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कोडरमा घाटी में बस-ट्रक की टक्कर:वाहन आपस में टकराए, घंटों जाम से...

कोडरमा जिले के सदर थाना क्षेत्र में रांची-पटना मुख्य मार्ग स्थित कोडरमा घाटी के मेघातरी में बीती रात भीषण सड़क हादसा हो गया। बिहार के सिवान से टाटा जा रही ‘शिव शक्ति’ नामक बस अचानक अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रहे एक ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस को बचाने के प्रयास में ट्रक भी नियंत्रण खो बैठा और आगे चलकर दो अन्य ट्रकों से जा भिड़ा। देखते ही देखते हाईवे पर चार वाहन आपस में टकरा गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद यात्रियों में मचा हड़कंप इस भीषण टक्कर के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। अचानक हुए हादसे से लोग घबरा गए और बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में सभी वाहनों के चालक और यात्रियों को केवल मामूली चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों की मदद की और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हादसे के बाद कुछ देर तक इलाके में दहशत का माहौल बना रहा। घाटी में घंटों लगा रहा जाम टक्कर के बाद चारों क्षतिग्रस्त वाहन सड़क के बीचों-बीच खड़े हो गए, जिससे कोडरमा घाटी में लंबा जाम लग गया। रांची-पटना जैसे व्यस्त मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और लंबी दूरी तय कर रहे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही कोडरमा थाना की पेट्रोलिंग पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद सभी वाहनों को सड़क से हटवाया और धीरे-धीरे यातायात को सामान्य कराया। घंटों बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही फिर से सुचारु हो सकी। Source link

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झारखंड में अवैध कोयला कारोबार पर ED का बड़ा एक्शन, धनबाद समेत...

Last Updated:July 28, 2026, 10:56 IST CJP प्रोटेस्ट पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, CJI बोले- ‘हमारे पास समय नहीं, वीडियो भी नहीं देखना’ रांची: झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है. धनबाद समेत कई जिलों में एक साथ छापेमारी की जा रही है. यह कार्रवाई अवैध कोयला खनन और करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है. जानकारी के मुताबिक ED की टीमें 25 से ज्यादा ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. इनमें से धनबाद के 6 ठिकानों पर भी लगातार जांच जारी है. कई कारोबारियों और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर दस्तावेज और अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं. जिन लोगों के यहां ED की कार्रवाई चल रही है, उनमें अनिल गोयल, गणेश यादव, पप्पू मंडल, हरेंद्र चौहान, अनूप चौहान, इम्तियाज अली, रोहित यादव, राजेश यादव, गुड्डू यादव और लाल बाबू सिंह से जुड़े कुछ सहयोगियों के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं. इसके अलावा कुछ अन्य लोगों के यहां भी छापेमारी की जा रही है. ED को शक है कि अवैध कोयला खनन से करोड़ों रुपये की कमाई की गई और इस पैसे को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए इधर-उधर किया गया. इसी मामले की जांच के तहत यह बड़ी कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल सभी ठिकानों पर ED की जांच जारी है. एजेंसी दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य अहम सबूत जुटा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा. यह ख़बर बिल्कुल अभी आई है और इसे सबसे पहले आप News18Hindi पर पढ़ रहे हैं. जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, हम इसे अपडेट कर रहे हैं. ज्यादा बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए आप इस खबर को रीफ्रेश करते रहें, ताकि सभी अपडेट आपको तुरंत मिल सकें. आप हमारे साथ बने रहिए और पाइए हर सही ख़बर, सबसे पहले सिर्फ Hindi.News18.com पर… News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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गिरिडीह में मोबाइल रिपेयरिंग दुकान में चोरी:लैपटॉप, आठ मोबाइल समेत 2 लाख...

गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र में कालीबाड़ी मंदिर के समीप स्थित एक मोबाइल रिपेयरिंग दुकान को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सोमवार देर रात चोर दुकान का मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। वहां रखे कीमती सामान समेटकर फरार हो गए। सुबह जब आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मिली तो इलाके में सनसनी फैल गई। यह वारदात शहर के व्यस्त इलाके में होने के कारण स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। टूटा दरवाजा, बिखरा सामान और गायब मिले महंगे फोन दुकान संचालक सूरज दास ने बताया कि वह सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब वे दुकान खोलने पहुंचे, तो दरवाजा टूटा हुआ मिला और अंदर का नजारा देख उनके होश उड़ गए। दुकान में सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि एक लैपटॉप और ग्राहकों के रिपेयरिंग के लिए रखे गए आठ महंगे मोबाइल फोन चोरी हो चुके हैं। सूरज दास के अनुसार चोरी गई संपत्ति की कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपये है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और फॉरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। इधर, स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रात में गश्ती बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है। पीड़ित दुकानदार ने भी पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर चोरी गए सामान की बरामदगी की अपील की है। Source link

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नैनो यूरिया और नैनो डीएपी से घटेगी लागत, बढ़ेगी पैदावार: कृषि विभाग

भास्कर न्यूज |गिरिडीह कृषि प्रधान जिला गिरिडीह में धान की खेती को अधिक लाभकारी, कम लागत वाली और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा किसानों के बीच नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं जैव उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी कम लागत, आसान परिवहन, 80 प्रतिशत से अधिक पोषक तत्व दक्षता तथा बेहतर अवशोषण के कारण किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं। इनका उपयोग फसलों की हरियाली, जड़ों के विकास और पैदावार में वृद्धि करता है। विभाग ने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने का आह्वान किया। कृषि सलाहकार मधुकर कुमार ने बताया कि धान की फसल में रोपाई के 35वें और 45वें दिन इफको नैनो यूरिया का 5 मिली प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करने से पौधों की वृद्धि तेज होती है। इससे जड़ें मजबूत होती हैं, अधिक कल्ले निकलते हैं और दानों की गुणवत्ता में सुधार होता है।नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के संतुलित उपयोग से पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों पर 25 से 50 प्रतिशत तक निर्भरता कम की जा सकती है। इससे उत्पादन लागत घटती है, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। जिला कृषि पदाधिकारी आशुतोष तिवारी ने कहा कि लगातार रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। ऐसे में नैनो उर्वरकों और जैव उत्पादों का संतुलित उपयोग टिकाऊ खेती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इससे मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और फसलों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक प्रभावी ढंग से मिलेंगे। आप खेती-किसानी से जुड़े किस विषय पर जानकारी चाहते हैं, वॉट्सएप नंबर 7 004690495 पर सिर्फ मैसेज करें। Source link

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MGM मेडिकल कॉलेज के छात्रों के रहने के लिए बेस्ट है ये...

Last Updated:July 28, 2026, 10:24 IST Best Student Stay Near MGM Medical College: जमशेदपुर के MGM मेडिकल कॉलेज के पास रहने की जगह तलाश रहे हैं तो इन दो विकल्पों पर विचार कर सकते हैं. छात्रों के लिए गोकुल नगर और रिवर व्यू कॉलोनी सबसे सुरक्षित, सुविधाजनक और कम किराये वाली जगहें मानी जाती हैं. जमशेदपुर के MGM मेडिकल कॉलेज में मेडिकल काउंसलिंग के बाद जल्द ही नए छात्रों का दाखिला शुरू होने वाला है. ऐसे में सबसे बड़ी चिंता रहती है कि बच्चों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और कम किराये वाला कमरा कहां मिले. अगर आप भी अपने बेटे या बेटी के लिए कॉलेज के पास रहने की जगह तलाश रहे हैं, तो गोकुल नगर और रिवर व्यू कॉलोनी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. यह इलाका कॉलेज से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे छात्र पैदल भी आसानी से कॉलेज आ-जा सकते हैं. इस इलाके की सबसे बड़ी खासियत इसका कम किराया है. यहां छात्रों के लिए कमरे मात्र ₹2000 प्रति माह से उपलब्ध होने शुरू हो जाते हैं. जरूरत और सुविधाओं के अनुसार अलग-अलग बजट में कमरे भी मिल जाते हैं. कम किराये के साथ-साथ यहां शांत वातावरण मिलता है, जो मेडिकल जैसे कठिन पाठ्यक्रम की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए काफी मददगार साबित होता है. गोकुल नगर और रिवर व्यू कॉलोनी में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं अच्छी हैं. इलाके की सड़कें व्यवस्थित हैं और रोजमर्रा की जरूरत की दुकानें भी आसपास मौजूद हैं. मेडिकल स्टोर, किराना दुकान, सब्जी बाजार और खाने-पीने की कई सुविधाएं नजदीक होने के कारण छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता. कॉलेज पास होने से आने-जाने में समय और खर्च दोनों की बचत होती है. Add News18 as Preferred Source on Google इस क्षेत्र की एक और खास बात यहां का सामाजिक माहौल है. कॉलोनी में डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस अधिकारी, व्यवसायी और अन्य प्रतिष्ठित पेशों से जुड़े लोग रहते हैं. ऐसे शिक्षित और व्यवस्थित माहौल में रहने से छात्रों को सुरक्षित वातावरण मिलता है. अभिभावक भी अपने बच्चों को यहां निश्चिंत होकर रख सकते हैं, क्योंकि कॉलोनी का माहौल अनुशासित और परिवारों के रहने के लिए उपयुक्त माना जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मेडिकल कॉलेज में दाखिले के समय कई छात्र इसी इलाके में कमरा लेते हैं. कॉलेज के पास होने और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहने के कारण यह इलाका छात्रों की पहली पसंद बनता जा रहा है. यहां पढ़ाई के लिए शांत माहौल मिलता है, जिससे छात्र बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे पाते हैं. अगर आपका बच्चा इस साल MGM मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में दाखिला लेने जा रहा है और आप कम किराये में सुरक्षित, सुविधाजनक और अच्छे माहौल वाला कमरा तलाश रहे हैं, तो गोकुल नगर और रिवर व्यू कॉलोनी आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है. कम किराया, कॉलेज से नजदीकी, बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण इस इलाके को मेडिकल छात्रों के लिए रहने की सबसे उपयुक्त जगहों में शामिल करते हैं. Source link

