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भास्कर न्यूज|गुमला गुमला शहर में मकानों की संख्या दस हजार से अधिक है। इनसे होल्डिंग टैक्स की भी वसूली होती है। लेकिन महज 2105 नल के वैध कनेक्शन हैं। टैक्स वसूली करने वाली स्पाइरो संस्था की रिपोर्ट के अनुसार वैध कनेक्शनों के अलावा बड़ी संख्या में नलों के अवैध कनेक्शन भी हैं। ऐसे में अब नप ने अवैध तरीके से नल कनेक्शन चलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नप ने पानी की चोरी करने वालों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इस टीम में नप के कर्मियों के अलावा स्पाइरो संस्था के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। यह टीम शहरी क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाएगी। ईओ ने बताया कि विभाग की आंतरिक समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई है कि शहरी क्षेत्र में कई लोगों ने बिना अनुमति अवैध तरीके से नल का कनेक्शन ले रखा है। इतना ही नहीं, कई घरों में सीधे नल में ही मोटर लगाकर पानी खींचा जा रहा है। शहर के कई होटलों, लॉज, अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कमर्शियल दर पर कनेक्शन लेने के बजाय घरेलू नल कनेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे नगर परिषद को हर महीने बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हो रहा है। ईओ ने स्पष्ट किया कि टैक्स की इस चोरी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गठित टीम में जेई दीनानाथ भगत, राहुल कुमार, गौरव कुमार, स्पाइरो के प्रकाश विश्वकर्मा, मोहर साहू, ज्ञान, अन्य लोग शामिल हैं। टीम ने शुक्रवार को खड़ियापाड़ा इलाके में कुछ घरों की जांच की। इसमें प्रथम दृष्टया अवैध कनेक्शन की पुष्टि हुई। अब सभी के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। कनेक्शन की भी जांच होगी। जल का कनेक्शन लेने के लिए नागरिकों को अधिकतम 30 हजार तक खर्च करना पड़ता है। इसलिए भी अवैध कनेक्शन वाले इसे वैध कराने में रूचि नहीं दिखाते। एक हजार स्क्वायर तक के मकान पर 7000, 2000 तक के लिए 14000 और तीन हजार से अधिक स्क्वायर के मकान पर 24000 निकाय में खर्च है। इसके अतिरिक्त 1500 वाटर मीटर चार्ज और फिर पाईप व फिटिंग खर्च करना होता है। आवेदन देने के पश्चात टीम के भौतिक निरीक्षण के उपरांत कनेक्शन देने की प्रकिया दस्तावेज लेकर पूरी की जाती है।
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