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आदित्यपुर में होटल संचालक पर फायरिंग:कमर में गोली लगने से घायल, गम्हरिया...

सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक होटल संचालक पर फायरिंग की गई। गम्हरिया रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे अंडरपास के पास हुई इस घटना में गोराई होटल के संचालक विशाल गोराई कमर में गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विशाल गोराई अपने घर लौट रहे थे, तभी अज्ञात बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों की संख्या 8 से 10 थी, जिन्होंने विशाल गोराई पर कई राउंड फायरिंग की। एक गोली उनकी कमर में लगी, जिससे वह सड़क पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर आदित्यपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घायल विशाल गोराई को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं और हमलावरों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। आपसी रंजिश मान रही पुलिस आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। गोली लगने के बाद भी भागकर बचाई जान : विशाल गोराई घायल विशाल गोराई ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा, “मैं होटल बंद कर स्कूटी से घर लौट रहा था। तभी अंडरब्रिज के पास अंधेरे में अचानक झाड़ियों से निकलकर 8-10 लोग सामने आ गए। मैं कुछ समझ पाता, उससे पहले ही उन्होंने स्कूटी रोकने का प्रयास किया। मैंने सूझबूझ दिखाते हुए स्कूटी की रफ्तार और तेज कर दी। तभी बदमाशों ने दो राउंड फायर किए, जिसमें एक गोली मेरी कमर और जांघ के बीच आ लगी। इसके बावजूद मैंने हिम्मत नहीं हारी और स्कूटी भगाकर कुछ दूर ले जाकर रोकी। इसके बाद मैंने तुरंत भाई को फोन कर घटना की जानकारी दी। Source link

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घर पर बनाएं रांची का फेमस फ्राइड राइस, सिलबट्टे का मसाला और...

Last Updated:July 29, 2026, 14:39 IST Thecha Fried Rice: झारखंड की राजधानी रांची में खासतौर पर एक फ्राइड राइस घर पर बनाया जाता है. इसकी खास बात यह है कि यह मूंगफली, धनिया पत्ता, हरी मिर्च और नींबू जैसी चीजों के मिश्रण से बनाया जाता है. इसे ग्रीन राइस भी कहते हैं. खाने में भी यह बहुत स्वादिष्ट लगता है और यह 5 मिनट की रेसिपी है. टिपिकल फ्राइड राइस से यह बिलकुल अलग होता है लेकिन स्वाद में इतना जबरदस्त कि एक बार खाने वाले बार-बार इसकी डिमांड करते हैं. रांची की गृहिणी उषा बताती हैं, सबसे पहले आपको मूंगफली लेनी होगी और उसे अच्छे से रोस्ट कर लीजिए. जब रोस्ट हो जाए तो नीचे उतार लीजिए. इसके साथ कम से कम 4 से 5 बड़ी हरी मिर्च, धनिया पत्ता और 5 लहसुन की कलियां छीलकर ले लीजिए. सामग्री को चावल की मात्रा के हिसाब से बढ़ा या घटा सकते हैं. इतनी सामग्री में दो लोगों के खाने भर का राइस बन जाएगा. अब आपको इन सभी को पीस लेना है. एक बात का ध्यान रखना है. इसे मिक्सी में नहीं पीसना है, बल्कि सिलबट्टे या मसाले कूटने वाली कुटनी में लेकर अच्छे से कूट देना है. ध्यान रहे, यह थोड़ा दरदरा रहे तो अच्छा है. इसके बाद गैस पर कढ़ाई चढ़ाकर उसमें तेल डालें और जीरा, राई का तड़का व करी पत्ता डालकर अच्छे से पका लीजिए. इसके बाद आपने जो मूंगफली वाला मसाला तैयार किया है, उसे डाल दीजिए. Add News18 as Preferred Source on Google फिर थोड़ा सा हल्दी, नमक और थोड़ा धनिया पाउडर डालकर अच्छे से चला लीजिए. इसके बाद पहले से बने सादे चावल उसमें डाल दीजिए. आप अपने खाने की मात्रा के अनुसार चावल ले सकते हैं. इसके बाद 5 से 7 मिनट तक तेज आंच पर लगातार फ्राई करते रहना है. इसके बाद इसे नीचे उतार लीजिए और प्लेट में गरमा-गरम परोस लीजिए. एक बात का ध्यान रखना है, नीचे उतारते समय इसमें नींबू निचोड़ लीजिए. इससे स्वाद और भी खुलकर आता है. आप इसे ऐसे ही खा सकते हैं. यह इतना स्वादिष्ट लगता है कि इसके साथ किसी और चीज की जरूरत नहीं पड़ती. चाहें तो इसे बूंदी के रायते के साथ भी खा सकते हैं. Source link

