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Bokaro Farmer Earning Well With Ridge Gourd: बोकारो के काशीझरिया गांव के किसान मनोज गोस्वामी मचान विधि से नेनुआ उगा रहे हैं और बढ़िया कमाई कर रहे हैं. उनका कहना है कि उन्होंने 5 हजार की लागत से 1.5 से 1.75 लाख तक कमाए हैं. अब आसपास के किसान उनसे सीखने आते हैं.
बोकारो. बोकारो जिले के चास प्रखंड के काशीझरिया गांव में किसान मनोज गोस्वामी एक अनोखी तकनीक से खेती कर रहे हैं. महज 5,000 रुपये की लागत में ‘मचान विधि’ से नेनुआ की खेती कर वह लाखों कमा रहे हैं और अब गांव के दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं. खास बातचीत में किसान मनोज गोस्वामी ने बताया कि वह बीते 15 सालों से खेती कर रहे हैं और गांव के दूसरे किसानों और यूट्यूब से प्रेरित होकर उन्होंने आधुनिक तरीके से खेती शुरू की.
हालांकि शुरुआत में मचान विधि अपनाने में उन्हें थोड़ा डर लगा था कि कहीं पैसे न डूब जाएं. लेकिन पहली ही बार में उन्हें बेहतर उत्पादन और नतीजे देखने को मिले, जिसके बाद से वह लगातार मचान विधि से अच्छी कमाई कर रहे हैं.
45 से 50 दिन में तैयार हो जाती है फसल
आगे मनोज ने बताया कि मई महीने में नेनुआ की बुवाई की थी और यह फसल 45 से 50 दिनों में तैयार हो जाती है. हालांकि, 60 डिसमिल (करीब एक बीघा) क्षेत्र में खेती करने में उन्हें लगभग 5 हजार रुपये तक की लागत आई, क्योंकि मचान तैयार करने के लिए जरूरी बांस उनके पास पहले से ही उपलब्ध थे.
तैयार फसल, यहां बेचते हैं
वहीं, उनका अनुभव है कि 60 डिसमिल जमीन से करीब 50 क्विंटल या उससे अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है और वर्तमान में बाजार में नेनुआ 30 से 35 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. इस हिसाब से किसान लगभग 1.5 से 1.75 लाख रुपये तक की आमदनी हासिल कर सकते हैं. वहीं, वह अपनी तैयार फसल को पिंडराजोड़ा हाट में बिक्री करते हैं.
कम लागत में अधिक मुनाफा
आखिर में किसान मनोज ने किसानों को सलाह देते हुए बताया कि बरसात के मौसम में इस फसल पर कीट और रोगों का खतरा बढ़ जाता है. खासतौर पर पत्तों में वायरस संक्रमण और झुलसा रोग की समस्या देखने को मिलती है. ऐसे में समय पर जैविक कीटनाशकों और उचित प्रबंधन के जरिए फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है और सही तकनीक और देखभाल के साथ नेनुआ की खेती से कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें