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देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए गए हैं। अब भक्तों को सालभर बाह्य अर्घा प्रणाली के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ को जलार्पण करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही मंदिर के गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने और उसके उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू किया जाएगा। ये सभी निर्णय श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों को लेकर की गई है। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने ये निर्णय पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, बाबा मंदिर प्रभारी व एसडीओ रवि कुमार समेत कई प्रशासनिक अधिकारी, तीर्थ पुरोहित, सरदार पंडा और पंडा धर्मरक्षिणी सभा के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर लिए है। बाह्य अर्घा से बुजुर्ग और दिव्यांगों को राहत उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बाबा मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित जलार्पण कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में मंदिर परिसर के बाहर स्थायी बाह्य अर्घा स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद श्रद्धालु बिना अधिक भीड़-भाड़ के सीधे बाबा को जल अर्पित कर सकेंगे। खासकर बुजुर्ग, दिव्यांग और अस्वस्थ श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा बेहद राहतकारी साबित होगी। उन्हें अब लंबी कतारों में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी और वर्षभर आराम से जलार्पण कर सकेंगे। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस व्यवस्था को शीघ्र धरातल पर उतारने का निर्देश दिया है। भीड़ प्रबंधन पर फोकस, मिलेगी कई सुविधाएं मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से गर्भगृह में मोबाइल फोन के प्रवेश और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इससे मंदिर की पवित्रता बनी रहेगी, सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं होगी और दर्शन-पूजन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगी। प्रबंधन ने भीड़ प्रबंधन, शीघ्र दर्शन की व्यवस्था, वीआईपी पूजा प्रबंधन, नए फुटओवर ब्रिज के निर्माण, क्लॉक रूम की सुविधा और श्रद्धालुओं की अन्य आवश्यकताओं पर भी विस्तार से चर्चा की है। पंडा धर्मरक्षिणी सभा के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे, जिस पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि श्रावणी मेले से पहले सभी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाकर श्रद्धालुओं को सहज अनुभव देने का प्रयास किया जाएगा। देवघर रूट की ट्रेनों में अभी से बुकिंग इधर, 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास और बाबा बैद्यनाथ धाम में लगने वाले श्रावणी मेले को लेकर रेलवे में बुकिंग अभी से चालू है। रांची से जसीडीह और देवघर जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में करीब 80 प्रतिशत सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं, जबकि कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट शुरू हो गई है। 18603 रांची-गोड्डा एक्सप्रेस में 30 जुलाई से 4 अगस्त तक सेकेंड एसी, थर्ड एसी और स्लीपर में वेटिंग चल रही है। 15027 मौर्या एक्सप्रेस में 30 जुलाई से 13 अगस्त तक स्लीपर में 40 से 55 सीटें शेष हैं, जबकि अन्य श्रेणियों में सीमित सीटें बची हैं। 18105 राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस में 30 जुलाई से 15 अगस्त तक एसी कोचों में 25 से 80 सीटें उपलब्ध हैं, वहीं स्लीपर में भी कम सीटें बची हैं। 18619 इंटरसिटी एक्सप्रेस में 28 जुलाई से 13 अगस्त तक एसी कोचों में 5 से 32 सीटें ही उपलब्ध हैं। 17007 चर्लपल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस में भी कई तारीखों पर वेटिंग शुरू हो गई है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रांची रेल मंडल ने रांची से भागलपुर तक मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा है। जिसके तहत यह ट्रेन सप्ताह में चार दिन कुल 29 ट्रिप कर सकती है और 24–25 जुलाई से इसके संचालन की संभावना जताई जा रही है।
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