भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था इन दिनों बारिश और तेज हवाओं के बीच संकट से गुजर रही है। शहरी क्षेत्र में तो फिर भी कुछ हद तक स्थिति ठीक है परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है। लगातार ट्रिपिंग, बार-बार बिजली कटौती और लोकल फॉल्ट के नाम पर आपूर्ति बाधित रहने से आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है जिला को जितनी बिजली चाहिए उतनी मिल नहीं रही है। परंतु जगह-जगह पर फॉल्ट होने के कारण बिजली घंटों बाधित हो रही है। खासकर जिलेभर में बिछाए गए तारों में से कई जगहों पर अभी जर्जर तार निर्बाध विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न कर रहा है। बीते एक दर्जन से अधिक बैठकों में जगह-जगह पर उलझी वह जर्जर तारों को बदलने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया जाता है। बावजूद इस दिशा में कार्य होने के बाद भी इससे पूर्ण रूप से छुटकारा जिलेवासियों को नहीं मिल पा रहा है। इधर बारिश के बीच बिजली व्यवस्था की बदहाली लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश होने के साथ ही बिजली आपूर्ति की स्थिति और खराब हो गई है। पूरे शहर में लगातार 24 घंटे में 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। खासकर रात में फॉल्ट की बात कहते हुए आपूर्ति ज्यादा बाधित रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि के समय विद्युत आपूर्ति सही से नहीं मिल पाने के कारण कई बार अंधेरे से कई प्रकार के परेशानियां भी बढ़ जाती है। जिले के पेशरार प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत केकरांग गांव में बिछाए गए 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार जर्जर हो गए हैं जिसे बदलने को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा मांग भी की गई है। बावजूद जिस दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है। इधर शहर के विभिन्न मोहल्लों में पिछले कुछ दिनों से फेज उड़ने व फॉल्ट की समस्या लगातार बढ़ी है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल होती नहीं दिख रही है। सबसे अधिक दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। रात के समय बिजली कटने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। मामले पर विभाग के सहायक विद्युत अभियंता अज्जू कच्छप ने बताया कि समय-समय पर मेंटेनेंस का कार्य किया जाता है। इसके अलावा हर एक कर्मियों की कार्य क्षेत्र बंटी है। इसी प्रकार के बाधा उत्पन्न होने पर उसके तुरंत निराकरण करने की कोशिश जारी रहती है। उन्होंने कहा कि लोहरदगा नगर क्षेत्र में ऑफिस ग्रिड से सप्लाई की जाती है, जिसमें ज्यादा परेशानी नहीं आती है। परंतु शंख नदी पिकेट के समक्ष बनी पावर ग्रिड से की गई सप्लाई में 33 केवीए में ज्यादा परेशानी बारिश के दौरान पेड़, डाल गिरने या फिर तेज हवा से आपस में तार सटने से सामने आती है, हालांकि इसका समाधान भी तुरंत कराया जाता है।
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