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निगम चुनाव के 4 माह बाद भी फंड का रोना:मेयर: राज्य में...




शनिवार को निगम सभाकक्ष में करीब 10 घंटे तक चली निगम परिषद की मैराथन बैठक में आम जनता की समस्या दूर करने से अधिक फंड का रोना रोया गया। पैसा नहीं होने की वजह से मेयर और राज्यसभा सांसद आमने-सामने हो गई। बैठक में मेयर रोशनी खलखो ने सांसद महुआ मांजी से कहा कि वे निगम को कुछ फंड दिला दें। इस पर महुआ मांजी ने कहा कि केंद्र में आपलोगों की ही सरकार हैं, फंड मांग कर तो देखिए कैसे नहीं मिलेगा। इस पर मेयर ने कहा कि राज्य में तो आपकी सरकार हैं, आप वहीं से फंड दिलवा दीजिए। इस दौरान दोनों के अंदाज तीखे थे,लेकिन पार्षद बस अपने-अपने क्षेत्र की समस्या गिनाते रहे, उन्हें क्षेत्र के विकास का कोई समाधान नहीं मिला। इस दौरान निगम अफसरों ने साफ कर दिया कि निगम की कमाई वेतन-भत्ता और संसाधनों में ही खर्च हो जाते हैं। जब तक फंड नहीं मिलेगा बड़ी योजनाओं पर काम करना मुश्किल हैं। फंड नहीं होने का शहर के लोगों पर ऐसे पड़ रहा असर 53 वार्डों में 100 से अधिक सड़क और नाली का निर्माण किया जाना है। लेकिन पैसे के अभाव में यह काम नहीं हो रहा है। इस वजह से हाईकोर्ट ने जिन सड़कों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था, वह भी अधूरा है। जर्जर सड़क से गुजरना लोगों की मजबूरी है। 09 वार्डों में सीवरेज-ड्रेनेज प्रोजेक्ट पर काम चल रहा था,जो अभी रुका हुआ है। क्योंकि, प्रोजेक्ट कॉस्ट बढ़ गया है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए निगम ने फंड की मांग की थी, लेकिन अभी तक नहीं मिली। इसका नतीजा है कि शहर में अभी भी सीवेज की गंदगी नालियों में बहाई जा रही है। शहर के 60 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट लगे हुए हैं, लेकिन इसमें से 40 प्रतिशत से अधिक लाइटों के केबल सहित अन्य कल-पूर्जे खराब हो गए हैं। उसे बदलने या मरम्मत करने और नए लाइट लगाने के लिए भी फंड नहीं है। चोरों का आतंक बढ़ गया है। जुडको के खिलाफ पार्षदों ने खोला मोर्चा…शहर में काम करने का नहीं मिलेगा एनओसी निगम परिषद की बैठक में नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको के खिलाफ पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया। पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि जुडको का गठन ही मिल बांट कर खाने के लिए किया गया है। बिना एनओसी के जहां मन हो रहा सड़कों को खोदा जा रहा है, इसके बाद उसे रि-स्टोर भी नहीं किया जा रहा है। आईटीआई बस स्टैंड, खादगढ़ा बस स्टैंड में भी जुडको काम करा रहा है। स्ट्रीट लाइट के लिए भी कंपनी का चयन वहीं कर रहा है। जबकि, निगम बोर्ड का गठन लोकतांत्रिक तरीके से हो गया है। निगम में इंजीनियरों की लंबी चौड़ी फौज है, इसके बावजूद जुडको को काम देना उचित नहीं है। तत्काल एनओसी देने पर रोक लगाई जाए। मेयर और नगर आयुक्त ने बीच का रास्ता निकालते हुए जुडको की टीम संग बैठक करके समस्याओं पर चर्चा करने का भरोसा देकर पार्षदों को शांत कराया। स्वच्छता कॉर्पोरेशन के कार्यों से पार्षद नाराज बैठक में सभी पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि स्वच्छता कॉर्पोरेशन कंपनी सफाई में पूरी तरह फेल हो गई है। लेकिन अफसरों ने कंपनी का बचाव किया। अपर नगर आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि अगर किसी वार्ड में सफाई अच्छी तरह नहीं हो रही है तो पार्षद लिखकर दें, संबंधित क्षेत्र में सफाई कराई जाएगी। सच्चाई यह है कि स्वच्छता कॉर्पोरेशन व निगम की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी की मिलीभगत से पूरा शहर कूड़ा घर बना हुआ है। विधायक और सांसद भी भिड़े बैठक के दौरान विधायक सीपी सिंह आैर राज्य सभा सांसद महुआ माजी भी आपस में भिड़ गए। सीपी सिंह ने कहा कि रांची को भी इंदौर की तर्ज पर विकसित करने की जरुरत है। इस पर महुआ माजी ने कहा कि रांची में पिछले 35 सालों से आप ही विधायक हैं। मंत्री भी थे, उस समय क्यों नहीं इंदौर की तरह बनाएं। सुनते ही सीपी सिंह भड़क गए। निगम परिषद की बैठक में रोशनी खलखो, संजय सेठ व महुआ माजी।



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