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चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र स्थित द्वारी रेलवे साइडिंग में शनिवार को दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई। यह झड़प कोयला साइडिंग पर वर्चस्व और संचालन के अधिकार को लेकर हुई, जिसमें प्रमुख पति सहित कई लोग घायल हो गए। शनिवार दोपहर द्वारी रेलवे साइडिंग का क्षेत्र रणक्षेत्र में बदल गया। दोनों गुटों के लोग आमने-सामने आ गए और उनके बीच जमकर लाठी-डंडे चले। हालात इतने बिगड़ गए कि दोनों तरफ से पत्थरबाजी भी शुरू हो गई, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों से आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में प्रमुख पति भी शामिल हैं। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने चार गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया। विवाद की मुख्य वजह दो कांटा घर मारपीट और पत्थरबाजी के दौरान रास्ते से गुजर रहे कुछ राहगीरों को भी चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रेलवे साइडिंग का नियमित संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है। शुरुआत के तौर पर कुछ हाइवा से कोयला रैक वहां पहुंचा था। दरअसल, विवाद की जड़ यहां बने दो ‘कांटा घर’ हैं। एक कांटा घर का संचालन गांव के युवाओं द्वारा किया जा रहा है, जबकि दूसरे पर गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों का नियंत्रण है। इसी वर्चस्व और संचालन को लेकर दोनों गुटों में लंबे समय से तनाव सुलग रहा था, जो शनिवार को हिंसक संघर्ष के रूप में फूट पड़ा। हिंसक झड़प के बाद कुछ लोगों ने सड़क जाम कर दिया था। घटना की सूचना मिलते ही गिद्धौर थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कुछ ही घंटों में सड़क जाम खुलवाकर यातायात को सुचारू किया। थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री ने बताया कि चार गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर कर दिया गया है। पुलिस को उमेश यादव की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल द्वारी बाजार और साइडिंग क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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