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रिश्ते में ननद-भाभी, बिजनेस में पार्टनर, जमशेदपुर में ‘चटकारा’ स्टॉल से बनाई...

Last Updated:July 29, 2026, 11:26 IST Jamshedpur Nand Bhabhi Nashta Stall: जमशेदपुर में ननद-भाभी प्रियंका और पूर्णिमा गोस्वामी ने ‘चटकारा’ नाम से नाश्ते का स्टॉल खोलकर शहर में अलग पहचान बनाई है. उनके दही भल्ला चाट और पराठे काफी मशहूर हैं. स्वाद लेने लोग दूर-दूर से आते हैं. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. फिल्मों और टीवी सीरियलों में अक्सर ननद और भाभी की नोकझोंक देखने को मिलती है. लेकिन जमशेदपुर में एक ऐसी ननद-भाभी की जोड़ी है, जिसने अपने प्यार, मेहनत और स्वाद के दम पर पूरे शहर में अलग पहचान बना ली है. हम बात कर रहे हैं प्रियंका गोस्वामी और पूर्णिमा गोस्वामी की, जो एग्रीको गोलचक्कर के पास ‘चटकारा’ नाम से अपना नाश्ते का स्टॉल चलाती हैं. हर सुबह यहां स्वादिष्ट नाश्ता करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है. सुबह 8 बजे से शुरू हो जाता है स्टॉलसुबह करीब 8 बजे से स्टॉल शुरू हो जाता है. यहां आने वाले ग्राहकों को दही भल्ला चाट, आलू पराठा, सत्तू पराठा, पोहा, पूरी-छोले समेत कई स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं. खास बात यह है कि हर चीज घर जैसे स्वाद और साफ-सफाई के साथ तैयार की जाती है. यही वजह है कि एक बार यहां आने वाला ग्राहक दोबारा जरूर लौटकर आता है. काम करने की सोचीप्रियंका और पूर्णिमा बताती हैं कि घर के काम खत्म करने के बाद उनके पास काफी समय बच जाता था. तभी दोनों ने सोचा कि क्यों न इस समय का सही उपयोग किया जाए और ऐसा काम शुरू किया जाए, जिससे खुद की पहचान भी बने और लोगों को अच्छा खाना भी मिले. इसी सोच के साथ उन्होंने ‘चटकारा’ की शुरुआत की. शुरुआत में ग्राहकों की संख्या कम थी, लेकिन धीरे-धीरे उनके स्वाद और व्यवहार ने लोगों का दिल जीत लिया. बार-बार आने पर मजबूर कर देता है स्वादआज स्थिति यह है कि सुबह स्टॉल खुलते ही ग्राहकों की लाइन लग जाती है. कई लोग अपने नंबर का इंतजार करते हैं. यहां नाश्ता करने आए ग्राहकों का कहना है कि वे रोज यहां आते हैं. कुछ लोग तो घर से नाश्ता करने के बाद भी सिर्फ दही भल्ला या पराठा खाने के लिए यहां जरूर पहुंचते हैं. उनका कहना है कि यहां का स्वाद और अपनापन उन्हें बार-बार आने के लिए मजबूर कर देता है. स्टॉल की सबसे बड़ी खासियत यहां का दही भल्ला चाट है. ग्राहकों का कहना है कि इसका स्वाद इतना लाजवाब है कि एक प्लेट खाने के बाद लंबे समय तक कुछ और खाने का मन नहीं करता. इसके अलावा आलू और सत्तू के पराठे भी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं. छोटी शुरुआत से बड़ी पहचानप्रियंका और पूर्णिमा की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि अगर परिवार का साथ, मेहनत और कुछ नया करने की इच्छा हो, तो छोटी शुरुआत भी बड़ी पहचान दिला सकती है. आज यह ननद-भाभी की जोड़ी सिर्फ स्वादिष्ट नाश्ता ही नहीं परोस रही, बल्कि जमशेदपुर की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी बन रही है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की … और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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पाकुड़ में पति ने पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या की:जादू-टोना के शक...

पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के जामजोड़ी पंचायत स्थित शामपुर गांव में एक पति ने अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। यह घटना 28 जुलाई की है। आरोपी पति हथिया हेम्ब्रम वारदात के बाद मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मृतका की पहचान माइनो मरांडी के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना लिट्टीपाड़ा थाने को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार गौरव के नेतृत्व में एक छापेमारी टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारे पति हथिया हेम्ब्रम को हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी के साथ गिरफ्तार कर लिया। ग्रामीणों के अनुसार, हथिया हेम्ब्रम और माइनो मरांडी के बीच अक्सर घरेलू झगड़े होते रहते थे। झगड़े का मुख्य कारण पति को अपनी पत्नी पर जादू-टोना करने का शक था। इसी शक के चलते वह अक्सर पत्नी से विवाद करता था। दंपति के तीन पुत्र हैं, जिनमें से दो विवाहित हैं और एक अविवाहित है। उनके बीच होने वाले विवाद कई बार थाने तक भी पहुंचे थे, लेकिन हर बार पंचायती के माध्यम से सुलझा लिए जाते थे। घटना की सुबह जब काफी देर तक पति-पत्नी की आवाज घर से नहीं आई, तो उनके पुत्र घर पहुंचे। अंदर जाने पर उन्होंने अपनी मां को बेसुध और खून से लथपथ पाया, जिसके बाद उन्होंने शोर मचाया और ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। Source link

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Ranchi JPSC JSSC Protest | Students Blocked From Hazaribagh For Mahajutan

JPSC और JSSC परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में बुधवार को राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का महाजुटान आयोजित किया गया है। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए झारखंड के विभिन्न जिलों से हजारों छात्र और अभ्यर्थी रांची पहुंच रहे हैं . आंदोलन का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग उठाना है। वहीं, हजारीबाग से बड़ी संख्या में छात्र बसों से रांची के लिए निकले थे। बसें रोकने का आरोप छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने रास्ते में कई बसों को रोक दिया, जिससे उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया गया। इसके बाद हजारों अभ्यर्थी हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद छात्र रांची-आसनसोल इंटरसिटी एक्सप्रेस में सवार होकर रांची के लिए रवाना हुए। आंदोलन में शामिल हो रहे छात्रों ने कहा कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे। उनका आरोप है कि राज्य सरकार छात्रों के इस आंदोलन से घबरा गई है और इसी कारण उन्हें रांची पहुंचने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक बाधाओं के बावजूद वे रांची पहुंचकर JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे। छात्रों ने यह भी बताया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है। यह राज्य के लाखों प्रतियोगी अभ्यर्थियों के भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। दूसरी ओर, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। रांची में होने वाले इस महाजुटान में पूरे राज्य के छात्रों की भारी संख्या में भागीदारी देखने को मिल रही है। Source link

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पलामू के सरकारी शिक्षक की अनोखी पहल, हर शनिवार मुफ्त देते हैं...

