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चीन, रूस, ईरान… दिल्ली में जमा हो रहे सारे धुरंधर, क्या है अजीत डोभाल का प्लान

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Ajit Doval BRICS meeting Delhi: दिल्ली में 22-23 जून को होने वाली ब्रिक्स NSA बैठक में ‘सुपर कॉप’ अजीत डोभाल अपनी रणनीतिक बिसात बिछाएंगे. डोभाल की अध्यक्षता में चीन के वांग यी और रूस के सर्गेई शोइगु जैसे दिग्गज कूटनीतिज्ञ साइबर हमलों और आतंकवाद जैसे अदृश्य वैश्विक खतरों पर महामंथन करेंगे. इस बैठक के जरिए भारत पश्चिमी और विरोधी देशों के बीच संतुलन बनाकर दुनिया में अपना कूटनीतिक दबदबा साबित करेगा.

चीन, रूस, ईरान… दिल्ली में जमा हो रहे सारे धुरंधर, क्या है अजीत डोभाल का प्लानZoom

अजीत डोभाल के नेतृत्‍व में यह बैठक होने जा रही है. (File Photo)

भारत के सबसे अचूक रणनीतिकार और ‘सुपर कॉप’ NSA अजीत डोभाल ने दिल्ली की सरजमीं पर एक ऐसा कूटनीतिक जाल बुना है जिसकी गूंज दुनिया भर में है. डोभाल ने ब्रिक्स देशों के उन धुरंधरों को दिल्ली बुलाया है जिनके एक इशारे पर दुनिया की सेनाएं हिल जाती हैं. चीन के वांग यी और रूस के सर्गेई शोइगु जैसे महाशक्तियों के सिपहसालार डोभाल की बिछाई बिसात पर बैठने आ रहे हैं. इस बार एजेंडा का एजेंडा भी तगड़ा है. बंद कमरों में पारंपरिक मिसाइलों की नहीं बल्कि एआई (AI), साइबर वॉरफेयर और डीपफेक जैसे अदृश्य वैश्विक खतरों को कुचलने का महा-प्लान तैयार हो रहा है.

आगामी 22 और 23 जून को भारत की सरजमीं पर ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की महाबैठक होने जा रही है. विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा शनिवार को की गई इस आधिकारिक घोषणा के बाद वैश्विक कूटनीति के गलियारों में हलचल मच गई है. अजीत डोभाल की टेबल पर इस बार दुनिया के वो सबसे खतरनाक और अदृश्य खतरे होंगे जो बिना किसी पारंपरिक युद्ध के भी पूरी मानवता को घुटनों पर ला सकते हैं. इस महाबैठक का मुख्य फोकस ‘गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां’ रखा गया है. सितंबर में होने वाले मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले अजीत डोभाल की यह बिसात पूरी दुनिया की राजनीति को हिलाने का दम रखती है.

ब्रिक्स NSA बैठक की 5 मुख्य बातें

• अजीत डोभाल करेंगे अध्यक्षता: दिल्ली में 22 और 23 जून को आयोजित होने वाली 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक की कमान भारतीय NSA अजीत डोभाल संभालेंगे.

• दुनिया के दिग्गज रणनीतिकारों का जमावड़ा: इस बैठक में शामिल होने के लिए चीनी विदेश मंत्री वांग यी, रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु और ईरानी सुरक्षा उप-प्रमुख नेज़ामीपोर जैसे वैश्विक सूरमा दिल्ली आ रहे हैं.

• अदृश्य खतरों पर होगा महामंथन: बैठक का मुख्य एजेंडा दुनिया के सामने खड़े ‘गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरे’ हैं, जिसमें नई टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल और उभरते सुरक्षा जोखिमों पर गहन चर्चा होगी.

• आतंकवाद के खिलाफ नया चक्रव्यूह: भारतीय NSA अजीत डोभाल की अगुवाई में ब्रिक्स के काउंटर-टेररिज्म वर्किंग ग्रुप और सूचना-संचार तकनीकों (ICT) के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी.

• सितंबर समिट का राजनीतिक ब्लूप्रिंट: भारत इस साल 11 सदस्यीय ब्रिक्स ब्लॉक की अध्यक्षता कर रहा है. यह बैठक सितंबर में भारत में ही होने वाले मुख्य ब्रिक्स राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन का राजनीतिक आधार तैयार करेगी.

डोभाल की बिसात और बदलते ब्रिक्स के मायने
इस बैठक के जरिए भारत और विशेष रूप से NSA अजीत डोभाल दुनिया को एक मजबूत संदेश देने जा रहे हैं. भारत इस समय 11 देशों वाले विस्तारित ब्रिक्स का नेतृत्व कर रहा है, जिसमें जिसमें अब मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई नए मेंबर के तौर पर शामिल हैं. अजीत डोभाल द्वारा इस बैठक को चेयर करना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत एक तरफ पश्चिमी देशों के साथ मजबूत रणनीतिक साझेदारी (जैसे क्वाड) में है तो दूसरी तरफ रूस, चीन और ईरान जैसे अमेरिका-विरोधी धुरियों को भी एक मेज पर लाकर लीड कर रहा है. चीनी राजदूत शू फेईहोंग का यह कहना कि चीन राजनीतिक तैयारी के लिए भारत के साथ समन्वय चाहता है, यह दिखाता है कि एलएसी (LAC) विवाद के बावजूद चीन भारत के कूटनीतिक दबदबे को नजरअंदाज नहीं कर सकता. डोभाल का पूरा फोकस इस बात पर रहेगा कि कैसे आतंकवाद और साइबर थ्रेट्स के मुद्दे पर चीन और रूस को भारत के हितों के अनुकूल मोड़ा जाए.

सवाल-जवाब
दिल्ली में होने जा रही ब्रिक्स सुरक्षा प्रमुखों की बैठक की अध्यक्षता कौन करेगा और इसका मुख्य विषय क्या है?
इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल करेंगे. इस बैठक का मुख्य विषय ‘दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां’ (Non-traditional security challenges) रखा गया है.
इस बैठक में कौन-कौन से देशों के प्रमुख रणनीतिकार और सुरक्षा अधिकारी शामिल हो रहे हैं?
इस बैठक में भारत के आमंत्रण पर चीनी विदेश मंत्री वांग यी, रूस के NSA सर्गेई शोइगु और ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी नेज़ामीपोर सहित ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं.
बैठक के एजेंडे में सुरक्षा के लिहाज से किन विशेष बिंदुओं को शामिल किया गया है?
बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के तेजी से बदलते स्वरूप और उभरते सुरक्षा खतरों में नई तकनीकों (जैसे साइबर अटैक, एआई आदि) की भूमिका पर चर्चा होगी. साथ ही काउंटर-टेररिज्म और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सुरक्षात्मक इस्तेमाल से जुड़े जॉइंट वर्किंग ग्रुप के नतीजों की समीक्षा की जाएगी.
इस बैठक का सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से क्या संबंध है?
भारत के पास इस साल ब्रिक्स की रोटेटिंग प्रेसीडेंसी है. अजीत डोभाल की अध्यक्षता में हो रही यह एनएसए बैठक असल में सितंबर में भारत में ही आयोजित होने वाले मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) के लिए राजनीतिक और सुरक्षात्मक जमीन तैयार करेगी.

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Sandeep GuptaChief Sub Editor

डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें



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