![]()
गिरिडीह| हर साल जुलाई में उफान पर रहने वाली उसरी नदी इस बार बारिश कम होने के कारण मैदान में बदल गई है। जून, जुलाई महीने में नदी में 15 फीट से ज्यादा पानी रहता था। लेकिन, इसबार नदी में नाली की तरह पानी बह रहा है, जिससे सिहोडीह, भंडारीडीह और शास्त्रीनगर के लोगों को बाढ़ के डर से तो राहत है, लेकिन गंभीर जलसंकट का खतरा मंडराने लगा है। यदि जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो वार्ड नंबर 11 और 12 के 15 हजार से अधिक लोगों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो जाएगा, क्योंकि पेयजल विभाग इसी नदी से ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत पानी सप्लाई करता है।उसरी नदी के पानी से सदर प्रखंड के बेरगी, पांडेयडीह, उदनाबाद, जीतपुर और मोतीलेदा समेत आसपास के कई गांवों के किसान बड़े पैमाने पर हरी सब्जियों की खेती करते हैं। यहां की सब्जियां गिरिडीह के अलावा देवघर, धनबाद और बोकारो तक भेजी जाती हैं। किसान अशोक वर्मा, सदानंद वर्मा और रघुनाथ वर्मा ने कहा कि सिंचाई का एकमात्र साधन नदी सूखने से फसलों की बुआई मुश्किल हो गई है। इधर, आत्मा परियोजना के उप निदेशक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मौसम चक्र (एल्निनो) के प्रभाव के कारण इस साल कम बारिश के आसार हैं। इसलिए कृषि विभाग किसानों को कम पानी वाली फसलों और मोटे अनाज (दलहन-तिलहन) की खेती के लिए प्रेरित कर रहा है।
Source link