Last Updated:July 29, 2026, 11:52 IST Palamu Teacher Free Career Guidance Classes: पलामू के शिक्षक अभिषेक तिवारी गरीब छात्रों को मुफ्त करियर का मार्गदर्शन और ऑनलाइन मोटिवेशनल क्लास देते हैं. गूगल मीट के माध्यम से 100 से ज्यादा छात्र उनके जुड़ते हैं. इस बार के सत्र में आईएएस अनिमेष रंजन ने भी छात्रों को सफलता के मंत्र दिए. ख़बरें फटाफट पलामू. सरकार द्वारा एक ओर जहां शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं, वहीं सरकारी विद्यालयों के शिक्षक भी अपने स्तर पर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सराहनीय पहल कर रहे हैं. पलामू जिले के सतबरवा स्थित राजकीयकृत सर्वोदय प्लस टू उच्च विद्यालय के पीजीटी (भौतिकी) शिक्षक अभिषेक कुमार तिवारी पिछले कई वर्षों से निःशुल्क करियर मार्गदर्शन और ऑनलाइन मोटिवेशनल क्लास का संचालन कर रहे हैं. इसका उद्देश्य आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को सही दिशा देकर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना है. हर शनिवार सजती है ऑनलाइन करियर की पाठशालाअभिषेक तिवारी ने लोकल18 को बताया कि वर्ष 2018 से शुरू हुई यह शैक्षणिक पहल वर्ष 2020 में ऑनलाइन स्वरूप में बदल गई. अब हर शनिवार गूगल मीट के माध्यम से 100 से अधिक छात्र-छात्राएं नियमित रूप से इन कक्षाओं से जुड़ते हैं. हर तीसरे शनिवार विशेष मोटिवेशनल और करियर गाइडेंस सत्र आयोजित होता है, जिसमें जिले, राज्य और देश के विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारी, विशेषज्ञ और सफल अभ्यर्थी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और करियर चयन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं. इस कक्षा में 9वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र-छात्राएं जुड़ते हैं. आईएएस अनिमेष रंजन ने साझा किया सफलता का मंत्रहाल ही में शनिवार को आयोजित ‘ज्वाइन फॉर श्योर’ विशेष करियर ऑनलाइन मार्गदर्शन कार्यक्रम में 2020 बैच के आईएएस अधिकारी एवं पलामू के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) अनिमेष रंजन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. डीएवी विद्यालय, चियांकी से मैट्रिक की पढ़ाई करने वाले अनिमेष रंजन ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन, निरंतर प्रयास और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे कॉलेज का चयन करने और सोशल मीडिया का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी. स्थानीय स्तर से निकलकर आईएएस बनने की उनकी कहानी ने छात्रों में नया आत्मविश्वास जगाया. यूपीएससी से लेकर राज्य सेवा तक, हर क्षेत्र की मिलती है जानकारीअभिषेक तिवारी ने आगे बताया कि इस ऑनलाइन मंच पर भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रहे नमन पाठक यूपीएससी की तैयारी की रणनीति साझा करते हैं, जबकि सद्दाम अंसारी राज्य प्रशासनिक सेवा समेत विभिन्न सरकारी विभागों में करियर के अवसरों और उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी देते हैं. समय-समय पर आईएएस, आईपीएस समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उन्हें लक्ष्य निर्धारण, अध्ययन पद्धति और सफलता के सूत्र बताते हैं. इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बिना किसी शुल्क के अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिल रहा है. शिक्षक परिवार की प्रेरणा से शुरू हुई अनूठी मुहिमअभिषेक कुमार तिवारी ने यह भी बताया कि उनका परिवार शुरू से ही शिक्षा से जुड़ा रहा है. उनके पिता डॉ. अरुण कुमार तिवारी सूरत पांडे डिग्री कॉलेज में वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष हैं. शिक्षा के प्रति इसी समर्पण ने उन्हें विद्यार्थियों के लिए यह निःशुल्क मंच शुरू करने की प्रेरणा दी. उनके मार्गदर्शन में इस वर्ष विद्यालय से इंटर का स्टेट टॉपर भी निकला है. उनका मानना है कि अगर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को समय पर सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो वे भी देश की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं. यही सोच आज सैकड़ों विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की … और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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मिसिर बेसरा ने 40 साल पहले छोड़ा था गांव:भाई ने कहा- परिवार...

