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छुट्टी के लिए मांगी ₹50000 रिश्वत? गर्भवती टीचर ने खोया बच्चा, पति...


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Jharkhand News: झारखंड के पलामू से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया. एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका के पति ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने ₹50 हजार रिश्वत मांगी और छुट्टी मंजूर नहीं की. इसी वजह से उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ी और उसने मृत बच्चे को जन्म दिया. हालांकि, जिला प्रशासन ने रिश्वत के आरोपों से इनकार किया.

छुट्टी के लिए मांगी ₹50000 रिश्वत? गर्भवती टीचर ने खोया बच्चाZoom

सांकेतिक तस्वीर.

पूलामूः झारखंड के पलामू जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया. सरकारी स्कूल की शिक्षिका भारती पांडेय के पति ने जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि पत्नी की छुट्टी मंजूर करने के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई. रिश्वत नहीं देने पर छुट्टी में देरी की गई. इस वजह से लगातार सफर करने और तबीयत बिगड़ने के कारण उनकी पत्नी ने मृत बच्चे को जन्म दिया.

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारती पांडेय पलामू के चैनपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में टीचर हैं. उनके पति मुकेश कुमार तिवारी हजारीबाग में पुलिस अधिकारी हैं. पति का आरोप है कि उनकी पत्नी ने 3 जुलाई को चाइल्ड केयर लीव के लिए आवेदन किया था. जब वह छुट्टी की मंजूरी के लिए शिक्षा विभाग पहुंचीं, तब कथित तौर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने ₹50 हजार की रिश्वत मांगी. छुट्टी समय पर नहीं मिलने के कारण उन्हें लंबी दूरी का सफर करना पड़ा. बाद में उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में उन्होंने मृत बच्चे को जन्म दिया.

अफसर ने रिश्वत के आरोपों से किया इनकार
मुकेश तिवारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार और दो कर्मचारियों के खिलाफ हत्या जैसी गंभीर धाराओं में जांच की मांग की है. उनका कहना है कि विभागीय लापरवाही ने उनके बच्चे की जान ले ली और उनकी पत्नी की जान भी खतरे में पड़ गई. हालांकि, पलामू के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने रिश्वत मांगने के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. उनका कहना है कि छुट्टी मंजूर होने में देरी फाइल देर से आने की वजह से हुई, रिश्वत का आरोप गलत है.

प्रशासन ने क्या बताया?
वहीं, जिला प्रशासन ने भी बयान जारी कर कहा है कि शिक्षिका ने मेटरनिटी लीव नहीं, बल्कि अपनी सात साल की बेटी की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव का आवेदन दिया था. प्रशासन के मुताबिक 25 जुलाई को 185 दिनों की चाइल्ड केयर लीव मंजूर कर दी गई थी. साथ ही मेडिकल रिपोर्ट में ‘लीकिंग पी/वी’ की शिकायत दर्ज होने की बात भी कही गई है. इस मामले में प्रशासन ने एक कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है. दूसरे का ट्रांसफर कर दिया है. वहीं, रिश्वत और लापरवाही के आरोपों की जांच जारी है.

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Mahesh Amrawanshi

Journalist with a sharp focus on Bihar and Jharkhand, covering politics, crime, and trending stories with a strong ground-level perspective. Passionate about listening to stories, understanding them deeply, and…

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