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अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप : आवेदन 10 से 31 अगस्त तक

गुमला| जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक पात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप पर जिलेभर में व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करने का फैसला किया है। यह स्कॉलरशिप झारखंड सहित देश के 20 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। प्रशासन के अनुसार पिछले वर्ष महाविद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) और +2 विद्यालयों के माध्यम से बड़ी संख्या में छात्राओं तक पहुंच बनाई गई थी। आवेदन प्रक्रिया में सहायता भी दी गई थी। इसके बावजूद समीक्षा में सामने आया कि कुछ छात्राओं के आवेदन फॉर्म और दस्तावेज ऑनलाइन सही तरीके से अपलोड नहीं हो पाए। इस कारण वे चयन प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ संकीं। इसी अनुभव के आधार पर शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए आवेदन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत जिले के सभी महाविद्यालयों, संबंधित विभागों, प्रखंड प्रशासन, शिक्षा विभाग और सहयोगी संस्थाओं के साथ समन्वय कर अभियान चलाया जाएगा। उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र छात्रा आवेदन से वंचित न रहे। स्कॉलरशिप के लिए पात्रता में शर्तें तय की गई हैं। छात्रा ने कक्षा 10 और कक्षा 12 दोनों सरकारी विद्यालय से नियमित छात्रा के रूप में उत्तीर्ण की हो। छात्रा ने सत्र 2027-28 में किसी मान्यता प्राप्त स्नातक डिग्री या डिप्लोमा के प्रथम वर्ष के नियमित पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया हो। योजना के तहत पात्र छात्राओं को 30,000 रुपये प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति दी जाती है। इसका उपयोग ट्यूशन फीस और अन्य शैक्षणिक जरूरतों के लिए किया जा सकता है। यह सहायता स्नातक पाठ्यक्रम की पूरी अवधि तक उपलब्ध रहेगी। राउंड-1 के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 अगस्त 2026 से 31 अगस्त 2026 तक किए जा सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। छात्राएं जरूरी दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर स्वयं आवेदन कर सकती हैं। उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों, प्रखंड प्रशासन, शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों से पात्र छात्राओं की पहचान कर आवेदन में सहयोग करने की अपील की है। Source link

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Dhanbad ED Raid: Illegal Coal Mining Crackdown