एक करोड़ रुपए के इनामी भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके बाद बुधवार को उसके पैतृक गांव गिरिडीह स्थित पीरटांड़ प्रखंड के हरलाडीह ओपी क्षेत्र में दिनभर चर्चा का माहौल रहा। गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद मीडिया गांव पहुंची और मिसिर बेसरा के परिजनों से बातचीत की।मिसिर बेसरा के छोटे भाई देवीलाल बेसरा पेशे से पारा शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि उनका भाई लगभग 40 साल पहले ही गांव छोड़ चुका था। इसके बाद से उसका परिवार से कोई संपर्क नहीं रहा। देवीलाल ने कहा कि उन्होंने कई वर्षों से मिसिर को देखा तक नहीं है और उन्हें गिरफ्तारी की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली। कुछ वर्ष पहले बेटी का हुआ था निधन देवीलाल ने बताया कि मिसिर बेसरा का एक बेटा है, जो दूसरे राज्य में काम करता है। उसकी एक बेटी थी, जिसका कुछ वर्ष पहले निधन हो गया। उन्होंने कहा कि मिसिर के नक्सली संगठन से जुड़े रहने के कारण पूरा परिवार वर्षों तक परेशान रहा। पुलिस समय-समय पर घर पहुंचती थी, पूछताछ करती थी और फरारी से संबंधित इश्तिहार चिपकाकर चली जाती थी। इससे परिवार को लगातार मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। मिसिर ने कभी परिवार की बात नहीं सुनी: भाई देवीलाल ने बताया कि परिवार की ओर से कई बार मिसिर से आत्मसमर्पण करने की अपील की गई थी। वे चाहते थे कि वह हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन में लौट आए, लेकिन उसने कभी उनकी बात नहीं मानी। वहीं, मिसिर बेसरा के भतीजे सुशील कुमार बेसरा सीआरपीएफ में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने चाचा को कभी देखा ही नहीं। उनके बारे में केवल अपने पिता से ही सुना है। उन्होंने बताया कि उन्हें बचपन से यही जानकारी थी कि उनके चाचा पर एक करोड़ रुपए का इनाम घोषित है और वे माओवादी संगठन के बड़े नेता हैं। सुशील ने कहा कि उनका परिवार कानून का सम्मान करता है और वे स्वयं देश की सेवा में सीआरपीएफ में कार्यरत हैं। ग्रामीणों ने भी उसे दशकों से नहीं देखा था इधर, गांव के लोगों का कहना है कि मिसिर बेसरा के वर्षों पहले गांव छोड़ने के बाद उसका यहां आना-जाना लगभग समाप्त हो गया था। अधिकांश ग्रामीणों ने भी उसे दशकों से नहीं देखा था। हालांकि, उसके नाम के कारण गांव अक्सर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों का केंद्र बना रहता था। गौरतलब है कि सोमवार देर रात धनबाद-गिरिडीह सीमा स्थित मनियाडीह क्षेत्र में धनबाद पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाकर मिसिर बेसरा सहित उसके पांच अन्य साथियों को गिरफ्तार किया। सुरक्षा एजेंसियां इस कार्रवाई को माओवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही हैं। लंबे समय से फरार चल रहे मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी को झारखंड में माओवादी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। अब सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर संगठन के नेटवर्क, गतिविधियों और अन्य सहयोगियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने में लगी हैं। जानिए…कौन है मिसिर बेसरा गिरिडीह के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के मदनडीह निवासी मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल भाकपा माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य है। उस पर सरकार ने एक करोड़ रुपए का इनाम घोषित कर रखा है। उस पर हत्या, आईईडी ब्लास्ट, पुलिस पर हमला और आर्म्स एक्ट के 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। सारंडा, कोल्हान, पारसनाथ और ट्राइजंक्शन (झारखंड-ओ​डिशा-बंगाल) उसका मुख्य कार्य क्षेत्र था। 2003-04 में पश्चिम सिंहभूम के बिटकिलसोय और बलिबा में आईईडी ब्लास्ट की साजिश उसी ने रची थी, जिसमें 55 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। 2009 में बिहार के लखीसराय कोर्ट परिसर से सशस्त्र नक्सलियों ने पुलिस पर हमला कर उसे छुड़ा लिया था, इसके बाद से ही वह फरार था। Source link

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कोडरमा में स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त, आधा दर्जन घायल:बेटी की शादी से लौट रहा...

कोडरमा जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत रांची-पटना मुख्य मार्ग पर चाराडीह के पास बीती रात एक स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में वाहन में सवार करीब आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ये सभी एक विवाह संबंधी कार्यक्रम से लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, कोडरमा थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी फुलिया बिरहोर मंगलवार को अपनी पुत्री के विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए परिवार के साथ स्कॉर्पियो से चतरा गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद देर रात वे अपने घर लौट रहे थे। वाहन अनियंत्रित होकर सड़क डिवाइडर से जा टकराया चाराडीह के पास अचानक उनकी स्कॉर्पियो का अगला पहिया निकल गया। इससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत कोडरमा पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों में 15 वर्षीय सविता बिरहोर (पिता देवेंद्र बिरहोर), 35 वर्षीय देवेंद्र बिरहोर (पिता रामवृक्ष बिरहोर), 20 वर्षीय मुनियता बिरहोरनी (पिता रामवृक्ष बिरहोर), 40 वर्षीय अनिता बिरहोरनी (पति ब्रह्मदेव बिरहोर) और 50 वर्षीय फुलिया बिरहोरनी शामिल हैं। सभी का सदर अस्पताल में उपचार चल रहा है। Source link

