफॉल?बता दें कि सत्खटिया वॉटरफॉल बोकारो के तेलमच्चो ब्रिज से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. जहां सड़क मार्ग के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है. वहीं, मानसून के दौरान यहां आने वाले पर्यटकों को फिसलन वाली चट्टानों और तेज जलधारा के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा यहां पहुंचने के लिए गूगल मैप की भी मदद ले सकते हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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आश्वासन के बाद आश्रित संघ का हड़ताल स्थगित

सिटी रिपोर्टर | बोकारो पूर्व घोषित भूख हड़ताल कार्यक्रम बोकारो मृत कर्मचारी आश्रित संघ ने फिलहाल स्थगित कर दिया है। यह निर्णय प्रबंधन के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के बाद लिया गया। संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि 11 जून को प्रबंधन के पहल पर मृत कर्मचारी आश्रित संघ के प्रतिनिधियों के साथ नियोजन एवं अन्य लंबित मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श किया गया। वार्ता के दौरान प्रबंधन ने विभिन्न मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए समाधान का आश्वासन दिया। यदि प्रबंधन स्थायी नियोजन संबंधी प्रक्रिया को आगामी 10 दिनों के भीतर शुरू नहीं करता है, तो स्थगित आंदोलन को पुनः शुरू किया जाएगा तथा आंदोलन की नई रूपरेखा और तिथि की घोषणा की जाएगी। मौके पर अध्यक्ष सनी देओल, सलाम एहसान, शंभु कुमार, शमसुल अंसारी, बंसीधर प्रसाद, सतीश, धनी आदि थे। Source link

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गौ सम्मान आह्वान पर हस्ताक्षर अभियान शुरू

पत्थलगडा | विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार चतरा के निर्देश में कानूनी सहायता केंद्र पत्थलगडा द्वारा नावाडीह पंचायत के अंबाडीह में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। पीएलवी मुनीलाल दांगी, रविन्द्र कुमार एवं उमेश प्रसाद ने ग्रामीणों को बाल श्रम से संबंधित कानूनी प्रावधानों, बाल अधिकारों तथा शिक्षा के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल श्रम कानूनन अपराध है और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा व सुरक्षित भविष्य का अधिकार है। ग्रामीणों से बच्चों को विद्यालय भेजने तथा बाल श्रम या बाल शोषण की सूचना संबंधित विभाग या कानूनी सहायता केंद्र को देने की अपील की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इटखोरी| मां भद्रकाली मंदिर परिसर से शुक्रवार को गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया। इसे लेकर पूरे जिले में 5 लाख लोगों का हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान गौ भक्तों के सौजन्य से गौ सम्मान के लिए शुरूआत किया गया है। अभियान का नेतृत्व कर रहे आचार्य गंगाधर शास्त्री ने कहा कि मां भद्रकाली मंदिर प्रांगण से गौ भक्तों ने गौ सम्मान के लिए दूसरे फैज में इस अभियान का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे भारतवर्ष के 37 प्रांतों में यह हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी 27 जुलाई को राम नाम का हरि कीर्तन करते हुए गौ माता एवं नंदी महाराज की अध्यक्षता में गौ माता को राष्ट्रीय माता की दर्जा देने के लिए भारत एवं राज्य सरकार के नाम से जिले के उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में कहा गया है कि जब तक गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा नहीं मिलता है, तब तक यह अभियान चलता रहेगा। इटखोरी में गौ सेवक निर्भय पांडेय के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। मौके पर गौ सम्मान आह्वान अभियान एवं गौ रक्षा दल के सदस्य तथा भाजपा जिला महामंत्री मृत्युंजय सिंह, भाजपा इटखोरी मंडल महामंत्री शक्ति सिंह, भाजपा नेता सतीश सिंह और बैजनाथ यादव व हन्नी गुप्ता समेत बड़ी संख्या में गौ सेवक मौजूद थे। Source link

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झारखंड को सिर्फ खनिज राज्य ही नहीं, नॉलेज हब बनाना है: हेमंत

