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भास्कर एक्सक्लूिसव चास नगर निगम 156 करोड़ की फेज-2 जलापूर्ति योजना चार साल लेट चल रही है। यह योजना वर्ष 2018 में शुरू हुई थी। योजना अप्रैल 2021 तक पूरी करनी थी। लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसकी समय-सीमा दिसंबर 2024 तक बढ़ाई गई। इस दौरान नगर निगम के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म हो गया और चुनाव नहीं हुए। इसलिए अधिकारी राज रहा। अधिकारियों ने एजेंसी को लगभग 85 करोड़ रुपए भुगतान कर दिया। लेकिन यह योजना सफेद हाथी साबित हुई। अब नगर निगम में जनप्रतिनिधि राज बहाल हुई, तो इस योजना को लेकर कड़ाई हुई। इसे मार्च 2026 तक पूरा करने को कहा गया। फिर जून 2026 तक का समय दिया गया। लेकिन योजना पूरी नहीं हुई, जलापूर्ति भी बहाल नहीं हुई। एजेंसी को जलापूर्ति शुरू करने के साथ ही 30 हजार घरों में कनेक्शन भी देना था, लेकिन सात हजार घरों में कनेक्शन दिया गया है, लेकिन जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है। फैक्ट फाइल चास नगर निगम कुल क्षेत्रफल : 30 वर्ग किलोमीटर कुल वार्डों की संख्या : 35 कुल आबादी : 1,56,888 कुल घर : लगभग 60,000 स्लम क्षेत्र : 51 बस्तियां, आबादी 12,306, घर 2,706 फेज-1 में वर्तमान कनेक्शन : 9000 घर एक साल से चल रहा ट्रायल, पर घरों तक नहीं पहुंच रहा पानी जल्द चालू नहीं किया, तो ब्लैक लिस्टेड के लिए लिखेंगे : मेयर नगर निगम के महापौर भोलू पासवान ने कहा कि अधिकारी राज में सरकारी पैसों की बंदरबांट हुई है। करीब 85 करोड़ रुपए भुगतान के बाद भी लोगों को एक बूंद पानी नहीं मिला। एजेंसी को जून तक जलापूर्ति चालू करने को कहा गया था। लेकिन शुरू नहीं हुई। एक जुलाई को समीक्षा करेंगे। अगर जल्द जलापूर्ति चालू नहीं किया, तो इस एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करने के लिए विभाग को लिखेंगे। वैसे अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने के लिए विभाग को लिखा जाएगा, जिन्होंने बिना जांच के इतनी बड़ी राशि का भुगतान कर दिया। करीब एक साल पहले फेज-2 के तहत बनाई गई 6 पानी टंकियों और पाइपलाइनों का 15 दिनों का ट्रायल किया गया था, लेकिन नगर निगम ने साफ कर दिया है कि यह पानी अभी पीने योग्य नहीं है। सैकड़ों जगह पर लीकेज के कारण पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। एजेंसी ने नगर निगम को बताया है कि कई जगह ग्रामीणों ने पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया है, इसके कारण लीकेज हो रहा है। फेज-2 में अब तक : 7000 घरों में कनेक्शन (लक्ष्य : 30,000) फेज-1 से मात्र नौ हजार घरों को मिल रहा पानी पुराने सर्वे के अनुसार चास शहर में 25 हजार मकान हैं, जबकि अभी करीब 60 हजार मकान बन चुके हैं। फेज-1 से महज 9 हजार घरों को ही पानी मिल रहा है। फेज-2 से पानी नहीं मिल रहा है। अभिमन्यु नगर, पटेल नगर, शिवपुरी कॉलोनी जैसे इलाकों में पाइपलाइन बिछाने का काम अधूरा छोड़ दिया गया है।
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