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रांची में दिखेगा डूरंड कप का रोमांच, 29 हजार दर्शक देख सकेंगे...

Last Updated:July 29, 2026, 10:16 IST Durand Cup 2026: फुटबॉल प्रेमियों के लिए झारखंड की राजधानी रांची से बड़ी खुशखबरी है. देश के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप के मुकाबले के लिए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पूरी तरह तैयार किया जा रहा है. खास बात यह है कि दर्शक बिना किसी शुल्क के इन रोमांचक मुकाबलों का आनंद ले सकेंगे. 29 हजार दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में इंटरनेशनल स्तर की सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और शानदार उद्घाटन समारोह की तैयारी की जा रही है. रांची में डूरंड कप के आयोजन को लेकर खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. भारत के सबसे प्रतिष्ठित फुटबाल टूर्नामेंट डूरंड कप का 26 जुलाई से आगाज हुआ है, जिसका 16 अगस्त को मैच झारखंड की राजधानी रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में खेला जाना है. यहां फुटबाल का क्रेज़ अभी से ही देखा जा रहा है. सबसे खास बात यह है कि मैच पूरी तरह से नि:शुल्क होगा. यहां पास के लिए कोई पैसे नहीं देने होंगे और पूरे स्टेडियम को इंटरनेशनल लेवल पर सजाया जा रहा है. खेल निदेशक छवि रंजन ने इस मामले में प्रेस वार्ता कर कई अहम जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि 22 तारीख से ही फ्री एंट्री पास मिलना शुरू हो गया. इसके लिए 12 काउंटर बनाये जा चुके हैं. एक व्यक्ति को मैक्सिमम 4 पास मिलेगा. टिकट लेने के लिए पहचान पत्र साथ मिलना बेहद जरूरी है. स्टेडियम की क्षमता लगभग 29000 की है. ऐसे में एक साथ इतने सारे लोग बैठकर फुटबॉल मैच का लुफ्त उठा पाएंगे. ओपनिंग सेरेमनी के दौरान सीएम हेमंत सोरेन तो मौजूद होंगे ही. साथ ही, सेना की ओर से एयर शो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहेगा. कई तरह के करतब आसमान में लोगों को देखने को मिलेंगे. इसके अलावा स्टेडियम में 8000 सीटें केवल मीडिया पर्सन के लिए रिजर्व की गई हैं. वहीं, वीआईपी बॉक्स के आगे हाई क्वालिटी ग्लास लगाई गई है. स्टेडियम के बाहर साफ सफाई का काम काफी तेजी से जारी है. Add News18 as Preferred Source on Google इस संबंध में खेल निदेशक छवि रंजन ने बताया कि डूरंड कप के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं. सुरक्षा, पार्किंग, टिकट वितरण, दर्शकों की सुविधा, चिकित्सा व्यवस्था और अन्य सभी जरूरी इंतजाम मुकम्मल कर लिए गए हैं. खेल प्रेमियों के बीच अच्छा खासा उत्साह देखा जा रहा है. टिकट लेने के लिए आए संदीप बताते हैं कि यहां व्यवस्था काफी सुचारू रूप से देखने को मिल रही है. क्योंकि 12 काउंटर हैं, इसलिए टिकट लेने में कोई परेशानी नहीं है. बड़ी आसानी से टिकट मिल रहा है. इतने प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का 6 मैच झारखंड को मिलना यह बहुत बड़ी बात है. यहां पर फुटबॉल प्रेमी बहुत हैं. हम चाहते हैं कि इस तरह का आयोजन आगे भी होता रहे. Source link

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रामगढ़ में युवक की सड़क किनारे मिली लाश:परिजनों ने पैसे के लेनदेन...