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के विकास का व्यापक विजन-दस्तावेज प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में सीएम ने दोटूक कहा कि देश को समृद्ध बनाने में झारखंड ने दशकों से अपनी खनिज संपदा की आहुति दी है, लेकिन बदले में विस्थापन, पर्यावरण की क्षति और उग्रवाद जैसी चुनौतियां झेली हैं। अब वक्त आ गया है कि देश झारखंड को सिर्फ रिसोर्स सप्लायर (संसाधन आपूर्तिकर्ता) न समझे, बल्कि विकास का बराबर का साझेदार बनाए। सीएम ने स्पष्ट किया कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना तब तक पूरा नहीं होगा, जब तक झारखंड को उसका हक और केंद्रीय उपक्रमों पर बकाया भारी-भरकम राशि नहीं मिल जाती। बैठक में हेमंत ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी, जब उसका सीधा लाभ यहां के मूलवासियों और आदिवासियों को मिले। हमारा लक्ष्य अब खनिज संपदा को मानव संपदा से, उद्योगों को सीधे रोजगार से और चौतरफा विकास को सामाजिक न्याय से जोड़ना है। इसके लिए माइनिंग सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित खनिज अन्वेषण और सस्टेनेबल माइनिंग (सतत खनन) पर काम शुरू कर दिया गया है। सीएम ने बताया कि सालाना 1400 करोड़ रुपए सिर्फ कौशल विकास पर खर्च हो रहे हैं। एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से 1200 करोड़ रु. का मेगा स्किलिंग इकोसिस्टम तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री सारथी योजना से 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। आईटीआई को रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल और एआई जैसे पाठ्यक्रमों के अनुरूप अपग्रेड किया जा रहा है। सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के सुखद परिणाम आने लगे हैं। यहां के बच्चे आईआईटी व मेडिकल संस्थानों में जा रहे हैं। हेमंत ने रखा झारखंड का विजन… मानव पूंजी ही असली समृद्धि: खनिज संपदा से धरती को ही नहीं खोदना है, बल्कि उससे मिलने वाले राजस्व को इंसानों पर खर्च कर विकास का नया मॉडल बनाना है। संसाधन से साझीदार की ओर: झारखंड अब सिर्फ कोयला-लोहा देने वाला राज्य बनकर नहीं रहेगा, इसे मैन्युफैक्चरिंग, नॉलेज व ग्रीन इकोनॉमी का हब बनना है। खेल और खिलाड़ियों की सुरक्षा: खेल महासंघों के ढर्रे में बड़ा सुधार किया जाएगा। खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए एक फूल-प्रूफ नई व्यवस्था लागू होगी। कुपोषण पर कड़ा प्रहार: सामर कार्यक्रम और पोषण अभियान से कुपोषण को खत्म किया जा रहा है। खेल और स्वास्थ्य में नया हब बनेगा राज्य सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: फुटबॉल-हॉकी के लिए राष्ट्रीय स्तर का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी है। मेडिकल सीटें: मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने व पीपीपी मोड पर नए मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव है। विदेशी स्कॉलरशिप: देश के शीर्ष संस्थानों के साथ-साथ विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए प्रतिभावान विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप दी जा रही है। केंद्र से बड़ी मांगें; कहा- हमारा हक तुरंत मिले नीति आयोग की बैठक में सीएम हेमंत सोरेन। इन्फ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ का मजबूत नेटवर्क… सीएम ने कहा- झारखंड अब पारंपरिक उद्योगों से हटकर टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और एग्रो-फूड प्रोसेसिंग में निवेश आकर्षित कर रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने पंचायत स्तर तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई हैं, जिसके तहत 1276 पंचायत स्तरीय दवा दुकानें खोली जा चुकी हैं। ₹1.36 लाख करोड़ का बकाया: केंद्र सरकार की कोल कंपनियों और अन्य केंद्रीय उपक्रमों पर बकाया इस राशि का भुगतान तुरंत किया जाए, ताकि यह पैसा राज्य के बुनियादी ढांचे में लग सके। 6000 करोड़ का जल जीवन फंड: जल जीवन मिशन के तहत लंबित 6000 करोड़ रुपए की राशि शीघ्र जारी की जाए। 15 हजार आंगनबाड़ी भवन: राज्य के 38 हजार केंद्रों में से 15 हजार के पास अपने भवन नहीं हैं। राज्य अपने दम पर 5000 भवन बना रहा है, शेष के लिए केंद्र वित्तीय मदद दे। एजुकेशन और स्पोर्ट्स इंफ्रा: राज्य में पीएम श्री व केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही, रांची में एनसीईआरटी का क्षेत्रीय केंद्र और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना हो। नीतिगत सरलीकरण: जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के नियमों की समीक्षा हो और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। Source link

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बिना पाठ-योजना के नहीं पढ़ा सकेंगे शिक्षक, हर अध्याय की अलग तैयारी...