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Naxalite Misir Besra Arrested in Jharkhand

बस्तर में माओवादी नेटवर्क को फैलाने वाले और झारखंड में 55 जवानों की शहादत से जुड़े IED ब्लास्ट का आरोपी नक्सली मिसिर बेसरा पकड़ा गया है। मंगलवार (28 जुलाई) को झारखंड के सारंडा के जंगल में सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर उसे और 2 साथियों को गिरफ्तार किया ह . मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। वह नक्सलियों के पोलित ब्यूरो का मेंबर और ERB इंचार्ज था। माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य और संगठन के शीर्ष नेताओं में शामिल रहा है। बताया जा रहा है कि अगला टारगेट नक्सली गणपति है, जिसके नेपाल में छिपे होने की खबर है, उसने सरेंडर नहीं किया है। बसवा राजू से पहले वो ही संगठन का महासचिव था। बसवा राजू नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का मेंबर था। 21 मई 2025 को एनकाउंटर में मारा गया। इधर मिसिर बेसरा के पकड़े जाने के बाद झारखंड में एक्टिव रहे 8 नक्सलियों ने बीजापुर पुलिस के सामने सरेंडर किया है। इनमें 5 महिला माओवादी भी शामिल हैं। इन सभी नक्सलियों पर कुल 49 लाख रुपए का इनाम घोषित है। झारखंड में एक्टिव रहे 8 नक्सलियों ने बीजापुर पुलिस के सामने सरेंडर किया है। इनपुट मिलने के बाद चलाया सर्च ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि मिसिर बेसरा अपने साथियों के साथ सारंडा के गिरिडीह और पारसनाथ की पहाड़ियों के रास्ते नए ठिकाने की तलाश में निकल रहा है। इसके बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान घेराबंदी में वह भाग नहीं सका और पकड़ा गया। 20 साल से नक्सली संगठन से जुड़ा था नक्सली मिसिर बेसरा झारखंड के गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र के मदनडीह गांव का रहने वाला है। वह पिछले 20 साल से झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में एक्टिव रहा है। माओवाद संगठन के बड़े ऑपरेशनों में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उसके खिलाफ हत्या, IED विस्फोट, पुलिस बलों पर हमले और आर्म्स एक्ट समेत 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। इन वारदातों में रहा शामिल पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सारंडा, कोल्हान, पारसनाथ और झारखंड-ओडिशा-पश्चिम बंगाल उसका प्रमुख कार्यक्षेत्र रहा है। साल 2003-04 में पश्चिम सिंहभूम जिले के बिटकिलसोय और बलिबा क्षेत्र में हुए IED ब्लास्ट की साजिश रचने का आरोप भी उस पर है। इन हमलों में 55 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। इसके अलावा साल 2009 में बिहार के लखीसराय कोर्ट परिसर में नक्सलियों के किए गए हमले के दौरान उसे पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया गया था। तब से वह लगातार फरार चल रहा था। बस्तर और छत्तीसगढ़ से गहरा कनेक्शन सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मिसिर बेसरा छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में भी एक्टिव था। वह माओवादी संगठन के केंद्रीय नेतृत्व का हिस्सा होने के कारण दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी और पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो के बीच समन्वय का काम करता था। नक्सली मिसिर बेसरा छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में भी एक्टिव था। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से नजर रखे हुए थीं बस्तर में नक्सलियों के नेटवर्क को बढ़ाने, कैडरों को ट्रेनिंग देने, हथियार आपूर्ति और बड़े ऑपरेशनों की प्लानिंग करने में उसकी भूमिका को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से नजर रखे हुए थीं। संगठन के शीर्ष नेताओं के साथ उसने नियमित बैठकों के जरिए बस्तर, अबूझमाड़, दक्षिण बस्तर और महाराष्ट्र सीमा से लगे नक्सल इलाकों में कई बड़ी प्लानिंग की थीं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए उसकी गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह माओवादी संगठन की शीर्ष निर्णय लेने वाली इकाई का मेंबर था और उसे संगठन के संचालन, फंडिंग के साथ ही कई राज्यों में फैले नक्सली नेटवर्क की विस्तृत जानकारी है। बीजापुर पुलिस ने सरेंडर करने वाले नक्सलियों को संविधान की कॉपी और प्रोत्साहन राशि दी। बीजापुर में 8 नक्सलियों का सरेंडर सीआरपीएफ के उपमहानिरीक्षक (DIG) बी.एस. नेगी ने बताया कि एक दिन पहले झारखंड में माओवादी संगठन के अंतिम बचे केंद्रीय समिति (CC) सदस्य मिसिर बेसरा को गिरफ्तार किया गया। इसके अगले ही दिन बीजापुर में 8 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड और छत्तीसगढ़ में सक्रिय बड़े नक्सली लगभग खत्म हो चुके हैं। सरेंडर नक्सलियों में ये शामिल आत्मसमर्पण करने वालों में अश्विन उर्फ लच्छू, रंगा उर्फ सोहन और दोबा माड़वी उर्फ राहत पर 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित था। वहीं, फगनी पोयम उर्फ रजनी, सूरज मुन्नी चम्पिया उर्फ सुबनी, हिड़मे कड़ती उर्फ रीता, बुधरी कुंजाम उर्फ अनुषा और सलमी चम्पिया उर्फ जिलानी पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। ………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… शाह ने तय की थी नक्सली हिड़मा की डेडलाइन:12 दिन पहले ही मार दिया गया 76 CRPF जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड छत्तीसगढ़ में 14 नक्सली ढेर,देवा का 20 नक्सलियों समेत सरेंडर: सुकमा में 12, बीजापुर में 2 मारे गए, सभी के शव और हथियार बरामद बसवा राजू समेत 8 नक्सलियों का नारायणपुर में अंतिम संस्कार:पुलिस बोली- डेडबॉडी सड़ रही थी, मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद जलाया कांकेर में एनकाउंटर में महिला नक्सली लीडर रूपी ढेर: डेडलाइन के बाद बस्तर की आखिरी कैडर का सफाया; शव के साथ पिस्टल बरामद Source link