रामगढ़ थाना क्षेत्र के न्यू कॉलोनी बगीचा में बुधवार को एक युवक का शव सड़क किनारे मिला। इससे इलाके में हड़कंप मच गया। युवक के शरीर और गर्दन पर चाकू से गोदने के कई गहरे निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में इसे हत्या का मामला माना जा रहा है। मृतक की पहचान झंडा चौक निवासी सुमित अग्रवाल के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने शव देखकर तत्काल रामगढ़ पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की हर बिंदु पर गहनता से जांच कर रही है। फिलहाल टेंपो चलाता था मृतक सुमित अग्रवाल पूर्व में नशे के इंजेक्शन बेचने के आरोप में जेल भी जा चुका था। उसके मामा आनंद अग्रवाल ने बताया कि सुमित फिलहाल टेंपो चलाने का काम करता था। सुमित की पत्नी मनीषा अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि मंगलवार की शाम करीब 6 बजे सुमित को किसी का फोन आया था। फोन करने वाले ने कहीं मारपीट होने की बात कहकर उसे तुरंत आने को कहा था। रात भर घर नहीं लौटा सुमित सुमित ने अपनी पत्नी से चाय बनाने को कहा और यह कहकर घर से निकला कि वह काम से जा रहा है और रात तक लौट आएगा। हालांकि, वह रात को घर नहीं लौटा। परिजनों ने रात भर सुमित की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। सुबह परिजनों को सुमित की मौत की खबर मिली। सुमित की मां का कहना है कि उनके बेटे की हत्या पैसे के लेनदेन के चलते हुई होगी, क्योंकि उसे कई बार फोन पर पैसे के लिए धमकियां मिलती थीं। परिजनों के अनुसार, यह पूरा मामला पैसे के लेनदेन से जुड़ा है। तीन साल पहले हुई थी शादी सुमित अग्रवाल की शादी तीन साल पहले हुई थी और उसका एक छोटा बेटा भी है। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। Source link

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गुरु पूर्णिमा पर बैद्यनाथ मंदिर में भक्तों की उमड़ी भीड़:'हर-हर महादेव' के...

गुरु पूर्णिमा के दिन बुधवार को बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की अहले सुबह से भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने कतार में लगकर बाबा का जलाभिषेक किया। आज अंतिम स्पर्श पूजा गुरुवार से श्रावण मास की शुरुआत हो रही है। ऐसे में बाबा बैद्यनाथ का स्पर्श पूजा एक माह तक के लिए आज रात 12 बजे से बंद हो जाएगा। बैद्यनाथ मंदिर में अरघा सिस्टम लागू हो जाएगा। इधर, आषाढ़ मास की पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से ही देश के विभिन्न राज्यों और स्थानीय क्षेत्रों से लाखों श्रद्धालु बाबा मंदिर में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और स्पर्श दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु अरघा के माध्यम से ही जलार्पण कर सकेंगे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का एक मुख्य कारण यह भी है कि बुधवार को स्पर्श पूजा का अंतिम दिन है। 30 जुलाई से श्रावणी मेला शुरू होने के साथ ही मंदिर में अरघा व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसके बाद पूरे सावन माह में श्रद्धालु अरघा के माध्यम से ही जलार्पण कर सकेंगे और स्पर्श पूजा स्थगित रहेगी। आज भगवान शिव और गुरु दोनों की कृपा प्राप्त होती है मंदिर के पंडा-पुजारियों के अनुसार, गुरु पूर्णिमा पर बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक और पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से भगवान शिव और गुरु दोनों की कृपा प्राप्त होती है। इसी आस्था के चलते मंदिर में देर शाम तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और श्रद्धालुओं की अन्य सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। कल से शुरू होने वाले श्रावणी मेले में लाखों कांवरियों के आगमन के साथ बाबा नगरी पूरी तरह शिवमय हो जाएगी। वहीं, गुरु पूर्णिमा के मौके पर झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका सिंह पांडे ने भी बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने राज्य की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने यह भी बताया कि कल से सावन माह और विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू हो रहा है, जिसके लिए सरकार और जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। Source link

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बालों का प्राकृतिक डॉक्टर भी है गुड़हल! फूल और पत्तों से घर...