आठ महीने पहले भी इन कोयला कारोबारियों के यहां ईडी ने छापेमारी की थी। (फाइल) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार सुबह धनबाद में अवैध कोयला खनन और उससे जुड़े काले कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। ईडी की 25 अलग-अलग टीमों ने जिले के विभिन्न इलाकों में एक साथ 25 ठिकानों पर छापेमारी की, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। . आज ईडी ने एक साथ 25 ठिकानों पर रेड मारा है। प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई कथित कोयला कारोबारी एलबी सिंह, अनिल गोयल, गणेश यादव, पप्पू मंडल, अनूप चौहान, हरेंद्र चौहान, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रोहित यादव और उनके सहयोगियों से जुड़े परिसरों पर की जा रही है। सुबह-सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान सभी स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी तरह की बाधा न उत्पन्न हो सके। ईसीआईआर दर्ज कर जांच किया तेज ईडी की यह कार्रवाई अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े बड़े नेटवर्क को खंगालने के लिए की जा रही है। एजेंसी ने इस पूरे प्रकरण में चार अलग-अलग प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच के दौरान ईडी को संदेह है कि अवैध कोयला कारोबार के जरिए बड़े पैमाने पर संपत्ति अर्जित की गई है। एक कोयला कारोबारी के यहां ईडी सीढ़ी लगा कर घुसी। इसी कड़ी में छापेमारी के दौरान दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का फोकस इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने पर है। पहले भी हो चुकी बड़ी कार्रवाई गौरतलब है कि इससे पहले 21 नवंबर 2025 को भी ईडी ने धनबाद और दुमका में एलबी सिंह और उनके सहयोगियों से जुड़े करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान एजेंसी ने 2 करोड़ 20 लाख रुपए नकद, 150 से अधिक जमीन के दस्तावेज और अवैध कोयला कारोबार से जुड़े कई अहम साक्ष्य बरामद किए थे। समाचार लिखे जाने तक ईडी का तलाशी अभियान जारी है। ———————————————— इसे भी पढ़ें… झारखंड में 18 जगह ED रेड, 2.2 करोड़ कैश बरामद:कारोबारी एलबी. सिंह के ठिकानों पर भी दबिश, कोयला तस्करी से जुड़ा मामला झारखंड में ED ने बड़ी दबिश दी है। शुक्रवार को झारखंड में 18 जगहों पर रेड चल रही है। धनबाद में ईडी की टीम ने आज सुबह कोयला कारोबारी एलबी. सिंह के आवास और उनसे जुड़े प्रतिष्ठानों पर एकसाथ छापेमारी की। जानकारी के अनुसार, टीम ने धनबाद में देव बिला क्षेत्र सहित कुल 18 ठिकानों पर दबिश दी है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई कोयला तस्करी और अवैध खनन से जुड़ी है। यहां पढ़ें पूरी खबर.. Source link

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छुट्टी के लिए मांगी ₹50000 रिश्वत? गर्भवती टीचर ने खोया बच्चा, पति...