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21 वर्षीय कुसुम 350 किमी पैदल यात्रा पर:गौ सेवा का संकल्प लिए...

कोडरमा के डोमचांच की रहने वाली 21 वर्षीय कुसुम शाह ने गौ सेवा के संकल्प के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की पैदल यात्रा शुरू की है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उन्होंने झुमरी तिलैया स्थित झरनाकुंड धाम से 21 लीटर जल लेकर यह लगभग 350 किलोमीटर की कठिन यात्रा आरंभ की। गुरुवार से सावन का पवित्र माह शुरू हो रहा है। कुसुम की यह यात्रा झरनाकुंड धाम से शुरू होकर सुल्तानगंज स्थित गंगा नदी के अजगैविनाथ धाम तक जाएगी। यहां वह पहले जलाभिषेक करेंगी, जिसके बाद गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेंगी। उनकी यात्रा का समापन बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के साथ होगा। झरनाकुंड धाम से सुल्तानगंज तक की लगभग 250 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए कुसुम कोडरमा, डोमचांच, नवलशाही, गिरिडीह के घोड़थम्बा, जमुआ और जमुई के चकाई जैसे क्षेत्रों से गुजरेंगी। सुल्तानगंज से वह 21 लीटर गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम तक लगभग 120 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी पैदल तय करेंगी। कुसुम ने बताया कि उन्होंने यह संकल्प कुछ वर्ष पहले अपने घर में पाली गई एक गाय की मृत्यु के बाद लिया था। गाय की मौत समय पर उपचार न मिलने के कारण हुई थी, जिससे वह बहुत आहत थीं। इस घटना के बाद, कुसुम ने पहले अयोध्या धाम की पदयात्रा की थी, जहां उन्होंने रास्ते में लोगों से गौ एम्बुलेंस की उपलब्धता की मांग की थी। अयोध्या से लौटने के बाद उनके घर की तीन और गायों की मृत्यु हो गई। इसके बादद, 2024 में उन्होंने यह वार्षिक संकल्प लिया कि वह हर सावन माह में झरनाकुंड से जल लेकर सुल्तानगंज और फिर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर तक पैदल यात्रा करेंगी। यात्रा के दौरान मां और बहन भी रहती हैं साथ बताते चलें कि कुसुम के इस पैदल यात्रा में उनकी मां और उनकी बहन भी साथ रहती हैं। साथ ही उनके बाल गोपाल को उनकी मां अपने माथे साथ साथ चलती हैं। कुसुम ने कहा कि वैसे तो केवल मां और बहन ही साथ चलती हैं, लेकिन रास्ते में शिव और गौ भक्त मिलते जाते हैं, जिससे उन्हें हौशला मिलता है और वे आगे बढ़ते जाती हैं। 15 दिनों की यात्रा, प्रतिदिन 25-30 किलोमीटर का करेगी सफर तय कुसुम ने बताया कि उसकी यह पैदल यात्रा करीब 15 दिनों की होगी। इस दौरान वह प्रतिदिन करीब 25 से 30 किलोमीटर की यात्रा करेंगी। उनकी यह पदयात्रा बताती है कि उम्र चाहे जो भी हो अगर हम दृढ़संकल्प के साथ किसी कार्य को ठान लेते हैं तो वह आसानी से पूरा हो जाता है। इधर, कुसुम का कहना है कि उसकी यह यात्रा तभी सफल हो पाएगी, जिस दिन उनका गौ सेवा का संकल्प पूरा हो जाएगा। उन्होंने स्थानीय विधायक, सांसद, जिला प्रशासन सहित सूबे के मुख्यमंत्री से मांग की है कि गौ रक्षा के लिए कोई ठोस पहल करें। Source link

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डॉग लवर्स सावधान! घास-झाड़ियों से घर आ सकती है कुत्तों की ये...