Last Updated:July 29, 2026, 09:54 IST Hair Care Tips: गुड़हल सिर्फ पूजा का फूल नहीं, बल्कि बालों का प्राकृतिक डॉक्टर भी है. इसके फूल और पत्तों से बना खास हेयर ऑयल बालों की कई समस्याओं को दूर कर सकता है. इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. इसके नियमित इस्तेमाल से चमत्कारिक फायदे मिलते हैं. जानिए इसे बनाने का सही तरीका. ख़बरें फटाफट पलामूः भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सर्वोच्च स्थान दिया गया है. जहां पेड़-पौधों से लेकर फूलों तक की पूजा की परंपरा सदियों से चली आ रही है. इन्हीं में गुड़हल का फूल विशेष महत्व रखता है. लाल रंग का यह फूल देवी दुर्गा, मां काली और भगवान गणेश की पूजा में अर्पित किया जाता है. लेकिन धार्मिक महत्व के साथ-साथ गुड़हल आयुर्वेद में भी औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है. खासकर बरसात के मौसम में जब बाल झड़ने, रूसी और सिर की अन्य समस्याएं बढ़ जाती हैं, तब यह फूल प्राकृतिक उपचार के रूप में काफी लाभकारी साबित हो सकता है. पलामू जिले के आयुर्वेद के जानकर शिव कुमार पांडे ने लोकल18 को बताया कि गुड़हल के फूल और पत्तियों में ऐसे कई प्राकृतिक तत्व मौजूद होते हैं, जो बालों की जड़ों को पोषण देने के साथ सिर की त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. नियमित और सही तरीके से इसका उपयोग करने पर बालों का झड़ना कम हो सकता है. साथ ही रूसी, जुओं की समस्या और स्कैल्प से जुड़ी कई परेशानियों में भी राहत मिल सकती है. गुड़हल से ऐसे बनाएं हेयर ऑयलउन्होंने आगे बताया कि घर पर आसानी से गुड़हल का हेयर ऑयल तैयार किया जा सकता है. इसके लिए 8 से 10 ताजे गुड़हल के फूल और 5 पत्तियों को अच्छी तरह धोकर पीस लें. इसके बाद इस पेस्ट को लगभग 10 मिलीलीटर नारियल तेल में मिलाकर हल्की आंच पर कुछ देर गर्म करें. मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे छानकर कांच की बोतल में सुरक्षित रख लें. यह प्राकृतिक हेयर ऑयल तैयार हो जाएगा. आगे कहा कि इस तेल का सप्ताह में दो बार सिर की हल्के हाथों से मालिश करते हुए इस्तेमाल करना लाभकारी हो सकता है. इससे बालों की जड़ों को पोषण मिलता है, रक्त संचार बेहतर होता है और बाल मजबूत बनने लगते हैं. नियमित उपयोग से बाल लंबे, घने और चमकदार बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है. आयुर्वेद विशेषज्ञ से लें सलाह उन्होंने यह भी कहा कि गुड़हल की तासीर शीतल मानी जाती है. इसमें प्राकृतिक जीवाणुरोधी (एंटीबैक्टीरियल) और कीटाणुनाशक गुण पाए जाते हैं, जो सिर की त्वचा को संक्रमण से बचाने में सहायक हो सकते हैं. हालांकि यदि किसी व्यक्ति को गंभीर स्कैल्प संक्रमण, एलर्जी या लगातार बाल झड़ने की समस्या हो, तो घरेलू नुस्खों के साथ किसी योग्य चिकित्सक या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेना भी जरूरी है. आगे कहा कि बरसात के मौसम में महंगे हेयर प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय घर के आंगन में आसानी से मिलने वाला गुड़हल का फूल बालों की प्राकृतिक देखभाल का एक प्रभावी विकल्प बन सकता है.धार्मिक आस्था से जुड़ा यह फूल स्वास्थ्य और सौंदर्य, दोनों के लिए प्रकृति का अनमोल उपहार माना जाता है. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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