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साल के पत्तों में पकता है यह चिकन, कम तेल-मसालों से तैयार,...


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झारखंड का ‘पोड़म झिल्लु चिकन’ लोगों को खूब पसंद आ रहा है. यह पारंपरिक आदिवासी व्यंजन है. इसमें बेहद कम तेल-मसालों का इस्तेमाल होता है. चिकन को साल के पत्तों में लपेटकर धीमी आंच पर पकाया जाता है. आदित्यपुर में यह मात्र 50 रुपये प्लेट मिलता है. यह स्वाद और सेहत दोनों में लाजवाब है.

जमशेदपुर: झारखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक खानपान के लिए देशभर में जाना जाता है. यहां के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई ऐसे व्यंजन बनाए जाते हैं, जो स्वाद के साथ-साथ पौष्टिकता के लिए भी प्रसिद्ध हैं. इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में एक नाम है ‘पोड़म झिल्लु चिकन’, जो इन दिनों लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. खास बात यह है कि इस व्यंजन को तैयार करने में न तो अधिक तेल का उपयोग किया जाता है और न ही भारी मात्रा में मसालों का, फिर भी इसका स्वाद बेहद लाजवाब होता है.

पोड़म झिल्लु चिकन झारखंड के आदिवासी समाज की पारंपरिक पाक कला का एक बेहतरीन उदाहरण है. यह व्यंजन पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से तैयार किया जाता है, जिससे इसमें मौजूद पोषक तत्व भी काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं. यही कारण है कि इसे स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है.

जानें बनाने की विधि
इस व्यंजन की तैयारी के बारे में जानकारी देते हुए विकास सोरेन बताते हैं कि सबसे पहले चिकन को अच्छी तरह साफ करके धोया जाता है. इसके बाद उसमें कटा हुआ कच्चा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, थोड़ा सा सरसों का तेल और आवश्यक मसाले मिलाए जाते हैं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर कुछ समय के लिए मैरिनेट किया जाता है ताकि मसालों का स्वाद चिकन के भीतर तक पहुंच सके.

मैरिनेशन के बाद इस मिश्रण को साल के पत्तों में सावधानीपूर्वक लपेटा जाता है. साल के पत्ते इस व्यंजन को एक अलग सुगंध और स्वाद प्रदान करते है. इसके बाद पत्तों में लिपटे चिकन को लगभग 15 से 20 मिनट तक धीमी आंच पर सेंका जाता है. आग की गर्मी और साल के पत्तों की खुशबू मिलकर चिकन को एक अनोखा स्वाद देती है, जो सामान्य चिकन व्यंजनों से बिल्कुल अलग होता है.

जब चिकन अच्छी तरह पक जाता है, तब उसे गर्मागर्म परोसा जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें तेल और मसालों का उपयोग बहुत कम होता है, जिससे इसका प्राकृतिक स्वाद बरकरार रहता है. यही वजह है कि इसे खाने वाले लोग इसके स्वाद के साथ-साथ इसकी सादगी के भी कायल हो जाते हैं.

कीमत 50 रुपये प्रति प्लेट
कीमत की बात करें तो यह स्वादिष्ट व्यंजन मात्र ₹50 प्रति प्लेट में उपलब्ध है, जिसमें लगभग 150 ग्राम तक चिकन दिया जाता है. कम कीमत में पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन मिलने के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.

यदि आप भी झारखंड के पारंपरिक स्वाद का अनुभव करना चाहते हैं, तो आदित्यपुर के इमली चौक पर पहुंचकर पोड़म झिल्लु चिकन का आनंद ले सकते हैं. यह व्यंजन न केवल आदिवासी संस्कृति की झलक दिखाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सादगी में भी बेहतरीन स्वाद छिपा हो सकता है.

About the Author

Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



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