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- DSPMU Suspends Admissions After Protests, Locks Down RU; Students Ask, “Why Should We Pay The Price For These Decisions?”
रांची19 घंटे पहले
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तालाबंदी के बाद अधिकारियों से बात करते स्कॉलर।
झारखंड के दो सबसे बड़े सरकारी विश्वविद्यालय बुधवार को अलग-अलग कारणों से विवादों के केंद्र में रहे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में स्नातक सीट कटौती को लेकर छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया। छात्रों ने मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया है।
कहा कि दूसरे राज्यों के छात्रों को भी आरक्षण का लाभ दिया गया है। विरोध के बाद एडमिशन स्थगित कर दिया गया। पीआरओ डॉ. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि नामांकन स्थगित किए जाने के संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। वहीं रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश पर अगले आदेश तक रोक लगाने के फैसले के विरोध में शोधार्थियों ने पीजी इतिहास विभाग में पांच घंटे तक ताला जड़ दिया। दोनों मामलों में छात्रों ने प्रशासनिक निर्णयों को छात्र विरोधी बताया है।
डीएसपीएमयू… छात्रों का मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, सीट कटौती पर घेरा – वीसी बोले- सीटें बढ़ाने पर विभाग से करेंगे बात
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में स्नातक सत्र 2026-30 के एडमिशन सीट में कटौती को लेकर शुरू विवाद अब मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी तक पहुंच गया है। सीटों में कटौती से नाराज स्टूडेंट्स अब यूजी नामांकन मेरिट लिस्ट की पारदर्शिता पर भी सवाल उठा दिए हैं। बुधवार को आजसू छात्र संघ, एनएसयूआई, जेसीएम और अन्य छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों एडमिशन सीट बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन और नारेबाजी की।
कुलपति प्रो. राजीव मनोहर, डीएसडब्ल्यू डॉ एस कुमार और रजिस्ट्रार डॉ धन्नंजय द्विवेदी को आवेदन देकर सीट बढ़ाने और मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी दूर करने की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। हंगामा कर रहे खुशी यादव, रोशन नायक, रवि रोशन, सचित रंजन सहित अन्य ने कहा कि मेरिट लिस्ट में कई तकनीकी गड़बड़ियां हैं। फिजिक्स, बॉटनी, जूलॉजी, जियोलॉजी, कॉमर्स, एनवायरमेंटल साइंस एंड सस्टेनेबिलिटी, बीबीए, बीसीए, बीएससी आईटी, बीजेएमसी और माइक्रोबायोलॉजी में सीट बढ़ाने की मांग की है। वीसी ने कहा कि डिमांड पर शिक्षा विभाग से बात करेंगे।

सीट कटौती पर यूनिवर्सिटी में विरोध जताते छात्र।
संसाधन रहने के बाद भी सीटों में कटौती: छात्र संगठनों ने यह भी कहा कि कई विभागों में पर्याप्त शिक्षक, प्रयोगशाला और अन्य संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद सीटें घटा दी गई हैं। इससे हर साल बड़ी संख्या में आवेदन करने वाले छात्रों के लिए नामांकन के अवसर कम हो गए हैं। नागपुरी, कुड़ुख, खोरठा, संथाली, कुड़माली, पंचपरगनिया, मुंडारी, हो और खड़िया जैसी भाषाओं की सीटें बेहद कम कर दी गई हैं। उन्होंने सभी विषयों में कम से कम 120-120 सीटें निर्धारित करने की मांग की।
आरयू … पीएचडी पर ब्रेक: रिसर्च स्कॉलरों ने इतिहास विभाग में जड़ा ताला – स्कॉलरों का विरोध, 5 घंटे बाहर रहे टीचर-स्टाफ रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश पर नया रेगुलेशन बनने तक रोक लगा दी गई है। विवि प्रशासन के इस आदेश के खिलाफ बुधवार को पीजी इतिहास विभाग में शोधार्थियों ने पांच घंटे तक तालाबंदी कर दी। सुबह 11 बजे विभाग के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया गया, जिसके कारण शिक्षक, कर्मचारी और छात्र शाम चार बजे तक विभाग में प्रवेश नहीं कर सके।
इससे पूरे दिन विभाग का शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित रहा। रिसर्च स्कॉलरों का कहना है कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक देरी का खामियाजा उन अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षाएं पास कर प्रवेश प्रक्रिया के लिए औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। मौके पर छात्र नेता ओम वर्मा ने रजिस्ट्रार डॉ. राजकुमार शर्मा का मोबाइल कॉल स्पीकर ऑन कर छात्रों की मांगों से अवगत कराया। रजिस्ट्रार ने जो कुछ भी कहा… उसे एचओडी डॉ. पीके झा समेत अन्य शिक्षक सुन रहे थे। एचओडी ने स्कॉलर को रजिस्ट्रेशन का भरोसा दिलाया। इससे पहले डीन डॉ. एमपी हसन को धरनार्थियों ने समस्या से अवगत कराया।
डीआरसी हो गई, अब कहा जा रहा है इंतजार करो: तालाबंदी के बाद धरना पर बैठे शोधार्थी शिवकुमार राम ने बताया कि वे जेआरएफ क्वालिफाई कर चुके हैं। एक जुलाई को उनकी डीआरसी (डिपार्टमेंटल रिसर्च काउंसिल) भी पूरी हो चुकी है। सदस्यों ने कुछ संशोधनों के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब अचानक नामांकन रोक दिया गया है। रवि कुमार शर्मा ने कहा कि यूजीसी पीएचडी इंट्रेंस क्वालिफाई हैं। अब उन्हें बताया जा रहा है कि नया रेगुलेशन लागू होने के बाद ही प्रवेश मिलेगा।