भास्कर न्यूज | सिमडेगा झारखंड के सरकारी, सहायता प्राप्त और अल्पसंख्यक विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की कार्यशैली में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसके तहत अब कोई भी शिक्षक बिना लिखित पाठ-योजना (लेसन प्लान) के कक्षा में पढ़ाई नहीं करा सकेंगे। प्रत्येक विषय के प्रत्येक अध्याय के लिए पहले से विस्तृत योजना तैयार करनी होगी और उसे प्रधानाध्यापक से अनुमोदित कराना अनिवार्य होगा। जेसीईआरटी के निदेशक शशि रंजन द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि शिक्षण प्रक्रिया को केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित न रखकर गतिविधि आधारित, अनुभवात्मक और दक्षता आधारित बनाया जाए। इसके लिए हर अध्याय को पढ़ाने से पहले शिक्षक को यह तय करना होगा कि छात्र क्या सीखेंगे, कौन-कौन सी गतिविधियां कराई जाएंगी, मूल्यांकन कैसे होगा और स्थानीय संदर्भों को पढ़ाई से किस प्रकार जोड़ा जाएगा। एक सप्ताह से एक माह पहले बनानी होगी योजना : नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों को कक्षा संचालन से एक सप्ताह, पखवाड़ा या एक माह पहले पाठ-योजना तैयार करनी होगी। योजना को प्रधानाध्यापक से सत्यापित कराने के बाद ही उसे लागू किया जा सकेगा। सभी विषयों की योजनाओं को एक ही पंजी या इंडेक्स फाइल में संधारित करना होगा और कक्षा में जाते समय शिक्षक को यह फाइल साथ रखना अनिवार्य होगा। औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारी चालू सत्र की पाठ-योजना फाइल की जांच कर सकेंगे। यदि कोई अध्याय कई दिनों तक पढ़ाया जाता है तो शिक्षक को प्रतिदिन पढ़ाए गए विषय,कराई गई गतिविधियों और विद्यार्थियों की सहभागिता का विवरण भी दर्ज करना होगा। प्रधानाध्यापकों की भूमिका भी होगी अहम: एसओपी में प्रधानाध्यापकों की जिम्मेदारी भी स्पष्ट रूप से तय की गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक द्वारा प्रस्तुत पाठ-योजना उसी विषय की हो, जिसे वह पढ़ाते हैं और योजना राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में तैयार की गई हो। फाइल भर जाने पर उसे विद्यालय कार्यालय में सुरक्षित रखा जाएगा और नई फाइल शुरू की जाएगी। औचक निरीक्षण के दिन प्रधानाध्यापक को उसी दिन पाठ-योजना पर प्रतिहस्ताक्षर करना होगा। इससे शिक्षण कार्य की नियमित निगरानी संभव हो सकेगी। झारखंड की भाषाई विविधता को ध्यान में रखकर तैयार हुई व्यवस्था जेसीईआरटी ने माना है कि झारखंड भाषाई और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत विविध राज्य है। यहां संथाली, मुंडारी, हो, खोरठा समेत कई भाषाएं बोली जाती हैं। कई दूरस्थ विद्यालयों में शिक्षण सामग्री (टीएलएम) की कमी रहती है तथा 40 से 45 मिनट के सीमित पीरियड में बिना तैयारी के पढ़ाने से समय का समुचित उपयोग नहीं हो पाता। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पाठ-योजना को अनिवार्य बनाया गया है ताकि शिक्षक पहले से तैयारी कर कक्षा में जाएं और उपलब्ध समय का अधिकतम उपयोग हो सके। क्या कहते हैं जिला शिक्षा अधीक्षक जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक कुमार राम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी,गुणवत्तापूर् ण और परिणाम आधारित बनाने के लिए यह पहल की गई है। पाठ-योजना के माध्यम से शिक्षक पूर्व तैयारी के साथ कक्षा में जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण अनुभव मिलेगा। जिले के सभी विद्यालयों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। Source link

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मारपीट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

लातेहार | जिले के बारियातू थाना पुलिस ने मारपीट, धमकी और अन्य संगीन आरोपों से जुड़े एक मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में शिवनाथ गंझू उर्फ अजय गंझू (पिता किशुन गंझू) तथा मुकेश गंझू (पिता रामा गंझू उर्फ ननकू गंझू) शामिल हैं। दोनों बरियातू थाना क्षेत्र के पकुरवा मनातू गांव के रहने वाले हैं। थाना प्रभारी रंजन पासवान ने बताया कि मारपीट मामले में थाना कांड संख्या 38/25 में दर्ज की गई थी। Source link

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लावापानी जलप्रपात व 27 नंबर रेलवे ब्रिज पर्यटन स्थल को कैटगरी में...

भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल पर सुविधा और सुरक्षा बढ़ाने को लेकर जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। इसे लेकर समिति ने सहमति दे दी है। समय-समय पर पर्यटन के क्षेत्र में पर्यटकों के सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किया भी गए हैं। हालांकि अन्य जिलों की तुलना में पर्यटन क्षेत्र में विकास के कार्य नदारद रही है, फिर भी एक बार फिर उम्मीद की किरण जगी है। लोहरदगा उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने जिला पर्यटन समिति की बैठक में लावापानी जलप्रपात और 27 नंबर रेलवे ब्रिज पर्यटन स्थल को कैटेगरी “अ” में अपग्रेड करने का निर्णय लिया। कोराम्बे विष्णुपद मंदिर को कैटेगरी सी से बी में अपग्रेड करने का निर्देश दिया गया। डीसी ने कहा कि जिला के अधिसूचित पर्यटन स्थलों का विकास करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाएं। नंदिनी जलाशय में पर्यटकों के लिए बोटिंग की सुविधा के लिए सरकार के प्रस्ताव भेजे जाने का निर्देश दिया। सभी अधिसूचित पर्यटन स्थलों में लाभुक समिति का गठन करने का निर्देश दिया। नए पर्यटन स्थलों को चिह्नित करने का प्रस्ताव रखा : वन भूमि वाले पर्यटन स्थल में सामुदायिक विकास केंद्र विकसित करने का निर्णय लिया गया। समिति के सदस्यों ने नए पर्यटन स्थलों को चिह्नित करने का प्रस्ताव रखा। जिला में पर्यटन स्थलों पर में आवश्यक साइनेज व डिस्प्ले लगाने, डेंजर जोन से संबंधित साइनेज लगाने और महत्वपूर्ण फोन नंबरों को डिस्प्ले कराने का कार्य करने को भी कहा गया है। मूलभूत सुविधाओं को दिए जाने के िलए आवश्यक प्राक्कलन बनाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही आवश्यक सुविधाएं देने के िलए स्थानीय लोगों से भी सुझाव लिए जाने का निर्देश दिया गया। पर्यटन समिति द्वारा प्रमुख पर्यटक स्थल में नागरिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई कराए गए थे। समिति में डीडीसी राज महेश्वरम, पीडी आइटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, जिला खेल पदाधिकारी उपवन बड़ा समेत अन्य पदाधिकारी व समिति के सदस्य उपस्थित थे। Source link

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उपायुक्त ने दीदी कैफे का किया निरीक्षण संचालन व्यवस्था सुदृढ़ करने के...

भास्कर न्यूज|लोहरदगा उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने गुरुवार को दीदी कैफे कुडू का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कैफे में आने वाले ग्राहकों की संख्या, किचन की स्थिति, साफ-सफाई, बर्तनों की उपलब्धता तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का अवलोकन किया। उपायुक्त ने कैफे परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से गतिविधियों की निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली व इसे प्रभावी बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने शौचालय का भी निरीक्षण किया और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के क्रम में इन्वर्टर व बोरिंग से संबंधित समस्याओं की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कैफे संचालिकाओं ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 4 हजार से 7 हजार रुपए तक की बिक्री हो रही है। उपायुक्त ने कहा कि कैफे का संचालन व्यवस्थित ढंग से करना आवश्यक है। उन्होंने आवश्यकतानुसार स्टाफ की नियुक्ति करने, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने दीदियों को आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि कैफे को एक सफल उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। साथ ही उन्होंने बिक्री और आय-व्यय का पारदर्शी लेखा-जोखा रखने के लिए बिलिंग प्रणाली विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि किसी प्रकार की वित्तीय हानि न हो तथा कैफे का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके। मौके पर डीपीएम जेएसएलपीएस समेत दीदी कैफे की दीदियां उपस्थित रही। Source link

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1.25 lakh Mahamrityunjaya chanting and Rudrabhishek rituals begin at Sahastra Shivalinga Temple...

इटखोरी21 घंटे पहले कॉपी लिंक इटखोरी| मां भद्रकाली मंदिर प्रांगण स्थित सहस्त्र शिवलिंगम मंदिर में गुरुवार से श्रद्धा और भक्ति के साथ सवा लाख महामृत्युंजय जाप एवं रुद्राभिषेक अनुष्ठान विधि-विधान से शुरू हो गया। यहां इटखोरी चौक के व्यवसाय यजमान संदीप केसरी एवं उनके परिजनों के द्वार Source link

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