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भास्कर न्यूज | गढ़वा स्थानीय जीएन कान्वेंट स्कूल (10+2) के प्रांगण में सोमवार को 12वें विश्व योग दिवस के अवसर पर विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक सह शिक्षाविद् मदन प्रसाद केशरी एवं उपप्राचार्य बसंत ठाकुर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और योग ऋषि पतंजलि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की। अपने संबोधन में निदेशक मदन प्रसाद केशरी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि मन और आत्मा को संतुलित करने वाली हमारी प्राचीन जीवन पद्धति है। 21 जून को पूरा विश्व इसे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाता है, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत का वैश्विक सम्मान है। उन्होंने योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अच्छे स्वास्थ्य का विज्ञान और कला है। यह बहुत ही सूक्ष्म विज्ञान पर आधारित आध्यात्मिक क्रिया है, जो मन और शरीर को एक सूत्र में पिरोती है। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक कृष्ण कुमार, मुकेश भारती, खुर्शीद आलम, दिनेश कुमार, नीलम कुमारी, सुनीता कुमारी, सरिता दुबे, शिवानी कुमारी, पुष्पा कुमारी और संतोष प्रसाद सहित सभी कर्मियों की भूमिका सराहनीय रही।शिविर में योग एवं खेल प्रशिक्षिका वर्षा कुमारी तथा दसवीं के छात्र भास्कर तिवारी के संयुक्त निर्देशन में छात्र-छात्राओं ने पद्मासन, प्राणायाम, ताड़ासन, भुजंगासन, मयूरासन, मंडूकासन, वृक्षासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी आदि योगासनों का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को निदेशक के हाथों प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। तनाव और अवसाद से मुक्ति का एकमात्र साधन निदेशक ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि योग के समग्र दृष्टिकोण से जीवन के सभी क्षेत्रों में सामंजस्य स्थापित होता है। यह आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का निदान करने, स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और रोगों को रोकने के लिए जाना जाता है। नियमित योग करने से शरीर स्वस्थ-मजबूत बनता है और तनाव, चिंता व अवसाद (डिप्रेशन) से मुक्ति मिलती है। यदि आप दवा और बीमारियों से दूर रहना चाहते हैं, तो योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इससे विद्यार्थियों में एकाग्रता बढ़ती है और मन शांत रहता है। वहीं आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने बढ़चढ़ कर लिया हिस्या और अपनी प्रतिभा दिखाई।
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