Last Updated:July 28, 2026, 09:16 IST Jharkhand News: झारखंड के पलामू से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया. एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका के पति ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने ₹50 हजार रिश्वत मांगी और छुट्टी मंजूर नहीं की. इसी वजह से उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ी और उसने मृत बच्चे को जन्म दिया. हालांकि, जिला प्रशासन ने रिश्वत के आरोपों से इनकार किया. सांकेतिक तस्वीर. पूलामूः झारखंड के पलामू जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया. सरकारी स्कूल की शिक्षिका भारती पांडेय के पति ने जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि पत्नी की छुट्टी मंजूर करने के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई. रिश्वत नहीं देने पर छुट्टी में देरी की गई. इस वजह से लगातार सफर करने और तबीयत बिगड़ने के कारण उनकी पत्नी ने मृत बच्चे को जन्म दिया. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारती पांडेय पलामू के चैनपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में टीचर हैं. उनके पति मुकेश कुमार तिवारी हजारीबाग में पुलिस अधिकारी हैं. पति का आरोप है कि उनकी पत्नी ने 3 जुलाई को चाइल्ड केयर लीव के लिए आवेदन किया था. जब वह छुट्टी की मंजूरी के लिए शिक्षा विभाग पहुंचीं, तब कथित तौर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने ₹50 हजार की रिश्वत मांगी. छुट्टी समय पर नहीं मिलने के कारण उन्हें लंबी दूरी का सफर करना पड़ा. बाद में उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में उन्होंने मृत बच्चे को जन्म दिया. अफसर ने रिश्वत के आरोपों से किया इनकारमुकेश तिवारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार और दो कर्मचारियों के खिलाफ हत्या जैसी गंभीर धाराओं में जांच की मांग की है. उनका कहना है कि विभागीय लापरवाही ने उनके बच्चे की जान ले ली और उनकी पत्नी की जान भी खतरे में पड़ गई. हालांकि, पलामू के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने रिश्वत मांगने के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. उनका कहना है कि छुट्टी मंजूर होने में देरी फाइल देर से आने की वजह से हुई, रिश्वत का आरोप गलत है. प्रशासन ने क्या बताया?वहीं, जिला प्रशासन ने भी बयान जारी कर कहा है कि शिक्षिका ने मेटरनिटी लीव नहीं, बल्कि अपनी सात साल की बेटी की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव का आवेदन दिया था. प्रशासन के मुताबिक 25 जुलाई को 185 दिनों की चाइल्ड केयर लीव मंजूर कर दी गई थी. साथ ही मेडिकल रिपोर्ट में ‘लीकिंग पी/वी’ की शिकायत दर्ज होने की बात भी कही गई है. इस मामले में प्रशासन ने एक कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है. दूसरे का ट्रांसफर कर दिया है. वहीं, रिश्वत और लापरवाही के आरोपों की जांच जारी है. About the Author Mahesh Amrawanshi Journalist with a sharp focus on Bihar and Jharkhand, covering politics, crime, and trending stories with a strong ground-level perspective. Passionate about listening to stories, understanding them deeply, and… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Ranchi,Jharkhand Source link

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Jharkhand Naxalites Surrender | 16 Maoists Lay Down Arms Before DGP

झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे लगातार अभियान का असर अब साफ दिखने लगा है। राज्य में सक्रिय नक्सली संगठन तेजी से कमजोर पड़ रहे हैं। बिखराव की स्थिति में पहुंच गए हैं। इसी कड़ी में आज एक साथ 60 लाख रुपए के इनामी 16 नक्सली डीजीपी के सामने सरें . सरेंडर करने वालों में 15 लाख रुपए का इनामी रीजनल कमांडर संतोष उर्फ गांधी प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा 10-10 लाख रुपए के इनामी अश्विन और चंदन लोहरा समेत तीन जोनल कमांडर, 5-5 लाख रुपए के तीन सब-जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और तीन दस्ता कमांडर भी हथियार डालेंगे। सरेंडर कर रहे नक्सलियों को पुलिस मुख्यालय लाया जाएगा। सारंडा जंगल में सिमटा नक्सली प्रभाव जानकारी के अनुसार, झारखंड में अब नक्सलियों की मौजूदगी मुख्य रूप से पश्चिम सिंहभूम के सारंडा जंगल तक सीमित रह गई है। यहां भी सुरक्षा बल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं, जिससे नक्सलियों की गतिविधियां काफी सीमित हो गई हैं। इससे पहले 21 मई को भी 25 नक्सलियों और दो जेजेएमपी उग्रवादियों ने पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के सामने सरेंडर किया था। यह दस्ता कोल्हान और पश्चिम सिंहभूम इलाके में सक्रिय था। एक करोड़ रुपए के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। उस समय सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपए का इनाम घोषित था। लगातार हो रहे सरेंडर से यह साफ संकेत मिल रहा है कि संगठन के भीतर मनोबल कमजोर हो रहा है। कई हथियार भी पुलिस को नक्सली सौंपेंगे। बड़े नक्सली नेता अब भी घेरे में वहीं, सारंडा जंगल में सेंट्रल कमेटी के सदस्य और एक-एक करोड़ रुपए के इनामी मिसिर बेसरा और असीम मंडल अभी भी छिपे हुए हैं। सुरक्षा बलों का मुख्य फोकस इन दोनों बड़े नक्सली नेताओं को पकड़ने या सरेंडर कराने पर है। हालांकि कई बार मुठभेड़ के दौरान ये घिरे, लेकिन हर बार ठिकाना बदलकर बच निकलने में सफल रहे। अधिकारियों का मानना है कि आज होने वाला यह सामूहिक सरेंडर राज्य में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। लगातार बढ़ते दबाव और सख्त रणनीति के चलते आने वाले समय में और भी नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने की संभावना जताई जा रही है। ——————————————————— इसे भी पढ़ें… झारखंड में एक साथ 27 नक्सलियों का आत्मसमर्पण:8 नक्सलियों पर थे 33 लाख रुपए का इनाम, 16 हथियार और 2857 गोलियां भी सौंपी झारखंड में आज 27 नक्सलियों ने सरेंडर किया। जिन 27 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, उनमें 25 केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी, असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर और मारक दस्ता के सदस्य हैं। ये सभी कोल्हान और सारंडा के सुदूर जंगल-पहाड़ी इलाकों में सक्रिय थे। आत्मसमर्पण करने वालों में 6 सब-जोनल कमेटी सदस्य, 6 एरिया कमेटी सदस्य और 13 दस्ता सदस्य शामिल हैं। इसके साथ ही गुमला जिले में सक्रिय जेजेएमपी संगठन के 2 नक्सलियों ने भी हथियार डाले हैं। पुलिस के अनुसार, यह सामूहिक आत्मसमर्पण राज्य में नक्सल गतिविधियों के कमजोर पड़ने का संकेत है। पूरी खबर यहां पढ़ें… Source link