Last Updated:July 29, 2026, 09:30 IST Monsoon Dog Health Tips: मानसून में टिक के कारण पालतू कुत्तों को लाइम डिजीज का खतरा बना रहता है. इससे बचने के लिए बोकारो के पशु चिकित्सक डॉ. अनिल ने बताया कि टिक बोरेलिया बैक्टीरिया के वाहक होते हैं. बुखार, कमजोरी, जोड़ों में दर्द इसके लक्षण हैं. समय पर इलाज न होने से उनकी जान भी जा सकती है. ख़बरें फटाफट बोकारो: मानसून के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने और घास-झाड़ियों के तेजी से बढ़ने के कारण टिक का प्रकोप काफी तेजी से बढ़ जाता है. ऐसे में पालतू कुत्तों को सबसे अधिक लाइम डिजीज का खतरा रहता है. इस कड़ी में बोकारो पिंडराजोडा प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सक डॉ. अनिल ने मानसून के दौरान लाइम डिजीज के खतरों को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि अक्सर मॉर्निंग और इवनिंग वॉक के दौरान कई डॉग्स को घास और झाड़ियों को सूंघने की आदत होती है, जिससे टिक आसानी से उनके शरीर से चिपक जाते हैं. ये टिक बोरेलिया नामक बैक्टीरिया के वाहक हो सकते हैं, जो लाइम डिजीज जैसी गंभीर बीमारी का कारण बनता है. इस लाइम डिजीज बीमारी के लक्षण कि पहचान करना बहुत ही आसान है. आमतौर पर सक्रमित डॉग्स में बुखार, कमजोरी, भूख कम लगना, सुस्ती, लंगड़ापन, जोड़ों में दर्द और सूजन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. यदि समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो संक्रमण किडनी तक पहुंच सकता है और गंभीर मामलों में डॉग्स की जान भी जा सकती है. डॉग लवर्स ध्यान दें ऐसे में डॉग लवर्स को मानसून के दौरान पालतू कुत्तों की विशेष देखभाल जरूरत पड़ती है. इसलिए सबसे पहले डॉग्स को नियमित रूप से उनके शरीर पर टिक-रोधी दवा का उपयोग करें और डॉग्स को टहलाने के बाद उनके कान, गर्दन, पंजों के बीच और शरीर के अन्य हिस्सों की अच्छी तरह जांच करें. ताकि यदि कोई टिक चिपका हो तो उसे तुरंत हटाया जा सके. इसके अलावा, डॉग्स के रहने की जगह को हमेशा साफ और सूखा रखें और घर के आसपास मौजूद घास-झाड़ियों की नियमित कटाई कराएं. डॉग्स के बिस्तर, खिलौनों की समय-समय पर सफाई करें और इन सावधानियों को अपनाकर लाइम डिजीज और अन्य टिक जनित बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. वहीं, अगर किसी प्रकार के गंभीर लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए पशु चिकित्सक से संपर्क करें, ताकि समय पर उपचार शुरू हो सके और आपका पालतू सुरक्षित व स्वस्थ रह सके. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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लोहरदगा जेल में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत:आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-39 किया...

लोहरदगा जिले के कुडू प्रखंड के पंडरा गांव निवासी एक विचाराधीन कैदी की लोहरदगा जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक प्रेम प्रसंग के एक मामले में न्यायिक हिरासत में था। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे 39 (कुडू-रांची मुख्य पथ) को पंडरा चौक के पास जाम कर दिया। दो घंटे की मशक्कत के बाद न्यायिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई के आश्वासन पर जाम हटाया गया। मृतक की पहचान पंडरा गांव निवासी जाहिद पवरियां उर्फ रिंकू के रूप में हुई है। उस पर गांव की एक लड़की ने प्रेम प्रसंग का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाया था। कुडू थाना में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जाहिद को गिरफ्तार कर लगभग डेढ़ माह पहले न्यायिक हिरासत में लोहरदगा जेल भेज दिया था। बुधवार सुबह कुडू पुलिस ने जाहिद की मौत की सूचना उसके परिजनों को दी। पुलिस अधिकारी के सामने ही नारेबाजी करने लगे यह खबर मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और सूचना देने आए पुलिस अधिकारी के सामने ही नारेबाजी करने लगे। उन्होंने तुरंत नेशनल हाईवे 39 को पंडरा चौक के पास जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। सड़क जाम की सूचना मिलते ही एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, सीओ संतोष उरांव, पुलिस इंस्पेक्टर चंद्रशेखर आजाद और थाना प्रभारी अजीत कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार को जाहिद के परिजनों ने उससे मुलाकात की थी और वह पूरी तरह स्वस्थ था। डीसी-एसपी को मौके पर बुलाने की मांग ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि रात भर में उसकी मौत कैसे हो गई और जेल में उसकी हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग की। नेताओं, पुलिस अधिकारियों और प्रशासन के बीच लंबी बातचीत के बाद ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया। उन्हें बताया गया कि मामले की न्यायिक जांच कराई जाएगी, लोहरदगा जेल में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम हटा लिया। परिजनों का आरोप है कि मंगलवार को परिजनों ने जेल में मिलकर लौटे थे, तब वह पूरी तरह स्वस्थ था, जिससे मौत पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।इसपर भाई मुजाहिद अली ने हत्या की आशंका जताई है। Source link

