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कोल्हान क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक बढ़ गया है। मंगलवार रात सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में हुई दो अलग-अलग घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड के पात्थरबासा गांव के कोकलोटाला निवासी दिलेश्वर जातराम (48) की दंतैल हाथी के हमले से मौत हो गई। मंगलवार रात करीब दो बजे वे लघुशंका के लिए घर से बाहर निकले थे, तभी अंधेरे में घर के पास खड़े हाथी ने उन पर हमला कर दिया। सूंड से उठाकर पटक दिया हाथी ने उन्हें सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड के मौसाढ़ा गांव में हाथियों के झुंड ने एक मकान की दीवार तोड़ दी। दीवार गिरने से घर के अंदर सो रही एक महिला मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। ग्रामीणों का आरोप है कि तिरुलडीह क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी के किनारे बड़े पैमाने पर हो रहे बालू खनन के कारण हाथियों का प्राकृतिक रास्ता प्रभावित हुआ है, जिससे वे आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। लोगों ने वन विभाग पर समय पर कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनपाल अभय कुमार ने बताया कि राज्य सरकार की नई नीति के तहत मृतक के परिजनों को तत्काल एक लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नौ लाख रुपए की अतिरिक्त अनुग्रह राशि भी प्रदान की जाएगी।
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