झारखंड

शहर में डेंगू:सात वार्डों में सर्विलांस, 166 घरों की जांच में 29...

बढ़ी निगरानी… राजधानी के हर छठे घर में मिल रहा डेंगू का लार्वा राजधानी में डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी अभियान तेज कर दिया है। सोमवार को रांची शहरी क्षेत्र के सात वार्डों में घर-घर जाकर डेंगू सर्विलांस अभियान चलाया गया। इस दौरान टीम ने संभावित मरीजों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ घरों और आसपास मच्छरों के प्रजनन स्थलों की भी जांच की। जांच में 166 घरों में से 29 में डेंगू के लार्वा पाए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वार्डों में घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायर और अन्य जलजमाव वाले स्थानों की जांच की। कुल 1246 बर्तनों की जांच की गई, जिसमें 38 बर्तनों में डेंगू के लार्वा मिले। लार्वा मिलने वाले स्थानों पर लोगों को पानी जमा नहीं होने देने और नियमित रूप से साफ-सफाई करने की सलाह दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह अभियान हर दिन शहर के सात अलग-अलग वार्डों में चलाया जा रहा है, ताकि डेंगू, मलेरिया समेत अन्य वेक्टर जनित बीमारियों पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके। वार्ड 21, 22 व 23 के 76 घरों की जांच, 16 घरों में लार्वा वार्ड संख्या 21, 22 और 23 में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुल 76 घरों की जांच की। इनमें 16 घरों में डेंगू के लार्वा मिले। इस दौरान 680 बर्तनों की जांच की गई, जिसमें 25 बर्तनों में लार्वा पाए गए। वहीं, वार्ड संख्या 16, 5, 27 और 28 में कुल 90 घरों की जांच की गई। इनमें 13 घरों में लार्वा मिले। टीम ने यहां 566 बर्तनों की जांच की, जिसमें 13 बर्तनों में डेंगू के लार्वा पाए गए। सप्ताह में 1 दिन रखें ड्राई डे, जमा पानी तुरंत हटाएं सर्विलांस टीम ने लोगों को सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने की सलाह दी। इस दौरान घर में रखे कूलर, गमले, पानी की टंकी, बाल्टी, पुराने टायर आदि की जांच कर उनमें जमा पानी को खाली करने को कहा गया। घर के अंदर ही नहीं, आसपास भी पानी जमा नहीं होने देने की अपील की। घर में यहां जरूर रखें नजर कूलर और पानी की टंकी में पानी जमा न होने दें। गमलों और पुराने टायरों में पानी न रुकने दें। सप्ताह में कम से कम एक दिन ड्राई डे मनाएं। तेज बुखार और शरीर में दर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। आसपास जलजमाव दिखे तो संबंधित विभाग को सूचना दें। डॉक्टर से संपर्क करें… सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने लोगों से अपील की कि तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द या त्वचा पर लाल चकते जैसे लक्षण दिखने पर इसे सामान्य बुखार समझ कर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। Source link

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