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रांची समेत झारखंड में कैब से रोजाना ऑफिस, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट या अन्य जगह आने-जाने वाले लोगों को अब पहले से ज्यादा किराया चुकाना होगा। चार दिन से जारी कैब चालकों की हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई, लेकिन इसके साथ ही उबर और अतिरिक्त ने बेस प्राइस बढ़ा दिया है। इससे खासकर कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। हालांकि, ओला के साथ अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है, इसलिए उसके चालकों का आंदोलन जारी रहेगा।
राज्य में ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े करीब 13 हजार और सिर्फ रांची में लगभग चार हजार चालक रविवार से हड़ताल पर थे। चालक यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अमित ओझा ने बताया कि रैपिडो ने तत्काल नई दरें लागू कर दी हैं। उबर ने सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद संशोधित किराया लागू करने का आश्वासन दिया है। सबसे बड़ा असर कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। उबर की सेडान कैब का बेस प्राइस 55 रुपए से बढ़ाकर 100 रुपए कर दिया गया है। यानी कैब में बैठते ही यात्रियों को पहले के मुकाबले 45 रुपए अधिक देने होंगे। इसके बाद प्रति किलोमीटर के हिसाब से अलग किराया लगेगा। इसी तरह रैपिडो ने भी छोटी गाड़ियों का बेस प्राइस 50 से बढ़ाकर 100 रुपए और सेडान का 60 से बढ़ाकर 120 रुपए कर दिया है। यूनियन का कहना है कि लंबे समय से कम बेस प्राइस के कारण चालक आर्थिक नुकसान झेल रहे थे। नई दरें लागू होने से उनकी आय में सुधार होगा। दूसरी ओर, यात्रियों के लिए छोटी दूरी की यात्रा भी पहले से महंगी हो जाएगी। यूनियन की सहमति के बाद नई बेस किराया दरें उबर
मिनी टैक्सी : 48 से बढ़कर 80 रुपए (32 रुपए अधिक) सेडान : 55 से बढ़कर 100 रुपए (45 रुपए अधिक)
सेवन सीटर : 65 से बढ़कर 120 रुपए (55 रुपए अधिक)
रैपिडो
छोटी गाड़ी : 50 से बढ़कर 100 रुपए (50 रुपए अधिक) सेडान : 60 से बढ़कर 120 रुपए (60 रुपए अधिक)
ओला
कंपनी ने अभी अंतिम सहमति नहीं दी है। अधिकारियों ने किराया 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ाने पर विचार करने की बात कही है। इसलिए ओला के खिलाफ आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।
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