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गोरखपुर बन रहा भोजपुरी इंडस्ट्री का नया हब, स्थानीय कलाकारों को मिल...


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गोरखपुर तेजी से भोजपुरी मनोरंजन हब बन रहा है, शूटिंग से एडिटिंग तक सुविधाएं यहीं, स्थानीय कलाकारों को रोजगार, रवि किशन की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा बनी

गोरखपुर: कभी सिर्फ धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाने वाला गोरखपुर अब धीरे-धीरे भोजपुरी मनोरंजन जगत का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है. शहर में लगातार भोजपुरी गानों की शूटिंग, रिकॉर्डिंग और लॉन्चिंग का सिलसिला बढ़ रहा है. पहले जहां कलाकारों को अपने प्रोजेक्ट के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब अधिकांश काम गोरखपुर में ही आसानी से हो रहा है.

गोरखपुर के ‘राजघाट’ पर एक भोजपुरी गाने की शूटिंग के दौरान स्थानीय कलाकारों की टीम नजर आई, कलाकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में शहर का माहौल भोजपुरी इंडस्ट्री के लिए काफी अनुकूल हुआ है. प्राकृतिक लोकेशन, आधुनिक तकनीकी संसाधन और स्थानीय सहयोग के कारण अब निर्माता और कलाकार गोरखपुर को प्राथमिकता देने लगे हैं.

रवि किशन बने रोल मॉडल

कलाकारों के मुताबिक, अब गानों की शूटिंग से लेकर एडिटिंग और डिजिटल लॉन्चिंग तक की सुविधाएं गोरखपुर में उपलब्ध हैं. इससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है. सबसे बड़ी बात यह है कि स्थानीय कलाकारों, कैमरामैन, एडिटर, मेकअप आर्टिस्ट और अन्य तकनीकी कर्मचारियों को भी शहर में ही रोजगार के अवसर मिलने लगे हैं. भोजपुरी कलाकारों का मानना है कि गोरखपुर से सांसद और भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता रवि किशन की सफलता भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है. रवि किशन ने भोजपुरी फिल्मों से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और बाद में बॉलीवुड व राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई. उनकी सफलता से गोरखपुर के युवा कलाकारों को विश्वास मिलता है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर बड़े मंच तक पहुंचा जा सकता है.

गोरखपुर बन रहा भोजपुरी का हब

सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव ने भी भोजपुरी संगीत को नई उड़ान दी है. अब स्थानीय कलाकार अपने गानों को सीधे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लॉन्च कर रहे हैं, जिससे उन्हें व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है. गोरखपुर अब केवल भोजपुरी संस्कृति का केंद्र ही नहीं, बल्कि भोजपुरी संगीत और मनोरंजन उद्योग के उभरते हब के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है. यदि इसी तरह स्थानीय प्रतिभाओं को मंच और संसाधन मिलते रहे, तो आने वाले समय में गोरखपुर भोजपुरी इंडस्ट्री के प्रमुख प्रोडक्शन सेंटर के रूप में स्थापित हो सकता है.

About the Author

Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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