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Monsoon Gardening Tips: नर्सरी संचालक कनिष्क कुमार बताते हैं कि जुलाई से सितंबर तक का समय नए पौधों को तैयार करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. क्योंकि इस दौरान वातावरण में नमी अधिक रहती है. पौधों की बढ़वार भी तेज होती है. कलम लगाने के बाद इसे तेज धूप से बचाएं. उन्होंने कहा कि इसमें रोज अधिक पानी देने की जरूरत नहीं होती. जानें एक्सपर्ट टिप्स.
जमुई: गार्डनिंग करना कई लोगों को पसंद होता है. लोग अपने घर के आसपास तरह-तरह के फूल के पौधे लगाते हैं. जो गार्डनिंग नहीं भी करते हैं वह भी गमले में या घर के दरवाजे के आसपास फूलों का पौधा लगाते हैं. परंतु बाजार में विदेशी फूल के पौधे काफी महंगे मिलते हैं. अगर बोगनबेलिया की बात करें तो इसका एक पौधा 300 से 350 रुपए में मिलता है. जिसे खरीदना और लगाना थोड़ा महंगा पड़ता है. परंतु अगर आप गार्डनिंग करना चाहते हैं और बोगनविलिया से अपने घर को सजाना चाहते हैं तो आप घर पर ही इसे तैयार कर सकते हैं. खासकर मानसून का सीजन इसके लिए सबसे सही माना जाता है. जमुई के नर्सरी संचालक कनिष्क कुमार बताते हैं कि इस मौसम में पौधे की ग्राफ्टिंग करके आप घर पर ही बोगन बेलिया के नए पौधे तैयार कर सकते हैं.
एक से डेढ़ महीने में तैयार हो जाएगा पौधा
जमुई के नर्सरी संचालक कनिष्क कुमार बताते हैं कि जुलाई से सितंबर तक का समय नए पौधों को तैयार करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. क्योंकि इस दौरान वातावरण में नमी अधिक रहती है. पौधों की बढ़वार भी तेज होती है. सही तरीके से देखभाल करने पर करीब 30 से 45 दिनों में नई कोंपलें निकलने लगती हैं, जबकि दो से तीन महीने में पौधा अच्छी तरह तैयार हो जाता है. कनिष्क ने बताया कि इसके लिए एक बोगनविलिया के स्वस्थ पौधे में से उसकी कुछ डंठल काट लें, फिर इसे अच्छे से मिट्टी से भरे बैग में लगा दें. मिट्टी तैयार करते समय 40 प्रतिशत सामान्य दोमट मिट्टी, 30 प्रतिशत अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद, 20 प्रतिशत नदी की बालू और 10 प्रतिशत नारियल के छिलके का बुरादा या कोकोपीट मिलाने से जड़ों का विकास तेजी से होता है और नमी लंबे समय तक बनी रहती है. यदि नारियल का छिलका उपलब्ध नहीं है तो सूखी पत्तियों की खाद का भी उपयोग किया जा सकता है.
इन बातों का रखें ध्यान
कनिष्क ने बताया कि कलम लगाने के बाद इसे तेज धूप से बचाएं. उन्होंने कहा कि इसमें रोज अधिक पानी देने की जरूरत नहीं होती. मिट्टी की ऊपरी सतह सूखने लगे तभी हल्का पानी दें, क्योंकि ज्यादा पानी से पौधे खराब हो सकते हैं. कनिष्क ने बताया कि है करीब एक महीने बाद इसमें से नई पत्तियां और टहनियां निकलने लगेंगी. इसके बाद धीरे-धीरे पौधे को आप कहीं भी लगा सकते हैं. कनिष्क बताते हैं कि थोड़ी सावधानी और सही तकनीक अपनाकर कोई भी व्यक्ति घर पर ही बोगनवेलिया का पौधा तैयार कर सकता है. इससे आप पौधों के पीछे पैसा खर्च करने से बचेंगे और आपकी गार्डनिंग काफी सस्ती हो जाएगी.
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