Last Updated:
Diljit Dosanjh Satluj News: दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. ‘सतलुज’ फिल्म भारत में OTT प्लेटफॉर्म से हट गई है. इसे हटाने का फैसला विस्तृत समीक्षा के बाद लिया गया.सरकारी सूत्रों के मुताबिक, आशंका थी कि फिल्म की कुछ सामग्री का इस्तेमाल भारत विरोधी तत्व गलत तरीके से कर सकते हैं. इसी वजह से भारत में इसकी स्ट्रीमिंग रोकने का निर्णय लिया गया.
दिलजीत दोसांझ की ‘सतलज’ पर विवाद हो रहा है.
Diljit Dosanjh Satluj: दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर संग्राम है. सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 से भारत में हटा दी गई है. ओटीटी पर रिलीज के महज 48 घंटे के भीतर ही यह फिल्म भारत में हटा दी गई. इसे लेकर खूब विवाद हो रहा है. यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर आधारित है. फिल्म को ओटीटी से भी बैन करने के फैसले से दिलजीत दोसांझ दुखी हैं. सोशल मीडिया पर इस फिल्म और इसे ओटीटी से हटाने को लेकर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं. अब सवाल है कि आखिर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को हटाने का फैसला क्यों और कैसे किया गया?
दरअसल, News18 को सूत्रों से पता चला है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 से दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को हटाने का फैसला यूं ही नहीं हुआ है. पहले इस ‘सतलुज’ फिल्म की बारीकी से समीक्षा की गई. इसके कंटेंट को अच्छे से देखा और समझा गया. उसके बाद ही इसे ओटीटी से हटाने का फैसला लिया गया. अधिकारियों ने चिंता जताई थी कि फिल्म ‘सतलुज’ के कुछ हिस्सों का भारत-विरोधी तत्व गलत इस्तेमाल कर सकते हैं.
ओटीटी से क्यों हटी सतलुज
सूत्रों ने बताया कि ‘सतलुज’ को शुरू में सिनेमाघरों में रिलीज करने के लिए मंजूरी मांगी गई थी, लेकिन जिस रूप में इसे सेंसर बोर्ड के सामने पेश किया गया था, उसे मंजूरी नहीं मिली. इसके बाद ‘सतलुज’ को सिनेमाघरों में रिलीज करने के बजाय सीधे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया. सूत्रों के अनुसार, ओटीटी रिलीज के बाद फिल्म के कुछ हिस्सों को लेकर चिंताएं जताई गईं. उन्होंने कहा कि भारत-विरोधी तत्व फिल्म सतलुज के इन हिस्सों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. यही कारण है कि अधिकारियों ने इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए कहा.
क्या है ओटीटी पर रिलीज का नियम
मौजूदा नियमों के तहत सीधे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाले कंटेंट के लिए पहले से सर्टिफिकेशन की ज़रूरत नहीं होती है. हालांकि, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म एक ‘सेल्फ़-रेगुलेटरी मैकेनिज़्म’ यानी खुद नियम बनाने और पालन करने की व्यवस्था के तहत काम करते हैं और संवेदनशील या संभावित रूप से नुकसानदेह कंटेंट के मामलों में सरकार की निगरानी में रहते हैं.
Satluj may have paused. But the conversation it started hasn’t.