![]()
जमशेदपुर के बागबेड़ा रोड नंबर-4 की रहने वाली तनीषा गौतम देश के सेमीकंडक्टर इतिहास के सबसे अहम क्षण की गवाह बनने जा रही हैं। भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में एक नया अध्याय जुड़ने के इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के साणंद स्थित सीजी सेमीकॉन ओसैट प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसी अवसर पर भारत में निर्मित पहली ‘मेड इन इंडिया’ कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप की पहली खेप वैश्विक बाजार के लिए रवाना की जाएगी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के केंद्र में तनीषा जैसी युवा इंजीनियर हैं, जिन्होंने इस चिप के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। जमशेदपुर की तनीषा बनीं अहम चेहरा इस गौरवशाली मौके पर तनीषा गौतम चर्चा के केंद्र में रहेंगी। वह उस कोर टीम की सदस्य हैं, जिसने इस कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्तमान में वह साणंद स्थित सीजी सेमीकॉन ओसैट प्लांट में जूनियर इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री सेमीकंडक्टर चिप निर्माण से जुड़े 15 कर्मचारियों की टीम से संवाद करेंगे, जिसमें तनीषा भी शामिल होंगी। इस दौरान उन्हें तकनीकी चुनौतियों, अपने अनुभव और भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। संघर्षां भरा रहा है तनीषा का सफर तनीषा गौतम की सफलता की कहानी प्रेरणादायक है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, टाटानगर से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने जमशेदपुर स्थित एनटीटीएफ-टीएसटीआई से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने हैदराबाद स्थित डॉ. रेड्डीज़ से की। जहां उन्होंने तकनीकी अनुभव हासिल किया। बाद में वह देश के सबसे महत्वाकांक्षी कमर्शियल सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट से जुड़ गईं और आज इस ऐतिहासिक उपलब्धि का हिस्सा बनीं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। जिन्होंने हर कठिन परिस्थिति में उनका साथ दिया। पैरेंट्स बोले – परिवार के लिए गर्व का क्षण तनीषा की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। उनके पिता त्रिपुरारी गौतम और मां प्रेमलता कुमारी ने इसे पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। उनकी मां ने बताया कि तनीषा बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी थीं, लेकिन इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई के कारण आर्थिक चुनौतियां सामने आईं। इसके बावजूद उन्होंने बैंक से लोन लेकर बेटी की पढ़ाई जारी रखी और कभी उसे रुकने नहीं दिया।
आज उसी मेहनत का परिणाम है कि तनीषा देश के सबसे बड़े सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा बनी हैं। परिवार ने बताया कि अगस्त महीने में जब तनीषा छुट्टी पर घर आएंगी, तब उनके स्वागत के लिए खास तैयारी की जाएगी। तनीषा की सफलता से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा जमशेदपुर गौरवान्वित है।
Source link