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बर्तन के बदले दिया पुराना फोन तो खाली हो सकता है बैंक...




एक्सपर्ट व्यू आपके घर में एक पुराना मोबाइल पड़ा है, जिसे अब आप इस्तेमाल में नहीं ला रहे हैं। आप उस पुराने फोन को 1-2 बर्तनों के लिए बेच देते हैं, तो यह सौदा महंगा पड़ सकता है। बोकारो शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में पुराने या खराब मोबाइल के बदले बर्तन सहित अन्य सामान बेचने वाले 100 से अधिक फेरीवाला इस समय घूम रहे हैं। दरअसल इस तरह के फोन आगे मार्केट में जाते हैं और वहां हैकर्स आपके फोन का डाटा निकालकर उसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आप भी अपना पुराना मोबाइल बेच रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। बर्तनों के बदले पुराने मोबाइल बटोरने का जो खेल चल रहा है, उसकी जड़ें बेहद गहरी और डरावनी हो सकती हैं। इसका सबसे बड़ा और सनसनीखेज खुलासा बिहार के कटिहार जिले में हुआ है, जहां बिहार एसटीएफ और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर ऐसे ही खतरनाक खेल के मास्टर माइंड को दबोचा था। विदेशी डेटा सेंटर और देश का सबसे बड़ा डेटा स्कैम तकनीकी और साइबर एक्सपर्ट के अनुसार, जब यह मदरबोर्ड विदेशी साइबर ठगों के पास पहुंचते हैं, तो वे आधुनिक सॉफ्टवेयर के जरिए बंद पड़े या स्क्रीन टूटे फोन से भी 100% डेटा रिकवर कर लेते हैं। आपके पुराने फोन की मेमोरी में मौजूद निजी तस्वीरें, पारिवारिक वीडियो और सोशल मीडिया के पासवर्ड सीधे विदेशी सर्वर पर अपलोड हो जाते हैं। फोन में छोड़े गए आधार कार्ड, पैन कार्ड और ब्लैंक चेक की तस्वीरों का इस्तेमाल कर आपके बैंक खाते खाली कर देते हैं। अंतरराष्ट्रीय सप्लायर कटिहार से पकड़ाया पुराने फोन से गोपनियता भंग होने की आशंका बोकारो साइबर थाना के प्रभारी, डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि यह मामला देश के हर उस नागरिक के लिए एक बड़ी चेतावनी है, जो पुराने फोन को बिना सोचे-समझे किसी फेरी वाले को थमा देते हैं। थाली या कटोरे के बदले अपना पुराना फोन देना अपनी गोपनीयता को भंग करना है। उसे फेंकने या बेचने से पहले सेटिंग्स में जाकर फैक्ट्री रीसेट जरूर करें, ताकि ड्राइव खाली हो जाए। चार अप्रैल को पटना दैनिक भास्कर में छपी खबर। कटिहार से खुला देशव्यापी नेटवर्क, बोकारो में भी गिरोह सक्रिय कटिहार के रौतारा थाना क्षेत्र के लैलहा चौक पर भंगार की दुकान चलाने वाला इस्तार आलम अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों का सप्लायर निकला। तीन अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर (लालगंज) में पुलिस ने जब 11,605 पुराने मोबाइलों से भरा एक ट्रक जब्त किया, तब इस पूरे काले साम्राज्य का पर्दाफाश हुआ। पूछताछ में इस्तार ने कुबूल किया कि उसके नेटवर्क के फेरीवाला दिल्ली, हैदराबाद और तमिलनाडु जैसे बड़े शहरों के अलावा देश के विभिन्न राज्यों व जिलों के गांवों से बर्तनों व चंद रुपए का लालच देकर पुराने मोबाइल इकट्ठा करते थे। सेक्टर-3 में मोबाइल के बदले बर्तन देने वाला फेरी वाला।



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