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Deoghar Mangoes To Be Exported To Dubai: देवघर का आम पहली बार दुबई निर्यात किया जाएगा. जेएसएलपीएस और एपेडा के सहयोग से 10 टन आम्रपाली आम भेजे जा रहे हैं. यह ग्रामीण महिला किसानों की मेहनत का परिणाम है. यह ट्रायल है जो सफल रहा तो आगे भी इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे.
देवघर. देवघर की पहचान आज तक बाबा बैद्यनाथ धाम और विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के लिए रही है. लेकिन अब यह जिला अपनी एक नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है. देवघर का आम अब सिर्फ झारखंड या देश के बाजारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसकी मिठास सात समंदर पार दुबई तक पहुंचने जा रही है. पहली बार देवघर से आम की खेप अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए भेजी जा रही है. यह सिर्फ फलों का निर्यात नहीं है, बल्कि जिले के किसानों, खासकर ग्रामीण महिला किसानों की मेहनत और उनके सपनों को दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की एक बड़ी शुरुआत है. इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में देवघर के आम को भी देश-विदेश में नई पहचान मिलेगी और यहां के किसानों की आमदनी बढ़ाने का रास्ता खुलेगा.
क्या कहते हैं जेएसएलपीएस कर्मी
देवघर के जेएसएलपीएस कर्मी संतोष जी ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि जेएसएलपीएस और एपेडा के सहयोग से इस बार करीब 10 टन आम दुबई भेजा जा रहा है. इस खेप में मुख्य रूप से आम्रपाली किस्म के आम शामिल हैं, जो अपने मीठे स्वाद और बेहतर गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं. फिलहाल यह पूरी प्रक्रिया ट्रायल के तौर पर शुरू की गई है. जेएसएलपीएस के कर्मी संतोष कुमार बताते हैं कि इस पहल को एपेडा (APEDA) के सहयोग से पूरा किया जा रहा है.
सबसे पहले देवघर से आम की खेप लखनऊ भेजी जाएगी, जहां उसकी री-पैकेजिंग, गुणवत्ता की जांच और निर्यात से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी होंगी. इसके बाद एपेडा के माध्यम से यह खेप दुबई रवाना की जाएगी. अगर यह ट्रायल सफल रहता है, तो भविष्य में देवघर से नियमित रूप से विदेशों में आम भेजने का रास्ता खुल सकता है.
मनरेगा टीम और एफपीओ से जुड़ी महिला की जिम्मेदारी अहम
इस पूरी पहल की सबसे खास बात यह है कि इसमें ग्रामीण महिलाओं की भूमिका सबसे अहम रही है. ‘मनोन्नति मोहनपुर आजीविका महिला किसान एफपीओ’ से जुड़ी महिला किसानों ने अपने बागानों से अच्छी गुणवत्ता वाले आम उपलब्ध कराए. इसके साथ ही मनरेगा की टीम और जिला प्रशासन ने भी हर स्तर पर सहयोग किया.
एफपीओ से जुड़ी ग्रामीण दीदियों ने आपसी समन्वय, मेहनत और बेहतर प्रबंधन के जरिए यह साबित कर दिया कि अगर सही अवसर और बाजार मिले, तो गांव की महिलाएं भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार का हिस्सा बन सकती हैं. उनकी मेहनत से तैयार आम आज विदेश जाने की तैयारी में है, जो पूरे जिले के लिए गर्व की बात है.
आगे किसानों को मिलेगा भरपूर फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर देवघर का आम दुबई के बाजार में लोगों को पसंद आता है, तो आने वाले समय में इसकी मांग और बढ़ सकती है. इससे जिले के हजारों आम उत्पादक किसानों को बेहतर कीमत मिलेगी और उन्हें स्थानीय मंडियों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इसके साथ ही दूसरे देशों के बाजार भी देवघर के किसानों के लिए खुल सकते हैं. यह पहल सिर्फ आम बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
देवघर के लिए गर्व का पल
कुल मिलाकर देखा जाए, तो यह देवघर के लिए गर्व का पल है. जिस जिले की पहचान अब तक बाबा बैद्यनाथ धाम के नाम से होती थी, अब वही जिला अपने मीठे और गुणवत्तापूर्ण आम के दम पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रहा है. अगर यह प्रयास सफल रहा, तो आने वाले वर्षों में देवघर का नाम सिर्फ धार्मिक पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि निर्यात के क्षेत्र में भी पूरे देश में लिया जाएगा. इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, ग्रामीण महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और देवघर की एक नई पहचान दुनिया के सामने बनेगी.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें