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Jamshedpur Sawan Bangles Shopping: सावन से पहले जमशेदपुर की बाजारों में हरी चूड़ियों की मांग में बढ़ोत्तरी आयी है. इस बार बाजार का मुख्य आकर्षण हरे रंग के चूड़े हैं जिन्हें महिलाएं बेहद पसंद कर रही हैं. 50 से 500 रुपये तक में उपलब्ध यह चूड़े कस्टमाइज भी करवाए जा सकते हैं.
सावन का पवित्र महीना लगने के पहले ही जमशेदपुर के विभिन्न बाजार पूरी तरह हरे रंग में रंग गए हैं. साकची, बिष्टुपुर, जुगसलाई, मानगो और गोलमुरी के बाजारों में महिलाओं और युवतियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. इस बार पारंपरिक चूड़ियों के साथ-साथ हरे रंग के खूबसूरत चूड़ा सेट का क्रेज सबसे अधिक नजर आ रहा है. दुकानदारों के अनुसार पिछले वर्षों की तुलना में इस बार चूड़ा की मांग कई गुना बढ़ गई है.
बाजार में मिलने वाले हरे रंग के चूड़ा सेट की कीमत मात्र 50 रुपये से शुरू होकर 500 रुपये तक पहुंच रही है. खास बात यह है कि ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार इन्हें कस्टमाइज भी करवा रहे हैं. नाम, स्टोन वर्क, मोती और कुंदन डिजाइन के साथ तैयार किए जा रहे चूड़ा सेट महिलाओं को काफी आकर्षित कर रहे हैं. कई दुकानों में पहले से ऑर्डर बुक किए जा रहे हैं.
सावन में हरे रंग का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व माना जाता है. मान्यता है कि हरा रंग हरियाली, सुख-समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक होता है. विवाहित महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के दौरान हरी चूड़ियां या चूड़ा पहनती हैं और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं. यही कारण है कि सावन के दौरान हरे रंग के श्रृंगार की मांग बढ़ जाती है.
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इस साल बाजार में कई नई वैरायटी उपलब्ध हैं. इनमें स्टोन वर्क चूड़ा, कुंदन चूड़ा, ऑक्सीडाइज फिनिश चूड़ा, मिरर वर्क चूड़ा, पर्ल डिजाइन चूड़ा, फ्लोरल चूड़ा और ब्राइडल स्टाइल चूड़ा सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं. युवतियां आधुनिक और पारंपरिक डिजाइन के मिश्रण वाले सेट खरीदना पसंद कर रही हैं.
दुकानदारों का कहना है कि कॉलेज छात्राओं से लेकर गृहिणियों तक सभी वर्ग की महिलाएं चूड़ा खरीदने पहुंच रही हैं. कई ग्राहक अपने परिधान से मैच करने के लिए अलग-अलग शेड के हरे रंग के सेट चुन रही हैं. इसके अलावा मेहंदी, बिंदी, झुमके और पायल की बिक्री में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
सावन के आगमन के पहले ही जमशेदपुर के बाजारों में रौनक लौट आई है. हरे रंग के चूड़ा और श्रृंगार सामग्री से सजी दुकानें लोगों को आकर्षित कर रही हैं. कम कीमत, आकर्षक डिजाइन और धार्मिक महत्व के कारण इस बार चूड़ियों से ज्यादा चूड़ा महिलाओं की पहली पसंद बनकर उभरा है.