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उत्तर प्रदेश के मऊ की मशहूर ‘बादशाही’ मिठाई सिर्फ मैदा और शक्कर से बनती है और करीब 15 दिनों तक खराब नहीं होती. जानिए इसकी खासियत, बनाने की विधि, कीमत और क्यों दिल्ली-मुंबई तक इसकी इतनी मांग है.
उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में एक अलग ही प्रकार की मिठाई बनाई जाती है इसका नाम बादशाही है. यह मिठाई ऐसे तरीके से बनाई जाती है कि कई दिनों तक खराब नहीं होती है और इसकी मांग सिर्फ मऊ, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर ही नहीं बल्कि दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी है, क्योंकि यह कई दिनों तक खराब नहीं होती है इसके वजह से लोग इसे काफी पसंद करते हैं.
मऊ जनपद के भिखारीपुर बाजार में अंकित स्वीट हाउस की दुकान पर मिलने वाली यह मिठाई इन दोनों लोग काफी पसंद कर रहे हैं. जिसे लोग खाते तो हैं ही साथ में बाहर रहने वाले लोग जैसे दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में लेकर जाते हैं. क्योंकि यह मिठाई इस तरीके से बनाई जाती है जो कई दिनों तक खराब नहीं होती है यही वजह है कि लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं और इसे पैक करा कर बड़े शहरों में लेकर जा रहे हैं.
अंकित स्वीट हाउस की ओनर बताते हैं कि इस मिठाई को बनाने के लिए सिर्फ मैदा और शक्कर का प्रयोग किया जाता है. इस वजह से यह मिठाई कई दिनों तक नहीं खराब होती है और खाने में बिल्कुल मीठा खस्ता की तरह लगता है. यही वजह है कि यह हर किसी की पहली पसंद बन रही है, क्योंकि हर कोई हल्का मीठा खस्ता टाइप कुछ खाना चाहता है और यह मिठाई उसी तरह बनाई जाती है. जो कई दिनों तक खराब नहीं होती है.
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अंकित जी से मिठाई को बनाने की विधि में बताते हैं की सबसे पहले मैदा को अच्छे से गुथा जाता है. इसे घुटने के लिए इसमें हल्का रिफायन डाल दिया जाता है. जिससे बादशाही का आकार देने में यह मैदा मुलायम रहे और आसानी से बन सके. मैदा को अच्छे से गूथ लेने के बाद इसे लगभग 1 से 2 घंटे तक ऐसे ही छोड़ दिया जाता है ताकि वह अच्छे से फूल जाए और बादशाही बनाते समय मुलायम रहे.
जब गुथा हुआ मैदा आसानी से फूल जाता है और मुलायम हो जाता है तब उस मैदा को छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर हाथों से ही बादशाही का लंबा आकार दिया जाता है और उसे बादशाही का रूप दे दिया जाता है. जब यह बादशाही के आकार का तैयार हो जाता है तो इसे गर्म कढ़ाई के रिफाइन में तब तक तला जाता है जब तक यह पूरी तरह से लाल नहीं हो जाता है. जब यह बादशाही पूरी तरह लाल हो जाता है तब इसे बाहर निकाल कर ठंडा होने के लिए रख दिया जाता है.
जब बादशाही को गर्म रिफाइंड से बाहर निकाल कर रख लिया जाता है उसके बाद फिर इसे और स्वादिष्ट और मीठा बनाने के लिए शक्कर का चासनी बनाया जाता है. जब चासनी पूरी तरह से तैयार हो जाता है उसके बाद जब हल्का सिर गर्म हो जाता है तो बादशाही को इस चासनी में डालकर कुछ देर तक छोड़ दिया जाता है. जब यह पूरी तरह से चाशनी को सोख लेता है फिर उसे बाहर निकाल कर रख दिया जाता है.
सिर्फ मैदा और शक्कर के इस्तेमाल करके बनाए जाने वाला यह बादशाही लगभग 15 दिनों तक खराब नहीं होता है. यही वजह है कि लोग इसे अपने घरों तक लेकर जाते हैं स्वाद ऐसा होता है की खस्ता और मीठा दोनों का स्वाद एक साथ मिलता है. इस वजह से लोग इसे काफी पसंद करते हैं और खाने के साथ-साथ घर भी लेकर जाते हैं इस बादशाही की मांग दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में अधिक है यहां से लोग बाहर जाने वाले इस पैक करा कर लेकर जाते हैं.
अगर बात करें इस बात सही मिठाई की कीमत की तो यह बादशाही मिठाई 160 रुपए मिलती हैं. सस्ती और काफी टिकाऊ मिठाई होने के वजह से लोग इसे काफी पसंद करते हैं इस वजह से लोग इसे दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में लेकर जाते हैं और वहां कई दिनों तक इसे खाते रहते हैं. शादी विवाह में भी लोग इस मिठाई को अधिक देते हैं, क्योंकि यह मिठाई कई दिनों तक नहीं खराब होती है यही वजह है कि मऊ की यह पहली पसंद बनती जा रही है.