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डीएसपीएमयू में यूजी-पीजी टॉपर्स की कॉपियां डिस्प्ले होंगी, टॉपर्स कैसे लिखते हैं...




डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) उच्च शिक्षा में पारदर्शिता और अकादमिक गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के टॉपर विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं को सार्वजनिक (डिस्प्ले) करने का फैसला लिया है। कुलपति प्रो. राजीव मनोहर की अध्यक्षता में बुधवार को होने वाली अकादमिक काउंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मंजूरी मिलने के बाद डीएसपीएमयू झारखंड का पहला विश्वविद्यालय बन जाएगा, जहां टॉपर विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं अध्ययन और संदर्भ के लिए डिस्प्ले की जाएंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों को बेहतर उत्तर लेखन शैली समझने में मदद मिलेगी। साथ ही मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी। विद्यार्थियों को यह जानने का अवसर मिलेगा कि उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने उत्तरों को किस तरह प्रस्तुत किया है। शिक्षा जगत में इसे एक महत्वपूर्ण अकादमिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में रोजगारोन्मुख और नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप योगिक साइंस समेत आधा दर्जन नए पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि नए कोर्स शुरू होने से विद्यार्थियों को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। करीब दो दशक पहले रांची यूनिवर्सिटी में तत्कालीन प्रभारी कुलपति डॉ. आनंद भूषण के कार्यकाल में टॉपर्स की कॉपियां डिस्प्ले की गई थीं। उस समय इस पहल की काफी सराहना हुई थी। विद्यार्थियों को इससे लाभ भी मिला था। हालांकि उनके कार्यकाल के बाद यह व्यवस्था बंद हो गई। अब डीएसपीएमयू उसी व्यवस्था को शुरू कर रहा है। योगिक साइंस समेत आधा दर्जन नए कोर्स भी शुरू होंगे स्नातक पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की भी पढ़ाई शुरू की जाएगी एडमिशन के लिए उपलब्ध सीटों को भी मिलेगी मंजूरी दो दशक पहले आरयू में किया गया था डिस्प्ले विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विषय शुरू करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद विद्यार्थियों को इस विषय में स्नातक स्तर पर अध्ययन का अवसर मिलेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी करने वालों के लिए यह विषय विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है। अकादमिक काउंसिल की बैठक में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए सरकार द्वारा तैयार सीट मैट्रिक्स को भी अंतिम स्वीकृति दी जाएगी। इसके तहत विभिन्न विषयों में उपलब्ध सीटों की संख्या निर्धारित हो जाएगी। आगामी नामांकन सत्र को देखते हुए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके आधार पर प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।



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