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रांची के धुर्वा स्थित जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में मंगलवार को क्रिकेट का ऐसा जुनून दिखा, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज तो हुआ, लेकिन अव्यवस्था और खौफ के दाग के साथ। जेएससीए के सिक्युरिटी इंचार्ज मनोज चौधरी ने बताया कि जेटी-20 के मैच का खुमार रांचीवासियों के सिर चढ़कर बोल रहा था। स्टेडियम में फ्री एंट्री की वजह से क्रिकेट के दीवानों का ऐसा रेला आया कि 40 हजार की क्षमता वाला आलीशान स्टेडियम छोटा पड़ गया। फाइनल देखने की उम्मीद में 50 हजार से अधिक दर्शक स्टेडियम पहुंच गए। नतीजा यह हुआ कि पूरा स्टेडियम खचाखच भर गया। पैर रखने तक की जगह नहीं बची, जिसके बाद मजबूरी में स्टेडियम के सभी एंट्री गेट बंद करने पड़े। इसके बाद भी बाहर में 10 हजार से अधिक दर्शकों की भीड़ जमा थी। हर कोई अपने चहेते क्रिकेटर को देख लेना चाहता था क्रिकेट का जुनून ऐसा कि जेएससीए के बाहर जमा सैकड़ों युवा स्पाइडरमैन की तरह स्टेडियम के ऊंचे लोहे के गेट और दीवारों पर चढ़ने लगे। बाहर बढ़ती भीड़ और हंगामे के दबाव को भांपने में सुरक्षाकर्मियों से बड़ी चूक हो गई। उन्होंने स्थिति को संभालने के लिए जैसे ही एक गेट का ताला खोला, बाहर खड़ा जनसैलाब बांध टूटने की तरह अंदर की तरफ झपट पड़ा। दरवाजा खुलते ही कतारें टूट गईं और भयानक भगदड़ मच गई। हर कोई बस किसी भी तरह स्टेडियम के हरे मैदान और अपने चहेते क्रिकेटरों को देख लेना चाहता था। हालात हाथ से निकले, तब पहुंचा प्रशासनिक अमला जेएससीए के बाहर जब स्थिति पूरी तरह हाथ से निकल गई, तो मौके पर मौजूद पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। बेकाबू हो चुकी हजारों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं।
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