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Shravani Mela 2026 Inauguration | Deoghar Dumma Border Launch Photos

विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 का औपचारिक शुभारंभ बुधवार को झारखंड-बिहार सीमा पर स्थित दुम्मा बॉर्डर से किया गया। इस अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मेले की शुरुआत हुई। . झारखंड सरकार के पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने फीता काटकर और नारियल फोड़कर मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान कृषि मंत्री दीपिका पांडे सिंह, देवघर विधायक सुरेश पासवान, सरठ विधायक उदय शंकर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया कार्यक्रम की शुरुआत 11 पंडितों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजन से हुई। पूजा संपन्न होने के बाद, मंत्री और अन्य अतिथियों ने दुम्मा बॉर्डर पर फीता काटकर श्रद्धालुओं के लिए झारखंड सीमा में प्रवेश का मार्ग खोला। इसके साथ ही श्रावणी मेले में आने वाले लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। स्थानीय नागरिकों से मेले के सफल संचालन में सहयोग की अपील इस अवसर पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि राजकीय श्रावणी मेला राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों से मेले के सफल संचालन में सहयोग की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार और प्रशासन श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। Source link

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रिश्ते में ननद-भाभी, बिजनेस में पार्टनर, जमशेदपुर में ‘चटकारा’ स्टॉल से बनाई...

Last Updated:July 29, 2026, 11:26 IST Jamshedpur Nand Bhabhi Nashta Stall: जमशेदपुर में ननद-भाभी प्रियंका और पूर्णिमा गोस्वामी ने ‘चटकारा’ नाम से नाश्ते का स्टॉल खोलकर शहर में अलग पहचान बनाई है. उनके दही भल्ला चाट और पराठे काफी मशहूर हैं. स्वाद लेने लोग दूर-दूर से आते हैं. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. फिल्मों और टीवी सीरियलों में अक्सर ननद और भाभी की नोकझोंक देखने को मिलती है. लेकिन जमशेदपुर में एक ऐसी ननद-भाभी की जोड़ी है, जिसने अपने प्यार, मेहनत और स्वाद के दम पर पूरे शहर में अलग पहचान बना ली है. हम बात कर रहे हैं प्रियंका गोस्वामी और पूर्णिमा गोस्वामी की, जो एग्रीको गोलचक्कर के पास ‘चटकारा’ नाम से अपना नाश्ते का स्टॉल चलाती हैं. हर सुबह यहां स्वादिष्ट नाश्ता करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है. सुबह 8 बजे से शुरू हो जाता है स्टॉलसुबह करीब 8 बजे से स्टॉल शुरू हो जाता है. यहां आने वाले ग्राहकों को दही भल्ला चाट, आलू पराठा, सत्तू पराठा, पोहा, पूरी-छोले समेत कई स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं. खास बात यह है कि हर चीज घर जैसे स्वाद और साफ-सफाई के साथ तैयार की जाती है. यही वजह है कि एक बार यहां आने वाला ग्राहक दोबारा जरूर लौटकर आता है. काम करने की सोचीप्रियंका और पूर्णिमा बताती हैं कि घर के काम खत्म करने के बाद उनके पास काफी समय बच जाता था. तभी दोनों ने सोचा कि क्यों न इस समय का सही उपयोग किया जाए और ऐसा काम शुरू किया जाए, जिससे खुद की पहचान भी बने और लोगों को अच्छा खाना भी मिले. इसी सोच के साथ उन्होंने ‘चटकारा’ की शुरुआत की. शुरुआत में ग्राहकों की संख्या कम थी, लेकिन धीरे-धीरे उनके स्वाद और व्यवहार ने लोगों का दिल जीत लिया. बार-बार आने पर मजबूर कर देता है स्वादआज स्थिति यह है कि सुबह स्टॉल खुलते ही ग्राहकों की लाइन लग जाती है. कई लोग अपने नंबर का इंतजार करते हैं. यहां नाश्ता करने आए ग्राहकों का कहना है कि वे रोज यहां आते हैं. कुछ लोग तो घर से नाश्ता करने के बाद भी सिर्फ दही भल्ला या पराठा खाने के लिए यहां जरूर पहुंचते हैं. उनका कहना है कि यहां का स्वाद और अपनापन उन्हें बार-बार आने के लिए मजबूर कर देता है. स्टॉल की सबसे बड़ी खासियत यहां का दही भल्ला चाट है. ग्राहकों का कहना है कि इसका स्वाद इतना लाजवाब है कि एक प्लेट खाने के बाद लंबे समय तक कुछ और खाने का मन नहीं करता. इसके अलावा आलू और सत्तू के पराठे भी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं. छोटी शुरुआत से बड़ी पहचानप्रियंका और पूर्णिमा की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि अगर परिवार का साथ, मेहनत और कुछ नया करने की इच्छा हो, तो छोटी शुरुआत भी बड़ी पहचान दिला सकती है. आज यह ननद-भाभी की जोड़ी सिर्फ स्वादिष्ट नाश्ता ही नहीं परोस रही, बल्कि जमशेदपुर की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी बन रही है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की … और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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पाकुड़ में पति ने पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या की:जादू-टोना के शक...

पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के जामजोड़ी पंचायत स्थित शामपुर गांव में एक पति ने अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। यह घटना 28 जुलाई की है। आरोपी पति हथिया हेम्ब्रम वारदात के बाद मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मृतका की पहचान माइनो मरांडी के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना लिट्टीपाड़ा थाने को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार गौरव के नेतृत्व में एक छापेमारी टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारे पति हथिया हेम्ब्रम को हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी के साथ गिरफ्तार कर लिया। ग्रामीणों के अनुसार, हथिया हेम्ब्रम और माइनो मरांडी के बीच अक्सर घरेलू झगड़े होते रहते थे। झगड़े का मुख्य कारण पति को अपनी पत्नी पर जादू-टोना करने का शक था। इसी शक के चलते वह अक्सर पत्नी से विवाद करता था। दंपति के तीन पुत्र हैं, जिनमें से दो विवाहित हैं और एक अविवाहित है। उनके बीच होने वाले विवाद कई बार थाने तक भी पहुंचे थे, लेकिन हर बार पंचायती के माध्यम से सुलझा लिए जाते थे। घटना की सुबह जब काफी देर तक पति-पत्नी की आवाज घर से नहीं आई, तो उनके पुत्र घर पहुंचे। अंदर जाने पर उन्होंने अपनी मां को बेसुध और खून से लथपथ पाया, जिसके बाद उन्होंने शोर मचाया और ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। Source link

झारखंड

Ranchi JPSC JSSC Protest | Students Blocked From Hazaribagh For Mahajutan

JPSC और JSSC परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में बुधवार को राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का महाजुटान आयोजित किया गया है। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए झारखंड के विभिन्न जिलों से हजारों छात्र और अभ्यर्थी रांची पहुंच रहे हैं . आंदोलन का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग उठाना है। वहीं, हजारीबाग से बड़ी संख्या में छात्र बसों से रांची के लिए निकले थे। बसें रोकने का आरोप छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने रास्ते में कई बसों को रोक दिया, जिससे उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया गया। इसके बाद हजारों अभ्यर्थी हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद छात्र रांची-आसनसोल इंटरसिटी एक्सप्रेस में सवार होकर रांची के लिए रवाना हुए। आंदोलन में शामिल हो रहे छात्रों ने कहा कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे। उनका आरोप है कि राज्य सरकार छात्रों के इस आंदोलन से घबरा गई है और इसी कारण उन्हें रांची पहुंचने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक बाधाओं के बावजूद वे रांची पहुंचकर JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे। छात्रों ने यह भी बताया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है। यह राज्य के लाखों प्रतियोगी अभ्यर्थियों के भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। दूसरी ओर, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। रांची में होने वाले इस महाजुटान में पूरे राज्य के छात्रों की भारी संख्या में भागीदारी देखने को मिल रही है। Source link

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